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DSDevesh Sharma PatrkarFollow25 Dec 2024, 12:37 pm
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दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन बंद: छात्रों-छात्राओं और महिलाओं की परेशानी बढ़ी

New Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली में विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बंद होने से रोजाना सफर करने वाले छात्र-छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेट्रो स्टेशन बंद होने के चलते यात्रियों को दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और सफर दोनों पर असर पड़ रहा है। खासकर विश्वविद्यालय क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों और रोजाना काम पर जाने वाली महिलाओं के लिए यह स्थिति परेशानी का सबब बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि मेट्रो उनके लिए सबसे सुविधाजनक और किफायती परिवहन का साधन है। ऐसे में विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन बंद होने से रोजाना कॉलेज पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। वहीं कामकाजी महिलाओं का कहना है कि स्टेशन बंद होने के कारण उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्रियों की मांग है कि मेट्रो स्टेशन को जल्द से जल्द दोबारा खोला जाए, ताकि रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिल सके। दरअसल आपको बता दे दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन ही नहीं बल्कि दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन और दो भारतीय बड़े रेलवे स्टेशन बंद है। क्योंकि दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP का प्रोटेस्ट होने जा रहा था जिसकी वजह से दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन न करने की हिदायदि और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है। विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन बंद होने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है, जो रोजाना अपने कॉलेज, विश्वविद्यालय या दफ्तर पहुंचने के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं। अब देखना होगा कि यात्रियों की इस परेशानी का समाधान कब तक होता है।
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दिल्ली के बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस-फोर्स की तैनाती, लोगों को जाम का सामना

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के चारों तरफ बॉर्डर को पूरी तरीके से सील कर दिया है। बदरपुर बॉर्डर, कालिंदी कुंज बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, हरियाणा बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है। रास्तों को पतला किया गया है, बैरिकेड लगाकर एक-एक गाड़ी की चेकिंग की जा रही है। आम जनता इस बैरिकेडिंग की वजह से काफी ज्यादा परेशान नजर आ रही है। आम पब्लिक का कहना है कि हम घंटों जाम में फंसकर अपने ऑफिस और काम पर जा रहे हैं, जिनका प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है, वे ज्यादा परेशान होते दिखे।
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समाजसेवी इम्तेयाज अहमद ने टूटे सड़क पर गिरवाया राबिस,आवागमन शुरू,ग्रामीणों ने जताया आभार

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Majhaulia, Bihar:मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के हरपुर गढ़वा पंचायत में समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए समाजसेवी इम्तेयाज अहमद ने टूटे हुए सड़क पर राबिस गिरवाकर सराहनीय कार्य किया है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर राबिस गिराए जाने से लोगों को आने-जाने में राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने इम्तेयाज अहमद की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति से रोजाना लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में समाजसेवी द्वारा आगे बढ़कर सड़क की मरम्मत के लिए पहल करना प्रशंसनीय है। ग्रामीणों ने इस कार्य को जनहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। इस मौके पर शेख निजामुद्दीन, शमशाद आलम, नूर होदा, सूरज राम, कमरान, सलाउद्दीन आलम, इरशाद आलम सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने उम्मीद जताई कि इसी तरह समाजहित के कार्य आगे भी होते रहेंगे। खबर को 100 शब्दों में करें भाषा को और समाचारपरक बनाएं
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ब्रह्म सरोवर में सर्व पितृ अमावस्या: पिंडदान से पूर्वजों को शांति

