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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow5 Dec 2024, 01:12 pm
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बिलासपुर में चार गिरफ्तार: चरित्र शक पर युवक की हत्या का खुलासा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने चरित्र शंका के चलते एक युवक की पत्थर से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। मिली घटना 4 जून 2026 की है। प्रार्थी आलोक सिंह ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ होटल 'फोर सीजन' के पास स्थित कच्चे मार्ग पर शराब का सेवन कर रहे थे। उसी दौरान दो मोटर बाइक पर सवार होकर चार युवक वहां पहुंचे। आते ही आरोपियों ने मृतक निखिल गोस्वामी की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रार्थी ने इसकी सूचना तुरंत डायल 112 को दी। जब वे वापस घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि आरोपियों ने बड़े पत्थरों से निखिल का सिर बुरी तरह कुचल दिया था। गंभीर रूप से घायल निखिल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही सभी आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक दास उर्फ भोला दास, निखिल राव उर्फ निक्कू, करण दास मानिकपुरी और कुश साहू उर्फ बुतरू शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ बी.एन.एस. की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है。
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करौली में 12 साल विश्वास के विकास की जनकल्याण प्रदर्शनी का उद्घाटन

Karauli, Rajasthan:12 साल विश्वास के, विकास के जनकल्याण प्रदर्शनी का उद्घाटन, कलेक्ट्रेट स्थित टाउन हॉल में हो रहा प्रदर्शनी का आयोजन, करौली विधायक दर्शन सिंह और अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिड़वाल ने उद्घाटन किया। जिला करौली। प्रदर्शनी तीन दिवसीय है और शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, कृषि, सामाजिक सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं व विकास कार्यों को दर्शाती है। उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभागीय उपलब्धियों की सराहना की। बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शनी देखने पहुंचे।
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बगरू एसीपी दीपक खंडेलवाल ने पदभार ग्रहण किया, पुराने एसीपी की विदाई

Jaipur, Rajasthan:बगरू (जयपुर) एसीपी कार्यालय में दिखा स्वागत ओर विदाई का भावुक दृश्य, नए साहब का किया स्वागत ओर पुराने साहब को दी विदाई, RPS दीपक खंडेलवाल ने संभाली नई जिम्मेदारी, बगरू एसीपी का पदभार किया ग्रहण, स्टाफ ने माल्यार्पण कर साफा बंधवाकर किया स्वागत, बगरू से तबादला होने पर एसीपी हेमेंद्र शर्मा को गई दी विदाई, RPS हेमेंद्र शर्मा अब संभालेंगे मानसरोवर एसीपी की जिम्मेदारी, पदभार ग्रहण के बाद एसीपी दीपक खंडेलवाल ने कहा इलाके के शान्ति ओर कानून व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता, बगरू (जयपुर)। बगरू एसीपी कार्यालय में शुक्रवार को स्वागत और विदाई समारोह का आयोजन किया। हाल ही में बगरू एसीपी के पद पर नियुक्त किये गए आरपीएस अधिकारी दीपक खंडेलवाल ने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका माल्यार्पण कर तथा साफा बंधवाकर स्वागत किया।वहीं, बगरू से स्थानांतरित हुए एसीपी हेमेंद्र शर्मा को स्टाफ ने विदाई दी। कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। हेमेंद्र शर्मा अब मानसरोवर एसीपी के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे。 पदभार ग्रहण करने के बाद एसीपी दीपक खंडेलवाल ने कहा कि क्षेत्र में शांति, कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराध नियंत्रण तथा प्रभावी पुलिसिंग को मजबूत बनाने का भरोसा दिलाया।
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रोहतास में पत्थर खनन जुलाई से शुरू, रोजगार और राजस्व बढ़ने की उम्मीद

Sasaram, Bihar:बड़ी खबर सासाराम से है। सासाराम में एक बार फिर बंद पड़े पत्थर उद्योग शुरू हो सकते हैं। सरकार ने इसको लेकर बड़ा इशारा किया है। पिछले 10 सालों से सासाराम में पत्थर उद्योग लगभग बंद हो गया है। ऐसे में बिहार सरकार के खनन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा है कि अगले महीने जुलाई से अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो रोहतास में पत्थरों का खनन शुरू हो जाएगा। जो इलाके में रोजगार का बृहद सृजन करेगी। सरकार की यह मंसा है कि रोहतास के अलावा आने वाले समय में औरंगाबाद, गयाजी, शेखपुरा जैसे जिला में भी पत्थरो का खनन कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह विश्वास दिलाते हैं कि अगले महीना जुलाई से रोहतास जिले में पत्थर उद्योग शुरू हो जाएगी और सिर्फ पत्थर ही नहीं, रोहतास में कई खनिज संपदा है। जिसका भी जल्द ही उत्खनन शुरू होगा। जिससे राज्य को भारी राजस्व की प्राप्ति होगी और युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिले。
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इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त: कांग्रेस का प्रदर्शन, 15 जून तक क्रॉसिंग खोलने की मांग

