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Etawah206001

इटावाः कंपनी गार्डन में जाने के लिए अब देना होगा शुल्क

Dec 31, 2024 15:44:43
Etawah, Uttar Pradesh

शहर में स्थित डॉ. रामनोहर लोहिया उद्यान (कंपनी गार्डन) में अब 1 जनवरी से टिकट लेना पड़ेगा। इसके लिए प्रतिदिन 5 रुपए एक माह में 100 और सालभर का 1 हजार रूपये का शुल्क देना होगा। शासन के निर्देश पर अधिकारियों ने निर्णय लिया है। इसमें दस वर्ष के आयु तक और सीनियर सिटीजन को आधार कार्ड दिखाकर निशुल्क एंट्री रहेगी। उद्यान के रखरखाव के लिए शुल्क लगाया जा रहा है। लेकिन इस शुल्क पर यहां आने वाले लोग आपत्ति जाहिर कर रहे हैं। अभी तक यहां आने जाने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं था।

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KCKULDEEP CHAUHAN
Mar 21, 2026 10:50:20
Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत के दोझा गांव से एक हैरान कर देने वाली और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां 11 साल पहले लापता हुई बुजुर्ग महिला लीलावती अचानक अपने घर लौट आईं। इस खबर से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और परिवार में मानो त्योहार जैसा माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि लीलावती मानसिक रूप से कमजोर थीं और करीब 11 साल पहले अचानक घर से लापता हो गई थीं। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने उन्हें मृत मान लिया। पिछले 7 वर्षों से परिवार हर साल उनका श्राद्ध भी कर रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात फौजियों और स्थानीय पुलिस की मदद से लीलावती को सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उनके घरवालों से संपर्क किया गया। जैसे ही परिवार को इसकी जानकारी मिली, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर वापसी पर परिजनों और रिश्तेदारों ने डीजे बजाकर जश्न मनाया और लीलावती का जोरदार स्वागत किया। 11 साल बाद अपनों से मिलकर लीलावती भी भावुक हो गईं। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल आपको बता दें कि मामला बागपत बिनोली था क्षेत्र का है जहां दोझा गांव में रहने वाली बुजुर्ग महिला लीलावती के पति करमसिंह की 9 फरवरी 2015 को मौत हो गई थी जिसके बाद ही लीलावती मानसिक रूप से बीमार हो गई थी ओर अचानक से वे लापता हो गई थी परिजनों ने लीलावती को काफी तलाश किया लेकिन वह नही मिली तों परिवार पूरी तरह से टूट गया ओर लीलावती मृत माँ लिया हर वर्ष उनका श्राद भी करने लगे | लेकिन परिवार में उस वक़्त खुशियाँ लौट आई जब उनके पास 16 मार्च को जम्मू कश्मीर के राजौरी बॉर्डर से फौजीयो का फोन आया कि लीलावती जिन्दा है आकर ले जाओ तों परिवार के लोगों में ख़ुशी का ठिकाना नही रहा ओर वे बुजुर्ग महिला लीलावती को राजौरी से अपने गांव पहुंचे ओर डीजे बजाकर पूरी रात नाचकर खुशियाँ मनाई
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AMAbhishek Mathur
Mar 21, 2026 10:49:03
Hapur, Uttar Pradesh:पति, पत्नी और वो खूनी लाठी हापुड़ का गढ़मुक्तेश्वर इलाका... आदर्श नगर की वो शांत गलियां, जहाँ 17 मार्च की रात सन्नाटा पसरा था. किसी को अंदाज़ा नहीं था कि एक घर के भीतर 'वफ़ा' और 'बेवफाई' की खूनी जंग छिड़ने वाली है. एक पति जो गहरी नींद में था, उसे क्या मालूम था कि जिसे उसने अपना हमसफर चुना, वही उसकी मौत की पटकथा लिख चुकी है. तारीख 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात. राजपाल अपने बिस्तर पर बेखबर सो रहा था. अचानक अंधेरे में दो साये उभरे. हाथों में लाठी-डंडे और आंखों में सिर्फ खून. बिना किसी रहम के, राजपाल पर वार शुरू हुए. चीखने का मौका तक नहीं मिला और कुछ ही पलों में आदर्श नगर का वो घर 'कत्लगाह' बन गया. शनिवार की सुबह जब राजपाल की लाश मिली, तो पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी सीओ स्तुति सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचीं. शुरुआती जांच