icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
250623
Kuldeep ChauhanKuldeep ChauhanFollow21 Aug 2024, 06:35 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी 2022 लेवल-2 भर्ती नहीं शुरू, आंदोलन की चेतावनी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर राजस्थान अध्यापक भर्ती-2022 (लेवल-2) के पात्र अभ्यर्थी हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है. शिक्षा विभाग पर आदेशों की पालना न करने के आरोप हैं, जिसके चलते हजारों अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. अब इंतजार से परेशान अभ्यार्थी नियुक्ति नहीं तो आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. राजस्थान अध्यापक भर्ती-2022 लेवल-2 एक बार फिर सुर्खियों में है. हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली. 11 मई को हाईकोर्ट ने सभी पात्र अभ्यार्थियों को दो महीने के भीतर नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई महीनों के बाद भी शिक्षा विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की. इससे हजारों अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है और अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. उत्तर कुंजी पर आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला. विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर 18 प्रश्नों के उत्तर बदले गए. संशोधित परिणाम दो चरणों में जारी किए गए. कई अभ्यर्थियों के अंक बढ़े, कई के घटे. अधिक अंक पाने वाले कई अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति से वंचित. राजस्थान हाईकोर्ट ने 11 मई 2026 को दिया अहम फैसला. दो महीने में नियुक्ति देने के निर्देश. बोर्ड ने कोर्ट में 1647 पद रिक्त होने की जानकारी. राजस्थान अध्यापक भर्ती-2022 लेवल-2 की परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी को लेकर बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आई थीं. मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा, जहां विशेषज्ञ समिति गठित कर उत्तरों की समीक्षा कराई गई. समिति की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 18 प्रश्नों के उत्तर संशोधित किए और दो चरणों में संशोधित परिणाम जारी किए. इसके बाद कई अभ्यर्थियों के अंक बढ़ गए और वे अपनी श्रेणी के पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त करने लगे. संशोधित परिणाम के बावजूद अधिक अंक प्राप्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलने पर उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने समानता के अधिकार और पूर्व के न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया. 11 मई 2026 को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि जिन अभ्यर्थियों के संशोधित परिणाम के अनुसार अंक अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक हैं तथा जो पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें दो माह के भीतर नियुक्ति दी जाए. Notional Benefits, Pay Fixation और Seniority सहित सभी वैधानिक लाभ देने के निर्देश दिए गए. अदालत के आदेश के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में 1647 पद रिक्त हैं. हाईकोर्ट ने पूर्व के न्यायिक सिद्धांतों के अनुरूप रिक्त पदों का निर्धारण करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए. इसके बावजूद समय सीमा समाप्त होने के कई महीने बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी.
0
0
Report

डीडवाना मकराना में कान्वेंट स्कूल के अबोध छात्रा दुष्कर्म मामला गरम, धारा 163 लागू

बड़ी खबर डीडवाना के मकराना से है जहां कान्वेंट स्कूल में अबोध छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दो दिन तक प्रशासन के आश्वासन के बाद शांत रहने के बाद आज एक बार फिर से कान्वेंट स्कूल के बाहर धरना शुरू हो चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक तरफ जहां पुलिस की तरफ से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस की तरफ से एहतियातन मौके पर 11 थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है वहीं RAC और पुलिस लाइन से भी जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है। वहीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने भी निषेधाज्ञा लागू कर दी है। BNSS की धारा 163 लागू की है जिसके तहत मकराना उपखण्ड क्षेत्र में 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के इकठ्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है। वहीं विधायक जाकिर हुसैन गेसावत के आह्वान पर सर्व समाज के लोग मौके पर पहुंच रहे हैं और भीड़ धीरे धीरे बढ़ती जा रही है।
0
0
Report
Advertisement

शोले जैसा ड्रामा: पानी टंकी से नीचे आया युवक, 3 घंटे बाद सुरक्षित

Sikar, Rajasthan:जिला - सीकर लोकेशन - लोसल विधानसभा - धोद शोले'' के वीरू जैसा ड्रामा: पत्नी और बच्चों को वापस लाने की जिद में पानी की टंकी पर चढ़ा युवक, 3 घंटे की मशक्कत के बाद उतरा नीचे धोद क्षेत्र के मुंडवाड़ा गांव में शनिवार को फिल्म ''शोले'' के चर्चित टंकी वाले दृश्य जैसी वास्तविक स्थिति देखने को मिली, जब संजय मीणा नाम का एक युवक अपनी पत्नी और दो बच्चों को वापस लाने की मांग को लेकर गांव की ऊंची पानी की टंकी पर जा चढ़ा। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और सीकर सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक का ससुराल खंडेला क्षेत्र में है और वह अपने परिवार को अपने साथ वापस लाना चाहता है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। मौके पर पहुंची सदर पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए युवक को लगातार समझाइश दी। पुलिस के काफी समझाने और भरोसा दिलाने के बाद आखिरकार करीब 3 घंटे की लंबी मशक्कत के बाद युवक सुरक्षित पानी की टंकी से नीचे उतर आया, जिससे प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली।
0
0
Report

