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Akchhit AgrawalAkchhit AgrawalFollow30 Jul 2024, 12:22 pm

कांवड़ यात्रा में दिखा सांप्रदायिक सौहार्द का रंग, मुस्लिमों ने शिवभक्तों पर की पुष्पवर्षा

Siyana, Uttar Pradesh:

स्याना में मंगलवार कांवड़ यात्रा के दौरान नगर में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। DM, SSP तथा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर नगर आगमन पर स्वागत किया, वही नगर में गढ़ स्टेट हाईवे मार्ग स्थित सराय चौकी पर डीएम चंद्रप्रकाश सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार ने भंडारों में भोजन की व्यवस्था व कांवड यात्रा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। किसान नेता मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने कांवड़ियों की सेवा की। रहीस मलिक, फ्राहिम मौजूद रहे।

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बेगसर में पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण अतिक्रमण से बाधित, ग्रामीणों ने हटाने की मांग

Noida, Uttar Pradesh:डीडवाना - बेगसर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़क के निर्माण कार्य में अतिक्रमण बाधा बन गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटवाने और सड़क निर्माण सुचारु करने की मांग की है। बेगसर ग्राम पंचायत की सरपंच दीपा कंवर और समस्त ग्रामवासियों ने डीडवाना-कुचामन जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। राजश्व रिकॉर्ड में दर्ज कटाणी रास्ते की सरकारी नाप करवाई जाए। कटाणी नाप के अनुसार जो भी अवैध कब्जा या अतिक्रमण रास्ते में आ रहा है, उसे तुरंत हटवाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
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कृष्ण पंवार के निर्देश: जिला कष्ट निवारण में 6 परिवादों का तत्काल निपटारा

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:-कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार जिला कष्ट निवारण की बैठक में पहुँचे गयारह में से छह परिवादों का किया निपटारा, मंत्री महोदय ने कष्ट निवारण समिति बैठक में विभाग प्रमुख की जगह अधीनस्थ को भेजने वाले अधिकारियों को फटकार के साथ साथ खुली चेतावनी कि प्रॉक्सी नही चलेगी व बैठक में नहीं पहुंचने वाले फिशरी डिपार्टमेंट के अधिकारी को दिया कारण बताओ नोटिस, मंत्री पंवार बोले चनोत-हांसी के प्रदर्शकारियों के साथ नाइंसाफी नही होगी कुरुक्षेत्र:-कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार जिला कष्ट निवारण की बैठक में पहुँचे जहां उन्होंने गयारह में से छह परिवादों का निपटारा करने की बात कही व कहा कि लंबे अरसे से लंबित पांच शिकायतों का भी जल्द निपटारा कर दिया जाएगा मंत्री महोदय ने कष्ट निवारण समिति बैठक में विभाग प्रमुख की जगह अधीनस्थ को भेजने वाले अधिकारियों को फटकार के साथ साथ खुली चेतावनी कि प्रॉक्सी नही चलेगी व बैठक में नहीं पहुंचने वाले फिशरी डिपार्टमेंट के अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि अंसल सुशांत सिटी में लोगो के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रबन्धन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने,लाडवा में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तारी, एक सहकारी समिति प्रबंधक को जांच पूरी होने तक निलंबित करने के आदेश दिए गए है वही मंत्री महोदय बोले चनोत-हांसी के प्रदर्शकारियों के साथ नाइंसाफी नही होगी क्योंकि प्रजातंत्र में सबको अपनी बात कहने का हक है उनके साथ थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, शाहाबाद विधायक राम करन काला सहित जिला के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजद रहे बाईट: कृष्ण पंवार मंत्री हरियाणा
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पटना: तेज प्रताप यादव के पूर्व सहायक पर 20 लाख चोरी मामला, FIR दर्ज

