icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
244221
Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow11 Mar 2025, 11:12 am

अमरोहा पुलिस का बड़ा एक्शन, बछरायूं में 5 वांछित अपराधी गिरफ्तार

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा में अपराध के खिलाफ सख्त अभियान के तहत बछरायूं पुलिस ने 8 मार्च 2025 को ग्राम कुआं खेड़ा में हुई घटना के सिलसिले में 5 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में अनिल, विपांशु, लोकेश, दीपक और अतुल चौधरी शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है. इस सफलता में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

बिलासपुर में यातायात विभाग की कड़ी कार्रवाई: मोबाइल पर बात करने पर चालान

Bilaspur, Chhattisgarh:न्यायधानी बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए यातायात विभाग ने वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने वालों के खिलाफ अपनी सख्ती बेहद बढ़ा दी है। विभाग द्वारा चलाये जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पिछले महज 5 महीनों के भीतर ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 2,621 लोगों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। अब शहर के हर प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे हाई-टेक आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों के जरिए नियम तोड़ने वालों की पैनी निगरानी की जा रही है और पलक झपकते ही अपराधियों की पहचान कर उनके सीधे चालान काटे जा रहे हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है; ऐसे में सिर्फ हाथ में फोन पकड़कर बात करने वाले ही नहीं, बल्कि ईयरफोन या एयरबड लगाकर लापरवाही से वाहन चलाने वाले भी पुलिस की रडार पर हैं। यातायात पुलिस द्वारा चौक-चौराहों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार चेतावनी दी जा रही है कि मोबाइल पर ध्यान केन्द्रित होना ही सड़क से ध्यान हटने का सबसे बड़ा कारण बनता है, जिससे गंभीर हादसे होते हैं。
0
0
Report
Advertisement

झारखंड में श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा ने विविध कार्यक्रम कर श्रद्धांजलि दी

Ranchi, Jharkhand:डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूरे झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की ओर से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान और विचारों को याद किया गया।कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार और राष्ट्र प्रथम की भावना आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के "एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे" के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 और 35A हटाकर साकार किया गया। संजय सेठ ने कहा कि मूसलाधार बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि डॉ. मुखर्जी के प्रति लोगों की श्रद्धा आज भी उतनी ही मजबूत है। उन्होंने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने थे। उनका जन्म वर्ष 1901 में हुआ और 1953 में कश्मीर आंदोलन के दौरान उनका निधन हुआ, जिसे भाजपा बलिदान के रूप में याद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में डॉ. मुखर्जी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में वैचारिक मतभेदों के चलते उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया। संजय सेठ ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने में भी डॉ. मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने झारखंड से जुड़े उनके संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि देवघर जिले के मधुपुर से उनका विशेष जुड़ाव था और वे कई बार वहां आए थे। बाइट: संजय सेठ (रक्षा राज्य मंत्री) बाइट: सीपी सिंह (रांची विधायक)
0
0
Report

नवादा न्यू एरिया में 23 वर्षीय विवाहिता काजल कुमारी की मौत: हत्या या आत्महत्या?

Nawada, Bihar:नवादा न्यू एरिया मोहल्ले में सोमवार को 23 वर्षीय विवाहित युवती का शव किराए के मकान में पंखे से लटका मिला। मृतका की पहचान काजल कुमारी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजा बीघा की रहने वाली थी। 4 साल पहले लव मैरिज की थी काजल ने रूपौ निवासी छोटू सिंह से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से दोनों अलग रह रहे थे। करीब 15 दिन पहले ही दोनों रूपौ गांव से नवादा के न्यू एरिया में किराए के मकान में शिफ्ट हुए थे। काजल एक कपड़े की दुकान पर काम करती थी, जबकि छोटू डीजे और टेंट का काम करता है। घटना वाले दिन छोटू सिंह डीजे बजाने के लिए बाहर गया हुआ था। रात में जब वह घर लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर काजल का शव पंखे से लटका मिला। छोटू ने तुरंत नगर थाना पुलिस को सूचना दी। नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। मृतका का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। तीन एंगल से जांच: 1. आत्महत्या: क्या काजल ने खुद जान दी? 2. हत्या की आशंका: क्या किसी ने हत्या कर शव लटकाया? 3. पारिवारिक विवाद: प्रेम विवाह के बाद तनाव तो नहीं था मायके वालों ने तोड़ा था रिश्ता। काजल के परिवार ने प्रेम विवाह के कारण उससे संबंध तोड़ लिए थे। सूचना देने के बाद भी मायके का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं, छोटू के पिता पारस सिंह ने बताया कि वह दोनों की शादी से खुश थे और बगल में ही रहते थे। "दोनों में कभी झगड़ा नहीं देखा। पता नहीं काजल ने ऐसा कदम क्यों उठाया"। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
0
0
Report
Advertisement

