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Anil KumarAnil KumarFollow9 Dec 2024, 01:48 pm
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रींगस में जमीनी विवाद के बीच फायरिंग, बलराम नेहरा घायल, 14 लोग राउंडअप

Sikar, Rajasthan:सीकर जिले के रींगस थाना क्षेत्र के चौमू पुरोहितान गांव में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान हुई फायरिंग में देशी बंदूक का छर्रा लगने से बलराम नेहरा घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर रींगस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। थानाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांव की विवादित जमीन के अन्य खातेदार भागचंद और भंवर सिंह ने उक्त भूमि मोहनी बावरिया को इजारे पर दी थी। इसी जमीन पर कब्जा लेने के लिए बावरिया समाज के महिला-पुरुष मौके पर पहुंचे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और फायरिंग हो गई। फायरिंग में देशी बंदूक का छर्रा लगने से बलराम नेहरा घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही रींगस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बावरिया समाज की 13 महिलाओं और एक पुरुष सहित कुल 14 लोगों को राउंडअप किया है। मामले की जांच जारी है तथा घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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अलवर में आधे घंटे की बारिश ने प्रशासन की पोल खोल दी; शहर जलमग्न

Alwar, Rajasthan:अलवर में आधे घंटे की बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, शहर जलमग्न अलवर शहर में बुधवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। महज आधे घंटे की तेज बारिश के बाद ही शहर के प्रमुख बाजार और सड़कें जलमग्न हो गईं। घंटाघर, होप सर्कस, चूड़ी मार्केट, त्रिपोलिया, बस स्टैंड, अशोक टॉकीज और एसएमडी चौराहा सहित कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया। नालों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी और कचरा सड़कों पर फैल गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई, जबकि कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और गड्ढों में पानी भरने से वाहन फंसते रहे। दिनभर उमस से परेशान लोगों को शाम करीब 5 बजे बादल छाने के साथ बारिश की उम्मीद थी। शाम 6 बजे शुरू हुई बारिश करीब 7 बजे तक जारी रही और इस दौरान आकाशीय बिजली भी चमकती रही। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी रुक-रुक कर बारिश हुई थी, लेकिन बुधवार सुबह धूप निकलने से उमस फिर बढ़ गई थी। शहर में पहले से खोदी गई सड़कों को ठीक से नहीं भरे जाने के कारण हालात और बिगड़ गए। स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नालों की सफाई, जल निकासी और सड़क मरम्मत के दावों की बारिश ने पूरी तरह पोल खोल दी है। लगातार हो रहे जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कें अब आमजन के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही हैं।
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पाटनपोल में इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा, बरसात की आस बढ़ी

Kota, Rajasthan:इंद्रदेव को मनाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना पाटनपोल क्षेत्र में निकाले गए गढ़े भैरूजी, बारिश की कामना को लेकर अनुष्ठान बरसात होने तक अखंड ज्योत और प्रतिदिन होगी पूजा, वर्षों पुरानी परंपरा निभाई गई कोटा में अच्छी बारिश की कामना की लेकर शहर के पाटनपोल क्षेत्र में इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान परंपरा के अनुसार गढ़े भैरूजी को बाहर निकाला गया और विधि-विधान से पूजा कर वर्षा की प्रार्थना की गई। यह विशेष धार्मिक अनुष्ठान कोटा नगर निगम की ओर से वर्षों से आयोजित किया जाता रहा है। मान्यता है कि जब बारिश में देरी होती है तो इंद्रदेव को मनाने के लिए गढ़े भैरूजी की पूजा-अर्चना की जाती है, ताकि क्षेत्र में अच्छी वर्षा हो और लोगों को राहत मिल सके। इस वर्ष भी परंपरा का निर्वहन करते हुए पूर्व पार्षद महेश गौतम 'लल्ली' के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। अनुष्ठान के दौरान बारिश की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की गई। ऐयोजकों ने बताया कि जब तक अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और अखंड ज्योत भी लगातार प्रज्वलित रखी जाएगी। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए और सभी ने इंद्रदेव से प्रदेश में अच्छी वर्षा की कामना की। कैसे होता है परकोटा क्षेत्र में यह विशेष आयोजन किया जाता है
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कटोया नगर निगम ने घर-घर कचरा पृथक्करण योजना शुरू कर दी; दो रंग डिब्बे वितرित

