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AKAmit Kumar SinghFollow25 Mar 2025, 05:47 pm

Basti - न्यायालय द्वारा लगाये जुमार्ने को न जमा करने वाले की 86 वर्गमीटर जमीन प्रशासन द्वारा कब्जे में ले लिया

Sari Kalp, Uttar Pradesh:

बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के बेलवाडाड़ गांव में मंगलवार को न्यायालय द्वारा लगाये जुमार्ने को न जमा करने वाले की 86 वर्गमीटर जमीन प्रशासन द्वारा कब्जे में ले लिया गया। नायब तहसीलदार स्वाती सिंह ने बताया कि बेलवाडाड़ गांव के डा0 प्रेम नरायण द्वारा न्यायालय में वाद दाखिल किया था,जिसे संबन्धित न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया था। आदेश के विरूद्ध निगरानी अपर न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के यहां निगारी दाखिल किया था। दोनो पक्षोंं को सुनने के बाद उक्त न्यायालय द्वारा 18 जनवरी 2025 को निगरानी खारिज करते हुए डा0 प्रेम नारायण पर पचास हजार रूपये दंड लगाया था। लगाये गये जुर्माने को उनको दस दिनों में जमा करना था। अर्थ दंड न जमा करने के कारण न्यायलय द्वारा राजस्व वसूली के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया था।

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UP से गेहूँ लाकर MSP पर बेचने का आरोप: करनाल घरौंडा मंडी में हंगामा

Karnal, Haryana:करनाल जिले की घरौंडा अनाज मंडी इन दिनों बड़े विवाद के केंद्र में है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से सस्ती दरों पर गेहूं लाकर यहां समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचा जा रहा है, जिससे न सिर्फ सरकारी सिस्टम को नुकसान हो रहा है बल्कि स्थानीय किसानों के हक पर भी सीधा प्रहार हो रहा है। सस्ती खरीद, महंगी बिक्री का खेल : सूत्रों के मुताबिक व्यापारी उत्तर प्रदेश से करीब 2300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदकर ला रहे हैं और उसे 2585 रुपए प्रति क्विंटल के सरकारी समर्थन मूल्य पर बेच रहे हैं। इस पूरे खेल में भारी मुनाफा कमाया जा रहा है, जबकि असली किसान पीछे छूटता नजर आ रहा है। पोर्टल का दुरुपयोग, लोकल किसानों के नाम पर एंट्री : सबसे गंभीर आरोप यह है कि यूपी से लाई गई गेहूं को स्थानीय किसानों के नाम पर मंडी पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। यानी जो गेहूं हरियाणा के किसानों की नहीं है, उसे भी उनके नाम से दिखाकर सिस्टम को गुमराह किया जा रहा है। मंडी गेट पर हंगामा, ट्रालियां रोकी गईं : मामला तब गरमाया जब मीडिया की मौजूदगी में मंडी गेट पर दो ट्रालियों को रोक लिया गया। जांच में सामने आया कि ट्रालियां उत्तर प्रदेश से आई थीं। इसके बाद मौके पर विवाद खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आढ़तियों ने खोली पोल : गुस्साए आढ़ती प्रवीण कुमार ने खुलकर आरोप लगाया कि मंडी में रोजाना दर्जनों ट्रालियां यूपी से लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मार्किट कमेटी के कुछ कर्मचारी पैसे लेकर इन ट्रालियों की एंट्री करवाते हैं, जिससे यह पूरा खेल बेखौफ जारी है। अधिकारियों का पक्ष भी सामने आया : वहीं, मंडी सुपरवाइजर नरेश कुमार ने सफाई देते हुए बताया कि यूपी से आई दो ट्रालियों और एक जीप को रोका गया था। उन्होंने कहा कि दो ड्राइवर मौके से फरार हो गए, जबकि एक ट्राली का प्राइवेट गेटपास काटा गया है और मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय किसानों में बढ़ती नाराजगी : इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय किसानों में भारी रोष है। उनका कहना है कि अगर बाहरी राज्यों की गेहूं इस तरह मंडी में बेची जाती रही, तो उन्हें अपनी फसल का सही मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। अब सवाल सिस्टम पर : यह मामला सिर्फ अवैध खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। अगर आरोप सही साबित होते हों, तो यह साफ है कि बिना मिलीभगत के इतना बड़ा खेल संभव नहीं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।
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स्कूलों की छुट्टी पर लगने वाले जाम से निपटने की तैयारी, पुलिस लाइन में हुई बड़ी बैठक

