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SKSandeep Kumar TiwariFollow9 May 2025, 05:09 pm

Barabanki - निर्मम हत्या का प्रयास, बेटे को रेलवे पटरी पर फेंका गया

Yakut Ganj, Uttar Pradesh:

लोनीकटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रुकनापुर गांव निवासी इसरार अहमद पुत्र दीन मोहम्मद ने पुलिस को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने आज शुक्रवार करीब 4 बजे जानकारी देते हुए बताया कि बीते 5 मई की रात्रि करीब 2 बजे उनका पुत्र फरमान अहमद पूरे गौ मजरे दूंदीपुर में आर्केस्ट्रा देखकर वापस आ रहे थे। तभी विपक्षीजन उसके पुत्र को रस्सी से हाथ पैर बांध दिया और काफी मारा पीटा तथा बांका से घुटनों के नीचे का पैर काट दिया तथा उसके निर्मम हत्या करने की नीयत से उसे रेलवे पटरी के बीच फेंक दिया। जिसकी सूचना ट्रेन के आने पर ट्रेन के ड्राइवर ने ट्रेन रोककर अपने अधिकारियों को दी तथा अधिकारी गण द्वारा इसकी सूचना थाने में दी गई।

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आदि कैलाश पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ी, 52,000 से अधिक पहुँची; हवाई सेवाओं पर विचार

Dehradun, Uttarakhand:एंकर आदि कैलाश यात्रा में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। कभी साल भर 300 से 400 लोग आदि कैलाश पहुंचते थे लेकिन आज आंकड़ा 50000 से ज्यादा हो चुका है। आदि कैलाश को लेकर देखिए ये रिपोर्ट उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में भारत चीन सीमा के पास आदि कैलाश स्थित है। कैलाश मानसरोवर के नजदीक आदि कैलाश को भगवान शिव का ही निवास स्थान माना जाता है। बड़े पैमाने पर यात्री आदि कैलाश दर्शन के लिए पहुंचते हैं। एक दौर वह भी था जब आदि कैलाश की यात्रा पर 300 से 400 लोग आते थे। क्योंकि तब पूरी यात्रा पैदल हुआ करती थी। आबादी कैलाश की पूरी यात्रा सड़क मार्ग से होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश क्षेत्र में आने के बाद यहां यात्रियों की बड़ी भीड़ नजर आ रही है। आदि कैलाश आने वाली यात्री अपनी यात्रा से और व्यवस्थाओं से काफी खुश नजर आ रहे हैं बाइट यात्री बाइट यात्री बाइट यात्री साल 2015 से 2018 तक जब यहां पहुंचने के लिए कुछ खास मार्ग उपलब्ध नहीं था. तब पैदल जाने वाले यात्रियों की संख्या 300 से भी कम होती थी. साल 2019 के रिकॉर्ड को देखें तो उसे दौरान 322 यात्री आदि कैलाश पहुंचे थे 2025 में 6 साल के भीतर यहां पर्यटकों की संख्या 36,000 तक पहुंच गई. इस साल मई महीने से अब तक 52,000 यात्री आदि कैलाश जा चुके हैं. हालांकि बरसात में इसमें कुछ कमी देखने को मिलेगी, लेकिन इसके बाद इस साल यहां आने वाली यात्रियों की संख्या 1 से डेढ़ लाख तक पहुंचाने की उम्मीद है. बाइट धीराज गर्ब्याल सचिव पर्यटन उत्तराखंड के पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद व्यवस्थाएं और बेहतर हुई हैं जिसके चलते भी यात्री बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं अब इस पूरे क्षेत्र में होमस्टे भरपूर मात्रा में है । जहां यात्री भोजन और रात्रि विश्राम करते हैं। आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर आने वाले लोगों को प्रकृति को बहुत करीब से देखने का मौका मिलता है इसलिए बड़े पैमाने पर एडवेंचर टूरिज्म के शौकीन भी यहां पहुंचते हैं बाइट धीराज गर्ब्याल सचिव पर्यटन आदि कैलाश क्षेत्र में होमस्टे संचालन करने वाले लोगों का कहना है कि राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में बेहतर व्यवस्थाएं की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरीके से इस क्षेत्र को प्रचारित किया उसका बड़ा फायदा पर्यटन को मिला है और आज हजारों की संख्या में पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं बाइट होम स्टे संचालक बाइट यात्री बाइट यात्री शायद यही कारण है कि अब पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आदि कैलाश तक हवाई सेवा देने पर विचार हो रहा है. इसके लिए लगातार पर्यटकों की तरफ से भी डिमांड की जा रही है. और इसी को देखते हुए अब जल्द ही हवाई मार्ग से भी पर्यटकों को पहुंचाने पर विचार किया जा रहा है.
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झालावाड़ में साइबर फ्रॉड: म्यूल बैंक खाते से डेढ़ करोड़ की लेनदेन, आरोपी गिरफ्तार

