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Kedar Nath VermaKedar Nath VermaFollow28 Nov 2024, 05:01 am
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दिल्ली में ICCC से प्रदूषण नियंत्रण: 24x7 निगरानी और नो PUC नो फ्यूल

New Delhi, Delhi:दिल्ली में प्रदूषण पर रियल टाइम नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर यानी ICCC की शुरुआत की गई है. दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. आज से राजधानी में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था लागू हो गई है. यानी बिना वैध PUC के वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा. वार रूम का वॉकथ्रू दिखाया गया है कि किस तरीके से प्रदूषण के विरुद्ध जंग जारी है और पूरे वार रूम को कैसे तैयार किया गया है. अलग-अलग बड़ी स्क्रीन पर AQI और पोल्यूटेंट डेटा दिख रहा है, राजधानी की मॉनिटरिंग हो रही है कि किस जगह कितनी गाड़ियों में कमी आई है, ग्राउंड पर टीमों के साथ कंस्ट्रक्शन साइट के रीयल-टाइम डेटा आ रहा है और अगर कहीं आग लगती है तो उसका अलार्म भी कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगा. आधुनिक तकनीक के जरिए प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर संबंधित विभागों को तेजी से कार्रवाई के लिए जानकारी दी जाएगी. पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से अपील की है कि फ्यूल लेने से पहले अपना PUC जरूर बनवा लें ताकि चालान की कार्रवाई हो सके. दीपावली के बाद बढ़ने वाले प्रदूषण के मद्देनजर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की भी अपील की है. दिल्ली की हवा साफ रखने के लिए वाहन पर सख्ती लागू हो चुकी है; नो PUC नो फ्यूल लागू है. ग्रीन क्रैकर्स के उपयोग को भी कहा गया है ताकि त्योहार उत्साह के साथ और पर्यावरण का ध्यान रखा जा सके. ICCC की शुरुआत के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली प्रदूषण के विरुद्ध जंग 24x7 जारी रहेगी. केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और स्थानीय विधायक अरविंदर सिंह लवली मौजूद रहे. बिहार/दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण अभियान में ग्रीन वार रूम और आधुनिक तकनीक से निगरानी जैसे कदम शामिल हैं. सरकार अब इन कदमों से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में आने वाले दिनों में दिखने वाले प्रभाव पर नजर बनाए रखेगी.
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म नरायणी बाढ़ घटने के बाद महराजगंज के राहत शिविरों में परेशानी जारी

Maharajganj, Uttar Pradesh:एंकर- नेपाल के पहाड़ों में बारिश थमने के बाद नारायणी नदी के जलस्तर में भले ही तेजी से कमी आई हो लेकिन महाराजगंज में बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें अभी भी खत नहीं हुई है । निचलौल तहसील के सोहगीबरवा, भोतहा, शिकारपुर और गेडहंवा समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से पांच हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। अब नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद कई गांवों में घरों के अंदर और आसपास पानी जमा है। यही वजह है कि गेडहंवा में कई परिवार पिछले छह दिनों से अपना घर छोड़कर बाढ़ राहत शिविर में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से राहत शिविर में राशन और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है, लेकिन बाढ़ के पानी से घरों में रखा सामान और खाद्यान्न बर्बाद होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। तस्वीरें महराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र के गेडहंवा की हैं । कुछ दिन पहले तक यहां नारायणी नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा था और देखते ही देखते कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया। अब नदी का जलस्तर कम हो रहा है बारिश भी थम चुकी है लेकिन गांव के लोगों की जिंदगी अभी सामान्य नहीं हो पाई है । कई घरों में अब भी बाढ़ का पानी जमा है। घर में रखा राशन, कपड़े और रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान पानी की वजह से खराब हो गया है। ऐसे में परिवारों के सामने घर लौटने से पहले साफ-सफाई और दोबारा गृहस्थी बसाने की चुनौती है। करीब six दिन से राहत शिविर में रह रहे हैं। प्रशासन की तरफ से राशन और दवाइयां मिल रही हैं, लेकिन घर में पानी भरने से काफी सामान बर्बाद हो गया है। पानी निकलने के बाद ही घर वापस जाकर हालात देख पाएंगे। नारायणी नदी का जलस्तर भले ही अब नीचे आ रहा हो, लेकिन गेडहंवा समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। कई परिवारों के घरों में पानी और कीचड़ जमा है जबकि बड़ी मात्रा में घरेलू सामान भी बर्बाद हो चुका है। ऐसे में लोगों को अब पानी उतरने के साथ-साथ राहत और नुकसान की भरपाई का इंतजार है।
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Ayodhya में Ramdev के बयान पर संतों ने हिंदू एकता की वकालत की

