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Rajan KushwahaRajan KushwahaFollow2 Jan 2025, 05:58 pm

गोंडाः भौरीगंज-पसका मार्ग पर नवनिर्मित आरसीसी टू लेन सड़क के बगल में हो रहा नाली का निर्माण, लोगों में खुशी की लहर

Paraspur, Uttar Pradesh:

परसपुर कस्बा के भौरीगंज-पसका मार्ग पर नवनिर्मित आरसीसी सड़क के पटरी पर नाली निर्माण कराया जा रहा है। व्यवसायी दिनेश ने कहा कि परसपुर कस्बा में होने वाले वार्ड नम्बर 13, वार्ड एक और वार्ड नम्बर 10 के मुहल्ले में जल निकासी की समुचित सुविधा नहीं होने से दिक्कतें रही हैं। नाली निर्माण होने से जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। इससे पहले प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण हटवाया और सड़क पटरी को सुरक्षित किया। परसपुर कस्बा में टू लेन आरसीसी सड़क निर्माण और आरसीसी नाली निर्माण पर स्थानीय लोगों ने हर्ष जताया है।

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राजस्थान में 5 हजार से अधिक बसों का पंजीयन अब सख्ती के साथ होगा

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - 5 हजार से अधिक बसों पर संकट! - अब राजस्थान में कराना होगा पंजीयन? - गृह राज्य से बाहर 60 दिन से ज्यादा नहीं रहेंगी - पर्यटकों की सूची रखना होगा जरूरी - पैनिक बटन, जीपीएस सुविधा भी जरूरी - नागालैंड, अरुणाचल में पंजीयन, होगी सख्ती एंकर बाहरी राज्यों में बसों का पंजीयन कराने के बाद राजस्थान में धड़ल्ले से संचालित हो रही बसों पर अब राज्य सरकार सख्ती करने जा रही है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नए संशोधित नियम जारी हुए हैं। इन नियमों से न केवल एआईटीपी के नाम पर चलने वाली बसों का फर्जीवाड़ा रुकेगा, साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद भी रहेगी। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अखिल भारतीय पर्यटक परमिट यानी एआईटीपी के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए संशोधन नियम 2026 केन्द्र सरकार द्वारा लागू कर दिए गए हैं। इसकी अनुपालना में राजस्थान के परिवहन विभाग ने भी नियमों की पालना कराने को लेकर प्रदेशभर के आरटीओ को निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी आरटीओ को पालना कराने के लिए कहा है। इन निर्देशों में कहा गया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट अब केवल टूरिस्ट वाहनों के लिए ही जारी किया जाएगा। परमिट के लिए आवेदन पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रारूप 1 में निर्धारित फीस के साथ करना होगा। यह आवेदन वाहन के रजिस्ट्रेशन वाले क्षेत्र के आरटीओ को ही करना होगा। बैटरी से चलने वाले अथवा मेथेनॉल या इथेनॉल से चलने वाले पर्यटक वाहनों के लिए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बिना किसी परमिट फीस के भुगतान के जारी किया जाएगा। यानी केन्द्र सरकार ने ई-व्हीकल्स को बढ़ावा देने की भी मुहिम शुरू की है। नियमें में बदलाव क्या-क्या ? - टूरिस्ट परमिट वाहन गृह राज्य से यात्रा शुरू कर वहीं समाप्त करेगा - गृह राज्य के बाहर 60 दिन से ज्यादा अवधि के लिए नहीं रहेगा - समूह में पर्यटकों के परिवहन किया जा सकेगा, स्टेज कैरिज में नहीं चलेगी - यानी रास्ते में जगह-जगह से सवारियां नहीं ले सकेंगी ऐसी बसें - बस में मौजूद सभी पर्यटकों की लिखित या मोबाइल में सूची रखनी होगी - इस सूची में पर्यटक के मूल स्थान और गंतव्य स्थान की सूचना होना जरूरी - पर्यटकों की सूची के अलावा अन्य कोई यात्री बस में नहीं बैठ सकेंगे - ऐसी बसों में जीपीएस/वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाने अनिवार्य होंगे - चालान होने पर 45 दिन से ज्यादा पुराने कोई चालान नहीं होने चाहिए गाय- मदन यादव, उपाध्यक्ष, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन वीओ- 2 राजस्थान के मामले में सबसे ज्यादा परेशानी यह है कि राज्य में 5 हजार से ज्यादा ऐसी बसें चल रही हैं, जिनका पंजीयन बस संचालकों ने बाहरी राज्यों में कराया हुआ है। बस संचालकों का तर्क यह रहता है कि राजस्थान का बसों का मासिक टैक्स अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। इस कारण बड़ी संख्या में बस संचालकों ने अपनी बसें मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य राज्यों में पंजीकृत कराई हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में पंजीकृत करीब 2 हजार बसें राजस्थान के बस संचालकों की हैं। इसी तरह राज्य के बस संचालकों ने अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में करीब 700-700 बसें पंजीकृत करवा रखी हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 600 बसें, दमन और दीव में करीब 300 बसें, बिहार में करीब 400 बसें पंजीकृत कराई हुई हैं। अब जबकि परमिट नियमों को लेकर सख्ती की जाएगी, तो ऐसे में परिवहन विभाग को उम्मीद है कि ये बसें अब राजस्थान में ही पंजीकृत होंगी और राज्य का टैक्स राजस्व बढ़ेगा। वहीं बस संचालकों ने राज्य सरकार से टैक्स दरों में कमी करने की मांग उठाई है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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अहमदाबाद से लौटे युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर दी आत्महत्या