Noida, Uttar Pradesh:पटना, बिहार: JJD के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने अपने पूर्व निजी सहायक मोतीलाल राय पर 20 लाख रुपये नकद, आभूषण और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी करने का आरोप लगाते हुए पटना के सचिवालय थाने में FIR दर्ज कराई है। मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती ने कहा, "पिछले दो दिनों से उनका फोन बंद आ रहा था। हमने तेज प्रताप के नंबर पर कॉल किया और पूछा, 'भैया, ये (मोतीलाल राय) कहां हैं? इनका फोन बंद आ रहा है। हमें बहुत घबराहट हो रही है। कुछ हुआ है क्या?' उन्होंने कहा, 'नहीं, चिंता की कोई बात नहीं है। तुम आराम से रहो। मेरे साथ मोतीलाल हैं। कोई समस्या नहीं होगी।' हम फिर निश्चिंत हो गए... उसके बाद कल 5 लोग चार बाउंसर और एक महिला बाउंसर आए। उस समय मेरे घर पर न तो मेरी माताजी थीं और न मेरे पिताजी घर पर थे... वो अजीब तरह का बर्ताव करने लगे, 'पेपर निकालिए, पेपर निकालिए'... फिर हमने तेज प्रताप यादव को फोन किया और बताया कि ये लोग आए हैं, आपका कौन-सा पेपर देना है..."
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दिल्ली की मुख्य सड़कों पर कूड़ा घर: हादसों का खतरा बढ़ गया

Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में मुख्य सड़कों पर बनाए गए छोटे कूड़ा घर अब लोगों के लिए परेशानी का सबक बन गए हैं मुख सड़कों पर बनाए गए यह कुडगर अब हादसों को दावत देने लगे हैं\n\n दरअसल कुछ साल पहले जब दिल्ली नगर निगम घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना लाई थी उसके बाद छोटे ई रिक्शा दिल्ली नगर निगम में कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए थे ताकि छोटी और संकरी गलियों से भी पूरा उठाया जा सके इसके बाद मुख्य सड़कों पर यह दलव घर बनाए गए थे ताकि जो छोटे ई रिक्शा कूड़े के लिए लगाए गए थे वह कूड़ा सड़क पर इकट्ठा करें इसके बाद यहां से कूड़े को गाजीपुर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया जाए लेकिन यह कूड़ा घर सुविधा के बजाय परेशानी का सबक बन गए हैं दर्शन पूरी दिल्ली में यह कूड़ा घर मुख्य सड़कों पर बनाए गए थे अब इन कूड़ा घर में आवारा पशुओं ने अपना घर बना लिया है और कभी भी किसी भी समय पर आवारा पशु बीच सड़क आ जाते हैं जिससे हाथों की आशंका बनी रहती है दिल्ली नगर निगम को इन कूड़ा घर को लेकर कोई ना कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कोई भी बड़ा हादसा सड़कों पर हो सकता है
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चूरू के घांघू गांव में 55 वर्षीय की हत्या; गला दबाकर मौत की आशंका

Churu, Rajasthan:55 वर्षीय व्यक्ति का संदिग्ध अवस्था में मिला शव चूरू। सदर थाना क्षेत्र के गांव घांघू में मंगलवार सुबह 55 वर्षीय व्यक्ति का संदिग्ध शव मिला। शव के गले में एक कपड़ा मिला हैं। गले पर निशान भी बने हुआ हैं, जिसको देखकर पुलिस प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला मान रही हैं। सूचना के बाद सदर थानाधिकारी मोटाराम व एएसआई सुरेन्द्र रेडू मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया हैं। घटना स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया हैं। पुलिस ने एंबूलेंस की सहायता से शव को डीबी अस्पताल पहुंचाया। जहां शव को मोर्चरी में रखवाया हैं। घटना की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गयी। मृतक के बेटे ने शव की शिनाख्त अपने पिता 55 वर्षीय श्रीचंद भाखर के रूप में की हैं। सदर थानाधिकारी मोटाराम ने बताया कि मंगलवार सुबह सूचना मिली कि गांव घांघू में लाखाउ-घांघू रोड पर जीण माता मंदिर के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हैं। तुरन्त पुलिस जाप्ता के साथ मौके पर पहुंचे तो देखा कि 55 वर्षीय श्रीचंद का शव पड़ा था। जिसके गले में एक कपड़ा मिला हैं। जिसको देखकर लग रहा है कि गला दबाकर हत्या की गयी हैं। मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया हैं। जिसने आसपास के क्षेत्र से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाये हैं। मृतक के भतीजे विक्रम ने बताया कि सुबह जल्दी दूध लेने जा रहा था। तभी गांव के किसी युवक ने इसकी सूचना दी। तब मौके पर जाकर देखा तो शव श्रीचंद भाखर का होना बताया। रात नौ बजे घर से निकले, मृतक श्रीचंद के परिजनों ने बताया कि सोमवार रात करीब नौ बजे घर से खाना खाकर निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटे। मंगलवार सुबह गांव के लोगों से शव मिलने की सूचना मिली हैं। मृतक श्रीचंद खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता हैं। जिसके दो बेटे है और एक बेटी हैं。 बाइट __मोटाराम, सदर थानाधिकारी चूरू। नवरतन प्रजापत जी मीडिया चूरू
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8 साल से बंद डीटीसी बस: दिल्ली के ग्रामीण अब पैदल यात्रा पर मजबूर

