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BSBhupendra Singh Verma Follow25 Jun 2024, 11:44 am
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लिटिल एंजेल्स स्कूल के एन सी सी कैडेट्स ने ‘टीवी मुक्त भारत अभियान’ का किया प्रभावशाली संचालन।

FKFirasat KhanFollowJust now
Gulria M.Khata, Uttar Pradesh:पूरनपुर,,,अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए लिटिल एंजेल्स स्कूल के 48 एन सी सी कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ ‘टीवी मुक्त भारत अभियान’ में सक्रिय सहभागिता निभाई।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को अत्यधिक टेलीविजन देखने से स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कैडेट्स ने बताया कि आवश्यकता से अधिक टीवी देखने से शारीरिक गतिविधियाँ कम हो जाती हैं, आँखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, पढ़ाई में एकाग्रता घटती है तथा बिजली की अनावश्यक खपत बढ़ने से पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।अभियान के दौरान कैडेट्स ने जागरूकता बढ़ाने के लिए आकर्षक पोस्टर, बैनर एवं प्रभावशाली स्लोगन तैयार किए। उन्होंने “पढ़ें, खेलें और प्रकृति से जुड़ें – टीवी को कहें अलविदा” तथा “कम टीवी, बेहतर जीवन” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे अपना खाली समय टीवी देखने के बजाय पुस्तकें पढ़ने, आउटडोर खेलों में भाग लेने, अपनी रुचियों एवं रचनात्मक गतिविधियों को विकसित करने तथा परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने में लगाएँ। विद्यालय के निदेशक डॉ. संजीव अग्रवाल, जिन्होंने इस अभियान में एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के रूप में भी सहभागिता की, ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए लंबे समय तक टीवी देखने के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अत्यधिक टीवी देखने से मोटापा, दृष्टि संबंधी समस्याएँ, नींद में बाधा तथा मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने सभी से स्क्रीन टाइम सीमित रखने, नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनाने तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।lएनसीसी सीटीओ सुश्री मोनिका बिष्ट ने पूरे अभियान के दौरान कैडेट्स का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा, “एन सी सी का उद्देश्य केवल अनुशासित नागरिक बनाना ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा की भावना विकसित करना भी है। मेरे कैडेट्स ने अनुशासन और समर्पण के साथ यह सिद्ध किया है कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।” विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री एन. सी. पाठक ने कैडेट्स एवं विद्यालय के निदेशक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की जन-जागरूकता पहलें न केवल समाज को सकारात्मक संदेश देती हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का भी विकास करती हैं।कार्यक्रम के समापन पर सभी एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकगण एवं विद्यालय के कर्मचारियों ने टीवी देखने का समय कम करने तथा स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवनशैली को अपनाने एवं उसके प्रति समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।
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SC signal relief in FIRs for protesters

