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शेरगढ़ शिव मंदिर: दो शिवलिंग वाला रहस्यमय इतिहास, सुरक्षा के लिए सरकार से योजना

Khairgarh, Uttar Pradesh:छत्तीसगढ़ की धरती पर भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन खैरागढ़ जिले का शेरगढ़ अपने भीतर आस्था के साथ-साथ इतिहास और रहस्य की ऐसी कहानी समेटे हुए है, जिसे सुनकर हर कोई ठहरकर सोचने पर मजबूर हो जाता है। खैरागढ़ जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर देऊरगांव, जिसे अब शेरगढ़ के नाम से जाना जाता है, यहाँ 11वीं शताब्दी से मौजूद बताए जाने वाले दो प्राचीन शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र हैं। एक ही स्थान पर दो शिवलिंग होना अपने आप में लोगों के लिए कौतूहल का विषय है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक इन शिवलिंगों को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि समय के साथ शिवलिंग का आकार बढ़ रहा है। सबसे बड़ा रहस्य तो शिवलिंग के ऊपर अंकित उस प्राचीन लेख को लेकर है, जिसे आज तक कोई स्पष्ट रूप से पढ़ नहीं पाया है। यही रहस्यमयी निशान इस मंदिर को और खास बना देते हैं। ग्रामीणों के बीच एक और मान्यता है कि कभी-कभी मंदिर परिसर में शेषनाग के दर्शन होते हैं और कुछ ही क्षणों में वे अदृश्य हो जाते हैं। हालांकि इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था इस मान्यता को आज भी जीवित रखे हुए है। स्थानीय इतिहास से जुड़ी मान्यता के अनुसार नागवंशी राजा उमराव सिंह के भाई राजकुमार शेर सिंह के नाम पर देऊरगांव का नाम शेरगढ़ पड़ा। सावन और महाशिवरात्रि में यहां भव्य मेेला लगता है। छत्तीसगढ़ के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा से भी श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आज नाग पंचमी और सोमवार का विशेष संयोग है। मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की मांग है कि सदियों पुराने इस मंदिर के संरक्षण, जीर्णोद्धार और विकास पर सरकार ध्यान दे, ताकि आस्था और इतिहास की यह अनमोल धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके। दो शिवलिंग... सदियों पुराना इतिहास... और आज भी अनसुलझे कई सवाल यही है शेरगढ़ के शिव मंदिर की सबसे बड़ी पहचान। बाइट - ग्रामीण पीटूसी - हेमंत पाल
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केंद्रीय मंत्री पोकरण पहुँचे: पहली अति महारुद्र महाभिषेक, 2100 ब्राह्मण

Jaisalmer, Rajasthan:जिला-जैसलमेर विधानसभा - पोकरण लोकेशन - पोकरण केंद्रीय मंत्री अति महारुद्र अभिषेक के आयोजन में पोकरण पहुँचे मारकंडेश्वर महादेव मंदिर में 2100 वेदपाठी ब्राह्मण वैदिक अनुष्ठान कर रहे अति महारुद्र अभिषेक में आज होंगे विभिन्न कार्यक्रम पोकरण, जैसलमेर पोकरण में आज आयोजित अति महा रुद्र अभिषेक के अनुष्ठान में केंद्रीय मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत पहुंचे। इस दौरान पोकरण विधायक महंत प्रताप पूरी भी साथ में मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री के पोकरण पहुंचने पर भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री इसके बाद रामदेवसर तालाब परिसर स्थित मारकंडेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे और अभिषेक किया। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री 2100 वेदपाठी ब्राह्मणों से मिले। पोकरण में पहली बार आयोजित हो रहा है अति रुद्र महाभिषेक अनुष्ठान गौरतलब है कि पोकरण के रामदेवसर तालाब स्थित मारकंडेश्वर महादेव मंदिर के पास पोकरण में पहली बार अति महारुद्र अभिषेक हो रहा है जिसमें 2100 वेदपाठी ब्राह्मण वैदिक अनुष्ठान कर रहे है। अति महारुद्र अनुष्ठान में 2100 वेदपाठी ब्राह्मण मंत्रोच्चार एवं रुद्राध्याय के माध्यम से भगवान शिव का अभिषेक और पूजन कर रहे हैं। मारवाड़ की धरती पर पहली बार इतने व्यापक स्तर पर आयोजित हो रहे इस अति महारुद्र को लेकर पोकरण में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राध्याय और भगवान शिव के जयघोष से पूरा रामदेवसर तालाब परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। पोकरण के दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पोकरण भक्ति और शौर्य की धरती है। लोक देवता बाबा रामदेव ने इस क्षेत्र में सैकड़ों वर्षों पहले सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया वो आज भी कायम है। इस धरती पर स्थित मारकंडेश्वर महादेव मंदिर बेल पत्र महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा और अतिरुद्र महाभिषेक कार्यक्रम जिसमें 2 हजार से ज्यादा वैदिक ब्राह्मण मंत्रों के साथ अभिषेक कर रहे है। इस अतिरुद्र महाअभिषेक से क्षेत्र में नई सांस्कृतिक ऊर्जा जन्म लेगी。
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सरकारी शौचालय की जगह डाकघर? लोग कह रहे सिस्टम फेल