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जांच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |
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राजस्थान की 5 हजार से अधिक बसों के पंजीयन नियम बदले, गृह राज्य से पंजीयन जरूरी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में चल रही 5 हजार से अधिक बसों पर संकट! - अब राजस्थान में कराना होगा पंजीयन?, गृह राज्य से बाहर 60 दिन से ज्यादा नहीं रहेंगी - AITP नियमों में बदलाव, अब बस के अंदर पर्यटकों की सूची रखना होगा जरूरी - पैनिक बटन, जीपीएस सुविधा भी जरूरी जयपुर। बाहरी राज्यों में बसों का पंजीयन कराने के बाद राजस्थान में धड़ल्ले से संचालित हो रही बसों पर अब राज्य सरकार सख्ती करने जा रही है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नए संशोधित नियम जारी हुए हैं। इन नियमों से न केवल एआईटीपी के नाम पर चलने वाली बसों का फर्जीवाड़ा रुकेगा, साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद भी रहेगी। दरअसल केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अखिल भारतीय पर्यटक परमिट यानी एआईटीपी के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए संशोधन नियम 2026 केन्द्र सरकार द्वारा लागू कर दिए गए हैं। इसकी अनुपालना में राजस्थान के परिवहन विभाग ने भी नियमों की पालना कराने को लेकर प्रदेशभर के आरटीओ को निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी आरटीओ को पालना कराने के लिए कहा है। इन निर्देशों में कहा गया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट अब केवल टूरिस्ट वाहनों के लिए ही जारी किया जाएगा। परमिट के लिए आवेदन पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रारूप 1 में निर्धारित फीस के साथ करना होगा। यह आवेदन वाहन के रजिस्ट्रेशन वाले क्षेत्र के आरटीओ को ही करना होगा। बैटरी से चलने वाले अथवा मेथेनॉल या इथेनॉल से चलने वाले पर्यटक वाहनों के लिए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बिना किसी परमिट फीस के भुगतान के जारी किया जाएगा। यानी केन्द्र सरकार ने ई-व्हीकल्स को बढ़ावा देने की भी मुहिम शुरू की है। नियमें में बदलाव क्या-क्या ? - टूरिस्ट परमिट वाहन गृह राज्य से यात्रा शुरू कर वहीं समाप्त करेगा - गृह राज्य के बाहर 60 दिन से ज्यादा अवधि के लिए नहीं रहेगा - समूह में पर्यटकों के परिवहन किया जा सकेगा, स्टेज कैरिज में नहीं चलेगी - यानी रास्ते में जगह-जगह से सवारियां नहीं ले सकेंगी ऐसी बसें - बस में मौजूद सभी पर्यटकों की लिखित या मोबाइल में सूची रखनी होगी - इस सूची में पर्यटक के मूल स्थान और गंतव्य स्थान की सूचना होना जरूरी - पर्यटकों की सूची के अलावा अन्य कोई यात्री बस में नहीं बैठ सकेंगे - ऐसी बसों में जीपीएस/वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाने अनिवार्य होंगे - चालान होने पर 45 दिन से ज्यादा पुराने कोई चालान नहीं होने चाहिए नागालैंड तक पंजीकृत हैं बसें राजस्थान के मामले में सबसे ज्यादा परेशानी यह है कि राज्य में 5 हजार से ज्यादा ऐसी बसें चल रही हैं, जिनका पंजीयन बस संचालकों ने बाहरी राज्यों में कराया हुआ है। बस संचालकों का तर्क यह रहता है कि राजस्थान का बसों का मासिक टैक्स अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। इस कारण बड़ी संख्या में बस संचालकों ने अपनी बसें मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य राज्यों में पंजीकृत कराई हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में पंजीकृत करीब 2 हजार बसें राजस्थान के बस संचालकों की हैं। इसी तरह राज्य के बस संचालकों ने अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में करीब 700-700 बसें पंजीकृत करवा रखी हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 600 बसें, दमन और दीव में करीब 300 बसें, बिहार में करीब 400 बसें पंजीकृत कराई हुई हैं। अब जब परमिट नियमों को लेकर सख्ती की जाएगी, तो ऐसे में परिवहन विभाग को उम्मीद है कि ये बसें अब राजस्थान में ही पंजीकृत होंगी और राज्य का टैक्स राजस्व बढ़ेगा। वहीं बस संचालकों ने राज्य सरकार से टैक्स दरों में कमी करने की मांग उठाई है। बस ऑपरेटर्स की मांग कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मदन यादव कहते हैं कि नए नियमों का हम स्वागत करते हैं। लेकिन राज्य सरकार को राजस्थान के बस संचालकों की इस सोच को भी ध्यान में रखना चाहिए कि आखिर वे दूसरे राज्यों में बस पंजीकरण कराने के लिए मजबूर क्यों हो रहे हैं। राज्य सरकार को पड़ोसी राज्यों से तुलना करते हुए टैक्स की दरों में संशोधन करना चाहिए, जिससे बस संचालकों को भी राहत मिल सके। जिससे कि वे बाहर पंजीयन कराने के बजाय राजस्थान में ही बसों का पंजीयन करवाएं और राज्य सरकार को टैक्स देकर राज्य के आर्थिक विकास में सहभागी बनें।
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अंबाला में पार्किंग विवाद के बाद खूनी हमला; तीन घायल

