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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow28 Apr 2025, 12:36 pm
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कराला में गोलीकांड: पुरानी रंजिश या गैंगवार की आशंका के बीच हत्या

New Delhi, Delhi:लोकेशन – कराला, दिल्ली कराला गांव में देर रात कुछ हमलावरों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि पुलिस हत्या के पीछे की वजह तलाशने में जुटी है. दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र के कराला गांव में गुरुवार देर रात हुई फायरिंग की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी. जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय हरीश रात के समय अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ करीब चार राउंड फायरिंग कर दी. गोलियां लगने से हरीश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि घटना से कुछ ही देर पहले हरीश ने अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात की थी. पत्नी का दावा है कि कुछ समय पहले परिवार को जान से मारने की धमकी भी मिली थी, जिसके चलते हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या गैंगवार की आशंका जताई जा रही है. हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. फिलहाल कराला गांव में हुई इस सनसनीखेज हत्या ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से जारी है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर हत्या के पीछे असली वजह क्या थी—पुरानी रंजिश, गैंगवार या फिर कोई और साजिश. जो कि जांच पूरी होने के बाद ही इस हत्याकांड का सच सामने आ सकेगा.
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हरियाणा नंबर स्कॉर्पियो की तेज रफ्तार से दुर्घटना, दीवार तोड़कर जंगल पहुंची

Dehradun, Uttarakhand:हरियाणा नंबर की स्कारपियो कार सहसपुर-छरबा से गुजरती हुई चांदपुर पहुंची ही थी कि अचानक जंगल के बीच तेज मोड़ पर वाहन चालक गाड़ी से अपना नियंत्रण खो बैठा और स्कारपियो सुरक्षा दीवारों को तोड़ती हुई जंगल में जा घुसी... तस्वीरों में देखिए टक्कर कितनी जबरदस्त थी जिससे भारी दीवार को भी तोड़ती हुई गाड़ी दीवार के ऊपर चढ़ गई... इस हादसे में हरियाणा नंबर की स्कारपियो के चालक के साथ तीन युवक सवार थे; हादसे के वक्त तीनों युवक सुरक्षित बच गए... ट्रैक्टर की मदद से क्षतिग्रस्त स्कारपियो को सड़क किनारे सुरक्षा दीवारों से नीचे उतार लिया गया... यह हादसा हमें दिखाता है कि रफ्तार के कारण भीषण दुर्घटनाएं हो रही हैं और विशेषकर युवाओं पर इसका असर दिख रहा है, जो जानलेवा भी हो सकता है।
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Bareilly: मौलाना ने 320 करोड़ के वक्फ घोटाले के सबूत पेश किए

Noida, Uttar Pradesh:320 करोड़ की वक्फ सम्पत्ति के घोटाले का मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने किया खुलासा। बरेली:- आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वक्फ की सम्पत्तियो में घोटाले को लेकर काफी दिनों से सक्रिय हैं, इस सम्बन्ध में गत दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र भी लिखा था। उस पर समाजवादी पार्टी के लोग मौलाना पर आरोप लगा रहे थे कि वक्फ में घोटाले की बात मौलाना हवा हवाई कर रहे हैं, इनके पास कोई प्रूफ नहीं है। इस पर आज मौलाना जिला अधिकारी बरेली के कार्यालय पहुंचे और वहां पर उन्होंने 50 पेज पर आधारित दस्तावेज के सबूत पेश किए। मौलाना ने अपने 50 पेज के सबूत में बरेली की दो जगहों का विवरण दिया है। पहला प्रूफ तहसील बहेड़ी जिला बरेली के गांव जाम सावंत का है, जहां पर 1400 बिघा वक्फ की जमीन को कुछ बेचा गया है और कुछ बेचने की तैयारी चल रही है। आज के वक्त में बाजार भाव से 220 करोड़ रूपए की सम्पत्ति है। मौलाना ने दूसरा प्रूफ तहसील सदर जिला बरेली के गांव चंद्रपुर बिजपुरी का दिया है। ये जमीन शहरी क्षेत्र में आ जाने की वजह से 100 करोड़ की मलीयत की है, जिसको बेंच दिया गया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव राम मंदिर चढ़ावा चोरी की बहुत चर्चा करते हैं, मगर ये चोरी सिर्फ 2.5 से 3 करोड़ की है। वहीं अखिलेश यादव के चहीतो ने अरबों रुपए का घोटाला किया है। अपने चहीतो के घोटालों पर तो वो बिल्कुल खामोश है, मगर मुझे से घोटालों का सबूत मांग रहे हैं। इसलिए मैंने आज जिला अधिकारी कार्यालय में जाकर के घोटालों के सबूत पेश कर दिया है। मौलाना ने कहा कि सिर्फ बरेली में 320 करोड़ रुपए का वक्फ घोटाला हुआ है, लोग इस घोटाले को देखकर राम मंदिर के घोटाले को भूल जाएंगे। हमारे बुजुर्गे ने ज़मीने इस लिए वक्फ की थी , कि इससे होने वाली आमदनी धर्म कर्म के कामो में खर्चा हो और गरीब मुसलमानो की आर्थिक मदद की जाएं। मगर ये सब न हो करके बड़े बड़े नेताओं ने और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारो ने भू माफियाओं से मिल करके करोड़ों की जमीनों को रूढ़ियों के भाव बेच दिया。
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कीर्ति आज़ाद: पेलेट गन और छात्रों पर हमले पर संसद में स्पष्ट जवाब मांग