Noida, Uttar Pradesh:छात्र आंदोलन: किसे मिलेगी FIR से राहत, किसे नहीं? SC की सुनवाई आसान भाषा में समझिए जंतर-मंतर और देश के दूसरे हिस्सों में विरोध प्रदर्शन में शामिल ऐसे लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत की खबर है, जिनके खिलाफ पहले से कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। हालांकि, जिन लोगों के खिलाफ पहले से संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज हैं और जिन्होंने छात्रों के प्रदर्शन की आड़ में हिंसा की है, उन्हें फिलहाल कानूनी राहत मिलने की संभावना नहीं है। राज्य केस बंद या वापस ले सकते हैं-SC सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि दिल्ली समेत उन सभी राज्यों में, जहां विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, राज्य सरकारें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को बंद कर सकती हैं या मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया अपना सकती हैं। कोर्ट ने साफ किया कि उसका पिछला आदेश राज्यों के लिए बाधा नहीं बनेगा। आपराधिक पृष्ठभूमि का क्या मतलब’! सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके पिछले आदेश में 'आपराधिक पृष्ठभूमि' से आशय केवल उन लोगों से है, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर धाराओं(रेप मर्डर आदि) के आरोप रहे हैं। इसका मतलब यह है कि केवल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने या ड्राइविंग में लापरवाही जैसे छोटे मामलों में पहले से FIR दर्ज होने से किसी व्यक्ति को इस केटेगरी में नहीं माना जाएगा। ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। सरकार अपने वादे पर कायम केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि वह छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने के अपने वादे पर कायम है। हालांकि, कानून के तहत यह किस प्रक्रिया से होगा, इस पर काम किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि आंदोलन के प्रतिनिधि और उनके वकील उसके साथ बैठकर इस पर सहमति बनाएं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कानून में सीधे FIR वापस लेने का प्रावधान नहीं है। इसके बजाय पुलिस क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर सकती है, सरकारी वकील अदालत से अभियोजन वापस लेने की अनुमति मांग सकते हैं या अदालत स्वयं FIR को रद्द कर सकती है। गंभीर आपराधिक मामलों वालों को राहत नहीं तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों का कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उनके खिलाफ दर्ज मामलों के समाधान के लिए सरकार तैयार है। लेकिन गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि केवल जंतर-मंतर के प्रदर्शन में ही करीब 2,738 ऐसे लोग हैं, जिनके खिलाफ बलात्कार, हत्या जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस मुद्दे को लगातार जीवित रखना चाहते हैं, इसलिए सरकार को कानूनी प्रक्रिया में सावधानी बरतनी होगी। याचिकाकर्ताओं की दलील और कोर्ट का रुख वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने कहा कि यदि हर छात्र के मामले में अलग-अलग मुकदमा वापस लेने की अर्जी दी जाएगी तो यह प्रक्रिया लंबी, जटिल और समय लेने वाली होगी। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कुछ दिन का समय मांगा और कहा कि सरकार सभी FIR का विवरण अदालत के सामने रखेगी। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि कोर्ट ऐसी कानूनी प्रक्रिया तैयार करने में मदद कर सकती है, जिससे FIR को व्यवस्थित तरीके से समाप्त किया जा सके। 18 अगस्त की सुनवाई अहम अब 18 अगस्त को होने वाली सुनवाई में यह उम्मीद की जा रही है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने का कोई स्पष्ट रास्ता निकल सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि न तो प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारियों को बख्शा जाएगा और न ही प्रदर्शन की आड़ में हिंसा करने वाले आपराधिक तत्वों को।
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जहानाबाद में पानी की घोर किल्लत: महिलाओं ने NH-33 जाम कर दिया

Jehanabad, Bihar:खबर जहानाबाद से है जहां नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-09 में पिछले एक महीने से चल रही पानी की घोर किल्लत से तंग आकर आज स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और नगर थाना क्षेत्र के काको रोड स्थित आदर्श कॉलोनी के समीप आक्रोशित महिलाओं ने पानी के खाली डिब्बे और बाल्टियां लेकर NH-33 को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण highway के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे महिलाओं ने बताया कि पिछले एक महीने से उनके इलाके में नल-जल योजना के तहत पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। भीषण गर्मी में मोहल्ले के चापाकल भी पहले ही जवाब दे चुके हैं। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। मजबूरन दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का दर्द है कि आस-पास के अन्य मोहल्लों से पानी मांगने पर अब लोग भला-बुरा कहने लगे हैं और उन्होंने पानी देना भी बंद कर दिया है। पीने के लिए लोग बाजार से महंगी बोतलें खरीदने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि रोज-रोज पानी खरीदकर पी सकें। पानी न होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और गंदे में ही रह रहे हैं। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार नगर परिषद और पीएचईडी के आला अधिकारियों से लिखित एवं मौखिक शिकायतें कीं। जिसके बाद आश्वासन दिया गया था कि चार दिनों में ठीक करा दिया जाएगा लेकिन आज 10 दिन हो गए इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सुध नहीं ली गई। थक-हारकर आखिरकार उन्हें सड़क पर उतरने का कड़ा फैसला लेना पड़ा। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक जलापूर्ति बहाल नहीं होती, वे जाम नहीं हटाएंगे। वही सड़क जाम की वजह से कई एम्बुलेंस और स्कूल बसें भी फंसी रहीं। जाम में फंसे एक स्कूली बच्चे ने रुआंसे स्वर में बताया कि वह स्कूल की छुट्टी होने के बाद पिछले एक घंटे से स्कूल वैन में फंसा हुआ है। उमस भरी गर्मी के कारण वह बेहाल है और उसे जोरों की भूख-प्यास लगी है। इधर घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराने की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक स्थानीय नागरिक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं。
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मुरादाबाद कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण पर स्टे जारी रखा