Buxar, Bihar:बक्सर के इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग के पास बने क्षतिग्रस्त रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के बक्सर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और आम लोगों की परेशानियों से अवगत कराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आरओबी क्षतिग्रस्त होने और रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बक्सर मुख्यालय पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर की दूरी के बजाय 10 से 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 15 जून के बाद वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्कूलों का संचालन भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने से जिले में जाम की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालते हुए रेलवे क्रॉसिंग को खोलने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि 15 जून तक रेलवे क्रॉसिंग नहीं खोली गई तो पार्टी जनहित में आंदोलन तेज करेगी और रेल चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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कैमूर के पसपिपरा में नाच के दौरान हथियार दिखाने का वीडियो वायरल, कानून-व्यवस्था पर सवाल

Khajuria Khurd, Bihar:बिहार में नई सरकार के गठन के बाद कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर की नीति भी अपनाई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को मुंह चिढ़ा रही है। सूबे में खौफ का ग्राफ गिरने के बजाय अपराधियों का हौसला सातवें आसमान पर है। शादी-ब्याह और नाच के आयोजनों में सरेआम हथियार लहराना अब सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए एक नया 'फैशन' बन चुका है। ताजा सनसनीखेज मामला कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के पसपिपरा गांव का है। यहाँ 10 जून की रात एक नाच कार्यक्रम के दौरान एक युवक द्वारा सरेआम हथियार लहराने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठता है कि जब पुलिस गश्त और मुस्तैदी का दावा करती है, तो ऐसे हथियारों की नुमाइश खुलेआम कैसे हो जाती है? हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी पुलिस प्रशासन पारंपरिक ढर्रे पर 'जांच और कार्रवाई' का रटा-रटाया राग अलाप रहा है। मोहनिया थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि वीडियो पुलिस के हाथ लगा है और गुप्तचरों व चौकीदारों के जरिए आरोपी की शिनाख्त की कवायद जारी है। लेकिन जनता पूछ रही है—आखिर कब तक पुलिस सिर्फ वीडियो वायरल होने के बाद ही जागेगी? जब तक कड़ा एक्शन नहीं होगा, तब तक अपराधियों में कानून का डर पैदा होना नामुमकिन है।
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कानपुर में नालों की सफाई पर महापौर ने जताया नाराजगी, 25% भी साफ नहीं

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर महापौर के निरीक्षण में खुली सफाई की पोल, नालों में मिली गाद ही गाद मानसून आने से पहले कानपुर में नाला सफाई के दावों की हकीकत जानने के लिए महापौर प्रमिला पांडे खुद मैदान में उतरीं। गुरुवार सुबह जोन-1 के विभिन्न इलाकों में नालों का निरीक्षण करने पहुंचीं महापौर ने जब नालों की पटिया हटवाकर स्थिति देखी, तो सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। महापौर के मुताबिक नाले 25 प्रतिशत भी साफ नहीं मिले, जबकि अधिकारियों द्वारा सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। महापौर ने अधिकारियों के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नालों की सफाई संतोषजनक नहीं है और कई स्थानों पर नाले 25 प्रतिशत भी साफ नहीं पाए गए। उन्होंने नाला सफाई में लापरवाही पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। महापौर ने नालों की सफाई में अतिक्रमण को बड़ी बाधा बताते हुए नगर आयुक्त को ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही शहरवासियों से भी अपील की कि वे नाला सफाई कार्य में सहयोग करें और अवैध कब्जों को हटाने में प्रशासन का साथ दें。
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आजमगढ़ मदरसा आधुनिकीकरण घोटाला: 3 अभियुक्त गिरफ्तार