Ayodhya, Uttar Pradesh:Ayodhya me Ramdev ke bayan ko lekar Ayodhya me bhi pratikriya samne aayi hai. Ayodhya ke mahan't Dr. Dive shachar ya Maharaj ne Baba Ramdev ke bayan ka samarthan kiya hai. Mahan't ne kaha ki Bharat me rahne wale Musalmano ke purvaj Hindu the aur unhe Hindu dharm sweekar kar len a chahiye. Unhone Hindu dharm ko samman, suraksha aur shanti dene wala dharm bataya. Mahan't Dr. Dive shacharya Maharaj ne kaha ki sabhi Musalmano ko shaantipurovkh Hindu dharm sweekar karna chahiye aur Ram-Krishna ki pooja shuru kar deni chahiye. Saath hi unhone bhaichare ko lekar Hinduon ko bhi satark rahne ki baat kahi. Unhone kaha ki Hindu bhai-chara nibhaane ka kaam karta hai, lekin jab avsar milta hai to Hinduon ko hi chara banane ka kaam kiya jaata hai. Mahan't ne Baba Ramdev se bhi kaha ki unhe bolte samay soch-samajhkar bolna chahiye aur yeh bhi dhyaan rakhna chahiye ki Hindu bhai-chara nibha paenge ya nahi. Chhoti chaavani ke swami Shri Parameshwar Das ji Maharaj ne kaha ki Shri Ram ji ko yadi Baba Ramdev ji ne is prakar se kaha hai, to aap nishchit roop se yeh maan lijiye ki Shri Ram ji rashtranayak hain. Sanatan dharm me rashtr ke swaroop ke roop me Bhagwan Shri Ram ko maana gaya hai. 'Ram o vigraha bhav dharm' ka tatparya yahi hai ki Bhagwan Shri Ram Sanatan dharm ke swaroop hain aur yeh samapurna rashtra Sanatan dharm ka hi swaroop hai. Isme anya vargon aur samudaon ke jo bhi log hain, yadi Baba Ramdev ji yeh kah rahe hain ki unke bhi purvaj Hindu the ya Bhagwan Shri Ram se jude the, to dharmashastron ki maanyata ke anusaar yeh baat shat-pratishat satya hai. Ab yeh hai ki is baat ko ve yadi jaldi samajh lete hain to acchi baat hai, vilamb se samajhenge to thodi dikkat hona swabhavik hai. Accha yahi hai ki hum Ramdev Baba se sahmat hain. Hamari sahmati hai ki ek culture, ek hi Sanatan dharm sampurn Bharat me ho jaata hai, to yeh jo abhi ‘baantoge to kaatega’ ki samasya hai, uska swabhavik nidhan ho jaayega. Na baantenge, na kategenge, sampurn Sanatan ek hi ho jaayega. to hum Ramdev ji ke is vichar se sahamat hain.
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दूध दाम बढ़ाने की मांग पर सिरसा में तीन दिवसीय हड़ताल शुरू