Kurukshetra, Haryana:ब्रह्मसरोवर पर सर्व पितृ अमावस्या पर पितरों की पूजा करने के लिए दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालु। यहाँ तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पावन और ऐतिहासिक ब्रह्म सरोवर के तट पर सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ता है। दूर-दराज से पहुंचे हज़ारों श्रद्धालु ब्रह्म सरोवर के पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और विशेष पूजा-अर्चना की हैं। यह पर्व सनातन संस्कृति में पितरों के प्रति अगाध श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। ब्रह्म सरोवर पर पूजा और पिंडदान का धार्मिक महत्व पंडित राकेश गोस्वामी ने बताया हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म सरोवर को ब्रह्मांड के रचयिता भगवान ब्रह्मा की उत्पत्ति का स्थान माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र सरोवर में स्नान करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि पितृगण भी तृप्त होते हैं। सर्व पितृ अमावस्या के दिन यहाँ स्नान करने का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों का सामूहिक तर्पण पितृ पक्ष के आखिरी दिन यानी सर्व पितृ अमावस्या पर उन पूर्वजों का भी स्मरण किया जाता है जिनकी मृत्यु की तिथि परिवार को ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध अन्य तिथियों पर छूट गया हो। ब्रह्म सरोवर के तट पर पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालु कुशा, काले तिल, जौ और जल से अपने पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान करते हैं। मोक्ष प्राप्ति और पितृ दोष से मुक्ति मान्यता है कि ब्रह्म सरोवर जैसे महान तीर्थ क्षेत्र पर सर्व पितृ अमावस्या के दिन किए गए कर्मकांड से पूर्वजों को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है और वे मोक्ष को प्राप्त होते हैं। साथ ही, इससे जन्मकुंडली में मौजूद पितृ दोष का प्रभाव भी कम होता है, जिससे परिवार में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का आगमन होता है। अनुष्ठान के बाद दान-पुण्य और गो-ग्रास ब्रह्म सरोवर पर पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद श्रद्धालु महादान करते हैं। इस दिन अन्न, वस्त्र, और ब्राह्मण भोजन का विशेष महत्व है। इसके साथ ही, पिंडदान का कुछ हिस्सा गाय, कुत्ते और कौवे को निकालकर पूर्वजों के प्रति अंतिम आभार व्यक्त किया जाता है। आंध्र प्रदेश हैदराबाद से पूर्वजो की पूजा करने के लिए पहुंचे श्रद्धालु सूर्यनारायण शास्त्री श्रद्धालु का कहना है कि वह विशेष रूप से हैदराबाद से यहां पर पूजा करने के लिए पहुंचे हैं उन्होंने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए यहां पर पूछा अर्चना की है और उनकी आत्मा की शांति के लिए मनोकामनाएं की है तीर्थ का काफी महत्व है इसलिए यहां पर विशेष तौर पर वह ब्रह्म सरोवर पर पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे हैं और यहाँ पर उन्होंने अनुष्ठान और पिंडदान किया है।
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कटनी के विजयराघवगढ़ में बस पलटने से एक छात्रा की मौत, 30–40 घायल

Katni, Madhya Pradesh:कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में स्कूली बच्चों से भरी बस पलटी, छात्रा की मौत, 30 से 40 लोग घायल कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह स्कूली बच्चों ओर यात्रियों से भरी एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक स्कूली छात्रा की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 30 से 40 लोगों के घायल होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि बस की स्टेअरिंग फेल होने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए प्राथमिक चिकित्सालय पहुंचाया जानकारी के अनुसार, रजा ट्रेवल्स की बस बंजारी से गुडेहा होते हुए विजयराघवगढ़ की ओर आ रही थी। बस में सुबह के समय स्कूली बच्चे सहित अन्य यात्री सवार थे। इसी दौरान बस की स्टेयरिंग फेल होने से चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच कर बस के नीचे दबे लोगों को निकला गया है जिसके बाद विजयराघवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए प्राथमिक चिकित्सालय पहुंचाया गया। हादसे में एक स्कूली छात्रा की मौत होने की सूचना है, जबकि 30 से 40 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है फिलहाल हादसे के कारणों और घायलों की स्थिति को लेकर स्थिई साफ नहीं है पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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SR बनने पर बिलासपुर डॉक्टरों की सैलरी 20-25 हजार घट, मंत्री से समाधान मांग