Jhalawar, Rajasthan:भवानीमंडी (झालावाड़) झालावाड़ जिले के भवानीमंडी थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत साइबर फ्रॉड से जुड़े एक म्यूल बैंक खाता धारक को गिरफ्तार किया ।है पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खाते से करीब डेढ़ करोड़ से अधिक रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ है। उक्त मामले में पुलिस द्वारा अभी तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ झालावाड़ पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान “म्यूल इंटर” के दौरान गोपनीय सूचनाए मिली थी, कि कुछ लोग अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से मिली रकम के लेनदेन में कर रहे है। जिस पर झालावाड़ पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण किया, तो भवानीमंडी की एसबीआई बैंक शाखा में चल रहे एक खाते से साइबर फ्रॉड की बड़ी राशि का ट्रांजैक्शन होना पाया। जांच में पता चला कि इस खाते से साइबर ठगी के करीब डेढ़ करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया है। जिस पर खाताधारक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने बीते 3 माह से फरार चल रहे म्यूल बैंक खाताधारक सैयद शाहनवाज अली को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ में पुलिस को और भी कई खुलासों की उम्मीद है।
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रोहिड़ा में बिजली गिरने से मजदूर की मौत, सुरक्षा पर सवाल

Sirohi, Rajasthan:सिरोही के रोहिड़ा थाना क्षेत्र के रणोरा गांव में GSS बिजली लाइन निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, कार्य के दौरान बिजली का पोल टूटकर गिर गया, जिससे एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को तत्काल उपचार के लिए अंबाजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान निचला गढ़ निवासी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने ठेकेदार की लापरवाही को हादसे का कारण बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बिजली लाइन निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मृतक के शव को रोहिड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। घटना कल शाम की बताई जा रही है। रोहिड़ा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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दिनदहाड़े चोरी: कोटा के महावीर नगर में नकदी और मोबाइल चोर CCTV कैमरे में कैद

Kota, Rajasthan:कोटा शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित महावीर नगर प्रथम में दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है। एक अज्ञात बदमाश घर में घुसकर करीब 5,500 रुपये की नकदी और मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया। जब घर की महिला ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने महिला को धक्का देकर मौके से भाग निकला। पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना और रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके चलते उन्हें लगातार थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं, CCTV फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी को कब तक गिरफ्तार कर पाती है।
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जोधपुर का गौशाला मैदान अब विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स हब बनेगा