Delhi, Delhi:वर्षो से बंद बस सेवा, ग्रामीण बेहाल पैदल सफर तय करना मुश्किल। दिल्ली राजधानी को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाली राजधानी बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन दिल्ली के ही कई गांव आज भी बुनियादी परिवहन सुविधा के लिए तरस रहे हैं। उत्तरी दिल्ली के नंगली पूना से इब्राहिमपुर गांव तक कभी दौड़ने वाली डीटीसी बस सेवा पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी है। नतीजा यह है कि हजारों ग्रामीण रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। दिल्ली के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। नंगली पूना से कादीपुर, अमन कॉलोनी, कुशक नंबर-1, सुशांत विहार होते हुए इब्राहिमपुर गांव तक चलने वाला डीटीसी बस रूट नंबर 134 कभी हजारों लोगों की जीवनरेखा हुआ करता था। यह बस आजादपुर बस अड्डे से चलकर इन गांवों को राजधानी से जोड़ती थी, लेकिन करीब 8 साल पहले यह सेवा अचानक बंद कर दी गई। ग्रामीणों का दावा है कि नंगली गांव और कादीपुर के बीच नाले पर पुल निर्माण के दौरान बस सेवा रोकी गई थी। लोगों के विरोध के बाद कुछ समय के लिए बसें फिर चलीं, लेकिन बाद में सेवा दोबारा बंद कर दी गई। तब से लेकर आज तक कादीपुर, अमन कॉलोनी, कुशक नंबर-1, सुशांत विहार और इब्राहिमपुर गांव के लोग बस सुविधा से वंचित हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि नौकरीपेशा, छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। बस न होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है, जहां से उन्हें दूसरी बसें या अन्य साधन मिलते हैं।ग्रामीणों का दावा है कि जिस सड़क पर पहले बसें चलती थीं, वह अब जगह-जगह से टूटी हुई है। कई स्थानों पर दिल्ली जल बोर्ड और अन्य विभागों के विकास कार्य अधूरे पड़े हैं, जिसके कारण सड़क की हालत बदतर हो चुकी है। अब ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि यदि बड़ी डीटीसी बसें इस मार्ग पर नहीं चल सकतीं तो दिल्ली सरकार की "देवी बस" सेवा को गांवों तक शुरू किया जाए, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके। आखिर दिल्ली के इन गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा कब मिलेगी? और क्या सरकार ग्रामीणों की इस मांग पर कोई ठोस कदम उठाएगी? फिलहाल हजारों लोग बस सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।
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रीवा गैंगवार: पुराने विवाद से दहशत, देर रात गोलियों से शहर दहल गया