Ambala, Haryana:अंबाला शहर के जलबेड़ा रोड पर पार्किंग को लेकर हुए विवाद में 2 दुकानदारों का झगड़ा हो गया। जिसमें 3 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायलों का कहना है उनके ऊपर चाकुओं से वार किए गए। पुलिस का कहना है मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है. अंबाला शहर के जलबेड़ा रोड पर आज उस समय हड़कंप मच गया, जब मामूली पार्किंग के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो गुटों के बीच हुई इस झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने समझौते के बहाने बुलाकर उन पर तेज़धार हथियारों और चाकुओं से हमला किया। घटना जलबेड़ा रोड की है, जहाँ पार्किंग को लेकर दो दुकानदारों के बीच कहासुनी शुरू हुई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे मामले को सुलझाने और समझौता करने के लिए गए थे, लेकिन दूसरा पक्ष पहले से ही हथियारों से लैस था। हमलावरों ने आव देखा न ताव और सीधा वार करना शुरू कर दिया। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी MLR कट चुकी है। वहां भी पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। लेकिन दिनदहाड़े शहर के व्यस्त रोड पर हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
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स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर लूट: डिज़ाइन और कीमतों का खेल

Delhi, Delhi:स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर कैसे होती है लूट...डिज़ाइन के नाम पर डराते है स्कूल....मैनुफैक्चरिंग एक फिर अलग-अलग क्यों होते है यूनिफ़ॉर्म के रेट....ज़ी न्यूज़ के ज़रिए समझीये स्कूल यूनिफ़ॉर्म के नाम पर 'लूट का अर्थशास्त्र' देश मे प्राइवेट स्कूलों के मनमानी के खिलाफ जारी ज़ी न्यूज़ की मुहिम में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे साल के दो सीज़न में स्कूल पेरेंट्स को स्कूल की यूनिफ़ॉर्म के नाम पर लूटने में लगे है। ज़ी न्यूज़ की टीम ने यूनिफ़ॉर्म के बनने की शुरुआत से लेकर पेरेंट्स को बेचने की पूरी कड़ी की जब पड़ताल की तो जो सच सामने आया वो बेहद चोकाने वाला था। ज़ी न्यूज़ की टीम देश की सबसे बड़ी यूनिफ़ॉर्म फैक्टरी में पहुंची तो देखा कि कैसे अलग अलग स्कूल अपने ब्रांड और मेटिरियल के नाम पर एक ही साइज़ की अलग अलग कीमत की यूनिफ़ॉर्म बेच रहे है। देश के ज्यादातर बड़े स्कूलों के वेंडर ने ज़ी न्यूज़ को बताया कि कुछ लोगों ने युद्ध की वजह से अपनी कीमत बड़ा दी है। 300 से लेकर 900 रुपए तक बनाकर बेचने वाले GM ऑपेरशन सुशील जोशी का कहना है कि कुछ लोग है जो घटिया क्वालिटी की यूनिफ़ॉर्म बनाकर महँगी बेचते है। जबकि उनके यहां यूनिफार्म का प्राइस उसे बनाने के सभी घटको को जोड़कर 25 प्रतिशत के मुनाफे में बेचते है। प्रमोद शर्मा का फैक्टरी में यूनिफ़ॉर्म बनते हुए दिखाते हुए वॉक थ्रू और सुशील जोशी का टिक टेक लगाए... वही ज़ी न्यूज़ ने मैनुफैक्चरिंग के अलावा नोएडा के स्कूल यूनिफ़ॉर्म के रिटेलर से पूछताछ की तो जो सच रिटेलर ने बताया उसने लूट की इस मोड्स ऑपरेंडी का खुलासा कर दिया। यूनिफार्म की दुकान के मालिक राजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि ज्यादातर स्कूल जानबूझकर नया सीज़न शुरू होने से पहले यूनिफ़ॉर्म के डिज़ाइन या लोगों में एक छोटा सा बदलाव कर देते है और अपने वेंडर के ज़रिए कुछ समय मे ही बनाकर बेचने को कहते है। ताकि उनकी बदल चुकी यूनिफ़ॉर्म की कोई जल्दी से कॉपी नहीं कर सके...