Azamgarh, Uttar Pradesh:मदरसा आधुनिकीकरण योजना में सरकारी धन गबन के मामले में दो वांछित व गुमराह करने वाले एक और वांछित समेत 3 कुल अभियुक्त गिरफ्तार। मदरसा पोर्टल पर पंजीकृत मदरसो के सत्यापन एवं जांच के दौरान अनेक मदरसे मानकों के विपरीत पाये गये। उसी क्रम में जिले के दो अलग-अलग क्षेत्र से सिधारी थाने की police ने फर्जी मदरसा संचालित कर शासकीय व्यवस्था को गुमराह करने वाले एक वांछित अभियुक्त तथा फूलपुर कोतवाली क्षेत्र से मदरसा आधुनिकीकरण योजना में राजकीय धन 66 हजार रुपये के गबन मामले में दो वांछित समेत कुल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई में जुटी है। लखनऊ मुख्यालय से राज्य विशेष अपराध अनुसंधान दल/EOW के निरीक्षक व जांचकर्ता ब्रह्म प्रकाश सिंह द्वारा माह फरवरी 2025 को आजमगढ़ जिले के फूलपुर कोतवाली में लिखित सूचना दी कि मदरसा अरबिया तहतानिया भीखपुर (मदरसा आईडी-191100096) द्वारा भवन एवं छात्र संख्या से संबंधित तथ्यों को पोर्टल पर गलत ढंग से प्रदर्शित कर मदरसा आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत प्राप्त राजकीय धनराशि का दुरुपयोग एवं गबन किया गया है। जांच में मदरसा प्रबंधक रियाज अहमद द्वारा 66,000 रुपये राजकीय धन के गबन का मामला प्रकाश में आया। तहरीर के आधार पर संबंधित थाने में मुकदमा सं. 69/2025 धारा 409, 420, 467, 468, 471 के तहत पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त रियाज अहमद, शरद यादव एवं धर्मेन्द्र कुमार यादव का नाम प्रकाश में आया। पुलिस द्वारा कार्यवाही के क्रम में दो अभियुक्त शरद यादव एवं धर्मेन्द्र कुमार यादव को अम्बारी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। जहां गिरफ्तारी के उपरांत दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय भेजा गया। वहीं दूसरा मामला जिले के सिधारी थाना क्षेत्र में मदरसा इस्लामिया मोहम्मदल्ला (मदरसा आईडी-191100462) के प्रबंधक मोहम्मद अकरम द्वारा फर्जी मदरसा संचालित कर अभिलेखों में अनियमितता की गई। इस मामले में थाना रानी की सराय पर मुकदमा सं. 41/2025 धारा 420, 465, 467, 468, 471 के तहत पंजीकृत किया गया। जहां एसएसपी के निर्देश पर सिधारी थाने की पुलिस द्वारा इस मुकदमें से संबंधित वांछित अभियुक्त मोहम्मद अकरम निवासी रैदा थाना पवई को मुण्डा तिराहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्यवाही के उपरांत न्यायालय भेजा गया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आगे भी इस मामले में विवेचना प्रचलित है。
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बिहार में महिला तस्करी गिरोह: हर महीने दस हजार लड़कियाँ गुमशुदा