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बड़ी वारदात सामने आई है। एक तरफ पूरी रात पुलिस शहर में कांबिंग गश्त कर अपराधियों की तलाश में जुटी रही, वहीं दूसरी तरफ देर रात शहर की सड़कों पर गैंगवार ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया। दरअसल शहर में पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भय का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक देर रात करीब 1 बजे अमहिया, समान और बिछिया थाना क्षेत्र से जुड़े इलाके में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। विवाद के दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने जमकर हंगामा किया, गाड़ियों में तोड़फोड़ की और फायरिंग भी की। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग के दौरान दो गोलियाँ एक कार में जा लगीं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही अमहिया, समान और बिछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गैंगवार की वजह दोनों पक्षों के बीच चला आ रहा पुराना विवाद है। मामले में चार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। बिछिया थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना से जुड़ी तीन कारों को जब्त कर लिया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा。
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जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट से आंध्र में रोजगार और निवेश बढ़ेंगे

Noida, Uttar Pradesh:जोन्नागिरि गोल्ड माइन: रायलसीमा में सुनहरे भविष्य की नई शुरुआत आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले के तुग्गली मंडल में स्थित जोन्नागिरि आज देश की सबसे महत्वपूर्ण स्वर्ण खनन परियोजनाओं में से एक बनकर उभर रहा है। दशकों तक चले भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों और अन्वेषण के बाद यह क्षेत्र अपने विशाल स्वर्ण भंडार के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। जोन्नागिरि का इतिहास जोन्नागिरि में सोने की मौजूदगी कोई नई खोज नहीं है। इतिहासकारों का मानना है कि विजयनगर साम्राज्य के समय यहां सीमित स्तर पर सोने का उत्खनन किया जाता था। आज भी इस क्षेत्र में पुराने गड्ढों और खुदाई के अवशेष देखे जा सकते हैं। ब्रिटिश शासन के दौरान भी यहां प्रारंभिक अध्ययन किए गए थे, लेकिन तकनीकी सीमाओं के कारण बड़े पैमाने पर खनन कार्य शुरू नहीं सका। आधुनिक खोज की शुरुआत कैसे हुई? वर्ष 2003-04 के आसपास भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इस क्षेत्र में व्यापक अध्ययन किया। इसके बाद निजी खनन कंपनियों ने विस्तृत अन्वेषण और ड्रिलिंग कार्यक्रम शुरू किए। हजारों मीटर की ड्रिलिंग और प्रयोगशाला परीक्षणों के बाद यह पुष्टि हुई कि यहां आर्थिक रूप से लाभदायक मात्रा में स्वर्ण अयस्क मौजूद है। परियोजना का क्षेत्र जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट 600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह परियोजना जोन्नागिरि, एर्रागुडी, पगादिरायी और चापिरेवुला गांवों तक विस्तारित है। कितना सोना मौजूद है? भूवैज्ञानिक आकलनों के अनुसार— • परियोजना क्षेत्र में लाखों टन स्वर्ण युक्त अयस्क मौजूद है। • औसत स्वर्ण ग्रेड 1.2 से 1.8 ग्राम प्रति टन (g/t) के बीच है। • कुछ क्षेत्रों में 3 ग्राम प्रति टन से अधिक ग्रेड भी दर्ज किया गया है। • खदान के पूरे संचालन काल में कई टन सोने का उत्पादन होने की संभावना है।खनन कैसे किया जाएगा? यह परियोजना मुख्य रूप से ओपन-पिट (ओपन-कास्ट) खनन पद्धति पर आधारित है। खनन प्रक्रिया में शामिल होंगे— • सतह की मिट्टी और चट्टानों को हटाना। • स्वर्ण Yुक्त अयस्क का उत्खनन। • अयस्क को क्रशिंग और प्रोसेसिंग इकाइयों तक पहुंचाना। • आधुनिक धातुकर्म तकनीकों के माध्यम से सोने की रिकवरी करना। परियोजना में निवेश जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट में सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। मुख्य निवेश क्षेत्रों में शामिल हैं— • खनन अवसंरचना • अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र • विद्युत आपूर्ति प्रणाली • जल प्रबंधन सुविधाएं • सड़क और परिवहन नेटवर्क का विकास स्थानीय लोगों को होने वाले लाभ रोजगार के अवसर • सैकड़ों प्रत्यक्ष रोजगार। • हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर। बुनियादी ढांचे का विकास • बेहतर सड़क संपर्क। • बिजली सुविधाओं का विस्तार। • जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार। • स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को बढ़ावा। आर्थिक विकास • स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन। • परिवहन सेवाओं की मांग में वृद्धि। • होटल, रेस्तरां और सहायक उद्योगों के लिए नए अवसर। किसानों और स्थानीय लोगों की चिंताएं आर्थिक लाभों के बावजूद स्थानीय लोगों ने कुछ महत्वपूर्ण चिंताएं भी जताई हैं— • भूमि अधिग्रहण • भूजल स्तर में कमी • धूल प्रदूषण • कृषि पर प्रभाव • खनन अपशिष्ट का प्रबंधन इन मुद्दों को लेकर पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई थी। पर्यावरणीय मंजूरियां परियोजना को शुरू करने से पहले कई नियामक स्वीकृतियां प्राप्त करना आवश्यक है— • पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति • आवश्यक होने पर वन विभाग की मंजूरी • खनन सुरक्षा और संचालन संबंधी परमिट भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना? भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता देशों में से एक है, लेकिन अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। जोन्नागिरि जैसी परियोजनाएं तथा हुत्ती गोल्ड माइन्स और कोलार गोल्ड फील्ड्स जैसी ऐतिहासिक खदानें देश में स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रोचक तथ्य • जोन्नागिरि आंध्र प्रदेश की पहली प्रमुख वाणिज्यिक स्वर्ण खनन परियोजनाओं में से एक है। • रायलसीमा क्षेत्र अब तक लौह अयस्क और चूना पत्थर खनन के लिए प्रसिद्ध रहा है, जबकि स्वर्ण खनन यहां एक नया अध्याय है। • भूवैज्ञानिक इस क्षेत्र को "जोन्नागिरि ग्रीनस्टोन बेल्ट" का हिस्सा मानते हैं, जो स्वर्ण खनिजीकरण के लिए अनुकूल भूगर्भीय संरचना है। • विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में आसपास के क्षेत्रों में भी नए स्वर्ण भंडार खोजे जा सकते हैं। निष्कर्ष जोन्नागिरि गोल्ड प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश और भारत दोनों के लिए एक बड़ी आर्थिक संभावना बनकर उभर रहा है। यदि परियोजना अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचती है, तो यह रायलसीमा के आर्थिक परिदृश्य को बदल सकती है, रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है, निवेश आकर्षित कर सकती है और देश के स्वर्ण उत्पादन को नई दिशा दे सकती है। "सूखे और कठिन परिस्थितियों के लिए पहचानी जाने वाली रायलसीमा की धरती आने वाले वर्षों में स्वर्ण समृद्धि और आर्थिक विकास की नई पहचान बन सकती है।"
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कटार गांव में अग्निवीर रामवीर के लौटने पर भव्य स्वागत, 4 किमी देशभक्ति गूंजे