लिहाज़ा पेरेंट्स को स्कूल से या स्कूल के वेंडर से यूनिफ़ॉर्म खरीदने का दबाव बनाते है। जिसका खामियाज़ा सीधे तौर पर पेरेंट्स और उन दुकानदारों और होता है जो सस्ती दर पर हर स्कूल की यूनिफ़ॉर्म रखते है। प्रमोद शर्मा का राजिंदर सिंह चौहान के साथ टिक टेक जिस तरीके का सिस्टम यूनिफ़ॉर्म को बेचने को लेकर स्कूल प्रशासन ने बनाया हुआ है उसमें बच्चो के पेरेंट्स का लुटना तय है। अब दोंनो लोग ही स्कूल यूनिफ़ार्म को लेकर सरकार से मांग कर रहे है कि स्कूल यूनिफ़ॉर्म बेचने को लेकर स्कूलों पर लगाम लगानी चाहिए... दोनों की वो बाईट लगाए जिसमे वो सरकार के दखल कर रहे है। ज़ी न्यूज़ की तफ़्तीश में साफ हो गया कि शिक्षा के नाम पर कैसे स्कूल वाले आपदा में अवसर तलाश रहे है।
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रीवा में डंपर ने पिता-पुत्र को कुचला, दोनों की मौके पर मौत

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है… जहां एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार पिता-पुत्र को कुचल दिया… इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई… खास बात ये है कि बेटा अपने पिता को मुंबई जाने के लिए रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था… मामला रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र का है… जहां सकरवट मोड़ के पास यह भीषण हादसा हुआ… जानकारी के मुताबिक सिमरिया थाना क्षेत्र के रुपौली गांव निवासी 55 वर्षीय रामाश्रय साहू अपने रोजगार के लिए मुंबई जाने निकले थे… उनका इकलौता पुत्र मनीष साहू बाइक से उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था… लेकिन रास्ते में ही दोनों काल के गाल में समा गए… बताया जा रहा है कि विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी… टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता-पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई… घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को जब्त कर लिया… वहीं शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है… इस हादसे की सबसे दुखद बात ये है कि मनीष साहू अपने पिता का इकलौता बेटा था… और दोनों एक साथ हादसे का शिकार हो गए… पुलिस के अनुसार सकरवट मोड़ पर सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्र की मृत्यु हुई है… डंपर को जब्त कर लिया गया है… आगे की कार्रवाई की जा रही है… एक ही परिवार के दो लोगों की इस दर्दनाक मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है… फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है…
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मोतीहारी में जहरीली शराब से मौतों के बाद बिहार में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

