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Parvez AlamParvez AlamFollow6 Feb 2025, 02:57 pm
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श्रीनगर के कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने सुरक्षित आवास 30 सितंबर तक भूख हड़ताल की चेतावनी

Chaka, आतंकी धमकियों के बीच सुरक्षित आवास मिलने में देरी को लेकर श्रीनगर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने मौन विरोध प्रदर्शन किया और 1 अक्टूबर से भूख हड़ताल की चेतावनी दी। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने बुधवार को श्रीनगर में मौन विरोध प्रदर्शन किया और सुरक्षित सरकारी ट्रांजिट आवास के तुरंत आवंटन की मांग की। कर्मचारियों ने, जिनमें से कई सालों से किराए के मकानों में रह रहे हैं, कहा कि पिछले एक महीने से आतंकी समूहों से मिल रही लगातार धमकियों और सरकार के झूठे आश्वासनों व समय-सीमाओं ने उन्हें विरोध के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। उन्होंने प्रशासन को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए 30 सितंबर की सख्त समय-सीमा दी है, अन्यथा वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। पंडित कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉलोनी में इकट्ठा होकर कहा कि घाटी भर में उनके लगभग 3,500 साथी अभी भी निजी किराए के मकानों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन किराए के मकानों में उचित सुरक्षा नहीं है, जिससे वे असुरक्षित हो जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि कई ट्रांजिट आवास बनकर तैयार हैं, लेकिन हमें उनका कब्ज़ा नहीं दिया जा रहा है। केवल झूठे आश्वासन और समय-सीमाएं दी गई हैं। कश्मीरी पंडित कर्मचारी आशीष राजदान ने कहा, "हमारी मुख्य मांग वही है जिसे हम सालों से सरकार के सामने उठा रहे हैं। हम 2010 से यहां हैं, 16 साल हो गए हैं और हमें अभी तक सुरक्षित आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है। हमें एक के बाद एक समय-सीमा दी गई है: पहले अप्रैल, फिर मई, जून, जुलाई, अगस्त और अब प्रशासन ने हमें सितंबर के अंत की समय-सीमा दी है। मुझे समझ नहीं आता कि जब कुछ इमारतें पहले ही बनकर तैयार हैं, तो हमें उनका कब्ज़ा क्यों नहीं दिया जा सकता। 39 इमारतों में से 26 रहने के लिए तैयार हैं। हमें तुरंत इन इमारतों में क्यों नहीं भेजा जा सकता? बाकी इमारतों का निर्माण साथ-साथ जारी रह सकता है। 30 सितंबर हमारी समय-सीमा है। अगर तब तक हमारी मांग पूरी नहीं हुई, तो हम भूख हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। हर बार जब हमारे खिलाफ धमकी भरा पत्र जारी किया जाता है, तो बहुत तनाव होता है। आज, हम मीडिया से बात करने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं." कश्मीरी पंडित कर्मचारी बरखा ने कहा, "हम यहां इसलिए जमा हुए हैं क्योंकि हम सालों से ट्रांजिट कैंपों में रहने की जगह का इंतज़ार कर रहे हैं। सरकार हमें भरोसा दिलाती रही है कि हमें रहने की जगह दी जाएगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। अब, धमकी भरे नए पत्रों के आने से हमारी चिंताएं बढ़ गई हैं। हमारी मांग बहुत सरल है: जो इमारतें पहले से तैयार हैं, उन्हें खोला जाए और हमें तुरंत वहां शिफ्ट किया जाए। इससे सरकार के लिए हमें उचित सुरक्षा देना भी आसान हो जाएगा। यह हमारे लिए बहुत बड़े मानसिक तनाव का कारण बन गया है।" समूह ने साफ कर दिया कि अगर 30 सितंबर तक सुरक्षित आवास नहीं दिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन आतंकी धमकियों की नई लहर के बीच हो रहा है। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) द्वारा जारी पत्रों में PM पैकेज के तहत काम करने वाले कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने या मौत का सामना करने की चेतावनी दी गई है। आरोप है कि फोन नंबर, घर के पते और वाहन पंजीकरण नंबर जैसी निजी जानकारी ऑनलाइन लीक कर दी गई और सोशल मीडिया व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाई गई। इन धमकियों ने कश्मीर घाटी में काम कर रहे लगभग 6,000-7,000 PM पैकेज कर्मचारियों के बीच डर पैदा कर दिया है। समूदाय के कार्यकर्ताओं ने पुनर्वास पैकेज के आवास वाले हिस्से में लंबे समय से चली आ रही कमियों को उजागर किया है। हालांकि श्रीनगर में ज़ेवान, अनंतनाग में मट्टन और वीरिनैग जैसी जगहों और घाटी में अन्य स्थानों पर हजारों ट्रांजिट क्वार्टर बनाए गए हैं, लेकिन असल आवंटन और उनमें रहने की प्रक्रिया धीमी रही है। किराये के मकानों में रहने वाले कर्मचारियों ने बार-बार ट्रांजिट कॉलोनियों और निजी आवासों, दोनों के सुरक्षा ऑडिट की मांग की है, साथ ही तैयार हो चुके घरों का कब्ज़ा तय समय सीमा के भीतर देने की भी मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि तैयारी के सरकारी दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर बना हुआ है। अब 30 सितंबर की समय सीमा तय होने के साथ, श्रीनगर में हो रहा यह मौन विरोध प्रदर्शन अधिकारियों पर दबाव बढ़ाने का एक स्पष्ट संकेत है, ताकि वे सुरक्षा के कड़े माहौल के बीच आवास से जुड़े लंबे समय से लंबित वादों को पूरा करें। बीजेपी और नेशनल कांफ्रेंस ने भी इनकी माँग को जायज़ ठहराते कहा की सरकार को इन्हें सुरक्षित एकॉम्यूडेशन देने में जल्दी करनी चाहिए। बीजेपी ने कहा कि एक तरफ़ हम कश्मीरी पंडितों को वापिस लेन की कोशिश में है दूसरी तरफ़ उन्हें धमकी मिल रही है ऐसे में यह उनकी माँग जायज़ है। नेशनल कांफ्रेंस ने कहा कि केंद्र सरकार और एमएचए को इसके बारे में घम्बीरता से सोचना चाहिए।
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SC ने बेटे को मां से माफी मांगने की सलाह दी; आशीर्वाद विवाद हल

SSSohil SanaJust now
Noida, Uttar Pradesh:'मां के पैर छूकर माफी मांगो, आर्शीवाद लो..’ संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट की बेटे को नसीहत मां-बेटे के बीच संपत्ति विवाद की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में एक भावनात्मक क्षण देखने को मिला। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने बेटे को मां के महत्व की याद दिलाते हुए उसे अपनी मां के पास जाकर माफी मांगने और उनका आशीर्वाद लेने को कहा। जस्टिस शर्मा ने बेटे की अर्जी खारिज करते हुए कहा, “आपको अपनी मां के पास जाना चाहिए। उनके पैर छूकर माफी मांगनी चाहिए। उनका आशीर्वाद लेना चाहिए *SC के सामने मामला क्या था* यह विवाद उस संपत्ति से जुड़ा था, जिसके मां और पिता एकमात्र मालिक थे। माता-पिता ने अपने बेटे और बहू को स्नेहवश संपत्ति की पहली मंजिल पर रहने की इजाजत दी थी। बेटे और बहू को वहां रहने के लिए कोई किराया नहीं देना पड़ता था। कानूनी रूप से यह व्यवस्था लाइसेंस के आधार पर थी, यानी बेटे और उसकी पत्नी को केवल माता-पिता की इजाजत से वहां रहने दिया गया था। उन्हें इस आधार