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ग्रामीण पुल नहीं बना—बरसात में लोग 15 किलोमीटर अतिरिक्त रास्ते से परेशान

Hazaribagh, Jharkhand:हम आज भी उस समाज का हिस्सा है जहां कुछ लोग 5जी में चले गए है तो कुछ आज भी 2जी में ही चल रहे ऐसा क्यों तो हकीकत ये है कि हमारे जन प्रतिनिधि, प्रशासनिक पदाधिकरी से लेकर सरकार लाख विकास के दावे कर ले इसकी जमीनी हकीकत जानना है तो कभी अपना रुख सहर से निकल कर सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र का भी करे तो कई विकास की पोल पट्टी खुलती दिखेगी। हजारीबाग जिला क्षेत्र में अभी भी कई ऐसे प्रखंड है जहां सड़के तो पक्की बन गई परंतु आवागमन को लेकर रोड़ा बना महज नदी का पुल । लोग के आवागमन के लिए गांव के जंगल में सड़के का काली करन हो गया मानो कोई हाईवे हो परंतु जैसे ही आप उस सड़क से आगे बढ़ेंगे तो मिलता है करकरी नदी ये नदी हजारीबाग जिला के केरेडारी प्रखंड के मनातू पंचायत में स्थित है जहां नदी पर पुल नहीं बनने से लोगों को काफी समस्या होती है आने जाने को लेकर ये सड़क आस पास के लोगों के लिई मुख्य सड़क है जहां से लोग पंचायत भवन प्रखंड कार्यालय सब्जी बाजार जाते है। इस पुल के दोनों ओर से ऐसी ढलान है कि मानो आपका गाड़ी पर बैलेंस नहीं होता है तो सीधे गाड़ी के साथ गिर जाएंगे मोटरसाइकल सवार कुछ लोग अपने साथ बैठाय लोगो को उतार कर नदी पार करते है ताकि लोग गिर न जाए।हमे बताया गया कि गर्मी और ठंड के लिए तो हमलोग इसी सड़क की ओर से नदी से गुजरते है परंतु बरसात के मौसम में पूरे नदी में काफी पानी भर जाता है जिससे हमे 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूसरे रास्ते से अन्य कामों के लिय जाना पड़ता है जबकि इस सड़क से महज 3 से 4 किलोमीटर पर ही हमारी मंजिल मिल जाती है। क्या हम उस सिस्टम का हिस्सा है जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने क्षेत्र के ही अभी के विधायक को नहीं पहचानते है कारण जो भी रहा हो । अगर पुल नहीं बना तो इस सड़क का क्या काम स्थानीय लोगों के अनुसार पुल को लेकर कई बार पूर्व के जन प्रतिनिधि से लेकर प्रखंड तक लोगो ने शिकायत की पुल की मांग रखी परंतु निराशा के अलावा इन्हें कुछ हाथ नहीं लगा ऐसे में विकास की बातें करने वाले लोग कहाँ है ? क्या इन सुदूरवर्ती क्षेत्र के रहने वाले लोग कब तक पुल की आस लगाए बैठे रहेंगे? ऐसे में हमने एक बार फिर बीड़ा उठाया है कि जबतक लोगों की मांग पुल नहीं बन जाता है तब तक हम इनकी आवाज के साथ अपनी आवाज मिलाकर चलेंगे।
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हिमालयी तलहटी नाले की अधूरी सफाई, इटैहिया में तीन फीट पानी घुसा