Katwa, West Bengal:রাস্তায় বর্জ্য পদার্থ ফেলে পরিবেশ দূষণ করলে জরিমানার মুখে পড়তে হবে শ নাগরিকদের জানালেন পুরসভার নির্বাহী আধিকারিক চাঞ্চল কুমার মণ্ডল। শহরকে পরিচ্ছন্ন,স্বাস্থ্যকর সহ পরিবেশবান্ধব গড়ে তুলতে উদ্যোগী হল কাটোয়া পুরসভা। বুধবার কাটোয়ার পুর এলাকার ১৬ নম্বর ওয়ার্ডের কাশীরাম দাস পল্লী থেকে আনুষ্ঠানিক ভাবে শুরু হলো বাড়ি বাড়ি বিনামূল্যে বর্জ্য পৃথীকরণের বালতি বিতরণ।লিফলেট বিলির মধ্যে চলল সচেতনতামূলক প্রচার কর্মসূচি। এই প্রকল্পের আওতায় প্রতিটি পরিবারকে পচনশীল ও অপচনশীল বর্জ্য আলাদা করে রাখার জন্য দুটি পৃথক রঙের বালতি দেওয়া হচ্ছে। পাশাপাশি প্রতিটি বাড়িতে বর্জ্য ব্যবস্থাপনা সংক্রান্ত সচেতনতা পোস্টারও লাগানো হচ্ছে।পুরসভা সূত্রে জানা gিয়েছে, কাটোয়া শহরের প্রায় ২০ থেকে ২৫ হাজার হোল্ডিংয়ের পরিবারকে ধাপে ধাপে প্রকল্পের আওতায় আনা হবে। বাড়ির বর্জ্য পৃথীকরণের অভ্যাস গড়ে তুলে বৈজ্ঞানিক পদ্ধতিতে বর্জ্য সংগ্রহ ও নিষ্পত্তি নিশ্চিত করার লক্ষ্যে সচেতনতা প্রচার চলবে বলে পুরসভার আধিকারিকরা জানান।পুরকর্মীরা বাড়ি বাড়ি গিয়ে বাসিন্দাদের বোঝাচ্ছেন কোন বর্জ্য সবুজ বালতিতে এবং কোন বর্জ্য নীল বালতিতে ফেলতে হবে। কর্মীদের দাবি, এই ব্যবস্থা কার্যকর হলে পরিবেশ দূষণ কমবে, পরিচ্ছন্নতা বজায় থাকবে এবং ডেঙ্গু, ম্যালেরিয়া, ডায়রিয়ার মতো বিভিন্ন রোগের ঝুঁকিও অনেকটাই হ্রাস পাবে।কাশীরাম দাস পল্লী থেকে শুরু হওয়া এই কর্মসূচি ধাপে ধাপে কাটোয়া পুরসভার সমস্ত ওয়ার্ডে সম্প্রসারিত করা হবে বলে জানানো হয়েছে।পরিচ্ছন্ন শহর গড়ার এই উদ্যোগকে স্বাগত জানিয়েছেন স্থানীয় বাসিন্দারা। তাঁদের আশা, নাগরিকদের সক্রিয় অংশগ্রহণে কাটোয়া আরও পরিচ্ছন্ন ও সুস্থ শহরে পরিণত হবে。
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बाढ़ में बांस का पुल बह गया, बच्चे स्कूल पहुंचने को मजबूर