पर संपत्ति का मालिकाना हक नहीं मिला था। माता-पिता का आरोप था कि कुछ समय बाद बेटे और उसकी पत्नी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया और दोनों माता-पिता पर संपत्ति उनके नाम करने के लिए दबाव बनाने लगे। यही नहीं, बेटे और उसकी पत्नी ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति पर मालिकाना हक का दावा भी कर दिया। नाराज माता-पिता ने अखबार में पब्लिक नोटिस प्रकाशित कर बेटे और बहू से सभी संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी। उन्होंने बेटे के against FIR दर्ज कराई और बेटे व बहू को नोटिस भेजकर उन्हें दी गई संपत्ति में रहने की अनुमति भी समाप्त कर दी। *निचली अदालत ने माता-पिता के पक्ष में दिया फैसला* निचली अदालत ने माता-पिता के पक्ष में फैसला दिया। कोर्ट ने माना कि माता-पिता संपत्ति के एकमात्र मालिक हैं। बेटे और बहू को केवल लाइसेंसी के रूप में वहां रहने की अनुमति दी गई थी। उन्हें संपत्ति पर कोई मालिकाना अधिकार नहीं मिला था। इसलिए लाइसेंस समाप्त किए जाने के बाद बेटे और बहू को पहली मंजिल का कब्जा खाली करना होगा। *दिल्ली हाई कोर्ट ने भी फैसला बरकरार रखा* ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ बेटे ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। 17 अप्रैल को हाई कोर्ट ने माता-पिता के पक्ष में दिए गए आदेश को कायम रखा। इसके बाद बेटे ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। *सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज की* मामले की सुनवाई जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन.के. सिंह की बेंच के सामने हुई। सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने बेटे को सलाह दी कि उसे केस लड़ने के बजाय अपनी मां के पास जाकर उनके पैर छूकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बेटे से अपनी सारी गलतियों के लिए मां से माफी मांगने और उनका आशीर्वाद लेने को कहा। जस्टिस शर्मा ने कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों से भी कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि यह लड़का गलत कर रहा है? उन्होंने कहा कि कोर्ट उसे इसलिए सलाह दे रही है कि वह अपनी मां के पास जाए, उनके पैर छूकर माफी मांगे और उनसे आशीर्वाद ले!'
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BRICS समिट से पहले दिल्ली में NSG सुरक्षा कवच, 100 गाड़ियों का काफिला

New Delhi, Delhi:BRICS समिट से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की तैयारी है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की सुरक्षा के लिए NSG ने शुरू किया ऑपेरशन कवच.. NSG के साथ दिल्ली पुलिस और दूसरी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मैदान में उतरेंगी। दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS सम्मेलन के दौरान करीब 100 गाड़ियों का सुरक्षा काफिला नजर आएगा। वहीं NSG कमांडो संवेदनशील इलाकों में मोर्चा संभालेंगे। राजधानी दिल्ली में दुनिया के बड़े देशों के शीर्ष नेताओं के आने के मध्यनज़र...