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NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollow28 Nov 2024, 07:49 am
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उत्तराखंड में ग्लेशियर लेक के खतरे के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम तैनात

Dehradun, Uttarakhand:स्पेशल खबर एंकर नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तराखंड में भी ग्लेशियर लेक का खतरा चिंता बढ़ा रहा है। उत्तराखंड में जल्द ही ग्लेशियर लेक के विस्तृत अध्ययन के लिए देश के कई संस्थानों की विशेषज्ञ टीमें ग्राउंड जीरो पर काम शुरू करेंगी। ग्लेशियर लेक को लेकर देखिए यह स्पेशल रिपोर्ट ग्राफिक्स उत्तराखंड में लगभग 450 के करीब ग्लेशियर लेक हैं । इनमें से 13 ग्लेशियर लेक को A ,B,C कैटेगरी में रखा गया है अति संवेदनशील A कैटेगरी की झील हैं। A कटेगरी में आने वाली प्रमुख झील 1 वसुधारा झील - चमोली 2 मांबाग झील - धारचूला पिथौरागढ़ 3 स्यूंतियानकित्त झील - धारचूला पिथौरागढ़ 4 प्यूंगरू झील - धारचูला धारचूला पिथौरागढ़ 5 अनाम झील - जोशीमठ चमोली B कैटेगरी में थोड़ा संवेदनशील झील शामिल है 1 - सरस्वती ताल - चमोली 2 - केदारताल - उत्तरकाशी C कैटेगरी में टिहरी पिथौरागढ़ बागेश्वर की कुछ ग्लेशियर लेके शामिल है जो कम संवेदनशील हैं। वीओ नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर यह कहा जा रहा है कि इसका कारण GLOF यानी ग्लेशियर लेके आउटबर्स्ट फ्लड है। ग्लेशियर की झील के अचानक फटने से कई गुना तेजी के साथ बड़ा मलबा और बोल्डर निचले इलाकों की ओर आते हैं जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इन खतरनाक झीलों के प्राकृतिक बांध या मोरन टूटने से अचानक नीचे की और घाटियों में भारी बाढ़ आ जाती है जिसकी वजह से बड़ा नुकसान कुछ ही सेकंड में हो जाता है। उत्तराखंड में 400 से ज्यादा ग्लेशियर लेके हैं। जिनमें से 13 संवेदनशील कैटेगरी में आती हैं। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ विनीत गहलोत ने बताया है कि उत्तराखंड में 13 में से 5 ग्लेशियर लेक बेहद संवेदनशील हैं। जिनके अध्ययन के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इन पर अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाना बेहद जरूरी है जिसके लिए पिछले कई सालों से प्रयास चल रहे हैं। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग भी काफी गंभीर है। उत्तराखंड स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के Ceo और सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने इस मामले में जानकारी दी है की 8 सितंबर से 13 में से दो संवेदनशील जिलों के अध्ययन के लिए एक्सपर्ट की टीम भेजी जाएगी। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन का कहना है की ग्लेशियर में अर्ली वार्निंग सिस्टम के लिए NDMA से स्पेशल पैकेज भी दिया गया है जिसके जरिए इस तरह की झील की मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक संसाधन भी इंस्टॉल करने पर कार्य किया जा रहा है। बहुत ज्यादा ऊंचाई और तापमान इस तरह की तकनीक के लिए हालांकि एक बड़ी चुनौती हैं। उत्तराखंड के सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया है की ग्लेशियर लेक के अध्ययन के लिए वाडिया संस्थान, बीरबल साहनी संस्थान , CWC, सीडेक, और कई अन्य संस्थाओं के विशेषज्ञ इन खतरनाक ग्लेशियर लेक के अध्ययन के लिए ग्राउंड जीरो पर जाएंगे और भविष्य के खतरे को लेकर भी इस पर कार्य किया जा रहा है।
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सेवानिवृत्त ASI ने SSP कार्यालय के बाहर ज़हरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया

Khanna, Punjab:ਖੰਨਾ SSP ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਰਿਟਾਇਰਡ ASI ਨੇ ਕੀਤੀ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼, ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਖਾਧਾ ਖੰਨਾ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਦਾਖ਼ਲ, ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਰਿਟਾਇਰਡ ASI ਖ਼ਿਲਾਫ਼  ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਮੁਕੱਦਮਾ  ਖੰਨਾ ਦੇ SSP ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਰਿਟਾਇਰਡ ASI ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵੱਲੋਂ  ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਨਿਗਲ ਕੇ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਨ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਖਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅੰਦ ਉਸ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵਿਗੜ ਗਈ, ਜਿਸ ਉਪਰਨ ਉਸ ਨੂੰ ਖੰਨਾ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖ਼ਲ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ。 ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਰਿਟਾਇਰਡ ASI ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪੁਲਿਸ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਉਸਦਾ ਆਪਣੇ ਪਿਤਾ ਨਾਲ ਜਾਇਦਾਦ ਅਤੇ ਪੈਸਿਆਂ ਦੇ ਲੈਣਦੇਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਉਹ ਪੁਲਿਸ ’ਤੇ ਦਬਾਅ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਸੀ। ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ SSP ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਉਸ ਨੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਪਦਾਰਥ ਨਿਗਲ ਲਿਆ ਅਤੇ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ。 ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇਸ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਿਟਾਇਰਡ ASI ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਹੀ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਧਾਰਾਵਾਂ ਤਹਿਤ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਉਸ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ BNS ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ 226, 270, 351 ਅਤੇ 132 ਲਗਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ。 ਪੁਲਿਸ ਅਨੁਸਾਰ ਧਾਰਾ 226 ਕਾਨੂੰਨੀ ਅਧਿਕਾਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਹੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਮਜਬੂਰ ਜਾਂ ਰੋਕਣ ਲਈ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੈ। ਧਾਰਾ 270 ਜਨਤਕ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ, ਧਾਰਾ 351 ਅਪਰਾਧਿਕ ਧਮਕੀ, ਜਦਕਿ ਧਾਰਾ 132 ਸਰਕਾਰੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਨੂੰ ਉਸਦੀ ਡਿਊਟੀ ਨਿਭਾਉਣ ਤੋਂ ਰੋਕਣ ਲਈ ਹਮਲਾ ਜਾਂ ਅਪਰਾਧਿਕ ਬਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੈ。 ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ DDR ਦਰਜ ਹੋ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਉਸ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਮਾਪਿਆਂ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਕਥਿਤ ਤੌਰ ’ਤੇ ਆਤਮਹੱਤਿਆ ਕਰਨ ਦੀਆਂ ਧਮਕੀਆਂ ਦੇ ਕੇ ਜਾਇਦਾਦ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਹਿੱਸਾ ਦੇਣ ਲਈ ਦਬਾਅ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਏ ਗਏ。 ਫਿਲਹਾਲ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਰਿਟਾਇਰਡ ASI ਦਾ ਇਲਾਜ ਖੰਨਾ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ。
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Marathi Language Bias Accusations Hit BJP Amid Maratha-OC Dispute

Ratnagiri, Maharashtra:भाजप मराठाद्वेष्टा तर आहेच, पर मराठी भाषाद्वेष्टाही;.. रिक्षाचालकांच्या मराठ्या अटीला स्थगिती दिल्यावरून भास्कर जाधव यांचा मुख्यमंत्र्यांवर घणाघात.. भाजपला मित्रपक्षांचे ओझे.. भाजपा की जरूरत अब खत्म हो गई है जिससे उन्हें मित्र पक्षों का बोझ महसूस होने लगा है; उन्हें अब मित्र नहीं बल्कि केवल सत्ता चाहिए है.. जानबूझकर वाद निर्माण करने का प्रयास.. राज्य में मराठा बनाम ओबीसी का वाद हेतुपुरस्सर और जाणीवपूर्वक लाया जा रहा है उसका आरोप. मराठी भाषेचा द्वेष.. मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों से कोई चर्चा नहीं करते हुए परप्रांतीय रिक्षाचालकों को मराठी बोलने के नियम से 1 वर्ष के लिए स्थगिती दी; इससे सरकार का मराठी द्वेष स्पष्ट दिखता है.. अत्यंत संतापजनक निर्णय.. रिक्षाचालकां को 'हाँ-ना', 'कहाँ जाना है', 'भाडे किती' और 'धन्यवाद' जैसे मूल मराठी शब्द बोलने ही होते हैं; उन सरल शब्दों को भी स्थगिती देना छत्रपती शिवाजी महाराज, फुले-शाहू-आंबेडकर और संतों के महाराष्ट्र में अत्यंत संतापजनक और निषेधार्ह है..
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एक आंख से अंधे भूजल विशेषज्ञ ने 3700 फीट गहराई तक पानी खोजा