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर का गौशाला खेल मैदान अब आधुनिक बनने जा रहा है. जिला प्रशासन इसे विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से लैस करने की तैयारी शुरू कर दी है. खिलाड़ियों और आमजन से सीधे फीडबैक लेकर विकास कार्यों की योजना बनाई जा रही है. स्विमिंग पूल के नवीनीकरण से लेकर सिंथेटिक ट्रैक, बॉक्स क्रिकेट और योगा सेंटर के आधुनिकीकरण तक कई बड़े काम प्रस्तावित हैं. जोधपुर के गौशाला खेल मैदान को आधुनिक स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने काम तेज कर दिया है. जिला कलेक्टर आलोक रंजन के नेतृत्व में हर महीने मैदान का निरीक्षण किया जा रहा है. जिला परिषद के सीईओ आशीष कुमार मिश्रा और प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की टीम खिलाड़ियों और आमजन से सीधे फीडबैक लेकर विकास की रूपरेखा तैयार कर रही है. इसके लिए मैदान में क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं, ताकि उपयोगकर्ताओं के सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंच सकें. फीडबैक के आधार पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत करीब 30 लाख रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं. वहीं स्विमिंग पूल के आधुनिकीकरण के लिए 3 करोड़ 59 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की मरम्मत, बॉक्स क्रिकेट का निर्माण, योगा सेंटर, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट को आधुनिक बनाने की योजना भी तैयार की गई है. परिसर में निकलने वाले ग्रीन वेस्ट से खाद बनाने की व्यवस्था भी की जाएगी. रोजाना बड़ी संख्या में खिलाड़ी, युवा और शहरवासी गौशाला खेल मैदान पहुंचकर दौड़, योग, व्यायाम और विभिन्न खेलों का अभ्यास करते हैं. उनका कहना है कि एक ही परिसर में इतनी विविध खेल सुविधाएं शायद ही किसी अन्य जिले में उपलब्ध हों. खिलाड़ियों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाएं मिलने से यह मैदान प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल हो सकेगा.
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दिल्ली के बिलों में PPAC के कारण 8% तक बिजली लागत बढ़ने की संभावना

New Delhi, Delhi:*ब्रेकिंग न्यूज़: *दिल्ली वालों को लग सकता है बिजली का झटका, बिल में 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव** दिल्ली में बिजली एक बार फिर महंगी हो सकती है. दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) ने बिजली बांटने वाली कंपनियों को ग्राहकों से 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क इस माह भी लेने की मंजूरी दी है. इस फैसले के बाद आने वाले महीनों में दिल्ली के लोगों का बिजली बिल बढ़ सकता है. यह अतिरिक्त पैसा पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (PPAC) के रूप में लिया जा सकता है. आसान भाषा में समझें तो बिजली कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च होने पर उसका कुछ बोझ ग्राहकों के बिल में जोड़ा जाता है. इसी कारण लोगों को पहले से ज्यादा बिजली बिल देना पड़ सकता है. हालांकि, हर ग्राहक के बिल में बढ़ोतरी एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है. बढ़ा हुआ शुल्क बिजली कंपनी और इस्तेमाल की गई बिजली के हिसाब से अलग हो सकता है.
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अंबाला नगर निगम हाउस बैठक शुरू, कार्यकाल के दो महीने बाद शहर में नई तेज़ी

