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NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollow22 Dec 2024, 09:41 am
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ESIC स्टाफ नर्स भर्ती: हाई कोर्ट ने मेरिट के मुताबिक पुनर्विचार का निर्देश दिया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने ESIC की स्टाफ नर्स भर्ती से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चयनित अभ्यर्थी के नौकरी जॉइन नहीं करने के बाद मेरिट में अगले उम्मीदवार को मौका नहीं देने की प्रक्रिया को गलत माना है। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी CAT के आदेश को रद्द कर दिया है। मामला साल 2019 की ESIC भर्ती का है। उस समय फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। स्टाफ नर्स के कुल 17 पदों में एक पद OBC वर्ग के लिए आरक्षित था। धमतरी की रहने वाली दीप्ति साहू ने इस पद के लिए आवेदन किया था। मेरिट सूची में दीप्ति साहू 18वें स्थान पर थीं और उन्हें 63.26 अंक मिले थे। वहीं OBC वर्ग में उनसे ऊपर राखी पाल का चयन हुआ था, जिन्हें 66.03 अंक प्राप्त हुए थे।चयनित होने के बाद राखी पाल ने 24 जुलाई 2019 को ESIC को नौकरी जॉइन नहीं करने की जानकारी दी। इसके बाद दीप्ति साहू ने मेरिट के आधार पर खाली हुए पद पर अपनी दावेदारी पेश की, लेकिन ESIC ने उनकी उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया।इसके बाद उन्होंने पहले ESIC और फिर CAT का रुख किया, लेकिन राहत नहीं मिली। आखिरकार मामला हाईकोर्ट पहुंचा।कोर्ट ने कहा कि 21 जून 2019 के प्रशासनिक निर्देशों में 25 प्रतिशत रिजर्व सूची तैयार करने का प्रावधान था। चयनित अभ्यर्थी के जॉइन नहीं करने की स्थिति में रिजर्व सूची के अगले उम्मीदवार को मौका दिया जाना चाहिए था।हाईकोर्ट ने CAT का आदेश रद्द करते हुए ESIC को दीप्ति साहू की उम्मीदवारी पर दो महीने के भीतर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है.
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उज्जैन पुलिस का नवजीवन अभियान: बच्चों को परिवार से मिलाकर शिक्षा-रोजगार के मौके

Ujjain, Madhya Pradesh:पुलिस ने बच्चों और अभिभावकों की काउंसलिंग की, एक बालिका ने पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए प्रशिक्षण में लिया प्रवेश उज्जैन। अलग-अलग कारणों से परिवार से दूर हुए बच्चों को वापस परिवार से जोड़ने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जाने के लिए उज्जैन पुलिस का ‘नवजीवन’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जून से सितंबर 2026 के बीच 82 बालक-बालिकाओं को दस्तयाब कर उनके परिवारों से मिलाया गया। सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में इन बच्चों और उनके परिजनों के लिए विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का आत्मीय स्वागत किया गया और उन्हें पढ़ाई जारी रखने के साथ अपने भविष्य पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण करणदीप सिंह, सीएसपी नानाखेड़ा श्वेता गुप्ता और काउंसलर आभा शर्मा ने बच्चों और उनके अभिभावकों से बातचीत की। अभिभावकों को भी बच्चों के साथ नियमित संवाद रखने और उनकी समस्याओं को समझने की समझाइश दी गई। काउंसलिंग के दौरान कई बालिकाओं ने पढ़ाई जारी रखने के साथ सिलाई और ब्यूटी पार्लर जैसे कौशल प्रशिक्षण में रुचि दिखाई। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए जानकारी दी गई। वहीं एक बालिका ने पुलिस भर्ती की तैयारी करने की इच्छा जताई। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित पुलिस भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम में उसका प्रवेश कराया गया, ताकि वह भर्ती की तैयारी कर सके। पुलिस के मुताबिक ‘नवजीवन’ अभियान ‘मुस्कान’ अभियान का अगला चरण है। इसका उद्देश्य परिवार से दूर हुए बच्चों को दोबारा परिवार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
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मुंगेर के कासिम बाजार में शॉर्ट सर्किट से केबल जलकर 500 घर अंधेरे में