सवाई माधोपुर जिले के खंडार क्षेत्र में कटार गांव के अग्निवीर रामवीर गुर्जर छह माह का सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर अपने गांव लौटे. गांव के सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया. सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर फूल-मालाओं से अभिनंदन करने के बाद बहरावंडा खुर्द से कटार गांव तक करीब 4 किलोमीटर लंबा विशाल देशभक्ति जुलूस निकाला गया. जुलूस में डीजे पर देशभक्ति गीत बजते रहे और पूरे रास्ते भारत माता की जय तथा इंडियन आर्मी जिंदाबाद के नारों से माहौल गूंज उठा. रामवीर गुर्जर ने बहरावंडा खुर्द स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सलामी दी. ग्रामीणों ने साफा पहनाकर और फूल-मालाओं से उनका सम्मान किया. कटार, छाण, फरिया, बोदल और आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने रामवीर की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.
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Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधान सभा आसपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन आसपुर कथन: सोम कमला आंबा बांध के विस्थापित परिवार अभी भी आवासीय पट्टों से महरूम हैं। बांध निर्माण के दौरान उजाड़े गए करीब 50 से 60 परिवार पिछले पांच दशकों से पट्टों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। पट्टे न होने के कारण वे सरकारी योजनाओं کا लाभ नहीं ले पा रहे। ग्रामीण ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगा रहे हैं। बॉडी: सोम कमला आंबा बांध का निर्माण 1980 के दशक में हुआ था। डूब क्षेत्र के कई गांवों के लोग मुआवजा पाकर विस्थापित भए। लेकिन आधी सदी बाद भी आवासीय पट्टा नहीं मिला है। दफ्तरों के चक्कर: ग्रामीण तहसील, एसडीएम, महंगाई राहत शिविर आदि में बार-बार गुहार लगा चुके हैं। फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। योजनाएं दिखावा: आवासीय पट्टा न होने से वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे। ग्राम सेवा शिविर में आश्वासन मिला कि फाइलें आगे बढ़ेंगी और राहत दी जाएगी। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता बताई और व्यवस्था दिखाने को कहा।
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Muzaffarpur के बेला एरिया में रस्सी फैक्ट्री में आग, लाखों का नुकसान