सुंदरखाल में दशकों बाद बिजली पहुंचाने की योजना पर अमल की उम्मीद

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के सुंदरखाल वन ग्राम में दशकों से बिजली का इंतज़ार कर रहे ग्रामीणों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है, बिजली विभाग की टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और साफ किया कि विभाग की मंशा शुरू से ही गांव तक बिजली पहुंचाने की रही है, लेकिन वन भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों के कारण काम बीच में रुक गया था, अब विभाग उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा। रामनगर से महज 13 किलोमीटर दूर स्थित सुंदरखाल एक ऐसा वन ग्राम जहां आज भी करीब ढाई हजार मतदाता रहते हैं, लेकिन बिजली, सड़क, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी लोगों के लिए सपना बनी हुई हैं, वर्ष 1975 से यहां रह रहे ग्रामीण लगातार सरकार से या तो विस्थापन की मांग कर रहे हैं या फिर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं. इसी बीच सोमवार को बिजली विभाग की टीम सुंदरखाल पहुंची, अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की के नेतृत्व में अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और पुराने विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा की, विभागीय अधिकारियों के इस दौरे से ग्रामीणों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि शायद वर्षों पुराना बिजली का इंतजार अब खत्म हो सके. निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की ने बताया कि सुंदरखाल का क्षेत्र वन विभाग के अधीन आता है, इसके बावजूद यहां रह रहे परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने केंद्र सरकार की योजना के तहत विद्युतीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था, वर्ष 2017 में विभाग ने कई स्थानों पर बिजली के पोल भी स्थापित कर दिए थे और कार्य आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसी दौरान वन विभाग की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई, वन भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों और आवश्यक स्वीकृतियों के अभाव में बिजली विभाग को काम रोकना पड़ा, इसके बाद परियोजना वर्षों तक अधर में लटकी रही और लगाए गए बिजली के पोल आज भी बिना तारों के खड़े हैं. अधिशासी अभियंता ने कहा कि बिजली विभाग हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करता है, विभाग किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करना चाहता, इसलिए जब तक आवश्यक स्वीकृतियां और उच्चाधिकारियों के निर्देश नहीं मिलते, तब तक आगे का कार्य संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि सोमवार का निरीक्षण जमीनी स्थिति का आकलन करने और आगे की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से किया गया, विभाग अब पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेगा, जैसे ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी. गोविंद सिंह कार्की ने यह भी जानकारी दी कि सुंदरखाल के विस्थापन को लेकर भी वन विभाग स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, यदि विस्थापन के संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाता है तो बिजली विभाग भी उसी के अनुसार अपनी कार्ययोजना तैयार करेगा, विभाग का उद्देश्य सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए ग्रामीणों तक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा पहुंचाना है. दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजली उनके जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी, घरेलू काम आसान होंगे और गांव में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी, उनका कहना है कि वर्षों बाद अधिकारियों का दोबारा गांव पहुंचना एक सकारात्मक संकेत है. गौरतलब है कि सुंदरखाल के ग्रामीणों की समस्याएं केवल बिजली तक सीमित नहीं हैं, गांव में आज भी सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, शुद्ध पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने ग्रामीणों के विस्थापन के लिए एक समिति का गठन किया था, लेकिन 11 साल बाद भी विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इसी मुद्दे को लेकर मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि या तो सुंदरखाल के ग्रामीणों का शीघ्र विस्थापन किया जाए या फिर उन्हें बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. आज के निरीक्षण के बाद एक बार फिर उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अंतिम फैसला अब उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों के समन्वय पर निर्भर करेगा, यदि आवश्यक अनुमति मिल जाती है तो वर्ष 2017 से अधूरी पड़ी विद्युतीकरण योजना दोबारा शुरू हो सकती है और सुंदरखाल के लोगों का दशकों पुराना इंतजार आखिरकार समाप्त हो सकता है। सुंदरखाल के लोग पिछले कई दशकों से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं, बिजली विभाग का ताजा निरीक्षण उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। अब देखना होगा कि विभागीय और कानूनी प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और सुंदरखाल के घरों में आखिर कब रोशनी पहुंचती है।
0
0
Report

गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा: सभी होटल-रेस्टोरेंट पर QR कोड और लाइसेंस अनिवार्य

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग का वैध लाइसेंस और क्यूआर (QR) जिसमें रेट की और मेनू की पूरी जानकारी हो का कोड भी लगाना जरूरी रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह फैसला श्रद्धालुओं को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी दुकानों पर तय नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालु दुकान संचालक का नाम, लाइसेंस से जुड़ी जानकारी और खाद्य पदार्थों की निर्धारित कीमत देख सकेंगे। इससे अधिक कीमत वसूलने और गलत जानकारी देने जैसी शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने यात्रा के दौरान डीजे को लेकर भी सख्त नियम तय किए हैं।
0
0
Report
Advertisement

नूंह विधायक आफताब अहमद ने जलभराव और केंद्रीय विद्यालय बस सेवा की मांग की

Nuh, Haryana:नूंह विधायक आफताब अहमद ने डीसी से की मुलाकat, जलभराव, स्कूल बस सेवा सहित कई मुद्दे उठाए। नूंह से विधायक आफताब अहमद ने सोमवार को जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर जिले से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बरसात के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या, चल रहे एसआईआर अभियान तथा चिलावली गांव स्थित केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने चिलावली गांव में संचालित केंद्रीय विद्यालय तक विद्यार्थियों के आवागमन की सुविधा के लिए स्कूल बस सेवा शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि बस सेवा शुरू होने से दूर-दराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। मुलाकात के दौरान विधायक ने जिले से जुड़े अन्य विकास एवं जनसुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी उपायुक्त का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त अखिल पिलानी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विधायक आफताब अहमद ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, जिससे जिले के लोगों को राहत मिलेगी。
0
0
Report

जयपुर-सीकर राजमार्ग पर होटल आर चन्द्रा चौमूं की शानदार आतिथ्य सर्विस

Jaipur, Rajasthan:जयपुर–सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटल आर चन्द्रा, चौमूं अपनी उत्कृष्ट आतिथ्य परंपरा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन सेवाओं के लिए विशेष पहचान रखता है। यहाँ आरामदायक कमरे, स्वादिष्ट शुद्ध शाकाहारी एवं बहु-व्यंजन भोजन, विशाल बैंक्वेट हॉल और पारिवारिक समारोहों के लिए आकर्षक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। विवाह, सगाई, जन्मदिन, कॉर्पोरेट मीटिंग और सामाजिक आयोजनों के लिए होटल एक भरोसेमंद विकल्प बन चुका है। स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण सेवा और अतिथियों के प्रति आत्मीय व्यवहार इसकी सबसे बड़ी पहचान है। होटल का शांत वातावरण, पर्याप्त पार्किंग और अनुभवी स्टाफ हर मेहमान के अनुभव को यादगार बनाते हैं। होटल आर चन्द्रा केवल ठहरने का स्थान नहीं, बल्कि आराम, स्वाद और श्रेष्ठ आतिथ्य का ऐसा केंद्र है, जहाँ हर मेहमान का स्वागत पूरे सम्मान और अपनत्व के साथ किया जाता है। पैलेस का संचालन मुकेश सैनी खुद करते हैं।
0
0
Report
Advertisement

धनपुरी पुलिस ने शराब तस्करों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 179.28 लीटर शराब बरामद

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल जिले में जंगल के रास्तों को शराब तस्करी का सुरक्षित कॉरिडोर समझने वाले तस्करों के खिलाफ धनपुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। लग्जरी आर्टिका कार में अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप लेकर जा रहे तस्कर पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही वाहन को जंगल में छोड़कर फरार हो गए। हालांकि उनकी जल्दबाजी में छोड़ी गई कार से 179.28 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब और तस्करी में प्रयुक्त लग्जरी कार सहित करीब 15 लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त कर शराब तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
0
0
Report

भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, नाज़िया इलाही पर कार्रवाई की मांग।

FKFirasat KhanFollow6m ago
Puranpur, Uttar Pradesh:भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, नाज़िया इलाही पर कार्रवाई की मांग। पूरनपुर,,भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी पूरनपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मिशन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नाज़िया इलाही द्वारा इस्लाम धर्म की सम्मानित धार्मिक हस्तियों के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।साथ ही संगठन ने सभी धर्मों एवं उनके महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी और सख्त कानूनी प्रावधान बनाए जाने की भी मांग उठाई।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top