Noida, Uttar Pradesh:जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी बड़ी खबर, कमिश्नर कोर्ट में आज की सुनवाई पूरी हुई. कमिश्नर मुरादाबाद की कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के स्टे आदेश को आगे भी कंटिन्यू रखा, जब तक मामला कोर्ट में सुनवाई रहेगा तब तक मामले में स्टे रहेगा. दोनों पक्षों की तरफ से कोर्ट में किए गए अपने तर्क, दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जमकर तीखी बहस. Zee मीडिया संवाददाता ने जौहर ट्रस्ट की तरफ से कमिश्नर मुरादाबाद की कोर्ट में केस लड़ रहे अधिवक्ता जुनेद एहजाज से एक्सक्लूसिव बातचीत की; अधिवक्ता बोले हमने अपना पक्ष रखा।
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फिरोज़पुर पुलिस ने 17 करोड़ की हिरोइन के साथ आरोपी गिरफ्तार, ड्रग नेटवर्क ध्वस्त

Firozpur, Punjab:सरहद्द ਪਾਰ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਸਮਗਲਿੰਗ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਮਿਲੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਕਾਮਯਾਬੀ 17 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਮੁੱਲ ਦੀ 3 ਕਿਲੋ 540 ਗ੍ਰਾਮ ਹੀਰੋਇਨ ਸਣੇ ਇੱਕ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਕਾਬੂ, ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ 20 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਮੁੱਲ ਦੀ ਹੈਰੋਇਨ ਦੇ ਕੇਸ ਵਿੱਚ ਭਗੌੜਾ ਸੀ ਫੜਿਆ ਗਿਆ ਉਕਤ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਤਿੰਨ ਤੋਂ ਚਾਰ ਹੋਰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਤਸਕਰਾਂ ਦੀ ਹੋਈ ਪਛਾਣ ਜਲਦ ਹੀ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕਰਨ ਦਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਦਾਅਵਾ ਨਸ਼ੇ ਦੀ ਚੇਲ ਨੂੰ ਤੋੜਨ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਮੰਦ ਹੀ ਹੈ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ Vo = ਨਸ਼া ਤਸਕਰਾਂ ਖਿਲਾਫ ਫਿਰੋਜਪੁਰ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ ਹਾਸਿਲ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ ਫਿਰੋਜਪੁਰ ਪੁਲਿਸ ਨੇ 17 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਹੈਰੋਇਨ ਅਤੇ ਨਜਾਇਜ਼ ਦੇ ਹਥਿਆਰਾਂ ਸਣੇ ਇੱਕ ਆਰੋਪੀ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਸਫਲਤਾ ਹਾਸਿਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਸ ਬਾਬਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਐਸਐਸਪੀ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਉਸ ਟਾਈਮ ਮਿਲੀ ਸੀ ਕਿ ਇੱਕ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰ ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਹੈਰੋਇਨ ਦੇ ਮੁਕਦਮੇ ਵਿੱਚ ਵਾਂਟਿਡ ਸੀ ਉਹ ਫਿਰ ਤੋਂ ਹੈਰੋਇਨ ਦੀ ਖੇਪ ਲੈ ਕੇ ਅੱਗੇ ਸਪਲਾਈ ਕਰਨ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜਿਸ ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਟੀਮਾਂ ਵੱਲੋਂ ਨਾਕਾਬੰਦੀ ਕਰਕੇ ਆਰੋਪੀ ਨੂੰ 17 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਕਰੀਬ ਮੁੱਲ ਦੀ 3 ਕਿਲੋ 540 ਗ੍ਰਾਮ ਹੈਰੋਇਨ ਸਨੀ ਗਿਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਜਦ ਤੁਸੀਂ ਤਲਾਸ਼ੀ ਲਈ ਗਈ ਤਾਂ ਉਸ ਕੋਲੋਂ ਦੋ ਨਜਾਇਜ਼ ਪਿਸਟਲ ਵੀ ਬਰਾਮਦ ਹੋਏ ਅਤੇ ਦੋ ਮੋਬਾਈਲ ਫੋਨ ਵੀ ਉਸ ਕੋਲ ਬਰਾਮਦ ਹੋਏ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਬੈਠੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਦਾ ਸੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਆਸ ਪਾਸ ਦੇ ਸਟੇਟਾਂ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰਾਂ ਦਾ ਸੰਪਰਕ ਕਰਕੇ ਹੈਰੋਇਨ ਦੀ ਖੇਪ ਅੱਗੇ ਸਪਲਾਈ ਕਰਦਾ ਸੀ ਫੜੇ ਗਏ ਆਰੋਪੀ ਦੀ ਪਹਿਛਾਣ ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਉਰਫ ਜੀਤਾ ਪਿੰਡ ਖਾਈ ਫਿਮੇ ਕੇ ਵਜੋ ਹੋਈ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਲੋੜਿੰਦਾ ਸੀ ਇਸ ਖਿਲਾਫ ਐਨਡੀਪੀਸੀ ਐਕਟ ਦੀਆਂ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਧਰਾਵਾਂ ਦੇ ਤਹਿਤ ਮੁਕਦਮਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਕੁਝ ਸਾਥੀਆਂ ਦਾ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਪਤਾ ਲੱਗਿਆ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਜਲਦ ਹੀ ਗ੍ਰਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾਏਗਾ ਤਾਂ ਕਿ ਇਸ ਪੂਰੀ ਨੈਟਵਰਕ ਨੂੰ ਤੋੜਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ਪੁਲਿਸ ਇਸ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਕਾਮਯਾਬੀ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਦੇਖ ਰਹੀ ਹੈ। Byte = ਐਸਐਸਪੀ ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
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यहां गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्ठियां, बेखबर जिम्मेदार