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद कहती हैं, 'बिल्कुल, दिल्ली पुलिस के जवानों पर हमला करने वाले या प्रेस के सदस्यों के साथ मारपीट करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन पुलिस को यह भी बताना चाहिए कि 10 दिन बाद वे इसमें शामिल लोगों की पहचान और मैपिंग क्यों? कर रहे हैं। क्या उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी? दिल्ली पुलिस से यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए। 10 दिन बाद ही क्यों? पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?' 'सरकार देश की जनता को गुमराह कर रही है और सदन को ठीक से काम नहीं करने दे रही है। सांसद में दो तरह की चर्चाएं होती हैं। एक तो बिलों पर चर्चा, जो संविधान के लागू होने और संसद के गठन के समय से ही हो रही है। बिल पेश किए जाते हैं, उन पर चर्चा होती है और वोटिंग होती है। दूसरी चर्चा अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर होती है, जिसमें संबंधित मंत्री आकर जवाब देते हैं। हमने छात्रों पर हुए कथित हमले पर चर्चा की मांग की है। पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और ज़बरदस्त लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कील लगे डंडों का इस्तेमाल किया गया...'
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राजस्थान में पदोन्नति-वेतन विसंगति पर आंदोलन की चेतावनी, वार्ता शुरू नहीं तो प्रदर्शन