Balrampur, Uttar Pradesh:पहाड़ी नाले की अधूरी सफाई, फिर गांव में घुसा हिमालय की तलहटी का पानी पहाड़ी नाले की अधूरी सफाई, फिर गाँव में घुसा हिमालय की तलहटी का पानी इटैहिया में स्कूल परिसर जलमग्न, सड़क पर तीन फीट पानी ग्रामीणों ने मांगा स्थायी समाधान बलरामपुर। हरैया सतघरवा विकासखंड के ग्राम इटैहिया (बनघुसरी) में हिमालय की तलहटी से आने वाले पहाड़ी नाले का पानी एक बार फिर गांव में घुस गया। नाले की अधूरी सफाई और जल निकासी व्यवस्था बाधित होने से प्राथमिक विद्यालय इटैहिया का परिसर जलमग्न हो गया, जबकि संपर्क मार्ग पर करीब तीन फीट पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे कई दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था के निर्देश दिए। इसके बाद जेसीबी से सड़क किनारे मिट्टी डालकर अस्थायी बांध बनाया गया, जिससे फिलहाल पानी का बहाव स्कूल की ओर रुक गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्थायी व्यवस्था से उनकी परेशानी और बढ़ गई है, क्योंकि अब रास्ते से गुजरने के लिए तीन फीट गहरे पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। ग्रामीण सुंदर, पताराम, रामसमुझ, भूरे प्रसाद, कासिम खान, मालिक राम, राम बाबू, हकीउल्लाह, अलखराम, शेषाराम, बच्चे और हाशिम खान सहित अन्य लोगों ने बताया कि हेंगहा पहाड़ी नाले की करीब तीन माह पहले केवल आधी-अधूरी सफाई कराई गई थी। नाले में गाद और झाड़ियां होने से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया है। हिमालय की तलहटी में बारिश बढ़ते ही पानी गांव में घुस जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण ने भी समस्या को गंभीर बना दिया है। जल निकासी का रास्ता संकरा होने से पानी गांव और संपर्क मार्ग पर फैल जाता है। पिछले एक सप्ताह से बच्चे घरों में कैद हैं और स्कूल नहीं जा सके हैं। तेज बहाव के कारण कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य मार्ग पर ह्यूम पाइप डालकर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने प्रशासन से हेंगहा पहाड़ी नाले की संपूर्ण सफाई, अतिक्रमण हटाने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि हर वर्ष बरसात में होने वाली इस समस्या से गांव को स्थायी राहत मिल सके।
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रोड पर खुलेआम स्टंट: वीडियो वायरल, पुलिस कब देगी सबक?

Dehradun, Uttarakhand:रोड पर खुलेआम स्टंट बाजी... कानून को खुली चुनौती...! विकासनगर के भाऊवाला रोड पर कानून को खुली चुनौती देता एक वीडियो सामने आया है... वीडियो में रोड पर खुलेआम एक युवक बाइक पर स्टंट करता नजर आ रहा है... चलती बाइक पर ये युवक खड़ा होकर, हाथ छोड़ते हुए मोटरसाइकिल दौड़ा रहा है... अपनी अलग ही धुन में जान जोखिम में डालकर मोटरसाइकिल पर स्टंट कर रहे इस युवक को शायद नहीं मालूम कि कोई जागरूक व्यक्ति पीछे से इस युवक की हरकत को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर रहा है... अपने टैलेंट को दिखाने के चक्कर में ये युवक शायद भूल गया कि रोड पर दूसरे वाहन और आम जनता भी चल रही है... ऐसे में युवक की ये हरकत अपने साथ-साथ दूसरे राहगीरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रही है... वीडियो वायरल होने के बाद अब देखना होगा कि सुपरमैन बनने की कोशिश कर रहे इस सरफिरे युवक को पुलिस कब तक कानून के डंडे के जरिए सबक सिखाती है...?
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आसाम से बारौनी तक ऑयल इंडिया पाइपलाइन सुरक्षा के नाम पर उथलपुथर, विस्थापन जारी