Kondagaon, Chhattisgarh:सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहाँ लोगों की मूलभूत जरूरत के लिए सार्वजनिक शौचालय होना चाहिए, वहाँ अब डाकघर संचालित होने की चर्चा है। इस व्यवस्था को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह तस्वीर है सरकारी व्यवस्था के उस अंदाज की, जिसे देखकर आप भी कहेंगे ,,आखिर सिस्टम चल कैसे रहा है सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए शौचालय की जगह का इस्तेमाल अब डाकघर के लिए किए जाने की तस्वीर सामने आई है। एक तरफ सरकार स्वच्छता और जनसुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, तो दूसरी तरफ सार्वजनिक शौचालय की जगह का इस तरह इस्तेमाल व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह का इस्तेमाल आम जनता की सुविधा के लिए होना चाहिए, वहां आखिर दूसरी गतिविधि कैसे संचालित हो रही है अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी है? अगर जानकारी है तो कार्रवाई क्यों नहीं? और अगर जानकारी नहीं है, तो सरकारी व्यवस्था की निगरानी आखिर कौन कर रहा है फिलहाल सार्वजनिक शौचालय में डाकघर की चर्चा ने सरकारी सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में क्या जवाब देता है और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाता है。
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मुरबाड में MIDC जमीन मापने के विरुद्ध किसानों का बड़ा विरोध

Ambernath, Maharashtra:मुरबाडमध्ये MIDC च्या जमिनीच्या मोजणीला शेतकऱ्यांचा तीव्र विरोध काळे झेंडे दाखवून मोजणी रोखली Anchor मुरबाड तालुक्यातील सुपीक शेतजमिनींवर प्रस्तावित एमआयडीसीसाठी प्रशासनाकडून अचानक सुरू करण्यात आलेल्या मोजणीला स्थानिक शेतकऱ्यांनी तीव्र विरोध दर्शवला आहे. कोणतीही पूर्वसूचना, कायदे‌शीर नोटीस किंवा जाहीर सुनावणी न घेता सुरू करण्यात आलेली मोजणी संतप्त शेतकऱ्यांनी रस्त्यावर उतरून रोखून धरली. नागाव, सरळगाव, पारतले, दहिवली, नेवाळपाडा, वडवली, मानिवली आणि नांदगाव या गावांमधील जमिनींच्या मोजणीसाठी आलेल्या प्रशासकीय कर्मचाऱ्यांना शेतकऱ्यांच्या तीव्र आक्रोशाला सामोरे जावे लागले. या मनमानी कारवाईचा निषेध करण्यासाठी ग्रामपंचायत नागाव येथे एकत्र येत शेतकऱ्यांनी काळे झेंडे दाखवून जोरदार घोषणाबाजी केली. शेतकऱ्यांच्या आक्रमक पवित्र्यामुळे प्रशासनाला मोजणीचे काम जागेवरच थांबवावे लागले. जमिनींचा ताबा घेण्याचा प्रयत्न झाल्यास लढा अधिक तीव्र केला जाईल, असा इशारा स्थानिक शेतकऱ्यांनी दिला आहे. शेतकऱ्यांच्या या तीव्र विरोधामुळे मुरबाड परिसरातील प्रस्तावित भूसंपादनाचा विषय चांगलाच तापला असून, प्रशासन आता यावर काय भूमिका घेते याकडे सर्वांचे लक्ष लागले आहे.
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एक बार फिर महिला थाना बना जंग का अखाड़ा।विवाहिता के परिवार ने की धुनाई, अपने जमाई ओर उसके परिवार की