Jalpaiguri, West Bengal:বাঁশের সাঁকো ভেঙে বিপাকে স্কুলপড়ুয়ারা, ভরসা এখন কলাগাছের ভেলা。 বন্যার তীব্র স্রোতে ভেসে গেল গ্রামবাসীদের নিজেদের উদ্যোগে তৈরি বাঁশের সাঁকো। এর ফলে জলপাইগুড়ি জেলার ময়নাগুড়ি ব্লকের বার্নিশ অঞ্চলের মাঝারবাড়ি ও বাইসাবাড়ি এলাকায় চরম যোগাযোগ সংকট দেখা দিয়েছে। সবচেয়ে বড় বিপদের মুখে পড়েছেন স্থানীয় পুটিমারি হরেন্দ্রনাথ প্রাইমারি স্কুলের ছোট ছোট পড়ুয়ারা। বিদ্যালয়ের দূরত্ব মাত্র ৫০০ মিটার হলেও যোগাযোগ মাধ্যম না থাকায় তাদের প্রায় ৩ কিলোমিটার পথ ঘুরতে হচ্ছে。 ব্লক প্রশাসন বা পঞ্চায়েতের সাহায্য না পেয়ে গ্রামবাসীরা নিজ দায়িত্বে চাঁদা তুলে একটি বাঁশের সাঁকো তৈরি করেছিলেন। কিন্তু সাম্প্রতিক দাপটে সেই sাঁকোটিও জলর তোড়ে ভাসে যায়। অনপ্ত রাস্তা না থাকায় প্রায় ৩০টি পরিবারের শিশুুরা প্রাণ হাতে নিয়ে স্থানীয় ভাষায় 'ভুরা' বা কলাগাছের ভেলা তৈরি করে স্কুলের দিকে যাতায়াত করছেন। যেকোনো মুহূর্তে বড় ধরণের দুর্ঘটনার আশঙ্কা করছেন অভিভাবকরা। স্থানীয়দের ক্ষোভ ও প্রশাসনের ভূমিকা দীর্ঘদিন ধরে এই সমস্যার স্থায়ী সমাধানের আর্জি জানালেও ব্লক প্রশাসনের পক্ষ থেকে কোনো ইতিবাচক পদক্ষেপ নেওয়া হয়নি বলে অভিযোগ তুলেছেন এলাকাবাসী। ক্ষুব্ধ সাধারণ মানুষের হুঁশিয়ারি দিয়েছেন, যদি দ্রুত যাতায়াতের ব্যবস্থা না করা হয় তাহলে তাঁরা আগামী দিনে বৃহত্তর আন্দোলনে নামতে বাধ্য হবেন。 সংবাদমাধ্যমের পক্ষ থেকে ময়নাগুড়ির ব্লক সমষ্টি উন্নয়ন আধিকারিক (বিডিও) সৌমেন দাসকে ফোন করা হলে তিনি বলেন, পুরো বিষয়টি খতিয়ে দেখে উদ্বোধন কর্তৃপক্ষকে জানানো হবে। রিপোর্ট :- প্রদ্যুত দাস ( জলপাইগুড়ি )
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Aimim प्रवक्ता शादाब चौहान: न्यायपालिका पर भरोसा, एसआईटी रिपोर्ट संभव निष्पक्षता

Moradabad, Uttar Pradesh:संभल हिंसा की न्यायिक रिपोर्ट पर Aimim प्रवक्ता शादाब चौहान का बयान, बोले हमें देश की न्यायपालिका पर भरोसा, बहुत सी एसआईटी के गठन होते है उसमे सरकार के ही लोग शामिल होते है......क्या रिपोर्ट आयी और किस आधार पर उन्होंने बनाई ये तो पूरी प्रक्रिया जाँच का विषय है। वहीँ सरकार पर लगाया भेदभाव करने का आरोप। संभल दंगों की एसआईटी रिपोर्ट पर बोलते हुए Aimim प्रवक्ता शादाब चौहान का कहना है की..... संभल के दंगों की एसआईटी की रिपोर्ट आयी, हमें विश्वास है जब ये मामला अदालत जायेगा तो न्याय पालिका न्याय करेंगी..... कोई भी बेगुनाह सजा नहीं पायेगा और कोई गुन्हेगार कोई बच नहीं पायेगा..... चाहे वो किसी भी स्तर का व्यक्ति हो, हमें अपने देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है, न्यायपालिका ही सर्वोपरि है चाहे जो भी फैसला आये, बहुत सी एसआईटी के गठन होते है उसमे सरकार के ही लोग शामिल होते है, क्या रिपोर्ट आयी और किस आधार पर उन्होंने बनाई ये तो पूरी प्रक्रिया जाँच का विषय है, सरकारों का क्या क्या रवैया है ये तो सबके सामने जग जाहिर है, सरकार कैसे भेदभाव करती है सब जग जाहिर है, इस विषय के सम्बंध मे न्यायपालिका का जो भी फैसला आयेगा हम उसको स्वीकार करेंगे, न्यायिक प्रक्रिया मे जो भी संभव होगा वो कार्य किया जायेगा。
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नूंह में कावड़ मार्ग सुरक्षा के लिए पुलिस ने कड़ा इंतजाम किया