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में पदोन्नति, वेतन विसंगति, पुरानी पेंशन और स्थानांतरण नीति जैसे मुद्दों को लेकर राज्य कर्मचारियों का असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आ रहा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जल्द वार्ता की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने बातचीत शुरू नहीं की तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। राजस्थान में लाखों राज्य कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। धरना, प्रदर्शन और रैलियों के बावजूद समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सकारात्मक पहल कर वार्ता शुरू नहीं की गई तो आंदोलन और तेज होगा। ग्राफिक्स इन – कर्मचारियों का सरकार को अल्टीमेटम जल्द शुरू हो वार्ता लंबित मांगों का समाधान आंदोलन की चेतावनी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर शर्मा का आरोप है कि सरकार कर्मचारियों के हित और अधिकारों को लेकर असंवेदनशील है। कर्मचारियाें की अपने जमा उपार्जित अवकाश का भुगतान नहीं हो रहा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन परिलाभ लंबित हैं और वर्षों से लंबित मांगों पर सरकार ने संवाद तक नहीं किया। बाइट - महावीर शर्मा प्रदेश अध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ महासंघ का कहना है कि उसका 11 सूत्रीय मांग पत्र पिछले तीन वर्षों से सरकार के पास लंबित है। पदोन्नति विसंगति, वेतन विसंगति, स्थानांतरण नीति और पुरानी पेंशन योजना की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद समितियों का गठन और बैठकें समय पर नहीं हुईं। ग्राफिक्स – महासंघ के प्रमुख आरोप 11 सूत्रीय मांग पत्र 3 साल से लंबित पदोन्नति पर निर्णय नहीं वेतन विसंगति पर समिति नहीं स्थानांतरण नीति लंबित OPS सुरक्षा पर स्पष्टता नहीं ग्राफिक्स आउट महासंघ ने कर्मचारियों के हितों को लेकर सात प्रमुख संकल्प भी जारी किए हैं। संगठन का कहना है कि इन मांगों पर समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा। ग्राफिक्स इन – महासंघ के 7 संकल्प पदोन्नति विसंगति दूर करना वेतन विसंगति समाप्त करना पुरानी पेंशन योजना (OPS) की सुरक्षा सुनिश्चित करना संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करना निगम, बोर्ड और विभागों के निजीकरण पर रोक कर्मचारियों के मान-सम्मान और स्वाभिमान की सुरक्षा ग्राफिक्स आउट पीटीसी - विष्णु शर्मा फिलहाल महासंघ ने सरकार को द्विपक्षीय बातचीत के लिए समय देने की बात कही है, लेकिन साफ संकेत भी दे दिए हैं कि यदि जल्द संवाद नहीं हुआ तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ऐसे में अब यह देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत का रास्ता कब और कैसे खोलती है।
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रामनगर में 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती; 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के ग्रामीण इलाके में एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां व अन्य परिजनों ने रामनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ एक युवक ने शारीरिक संबंध बनाए, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया; चिकित्सीय जांच के दौरान किशोरी गर्भवती पाई गई. मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवक की उम्र 19 वर्ष है; शिकायत और प्रारम्भिक साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. मामला में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता नाबालिग होने के कारण उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है, मामले की विवेचना जारी है और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और विवेचना के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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मानपुरा राशन घोटाला: महिलाओं के नेतृत्व में जाम, गेहूं तीन महीने वितरित करने के निर्देश

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के मानपुरा गांव में राशन वितरण में कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। महिलाओं के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चित्तौड़गढ़-कोटा-बूंदी मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर पिछले तीन दिनों से पीओएस मशीन खराब होने का हवाला देकर राशन वितरण टाल रहा था। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना पर जिला रसद अधिकारी सुमन तिवारी और तहसीलदार मुकेश गुर्जर मौके पर पहुंचे। जांच में पीओएस मशीन सही मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल तीन महीने का गेहूं वितरण कराने के निर्देश दिए। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर आवागमन सुचारु कर दिया।
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जयपुर के परकोटे में 5500 गंदी गलियां, सफाई योजनाओं के बावजूद बदबू बनी समस्या