Sirsa, Haryana:दूध के रेट बढ़ाने की मांग को लेकर पशुपालकों और किसानों की तीन दिवसीय हड़ताल आज से शुरू हो गई है। पशुपालकों ने एक से तीन अक्टूबर तक दूध की सप्लाई बंद रखने का ऐलान किया है। सिरसा के वीटा मिल्क प्लांट के बाहर पशुपालक और किसान धरने पर बैठ गए। पशुपालकों ने दूध के खरीद रेट बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पशुपालन पर लगातार खर्च बढ़ रहा है, लेकिन दूध का भाव उस अनुपात में नहीं बढ़ाया जा रहा। ऐसे में पशुपालकों के सामने अपने पशुओं के चारे, रखरखाव और अन्य खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। दरअसल, दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले दिनों सिरसा में किसानों और पशुपालकों की बैठक हुई थी। बैठक में एक से तीन अक्टूबर तक दूध की खरीद और बिक्री बंद रखने का फैसला लिया गया था। पशुपालकों का कहना है कि हाल में दूध के दाम में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन उनकी बढ़ती लागत को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं है। किसानों का कहना है कि भैंस का दूध 100 रूपये किलो व गाय के दूध का भाव 80 रूपये किलो किसानों को दिया जाए। हड़ताल के दौरान स्थिति को देखते हुए वीटा मिल्क प्लांट के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया। पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रही और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस अधिकारियों ने धरने पर बैठे पशुपालकों से बातचीत भी की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस की कोशिश रहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चले और किसी तरह का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। किसानों ने वीटा मिल्क प्लांट के मुख्य द्वार के समक्ष धरना दिया और दौरान प्लांट में आने-जाने वाली गाड़ियों को रोका। प्लांट में दूध देने आए विक्रेताओं की गाड़ी न बाहर जाने दी और न ही बाहर से किसी गाड़ी को अंदर आने दिया। धरने पर बैठे पशुपालकों व प्लांट में गाड़ियां लेकर आने वाले दूध विक्रेता और क्रेताओं के बीच बहस भी हुई। हड़ताल शुरू होने पर सिरसा के वीटा मिल्क प्लांट के बाहर इसका असर भी देखने को मिला। पशुपालकों जसवीर सिंह भट्टी, सुरजीत सिंह और प्रकाश सिंह का कहना है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया है। उनका कहना है कि लंबे समय से दूध के उचित दाम की मांग उठाई जा रही है। अगर दूध का रेट नहीं बढ़ाया गया तो पशुपालक आर्थिक रूप से परेशान होते रहेंगे। प्रदर्शनों में कहा गया है कि जब तक दूध के रेट में इजाफा नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। किसान जसबीर सिंह भट्टी ने कहा कि फिलहाल तीन दिन की हड़ताल है। वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। वे मिल्क प्लांट से गाड़ी बाहर नहीं जाने देंगे और न ही अंदर किसी गाड़ी को जाने देंगे। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है लेकिन किसानों के उत्पाद के दाम नहीं बढ़ रहे। अलग-अलग प्रदेशों के किसान एकजुट हैं और जब तक रेट में बढ़ौतरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। वक्ताओं के कथन: जसबीर सिंह भट्टी, किसान; सुरजीत सिंह, किसान; प्रकाश सिंह, किसान। हड़ताल का एक बड़ा असर दूध की सप्लाई व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट में रोजाना करीब 70 से 75 हजार लीटर दूध पहुंचता है। इसमें से बड़ी मात्रा में दूध दूसरे क्षेत्रों में भी भेजा जाता है। 30 से 35 हजार लीटर दूध डबवाली, फतेहाबाद और रतिया की ओर भेजा जाता है, जबकि सिरसा वीटा की सप्लाई पंजाब और राजस्थान तक भी जाती है। वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ दिनेश मेहता कहना है कि किसानों के धरने के कारण गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि वीटा प्लांट में दूध की किसी तरह की कोई कमी नहीं है। अगर गाड़ियां सुचारू रूप से चलें तो शहर में दूध की किल्लत नहीं होगी। उनका कहना है कि अगर कच्चे दूध की सप्लाई प्रभावित होती है तो पाउडर से दूध तैयार करके बाजार में आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा सकता है। बाइट-दिनेश मेहता, सीईओ वीटा मिल्क प्लांट, सिरसा।
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अनंत सिंह के रोड शो पर रसगुल्ला दावत, स्नातक चुनाव में अनुज सिंह का जश्न

