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Pradeep Kumar PandeyPradeep Kumar PandeyFollow20 Nov 2024, 10:23 am

गोण्डा- वर्षो से सड़क टूटी फूटी होने से छात्रों व शिक्षकों समेत ग्रामीणों को आवागमन मे दिक्क़त

Devrahna, Uttar Pradesh:गोण्डा- बिकासखंड इटियाथोक अंतर्गत बाबागंज- इटियाथोक मुख्य मार्ग से भीखमपुरवा गाँव को जाने वाली सड़क पूरी तरह से टूटी फूटी है। इसी गाँव के विनोद मिश्रा ने कहा की अहिरौलिया पेट्रोल पम्प से उनके गाँव को गई इस सड़क पर चलना मुश्किल है और ग्रामीणों को आवागमन मे भारी दिक्क़त होती है। वर्षो से टूटी इस सड़क पर कई बार राहगीर गिरकर चोटिल हुए है। उन्होंने कहा की इस सड़क का इस्तेमाल सरकारी स्कूल व गुरुकुल के छात्र व शिक्षक समेत गाँव के अनेक लोग करते हैँ। उन्होंने सड़क निर्माण की मांग उठाई है।
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बेगमगंज में गौवंश हत्या: NSA तहत तीन गिरफ्तार, तनाव के बाद स्थिति नियंत्रण में

Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन जिले के बेगमगंज मे बीना नदी किनारे गौवंश हत्या के मामले में तीन आरोपियों को NSA के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है मौक़े पर पहुंची पुलिस ने छापेमारी कर घटनास्थल से गौवंश का मांस और चमड़ा बरामद किया था। आरोपियों मे नासिर कुरैशी मो. सलमान और अजीम उर्फ हासिब को गिरफ्तार किया गया है । सभी आरोपी बेगमगंज के मंडी काजी मोहल्ला के निवासी हैं। तीनों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 5, 9, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 11 (1) घ और बीएनएस की धारा 325 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी थी और कुछ संगठनों ने विरोध की चेतावनी भी दी थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। शहर में शांति बनाए रखने के लिए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
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हाथरस जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में खून का संकट, ए और बी पॉजिटिव रक्त के लिए भटक रहे तीमारदार

GOVIND CHAUHANGOVIND CHAUHANFollowJust now
Hathras, Uttar Pradesh:​हाथरस के जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में इन दिनों ए पॉजिटिव और बी पॉजिटिव रक्त समूहों की भारी किल्लत हो गई है। पिछले कई दिनों से इन दोनों ब्लड ग्रुप्स की अनुपलब्धता के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहद गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ​हालत यह है कि जिले के निजी ब्लड बैंकों में भी यह रक्त समूह उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस संकटपूर्ण स्थिति में कुछ तीमारदारों को अपने मरीजों की जान बचाने के लिए मजबूरन जिले से बाहर के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। ​अमित तोमर गांव बसगोई ने बताया कि उनकी मां जिला अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें बी पॉजिटिव रक्त की सख्त जरूरत है, लेकिन ब्लड बैंक में यह उपलब्ध न होने के कारण वे काफी परेशान हैं। ​छत्रपाल सिंह अपनी बेटी का इलाज करा रहे छत्रपाल सिंह ने भी रक्त न मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को इलाज के लिए पांच यूनिट बी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता है, जो अस्पताल में नहीं मिल रहा है। इस गंभीर विषय पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. सूर्य प्रकाश ने स्वीकार किया कि ब्लड बैंक में फिलहाल कुछ विशिष्ट रक्त समूहों की कमी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कमी को दूर करने के लिए जल्द ही रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि मरीजों को समय पर रक्त मिल सके और व्यवस्था को सुचारू बनाया जा सके।
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जबलपुर अधारताल के महालक्ष्मी मंदिर में 1100 साल पुरानी प्रतिमा और मान्यताएं

Noida, Uttar Pradesh:जबलपुर के अधारताल में मां लक्ष्मी का मंदिर अपनी विशेषताओं के लिए जाना जाता है। लक्ष्मी नारायण पंचमठा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध देश मंदिर में मां लक्ष्मी की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है। माना जाता है कि लगभग 1100 साल पुराना यह मंदिर है, और इसमें सूर्य की पहली किरण प्रतिमा के चरणों पर पड़ती है। प्रतिमा दिन में तीन बार रंग बदलती दिखती है—सवेरे सफेद, दोपहर में पीली, शाम को नीली। मंदिर के इतिहास के अनुसार यह गोंडवाना शासन के समय रानी दुर्गावती के सेवक दीवान आधार सिंह के नाम से बना आधारताल तालाब में करवाया गया था। पचमठ मंदिर के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर कभी देश के तांत्रिकों के साधना का केंद्र था। चारों तरफ श्री यंत्र की रचना है जो 1100 साल पहले बना था। मंदिर में सूर्य की पहली किरण प्रतिमा के चरणों पर पड़ती है। औरंगजेब के समय भी आक्रमण के निशान मौजूद हैं, भक्त कहते हैं कि यहां जो आता है वह खाली हाथ नहीं जाता। पुजारी के अनुसार देश-देशांतर से श्रद्धालु आते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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