Nuh, Haryana:नूंह में कावड़ यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट, एसपी डॉ. अर्पित जैन ने किया कावड़ रूट का निरीक्षण。 कावड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से नूंह पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने स्वयं जिले से गुजरने वाले कावड़ मार्ग का निरीक्षण किया और विभिन्न कावड़ शिविरों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया, पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा कावड़ियों के लिए लगाए गए शिविरों में पेयजल, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए。 पुलिस के अनुसार 30 जुलाई से 11 अगस्त तक कावड़ यात्रा के दौरान जिले में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। कावड़ियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न पीसीआर, राइडर और करीब 250 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है。 ये जवान थाना रोजका मेव, नूंह सदर, नूंह शहर, आकेड़ा, नगीना, फिरोजपुर झिरका सदर व शहर, पिनगवां, पुनहाना शहर, पुनहाना सदर, तावडू शहर और तावडू सदर सहित प्रमुख चौराहों, डिवाइडिंग रोड और संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष पुलिस बल लगाया गया है。 पूरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी डीएसपी अभिमन्यु लोहान, डीएसपी सुरेंद्र कौर और डीएसपी हरदीप सिंह के नेतृत्व में की जा रही है。 पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और पुलिस टीम पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है।
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54 फुट लंबी कांवड़ में 54 किलो चांदी, 600 शिवभक्त देवघर के लिए रवाना

Munger, Bihar:54 फीट लंबी और 54 किलो चांदी से सजी कांवड़... बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर निकला 600 शिवभक्तों का जत्था मुंगेर: श्रावणी मेले के अवसर पर असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर बाबा बैधनाथ की जय-जयकार करते हुए भक्त जा रहे हैं। पटना सिटी से विशाल शिव धारी कांवड़िया संघ के 600  से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था 54 फीट की आकर्षक कांवड़ लेकर अजगैबीनाथ धाम से देवघर के लिए रवाना हुआ। भक्तों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ नाचते-गाते, ढोल-नगाड़ों की गूंज और बोल बम के नारों के साथ माहौल को भक्तिमय कर दिया है। कांवड़ की सबसे खास बात इसकी लंबाई और उसमें इस्तेमाल की गई चांदी है। कांवड़ 54 फीट लंबी है और इसमें  54 किलो चांदी का उपयोग किया गया है।इस कावड़ में बाबा बैधनाथ मंदिर और महागौरी मंदिर की खूबसूरत कलाकृति भी तैयार की गई है, जिसने देखने वालों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। संघ के सदस्यों का कहना है कि बैधनाथ धाम में दोनों मंदिरों के बीच की दूरी 54 फीट है, इसीलिए कांवड़ भी 54 फीट लंबी बनाई गई है।विशाल शिवधारी संघ के सदस्य मनीष कुमार ने बताया कि साल 2008 से वे हर साल इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। उनका मकसद है कि शिवभक्ति के इस उत्सव को न केवल भव्य बनाया जाए, बल्कि श्रद्धालुओं को एकजुट कर बाबा की आराधना की जाए। संघ के एक सदस्य ने बताया कि, "हम हर साल इसी श्रद्धा और उमंग से निकलते हैं। यह सिर्फ यात्रा नहीं, बाबा के प्रति हमारी आस्था और सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन है।" श्रद्धालुओं का कहना है कि वे 54 घंटे में देवघर स्थित बाबा बैधनाथ धाम पहुंच जाते हैं। यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालु नियम और अनुशासन का पालन करते हैं। भोजन, विश्राम और भजन-कीर्तन की पूरी व्यवस्था संघ की ओर से की जाती है। सुल्तानगंज अजगैबीनाथ धाम से यात्रा की शुरुआत हुई है। जहां श्रद्धालुओं ने पहले गंगाजल भरा और फिर सामूहिक रूप से जयकारे लगाते हुए कांवड़ उठाया। गंगाजल लेकर नंगे पांव, केसरिया वस्त्रों में, सिर पर रुद्राक्ष की माला और भस्म लगाए श्रद्धालुओं की टोली पूरे रास्ते में शिवभक्ति का रंग घोल रही है।
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किसानों का जोरदार धरना, माधोटांडा बिजलीघर के जेई को हटाने की मांग।