नेताओं की सुरक्षा के लिए जमीन से आसमान तक मल्टी-लेयर सिक्योरिटी का एक कवच बनाया गया है। दिल्ली में होने वाले सम्मेलन से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने अपना पूरा प्लान तैयार कर लिया है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। BRICS SECURITY PLAN 'ऑपेरशन कवच' 100 से ज्यादा गाड़ियों का सुरक्षा काफिला NSG कमांडो की होगी तैनाती 11 बड़े होटल बनाए गए हाई सिक्योरिटी जोन दिल्ली पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसीं रखेंगी नज़र.. राष्ट्राध्यक्षों के लिए अलग सुरक्षा घेरा NSG ने 'ऑपरेशन BRICS कवच' के तहत सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए सम्मेलन से पहले NSG ने बाकायदा मॉक ड्रिल भी की थी। NSG की कई टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगी। सूत्रों के मुताबिक करीब 100 NSG कमांडो सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे。 इनमें SWAT यूनिट भी शामिल रहेगी。 NSG कमांडो SWAT कमांडो होटल के बाहर सुरक्षा बैरिकेडिंग पुलिस पेट्रोलिंग ब्रिक्स में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ प्रतिनिधि दिल्ली के अलग-अलग हाई-प्रोफाइल होटलों में ठहरेंगे। इसी वजह से करीब 11 बड़े होटलों को हाई सिक्योरिटी जोन में रखा गया है। इन होटलों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के साथ दूसरी सुरक्षा एजेंसियां आपस मे कॉर्डिनेट करेंगी। होटल के आसपास आने-जाने वालों की निगरानी से लेकर वाहनों की चेकिंग तक सुरक्षा के कई स्तर बनाए जा रहे हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए सुरक्षा का अलग प्रोटोकॉल होगा। NSG, दिल्ली पुलिस, SPG से जुड़ी टीमें और दूसरी एजेंसियां आपस में समन्वय करेंगी। राष्ट्राध्यक्षों की आवाजाही के दौरान रूट सिक्योरिटी, ट्रैफिक मैनेजमेंट और एंटी-सबोटाज चेकिंग पर विशेष फोकस रहेगा। ब्रिक्स के दौरान विदेशी मेहमानों की आवाजाही भी अपने आप में बड़ा ऑपरेशन होगी। जिसमें लगभग 100 गाड़ियों का काफिला सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होगा। हर मूवमेंट से पहले रूट की सुरक्षा जांच होगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। यानी BRICS समिट के दौरान दिल्ली में सिर्फ कार्यक्रम स्थल ही नहीं, बल्कि होटल से लेकर पूरे रूट तक सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी। BRICS समिट सिर्फ कूटनीति का बड़ा मंच नहीं होगा... बल्कि दिल्ली में एक बेहद बड़ा सिक्योरिटी ऑपरेशन भी होगा। जिसमें NSG, SPG, SWAT कमांडो समेत दिल्ली पुलिस के 7000 से ज्यादा जवानों के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के हज़ारो जवान भी तैनात किए जाएंगे। एंटी ड्रोन और एंटी एयरक्राफ्ट गन को तैनात किया जाएगा इसके साथ ही संधिग्ध गाड़ियों और लोगों की पहचान करने के लिए पूरे नई दिल्ली में AI बेस्ड सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जाएगी।
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नवी मुंबई के वाशी में TERRACE पर अवैध जिम पर मनपा की कार्रवाई

Navi Mumbai, Maharashtra:story slug - इमारतीच्या टेरेस वर वाढीव बांधकाम करुन उभारलेल्या व्यायामशाळेवर मनपाची तोडक कारवाई, वाढीव बांधकाम करणाऱ्यांचे धाबे दणाणले. Anchor -: नवी मुंबईतील वाशी मध्ये अतिक्रमण विभागाने मोठी कारवाई केलेय. इमारतीवरील टेरेस वर वाढीव बांधकाम करुन उभारण्यात आलेल्या खाजगी व्यायामशाळेवर मनपाने तोडक कारवाई केलेय. गेली अनेक वर्ष वाढीव बांधकाम करुन सदर व्यायामशाळा बेकायदेशीरपणे चालवली जात होती अखेर मार्जिनल स्पेस वरील कारवाईनंतर मनपाने आता आपला मोर्चा बेकायदेशीर वाढीव बांधकामांकडे वळवला आहे. मनपाच्या या धडक कारवाईमुळे वाढीव बांधकाम करणाऱ्यांचे धाबे दणाणले आहेत.