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur के बेला इंडस्ट्रीज एरिया फेज 2 स्थित श्री कृष्णा प्रोडक्ट नामक प्लास्टिक रस्सी बनाने वाली फैक्ट्री में आज अहले सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. मजदूर और स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग ने फैक्ट्री को चपेट में ले लिया और पूरी फैक्ट्री जलकर राख हो गई. दो मजदूर मौजूद थे जो बाल-बाल बच गए. एक व्यक्ति झुलस गया है. आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों मशक्कत की, लेकिन आग के कारण फैक्ट्री के फायर सेफ्टी सिस्टम की कमी सामने आई. मालिक फैक्ट्री बंद कर फरार हो गया. घायल व्यक्ति के बारे में भी जानकारी दी गई.
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राजस्थान को 12 नई ट्रेनों की सौगात, 100% सीट बुकिंग दर्ज

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के उत्तर-पश्चिम रेलवे क्षेत्र में कई अमृत भारत एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के संचालन के साथ ट्रेनों की संख्या और सेवाओं में वृद्धि से यात्रियों की मांग में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है. खातीपुरा-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस 21 जून को जयपुर में शुभारंभ के साथ 100% से अधिक यात्रियों ने बुकिंग कराई. भुज-जालोर-पालि मारवाड़-दिल्ली एक्सप्रेस, बीकानेर-आहमदाबाद (साबरमती) एक्सप्रेस और जोधपुर-दिल्ली कैंट तथा अन्य ट्रेनों के पहले फेरे से ही यात्रीभार 100% से ऊपर बना हुआ है. 22 मई को भुज से दिल्ली वाया जालोर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ वंदे भारत एक्सप्रेस में 12 कोच बढ़ाए जाने से जोधपुर से दिल्ली के बीच आवागमन सुगम हुआ. 3 महीनों में कई नई ट्रेनों की सौगात मिली है; मई 2025 से शुरुआत हुई पुणे-जोधपुर और चेन्नई-जोधपुर एक्सप्रेस, जुलाई 2025 हैदराबाद-जोधपुर एक्सप्रेस, सितंबर 2025 में दिल्ली-जोधपुर वंदे भारत, दिल्ली-बीकानेर वंदे भारत और चंडीगढ़-उदयपुर एक्सप्रेस जैसे संचालनों ने क्रमवार मार्गों पर सेवा दी. 21 जून को जयपुर के खातीपुरा से दरभंगा के लिए शुरू हुई अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत के दूसरे दिन ही यात्रियों की संख्या 100% से पार रही. दोनो राज्यों के मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने इस भावना को निर्देशित किया कि अधिक यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का सही उपयोग सुनिश्चित हो.
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इंदौर के ब्रजेश्वरी एक्सटेंशन चोरी: दो आरोपी गिरफ्तार, आभूषण बरामद

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित ब्रजेश्वरी एक्सटेंशन में हुई लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से चोरी के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है. दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं. दरअसल 11 जून को ब्रजेश्वरी एक्सटेंशन निवासी सुनीता शर्मा अपने परिवार के साथ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए गई थीं. शाम को लौटने पर उन्होंने देखा कि घर के ताले टूटे हुए हैं और अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी गायब है. शिकायत के बाद तिलक नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही. जिसमें मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अंकित उर्फ बिट्टू शर्मा और दीपक उर्फ भांजा को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली. पुलिस ने उनके कब्जे से सोने की झुमकी, मंगलसूत्र और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है.
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सम्राट चौधरी ने 1990 से जमीन कब्जे का हिसाब लेने की चेतावनी दी

