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SBShyam BabuFollow26 Dec 2024, 09:27 am

मसकनवां में बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल, खालेगांव ने जीता खिताब

Chhitalupur, Uttar Pradesh:

मसकनवां रेलवे क्रॉसिंग ग्राउंड में सौभाग्य मैरिज हाल एवं श्रीराम ऑटो गैरेज द्वारा आयोजित कैनवस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच खालेगांव और सादुल्लाहनगर टीम के बीच खेला गया। फाइनल में खालेगांव की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 270 रन बनाए। टीम के खिलाड़ी अभय ने 41 गेंद पर सर्वाधिक 76 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। जवाब में सादुल्लाहनगर की टीम 13 ओवर में 125 रन बनाकर आल आउट हो गई। मुख्य अतिथि समाजसेवी मनमीत सिंह और पूर्व ब्लाक प्रमुख शैलेंद्र पांडेय ने विजेता और उप विजेता टीम को शील्ड और कप पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

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क्लिनिक में नर्स नेहा बंजारे की आत्महत्या, पुलिस हर एंगल से जांच में

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग जिले के घासीदास नगर वार्ड-23 स्थित हमर क्लीनिक में कार्यरत नर्स ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली 32 वर्षीय नर्स नेहा बंजारे का शव कमरे में फंदे से लटका मिला दरअसल नेहा बंजारे पिछले 5 सालों से इस क्लीनिक में कार्यरत थीं और 1 साल पहले ही उसकी शादी हुई थी वह क्लीनिक परिसर के एक कमरे में अपने पति के साथ रहती थीं जब पति रूम में पहुंचे तब दरवाजा अंदर से बंद था बहुत देर तक जब दरवाजा नही खुला और फोन नही उठा तो उसमें डायल 112 को इसकी सूचना दी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम पहुची औऱ दरवाजे को तोड़ा गया जिसके बाद अंदर फांसी के फंदे से नर्स नेहा बंजारे का शव लटका हुआ था पुलिस ने शव को नीचे उतारा औऱ शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है फिलहाल पुलिस मामले कि हर एंगल से जांच कर रही है.
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बारिश में पुल पर बच्चों के लिए खतरा: ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से जवाब मांगा

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-नरसिंहपुर जिले के मुदई-बेलखेड़ी मार्ग से सामने आए दो डरावने वीडियो ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन पुराने इन वीडियो में लगातार बारिश के दौरान स्कूली बच्चे और बच्चियां पानी से लबालब पुल को पार करते नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे कि छोटे बच्चों को उनके परिजन गोद में उठाकर पुल पार कराने को मजबूर हैं, तो स्कूली छात्राएं भी जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की ऊंचाई कम होने के कारण थोड़ी बारिश में ही इसके ऊपर पानी बहने लगता है। यह पुल कई गांवों को जोड़ता है और बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बन जाता है। अब वायरल वीडियो के बाद सवाल है—आखिर जिम्मेदारों की नजर इस खतरे पर कब पड़ेगी?
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सिकंदराराऊ में कांवड़ियों ने की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना

Mohammad RajaMohammad RajaFollow1m ago
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ- सावन माह के अंतिम चरण में कांवड़ यात्रा के दौरान सिकंदराराऊ क्षेत्र से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की। गंगाघाट से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों ने कहा कि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और अन्य सुविधाओं के बेहतर इंतजाम किए गए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। सिकंदराराऊ प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी। प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए थे। कांवड़ियों ने बताया कि प्रशासन की सतर्कता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली के कारण यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जिसका लाभ उन्हें यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से मिला। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों के बीच कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। श्रद्धालुओं ने सिकंदराराऊ प्रशासन के सहयोग, सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्थाएं धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशासन की सक्रियता और समर्पण के चलते क्षेत्र में कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न होती दिखाई दी।
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शिवाड़ के घुश्मेश्वर मंदिर को 12वें ज्योतिर्लिंग मानने की बहस तेज

Sawai Madhopur, Rajasthan:जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव को देश के 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में माना जाता है। वर्ष भर देश के कौने-कौने से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में अपनी हाजिरी लगाकर अपनी मनौती मांगते हैं। शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर आसपास के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है। श्रावण मास में यहाँ श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है। ऐसे में इन दिनों शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। घुश्मेश्वर महादेव मंदिर को लेकर इतिहास भी अपने आप में अद्भुत है। मंदिर का इतिहास देव गिरी पर्वत के पास सुधर्मा नामक ब्राह्मण का है, जिनकी पत्नी सुदेहा नेघुश्मा की शादी अपने पति से करवा दी थी। घुश्मा भगवान शंकर की भक्त थीं और पुत्र रत्न की प्राप्ति के बाद सुदेहा ने अपनी बहन के पुत्र की हत्या कर शव सरोवर में फेंक दिया। भगवान शिव ने घुश्मा को आकाशवाणी से बताया कि उसके पुत्र की हत्या उसकी बहिन ने की है। घुश्मा ने कहा कि आप बस उसकी बुद्धि सही कर दें। भगवान शिव ने उसे वरदान दिया और कहा कि आज से मैं तुम्हारे नाम से इसी स्थान पर बोलूंगा और लोगों की सेवा करूंगा। इस मंदिर का जीर्णोद्धार 18वीं सदी में अहिल्याबाई Holkar ने करवाया था और कहा जाता है कि शिवालय को 12वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पहचान दिलाने वाले दावे कई पक्षों द्वारा किए जाते हैं। श्रद्धालु श्रावण महोत्सव के दौरान मंदिर के विविध धार्मिक आयोजन देख पाते हैं। राजस्थान सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन के लिहाज से घुश्मेश्वर महादेव मंदिर को प्रदेश के प्रमुख स्थलों में स्थान मिला है और मन्दिर ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है। शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर आस्था का प्रगाढ़ केंद्र बना हुआ है এবং श्रद्धालु भोलेनाथ से अपनी मुराद पूरी होने की उम्मीद रखते हैं।
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देहरादून के सैन्य धाम पर राजनीतिक घमासान, बजट-टाइमलाइन पर सवाल उठे