Jaipur, Rajasthan:एंकर-विश्व विरासत का तमगा... गुलाबी शहर की पहचान... और दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर का परकोटा। लेकिन इसी चमकदार तस्वीर के पीछे एक ऐसी बदबूदार हकीकत है, जो सिस्टम के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। 18 से 20 साल पहले गंदगी से मुक्ति के लिए घरों को सीवर से जोड़ने की कवायद हुई थी...लेकिन रखरखाव के अभाव में वही व्यवस्था अब गंदगी की वजह बन गई। परकोटे की करीब 5 हजार 500 गलियां आज भी कचरे, सीवर और बदबू से जूझ रही हैं। छह नगर निगम बोर्ड गुजर गए... तीन विधानसभा क्षेत्रों के विधायक भी इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं करा पाए...सफाई के टेंडर होते रहे, करोड़ों रुपए खर्च करने की योजनाएं बनीं... लेकिन गलियों की तस्वीर नहीं बदली। वीओ-1-दुनिया के नक्शे पर जयपुर की पहचान उसकी गुलाबी दीवारों, हवेलियों, बाजारों और ऐतिहासिक चारदीवारी से है। यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल इस शहर की चमक मुख्य बाजारों और पर्यटन स्थलों तक तो दिखाई देती है, लेकिन जैसे ही परकोटे की अंदरूनी गलियों में कदम रखते हैं, तस्वीर बदल जाती है। यहां करीब 5,500 गंदी गलियां आज भी कचरे, सीवर के गंदे और बदबू से जूझ रही हैं। हालात यह हैं कि कई गलियों में रहने वाले लोगों ने दरवाजे और खिड़कियां तक बंद रखना शुरू कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम के छह बोर्ड अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। किशनपोल, हवामहल और आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्रों में विधायक भी रहे और बदले, लेकिन गंदी गलियों की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ है। सफाई के लिए टेंडर होते हैं, कुछ जगह सफाई भी होती है, लेकिन कुछ ही समय बाद गलियां फिर पुराने हाल में लौट आती हैं। अब नगर निगम चुनाव की आहट के साथ लोगों ने एक बार फिर इस पुराने मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना हैं की इन गंदी गलियां में कई जगहों पर गंदगी इतनी पुरानी है कि सड़ांध से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। लोगों को मच्छर और कीड़े पनपने के साथ संक्रमण फैलने का डर भी सता रहा है। बाइट-स्थानीय निवासी बाइट-स्थानीय निवासी बाइट-स्थानीय निवासी किस जोन में कितनी गंदी गलियां किशनपोल जोन : 3900 गंदी गलियां हवामहल-आमेर जोन: 1500 गंदी गलियां आदर्श नगर जोन : 2500 गंदी गलियां वीओ-2- तत्कालीन नगर निगम हैरिटेज बोर्ड के समय 5 हजार से ज्यादा गंदी गलियों की सफाई और मरम्मत के लिए करीब 25 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई गई थी। मकसद था कि जयपुर आने वाले पर्यटकों को चारदीवारी का साफ-सुथरा स्वरूप दिखे और वर्षों से बदहाल गलियों की तस्वीर बदले। लेकिन सालों बाद भी हालात पूरी तरह नहीं सुधरे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गलियों की नियमित सफाई नहीं हुई। गंदी गलियों की कहानी केवल सफाई व्यवस्था की नाकामी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सीवर और प्रॉपर्टी कनेक्शन व्यवस्था की बड़ी खामी भी सामने आती है। करीब 18 से 20 साल पहले परकोटे के घरों को प्रॉपर्टी कनेक्शन से जोड़ने का काम शुरू किया गया था। घरों के किचन, स्नानघर और मोरियों से निकलने वाले गंदे पानी को पाइप के जरिए गलियों में बने चैंबर तक लाकर सीवर लाइन से जोड़ने की योजना थी। इससे पहले घरों का गंदा पानी सीधे गलियों में बहता था। इसी वजह से इन रास्तों को गंदी गलियां कहा जाने लगा था। प्रॉपर्टी कनेक्शन के बाद कुछ समय तक व्यवस्था ठीक रही, लेकिन चैंबरों और कनेक्शनों के नियमित रखरखाव और सफाई की व्यवस्था कमजोर पड़ते ही समस्या फिर लौट आई। अब स्थिति यह है कि कई घरों का गंदा पानी सीवर में जाने के बजाय गलियों में बहता है और वहां से मुख्य बाजारों तक पहुंच जाता है। इससे बदबू के साथ मच्छर और कीड़े पनप रहे हैं। परकोटा जयपुर के पर्यटन का सबसे बड़ा आकर्षण है। हवामहल, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, किशनपोल बाजार और आसपास के क्षेत्रों में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन मुख्य बाजारों से जुड़ी गलियों में गंदगी का आलम अलग कहानी कहता है。 बाइट-स्थानीय निवासी बाइट-स्थानीय निवासी बाइट-सफाईकर्मी बहरहाल, एक तरफ विश्व विरासत का तमगा, दूसरी तरफ उसी विरासत के बीच सड़ांध मारती गलियां यह विरोधाभास अब नगर निगम के लिए बड़ा सवाल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गलियों की गंदगी का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। बदबू और गंदगी के कारण ग्राहकों और पर्यटकों को भी परेशानी होती है। नगर निगम चुनाव नजदीक आते ही परकोटे की गंदी गलियां फिर स्थानीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनने लगी हैं। लोगों का सवाल सीधा है जब हर साल सफाई के लिए पैसा और टेंडर है तो फिर गलियां साफ क्यों नहीं हैं........दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के विरुद्ध विशेषाधिकार प्रस्ताव पर निशाना साधा

