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Anurag SinghAnurag SinghFollow21 Dec 2024, 05:59 pm
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प्रतापगढ़ पंचायत चुनाव: तीसरे चरण की वोटिंग एक दिन पहले

Pratapgarh, Rajasthan:राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में पंचायत चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार तीसरे चरण की मतदान अब पहले निर्धारित तारीख से एक दिन पहले होगी। प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी, धमोतर, धरियावद और दलोट पंचायत समितियां तीसरे चरण में शामिल हैं; इन क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए अब 3 नवंबर को मतदान होगा, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए 5 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। पहले यह निर्धारित था कि तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 4 नवंबर और पंच-सरपंच के लिए 6 नवंबर को मतदान होगा। 6 नवंबर को धनतेरस होने के कारण कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया है। चौथे चरण में प्रतापगढ़, अरनोद, पीपलखूंट और सुहागपुरा पंचायत समितियां शामिल रहेंगी और इन क्षेत्रों में 14 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए मतदान होगा, जबकि पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान तथा उसी दिन मतगणना होगी। 8 में से आठ ग्राम पंचायतों के लिए कुल 277 ग्राम पंचायतें, 138 पंचायत समिति वार्ड और 2,203 वार्ड बनाए गए हैं। पूरे जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मल्टी पोस्ट मल्टी वोट मॉडल की ईवीएम और पंच-सरपंच के चयन के लिए बैलेट मतपेटी का उपयोग किया जाएगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है। पंचायत चुनाव four चरणों में होंगे: पहले चरण 23 अक्टूबर, दूसरे चरण 29 अक्टूबर, तीसरे चरण 3 नवंबर और चौथे चरण 14 नवंबर। सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से होगी। आदर्श आचार संहिता 3 अक्टूबर को लागू हो चुकी है। प्रत्याशियों की गतिविधियां तेज होंगी और चुनाव के बाद 25 नवंबर से जिला प्रमुख, 26 नवंबर से उप जिला प्रमुख, 27 नवंबर से प्रधान और 28 नवंबर को उप प्रधान के चुनाव होंगे; प्रदेश के अन्य जिलों में भी जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव इसी क्रम में होंगे।
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राजगढ़ में पहली सर्पदंश मृत्यु रोकथाम कार्यशाला, छात्राएं करेंगी प्रशिक्षण

Alwar, Rajasthan:राजगढ़ में सर्पदंश से होने वाली मौतों की रोकथाम और सांपों के प्रति सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सोमवार को महाविद्यालय में सांपों की पहचान, सुरक्षा, संरक्षण और सर्पदंश से होने वाली मृत्यु की रोकथाम को लेकर सामुदायिक जागरूकता एवं सुरक्षा-सरंक्षण इंटर्नशिप कार्यशाला के लिए एमओयू किया गया। यह एमओयू एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर के पूर्व कुलपति प्रोफेसर कृष्ण कुमार शर्मा और राजकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर आंचल मीणा के बीच हुआ। महाविद्यालय के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत पांचवें सेमेस्टर में अध्ययनरत छात्राओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। कार्यशाला के दौरान छात्राओं को सांपों की विभिन्न प्रजातियों, उनके व्यवहार, सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने के साथ-साथ ग्रामीण और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना है। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह देश में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जिसमें छात्राओं को सर्पदंश मृत्यु रोकथाम के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राचार्या आंचल मीणा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से जनहित याचिका के संदर्भ में सर्पदंश से होने वाली मौतों की रोकथाम और जनजागरूकता को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसी दिशा में राजकीय कन्या महाविद्यालय राजगढ़ ने पहल करते हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है।
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बाढ़ से ध्वस्त पुल ने दो पंचायतों की आवाजाही संकट बना दी, मरम्मत जरूरी

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां दो महीना पहले बाढ़ में चौमुखा सिसवा पुल ध्वस्त हो गया था अब बाढ़ का पानी उतरने के बाद दो पंचायतों के आवागमन पर संकट है ग्रामीणों का कहना है बुलई पुल बाढ़ के दो महीना पहले बना था बाढ़ आई तो पुल ध्वस्त हो गया पुल के गुणवक्ता पर ग्रामीण सवाल उठा रहे है ग्रामीणों का कहना है कि जो पुल का एप्रोच पथ मिट्टी का है वह बाढ़ में नहीं बहा और पुल ध्वस्त हो गया ग्रामीण चाचरी लगाकर पुल से आवागमन कर रहे है ग्रामीणों की मांग है यह पुल एक दर्जन गांवों का लाइफलाइन है प्रशासन इसे जल्द से मरम्मत कराए ताकि आवागमन हो सके
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खूँटी में bandh: ओबीसी-आरक्षण की मांग पर सड़कों पर चक्का जाम