में यह एक लूट या रंजिश का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस की पारखी नजरों को कुछ खटक रहा था. घर में कोई जबरन एंट्री नहीं हुई थी. ​कीमती सामान अपनी जगह पर था. ​पत्नी रजनी के आंसू... क्या वो सच थे या महज एक नकाब? सीओ स्तुति सिंह ने जब कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो शक की सुई रजनी पर आकर टिक गई. कड़ाई से हुई पूछताछ में जो सच निकला, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए. पिछले तीन सालों से रजनी का दिल अपने ही पड़ोस के रहने वाले बंटी के लिए धड़क रहा था. राजपाल उनके प्यार के बीच की वो दीवार था, जिसे दोनों गिराना चाहते थे. जब राजपाल को इस अवैध रिश्ते की भनक लगी और उसने विरोध किया, तो रजनी और बंटी ने उसे 'रास्ते से हटाने' का खौफनाक फैसला ले लिया. मामले में योगी की पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी पत्नी रजनी और उसके प्रेमी बंटी (पुत्र बनारसी) को धर दबोचा. हत्या में इस्तेमाल की गई वो खून से सनी लाठी भी बरामद कर ली गई, जिसने एक सुहाग का अंत किया था. पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 103(1) (मुकदमा अपराध संख्या 127/26) के तहत केस दर्ज कर दोनों प्रेमियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. इश्क का ऐसा जुनून जो अपनों के ही खून से हाथ रंगने पर मजबूर कर दे, उसका अंजाम सिर्फ जेल की कालकोठरी ही होती है. हापुड़ पुलिस की मुस्तैदी ने साबित कर दिया कि मुजरिम चाहे कितनी भी चतुराई से साजिश रचे, कानून के हाथ उसकी गर्दन तक पहुँच ही जाते हैं.
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DBDEBASHISH BHARATI
Mar 21, 2026 10:48:12
Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा के गोदलीपाहड़ी स्थित जाहेर थान में आदिवासी समाज के प्रमुख पर्व बाहा पर्व का आयोजन पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चन‌ा की और प्रकृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूजा में नाईकी गिरीस सोरेन, कुडम नाईकी मैनेजर सोरेन, मांझी बाबा बीबीलाल सोरेन, वीरेंद्र हेंब्रम, मुखिया जोसेफ मुर्मू और ओफिसर सोरेन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से साल वृक्ष के नए पुष्प का पूजन किया, जिसे इस पर्व का प्रमुख अनुष्ठान माना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार बाहा पर्व आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण त्योहार है, जो नए वर्ष के आगमन का प्रतीक है। यह पर्व प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक आदिवासी नृत्य और गीतों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। मांदर और ढोल की थाप पर युवक-युवतियों ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसे देखकर दर्शक भी उत्साहित नजर आए। पूरे आयोजन में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
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JCJitendra Chaudhary
Mar 21, 2026 10:47:35
Begusarai, Bihar:बेगूसराय में बे मौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को बर्बाद कर दिया है. बेगूसराय जिले के बछवाड़ा सहित कई प्रखंडों में आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मक्का आदि फसलें पूरी तरह गिर गईं. 10-15 दिनों में गेहूं की कटाई होनी थी, लेकिन मौसम ने पहले ही नुकसान कर दिया. किसानों का कहना है कि वे पहले से आलू की फसल के कम दाम से परेशान थे, अब गेहूं और मक्का भी बर्बाद हो जाने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है. खेतों में खड़ी फसल को देखकर किसान मायूस हैं और कुछ रो रहे हैं. किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और इस बार सब कुछ बर्बाद हो गया है. सरकार मदद नहीं देगी तो किसान कैसे जिएंगे, यह सवाल है. स्थानीय किसानों ने मुआवजे की मांग की है और कहा है कि जल्द सहायता नहीं मिली तो जीवन यापन कठिन हो जाएगा. फिलहाल प्रशासन और सरकार से राहत की उम्मीद है.