Noida, Uttar Pradesh:DELHI: ANURAG THAKUR (BJP MP) ON PRIVILEGE MOTION AGAINST RAHUL GANDHI दिल्ली। राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "हमने बार-बार देखा है कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल भारतीय सेना हो, भारतीय पुलिस हो, उनका अपमान करने में कहीं पीछे नहीं रहते हैं। एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक या ऑपरेशन सिंदूर हो, उस पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते रहे। हमारे जो विदेशी दुश्मन हैं, उनकी भाषा बोलते रहे मगर दुर्भाग्य यह है कि आज कांग्रेस पार्टी के नेता सदन के अंदर आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हैं और मनगढ़ंत आरोप लगाते हैं जो नियमों के खिलाफ है, उसके लिए भी मैंने नोटिस दिया है।"
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राम मंदिर चंदा गबन मामला: संसद में विपक्ष-सरकार तकरार

Patna, Bihar:राम मंदिर के ट्रस्ट से चंदा का पैसा गायब होने मामले पर पप्पू यादव ने संसद में प्रदर्शन किया... जनता दल यूनाइटेड ने कहा कि विपक्ष मुद्दों से भाग रही है गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है सदन में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए... कढ़ाई बात राम मंदिर के दान पत्र से पैसे गायब होने की तो सरकार इसकी जांच कर रही है. SIT इसकी जांच कर रही है जो लोग शामिल है उसके बाद भी राहुल गांधी और पप्पू यादव जैसे लोग इस पर राजनीति कर रहे है... राष्ट्रीय जनता दल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने ट्रस्ट घोषित किया उन्होंने मेंबर बनाए वहीं से सब कुछ हुआ प्रधानमंत्री के निगरानी में हुआ उन्होंने पूजा अर्चना की वह स्थापना में खड़े रहे हैं और फिर वही लोग भगवान राम के घर के चंदे को खा गए.. यह जो मर्माहट नहीं है वह लोग आडम्बर हैं जो इस घटना से मरमाहत नहीं है वह हिंदू नहीं है वह अंधभक्त है... शक्ति यादव पूर्व विधायक राजद... कांग्रेस ने कहा की "राम इस देश के आराध्य हैं और उनके नाम पर जो श्रद्धालुओं ने चंदा दिया है, जो मंदिर के प्रबंधन के लिए था, उसे अगर किसी राजनीतिक दल और सामाजिक जीवन के कार्यकर्ता चुराने का काम करें, तो इससे ज्यादा कुकृत्य नहीं हो सकता है।और जिस कमेटी का गठन प्रधानमंत्री जी के दिशानिर्देशन मेंऔर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशन में हुआ है, ऐसे में यह अपने आप में सोचनीय है कि आखिर राम के नाम पर चंदा चोरी करने वाली संगठन कौन सी है। और यह बताने में किसी को कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई तमाम संगठन हैं।और इन्होंने जिस तरीके से चंदा चोरी जैसा कुकृत्य किया है, वह देश के असंख्य हिंदुओं को, विश्व के हमारे हिंदू भाइयों के लिए कहीं न कहीं शर्मिंदगी का विषय है। और ऐसे तमाम लोगों के लिए यह एक सबक है कि राम के नाम पर भी चंदा चोरी भारतीय जनता पार्टी की नीतियों में शामिल है।और यह जो आज संसद में हुआ है, वह उसी का एक उदाहरण पेश किया गया, नाटक दिखाया गया कि आखिर किस तरीके से राम के नाम पर चंदा चोरी का कुकृत्य भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर चल रहा है।" डा. स्नेहाशीष वर्धन, प्रवक्ता, बिहार कांग्रेस बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मैंने बार-बार कहा है कि राहुल गांधी जी बेचैन आत्मा हैं। क्यों बेचैन आत्मा हैं, आप पूछिएगा। पूरा देश जानती है कि सत्ता के लालच में, बहुत लंबे समय हो गया, राहुल गांधी का सपना है प्रधानमंत्री बनने का। तो सत्ता के लालच में राहुल गांधी जी देश विरोधी ताकत, देश को तन-तबाह करने वाली ताकत, कहीं भी जाकर के हाथ मिला लेते हैं। इतनी बेचैनी नहीं होनी चाहिए।'देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें。' सिर्फ सत्ता में हम आ जाएँ, उसके लिए पूरे देश के साथ खिलवाड़ कर दें? भावनात्मक खिलवाड़ करें? आपने देखा अभी कि किस तरह से छात्र आंदोलन को इन लोगों ने पीछे से बदनाम करने का प्रयास किया। छात्र तो अपनी माँग को लेकर के आए थे। सरकार संवेदनशील है, सरकार ने तुरंत पार्लियामेंट तक में कानून पास कराया। लेकिन छात्र के आंदोलन को बदनाम करने से भी राहुल गांधी और ये लोग नहीं चूके।"
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रामनगर में सड़क निर्माण की लापरवाही से होटल कारोबारी की मौत