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खैरागढ़ के छुईखदान डैम में 16 वर्षीय आयुष की डूबकर मौत

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। छुईखदान थाना क्षेत्र के छिदरी नथेला डैम में दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान हाउसिंग बोर्ड भिलाई निवासी आयुष पिता अमन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आयुष अपने चार दोस्तों के साथ डैम घूमने पहुंचा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही छुईखदान पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आयुष के शव को पानी से बाहर निकाला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोग जुट गए。 पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे की खबर से मृतक के परिवार और दोस्तों में शोक की लहर है。
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रतलाम रेलवे ग्रुप डी फिजिकल टेस्ट में फर्जी अभ्यर्थियों का खुलासा, 5 गिरफ्तार

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में रेलवे ग्रुप डी की फिजिकल परीक्षा के दौरान मुन्ना भाई गैंग का खुलासा हुआ है। बीते दो दिनों में पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन फर्जी अभ्यर्थी हैं, जबकि दो ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने अपनी जगह दौड़ लगाने के लिए मुन्ना भाई यानी फर्जी अभ्यर्थियों को भेजा था। रतलाम रेलवे ग्राउंड पर 2 सितंबर से 9 सितंबर तक ग्रुप डी की फिजिकल टेस्ट प्रक्रिया चली। इस दौरान लगातार ऐसे मामले सामने आए हैं, जब असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे युवक दौड़ लगाने पहुंचे। जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान इनकी पहचान हुई और उन्हें पकड़ लिया गया। इस मामले में एक फर्जी अभ्यर्थी अजित का कारनामा सबसे चौंकाने वाला है। बताया जा रहा है कि वह 2 सितंबर को अधिकारियों को चकमा देकर एक अभ्यर्थी की जगह दौड़ लगा चुका था। इसके बाद वह दोबारा एक अन्य अभ्यर्थी के लिए दौड़ लगाने पहुंचा, लेकिन इस बार पकड़ा गया। अब तक पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थी अजित, गौरव और पंकज को गिरफ्तार किया है। वहीं, जिन अभ्यर्थियों के लिए ये दौड़े, उनमें निरंजन और अनुज भी गिरफ्तार किए गए हैं। मामले में कुंदन और मनीष अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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भदोही में साइबर ठगी नेटवर्क के अंतरराज्यीय आरोपी समेत 889 मोबाइल और 923 सिम बरामद

Bhadohi Nagar Palika, Uttar Pradesh:एंकर–भदोही में साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, गोपिपंझ पुलिस और साइबर/सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने 889 मोबाइल फोन और 923 सिम कार्ड बरामद किए हैं। गोपिगंज पुलिस को मुखबिर से अहम सूचना मिली, सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गोपिगंज कस्बे की नई बस्ती में स्थित एक किराए के मकान पर छापेमारी की, जहां से पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजीजुल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी Murshidabad, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 29 साल है। पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से कुल 889 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें 293 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 596 कीपैड मोबाइल फोन शामिल हैं, इसके साथ ही पुलिस को अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के 923 सिम कार्ड मिले हैं। मौके से भारी मात्रा में मोबाइल स्क्रैप पार्ट्स, जिसमें मदरबोर्ड, डिस्प्ले, कैमरा समेत दूसरे पार्ट्स शामिल हैं, बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पश्चिम बंगाल से आकर गोपिगंज की नई बस्ती में किराये के मकान में रहा था। यहां पुराने मोबाइल फोन खरीद कर उनके अलग-अलग पार्ट्स को एकत्र कर उन्हें अलग-अलग किया जाता था। पुलिस के अनुसार मोबाइल के मदरबोर्ड, डिस्प्ले, कैमरा और दूसरे पार्ट्स को अलग कर दोबारा असेंबल किया जाता था। इसके बाद तैयार किए गए मोबाइल फोन को साइबर अपराध में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि बरामद किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। अब पुलिस बरामद 923 सिम कार्ड और 889 मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में हुआ और इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े।