Patna, Bihar:बिहार में हर महीने लगभग दस हजार लडकियां और महिलायें गायब हो रही है और इन लड्कियानो को गायब करने के लिए एक बड़ा गिरोह पुरे बिहार में सक्रिय है जो इन लड़कियों को बिहार से नाहर ले जाकर उनका शोषण करता है या बेच देता है . गायब हुई लड़कियों को लेकर पुलिस सक्रीय होती है तो ये लड़कियां बरामद होती है पर महिला तस्करी के बड़े सिंडिकेट पर सटीक कारवाई नहीं हो पाती और महिला तस्करी से जुड़ा गिरोह लड़कियों को गायब करने में लगा रहता है . बिहार से गायब हो रही लड़कियों के पीछे का गिरोह कैसे काम करता है और लड़कियों के गायब होने के पीछे वजह क्या है . गायब हुई लडकियाँ कहाँ भेजी जाती है और इन लड़कियों को गायब करने के पीछे का तरिका का खुलासा आज आपको zee media बताएगा की आखिर बिहार से हर महीने दस हजार की संख्या में गायब हुई लड़कियों मिलती क्यों नहीं . बिहार से गायब हुई लड़कियों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं और जब भी सरकारी आंकडा जारी होता है तो राजनीतिक दल खा करके विपक्ष सरकार को निशाने पर लेता है पर दो चार दिनों के बाद मामला ठन्डे बस्ता में चला जाता है . Ministry of Home Affairs द्वारा लोकसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, वर्ष 2017 से 2022 यानी 6 साल में बिहार में 18 वर्ष से कम उम्र की 29,212 लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए. आज भी बिहार में हर महीने औसतन 10,000 से अधिक महिलाओं और बच्चों की गुमशुदगी की शिकायतें आ रही हैं. पहले आप इन दो लड़कियों को देखिये .यह बिहार के सासाराम के कोचस की 15 वर्षीय लड़की जो 1 जून 2026 को कोचिंग जाते समय लापता हो गयी. दोस्त ने झांसा देकर उसे सासाराम स्टेशन पर अपने जीजा को सौंप दिया. नशा देकर उसे सिकंदराबाद ले जाया गया. बाद में स्टेशन से उसका रेस्क्यू हुआ. इस लड़की के गायब होने के बाद लड़की के पिता ने जो FIR दर्ज की उस FIR को पढ़िये . साहेबगंज की 19 वर्षीय रूपा है . 9 फरवरी 2026 को आधार कार्ड सुधरवाने निकली थी. सहेली के ननिहाल से उसे हैदराबाद पहुंचा दिया गया, जहां पार्किंग में नौकरी के बहाने उसे शादी के लिए बेचने की तैयारी थी. पुलिस ने समय रहते काजीगुड़ा से बचाया साहेब गंज मोतिहारी के पिपरा की 18 वर्षीय संजना को देखिये जो सहेली से मिले मोबाइल नंबर के झांसे में आकर सिकंदराबाद भाग गयी. वहां उससे 12 घंटे बंधुआ मजदूरी करायी गयी. जबरन शादी की तैयारी थी, पर पुलिस ने उसे बचा लिया. गोपालगंज के महम्मदपुर की 22 वर्षीय रीतु 18 जनवरी 2026 को दवा लेने निकली थी. इसके बाद नहीं लौटी. आरोपी उसे शादी व नौकरी का झांसा देकर कोलकाता ले गया, जहां बेचने की तैयारी थी. 15 दिन बाद बरामद हुई. 23 सीवान जामो बाजार की 21 वर्षीय रश्मि (बदला हुआ नाम) 18 जनवरी 2026 को फॉर्म भरने निकली और गायब हो गयी. मानव तस्करी नेटवर्क के जरिये उसे भी हैदराबाद पहुंचाया गया, जहां से पुलिस ने उसे मुक्त कराया. अब आपको मिलवाते हैं लड़कियों को गायब करने वाले सिंडिकेट का करता धरता इसका पति है . कोचस की गायब हुई लड़की इसी महिला के साथ सिकंदराबाद तक गयी और अब यह खुद को निर्द्होश और पति पर आरोप लगा रही है . इसके साथ इसके देवर को भी पुलिस ने पकड़ा . खुद को बचने के लिए इसने अपने पति से मोबाइल पर बात भी रिकार्ड की ताकि यह बाख सके . पर पुलिस ने इसे हिरासत में लिया ताकि इसके पति जो सिंडिकेट का मेम्बेर है उसे पकड़ा जा सके . अब आपको बताते हैं की लड़कियों को गायब कर किडनैप कर करने वाले गिरोह का काम कैसे होता है . सूत्रों के अनुसार, मानव तस्करी प्रणाली का काम तीन परस्पर जुड़े स्तरों यानी तीन स्टेज पर होता है . पहला स्टेज : आपको बता दें कि पहले सिंडिकेट के लोग लोकल के रूप में कार्य करते हैं और गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों की पहचान करते हैं. लड़की की पहचान होते ही गिरोह का मेंबर लड़कियों को दोस्ती, प्रेम संबंधों, विवाह या नौकरी के झांसे में फसानते हैं . जानकारी के मुताबिक़ सिंडिकेट के एजेंट कम समय में लड़कियों को भर्ती करने के लिए दबाव बनाते हैं. लड़कियों का विश्वास जितने के बाद लड़कियों को अपने घर और गांव छोड़ने के लिए तैयार करते हैं . और फिर लड़की को भागने पर मजबूर करते हैं . दुसरा स्टेज : लड़की जैसे ही अपने गांवों को छोडती है उसके बाद यह गिरोह लड़की को ले जाने वाले ट्रेवल नेटवर्क को सौंप देते हैं . यह गिरोह लड़की को एक पारिवारिक गिरोह के जरिये रेलवे स्टेशन या बस टर्मिनलों से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं . इस दौरान कुछ मामले में पीड़ितों को कथित तौर पर नशीली दवा दी जाती है या धमकाया जाता है ताकि वे बात मान लें. इसके बाद उन्हें लंबी दूरी की ट्रेनों और परिवहन के अन्य साधनों के माध्यम से दूर-दराज के शहरों में ले जाया जाता है तीसरा स्टेज : यह स्टेज मुख्यतौर पर उन शहरों से संचालित होता है जहां लड़कियों को ले जाना है . लड़कियों के पहुँचने के अज्ञात स्थानों पर रखा जाता है, शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार बनाया जाता है और उनकी पहचान छीन ली जाती है. इसके बाद गिरोह लड़कियों को जबरन शादी के लिए बेच डेटा है या बड़े लोंगो के यहाँ घरेलु कामगार के रूप में काम करने के लिए मजबूर कर डेटा है . अब आपको आंकड़े का सच बताते हैं . दरअसल , बिहार को इनदिनों मानव तस्करी के द्वारा हर साल 12,000 से 14,000 बच्चे लापता हो जाते हैं. अकेले 2025 में यह संख्या 14,699 तक पहुंच गई. 2023 में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक थी जब 12,299 बच्चों के लापता होने की सूचना मिली थी. इनमें से लगभग 75 प्रतिशत लड़कियां थीं, यानी लापता बच्चों में से हर चार में से तीन लड़कियां थीं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 2025 में राज्यभर में बच्चों की गुमशुदगी के दर्ज हुए 14699 मामलों में उस साल 6927 बच्चों की बरामदगी संभव नहीं हो सकी थी. 2024-25 के दौरान पुलिस ने 1,970 लड़कियों को बचाया, जबकि 2025-26 के दौरान 1,492 अन्य लड़कियों को बचाया गया. बिहार में सक्रिय तस्करी गिरोहों की संरचना और कार्यप्रणाली को बिहार पुलिस आज भी समझने में नाकाबिल है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिहार पुलिस ने गुमशुदगी के मामलों में 24 घंटे के अंदर बरामदगी नहीं होने पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया. 2013 में यह प्रावधान लागू होने के बाद गुमशुदगी के आंकड़े चार गुणा तक बढ़ गए. 2013 से पहले गुमशुदगी के सालाना तीन हजार मामले दर्ज होते थे, जो अब बढ़ कर 14 हजार तक हो गए . हालांक्य, आरजेडी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मई में दावा किया कि बिहार में पिछले एक महीने के दौरान 8,681 बच्चे लापता हुए, जिनमें अधिकांश लड़कियां हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है, जिससे महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. सोशल प्लेटफार्म 'X' पर पोस्ट कर कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि पिछले एक महीने में राज्य से 8,681 बच्चे लापता हो चुके हैं, जिनमें 85 प्रतिशत लड़कियां हैं.
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मुंबई उपनगर में 14 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, बुलडोजर ऑपरेशन जारी

