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पंचकूला-यमुनानगर हाईवे पर दर्दनाक हादसा: पांच लोग सवार, तीन की मौत

DRDivya RaniJust now
Panchkula, Haryana:पंचकूला। पंचकूला-यमुनानगर नेशनल हाईवे पर गांव टाबर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक स्विफ्ट कार को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के समय कार में कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें चार युवक और एक युवती शामिल थी: हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो युवक और एक युवती बताई जा रही है। वहीं, कार में सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया जा रहा है。 घायलों में अमित कुमार भी शामिल है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद कार से घायलों को बाहर निकालते समय उसके पैर में शीशा लगने से वह घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतकों और अन्य घायलों की पहचान की जा रही है।
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बिहार बाढ़ पर केंद्र की मदद नहीं: गुजरात के बराबर राहत की मांग

Noida, Uttar Pradesh:इसी साल 23 जुलाई को गुजरात में बारिश ही हुई थी, बारिश के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। बारिश मतलब बारिश होने पर ही प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने वहाँ के CM से conferencing की, Airforce और NDRF को अलर्ट मॉड पर रहने को कहा गया। अभी कुछ साल पहले गुजरात में बाढ़ आई तो प्रधानमंत्री मोदी हवाई सर्वेक्षण करने गए, तुरंत 500 करोड़ का पैकेज दिया। राहत और बचाव के लिए Army, Airforce और NDRF की टीमें लगाई। पीड़ितों को 2-2 लाख रुपए दिए। अब देखिए बिहार में बाढ़ से 50 से अधिक लोग मरे है। हज़ारों मवेशी ग़ायब हैं, हज़ारों करोड़ का नुकसान हुआ है, 45 लाख लोग प्रभावित है लेकिन सहायता तो छोड़िए प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री के मुँह से एक शब्द नहीं निकला है। वहाँ मदद करना तो दूर बिहार के CM से फ़ोन पर भी बात नहीं की है। क्या यहाँ के CM को वो फालतू और हल्का समझते है? हमारे बिहार के साथ इतना भेदभाव क्यों? गुजरात में बाढ़ नहीं बारिश में ही केंद्र सरकार active हो जाती है और बिहार में सैंकड़ों लोगों के मरने और 45 लाख बिहारियों के प्रभावित होने पर भी कोई हलचल नहीं। समझो बिहारियों। हमारे यहाँ तो ठनका गिरने से ही एक सीजन में सैंकड़ों लोग मर जाते है फिर भी “ठनके” को इन्होंने राष्ट्रीय आपदा सूची में सम्मिलित नहीं किया। केंद्र सरकार कोई मुआवजा नहीं देती। गुजरात में तो बारिश से मरने पर केंद्र 2 लाख रुपए दे देती है। पहले बिहार पर आपदा आती थी तो लालू जी, नीतीश जी, चाहे इनके बीच जैसे राजनीतिक दुश्मनी हो लेकिन आपदा के समय बिहार के हक को लेकर एक रहते थे। अब तो 30 सांसद सहित 8 केन्द्रीय मंत्री सब गूंगे, बहरे और अंधे है। ये अपने हक के लिए भी नहीं बोल सकते। हम तो विपक्ष में है पहले दिन से माँग कर रहे है, प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है अगर केंद्र से पैकेज मिलेगा तो वो सरकार को मिलेगा, बताइए इसमें मेरा क्या भला होगा? अगर मैं नकारात्मक दृष्टिकोण का होता तो केंद्र पर क्यों दबाव बनाता? तेजस्वी बिहार और बिहारियों के लिए मरता और जीता है, यही हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सिखाया है। भाजपाई लोग तो अब सरेआम कहते है कि हमें बिहारियों की कोई चिंता नहीं। भाजपाई कहते है कि 4 साल 11 महीना बिहारियों को उनके हाल पर छोड़ दो। चुनाव के आख़िरी महीना में 5 किलो चावल और 10 हज़ार नगद बांटो और वो सब भूल जाएँगे। हम बिहारियों के लिए कितने शर्म की बात है कि 45 लाख लोग प्रभावित होने के बावजूद सरकार से कहीं कोई सहायता, सहयोग और उम्मीद नहीं। आख़िर सोचिए ऐसा क्यों? राजनीति से परे यह पूछ रहा हूँ, क्यों? बिहार ने हमेशा देश को झुकाया है लेकिन अब इस बीजेपी के फेर में बिहार झुक रहा है।
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बदलते मौसम से सांस की परेशानियाँ बढ़ीं: कुरुक्षेत्र LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र में मरीज बढ़े