Munger, Bihar:शॉर्ट सर्किट से धधकी बिजली केबल, बाजार में मची अफरा-तफरी दो पोल के बीच केबल में लगी आग, 500 से अधिक घरों की बिजली गुल; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू मुंगेर। कासिम बाजार थाना क्षेत्र के कोड़ा मैदान चौक पर सोमवार देर शाम बिजली केबल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। तेज चिंगारी के बाद केबल धू-धूकर जलने लगा। आग की लपटें उठती देख चौक पर मौजूद फल, सब्जी और किराना दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। लोग दुकानें छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। लोगों ने घरों से पानी लाकर आग पर डालना शुरू किया, लेकिन लपटें तेज होने के कारण सफलता नहीं मिली। सूचना पर जिला अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। इसके बाद आसपास के दुकानदारों ने राहत की सांस ली। केबल जला, 500 से अधिक घर अंधेरे में आग से बिजली का केबल पूरी तरह जल गया। इससे आसपास के मोहल्लों के 500 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। सूचना के बाद बिजली विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त केबल को बदलने का काम शुरू किया। दुकान की बिजली ठीक कराने के दौरान हुआ हादसा स्थानीय लोगों के मुताबिक, चौक स्थित एक किराना दुकान में बिजली नहीं आ रही थी। दुकानदार ने बिजली ठीक कराने के लिए निजी मिस्त्री को बुलाया था। तार जोड़ने के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली केबल में आग लग गई। घटना के समय चौक पर बड़ी संख्या में दुकानें खुली थीं। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद होने और अग्निशमन टीम के पहुंचने से आग को फैलने से रोक लिया गया। इससे बड़ा हादसा टल गया।
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भिंड की सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की रफ्तार ने मासूम चिराग को लिया जान

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-भिंड में बेलगाम रफ्तार ने बुझाया घर का चिराग! गिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने 9 साल के मासूम को कुचला, हादसे के बाद चालक फरार。 भिंड में सड़कों पर दौड़ती बेलगाम ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी हैं… ताजा मामला सिटी कोतवाली इलाके का है, जहां गिट्टी से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सड़क पार कर रहे 9 साल के मासूम चिराग यादव को कुचल दिया। हादसे में चिराग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद छोटा भाई बाल-बाल बच गया。 हादसे के बाद तस्वीरें बेहद दर्दनाक थीं… मां के सामने उसका मासूम बेटा जिंदगी की जंग हार गया। वहीं हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर छोड़कर फरार हो गया。 दरअसल, सरस्वती नगर निवासी प्रमोद यादव का 9 वर्षीय बेटा चिराग पिछले कुछ दिनों से बीमार था। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उसकी मां सोनू दोनों बच्चों को दवा दिलाने के लिए इटावा रोड स्थित कालका माता मंदिर के सामने मेडिकल स्टोर पर आई थीं。 मां अपने ढाई साल के बेटे देवू को लेकर आगे चल रही थीं, जबकि चिराग पीछे-पीछे आ रहा था। इसी दौरान गिट्टी से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने चिराग को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चिराग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया。 हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर डिवाइडर की रेलिंग तोड़ते हुए सड़क की दूसरी तरफ जा पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया。 सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है。 लेकिन इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार व्यवस्था से है… आखिर शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर गिट्टी और रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इतनी तेज रफ्तार से कैसे दौड़ रही हैं? क्या इन वाहनों की रफ्तार पर निगरानी रखने वाला कोई सिस्टम नहीं है? क्या कार्रवाई हादसा होने के बाद ही होगी? और सबसे बड़ा सवाल… क्या प्रशासन किसी और चिराग के बुझने का इंतजार कर रहा है? एक मासूम की मौत के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लेना कार्रवाई जरूर है… लेकिन क्या यह उस परिवार के दर्द का जवाब है, जिसने अपना 9 साल का बेटा खो दिया।
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डूण्डासिवनी पुलिस ने जंगल में अवैध शराब बनाने के खिलाफ कार्रवाई कर 6 क्विंटल महुआ नष्ट किया