Itia Thok, Uttar Pradesh:इटियाथोक। थाना क्षेत्र के एक गांव में कच्ची दारू बनाने का धंधा कुटीर उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है। आबकारी विभाग एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैया से यह अवैध धंधा धड़ल्ले से फल फूल रहा है। आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते और अधिक नशेदार दारू बनाने के चक्कर मे कच्ची शराब को ग्रामीण निर्माताओं द्वारा नित्य नये-नये प्रयोग करके दारू निकालने के कच्चे माल लहन में मानव जीवन के लिये हानिकारक वस्तुओं एक्सपायरी डेट के इंजक्शनों, जहरीली दवाओं, खादों तक का इस्तेमाल किया जाने लगा है। जिनसे कच्ची शराब मे अनलिमिटेड नशा तो आता ही है, बल्कि अक्सर दारू के शौकीन लोगों के सेहत के साथ भी खिलवाड़ कर उन्हे मौत के मुंह में ढ़केला जा रहा है। पहले तो यह कच्ची शराब के निर्माता जंगल या गन्ने के खेतों के बीच में या सुनसान स्थानों पर दारू बनाते थे। लेकिन अब गंवई इंजीनियरों द्वारा निरंतर प्रयोगों से प्राप्त तकनीक अपनाते हुये अपने छोटे से घर या झोपड़ी मे विशुद्ध पूर्ण स्वदेशी सर्व सुलभ कच्ची दारू निर्माण संयत्र लगा कर और दारू उत्पादन कर घर पर ही बिक्री कर रहे हैं। इटियाथोक थाना क्षेत्र के जगता पुर गांव में इस समय कच्ची दारू का कारोबार बहुत तेजी से पांव पसार रहा है।लोगों की मानें, तो महिलाएं खाना बनाने के बाद चूल्हे पर मिनी दारू उत्पादक संयत्र लगा कर दो से तीन बोतल दारू जरा सी देर मे निकाल कर बिक्री कर स्वयं रोजगार प्राप्त कर रही है।मामले में प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी का कहना है, कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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कुणाल घोष ने अग्निमित्रा पॉल पर टिप्पणी न करने की अपील की

Noida, Uttar Pradesh:कोलकाता, पश्चिम बंगाल - TMC नेता कुणाल घोष ने कहा, "अग्निमित्रा पॉल से मैं निवेदन करूंगा कि यदि किसी को स्वास्थ्य परेशानी है तो उस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए... अगर वो इलाज के लिए जाना चाहते हैं, कोर्ट में अपील की है तो इसके साथ हमारा कोई राजनीतिक संबंध नहीं है..." उनके बहुत सारे नेता हमारे संपर्क में हैं लेकिन एक समस्या है पुलिस प्रशासन। दरअसल जो लोग वहां गए हैं, जो भी विधायक या सांसद हैं, उनमें जेनेटिक गद्दार ज्यादा लोग नहीं हैं... वे लोग दीदी(ममता बनर्जी) से बात कर रहे हैं, कुछ लोग तो दीदी से मिल भी चुके हैं... हमारी जो टीक है उनकी सुरक्षा के लिए हम लोग ऐसे ही शांत रह रहे हैं... वे लोग दीदी के साथ संपर्क में हैं...
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राजनांदगांव में हिंदू संगठनों का पप्पू यादव के पुतले दहन, सांसद हटाने की मांग

Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर। राजनांदगांव में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सांसद पप्पू यादव के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन करते हुए सांसद पप्पू यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा किए गए प्रदर्शन को सनातन धर्म, भगवान श्रीराम और भगवा का अपमान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। प्रदर्शनके दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि संसद जैसे गरिमामय परिसर में इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं है। उनका आरोप था कि पप्पू यादव ने अपनी हरकत से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सांसद पप्पू यादव को तत्काल सांसद पद से बर्खास्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए कहा कि सनातन धर्म और भगवा का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में पप्पू यादव की ओर से अलग पक्ष या प्रतिक्रिया भी सामने आई है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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रामगढ़ हाईवे पर बस-ट्रक भिड़ंत, 21 घायल, 9 गंभीर; यातायात सुचारु

Alwar, Rajasthan:रामगढ़ हाईवे पर बस-ट्रक भिड़ंत, 21 यात्री घायल, 9 गंभीर अलवर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामगढ़ कस्बे के पास भावसिद्ध मंदिर के निकट पुलिया के घुमाव पर सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार हरियाणा रोडवेज बस और सामने से आ रहे ट्रक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और बस व ट्रक के चालक केबिन में फंस गए। हादसे के समय बस में करीब 20-25 यात्री सवार थे। टक्कर के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी अजित सिंह बड़सरा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल रामगढ़ उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों चालकों को केबिन से बाहर निकालकर इलाज के लिए hospital भेजा गया। घटना की सूचना पर रामगढ़ डीएसपी पिंटू कुमार भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनकी निगरानी में क्रेन बुलाकर क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात सुचारू किया गया। हालांकि हादसे के कारण करीब एक घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हरियाणा रोडवेज के परिचालक आनंद प्रकाश ने बताया कि बस अलवर से गुडगांव जा रही थी। रामगढ़ से यात्रियों के बैठने के बाद वह टिकट बना रहे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ और बस ट्रक से टकरा गई। डीएसपी पिंटू कुमार के अनुसार हादसे में कुल 21 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से 9 की हालत गंभीर होने पर उन्हें अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। ट्रक चालक को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि बस चालक को अपेक्षाकृत मामूली चोट लगी है। सभी घायलों का उपचार जारी है और पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
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श्रावस्ती में किशोरी के साथ गैंगरेप: तीन गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज

Shravasti, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि बकरी चराने गई किशोरी को तीन युवक जबरन बाग में ले गए और उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि बकरी चराने गई किशोरी को तीन युवक जबरन एक बाग में ले गए, जहां उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना के बाद पीड़िता अपने पिता के साथ थाने पहुंची जहां उसकी शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना से इलाके में हड़कम्प मच गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
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जालौन में DM-SP ने शिव मंदिरों की सुरक्षा व बैरिकेडिंग का निरीक्षण किया

Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में सावन के पहले सोमवार पर डीएम-एसपी ने शिव मंदिरों का किया निरीक्षण, मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्थाओं का अधिकारियों ने लिया जायजा, सावन को देखते हुए मंदिरों में बैरिकेडिंग और सीसीटीवी व्यवस्था का किया भी निरीक्षण, डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी विनय कुमार सिंह ने दिए चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश, डीएम-एसपी ने भूरेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से जलाभिषेक कर की पूजा-अर्चना, जालौन के माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम सरावन में प्राचीन भूरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे थे डीएम-एसपी。
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जालौन पुलिस ने टप्पेबाजी का खुलासा, 80 हजार रुपये बाइक बरामद, 5 गिरफ्तार