चित्तौड़गढ़ में महिला सुरक्षा के लिए डिकॉय ऑपरेशन; चार अभियुक्त गिरफ्तार

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ शहर में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस ने बड़ा डिकॉय ऑपरेशन चलाया। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर तैनात किया गया। पांच विशेष टीमों ने प्रताप नगर चौराहा, रेलवे स्टेशन, दिल्ली गेट, चामटी खेड़ा चौराहा और अभिमन्यु पार्क सहित कई स्थानों पर निगरानी रखी। अभियान के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़, फब्तियां कसने और अभद्र व्यवहार करने वाले चार मनचलों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर युवाओं को महिला सम्मान और कानून का पालन करने की भी समझाइश दी。
0
0
Report

जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह स्कूल में नेशनल यूथ कॉन्क्लेव-2026 शुरू, युवा नेता उभार

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह स्कूल में शनिवार को दो दिवसीय ''नेशनल यूथ कॉन्क्लेव-2026'' की शुरुआत हुई। ''Push the Envelope'' थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव के पहले दिन देशभर के 36 स्कूलों से आए 72 स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखे और तार्किक बहस के माध्यम से अपनी नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और आलोचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया। कॉन्क्लेव के पहले दिन स्टूडेंट्स के बीच 12 अलग-अलग विषयों पर जोशीली और तर्कपूर्ण बहस हुई। इनमें संयुक्त राष्ट्र की वर्तमान प्रासंगिकता, भारत की विदेश नीति, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का बढ़ता प्रभाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य, सरकार की आलोचना और लोकतंत्र, फ्रीबीज़ का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, नए आर्थिक सुधारों की आवश्यकता, नई शिक्षा नीति, धर्म और राज्य के संबंध, मीडिया की भूमिका और मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष की आवश्यकता जैसे अहम मुद्दे शामिल रहे।चर्चाओं के दौरान प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में प्रभावशाली तर्क रखे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को परंपरागत सोच से आगे बढ़कर नए दृष्टिकोण विकसित करने, लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा देने और समकालीन विषयों पर स्वस्थ एवं सार्थक बहस के लिए मंच उपलब्ध कराना है। कॉन्क्लेव के दूसरे और अंतिम दिन सेमीफाइनल एवं ग्रैंड फिनाले के साथ क्विज़ प्रतियोगिता और समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा, जहां प्रतिभागी राष्ट्रहित, धर्मनिरपेक्षता, धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता, वैश्विक शक्ति संतुलन और समकालीन राजनीति से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। बाइट - ज्योति जोशी, स्कूल प्रिंसिपल बाइट - दामोदर प्रसाद गोयल, मेंटर ऑफ़ यूथ कॉनक्लेव बाइट - विक्रमादित्य, अध्यक्ष, प्रबंधन समिति
0
0
Report
Advertisement

प्रताप नगर में मेडिकल कॉलेज निर्माण की मांग तेज, यूकेडी ने समर्थन दिया

New Tehri, Uttarakhand:नई टिहरी,नरेंद्र नगर के बाद अब प्रताप नगर विधानसभा में मेडिकल कॉलेज निर्माण की मांग। टिहरी जिले में मेडिकल कॉलेज निर्माण का मुद्दा इन दिनों चरम पर है जिसको लेकर धरना प्रदर्शन से लेकर रैलियां की जा रही है,नई टिहरी में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण के बाद जहां नरेंद्र नगर में मेडिकल कॉलेज शिफ्ट किए जाने की चर्चाओं तेज हुई तो नई टिहरी और नरेंद्र नगर के लोग एक दूसरे के विरोध में उतर गए वही अब इस मुद्दे में यूकेडी भी कूद गई है यूकेडी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और प्रताप नगर विधानसभा से दो बार यूकेडी विधायक प्रत्याशी रह चुके पंकज ब्यास का कहना है कि टिहरी डैम बनने के बाद से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रताप नगर क्षेत्र है जिसे आज भी काला पानी कहा जाता है शिक्षा स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी क्षेत्रीय जनता को नहीं मिली है और जिस तरह से मेडिकल कॉलेज को लेकर खींचतान चल रही है ऐसे में प्रताप नगर क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज निर्माण विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए。
0
0
Report
Advertisement

कुलगाम के आतंकी हमले में दीपक रात्रे की मौत, परिवार में मातम

Sakti, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी हमले में सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुंदेली निवासी दीपक रात्रे (21 वर्ष) की मौत हो गई है,,, दीपक रात्रे, पिता उमाशंकर रात्रे, मजदूरी करने के लिए अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर गया हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद परिवार पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई है। बताया जा रहा है कि दीपक लगभग एक वर्ष पहले अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गया था। उसके साथ उसकी पत्नी और भाई भी वहीं काम कर रहे थे। दीपक अपने पीछे पत्नी और एक मासूम बच्चे को छोड़ गया है। जबकि छोटा भाई विकलांग है,जो कि मजदूरी करने के लायक नहीं है,इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बुंदेली गांव में मातम का माहौल है।
0
0
Report

हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए जिलाधिकारी ने पटरी व यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की