FKFirasat KhanFollow8m ago
Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर,भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले मंगलवार को पूरनपुर ब्लाक के किसानों ने विद्युत अभियन्ता कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लाक अध्यक्ष पवन कुमार वर्मा ने किया। इस दौरान किसानों ने माधोटांडा विद्युत वितरण खण्ड में तैनात जेई गजेंद्र पाल को तत्काल हटाकर उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग को लेकर अधिशासी अभियन्ता को ज्ञापन सौंपा।धरनास्थल पर आयोजित किसान सभा को संबोधित करते हुए ब्लाक अध्यक्ष पवन कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि माधोटांडा बिजलीघर में तैनात जेई गजेंद्र पाल ट्यूबवेल कनेक्शन के आवेदन पर किसानों से सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं। जिन किसानों द्वारा पैसा नहीं दिया जा रहा है, उनकी फाइलें महीनों से लंबित पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कई किसान छह माह से अधिक समय से ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन जेई अपनी हठधर्मिता के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इससे किसानों की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है।पवन वर्मा ने बताया कि पूर्व में भी किसानों ने जेई को माधोटांडा बिजलीघर से हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया था। उस समय उच्च अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया था और उपखंड कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर किसानों में आक्रोश है।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल जेई को प्रभाव से हटाकर विभागीय कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस अवसर पर सर्वेश कुमार वर्मा, बालकराम वर्मा, बूटा सिंह, महिला प्रकोष्ठ की सदर तहसील अध्यक्ष रेश्मा वर्मा, बलजीत सिंह चीमा, निर्मल सिंह, सोनी सिंह, ब्रजेश कुमार पाल, आनंद कुमार, रामरतन लाल पासवान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।ज्ञापन में किसानों ने मांग की है कि भ्रष्टाचार में लिप्त जेई को तुरंत हटाकर पारदर्शी तरीके से लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएं, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके।
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बंध बरेठा सेंचुरी विस्तार के विरोध में महापंचायत, 12 अगस्त ताली में निर्णय

Karauli, Rajasthan:बंधन बरेठा सेंचुरी में वन खंडों को शामिल करने के विरोध में महापंचायत का आयोजन, जिला करौली एंकर इंट्रो- मासलपुर क्षेत्र के चार वन खंडों को बंध बरेठा सेंचुरी में शामिल किए जाने के विरोध में सागर की पाल पर आयोजित महापंचायत में ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 अगस्त को ताली गांव में फिर महापंचायत होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के साथ बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सेंचुरी विस्तार से क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित होंगे और स्थानीय लोगों के सामने विस्थापन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों का मुद्दा है, इसलिए सभी समाजों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 अगस्त को ताली गांव में करौली, धौलपुर और भरतपुर जिले के लोगों की महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर मासलपुर, करौली या जयपुर कूच की रणनीति बनाई जाएगी। आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक गांव में समितियां गठित करने और कानूनी व लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का भी निर्णय लिया गया। आंदोलन के संचालन की जिम्मेदारी ताली गांव के पंच-पटेलों को सौंपी गई। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 में भरतपुर की बंध बरेठा सेंचुरी के विस्तार के दौरान मासलपुर के जमूरा टमकोली, ताली पहाड़, बांसवाड़ी और मेवला वन खंडों को इसमें शामिल किया गया था। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से पहले न तो ग्राम सभाओं से प्रस्ताव लिया गया और न ही स्थानीय लोगों से राय ली गई, जिसके कारण क्षेत्र में लगातार विरोध बना हुआ है। महापंचायत में सतवीर सिंह चंदीला, सुनीता बैसला, अशोक सिंह धावाई, प्रहलाद खटाना सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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