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RIRamawatar Isran
Mar 21, 2026 10:46:57
Jaipur, Rajasthan:गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल उदयपुर द्वारा शुक्रवार को श्री गोविन्द राजपूत शिक्षण संस्थान राणावास में निशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन हुआ। कार्यक्रम संयोजक प्रद्युमन सिंह गुड़ा ने बताया कि हवेली परिवार सोसायटी एवम गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में श्री गोविन्द राजपूत शिक्षण संस्थान राणावास में निशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया । शिविर उद्धघाटन में विरेंद्र सिंह खारची, संस्थान अध्यक्ष छैल सिंह मेवी, कुपा स्मृति संस्थान के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, मंत्री भंवर सिंह, राठौड़ की उपस्तिथि में दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर प्रारंभ किया गया ।शिविर में लगभग 215 रोगियों की जांच की गई। जिसमें डॉ राजेश्वरी स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ हर्षा पेट एवं आंत रोग विशेषज्ञ, डॉ तारकेश्वर किडनी रोग विशेषज्ञ , डॉ हर्ष जनरल मेडिसिन, डॉ भरत सिंह राठौड़ , दंत रोग विशेषज्ञ, मारवाड़ जंक्शन डॉ रजत गुप्ता हृदय रोग विशेषज्ञ , डॉ मोहित हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ शरण कैंसर रोग विशेषज्ञ आदि ने हृदय रोग, कैंसर, हड्डी रोग, पेट आंत लीवर रोग, गुर्दे एवम मूत्र रोग प्रसूति एवम स्त्री रोग और जनरल फिजिशियन रोगों की इन doktorों द्वारा जांच कर उचित परामर्श दिया गया। इस शिविर संचालन के लिए आलोक शर्मा, धीरेंद्र मिश्रा एवम नर्सिंग स्टाफ का सहयोग रहा। इस शिविर में सहयोग के लिए संस्थान के व्यवस्थापक महिपाल सिंह, नारायण सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, हनुवंत सिंह, जगदीश सोनी, हितेश जैन, हेमंत सीरवी, यदुराज सिंह, हनुमान सिंह, गिरिराज सिंह, प्रेम सिंह, लेखराज सिंह, रतन सिंह, सुभाष मालवीय दिनेश जांगिड़ आदि उपस्थित थे//
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RMRam Mehta
Mar 21, 2026 10:46:43
Baran, Rajasthan:मांगरोल में कार्तिक सुमन की हत्या का आरोप फूटा आक्रोश, माली समाज ने बारां रोड पर लगाया जाम बारां के ​मांगरोल कस्बे के बहुचर्चित कार्तिक सुमन हत्याकांड के मामले में न्याय की मांग को लेकर आज माली समाज और सर्व समाज का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज होकर बड़ी संख्या में लोगों ने बमोरी तिराहे पर बारां-मांगरोल मार्ग को जाम कर दिया। ​धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले की संवेदनशीलता के बावजूद न तो उप जिला कलेक्टर मौके पर मौजूद हैं और न ही पुलिस उपाधीक्षक उच्चाधिकारियों की अनुपस्थिति को समाज के लोगों ने संवेदनहीनता करार देते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बमोरी तिराहे स्थित थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोग इस बात पर अड़े हैं कि जब तक मामले के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह मौके पर आकर उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं देते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
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SKSunny Kumar
Mar 21, 2026 10:46:01
Patna, Bihar:बिहार के इतिहास और पिछले 10 वर्षों में बिहार के बदलाव के साथ बिहार के खान-पान और व्यंजन देश दुनिया तक कैसे पहुंचे... पिछले 10 वर्षों में बिहार में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जिसमें बदलाव दिखता नहीं है बिजली बिहीन बिहार...सड़क बिहिनी बिहार पर ख़राब कानून व्यवस्था इस तरह की इमेज थी राज्य के बाहर से लोग आने में डरते थे वह छवि थी... बहुत परिश्रामपूर्वक बदला है आज हर क्षेत्र में नया चीज दिख रहा है... पटना में पुराने लोग निकालते हैं तो सड़क भूल जाते हैं पफ्लाई ओवर बने नई सड़के बनी.. इतने स्कूल खुले स्कूल भवन का निर्माण हुआ..अस्पताल स्कूल यूनिवर्सिटी खुला बड़े बिल्डिंग बन गए यह सभी चीज हैं जो बिहार को एक नया स्वरूप देती है जो बीमारू स्टेट था उस बिहार को विकासशील प्रदेश के रूप में सामने आया है.... वहीं इतिहास की जानकारी डॉक्टर संजय ने बताया कि. बिहार को विहार के नाम से जाना जाता था जिस बिहार ने तीन-तीन धर्म को जन्म दिया ज्ञान की भूमि.. महावीर का जन्म हुआ और कर्मभूमि है बिहार...सिख धर्म के अंतिम गुरु गोविंद सिंह की भूमि..मां जानकी का जन्म भूमि रहा है...