Mal Bazar, West Bengal:*পাইপলাইনের নিরাপত্তায় উচ্ছেদ ঘিরে উত্তেজনা...* আসাম থেকে বারৌনি পর্যন্ত মাটির নিচ দিয়ে যাওয়া অয়েল ইন্ডিয়ার অপরিশোধিত তেলের পাইপলাইনের নিরাপত্তা নিশ্চিত করতে পাইপলাইনের আশপাশে বসবাসকারীদের সরিয়ে দেওয়ার উদ্যোগকে কেন্দ্র করে উত্তেজনা ছড়িয়েছে মাল ব্লকের ওদলাবাড়ি গ্রাম পঞ্চায়েতের চুইয়া বস্তি এলাকায়। স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ, অয়েল ইন্ডিয়ার পক্ষ থেকে জেসিবি ব্যবহার করে পাইপলাইনের কাছাকাছি থাকা বেশকিছু বাড়ি ভেঙে দেওয়া হয়েছে। এলাকার বাসিন্দা নবীউল ইসলাম ও মহম্মদ ফারুক জানান, কয়েক বছর আগে তাঁদের জানানো হয়েছিল পাইপলাইন থেকে ৬০ ফুট দূরে বসতি স্থাপন করতে। সেই নির্দেশ মেনে তাঁরা ঘরবাড়ি সরিয়ে নিয়েছিলেন। কিন্তু এখন আবার ৬৫ ফুট দূরে সরে যেতে বলা হচ্ছে। তাঁদের প্রশ্ন, বারবার এভাবে ঘর সরাতে হলে তাঁরা কোথায় যাবেন? তাঁরা সরকারের কাছে পুনর্বাসনের ব্যবস্থা করে উচ্ছেদ প্রক্রিয়া বন্ধ রাখার আবেদন জানান। অন্যদিকে অয়েল ইন্ডিয়ার কর্মকর্তাদের বক্তব্য, আসাম থেকে বারৌনি পর্যন্ত বিস্তৃত هذه অপরিশোধিত তেলের পাইপলাইন দেশের গুরুত্বপূর্ণ সম্পদ। পাইপলাইনের মাধ্যমে ক্রুড অয়েল পরিবহণ করা হয়। সম্ভাব্য দুর্ঘটনা এড়াতে এবং স্থানীয় বাসিন্দাদের নিরাপত্তার স্বার্থেই নির্দিষ্ট দূরত্ব বজায় রাখার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। সংস্থার দাবি, অভিযান前 এলাকায় মাইকিং করা হয়েছে এবং তিন দিন আগেই নোটিশও দেওয়া হয়েছিল। বাইট ১) ক্ষতিগস্ত পরিবার。 ২) স্থানিয় যুবক。 ৩) ওয়েল ইন্ডিয়ার আধিকারিক。 1507ZG_MAL_OIL_INDIA_BULLDOZER_R
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बलरामपुर के स्कूल भवन अधूरा, बच्चों की पढ़ाई पर प्रशासन की लापरवाही उजागर

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में मुख्यमंत्री शाला जतन योजना प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है.... विकासखंड बलरामपुर के अंतर्गत आने वाले दलधोवा के प्राथमिक शाला गौरापारा में नौनिहालों का भविष्य दांव पर लगा है.... यहां साल 2023 से स्वीकृत स्कूल भवन का निर्माण कार्य आज 2026 में भी अधूरा पड़ा है...और नतीजा ये हैं कि शिक्षक बच्चों को आधे अधूरे भवन में बैठकर पढ़ाने को मजबूर हैं। दरअसल जिला मुख्यालय से थोड़ी ही दूर स्थित प्राथमिक शाला गौरापारा दलधोवा में अधिकारियों और ठेकेदार की घोर लापरवाही का आलम यह है कि तीन साल बीत जाने के बाद भी भवन को पूर्ण नहीं किया जा सका। मजबूरन, नन्हें बच्चे इसी जर्जर और आधे-अधूरे निर्माणाधीन स्कूल भवन में बैठकर पढ़ाई करने को विवश हैं। करीब 16 लाख रुपए की लागत से स्कूल में दो अतिरिक्त भवन स्वीकृत किए गए थे और निर्माण एजेंसी R.E.S विभाग बलरामपुर को बनाया गया था,इस स्कूल में दो अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए गए ताकि बच्चों को भवन मिल सके लेकिन नतीजा यह है कि काम अब तक पूरा नहीं हो सका है...शिक्षक बताते हैं कि पुराना स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है..इसी वजह से आधे अधूरे निर्माणाधीन भवन में ही वे कक्षाएं लगाने को मजबूर हैं...निर्माण एजेंसी मामले में बजट का आबंटन नही मिलने की बात कह रहा है तो वही जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि करीब 80 प्रतिशत राशि भवन का निर्माण एजेंसी को जारी कर दिया गया है काम पूरा होते ही अंतिम भुगतान भी जारी कर दिया जायेगा.... वहीँ मामले में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि शाला जतन के कामों का तीन बार रिव्यू किया गया है ..पहले स्थिति वाकई में खराब थी.. जो काम अधूरे पड़े हैं उसे जल्द ही पूरा कराया जाएगा,अब देखना होगा कि इस गंभीर लापरवाही पर उच्च अधिकारियों की नींद कब खुलती है।
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धौलपुर में अवैध चम्बल बजरी खनन-परिवहन पर पुलिस की कड़ी निगरानी