Patna, Bihar:बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब से चार मौतें हो चुकी हैं और कई अन्य लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. राजनीति शुरू हो चुकी है. तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा. RJD प्रवक्ता ने कहा जहरीली शराब से मौतें पहली बार नहीं. पहले नवादा, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, सिवान में भी मौतें हो चुकी हैं. शराबबंदी फेल है. प्रतिमा कुमारी ने कहा कि सरकार ने मौतों के कारणों को 'अज्ञात' बताकर गलत किया. बीजेपी MLC नवल यादव ने कहा शराबबंदी के बाद लोग जहर पीते हैं; नकली शराब रोकना जरूरी है. JDU MLC भीष्म सहनी ने कहा शराबबंदी है पर मोतिहारी घटना में थाने-थानों की लापरवाही है; संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है.
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छत्तीसगढ़ में एनसीईआरटी के बदले महंगी किताबें, शिक्षा मंत्री ने कड़ाई से कार्रवाई की चेतावनी

Durg, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में स्कूले खुलने वाली है लेकिन स्कूल खुलने के पहले ही निजी स्कूलों की मनमानी शुरू हो चुकी है। एनसीईआरटी की किताबों की जगह निजी पब्लिशर की किताबें 100 गुना ज्यादा दामों में बिक रही हैं। वही किताब जिसका मूल्य ₹50 से 65 रुपए है, 500 से ₹900 में बेची जा रही है। Zee Media ने छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने वाली है। ऐसे में सरकार ने पिछले बार भी आदेश जारी किया था कि एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाए; निजी पब्लिशर की किताबें लेने के लिए लोगों को बाध्य न किया जाए। सत्र चालू होने के पहले यदि इस तरह की बदमाशी सामने आती है तो हम कार्रवाई करेंगे। इतना ही नहीं हमने शिक्षा सचिव को भी आदेशित कर दिया है कि जल्द ही एक आदेश जारी करें और यदि कोई बदमाशी करता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी करें। जो स्कूल की किताबें ₹300 में मिल रही हैं और उसमें हजारों रुपए खर्च कराना ठीक बात नहीं है, आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा.
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संजय टाइगर रिजर्व की बाघिन ने तीन शावकों को जन्म देकर जंगल में नया कुनबा बनाया

Sidhi, Madhya Pradesh:संजय टाइगर रिजर्व से एक बेहद प्रेरणादायक और भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। जिस बाघिन ने बचपन में अपनी माँ को खो दिया था, वही आज खुद तीन शावकों की माँ बनकर जंगल में अपना अलग कुनबा बसा चुकी है। यह कहानी सिर्फ वन्यजीव संरक्षण ही नहीं, बल्कि समर्पण और सफल पुनर्वास की मिसाल भी बन गई है। संजय टाइगर रिजर्व पहले भी “मौसी माँ” बाघिन की कहानी के लिए देशभर में चर्चा में रहा, जहां एक बाघिन ने अपनी बहन के शावकों को पालकर शिकार करना सिखाया था। अब एक और दिलचस्प और प्रेरक कहानी सामने आई है। दरअसल, बाघिन T3 के दो शावकों को दिसंबर 2020 में ब्यौहारी बफर क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। इन्हें बाद में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के एनक्लोजर में रखा गया। करीब एक साल की देखभाल के बाद 2 दिसंबर 2021 को इन्हें फिर से जंगल में छोड़ने की योजना बनाई गई। इस दौरान एक बाघिन को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजा गया, जबकि दूसरी बाघिन को संजय टाइगर रिजर्व के मोहन रेंज में छोड़ा गया, जिसे T32 आईडी दी गई। साल 2022 में बाघिन T32 ने दो शावकों (एक नर और एक मादा) को जन्म दिया, लेकिन 12 मार्च 2023 को उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों शावक पूरी तरह अनाथ हो गए। वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 17 मार्च 2023 को इन शावकों का रेस्क्यू किया और दुबरी टाइगर एनक्लोजर में सुरक्षित रखा। यहां उन्हें शिकार के लिए प्रशिक्षित किया गया और प्राकृतिक माहौल में ढाला गया। जून 2024 में इनमें से मादा बाघ T54 को रेडियो कॉलर लगाकर बस्तुआ क्षेत्र में छोड़ा गया। लगभग दो साल की कड़ी निगरानी और सुरक्षा के बाद यह बाघिन पूरी तरह जंगल में स्थापित हो गई। अब मार्च 2026 में इस बाघिन ने पहली बार तीन शावकों को जन्म दिया है। पोंडी और बस्तुआ क्षेत्र में शावकों की मौजूदगी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह बाघिन अब पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुकी है और जंगल में अपना वंश बढ़ा रही है। बाइट1:संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि वन विभाग की लगातार मॉनिटरिंग, सुरक्षा और सही समय पर किए गए प्रयासों के चलते यह सफलता मिली है। यह वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। अब एक अनाथ शावक से लेकर तीन बच्चों की माँ बनने तक का यह सफर न केवल काबिल-ए-तारीफ है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर सही देखभाल और संरक्षण मिले, तो प्रकृति खुद अपने संतुलन को फिर से स्थापित कर सकती है।
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अरुण साव ने कांग्रेस पर करारी टिप्पणी, टैलेंट हंट से भड़के सवाल