Ratnagiri, Maharashtra:रत्नागिरी: एका डोळ्याने दृष्टिहीन; तरीही जमिनीखालील पाण्याचा अचूक शोध! भूजल तज्ज्ञ पांडुरंग साळुंखे यांची जिद्दीची प्रेरणादायी कहाणी ४० टक्के दिव्यांगत्वावर मात करत महाराष्ट्रभर भूजल स्रोतांचा शोध; तब्बल ३७०० फूट खोलीपर्यंत पाण्याचा अंदाज अँकर : एका डोळ्याने दृष्टिहीन आणि ४० टक्के दिव्यांगत्व... मात्र शारीरिक मर्यादांवर मात करत जिद्द, अनुभव आणि विलक्षण निरीक्षणशक्तीच्या बळावर जमिनीखालील पाण्याचा अचूक शोध घेणारे भूजल तज्ज्ञ म्हणजे कराड तालुक्यातील वडगाव हवेली येथील श्री. पांडुरंग जगन्नाथ साळुंखे. गेल्या १५ वर्षांहून अधिक काळ महाराष्ट्रातील विविध भागांत भूजल स्रोतांचा शोध घेत त्यांनी अनेक शेतकरी आणि ग्रामस्थांना विहीर व बोअरवेलसाठी योग्य जागा निश्चित करण्यात मोलाची मदत केली आहे. तब्बल ३७०० फूट खोलीपर्यंत पाण्याचा अंदाज घेण्याच्या त्यांच्या अनुभवाची दखल विविध स्तरांवर घेण्यात आली असून, त्यांची ही जिद्दीची कहाणी अनेकांसाठी प्रेरणादायी ठरत आहे. रत्नागिरी जिल्ह्यातील सावर्डे कोंडमळा येथे पाणी पाहण्यासाठी आले होते. बाईट १) पांडुरंग साळुंखे.. (भुजल तज्ज्ञ) २) ग्रामस्थ (धनगरवाडी कोंडमाळा)
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बस्सी-कानोता नगर पालिका नामांकन अंतिम दिन: बागी-निर्दलीय भी मैदान में

Jaipur, Rajasthan:बस्सी(जयपुर ग्रामीण), एंकर- नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर बस्सी और कानोता में चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंची हैं, नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन होने के चलते दोनों नगर पालिकाओं के नामांकन केंद्रों पर प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, सुबह से ही नामांकन केंद्रों के बाहर चुनावी माहौल बना हुआ है, अंतिम दिन कांग्रेस और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के साथ ही बागी और निर्दलीय उम्मीदवार भी नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं, प्रत्याशियों के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से नामांकन केंद्रों पर जबरदस्त हलचल नजर आ रही है, प्रशासन की ओर से सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, यातायात और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, इसी बीच बस्सी विधायक लक्ष्मण मीणा ने कांग्रेस के सिंबल उपखंड अधिकारी को सौंप दिया, नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस की ओर से दोनों नगर पालिकाओं में अपने प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर भी गतिविधियां तेज रहीं, बस्सी विधायक लक्ष्मण मीणा ने बस्सी और कानोता दोनों नगर पालिकाओं में कांग्रेस के बोर्ड बनने का दावा किया है, वहीं भाजपा की ओर से भी भाजपा नेता चंद्रमोहन मीना ने दोनों नगर पालिकाओं में अपना बोर्ड बनाने के दावे किए जा रहे हैं, ऐसे में दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला होने के साथ ही बागी और निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में नजर आ रहे हैं, आज नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी, इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी मैदान में अंतिम रूप से कौन-कौन प्रत्याशी रहेंगे, यह स्पष्ट होगा, फिलहाल बस्सी और कानोता में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्मा चुका है और दोनों प्रमुख दल नगर पालिका में अपना बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं,
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बोकाखाट में भीषण आग, 14 दुकानें जलकर राख