Dholpur, Rajasthan:प्रतिबंधित चम्बल बजरी के अवैध खनन-परिवहन पर रोक और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी एवं पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में पुलिस द्वारा वन एवं खनिज विभाग के साथ समन्वय कर व्यापक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सरमथुरा से राजाखेड़ा तक चम्बल नदी से जुड़े संवेदनशील घाटों, प्रमुख मार्गों और संभावित परिवहन रूटों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। *दिन-रात संयुक्त गश्त, हर गतिविधि पर नजर* पुलिस, वन एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं। चम्बल के घाटों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। अवैध खन या परिवहन की सूचना पर टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर कानूनी कार्रवाई कर रही है। अभियान में संदिग्ध वाहनों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और पूछताछ की जा रही है। अवैध कार्यों में प्रयुक्त वाहनों को जब्त कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। *चैक पोस्टों पर सघन निगरानी* अवैध बजरी परिवहन रोकने को प्रमुख मार्गों व संवेदनशील स्थानों पर अस्थायी चैक पोस्ट बनाए गए हैं। यहां 24 घंटे पुलिस बल तैनात है और प्रत्येक संदिग्ध वाहन की जांच की जा रही है। संभावित मार्गों पर अतिरिक्त बल लगाया गया है। *नेटवर्क पर प्रहार, सूचना तंत्र सक्रिय* संयुक्त अभियान में तीनों विभागों के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय कर सूचनाओं ka आदान-प्रदान किया जा रहा है। इससे अवैध खन-परिवहन में लिप्त नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिल रही है। ग्रामीण स्तर पर भी मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है ताकि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई हो सके। *पर्यावरण संरक्षण पर जोर* अवैध बजरी खनन से नदी के तटों और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इसी को देखते हुए अभियान का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना भी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। *जीरो टॉलरेंस नीति* एसपी विकास सांगवान ने कहा कि अवैध खन-परिवहन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। दोषियों पर कठोर कार्रवाई और वाहनों की जब्ती की जाएगी। धौलपुर पुलिस आमजन से अपील करती है कि अवैध खन-परिवहन की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें। आपके सहयोग से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और कानून व्यवस्था मजबूत होगी. यह अभियान आगे भी निरंतर, प्रभावी और सख्ती से जारी रहेगा।
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बहराइच में 237 ग्राम स्मैक के साथ इसरार गिरफ्तार: नेपाल से तस्करी का राज

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच से बड़ी ख़बर, थाना मोतीपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर स्मैक तस्कर, 237 ग्राम स्मैक के साथ इसरार नाम का स्मैक तस्कर गिरफ्तार, पुलिस और SSB टीम के सघन चेकिंग अभियान के दौरान पकड़ा गया तस्कर इसरार, आरोपी के कब्जे से बरामद स्मैक की कीमत आंकी गयी तकरीबन 50 लाख के आसपास, थाना मोतीपुर के पड़रिया चौराहे के पास से आरोपी किया गया गिरफ्तार, काफी अर्से से आरोपी कर रहा था स्मैक की तस्करी का कारोबार, बाईक में छुपाकर बार्डर के रास्ते चोरी से स्मैक की खेप ले जा रहा था नेपाल, सुरागरसी के आधार पर पुलिस की घेराबंदी में दबोचा गया तस्कर इसरार, पुलिस जांच में जुटी
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पेंड्रा में कोयले से भरे ट्रेलर की टक्कर: परिवार घायल, अस्पताल में उपचार