Raipur, Chhattisgarh:उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है....अरुण साव का कहना हैं कि कांग्रेस खत्म हो जाएगी... उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास टैलेंट नहीं हैं इसलिए उसे टैलेंट हंट का आयोजन करना पड़ता है. अरुण साव के निशाने पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग का एक कार्यक्रम कांग्रेस की आवाज, नेशनल टैलेंट हंट था इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस सभी राज्यों में जिला स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक प्रवक्ताओं की नियुक्ति करना चाहती है.... छत्तीसगढ़ में ये कार्यक्रम को 7 नवम्बर को लॉन्च किया... इसमें पर्यवेक्षक बनाकर कांग्रेस के नेताओं को भेजा गया.. इन लोगों ने कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े लोगो का इंटरव्यू किया और उसमें से प्रवक्ताओं को ढूंढने का काम शुरू हुआ. पहले जिला स्तर पर फिर प्रदेश और फिर राष्ट्रीय स्तर पर इंटरव्यू हुए.... छत्तीसगढ़ के कई लोगॉ ने राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने का इंटरव्यू दिया.. लेकिन इंटरव्यू के जरिए चुने गए लोगों की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है.....मामला ठंडे बस्ते में था लेकिन अरुण साव ने इस पर बोलकर मामले को सियासी रूप दे दिया है... उन्होंने इस प्रक्रिया को कांग्रेस में टैलेंट पूल ना होने से जोड़ दिया है....बीजेपी अक्सर फैसलों में देती को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाती रही है.... अरुण साव के बयान इस पर कांग्रेस के संचार विभाग सुशील शुक्ला ने तीखा हमला बोला है... उन्होंने कहा हैं कि जो लोग कांग्रेस से जुड़ना चाहते थे ये उनके लिए कार्यक्रम था….. कांग्रेस लोगों की पार्टी है... जबकि बीजेपी एक कठमुल्ला पार्टी है.... छत्तीसगढ़ में यह कार्यक्रम
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श्योपुर: कांग्रेस विधायक के हज वीजा बयान पर भाजपा का तीखा पलटवार

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के हज के लिए वीजा करने की बात पर श्योपुर भाजपा जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह जाट का पलटवार, भाजपा नेता बोले कांग्रेसियों और बाबू जंडेल को जल्द ही कलमा पढ़ना सीख लेना चाहिए और साथ ही अपना खतना कर लेना चाहिए श्योपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी लगातार तेज होती जा रही है। हाल ही में कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल द्वारा भाजपा पर तंज कसते हुए हज पर जाने के लिए वीजा कराने की बात कही गई थी, जिस पर अब भाजपा की ओर से कड़ा पलटवार सामने आया है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह जाट ने कांग्रेस विधायक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा पूरी तैयारी में है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “हमने इनके लिए सफेद कपड़े भी मंगवा लिए हैं और कांग्रेसियों को पहले कलमा पढ़ना सीख लेना चाहिए, साथ ही अन्य धार्मिक प्रक्रियाएं भी पूरी कर लेनी चाहिए, और साथ खतना भी करा लेना चाहिए उसके बाढ़ वे हमारे पास आ सकते हैं।”उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेता अपने दस्तावेज भाजपा को सौंप दें, उनके वीजा की व्यवस्था कर दी जाएगी। इस बयान के बाद जिले की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर आम जनता और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है, वहीं आने वाले समय में इस बयानबाज़ी के और बढ़ने के आसार भी जताए जा रहे हैं। बाईट - राघवेंद्र सिंह जाट भाजपा नेता श्योपुर बाइट - बाबू जंडेल विधायक श्योपुर
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