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। कभी बारिश तो कभी गर्मी और बदलते तापमान के चलते अस्पतालों में खांसी, बुखार और जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में खांसी, बुखार और जुकाम से पीड़ित मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है। क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम में लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर पर पानी को अच्छी तरह गर्म करके, हल्का ठंडा होने के बाद ही पीना चाहिए। इसके साथ ही ताजा भोजन करें और अपने आहार में फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक चीजों को शामिल करें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक जाने से बचें। अगर किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार या जुकाम है तो वह मास्क का इस्तेमाल करे, ताकि संक्रमण उसके आसपास के लोगों तक न पहुंचे। अस्पताल में मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन सभी आवश्यक जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉक्टरों की टीम मरीजों का पूरा इलाज कर रही है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यानी बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी आपको बीमारियों से बचा सकती है। साफ-सफाई, पौष्टिक खान-पान, पर्याप्त सावधानी और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
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हिसार में गणेश उत्सव शुरू, पांच दिन पूजा-आरती व झांकियाँ आकर्षण

Hisar, Haryana:देशभर के साथ-साथ हरियाणा के हिसार में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. अग्रवाल कॉलोनी और भामाशाह नगर में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन किया गया. विशाल कलश यात्रा श्रीराम मंदिर से शुरू होकर भामाशाह नगर और न्यू अग्रवाल कॉलोनी से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंची. ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच महिलाओं और श्रद्धालुओं ने नृत्य किया. स्थल पर पंडित सुशील शर्मा द्वारा विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ बप्पा की प्रतिमा स्थापित की गई. यह 5 दिवसीय उत्सव 14 से 18 सितंबर तक चलेगा, जिसमें हर दिन सुबह पूजा-महाआरती, शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ व धार्मिक झांकियाँ होंगी और अंतिम दिन हवन-भंडारे के बाद विसर्जन किया जाएगा.
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संभल विसारु में मस्जिद गेट विवाद पर पुलिस ने 3 मौलाना समेत 6 गिरफ्तार

Sambhal, Uttar Pradesh:संभल। विसारु में विवादित मस्जिद स्थल पर गेट लगाने के विवाद के मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन। मुरादाबाद जिले के मौलाना रासिव समेत 3 गिरफ्तार। ग्राम प्रधान इसरार समेत 5 लोगों के खिलाफ नामजद 6 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज। पुलिस ने मौलाना समेत तीनों गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी कार्यवाही के बाद जेल भेजा। गाँव में शांति व्यवस्था कायम रखने के मद्देनजर पुलिस तैनात। तीन दिन पूर्व विसारु में विवादित मस्जिद स्थल पर रात में चोरी छिपे गेट लगाए जाने पर दोनों समुदाय आमने सामने आ गए थे। पुलिस ने गाँव में बमुश्किल हालात को नियंत्रित किया। बहजोई थाना इलाके के विसारु गाँव का मामला
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चलती बाइक से गिरने के बाद नरसिंहपुर में 68 वर्षीय महिला की मौत

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले में चलती बाइक से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुई 68 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतिका के बेटे भूरा यादव ने बताया कि उनकी मां रामकली बाई (68), निवासी उखरी, चीचली बाजार से बाइक से घर लौट रही थीं। इसी दौरान बंदरबारू के पास अचानक वह बाइक से नीचे गिर गईं। हादसे में रामकली बाई को गंभीर चोटें आईं। परिजन आनन-फानन में उन्हें गाडरवारा के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर कर दिया। यहाँ उपचार के दौरान रामकली बाई की मौत हो गई। बाइट- भूरा यादव (मृतिका का पुत्र)
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रतलाम के रावटी में शव मिलने से हड़कंप: प्रेम-प्रसंग और हत्या के आरोप

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम\n\nरतलाम जिले के रावटी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जंगल में झाड़ियों के बीच युवक और युवती के शव मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों के शव काफी पुराने बताए जा रहे हैं, जिसके चलते वे डिकम्पोज हो चुके हैं। युवती का शव भी पूरी तरह खराब हो चुका है। पुलिस ने दोनों शवों को मेडिकल कॉलेज भेजा है, जहां पोस्टमार्टम के बाद मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है। दोनों के परिजनों को भी मौके पर बुलाया गया है।\n\nवही दोनों के जहर खाने के बाद फांसी लगाने कि बात सामने आ रही है मौक़े से पोइजन भी मिला है, पीएम के बाद मौत के कारण का खुलासा होगा\n\nबताया जा रहा है कि युवती के परिजनों ने 31 अगस्त को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि युवक के परिवार ने दोनों की हत्या की है। उनका कहना है कि दोनों के बीच संबंध थे और युवक के परिजनों ने युवती को आठ दिन में वापस लाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पुलिस पर भी युवती को तलाशने में लापरवाही का आरोप लगाया है।\n\nfिलहाल दोनों गांवों में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है। पुलिस प्रेम-प्रसंग सहित सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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Amit Shah के UCC बयान से NDA 2029 तक लागू करने का दावा