Ashwani SharmaAshwani SharmaFollow11m ago
Firozabad, Uttar Pradesh:फिरोजाबाद। शहर में स्कूलों की छुट्टी के समय लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस अधिकारियों, स्कूल संचालकों और व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने भाग लिया। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश गुनावत ने बताया कि दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर भारी जाम लग जाता है, जिससे बच्चों, अभिभावकों और आम लोगों को परेशानी होती है। कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं। स्कूल संचालकों ने सुझाव दिया कि बड़े स्कूलों की छुट्टियां अलग-अलग समय पर कराई जाएं, ताकि वाहनों का दबाव कम हो सके। साथ ही अभिभावकों द्वारा सड़क किनारे वाहन खड़े करने को जाम का बड़ा कारण बताते हुए पार्किंग व्यवस्था सख्त करने की मांग की गई। पुलिस ने छुट्टी के समय रोड डायवर्जन, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और स्कूलों के आसपास ई-रिक्शा के प्रवेश पर अस्थायी रोक जैसे प्रस्ताव रखे। व्यापार मंडल ने भी इन सुझावों का समर्थन किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वे कर जल्द ही ट्रैफिक सुधार की ठोस योजना लागू की जाएगी।
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85 साल बाद कश्मीर के शादीपोरा में दशर कुंभ मेले की पुनरुद्धार

Chaka, 85 साल बाद कश्मीर के शादीपोरा में 'दशर महाकुंभ मेला' आयोजित किया जाएगा। 15 जुलाई से 24 जुलाई तक अपनी ऐतिहासिक कुंभ मेले की परंपरा को फिर से शुरू करने जा रहा है कश्मीर। कश्मीरी कुंभ जिसे दशर कुंभ कहा जाता है देश के उन चार मुख्य अखिल भारतीय कुंभ मेलों में से नहीं है (जो बारी-बारी से प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में आयोजित होते हैं). इसके बजाय, यह कश्मीर की सदियों पुरानी स्थानीय परंपरा को पुनर्जीवित करता है, जिसे 'दशर महाकुंभ' (या कश्मीर में केवल 'कुंभ मेला') कहा जाता है। यह मेला पहले हर साल एक पवित्र नदी संगम पर आयोजित होता था, लेकिन 1941 के बाद कई कारणों से यह बंद हो गया था। 15 जुलाई से 24 जुलाई, 2026 तक, यह 10-दिवसीय आयोजन उत्तरी कश्मीर के गंदरबल जिले के शादीपोरा में फिर शुरू होगा—विशेष रूप से उस पवित्र संगम पर, जहाँ सिंधु नदी और झेलम नदी (जिसे स्थानीय रूप से 'वितस्ता' के नाम से जाना जाता है) का संगम होता है। कश्मीरी परंपरा में इस स्थान को लंबे समय से पवित्र माना जाता रहा है। उम्मीद की जारी है कि कश्मीर कुंभ मेले में लगभग 2-3 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे। इस मेले का आयोजन स्वामी कालिकानांद सरस्वती और उनके मठ द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इस परंपरा को फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य "यह संदेश देना है कि ईश्वर एक है" और कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत से फिर से जुड़ना है। इस कुंभ का एक छोटा संस्करण 2016 में आयोजित किया गया था। 75 साल के अंतराल के बाद, उसी स्थान पर केवल एक दिन के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 35,000 कश्मीरी पंडित और अन्य लोग शामिल हुए थे। इस उत्सव में पवित्र संगम में स्नान, धार्मिक प्रवचन, कश्मीरी लोक और शास्त्रीय संगीत पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम, और सामुदायिक कार्यक्रम शामिल होंगे। यह कुंभ स्थानीय मुस्लिम निवासियों के सहयोग से भी सम्पन्न होता है, जो नावों के जरिये तीर्थयात्रियों को नदी पार कराते हैं और आवश्यक सामग्रियां प्रदान करते हैं। यह आयोजन कश्मीरी संस्कृति के पुनरुद्धार, लोगों के साहस और 'कश्मीरियत' की भावना का प्रतीक है। शादिपोरा संगम के पवित्रता का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है, जैसे नीलमत पुराण, महाभारत और सतीसर कथा।
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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टोपी पहनने से इनकार, राजनीतिक तूफान गर्म