धार्मिक तौर पर अगर आप देखेंगे तो तीन धर्म मां जानकी को जोड़ेंगे तो 4 धर्म की यह जननी है.. बिहार जहां पर उसकी ऐतिहासिकता में आप जाएंगे इसने सामाजिक राजनीतिक आर्थिक और प्रशासनिक दक्षता से साबित किया...यहाँ अलग-अलग जनपद हुआ करते थे उन 16 महाजनपद में जो सबसे मजबूत महाजनपद थे वह बिहार में थे इसी बिहार के लिक्षवि में गणतंत्र की किरण किरण फूटी थी... जहां से पूरे विश्व को संदेश दिया लोकतंत्र सबसे अच्छी व्यवस्था है यही बिहार रहा है जहां पर चाणक्य हुए...जिसने चाणक्य नीति और कौटिल्य का अर्थशास्त्र दिया चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक जैसा सम्राट हुए... राजगीर से लेकर पाटलिपुत्र की धरती से पूरे विश्व को देखा.. इसकी सीमा ईरान से मिलती थी अफगानिस्तान तक मगध साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था.... एक से एक ज्ञानी की धरती रही है... मंडल मिश्र के यहां शंकराचार्य आए थे जो पराजित होकर गए थे एक से एक विदुषी बिहार में रहे है जिसने अपने ज्ञान से लोगों को संदेश दिया... आर्यभट्ट इसी बिहार के रहे हैं जिन्होंने खगोल शास्त्र का वह ज्ञान दिया जिससे पूरा विश्व अचंभित है शून्य का आविष्कारक हुआ... वैज्ञानिकता धार्मिकता सामाजिकता और ऐतिहासिकता को खांगलेंगे तो बिहार ने पूरे विश्व को एक दिशा देने का काम किया.... पहली बार कैसे युद्ध में लोहे का प्रयोग किया जाता है इसी बिहार के सैनिकों ने उसका प्रयोग किया और विश्व को बताया कि कैसे हम इन हथियारों का प्रयोग करते हैं वहां से बढ़ते हुए यह बिहार संस्कृतिक चेतना का केंद्र बना जिसने विश्व के लोगों को संस्कृत जागरण में बड़ी भूमिका अदा की.... बिहार सरस्वती की धरती रही है ज्ञान का केंद्र रहा है नालंदा जो पूरे विश्व का प्राचीनतम विश्वविद्यालय था पूरे विश्व के छात्र यहां पर आकर पढ़ते थे.... कल्पना कीजिए जब कुमार गुप्त ने नालंदा विश्वविद्यालय को बनवाया होगा तो किस तरह का समय रहा होगा... बिहार में स्वर्ण युग था.... पटना में मौर्य साम्राज्य की राजधानी के अवशेष आज भी मिलते हैं सम्राट अशोक जिन्होंने धर्म महामात्राओं की नियुक्ति की अलग-अलग स्तंभों पर अपने प्रशासनिक कार्य को खुदवाया जो ब्राह्मी लिपि पढ़ी जा रही है... राजा की नीति कैसी थी और लोग कैसे उसका पालन करने लगे थे यह बिहार ने बताया करुणा दया ज्ञान और मोक्ष की भूमि बिहार रही है.... ऐतिहासिक गया में भगवान विष्णु के पद हैं.. पूर्वजों का पिंडदान करते हैं तो मोक्ष प्राप्त करते हैं...भगवान राम ने वही दशरथ का पिंडदान किया था यह उसकी भूमि यह ज्ञान की भूमि है जहां बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ करुणा और दया की भूमि रही है... यह बिहार उसकी भूमि है जहां सम्राट ने भिक्षुक बनना स्वीकार किया लोगों के बीच करुणा और दया बाँट परस्पर सौहार्द के वातावरण के लिए उनको उद्धारित किया उनको कहीं ना कहीं से उतप्रेरित किया... जिस चश्मा से जिस एंगल से बिहार को देखेंगे इस बिहार में आपको सब कुछ मिलेगा.... इसी बिहार में रामधारी सिंह दिनकर पैदा हुए इन्होंने लोकतंत्र को ललकारा इसी बिहार से जयप्रकाश नारायण जैसे लोकनायक पैदा हुए इसी बिहार में कर्पूरी ठाकुर जैसे जननायक पैदा हुए... संस्कृति और तीन-तीन धर्म का उद्गम स्थल बिहार रहा है बिहार में बहने वाली नदियां ने बताया सभ्यता कैसे नदियों के किनारे विकसित है... वही बिहार के खानपान और व्यंजन पर लेख लिखने वाले रविशंकर उपाध्याय ने बताया कि... भगवान राम की बारात आती है तो उनको गणित व्यंजन पड़ोसी जाते हैं.. दही चुरा का उपहार महाराजा जनक देते हैं... इतिहास के सभी दौड़ में हमारे खानपान का महत्व दिखता है.. विदेशी यात्री फाह्यान जब हाजीपुर के इलाके से गुजरते हैं तो उस समय भी वह केले का जिक्र करते हैं.. हमारे खानपान को लेकर कितना प्रयोग किया हुआ है तिल को लेकर हम लोगों ने कितने प्रयोग किए हैं... हम लोगों ने जै के आटे का अलग-अलग तरीके से प्रयोग किया और बाद में जब मैदा आया उसका भी काफी प्रयोग किया.. खाजा एक विशिष्ट मिठाई है जिसका मोहक वर्णन कई लेखकों ने किया है.. बिहार के कई इलाकों की लाई जो काफी प्रसिद्ध है.. भोजपुरी के इलाके में चले जाइए वहां पर आपको खुरमा मिलेगा.. हमारे खानपान को GI टैग भी मिला है चाहे वह कतरनी और मारीच चावल की बात करें.. मुजफ्फरपुर के लीची है सिलाव का खाजा है.. मगही पान हमारा ये सभी चीज.. हमारा खानपान का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और आने वाले दिनों में भी नए-नए व्यंजन देश दुनिया में लोग पसंद कर रहे हैं...