Shrvan PanditShrvan PanditFollow3m ago
Shamli Rural, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली स्लग ...महिला थाना बना जंग का आखण्डा ......शामली जनपद में एक बार फिर महिला थाना जंग का अखाड़ा बन गया है।जहां काउंसलिंग के दौरान पति-पत्नी के विवाद के बाद विवाहिता के परिवार वालों ने उसके पति और दो-तीन उसके साथ आए परिवार के लोगों के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी।घटना महिला थाने के प्रांगण में हुई। वहीं आरोपी धमकी देकर मौके से चलते बने।पीड़ितों ने इस मामले में आज पुलिस अधीक्षक ऑफिस में पहुंचकर शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।गौर करने वाली बात है कि महिला अध्यक्ष के रहते हुए इस तरह की घटना हो रही है। जबकि इससे पहले भी महिला थाने में इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। .... आपको बता दे कि मामला शामली जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले काका नगर निवासी विजेंद्र कुमार के बेटे सागर का विवाह शिवानी पुत्र दिनेश शर्मा निवासी मोदीपुरम के साथ 14 अप्रैल 2025 में हिंदू रीति रिवाज के साथ हुआ था। पारिवारिक विवाद के बाद पुलिस अधीक्षक को सागर की माता नीलम शर्मा ने शिकायती पत्र देते हुए कहा कि शिवानी घर मे बार-बार झगड़ा करती है और अब घर से कीमती सामान सोने चांदी के जेवर और अलमारी में रखे ढाई लाख रुपए ले जाने का आरोप लगाया था।जिसमें पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह द्वारा आदेशित करते हुए महिला थाना अध्यक्ष को काउंसलिंग के आदेश दिये थे।इस संबंध में जहां महिला थाने में काउंसलिंग चल रही थी। जहां उन्हें काउंसलिंग के क्रम अनुसार 13 अगस्त को बुलाया था। जिस दौरान शिवानी के परिवार वाले आए लेकिन शिवानी काउंसलिंग के दौरान नहीं आई पीड़ितों ने एसपी ऑफिस में सिखाती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि सागर उसकी मां नीलम देवी और अन्य के साथ दिनेश शर्मा और उसके अन्य एक दर्जन से ज्यादा आये परिवार वालों ने मारपीट की घटना को अंजाम दिया है।और जहां पुलिस ने बीच बचाव किया।वहीं आरोपी दिनेश उनको जान से मारने की धमकी देते हुए थाने से फरार हो गया।पूरी घटना महिला थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। तो वहीं घटना के बाद आरोपी जहां धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया है।जिसकी वीडियो खुद पीड़ितों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी है। आपको बता दे कि थाना अध्यक्ष की मौजूदगी में यह कोई पहला मामला नहीं है।इससे पहले भी विवाहिता के परिवार वालों ने बेटी के ससुराल पक्ष वालों की धुनाई की घटना हो चुकी है
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शिवसेना-शिंदे गट बनाम बीजेपी: क्लस्टर पुनर्विकास पर घनसोली में संघर्ष तेज

Navi Mumbai, Maharashtra:नवी मुंबईतील घणसोली मध्ये सिम्प्लेक्स सोसायटीच्या क्लस्टर पुनर्विकास प्रकल्पावरून शिवसेना शिंदे गट आणि भाजपामध्ये संघर्ष पेटलाय. भाजपने सिम्प्लेक्स क्लस्टर योजनेबाबत पुनर्वीचार करणारा ठराव महासभेत मंजूर केला असून शिवसेना शिंदे गट मात्र सिम्प्लेक्स मध्ये क्लस्टरच्या माध्यमातूनच पुनर्विकास प्रकल्प राबविण्यावर ठाम आहे. सिम्प्लेक्स मधील रहिवासी आता आंदोलनात उतरले असून त्यांना जेनझी जनरेशनचा पाठिंबा भेटत आहे. तुमच्या राजकारणात आमच्या मोठ्या घराचे स्वप्न धुळीस मिळवू नका अन्यथा तुमच्या घरावर भव्य मोर्चा काढू असा इशारा यावेळी आंदोलकर्त्या रहिवासीयांनी दिलाय.
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किशनगंज के भूतनाथ गौशाला में श्रावणी मेले में जलाभिषेक और सुविधाओं की घोषणा