Patna, Bihar:अमित शाह के UCC वाले बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया.. भाजपा ने कहाँ की समान नागरिक संहिता का सीधा अर्थ है, सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषयों में अलग-अलग व्यवस्थाओं की जगह, एक समान कानूनी ढांचा हो। यही UCC का उद्देश्य है। गृह मंत्री आदरणीय अमित शाह जी ने 2029 से पहले, एनडीए (NDA) शासित राज्यों में इसे लागू करने की बात कही है। भाजपा का मानना है कि यह कदम संविधान के अनुच्छेद 44 की भावनाओं के अनुरूप है और इससे कानून के सामने समानता, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों और नागरिक न्याय की व्यवस्था और मजबूत होगी。 राजद कहते हैं 2029 तक UCC लागू कर दिया जाएगा। जनता दल (यू) के नेता इस मामले पर क्या राय रखते हैं? क्योंकि UCC का मतलब है कि संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करना। UCC का मतलब है एजेंडे की राजनीति को आगे बढ़ाना। UCC का मतलब है कहीं न कहीं देश के अंदर वैसी व्यवस्था कायम करना, जिससे सभी धर्मों के लोगों को कहीं न कहीं इससे प्रभावित होना होगा। इस तरह की राजनीति और इस तरह के एजेंडे का जो माहौल बना रहा है भारतीय जनता पार्टी के द्वारा, जिस तरह से अमित शाह जी के द्वारा इस तरह की बातें कही जा रही हैं, उस पर जनता दल (यू) के नेता की क्या प्रतिक्रिया है? जनता दल (यू) के नेता, लोजपा (रामविलास) के नेता, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा इस मामले पर स्पष्ट करें कि उनकी नीति क्या है, उनकी सोच क्या है。 क्या वो भारतीय जनता पार्टी के विचारों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं? क्या बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ देश के अंदर जो सभी धर्मों के लोगों को अपने-अपने अधिकार के अनुसार जीने का जो संवैधानिक व्यवस्था है, उसको कमजोर करने वाली कार्रवाई के साथ खड़े हैं? स्पष्ट करना चाहिए。 क्योंकि UCC का मतलब है कहीं न कहीं देश और देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करना। देश के अंदर उस तरह की व्यवस्था कायम करना जो किसी भी धर्म और किसी भी मजहब के लोगों के लिए उचित नहीं है। भाजपा ने इसपर कहाँ की.UCC संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना है, महिलाओं के समान अधिकार का विषय है, किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। NDA राज्य इसे चर्चा, सुझाव और सहमति से लागू करेंगे। बिहार भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा होगा। 2029 तक समय है。
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हिंदी को ग्लोबल मंच तक पहुंचाने पर मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री की सराहना, बिहार में बाढ़

Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग हिंदी दिवस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संबोधन हिंदी सिर्फ संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है हिंदी को देश के साथ-साथ दुनिया के स्तर पर पहुंचाने का लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिक से अधिक इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए हिंदी साहित्य और कविता ने देश की संस्कृति और विचारों को समाज तक पहुंचाने का काम किया है देश के महान हिंदी साहित्यकारों और कवियों के योगदान को याद करने की जरूरत है हिंदी साहित्य और कविताओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास होना चाहिए नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदी और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाने का काम किया है भारत की संस्कृति, आध्यात्मिकता और परंपरा को दुनिया के सामने मजबूती से रखने का प्रयास हो रहा है हिंदी को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों की मुख्यमंत्री ने सराहना की बिहार में हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं साहित्यकारों और कवियों के माध्यम से हिंदी साहित्य को आम लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है बिहार में बाढ़ और केंद्रीय टीम पर मुख्यमंत्री ने कहा बिहार में हर साल बारिश और बाढ़ की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है नेपाल से आने वाले पानी का बिहार की कई नदियों और बाढ़ की स्थिति पर असर पड़ता है सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है बाढ़ से प्रभावित इलाकों में गरीबों के घर, किसानों की फसल और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम बिहार आएगी केंद्रीय टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी टीम बाढ़ से हुए जान-माल, फसल और इंफ्रास्ट्रक्चर के नुकसान का आकलन करेगी केंद्रीय टीम के दौरे के बाद प्रभावित लोगों के लिए राहत और आगे की कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है। नदियों के स्थायी प्रबंधन पर मुख्यमंत्री का बयान बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नदियों को व्यवस्थित करना जरूरी है कोसी नदी को सिस्टमैटिक करने की दिशा में काम करने की जरूरत है बिहार की प्रमुख नदियों के बेहतर प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा दुनिया के कई देशों में नदियों और समुद्र से आने वाले पानी के प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था है बिहार में भी आधुनिक तकनीक और स्थायी उपायों के जरिए नदियों के प्रबंधन पर काम किया जाएगा हर साल बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करना सरकार की प्राथमिकता है
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