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Mar 21, 2026 10:39:21
Bhagwantnagar, Uttar Pradesh:बीघापुर (उन्नाव) के सोहरामऊ (सिजनी) गांव में देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में एक परिवार की पूरी गृहस्थी जलकर खाक हो गई। रात करीब 12:30 बजे रामशंकर (पुत्र प्रयाग नारायण), जिन्हें 'चक्की वाले' के नाम से जाना जाता है, अपने परिवार के साथ सो रहे थे, तभी उनके घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें और शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, तब तक आग काफी फैल चुकी थी। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचित करने की कोशिश की, लेकिन समय पर संपर्क नहीं हो सका। बाद में सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया था। इस भीषण आग में घर में रखा लगभग 30 कुंतल गेहूं, 8 कुंतल लाही,
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Mar 21, 2026 10:38:57
Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत में पूर्व विधायक किशनलाल राजपूत के जन सहयोग कार्यालय पर समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने भाजपा के नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष नमन राजपूत का फूल मालाओं के साथ स्वागत एवं अभिनन्दन किया। वहीं समर्थकों को बीजेपी जिलाउपाध्यक्ष ने मिठाई खिलाकर उनका उत्साह वर्धन कर युवाओ को एकजुटता के साथ मिलकर समाज के उत्थान एवं उनकी सेवा करने का भरोसा जताया। नमन राजपूत ने कहा कि जिस तरह से वे लगातार समाजिक कार्यों के लिए आगे रहें। ठीक उसी तरह वे संगठन के पद की जिम्मेदारी निभाते हुए सरकार की योजनाओं से क्षेत्र के युवाओ को जोडकर उनका लाभ दिलाएंगे। साथ ही समाज के प्रति सजगता बरकरार रखते हुए शिक्षा व्यापार क्षेत्र में बढ़ते युवाओ को आत्म निर्भरता को लेकर जागरूक करने का काम करेंगे। इस मौके पर प्रधान रिंकू शर्मा, विनोद, चिंटू ठाकुर सहित तमाम समर्थक कार्यकर्ता शामिल रहे।
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Mar 21, 2026 10:35:29
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 21, 2026 10:34:01
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जोधपुर में पारंपरिक गणगौर उत्सव पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। होली के दूसरे दिन से शुरू होकर 16 दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन आज चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन धूमधाम से हुआ। शहर सहित पूरे जिले में महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर गणगौर माता की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत का उद्यापन किया, वहीं कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की प्राप्ति के लिए श्रद्धा पूर्वक गणगौर व्रत रखा। सुबह से ही घरों और मंदिरों में पूजा का दौर चलता रहा, जहां महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर गीत गाती नजर आईं। शहर के विभिन्न इलाकों में सामूहिक रूप से भी गणगौर पूजा और उद्यापन कार्यक्रम-organized किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। पूजा के दौरान लोकगीतों और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने माहौल को और भी भक्ति और उल्लास से भर दिया। गणगौर उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को भी जीवंत करता है। जोधपुर में इस पर्व की रौनक देखते ही बनती है, जहां हर ओर श्रद्धा, सौंदर्य और उत्सव का अनूठा संगम नजर आता है।
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