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। आमतौर पर डिग्री पूरी होने के बाद प्रमोशन और इंक्रीमेंट मिलता है, लेकिन बिलासपुर संभाग के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल सिम्स (CIMS) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की परेशानी इसके ठीक उलट है। पीजी पूरी करने के बाद जब ये डॉक्टर बॉन्ड पर सीनियर रेजिडेंट (SR) बनते हैं, तो उनकी सैलरी बढ़ने के बजाय सीधे 20 से 25 हजार रुपये घट जाती है। इसी सैलरी विसंगति को लेकर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की है। बिलासपुर के सिम्स मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने सैलरी में आ रही इस भारी गिरावट के खिलाफ आवाज़ उठाई है। डॉक्टरों का कहना है कि पीजी की पढ़ाई के दौरान बतौर स्टूडेंट उन्हें जो स्टाइपेंड मिलता था, डिग्री पूरी करने के बाद एसआर बनने पर उनकी सैलरी उससे भी कम हो गई है। इसे डॉक्टर अपना सीधा डिमोशन मान रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर जल्द समाधान की गुहार लगाई। डॉक्टर का कहना है कि पीजी करने के बाद जब बॉन्ड पर एसआर बनते हैं, तो हमारी सैलरी पीजी के समय से बहुत कम हो जाती है। लगभग 20 से 25 हज़ार का अंतर है। डिग्री करने के बाद पैसा कम मिलना सीधा-सीधा हमारा डिमोशन है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि फाइल आगे बढ़ाई जा रही है और समस्या का समाधान जल्दी होगा। डॉक्टर नैलिनी सिंह चंद्रा और अन्य डॉक्टरों ने मंत्री के आश्वासन पर फिलहाल भरोसा जताया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस अजीबोगरीब सैलरी विसंगति का समाधान कितनी जल्दी निकालता है, ताकि मरीजों की जान बचाने वाले इन डॉक्टरों को उनका सही हक मिल सके।
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धरना स्थल पर सुरक्षा कड़ी, जंतर मंतर रोका गया; पुलिस ने 90 से अधिक हिरासत

Noida, Uttar Pradesh:स्पेशल सीपी देवेश श्रीवास्तव बाइट स्पेशल सिटी देवेश श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था काफी व्यापक है और धरना स्थल पर किसी को पहुंचने नहीं देंगे इसकी पूरी तैयारी पुलिस में कर रखी है बॉर्डर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक चौबंद है गाजियाबाद पुलिस से लगातार संपर्क में है और गाजियाबाद पुलिस भी लगातार निगरानी रख रही है कि कोई भी सस्पेक्ट जंतर मंतर तक नहीं पहुंच सके पुलिसकर्मी लगातार तैनात किए गए हैं ताकि जंतर मंतर पर कोई पहुंच ना सके क्योंकि जंतर मंतर पर धरने की इजाजत नहीं दी गई है धरना स्थल पर सुरक्षा कड़ी, जंतर मंतर रोका गया; पुलिस ने 90 से अधिक हिरासत
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पितृ विसर्जन पर श्रद्धा उमड़ी, तालाब के किनारे तर्पण-विदाई

Saiki, Bihar:पितृ विसर्जन के अवसर पर हिंदू धर्म की आस्था और परंपरा देखने को मिली। नगर के खाड़ा बंद तालाब में श्रद्धालुओं ने पितृ पक्ष के समापन पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए तर्पण एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए। हिंदू धर्म में पितृ विसर्जन, जिसे सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है, का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक विदाई दी जाती है और परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पितृ पक्ष का समापन होता है। इस दिन उन पूर्वजों का भी श्राद्ध और तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती या जिनका श्राद्ध पितृ पक्ष के दौरान किसी कारणवश नहीं हो पाया हो। श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-अर्चना, तर्पण और दान-पुण्य करते हैं। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए इन कर्मों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहती है। सारंगढ़ के खाड़ा बंद तालाब में भी पितृ विसर्जन के अवसर पर लोगों ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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