Dehradun, Uttarakhand:राजधानी देहरादून के गुनियाल गांव में बन रहे सैन्य धाम को लेकर सियासी संग्राम जारी है। राज्य सरकार इसे पांचवें धाम के रूप में स्थापित कर रही है, लेकिन नाम पर हो रही राजनीति चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष से ज्यादा भाजपा के नेता ही अपनी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। देहरादून के गुनियाल गांव में सैन्य धाम शुरू से चर्चाओं का विषय बना रहा है; जमीन विवाद, स्थानीय समस्याओं और बजट को लेकर भी राजनीतिक बहस चली। निर्माण 2019 में घोषित हुआ था और 15 दिसम्बर 2021 को शिलान्यास किया गया, लेकिन 2026 में भी पूरा न हो पाने की आशंका है। अनुमानित लागत 112 करोड़ बताई जा रही है। मसूरी से विधानसभा चुनाव लड़ने का सपना देख रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने सैन्य धाम पर जाकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिसकी वजह से भाजापा और सैनिक कल्याण मंत्री की चिंता बढ़ी है। विधायक गणेश जोशी ने गामा पर तंज़ किया, जबकि कांग्रेस के प्रतिमा सिंह ने कहा है कि सैन्य धाम में गड़बड़ियां हैं जिन्हें सरकार उजागर नहीं कर रही है। अंतत: सैन्य धाम कब बनेगा और उद्घाटन कब होगा, इस पर स्पष्ट जवाब नहीं है, पर यह राजनीतिक मुद्दा बनना तय है।
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सावन के आखिरी सोमवार पर कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक

Haridwar, Uttarakhand:आज सावन के आखिरी सोमवार के दिन भगवान शिव की ससुराल कनखल में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भोले बाबा का शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। सुबह तड़के से शिव भक्त दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने शुरू हो गए थे। पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव सावन के महीने में अपनी ससुराल कनखल में विराजते हैं और दक्षेश्वर महादेव के रूप में अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं श्रावण माह की समाप्ति के बाद भगवान शिव अपने मूल स्थान कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान करते हैं और वहीं पर समाधिस्थत रहते हैं। भगवान शिव को उनके भक्तों ने गंगाजल,दूध, दही, शहद,शक्कर, तिल, जौ, अक्षत, गिलोय के रस, गन्ने के रस बेलपत्र पुष्प और मिष्ठान चढाकर अभिषेक किया।28 अगस्त को रक्षाबंधन श्रावणी पर्व के दिन भगवान शिव अपनी ससुराल कनखल से कैलाश पर्वत की ओर रवाना हो जाएंगे चातुर्मास कल में आजकल भगवान शिव सृष्टि का संचालन कर रहे हैं क्योंकि 4 महीने के लिए भगवान शिव क्षीर सागर में योग निद्रा में लीन हो गए।
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आसनसोल में पूजा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती, सुरक्षा मजबूत

Asansol, West Bengal:আসানসোলের নামল কেন্দ্রীয় বাহিনী। পুজোর আগে ৫০ কোম্পানি কেন্দ্রীয় বাহিনী আসার কথা বলেছিলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। সেইমতো কেন্দ্রীয় বাহিনী এসে পৌঁছল পশ্চিমবঙ্গে। আসানসোল রেলওয়ে স্টেশনে নামে। এখান থেকে গাড়িতে করে রাজ্যের বিভিন্ন প্রান্তে তাদের নিয়ে যাওয়া হয়। এ বিষয়ে মন্ত্রী অগ্নিমিত্রা পাল বলেন ডবল ইঞ্জিন সরকার রয়েছে সেজন্যই এই সুবিধা পাওয়া গেল। পুজোর সময় দেশ-বিদেশের বহু মানুষ পুজো দেখার জন্য এ রাজ্যে আসেন। সেজন্য সুরক্ষার কথা ভেবে কেন্দ্রীয় বাহিনী রাজ্য নিয়ে আসা হয়েছে। ডবল ইঞ্জিন রয়েছে বলে এই সুবিধা পাচ্ছে রাজ্যবাসী。
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