Patna, Bihar:बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव के परिवार पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी है कि 1990 से लेकर अब तक जिन लोगों ने भी पिछड़ों की जमीन पर कब्जा किया है, उनकी जमीन वापस ली जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती और बंगलों को लेकर हुए विवाद के बीच आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा बिहार की 36% अति पिछड़ी आबादी का मैं अंगरक्षक हूं। आरजेडी और कांग्रेस पर अति पिछड़ों- दलितों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि 1990 से 2026 तक जिन्होंने भी अति पिछड़ों की जमीन कब्जाई है, उसका पूरा हिसाब होगा। लालू परिवार की सुरक्षा पर उन्होंने तंज कसा। कहा- सबसे बड़ा खलनायक डरा हुआ है, इसका मतलब बिहार में सुशासन है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को लेकर बड़ी बात कह दी है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने कहा: सम्राट जी बिहार के मुख्यमंत्री हैं, बिल्कुल अच्छा काम कर रहे हैं। अवैध जमीन किसी का भी हो, उसको सरकार को वापस लेना चाहिए और जब वो 1990 से बात करते हैं, तो 1990 वाले सरकार में उनके पिताजी भी थे, सम्राट चौधरी खुद मंत्री थे, अशोक चौधरी जी भी उसी मंत्रालय में मंत्री थे। सबकी जांच करवाइएगा। किसी को मत बकसिएगा। सम्राट जी बिहार के मुख्यमंत्री हैं, आपने बोल दिया है, सब जनता सुन रही है आपकी बात। किसी को मत बकसिएगा, आप लोग भी उसी सरकार में मंत्री थे और 2005 से 26 तक जितने मंत्री बने, चार-पाँच तो दुनिया जानती है, जिनका जमीन बिहार तो छोड़िए देश-विदेश में है, उनका क्या करिएगा? यह भी आप लोगों को बताइए। बाइट----- ऋषि मिश्रा कांग्रेस नेता पूर्व विधायक बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने कहा मुख्यमंत्री ने कहां है ये तो अच्छी बात है और उन्होंने तो किन्हीं का नाम नहीं लिया और आप नाम ले रहे हैं। उन्होंने कहा है कि 1990 से 2005 तक के बीच में जो अति पिछड़ा का ज़मीन कब्जा किए हैं या छीनने का काम किए हैं, ज़बरदस्ती किए हैं, ज़्यादती किए हैं, उनके साथ हिसाब होगा। तो ये तो अति पिछड़ों के लिए, बिहार के लिए खुशी की बात है और उस पर अमल होना चाहिए। हम लोग इसका इंतज़ार करेंगे। RJD के विधायक रणविजय साहू ने कहा की बिहार में 2005 से NDए की सरकार है और माननीय लालू प्रसाद यादव और माननीय तेजस्वी प्रसाद यादव को यह सरकार लगातार टारगेट कर रही है। बिहार में मुद्दा बेरोजगारी का है, पलायन का है, लॉ एंड ऑर्डर का है, बिहार में गिरती हुई विधि व्यवस्था का है और बिहार में जो विशेष राज्य का दर्जा का है। सरकार कहीं ना कहीं इन मुद्दों से बचना चाह रही है और लालू प्रसाद जी का नाम लेकर राजनीति को जिंदा रखना चाह रही है। लालू प्रसाद यादव 1990 के बाद पिछड़ों, दलितों, वंचितों, अल्पसंख्यकों, दलितों, महादलितों को आवाज दी, ताकत दी। अगर लालू प्रसाद यादव नहीं होते, तो अति पिछड़ा का बेटा रणविजय साहू भी मोरवा का दो-दो बार विधायक नहीं होता। यह लालू प्रसाद यादव का सामाजिक न्याय का देन है。
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