Kishanganj, Bihar:किशनगंज जिले के ऐतिहासिक भूतनाथ गौशाला मंदिर में श्रावणी मेले के पावन अवसर पर आज राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्वलित कर भजन कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। मंत्री डॉ. जायसवाल ने श्रावणी मेले के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मेला अत्यंत शुभ है और जीवन का सबसे सुखमय मेला माना जाता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं पर महादेव की अखंड कृपा बनी रहने की कामना की। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार ने इस भूतनाथ गौशाला श्रावणी मेले को अपनी सूची में शामिल कर लिया है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। साथ ही इस मेले को और अधिक भव्य बनाने के लिए बिहार सरकार निरंतर प्रयासरत है।
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जयपुर एयरपोर्ट पर NCC माइक्रोलाइट विमान कार से टकराया, विमान क्षतिग्रस्त

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी नोट- इस घटनाक्रम के एक्चुअल फोटो-वीडियो उपलब्ध नहीं हैं, कृपया सभी शॉट को फाइल शॉट लिखकर ही चलाएं। हैडर- - जयपुर एयरपोर्ट पर हादसा - NCC के माइक्रोलाइट विमान से टकराई गाड़ी - हैंगर से उड़ान भरने के लिए जा रहा था विमान - विमान से टकराई इंडोथाई की गाड़ी - एयरपोर्ट पर ग्राउंड व्हीकल मूवमेंट पर सवाल - व्यस्त जयपुर एयरपोर्ट पर NCC ट्रेनिंग क्यों ? एंकर जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक हादसा हो गया। उड़ान भरने के लिए जा रहा एनसीसी का माइक्रोलाइट ट्रेनिंग विमान एक कार से टकरा गया। कार की टक्कर से माइक्रोलाइट विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद एयरपोर्ट पर वाहनों के मूवमेंट और यात्री विमानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 जयपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को एनसीसी के माइक्रोलाइट विमान से हादसा अलसुबह करीब 5 बजे हुआ। विमान से एनसीसी कैडेट को प्रशिक्षण के लिए उनके पायलट उड़ाने ले जा रहे थे। हैंगर से निकलकर विमान टैक्सीइंग कर रहा था। माइक्रोलाइट विमान के रनवे पर जाने से पहले ही यह हादसा हो गया। दरअसल इसी दौरान ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी इंडोथाई की एक गाड़ी उधर से गुजर रही थी। गाड़ी के विमान से टकराने के चलते विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। सूत्रों के मुताबिक विमान का अगला प्रॉपलर वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। इस कारण विमान अब उड़ान भरने में सक्षम नहीं है। हालांकि विमान के अंदर मौजूद पायलट और ट्रेनी कैडेट सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इस हादसे के बाद जयपुर एयरपोर्ट पर ग्राउंड व्हीकल मूवमेंट की मॉनिटरिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या एप्रन कंट्रोल 센टर को एनसीसी के इस ट्रेनिंग विमान के उड़ान भरने जाने और रूट की जानकारी नहीं थी। आखिर विमान के रास्ते में कार बगैर सूचना के कैसे पहुंची ? सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट प्रशासन ने इस पूरे हादसे के फोटो-वीडियो मीडिया में जारी नहीं होने दिए हैं। कहीं हो न जाए बड़ा हादसा ? - एयरपोर्ट पर ग्राउंड व्हीकल्स का मूवमेंट एप्रन कंट्रोल सेंटर द्वारा किया जाता - कंट्रोल सेंटर द्वारा एयरपोर्ट एप्रन में चलने वाले सभी वाहनों की निगरानी रखी जाती - हालांकि विमानों के उड़ान भरने और लैंडिंग की जिम्मेदारी एटीसी की रहती है - लेकिन इस हादसे को लेकर एटीसी जिम्मेदार नहीं है - क्योंकि जब यह हादसा हुआ तब तक एनसीसी का विमान टैक्सीइंग ही कर रहा था - इंडाेथाई की कार एप्रन कंट्रोल सेंटर के निर्देशों के अनुसार चल रही थी - इस तरह के छोटे हादसे कहीं बड़ा रूप न ले लें, इसके लिए सतर्कता बरतना जरूरी - एप्रन कंट्रोल सेंटर को नियमित और कड़ी माॅनिटरिंग करनी चाहिए - जिससे कि भविष्य में इस तरह का कोई हादसा बड़ा रूप न ले ले Gfx Out वीओ- 2 जयपुर एयरपोर्ट पर एनसीसी कैडेट्स को दी जाने वाली ट्रेनिंग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल जयपुर एयरपोर्ट अत्यधिक व्यस्त श्रेणी में शामिल है। वर्तमान में जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना औसतन 90 से 95 विमानों का आवागमन होता है। सर्दियों के दौरान तो यह संख्या रोजाना 140 से 150 तक पहुंच जाती है। ऐसे में एयरपोर्ट पर हर घंटे औसतन 6 से 7 मूवमेंट होते हैं। ऐसी स्थिति में एनसीसी के कैडेट्स को जयपुर एयरपोर्ट जैसे व्यस्त एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग के लिए अनुमति देना यात्री विमानों के मूवमेंट को खतरे में डालने जैसा है। जबकि एनसीसी कैडेट्स को ट्रेनिंग किशनगढ़ जैसे छोटे एयरपोर्ट पर भी दी जा सकती है, जहां से अपेक्षाकृत रूप से अत्यधिक कम विमानों का मूवमेंट होता है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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प्रदेश में जिला शिक्षा रैंकिंग अब 6 मानकों पर, शाला दर्पण पोर्टल से अपडेट