Haridwar, Uttarakhand:स्लग- कावड़ पटरी पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी कांवड़ यात्रा 2026 अपने चरम पर है। हरिद्वार से लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। इसी बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कांवड़ पटरी और यातायात मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जनसुविधाओं की जानकारी लेते हुए सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और हर व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 10 लाख कांवड़ यात्री हरिद्वार से गंगाजल लेकर सकुशल रवाना हो चुके हैं। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए अधिकारियों को हर व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनी रहे।
0
0
Report

वार्धा नदी पुल पानी में डूबा, चंद्रपूर-राजुरा मार्ग बंद, ट्रक लाइनें

Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपूर ते राजुरा मार्गे तेलंगणा जोडणारा वर्धा नदीचा पूल पाण्याखाली, वर्धा नदी फुगल्याने मार्ग काल रात्रीपासून झालाय बंद, पोलिसांनी ट्रक चालकांना थांबवून केला आहे बंदोबस्त, मालवाहू ट्रकच्या लागल्या रांगा अँकर:-- चंद्रपूर जिल्ह्यात पावसाने विश्रांती घेतली असली तरी वर्धा नदीने पात्र सोडल्याने चंद्रपूर ते राजुरा मार्गे तेलंगणा जोडणारा वर्धा नदीचा पूल पाण्याखाली आला आहे. पुलावर सुमारे दोन फूट पाणी असल्यामुळे प्रशासनाने रात्रीपासून हा मार्ग बंद केला आहे. या रस्त्यावर तेलंगणा व दक्षिण भारतात जाणाऱ्या मालवाहू ट्रकच्या रांगा लागल्या असून पोलिसांनी ट्रक चालकांना थांबवून बंदोबस्त लावत मार्ग बंद केला आहे. या पुलाच्या दोन्ही बाजूला ट्रकच्या मोठ्या रांगा लागल्या असून पाणी ओसरेपर्यंत परिस्थिती अशीच कायम राहणार आहे. बाईट १) ट्रकचालक बाईट २) मदन दिवटे, पोलीस उपनिरीक्षक, बल्लारपूर
0
0
Report
Advertisement

वर्धा नदी के जलस्तर बढ़ने से चंद्रपुर शहर में बाढ़ का खतरा, रहमतनगर आदि क्षेत्र

Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपूर जिल्ह्यातील वर्धा नदीच्या पाणी पातळीत वाढ झाल्याने आता हे पाणी चंद्रपूर शहरातील रहमतनगर, सहारा पार्क आणि भिवापूर वार्ड परिसरात शिरायला सुरुवात झाली आहे. वर्धा नदीच्या पाणी पातळीत वाढ झाल्यामुळे कालपासूनच वर्धा नदीच्या उपनद्या असलेल्या झटपट आणि इरई नदीतील पाणी वापस फिरायला सुरुवात झाली होती. इरई आणि झटपट या दोन्ही नद्यांच्या पाणी पातळीत मोठी वाढ झाल्याने याचा फटका अब चंद्रपूर शहराला बसायला सुरुवात झाली आहे. पहाटेपासून नदीच्या शेजारी असलेल्या रहिवासी भागात हे पाणी शिरायला सुरुवात झाली आहे. प्रशासनाने काल रात्रीच खबरदारीचा उपाय म्हणून या भागातील काही कुटुंबांना सुरक्षित स्थळी स्थलांतरित केलं होतं. आज पुन्हा या भागात बोटीच्या सहाय्याने अडकलेल्या नागरिकांना बाहेर काढण्याचे काम सुरू आहे.
0
0
Report

टीकमगढ़ जिला अस्पताल में लापरवाही से गर्भवती की मौत, परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई मांग

Tikamgarh, Madhya Pradesh:टीकमगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते गर्भवती महिला को समय पर इलाज न मिलने के कारण गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर की लापरवाही के चलते गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. दरअसल यह पूरा मामला टीकमगढ़ जिला अस्पताल का है, जहां शहर की चकरा तिगैला निवासी गर्भवती महिला शोभा पाल के परिजन गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर लता लक्ष्मी ने परिजनों को आश्वासन दिया था कि महिला की नॉर्मल डिलीवरी हो जाएगी, परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में पदस्थ महिला डॉक्टर द्वारा समय पर आवश्यक उपचार और निगरानी नहीं की गई, जिससे महिला के गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई, वही महिला के परिजनों का आरोप है कि उनसे डिलीवरी कराने के नाम पर नर्सों ने पहले 500 रुपये और फिर 700 रुपये भी ले लिये जिसकी शिकायत टीकमगढ़ कलेक्टर को मरीज के परिजनों ने लिखित रूप से देते हुए इलाज में लापरवाही करने वाली महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने महिला डॉक्टर का बचाव करते हुए कहा कि महिला के परिजनों को पहले ही बता दिया गया था कि बच्चे में धड़कन नहीं है, जिसका जिसके कारण महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया है, वहीं नर्सों द्वारा पैसे लेने के मामले में सिविल सर्जन का कहना है कि यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है, अगर ऐसा है तो हम लोगों इसकी जांच कराएंगे.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top