Seoni, Madhya Pradesh:सिवनी में अवैध शराब के निर्माण के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है. डूण्डासिवनी पुलिस ने कंजई के जंगल में नाले के किनारे दबिश देकर करीब 6 क्विंटल महुआ लहान नष्ट किया है. मौके से शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 मटके, 2 गुंडी और एक तबेला भी नष्ट किया गया. दरअसल, डूण्डासिवनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कंजई के जंगल में नाले के किनारे कुछ लोग अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बनाने का काम कर रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम गठित कर बताए गए स्थान पर दबिश दी. तलाशी के दौरान जंगल में 22 मटकों में करीब 6 क्विंटल महुआ लहान रखा मिला. इसके अलावा शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली 2 गुंडी और 1 तबेला भी मौके पर मिला. पुलिस टीम ने करीब 6 क्विंटल महुआ लहान और शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया. हालांकि कार्रवाई के दौरान अवैध शराब निर्माण में शामिल लोग मौके पर नहीं मिले. पुलिस अब संबंधित आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है. आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
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राज्यपाल ने रिंकू सिंह राही की सुरक्षा मामले की गहन जांच के निर्देश दिए

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत पर राज्यपाल कार्यालय ने गंभीर रुख अपनाया है। राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही IAS अधिकारी और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। राज्यपाल कार्यालय के पत्र में विशेष रूप से यह जांच करने को कहा गया है कि 19 अगस्त को रिंकू सिंह राही द्वारा उरई कोतवाली में दी गई तहरीर पुलिस ने नियमानुसार प्राप्त क्यों नहीं की। इसके अलावा तहरीर को लेकर हुई कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारियों की भूमिका भी निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। *उरई कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश* मामले में उरई कोतवाल आनंद कुमार सिंह की भूमिका को लेकर भी राज्यपाल कार्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। पत्र में उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल कार्यालय की ओर से DGP को भेजे गए पत्र के बाद अब पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होगी। जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि IAS अधिकारी की ओर से दी गई तहरीर को पुलिस ने प्राप्त करने और उस पर नियमानुसार कार्रवाई करने में कथित तौर पर लापरवाही क्यों बरती। *X पर IAS रिंकू सिंह राही ने जताई नाराजगी* राज्यपाल कार्यालय के पत्र की जानकारी IAS रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने सोमवार दोपहर करीब 3:24 बजे पत्र पोस्ट करते हुए पुलिस और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। रिंकू सिंह राही ने लिखा कि उनके अनुरोध पर उच्च स्तर से मामले का संज्ञान लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देश भेजे गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब देखना होगा कि उच्च स्तर से मिले निर्देशों का संबंधित अधिकारी पालन करते हैं या फिर, उनके शब्दों में, हर बार की तरह मामले को “रद्दी की टोकरी” में डाल दिया जाता है। *“मेरी तहरीर पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं, यह भी देखना है”* IAS अधिकारी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि उन्हें अब यह देखना है कि उनकी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं। उन्होंने दावा किया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान भी उन्हें ऐसी परिस्थितियों का कई बार सामना करना पड़ा था। उन्होंने लिखा कि अब शायद IAS अधिकारी के रूप में भी उन्हें इसी तरह का अनुभव होना है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस मामला से जुड़ी कई अन्य बातें अभी उन्होंने सार्वजनिक नहीं की हैं। रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में नौकरी और अपने काम करने के तरीके को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि यदि वह “देशभक्त टाइप” के न रहें तो शायद कोई समस्या ही नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए नौकरी साध्य नहीं, बल्कि केवल एक माध्यम है। *“IAS अधिकारी की तहरीर पर भी FIR/NCR तक की कार्रवाई न हो”* अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए IAS रिंकू सिंह राही ने लिखा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि एक IAS अधिकारी की तहरीर पर भी FIR या NCR तक की कार्रवाई न हो। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके पास ऐसी कई और बातें हैं, जिन्हें उन्होंने अभी सार्वजनिक नहीं किया है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि अब कभी-कभी उन्हें लगता है कि यदि उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए तो शायद वह लड्डू बांटेंगे। *2009 में मुजफ्फरनगर में हुआ था हमला* सुरक्षा को लेकर अपनी शिकायत में रिंकू सिंह राही ने अपने अतीत की एक गंभीर घटना का भी उल्लेख किया है। वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान उन पर हमला हुआ था। इस हमले में उन्हें 7 गोलियां लगी थीं। इसी घटना का हवाला देते हुए उन्होंने मौजूदा समय में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। पुरानी घटना को देखते हुए उनकी वर्तमान सुरक्षा संबंधी शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। राज्यपाल कार्यालय ने भी अपने पत्र में रिंकू सिंह राही और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। *अब पुलिस जांच पर टिकी नजर* राज्यपाल कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना है कि 19 अगस्त को दी गई तहरीर पुलिस ने क्यों नहीं प्राप्त की और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। इसके साथ ही उरई कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई और IAS अधिकारी व उनके परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस विभाग को कदम उठाने होंगे। अब देखना होगा कि उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है और IAS रिंकू सिंह राही की शिकायत पर पुलिस आगे किस तरह की कानूनी प्रक्रिया अपनाती है।
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सिरोही के नये एसपी ने फ्लैग march से शहर की सुरक्षा का जायजा लिया