Ambala, Haryana:अंबाला नगर निगम मेयर और पार्षदों का कार्यकाल शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब आखिरकार नगर निगम हाउस की बैठक बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. लंबे समय से अटके विकास कार्यों और फाइलों पर जमी धूल जल्द ही हटने की उम्मीद है. अंबाला शहर नगर निगम की मेयर व पार्षदों के कार्यकाल को 2 माह का समय बीतने के बाद अब नगर निगम हाउस की बैठक करवाने की प्रक्रिया शुरू हुई है. मेयर अक्षिता सैनी ने नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिख हाउस की बैठक करवाने की याद दिलवाई. जिसके बाद जल्द बैठक होने की उम्मीद जगी है. गौरतलब है कि पिछली हाउस बैठक 8 अप्रैल 2025 को हुई थी, जिसमें 181 करोड़ का बजट और शहर के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव पास किए गए थे. हालांकि, डेढ़ साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी उनमें से कई योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं. अब एक बार फिर निगम की बैठक की सुगबुगाहट तेज हो गई है. हाउस बैठक को लेकर मेयर अक्षिता सैनी ने बताया निगम कमिश्नर को हाउस की बैठक जल्द कराने के लिए लेटर लिख दिया है. उम्मीद है कि जल्द ही बैठक होगी और उनके पास पांच-छह पार्षदों के एजेंडे भी आ चुके हैं. जैसे ही तारीख तय होगी, जल्दी सभी को जानकारी दे दी जाएगी. अक्षिता सैनी - मेयर अंबाला शहर नगर निगम। मेयर अक्षिता सैनी के पत्र के बाद नगर निगम ने हाउस की बैठक को लेकर प्रक्रिया को तेज कर दिया है। नगर निगम कमिश्नर वीरेंद्र सहरावत ने बताया मेयर की तरफ से उन्हें एक इंटिमेशन मिला है, जिसमें उन्होंने इच्छा जाहिर की है कि इसी महीने में एक मीटिंग का आयोजन किया जाए। उस मीटिंग के सिलसिले में उनके द्वारा कॉर्पोरेशन सेक्रेटरी का जो एडिशनल चार्ज है, वो सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर को दिया है। जल्दी ही सभी सुझावों को कंपाइल करके मेयर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, ताकि हाउस बैठक के लिए निश्चित तिथि और समय तय किया जा सके. एंड अप : नगर निगम में मेयर के साथ-साथ पार्षदों की ओर से भी अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर एजेंडे सौंपे जा रहे हैं. देखना होगा कि इस बार की बैठक में जनता की बुनियादी समस्याओं और विकास कार्यों को कितनी प्राथमिकता मिलती है।
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मीरजापुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य और शिक्षा का नया केंद्र

Ukhdand, Uttar Pradesh:राजेश मिश्र मीरजापुर मीरजापुर में मेडिकल कॉलेज बना स्वास्थ्य और शिक्षा का नया केंद्र मीरजापुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लोगों को वाराणसी और प्रयागराज जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ आर्थिक और मानसिक राहत भी मिली है। मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले के युवाओं को एमबीबीएस जैसी चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। नई पीढ़ी अब अपने जिले में रहकर ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवार रही है, जिससे पलायन में भी कमी आई है। स्थानीय लोगों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज ने जिले के विकास को नई दिशा दी है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। बाइट मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल: मेडिकल कॉलेज खुलने से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिल रहा है। एमबीबीएस छात्र: अब पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। अपने जिले में ही बेहतर सुविधाओं के साथ मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मरीज के तीमारदार: पहले इलाज के लिए वाराणसी या प्रयागराज जाना पड़ता था, लेकिन अब मीरजापुर में ही बेहतर इलाज मिल रहा है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद।
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दमोह के 33 पेट्रोल पंपों पर एक्सप्लोसिव लाइसेंस चेक: कई पंप लाइसेंस-हीन

Damoh, Madhya Pradesh:एमपी के दमोह जिले में 33 पेट्रोल पंपों पर एक्सप्लोसिव लायसेंस के रिकॉर्ड चेक किए गए; सभी पंपों में लाइसेंस नहीं मिला. चार पेट्रोल पंप सील किए गए; एक पंप पर 410 लीटर अधिक डीजल मिलने पर जब्त/राजसात की कार्रवाई की गई. कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के अनुसार 2023 से लाइसेंस नहीं होने की पुख्ता जानकारी मिली. जांच में इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने भी चौंकाने वाला तथ्य माना कि बड़े रिफाइनर ने लाइसेंस नहीं लिया था. दमोह से शुरू मुहिम अब पूरे प्रदेश में फैलने वाली है ताकि एक्सप्लोसिव लाइसेंस और फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जा सके.
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आबूराज में तेंदुओं की बढ़ती उपस्थिति से लोग दहशत में