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माही नदी के टूटे तटबंध की मरम्मत दो दिनों में पूरी, बड़ा खतरा टला

Chapra, Bihar:दो दिन में दुरुस्त हुआ माही नदी का टूटा तटबंध, टला बड़ा खतरा छपरा। बाढ़ के बीच माही नदी के क्षतिग्रस्त तटबंध की चुनौती से जिला प्रशासन ने महज दो दिनों में निपट लिया। माही नदी के दाएं तटबंध के 11.90 किलोमीटर बिंदु पर 6 सितंबर को हुई टूटन की मरम्मत का काम 8 सितंबर की रात पूरा कर लिया गया। तटबंध की टूटन को प्रभावी ढंग से बंद कर नदी के बहाव को नियंत्रित कर लिया गया है। गंगा नदी के उच्चतम जलस्तर के कारण उत्पन्न बैकवॉटरिंग की स्थिति में माही नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंध पर दबाव बना और 6 सितंबर को उक्त स्थल पर तटबंध क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था। सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन हरकत में आया। मुख्य अभियंता, बाढ़ संघर्षात्मक कार्य के अध्यक्ष तथा कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निसरण प्रमंडल, छपरा के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर काम शुरू किया。 अभियंत्रण टीम ने दिन-रात लगातार काम करते हुए आवश्यक संसाधन और तकनीकी उपाय जुटाए। महज दो दिनों के भीतर तटबंध की टूटन को बंद कर दिया गया। समय रहते मरम्मत पूरी होने से आसपास के इलाकों में संभावित रूप से उत्पन्न होने वाले बड़े खतरे को टालने में सफलता मिली。 उपमुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा बुधवार को उपमुख्यमंत्री सह प्रभारी मंत्री, सारण विजेंद्र प्रसाद यादव ने माही नदी के क्षतिग्रस्त तटबंध स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से मरम्मत कार्य और वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। तटबंध की शीघ्र मरम्मत और नदी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग की टीम द्वारा की गई कार्रवाई की उन्होंने सराहना की。 बाढ़ खत्म होने तक अलर्ट रहने का निर्देश निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ की अवधि समाप्त होने तक किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सभी संवेदनशील तटबंधों और स्थलों की लगातार निगरानी की जाए। कहीं भी कटाव, रिसाव या तटबंध को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और लगातार मॉनिटरिंग में तटबंध की मरम्मत का कार्य कराया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिले के संवेदनशील तटबंधों और अन्य स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन और अभियंत्रण विभाग की टीमें किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
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सुपौल में मुखिया शराब के नशे में गिरफ्तार, जांच शुरू

Bihar:सुपौल में नशे की हालत में बकौर पंचायत के मुखिया गिरफ्तार. सुपौल में उत्पाद विभाग ने नशे की हालत में एक मुखिया को गिरफ्तार किया है. दरअसल सदर थाना क्षेत्र के बकौर पंचायत के मुखिया नंदन कुमार पंडित को उत्पाद विभाग की टीम ने शराब के नशे में गिरफ्तार किया है। बताया गया कि उत्पाद विभाग द्वारा बकौर चौक के समीप जांच के दौरान बकौर पंचायत के मुखिया को गिरफ्तार किया, जांच में शराब पिने की पुष्टि के बाद बकौर पंचायत के मुखिया नंदन कुमार पंडित को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि उत्पाद विभाग की टीम प्रतिदिन शराब पीने और बेचने वालों के विरुद्ध अभियान चला रही है। इसी क्रम में बकौर चौक के पास टीम जांच कर रही थी। वहां कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगी। संदेह के आधार पर जांच की गई, जिसमे नंदन कुमार पंडित भी शामिल थे। जांच में नंदन कुमार पंडित के शराब पिने की पुष्टि हुई। मालूम हो की नंदन कुमार पंडित बकौर पंचायत के वर्तमान मुखिया भी है. नशे की हालत में मुखिया को गिरफ्तार करने के बाद उत्पाद विभाग आगे की कार्यवाही में जुट गई है.