Karhi, Chhattisgarh:पेंड्रा के राय पेट्रोल पंप के पास मुख्य मार्ग पर कोयले से भरे तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार पति-पत्नी और उनका मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को डायल-112 के डायलर्जी टीम द्वारा जिला अस्पताल पहुंचाया गया और चिकित्सकों ने घायलों की हालत गंभीर बताई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी सड़क पर चीथड़ों की तरह बिखर गई। घटना के बाद लोग मौके पर जुट गए और ट्रेलर को कब्जे में लेकर चालक को थाने भेज दिया गया। पुलिस ने ट्रेलर को कब्जे में लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। दुर्घटना के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात थोड़ा समय के लिए बाधित रहा। पेंड्रा क्षेत्र में बार-बार हो रहे सड़क हादसों ने तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
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उन्हेल में ऋषभ जैन ने घर में फंदे से लटककर खुदकुशी की, जांच जारी

Jhalawar, Rajasthan:चौमहला (झालावाड़) झालावाड़ जिले के उन्हेल कस्बे में देर रात एक युवक ने अपने ही घर में फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। मृतक ऋषभ जैन उन्हेल कस्बे का ही निवासी था। पुलिस ने चौमहला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में जानकारी देते हुए उन्हेल थाना पुलिस ने बताया कि परिजनों के बताए अनुसार ऋषभ जैन देर रात को अपने कमरे में सो रहा था। सुबह परिजन जब उठे तो वह पहली मंजिल के टीन शेड के एंगल से रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और तुरंत ही उसे लेकर चौमहला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ऋषभ को मृत घोषित कर दिया। उन्हेल थाना पुलिस द्वारा परिजनों के परिचय बयान दर्ज किए गए। इसके पश्चात पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उधर परिजनों का कहना है कि ऋषभ बहुत ही मिलनसार व सरल स्वभाव का युवक था। उसका किसी से कोई झगड़ा भी नहीं था। ऐसे में अचानक उसका खुदकुशी करना परिजनों के लिए भी बड़ा आघात है। उधर पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच कर रही है, कि ऋषभ ने आखिर किस कारण अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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वन विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग विवाद बढ़ा; IFS के स्थान पर RFS अधिकारी पोस्टिंग

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-वन विभाग की ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर नया विवाद सामने आया है. विभाग ने ट्रांसफर लिस्ट निकालने में इतनी जल्दबाजी की कि IFS अफसरों की भरी हुई सीटों पर RFS अफसरों को पोस्टिंग दे दी. अब पूरा मामला सीएमओ जा पहुंचा. विवाद बढ़ा तो हॉफ ने IFS अधिकारियों को रिलीव नहीं होने के आदेश निकाले. ट्रांसफर-पोस्टिंग का नया विवाद उपजा- वन विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग का नया विवाद उपजा है. बिना ट्रांसफर हुए चार IFS अफसरों की जगह वन विभाग ने RFS अफसरों का ट्रांसफर कर दिया. तबादलों के बाद जब पोस्टिंग को लेकर विवाद गरमाया तो प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरिजीत बनर्जी ने IFS अधिकारियों को रिलीव नहीं होने के आदेश निकाले. जिसमें IFS अधिकारियों को चार्ज हैंडओवर पर रोक लगा दी. अब IFS को बिना अनुमति चार्ज नहीं सौंपने के निर्देश दिए. तबादले के बाद वन विभाग ने नया विवाद खड़ा हो गया है. इनकी पोस्टिंग पर विवाद- जयपुर उत्तर में IFS देवेंद्र सिंह की जगह RFS मनफूल बिश्नोई, अलवर में IFS राजेंद्र सिंह हुड्डा के जगह RFS ओमप्रकाश शर्मा, चित्तौड़ में IFS मृदुला सिंह की जगह RFS सुनील कुमार सिंह, उदयपुर उत्तर में IFS अजय चित्तौड़ा के स्थान पर RFS देवेंद्र तिवारी का ट्रांसफर किया गया. तबादलों की अंतिम तिथि 10 जुलाई थी. अभी IFS के तबादले नहीं हुए- चारों IFS अधिकारियों के तबादले DOP ने नहीं किए, ऐसे में इन सीटों पर RFS कैसे जॉइन करेंगे? अब सवाल ये है कि क्या बिना तैयारी के वन विभाग में तबादले किए गए. क्या पहले वन विभाग में तबादलों को लेकर स्टडी नहीं की गई. सूत्रों की मानें तो पूरा मामला सीएमओ जा पहुंचा. क्या अब वन विभाग ट्रांसफर को लेकर संशोधित आदेश जारी करेगा?
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