Patna, Bihar:बिहार में स्नातक चुनाव को लेकर जेडीयू में घमासान के बीच आज जनसुराज प्रत्याशी के पक्ष में अनत सिंह के रोड शो और समर्थको को खिलाये जाने वाले रस्गुला की चचा तेज है . अनंत सिंह भले ही जेडीयू के मोकामा से विधायक हैं पर स्नातक चुनाव में जेडीयू प्रत्याशी को हारने के लिए अपने समर्थको साथ एक तरफ तो रोड शो में गमछा लहरा रहे हैं और दूसरी तरफ समर्थको को रसगुल्ला खिला रहे हैं . आपको बता दें की स्नातक चुनाव के नोमिनेशन के दिन पटना में बाहुबली नेता अनंत सिंह ने जश्न की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने जनसुराज उम्मीदवार अनुज सिंह को जीत दिलाने के लिए 50 हजार रसगुल्ले के साथ भव्य महाभोज का आयोजन किया और समर्थको को रसगुल्ला खिलाया गया . हरेक समर्थक के हाथ में पुलाव दाल और सब्जी के साथ रसगुल्ला देखिये. रस्गुला जो जितना खाए लेकिन शर्त यही की स्नातक चुनाव अनुज सिंह जीत जाएँ . समर्थक भी रसगुल्ला खा रहे हैं . एक नहीं कई कई रसगुल्ला . कोई 6 खाया तो कोई बारह तो कोई ताबड़तोड़ रसगुल्ला खाने पर टूट पडा है . यह तस्वीर jan सुराज के स्नातक उम्मीदवार और अनंत सिंह समर्थित अनुज सिंह के नोमिनेशन की पार्टी का है . इंतजाम ऐसा की कोई छूट ना जाय . सबको रसगुल्ला खिलाना है . रसगुल्ला की पार्टी हो और अनंत सिंह के समर्थक ना मौजूद हो ऐसा हो नहीं सकता . समर्थक रसगुला खाते अनंत सिंह ने इसबार यह पार्टी अपने आवास की वजाय पटना के दरोगा राय पथ के कर्पूरी भवन और आसपास के तीन भवनों में राखी . इस खास महाभोज के लिए हलवाइयों की एक बड़ी टीम मिठाई बनाने के लिए दो दिन पहले ही आ गयी थी . रसगुल्ला बना तो बड़ा सा . जो जितना खाय . इस काउंटर पर लगातार लोग रसगुल्ला पर टूट पड़े है . समर्थक की प्लेट देखिये . एक नहीं दो नहीं 6 तो किसी में 8 रस्गुला . समर्थक कहते हैं ki हमारे बाहुबली विधायक की दावत है तो रसगुल्ला खाकर ही रहेंगे .
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सोनभद्र में संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू, DM ने घर-घर जाकर जागरूकता बढ़ाई

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया गया। सदर विकास खंड के ग्राम पंचायत मारकुंडी से शुरू हुए अभियान का शुभारंभ डीएम चर्चित गौड़ ने किया। खास बात यह रही कि डीएम खुद ग्रामीणों के घरों तक पहुंचे और लोगों से संवाद कर संचारी रोगों से होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों की टीमें लोगों को जागरूक करने के साथ साफ-सफाई और बीमारी से बचाव को लेकर लगातार काम करेंगी। अभियान का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी रमेश चंद्र मिश्रा करेंगे। अभियान के दौरान लोगों को डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया, दिमागी बुखार, क्षय रोग और कुष्ठ रोग जैसी संचारी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत 12 से 31 अक्टूबर के बीच आशा कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर दस्तक देकर संचारी रोगों से बचाव, उनके लक्षण और उपचार सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही लक्षण वाले लोगों की पहचान कर जांच और उपचार के लिए सूची तैयार की जाएगी। अभियान का मुख्य संदेश है कि स्वस्थ व्यवहार अपनाकर संचारी रोगों को हराया जा सकता है। लोगों को घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और घर के आसपास साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बच्चों को विशेष रूप से मच्छरों से बचाने और कुपोषित बच्चों के प्रति विशेष ध्यान देने पर भी जोर दिया गया है। अभियान में व्यक्तिगत साफ-सफाई के साथ सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और समुदाय की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि बुखार होने पर बच्चों को बिना देरी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं और किसी भी तरह के बुखार को हल्के में न लें। संचारी रोगों से जुड़ी जानकारी और मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5145 जारी किया गया है, जबकि गंभीर स्थिति में 108 एंबुलेंस सेवा की मदद ली जा सकती है। सोनभद्र में अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ संबंधित विभागों और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम रहेगी।
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उलुबेरिया अस्पताल के प्रवेश मार्ग की हालत खस्ता, मरीजों के लिए खतरे की घंटी

Howrah, West Bengal:উলুবেড়িয়া হাসপাতালের প্রবেশ मार्गের খুঁতখুঁতে অবস্থা বহু বছর ধরে বরাবরই অবহেলার শিকার। উলুবেড়িয়া হাসপাতালে ঢোকার এই প্রধান রাস্তা বিভিন্ন জায়গায় খোড়া ও ধ্বংসপ্রাপ্ত পিচ স্টোন দেখতে পায় যায়। পথচলতি মানুষ ও রোগীরা বিপাকে পড়ছেন, বিশেষ করে প্রসূতি মহিলা ও মুমূর্ষ রোগীর সময়ও এই রাস্তা দিয়েই যানবাহন ও জনগণ চলাচল করেন। উলুবেড়িয়া স্টেশন ও শরৎচন্দ্র মেডিকেল কলেজ এলাকার এই मार्गটির খারাপ অবস্থা বহুদিন ধরে চলেছে; এলাকাবাসীর ধারনা, এর সার্বিক হাল ফিরব কবে—এই প্রশ্নইqhub চলছে।
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