Mumbai, Maharashtra:मुंबई उपनगर में बुलडोजर एक्शन जारी, 14 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त  मुंबई उपनगर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे व्यापक बुलडोजर अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चल रही इस मुहिम में प्रशासन लगातार अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला रहा है। इसी कड़ी में कुर्ला तालुका के मानखुर्द और मंडाले क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाकर लगभग 14 एकड़ सरकारी जमीन खाली कराई गई। जिलाधिकारी मुंबई उपनगर सौरभ कटियार के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के समन्वय से यह अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले मानखुर्द क्षेत्र में 11 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर संबंधित विभाग के कब्जे में सौंपा गया था। अब ताजा कार्रवाई में मानखुर्द और मंडाले स्थित सरकारी भूखंडों पर व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाए गए करीब 220 अवैध गोदाम और शेड ध्वस्त किए गए। प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई मुंबई उपनगर में सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ चल रही बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसमें बुलडोजर और भारी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद कुल 14 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया है। अभियान को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से पूरा करने के लिए पुलिस, राजस्व विभाग, नगर भूमि मापन विभाग और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी टीम तैनात की गई थी। कार्रवाई के दौरान करीब 600 पुलिसकर्मी, 150 बीएमसी कर्मचारी, 100 राजस्व अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर भूमि मापन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अतिक्रमण हटाने के लिए 3 पोकलेन और 4 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन को सुरक्षित किया जाएगा और सरकारी नीति के अनुसार संबंधित विभागों एवं परियोजनाओं को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही मुंबई उपनगर की अन्य सरकारी जमीनों पर भी इसी तरह का बुलडोजर अभियान आगे जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई में और तेजी लाई जाएगी。
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