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गंगा के उफान से नालंदा के टाल इलाके में बाढ़, किसानों को मुआवजे की मांग

Pariaunna, Bihar:नालंदा की स्थानीय नदियां भले ही शांत हो गई हों, लेकिन गंगा के भारी उफान ने जिले की पूर्वी सीमा पर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरमेरा प्रखंड के टाल इलाके में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। पेंदी, दलहजीत, पुरानी इसुआ और सदहा समेत कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। करीब 300 बीघे में लगी धान और मक्के की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। सैकड़ो ग्रामीणों के ऊपर बाढ़ और जलकैदी बनने का खतरा मंडरा रहा है। पानी बढ़ने से पेंदी गांव के कई घर चारों तरफ से घिरकर टापू में तब्दील हो गए हैं। टाल किनारे बने मकानों पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ा तो आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। किसानों ने फसल क्षति का आकलन कर मुआवजे की मांग की है। वहीं नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने पेंदी, सदहा और खोजकीपुर गांव का निरीक्षण कर अधिकारियों को तटबंध की मजबूती और बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। ग्रामीणों से मुलाकात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इसका स्थाई समाधान के लिए उनके तरफ से हर पहल की जाएगी क्योंकि हर साल बाढ़ जैसी त्रासदी का दंश ग्रामीणों को झेलना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान सीओ अनिमका सिंह, बाढ़ नियंत्रण एसडीओ कमलेश सिंह और जेडीयू प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना कुमार मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। साथ ही अन्य जनप्रतिनिधियों के इलाके में नहीं पहुंचने को लेकर नाराजगी भी जताई है। स्थानीय लोगों में स्थानीय विधायक के प्रति नाराजगी भी दिखी。
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नोएडा में पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव राकेश मेहता ने आत्महत्या, तनाव भारी

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा में दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने की आत्महत्या, फ्लैट में फंदे से लटका मिला शव दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश मेहता ने नोएडा स्थित अपने फ्लैट में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह करीब 75 वर्ष के थे। घटना थाना फेस-2 क्षेत्र की सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी की है。 नोएडा पुलिस के मीडिया सेल के अनुसार, 6 सितंबर को डायल-112 के माध्यम से थाना फेस-2 पुलिस को सूचना मिली कि केंद्रीय विहार-2 में रहने वाले राकेश मेहता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची。 पुलिस के मुताबिक, फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। सूचना मिलने पर फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया。 पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिलने की भी जानकारी है, जिसमें मानसिक तनाव और विभिन्न शारीरिक बीमारियों का जिक्र होने की बात सामने आई है। घटना के समय उनकी पत्नी सुमंती मेहता अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं। पति के लगातार फोन नहीं उठाने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई。 नोएडा पुलिस के मीडिया सेल ने बताया, मृतक के शव का पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूर्ण कर शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है。 राकेश मेहता वर्ष 2007 से नवंबर 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव रहे थे। वर्ष 2010 में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी उन्होंने दिल्ली प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं。 पुलिस आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
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ओमप्रकाश राजभर ने सपा-अखिलेश पर निशाना, ड्रेस कोड और दलित वोटों पर आरोप

Ambad, Maharashtra:अम्बेडकरनगर- कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा और अखिलेश यादव पर साधा निशाना। झांसी और हापुड़ की घटना और सपा छात्र सभा को लेकर साधा निशाना। सपा के लोग लगातार घटनाएं कर रहे है अखिलेश यादव उन्हें रोक नही पा रहे है। अखिलेश सिर्फ अपनी सेना का रंग बदलने में लगे है। सपा छात्र सभा के ड्रेस कोड को लेकर ओपी राजभर ने चोरी का लगाया आरोप। सुभासपा और बसपा से चोरी किया छात्र सभा के ड्रेस का रंग। बसपा के झंडे के नीला रंग लेकर दलित वोट हथियाना चाहते है, लेकिन दलित भूला नही है कि प्रमोशन में आरक्षण किसने खत्म किया। दलित महापुरुषों के नाम पर बने जिले और योजनाओं का नाम सपा ने बदल दिया। गेस्ट हाउस कांड में सपा ने कितनी गुंडई की इसे अखिलेश यादव को याद रखना चाहिए। सहारनपुर मस्जिद ढहाने पर कहा यह न्यायालय के आदेश पर गिराया गया है। आज जो सपा और कांग्रेस के लोग जाकर फातिहा पढ़ रहे उन्हें तब जाना चाहिए था जब नोटिस मिली थी।
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