Jalaun, Uttar Pradesh:स्लग- जालौन पुलिस ने टप्पेबाजी की घटना का किया खुलासा, 80 हजार कैश और दो बाइक बरामद, 5 आरोपी गिरफ्तार प्लेस-जालौन यूपी डेट-03-08-2026 jालौन कोतवाली पुलिस एवं स्वाट व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने व्यापारी के साथ हुई टप्पेबाजी की वारदात का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित 80 हजार रुपये कैश तथा दो बाइक बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए पांचो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है。 बता दे कि बीती 29 जुलाई को व्यापारी दिलीप कुमार अग्रवाल ने कोतवाली जालौन में तहरीर देकर बताया था कि 28 जुलाई की रात उनके घर के सामने खड़ी स्कूटी पर टंगे बैग में रखे 82 हजार रुपये अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी。 वही पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 3 अगस्त को कोतवाली पुलिस और स्वाट व सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि बैग में 82 हजार रुपये थे, जिनमें से 2 हजार रुपये खर्च कर दिए गए। पुलिस ने उनके पास से 80 हजार रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो बाइकें बरामद कीं है।बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी कर विधिक कार्रवाई की गई。 गिरफ्तार आरोपीयों में वाशिल, सजल फरीदी, सूफियान उर्फ लकी, फरहान तथा शानू शामिल हैं। सभी आरोपी जालौन नगर के विभिन्न मोहल्लों के निवासी हैं। पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
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राजस्थान स्वास्थ्य विभाग में चीफ इंजीनियर का रिक्त पद: डेपुटेशन पर चल रहा अतिरिक्त भार

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चीफ इंजीनीयर का पद पिछले करीब 11 महीने से नियमित नियुक्ति के बिना चल रहा है। विभाग ने इस दौरान जल संसाधन विभाग से डेपुटेशन पर आए अधीषण अभियंता यानि SE मुकेश कुमार शर्मा को चीफ इंजीनीयर का अतिरिक्त प्रभार सौंप रखा है। जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में अस्पताल भवनों के निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के बिल्डिंग निर्माण से जुड़े कामों लिए परंपरागत रूप से PWD के अनुभवी इंजीनियर को यह जिम्मेदारी दी جاتی रही है। इस पूरे मामले को लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर तेज है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नियमित नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही और करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य अतिरिक्त प्रभार के भरोसे क्यों संचालित हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार अगस्त 2025 में तत्कालीन मुख्य अभियंता अशोक कुमार शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। इसके बाद 4 सितंबर 2025 को जारी आदेश के जरिए अधीक्षक अभियंता मुकेश कुमार शर्मा को अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ मुख्य अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। दूसरी ओर, 25 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से अनुरोध किया गया था कि मुख्य अभियंता (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) के रिक्त होने वाले पद पर किसी योग्य मुख्य अभियंता की डेपुटेशन अथवा पोस्टिंग की जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि विभाग में लगभग 1100 निर्माण परियोजनाएं और करीब 3000 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं, जिनकी प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अनुभवी मुख्य अभियंता की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग हर साल अस्पतालों के निर्माण, जिला अस्पतालों के विस्तार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन, भवनों के नवीनीकरण और चिकित्सा अधोसंरचना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करता है।सूत्रों के अनुसार वर्तमान में विभाग में करीब 4000 करोड़ रुपये से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्य और परियोजनाएं संचालित हैं। इसके अलावा हाल ही में लगभग 1000 करोड़ रुपये के EPC मॉडल से जुड़े टेंडर भी चर्चा में हैं। ऐसे में विभाग के तकनीकी प्रमुख का पद नियमित रूप से भरा नहीं जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुकेश कुमार शर्मा मूल रूप से जल संसाधन विभाग के अधिकारी हैं और स्वास्थ्य विभाग में अधीक्षक अभियंता के रूप में डेपुटेशन पर कार्यरत हैं।इसी को लेकर विभाग के भीतर यह चर्चा भी है कि जब अस्पताल भवनों और स्वास्थ्य विभाग के निर्माण का अनुभव रखने वाले अधिकारी पीडब्ल्यूडी में उपलब्ध हैं, तब जल संसाधन विभाग के अधिकारी को इतने लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार क्यों दिया गया। झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिक्षा और चिकित्सा विभाग के निर्माण कार्यों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में मुख्य अभियंता का पद लंबे समय तक रिक्त रहने का मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियंता के पद को लेकर उठ रहे सवालों की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री तक भी पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि मंत्री ने पूरे मामले में अधिकारियों से जवाब तलब किया है और रिक्त पद सहित पूरी व्यवस्था की जानकारी मांगी है।
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