Guwahati, Assam:बोकाखाट में भीषण आग, 14 दुकानें जलकर खाक एक के बाद एक सिलेंडर ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी असम के बोकाखाट शहर में आज सुबह भीषण आग लगने से करीब 14 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग ASTC बस स्टॉप के पास स्थित सरिका स्टोर से शुरू हुई और देखते ही देखते आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग के दौरान 14 गैस सिलेंडरों में धमाके होने की खबर है। दुकान में रखे पटाखों के भी फटने से आग और विकराल हो गई। दमकल की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। नुकसान का अनुमान कई करोड़ रुपये तक लगाया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक आकलन अभी बाकी है।
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एक पैर से सपनों का रास्ता: बलिया की रागिनी को कृत्रिम पैर मिल सकता है

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया के मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्राम सभा के रानीपुर की रहने والی सात साल की रागिनी एक पैर से 400 मीटर के स्कूल के सपने की कहानी है। छह महीने की उम्र में एक एक्सीडेंट में उसका पैर बुरी तरह टूट गया और कई जगहों पर इलाज के बावजूद वह ठीक नहीं हुआ। परिवार की माली हालत खराब है और पिता मजदूरी करते हैं। रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा-1 में पढ़ती है; घर से स्कूल सिर्फ 400 मीटर दूर है, पर उसके लिए यह रास्ता 400 किलोमीटर जैसा प्रतीत होता है। कभी परिवार के सदस्य स्कूल छोड़ देते हैं, तो कभी वह खुद एक पैर से कूदकर रास्ता पार कर देती है; रास्ते में वह जमीन पर बैठ जाती है और भगवान से सवाल करती है कि ऐसा क्यों हुआ। अब उसे एक कृत्रिम पैर और एक ट्राईसाइकिल जैसी मदद की जरूरत है ताकि उसका स्कूल तक का सफर आसान हो सके। बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया कि स्कूल के लिए कृत्रिम पैर लगाया जाएगा, साथ ही सालाना स्टाइपेंड और संभव हो तो ऑपरेशन की योजना के अनुसार उसकी मदद की जाएगी ताकि उसकी शिक्षा जारी रह सके।
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राज्य जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप का फाइनल संपन्न, विजेता व उपविजेता सम्मानित

Baruipur, West Bengal:রাজ্য জুনিয়র ব্যাডমিনটন চ্যাম্পিয়নশিপের ফাইনাল সোমবার ভাঙঢ়ের আন্দুলগড়িয়ায় স্যাটল এক্সপ্রেস ব্যাডমিন্টন একাডেমিতে অনুষ্ঠিত হল রাজ্য জুনিয়র অনূর্ধ্ব-১৭ ও অনূর্ধ্ব-১৯ ব্যাডমিন্টন চাম্পিয়নশিপের ফাইনাল পর্ব। রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্ত থেকে প্রায় ৫০০ জন প্রতিযোগী এই প্রতিযোগিতায় অংশগ্রহণ করেন। এদিন মোট ১০টি গ্রুপে ফাইনাল খেলা অনুষ্ঠিত হয়। অনূর্ধ্ব-১৭ ও অনূর্ধ্ব-১৯ বিভাগের বয়েজ, গার্লস এবং মিক্সড ক্যাটাগরিতে প্রতিদ্বন্দ্বিতা করেছেন খেলোয়াড়রা। ফাইনাল শেষে বিজয়ী ও বিজিত প্রতিযোগীদের হাতে পুরস্কার তুলে দেন অনুষ্ঠানে উপস্থিত বিশিষ্ট অতিথিরা। অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন রাজ্যের পুর ও নগর উন্নয়ন মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল, মুখ্যমন্ত্রীর প্রধান উপদেষ্টা সুব্রত গুপ্ত, কলকাতা পুলিশ কমিশনার অজয় নন্দা-সহ একাধিক বিশিষ্ট ব্যক্তি। মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল স্যাটল এক্সপ্রেস ব্যাডমিন্টন একাডেমির উন্নয়নের পাশাপাশি এলাকার সার্বিক উন্নয়নের উপরও গুরুত্ব দেওয়ার কথা জানিয়েছেন।
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बिना जूतों के मां रमाबाई रणवीर ने मॅरेथॉन जीता, बेटियों के सपनों को नई उड़ान