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के कानिया क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। सड़क निर्माण के दौरान लापरवाही से फैलाई गयी रेता-बजरी एक युवा होटल कारोबारी की मौत का कारण बन गयी, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जिसे रोका जा सकता. जानकारी के अनुसार कानिया निवासी युवा होटल कारोबारी ललित मेहरा उर्फ कन्नू देर रात किसी आवश्यक कार्य से बाइक पर निकला था, रास्ते में सड़क निर्माण के लिए फैलाई गयी रेता-बजरी अंधेरे में दिखाई नहीं दी, जैसे ही उसकी बाइक उस पर चढ़ी, वाहन अनियंत्रित होकर फिसल गया और ललित गंभीर रूप से घायल हो गये, जिसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. ललित की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी, अपने मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के कारण ललित स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय था। उसके निधन पर व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. स्थानीय पूर्व ग्राम प्रधान सुरेश घुग्तियाल का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर रेता-बजरी और अन्य निर्माण सामग्री बिना किसी बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड के छोड़ दी जाती है, रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है, लोगों का आरोप है कि संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के कारण पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ललित मेहरा की मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है, स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सड़क निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग भी उठाई है. वहीं मामले में पुलिस जांच में जुट गई है.
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हांसी के पार्क आरडब्ल्यूए विवाद: इस्तीफा और आरएसएस दबाव के आरोप

Hansi, Haryana:हांसी के शहीद हुक्म चंद पार्क की आरडब्ल्यूए कमेटी में बड़ा विवाद सामने आया है। पार्क की उपप्रधान शमा मल्होत्रा ने इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया है कि उन पर आरएसएस से जुड़ने का दबाव बनाया गया। वहीं आरडब्ल्यूए प्रधान नंद किशोर ने कहा कि उन्हें आरएसएस, भाजपा ऊपर से फोन आए है। शमा मल्होत्रा ने छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। हांसी के शहीद हुक्म चंद पार्क के विकास और देखरेख के लिए बनाई गई आरडब्ल्यूए कमेटी में विवाद उस समय गहरा गया जब उपप्रधान शमा मल्होत्रा ने एडीसी लक्षित सरीन के सामने अपना इस्तीफा सौंप दिया। मामले पर एडीसी लक्षित सरीन ने बैठक के दौरान इसे आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का आपसी विवाद बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधान और उपप्रधान के बीच का मामला है, जिसे双方 पक्ष आपस में बैठकर सुलझा लें। एडीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से इस विवाद में कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। शमा मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि उन पर आरएसएस से जुड़ने का दबाव बनाया गया। आरएसएस में शामिल होने से मना करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनका कहना है कि उनसे आरएसएस में शामिल होकर विचारधारा के अनुसार चलने के लिए दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी संगठन में अपनी इच्छा के विरुद्ध शामिल नहीं होंगी। वहीं आरडब्ल्यूए प्रधान नंद किशोर ने शमा मल्होत्रा के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विवाद की वजह आरएसएस नहीं, बल्कि छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित सोशल मीडिया पोस्ट है। इसी दौरान गोबर भक्त जैसे शब्दी का इस्तेमाल किया गया। नंद किशोर का आरोप है कि पोस्ट में प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें उन्होंने राष्ट्र और प्रधानमंत्री के सम्मान के खिलाफ माना। उन्होंने कहा कि वह पिछले 50 वर्षों से आरएसएस से जुड़े हैं और ऐसी टिप्पणियों को स्वीकार नहीं कर सकते।
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