Sirohi, Rajasthan:सिरोही के नवनियुक्त एसपी डॉ. अजेय सिंह राठौड़ ने पदभार संभालने के बाद सोमवार को शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी के नेतृत्व में کوतवाली थाने से फ्लैग मार्च शुरू हुआ, जो बगीखाना, सदर बाजार, सरजावाव गेट और रोडवेज चौराहा होते हुए वापस कोतवाली थाने पहुंचा। फ्लैग मार्च के दौरान एसपी ने शहर के प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा पुलिस अधिकारियों से स्थानीय स्थिति की जानकारी ली। कार्रवाई के दौरान बिना नंबर की चार मोटरसाइकिलें जब्त कराई गईं। इस दौरान एडिशनल एसपी नरेंद्र कुमार सहित पुलिस अधिकारी, डिप्टी और कोतवाली थाना पुलिस का जाब्ता मौजूद रहा। पदभार संभालने के बाद एसपी का यह ग्राउंड विजिट शहर की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता का हिस्सा रहा।
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खूँटी में ओबीसी अधिकारों के लिए मशाल जुलूस, जनगणना में आरक्षण की मांग

Khunti, Jharkhand:खूँटी क्षेत्र - खूँटी। स्लग - ओबीसी अधिकारों की मांग को लेकर खूँटी में मशाल जुलूस। क्षेत्र में खूँटी नगर पंचायत क्षेत्र के भगतसिंह चौक नेताजी चौक मुख्य पथ पर पिछड़ी जाति समाज के लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर अपनी मांगों को सामने रखा। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जनगणना में ओबीसी की अलग से स्पष्ट गणना करने तथा आरक्षण से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की। जुलूस के दौरान लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के खूँटी, राँची, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े सवालों का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट गणना और आरक्षण से जुड़े अधिकारों को लेकर समाज की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मशाल जुलूस निकाला गया। वहीं मशाल जुलूस के माध्यम से ओबीसी समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की बात कही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।
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संभल। भूमि विवाद में DLRC को सरकारी पद का रौब दिखाना पड़ा महंगा .डीएम ने सस्पेंड किया

SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow24m ago
Maulagarh, Uttar Pradesh:संभल - जिला भूमि व्यवस्था सहायक (DLRC) प्रशस्त गुप्ता को भूमि विवाद में सरकारी पद और DM दफ्तर में तैनाती का झूठा रौब दिखाना महंगा पड़ा । DM अंकित खंडेलवाल ने DLRC ( जिला भूमि व्यवस्था सहायक )प्रशस्त गुप्ता को सस्पेंड किया । सरकारी पद और जिलाधिकारी कार्यालय में तैनाती का झूठा रौब दिखाकर भूमि विवाद में दवाब बनाने के गंभीर आरोप। DLRC प्रशस्त गुप्ता का भूमि विवाद के दौरान सरकारी पद और DM दफ्तर में तैनाती का रौव गांठने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल । मामले की शिकायत सामने आने के बाद DM अंकित खंडेलवाल ने SDM चन्दौसी को सौंपी थी मामले की जांच . जांच में शिकायत की पुष्टि हुई थी । DLRC प्रशस्त गुप्ता पर शिकायत कर्ताओं के साथ अभद्र ता , मारपीट के भी आरोप । DM अंकित खंडेलवाल की कार्यवाही से हड़कंप मचा ।
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चास अंचल कार्यालय में जमीन विवाद के चलते हंगामा, 5 युवक चास थाना ले जाए गए

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के चास सीओ कार्यालय में जमकर हंगामा। मौके पर चास थाना पुलिस पहुंची। बतातe चले कि बोकारो के चास अंचल कार्यक में जमीन विवाद को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जहां जमीन विवाद मामले को लेकर पहुंचे ग्रामीण युवकों के साथ हंगामा देखने को मिला। मौके पर चास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 5 युवकों को अपने साथ चास थाना ले गई। पूरी घटना बताते चले कि चन्दनक्यारी के बिजूलिया के रहने वाले कुछ युवक पिछले कुछ दिनों से गांव में रास्ते को लेकर परेशान था, युवकों की माने तो गांव के ही कुछ दबंगों के द्वारा रास्ते की जमीन को अपना रैयती जमीन बताकर रास्ता को जेसीबी मशीन से काट दिया गया था जहां 10 परिवार के लगभग 100 लोगो को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी शिकायत को लेकर युवक चास अंचल कार्यालय से लेकर थाना तक का चक्कर लगाते लगाते थक गया जहां अंत में बोकारो उपायुक्त के जनता दरबार में शिकायत लेकर पहुंचा। युवकों की माने तो उपायुक्त अजय नाथ झा ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए चास बीडीओ को जांच का आदेश दिया। युवकों की माने तो जांच में जमीन गैरमजरूआ निकला। युवकों की माने तो नापी के कुछ दिन बाद आज पुनः उपायुक्त कार्यालय पहुंचा जहां कार्यालय द्वारा मेल के माध्यम से चास सीओ और एसडीओ को इसकी सूचना देने की बात कही गई और युवकों को इन अधिकारियों से मिलने के लिए कहा गया जहां आज सीओ कार्यालय 5 युवक पहुंचे जहां हंगामा होने लगा। युवकों ने आरोप लगाया कि उपायुक्त के मेल के बाद भी अंचल अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे थे और हमे धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। वहीं चास सीओ सेवा राम साहू ने कहा कि जमीन विवाद का मामला था जहां युवकों से कहा गया कि जांच की जा रही है थोड़ा समय लगेगा। इतने में युवक उग्र हो गए और हाथापाई की नौबत आ गई जहां चास थाना में लिखित शिकायत दी गई है।
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बीकानेर: CM directs 10-day Diwali plan for urban bodies

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के नगरीय निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से किया सीधा संवाद आगामी त्योहारी सीजन और नगरीय विकास को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक सभी नगर निकायों के महापौर बैठक में सीधे जुड़े, अन्य जनप्रतिनिधियों ने ऑनलाइन लिया हिस्सा मुख्यमंत्री ने दीपावली को लेकर 10 दिवसीय विशेष कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश नगरीय विकास के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश मुख्यमंत्री बोले-सरकार किसी भी नगर निकाय या जनप्रतिनिधि के साथ राजनीतिक आधार पर भेदभाव नहीं करेगी बीकानेर महापौर अनिल कल्ला ने मुख्यमंत्री के सामने शहर की समस्याएं रखीं कल्ला ने बीकानेर नगर निगम की कमजोर वित्तीय स्थिति और सीवरेज कार्य के बाद सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया सफाई व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री को कराया अवगत, नई फर्म द्वारा संसाधन उपलब्ध नहीं करवाने की रखी बात मुख्यमंत्री ने सभी नगर निकाय को सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के दिए स्पष्ट निर्देश
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