Sirohi, Rajasthan:एंकर - राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन आबूराज (माउंट आबू) में तेंदुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियां स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में बार-बार तेंदुओं की दस्तक से लोगों में भय का माहौल है। ताजा मामला माचगांव स्थित अक्षय कॉलोनी का है, जहां 10 जुलाई की रात करीब 2 बजे एक तेंदुआ सड़क पर बैठे गाय के बछड़े पर हमला करने पहुंच गया। पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि तेंदुआ अचानक बछड़े पर झपट्टा मारता है और उसे अपना शिकार बनाने की कोशिश करता है। बछड़ा भी पूरी ताकत और साहस के साथ खुद को बचाने का प्रयास करता है। दोनों के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। आखिरकार बछड़े के लगातार प्रतिरोध के चलते तेंदुए को बिना शिकार किए ही वहां से लौटना पड़ा। यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आबूराज में तेंदुए की मौजूदगी कई बार सामने आ चुकी है। हाल ही में एक होटल की छत पर बंधे श्वान पर भी तेंदुए ने हमला किया था, लेकिन श्वान जंजीर से बंधा होने के कारण तेंदुआ उसे अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो पाया था। इन लगातार घटनाओं से साफ है कि तेंदुए अब जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय घरों से बाहर निकलना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने तथा लोगों को सतर्क रहने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। वहीं, वन विभाग से उम्मीद की जा रही है कि तेंदुओं की बढ़ती आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति पर काबू पाया जा सके。
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झुंझुनूं के किसान ड्रिप सिंचाई से कम पानी में अधिक उत्पादन, लाखों मुनाफा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं में बागवानी से बढ़ रही किसानों की आय गिरते भूजल स्तर के बीच ड्रिप सिंचाई बनी सहारा कम पानी में अधिक उत्पादन, किसानों को बेहतर मुनाफा केसरीपुरा के किसान ने 100 बीघा में विकसित किया फलों का बगीचा बेर, बेल, किन्नू और मौसमी से लाखों की आमदनी बागवानी से सालाना करीब 50 लाख रुपये हो रही आमदनी 700 बेर, 650 बेल और 2 हजार किन्नू-मौसमी के पेड़ झुंझुनूं झुंझुनूं जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर और पारंपरिक खेती की बढ़ती लागत के बीच अब किसान बागवानी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाकर किसान कम पानी में अधिक उत्पादन ले रहे हैं । झुंझुनूं के केसरीपुरा निवासी प्रगतिशील किसान जयप्रकाश ने बताया कि उनके परिवार ने बागवानी की शुरुआत बेर के पौधों से की थी। समय के साथ बगीचे का विस्तार किया गया और आज करीब 90 से 100 बीघा क्षेत्र में विभिन्न फलों के पौधे लगाए गए हैं। जयप्रकाश के अनुसार उनके बगीचे में 700 बेर, 600 से 650 बेल, तथा करीब 2,000 किन्नू और मौसमी के पेड़ हैं। इसके अलावा आम, चीकू सहित कई अन्य फलदार पौधे भी लगाए गए हैं। बेर की भी उनके पास 8 से 10 किस्में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि ड्रिप सिंचाई प्रणाली के कारण पानी की काफी बचत होती है और पौधों को आवश्यक मात्रा में ही पानी मिलता है। इससे उत्पादन बेहतर होने के साथ-साथ लागत भी कम होती है। वर्तमान में उनका परिवार बागवानी से करीब 50 लाख रुपये सालाना का कृषि कारोबार कर रहा है। जयप्रकाश का कहना है कि बागवानी में फसल की देखभाल भी अलग-अलग होती है। बेर और आम जैसे फलों में पक्षियों से बचाव पर विशेष ध्यान देना पड़ता है, जबकि बेल, किन्नू और मौसमी में यह समस्या अपेक्षाकृत कम रहती है। उन्होंने बताया की बागवानी शुरू करने से पहले मिट्टी और पानी की जांच अवश्य कराएं। क्षेत्र की जलवायु और पानी की गुणवत्ता के अनुसार ही फलों का चयन करना चाहिए। जिन क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड या लवणता अधिक होती है, वहां किन्नू और मौसमी की बजाय आंवला और अनार जैसी फसलें अधिक उपयुक्त रहती हैं। झुंझुनूं में गिरते जलस्तर के बीच ड्रिप सिंचाई के साथ बागवानी किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी विकल्प बन रही है। कम पानी में अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार मूल्य के कारण अब जिले के कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर फलोत्पादन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं。
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