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। खूंटी में बंदी असरदार, सड़कों में पूरी तरह चक्का थमा। पाँच जिलों में पिछड़ी जाति आरक्षण शून्य किये जाने के विरोध में और ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर आज खूँटी जिला पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं पिछड़ी जाति मोर्चा के द्वारा शहर के मुख्य सड़कों को जाम कर दिया गया है। जगह-जगह गाड़ियों को सड़कों पर चेक कर खड़ा कर दिया गया है। पिछड़ा जाति मोर्चा के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। वही खूंटी के भगत सिंह चौक नेताजी चौक हुटार रांची रोड चाईबासा रोड सिमडेगा रोड आदि सड़कों को जाम कर दिया गया है। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गयी है।
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जलपाइगुड़ी में बंदरों का आतंक: घरों में घुसकर नुकसान, स्थानीय लोग सहमे

Jalpaiguri, West Bengal:বাঁদরের উপদ্রবে অতিষ্ঠ জলপাইগুড়িবাসী। সাত সকালেই শহর সংলগ্ন পাতকাটা কলোনি এলাকায় দেখা মিলছে একের পর এক বাঁদরের দলের। শুধু গাছপালায় ঘোরাফেরা নয়, সুযোগ পেলেই বাড়িতে ঢুকে পড়ছে বাঁদরের দল। ঘরের খাবার-দাবার নিয়ে যাওয়ার পাশাপাশি নষ্ট করছে ঘরের বিভিন্ন জিনিসপত্র। এলাকার বাসিন্দাদের অভিযোগ, দীর্ঘ কয়েক বছর ধরেই পাশের চা বাগান থেকে বাঁদরের দল লোকালয়ে ঢুকে পড়ছে। গাছের ফল খেয়ে এলাকায় দাপিয়ে বেড়াচ্ছে তারা। বাড়ির দরজা-জানলা খোলা রাখলেই ঘরে ঢুকে পড়ছে বাঁদর। ফলে বাধ্য হয়ে অধিকাংশ সময় দরজা-জানলা বন্ধ করে রাখতে হচ্ছে বাসিন্দাদের। বাঁদরের অত্যাচারে চরম সমস্যায় পড়েছেন পাতকাটা কলোনি এবং সংলগ্ন এলাকার মানুষজন। শিশু থেকে বয়স্ক, সকলের মধ্যেই তৈরি হয়েছে আতঙ্ক। বারবার সমস্যার কথা জানিয়েও স্থায়ী সমাধান না হওয়ায় ক্ষোভ প্রকাশ করেছেন বাসিন্দারা। সমস্যার সমাধানে বন দফতরের দৃষ্টি আকর্ষণ করেছেন এলাকাবাসী। দ্রুত বাঁদরের দলকে লোকালয় থেকে সরিয়ে দেওয়ার ব্যবস্থা করা হোক, এমনটাই দাবি তাঁদের。
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ISAE सम्मेलन में महिला-नेतृत्व वाली कृषि-तकनीक को बढ़ावा—Sinha की बात

Srinagar, Uttarakhand:Jammu and Kashmir Lieutenant Governor Manoj Sinha on Monday addressed the 60th Annual Convention of the Indian Society of Agricultural Engineers (ISAE), co-hosted by Sher-e-Kashmir University of Agricultural Sciences and Technology (SKUAST), Kashmir. Welcoming the distinguished guests, the Lieutenant Governor congratulated ISAE on completing six decades of service to the nation and praised SKUAST-Kashmir for its pioneering contribution to agricultural education, research and innovation. Sinha highlighted the convention’s themes, “Women-Led Engineering Innovations in Smart Farming” and “AI and Robotics for Gen-Z Farming,” saying they reflect India’s transition from addressing food-security challenges to emerging as a global leader in agriculture. He said Jammu and Kashmir, with its rich agricultural heritage and challenging geographical terrain, provides an appropriate platform for discussions on modern agricultural engineering and technology. Recalling the development of agricultural engineering since ISAE’s establishment in 1960, the Lieutenant Governor said scientists and engineers played a crucial role in the Green Revolution through mechanisation and innovations that helped reduce post-harvest losses. He urged young engineers and scientists to draw inspiration from these achievements while finding solutions to emerging challenges such as climate change, resource scarcity and the need for sustainable agriculture. The Lieutenant Governor also stressed the need to strengthen the role of women in agriculture. He noted that nearly 64 to 76 per cent of the rural female workforce is engaged in farming and allied activities, often without wages or land ownership. Calling for greater support to women innovators, Sinha urged institutions and the private sector to promote women-led start-ups in agricultural technology and establish laboratories, fellowships and incubation platforms to support young women engineers from rural areas. “Women-led start-ups in agricultural technology should receive financing with the same confidence with which any other start-up is provided the necessary support and facilities,” Sinha said. He added that engineering colleges and agricultural universities must actively nurture women innovators and help them reach positions of technological leadership. He said a young woman engineer or scientist from villages in Kishtwar or Kupwara should have access to a credible ecosystem where her idea can be developed into a market-ready product through laboratories, fellowships and incubation platforms.
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सीकर पंचायत चुनाव: भाजपा के जिला परिषद के लिए 62 से अधिक आवेदन मिले