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश में जिला शिक्षा रैंकिंग की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब जिलों की रैंकिंग पहले की तरह 12 मानकों के आधार पर नहीं, बल्कि 6 प्रमुख मानकों के आधार पर तय किए जाएगे । नई व्यवस्था के तहत हर माह की 5 तारीख तक शाला दर्पण पोर्टल पर जिला शिक्षा रैंकिंग जारी की जाएगी। नई रैंकिंग में विद्यार्थियों की उपस्थिति को सबसे अधिक महत्व दिया गया है। इसके लिए कुल 25 प्रतिशत वेटेज निर्धारित किया गया है। वहीं शाला संबलन निरीक्षण और योग्यता आधारित मूल्यांकन को 20-20 प्रतिशत भार दिया गया है। शिक्षक एप पर शिक्षकों की सक्रियता के लिए 15 प्रतिशत तथा विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के लिए 10 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। विद्यालयों में शौचालय, पेयजल और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की क्रियाशीलता को भी रैंकिंग में शामिल किया गया है। इसके अलावा ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठकों को 10 प्रतिशत वेटेज दिया गया है। इन बैठकों में लिए गए निर्णयों और उनकी प्रगति को संबंधित पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई रैंकिंग व्यवस्था से जिलों के प्रदर्शन का अधिक प्रभावी तरीके से आकलन किया जा सकेगा। इससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की पहचान के साथ-साथ उन जिलों पर भी विशेष निगरानी रखी जा सकेगी, जहां शिक्षा व्यवस्था में सुधार की अधिक आवश्यकता है।
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मुरैना में खाद की कमी से किसान पंक्तियों में खड़े, वितरण ने बढ़ाई चिंता

Morena, Madhya Pradesh:मुरैना में खाद के लिए मारामारी, घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को नहीं मिल रही पर्याप्त खाद मुरैना में खाद को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खाद लेने के लिए किसान सुबह से ही गल्ला मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पर पहुंचकर लंबी-लंबी लाइनों में लग रहे हैं। घंटों इंतजार के बाद भी किसानों को जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। तस्वीरें मुरैना गल्ला मंडी की हैं, जहां खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। कोई सुबह-सुबह लाइन में पहुंचा तो कोई घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। किसानों का कहना है कि खेती के समय खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन वितरण केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है。 लंबे इंतजार और सीमित मात्रा में खाद मिलने से किसानों में नाराजगी भी दिखाई दे रही है। किसानों की मांग है कि प्रशासन खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करे, ताकि उन्हें बार-बार लाइन में लगकर परेशान न होना पड़े。 अब सवाल यह है कि जब किसानों को समय पर खाद की जरूरत है, तो आखिर उन्हें पर्याप्त खाद क्यों नहीं मिल पा रही? किसानों की इस परेशानी का समाधान कब होगा, यह देखने वाली बात होगी。
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