Beed, Maharashtra:47 वर्षीय रमाबाई रणवीर अंबाजोगाई शहरातील एक अकॅडमी कर्मचा-यांची असून पतीच्या निधनानंतर दोन मुलींच्या शिक्षणाची जवाबदारी एकट्या रमाबाईंवर आली. अंबाजोगाईत अमृत महोत्सवी वर्षात अमृत दौड स्पर्धेचं आयोजन झालं होतं. प्रथम येणाऱ्यास तीन हजाराचं बक्षीस होतं. रमाबाई यांनी यात भाग घेतला आणि प्रथम पारितोषिक पटकावले. मुलींच्या शिक्षणासाठी त्यांनी स्वयंपाकाचीही कामं केली. स्पर्धेची सुरुवात झाल्यावर रमाबाईंनी पूर्ण ताकदीने धावायला सुरुवात केली. काही अंतर गेल्यानंतर पायातील स्लीपर निसटल्यावर त्यांनी स्लीपर हातात घेतला आणि अनवाणी पायाने धावण्याचा निर्णय घेतला. रस्त्याचा गारपाडा, पायांना खडे तर साडीचा डेरा सांभाळत त्यांनी धाव चालू ठेवली. एकेक करीत ट्रॅकसूट घातलेल्या स्पर्धकांना मागे सोडत रमाबाईंनी फिनिशिंग लाइनवर सर्वांत आधी धडक मारली. रमाबाईंच्या या विजयामुळे परिसरातील लोकांचे डोळे आनंदाश्रूंनी पाणावले आणि त्यांच्या जिद्दीला सलाम झाला. या कथेतून रमाबाईंनी आपल्या मुलींना शिक्षणासाठी दिलेल्या प्रोत्साहनाची जाणीव पुन्हा एकदा जाहीर केली.
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श्रावण सोमवारी: जलगांव के रामेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव Ancr - श्रावण MONDAY निमित्त जळगावच्या रामेश्वर येथील प्राचीन महादेव मंदिरात भाविकांची मोठी गर्दी पाहायला मिळाली. पहाटेपासूनच भाविकांनी महादेवाच्या दर्शनासाठी रांगा लावल्या असून, हर हर महादेवच्या जयघोषाने संपूर्ण परिसर भक्तिमय झाला आहे. तापी, गिरणा आणि अंजनी या तीन नद्यांच्या संगमावर वसलेले रामेश्वर मंदिर हे जळगाव जिल्ह्यातील एक प्राचीन आणि जागृत देवस्थान म्हणून प्रसिद्ध आहे. प्रभू श्रीराम वनवासात असताना त्यांनी आणि लक्ष्मणाने येथे दोन शिवलिंगांची स्थापना केल्याची आख्यायिका सांगितली जाते. रामेश्वर देवस्थानाची ख्याती केवळ जळगाव जिल्ह्यापुरती मर्यादित नसून, विविध जिल्ह्यांतून भाविक येथे दर्शनासाठी येतात. देशातील प्रसिद्ध रामेश्वरम तीर्थक्षेत्राची प्रतिकृती म्हणूनही या देवस्थानाकडे पाहिले जाते. तीन नद्यांचा पवित्र संगम आणि निसर्गरम्य वातावरण यामुळे रामेश्वर हे श्रद्धेसोबतच पर्यटनाचेही आकर्षण ठरले आहे. त्यामुळे श्रावण महिन्यात, विशेषतः श्रावण सोमवारी, येथे भाविकांची मोठी मांदियाळी पाहायला मिळते.
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