Sikar, Rajasthan:सीकर: पंचायती राज चुनाव को राजनीतिक दलों की सरगर्मियां तेज, सीकर में भाजपा नेताओं ने जिला कार्यकारिणी की बैठक चुनाव को लेकर बनाई रणनीति, जिला परिषद के लिए अब तक आए 62 से ज्यादा आवेदन पंचायती राज चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही सीकर जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने संभावित दावेदारों से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आज सीकर भाजपा कार्यालय में जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव को लेकर पदाधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारियां सौंपी गईं। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हरिराम रणवा सहित पार्टी के पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे। जिला परिषद के 49 वार्डों के लिए भाजपा कार्यालय में आवेदन लिए जा रहे हैं, जबकि पंचायत समिति सदस्यों के आवेदन पंचायत समिति स्तर पर नियुक्त प्रभारियों के माध्यम से लिए जाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ ने बताया कि जिला परिषद के लिए अब तक 62 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और अगले तीन दिन तक आवेदन प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद प्रत्येक वार्ड के लिए प्रदेश स्तर से प्रभारी नियुक्त कर संभावित प्रत्याशियों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट सीधे जयपुर भेजी जाएगी और उसके बाद पार्टी प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों को लेकर बाटड़ ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव में भ्रष्टाचार, सफाई, सड़क, बिजली, पानी और ग्रामीण विकास को प्रमुख मुद्दा बनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत राज संस्थाओं में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है और भाजपा सत्ता में आने पर इसे खत्म करने का काम करेगी। बाटड़ ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य गांवों को आधुनिक और आदर्श गांव के रूप में विकसित करना है। गांवों में बेहतर सड़क, पर्याप्त रोशनी, लाइब्रेरी, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी पंचायत समिति चुनाव में भाजपा की जीत होगी, जबकि जिला परिषद में भी पार्टी मजबूत स्थिति में रहेगी।
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चौथ का बरवाड़ा में ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कांस्टेबल को टक्कर दी, बजरी माफिया पर संदेह

Sawai Madhopur, Rajasthan:चौथ का बरवाड़ा में भेडोला रोड पर आज सुबह करीब 9:00 बजे एक तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर ट्राली ने चौथ का बरवाड़ा कांस्टेबल को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस दौरान ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में एक 85 वर्षीय महिला भी आ गई। दोनों ही घायलों को चौथ का बरवाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया है। जहां से दोनों को ही सवाई माधोपुर के लिए रेफर कर दिया गया। अभी तक ट्रैक्टर चालक का कोई पता नहीं लग पाया है लेकिन बताया जा रहा है कि यह किसी बजरी माफिया का ही ट्रैक्टर ट्राली था। जो कि अवैध खनन का कार्य करते हैं। जानकारी के अनुसार सुबह 9:00 बजे पुलिस कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार भेडोला मार्ग पर लाल माता मंदिर के पास अपनी गाड़ी खड़ा कर पेशाब करने उतरा था। जब वह वापसी गाड़ी की ओर जा रहा था। तब ही उसे देखकर ट्रैक्टर चालक ने तेज गति से ट्रैक्टर निकलना चाहा। जिसके चलते पुलिस कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार का पांव ट्रैक्टर ट्राली के नीचे आ गया। इसके साथ ही पास से गुजर रही एक महिला जुमी पत्नी अलादीन भी इसकी चपेट में आ गई। जिसके चलते वह भी घायल हो गई। दोनों को पुलिस की गाड़ी में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौथ का बरवाड़ा लाया गया मुझे रेफर कर दिया गया है। दूसरी ओर घटना से पूरा इलाका स्तब्ध है। लोगों ने बताया कि बजरी का अवैध खनन करने वाले लोग बेखोफ हो रहे हैं। मामले को लेकर थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक उनके पास इस मामले को लेकर जानकारी नहीं आई है।
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