Kishanganj, Bihar:बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। सीएम सम्राट ने जालीदार टोपी पहनने से इंकार किया तो बिहार में सियासी तूफान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में आ गये है,बताया जाता है कि जनता दरबार के दौरान एक मुस्लिम कार्यकर्ता ने उन्हें पारंपरिक जालीदार टोपी पहनाने की कोशिश की, लेकिन सीएम सम्राट ने विनम्रता से टोपी पहनने से इंकार कर दिया। तो वही AIMIM के विधायक तौसीफ आलम ने सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम को उस व्यक्ति की भावना का सम्मान करते हुए टोपी पहन लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि टोपी का अपमान हुआ है। टोपी पहन लेने से कोई मुसलमान नहीं बन जाता है। उन्होंने बताया कि सम्राट चौधरी पूरे बिहार के मुख्यमंत्री हैं, किसी एक समुदाय के नहीं है।विधायक ने बताया कि सीएम सम्राट ने एक बयान में कहा था कि उनका प्रारंभिक शिक्षा मदरसे से आरंभ हुई थी। भाजपा कहती है,सबका साथ सबका विकास फिर बिहार के मुख्यमंत्री टोपी का अपमान कर एक समुदाय को छोड़कर क्यों चल रहे है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टोपी नहीं पहना जो अफसोस की बात है।उन्होंने कहा कि आप सिर्फ भाजपा का ही मुख्यमंत्री नही है वल्कि पूरे बिहार के मुख्यमंत्री है किसी एक समुदाय के आप नहीं है।
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बस्ती ग्राहक सेवा केंद्र के द्वारा ग्राहकों के खाते से रुपया गायब करने का मामला

Sachin Kumar GondSachin Kumar GondFollow16m ago
Nachana, Uttar Pradesh:ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने उपभोक्ताओं के खाते से निकाल लिया पैसा दर दर भटकने को मजबूर हुए उपभोक्ता S. B. I. शाखा केशवपुर पहुचे उपभोक्ताओं ने शाखा प्रबंधक से की शिकायत जिला पंचायत सदस्य का कारनामा पहले किया घोटाला फिर खुद ही आत्महत्या करने की पत्र लिखकर दे रहा धमकी लोगों के खाते से गायब कर दिये पैसे सीएसपी संचालक पर गंभीर आरोप जिला पंचायत सदस्य मुलायमगंज बाजार में चलाता है कस्टमर सर्विस पॉइंट जिला पंचायत सदस्य का आरोप संबंधित विभाग के अधिकारी कर रहे प्रताड़ित जिसके चलते उठाना पड़ रहा है आत्म हत्या जैसा कदम व्याज पर पैसा लेने का भी पत्र लिखकर आरोप लगा रहा कस्टमर सर्विस पॉइंट ( ग्राहक सेवा केंद्र ) संचालक जिला पंचायत सदस्य सीएसपी के उपभोक्ताओं ने बैंक पर पहुंच कर किया शिकायत कहा साहब हमारे खाते से गायब हो गये पैसे पिता पुत्र दोनों घर से लापता पैकोलिया थाने दर्ज हुई गुम सूदगी पहले भी कई सीएसपी संचालक कर चुके हैं घोटाला
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