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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow11 Mar 2025, 11:12 am

अमरोहा पुलिस का बड़ा एक्शन, बछरायूं में 5 वांछित अपराधी गिरफ्तार

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा में अपराध के खिलाफ सख्त अभियान के तहत बछरायूं पुलिस ने 8 मार्च 2025 को ग्राम कुआं खेड़ा में हुई घटना के सिलसिले में 5 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में अनिल, विपांशु, लोकेश, दीपक और अतुल चौधरी शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है. इस सफलता में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।

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बहेड़ी में दिल दहला देने वाली वारदात: युवती का अपहरण, कार में बेरहमी से हमला, मरा समझकर सड़क किनारे

Gursauli, Uttar Pradesh:बरेली के बहेड़ी कोतवाली क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है। एक युवती को घर से जबरन कार में अगवा कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और हत्या का प्रयास किया गया। आरोप है कि हमलावर उसे मरा समझकर सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। फिलहाल पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। ग्राम बहादुरगंज नीचा निवासी अफसाना ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव का ही मोहम्मद फैज उसे बहला-फुसलाकर कार में बैठाकर ले गया। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद कार में नूर इस्लाम, मुजीब और आकिल हाजी भी सवार हो गए। इसके बाद चारों ने कार के शीशे बंद कर दिए और उसे गालियां देते हुए जान से मारने की धमकियां देने लगे। पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने उसके हाथ बांध दिए और बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। नूर इस्लाम ने उसका गला दबाकर हत्या का प्रयास किया, जबकि मोहम्मद फैज ने धारदार हथियार से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बाकी आरोपियों ने भी उसके साथ जमकर मारपीट की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवती को मृत समझकर लवेदी भट्टा के पास सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। राहगीरों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
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पीलीभीत में डीएम ने मदद पहुंचाकर पायल बेचने वाली मां के बेटे का इलाज कराया

Pilibhit, Uttar Pradesh:एंकर- पीलीभीत में गन्ना राज्यमंत्री की संवेदनहीनता व जिलाधिकारी की संवेदनशीलता देखने को मिली। एक मां को अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए पायल बेचनी पड़ी, क्योंकि राज्यमंत्री की सिफारिशी चिट्ठी बेअसर साबित हुई। लखनऊ में फसी अभागिन मां का फोन राज्य मंत्री ने कई बार करने पर भी नहीं उठाया। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल मदद पहुंचाई फॉरेन सीएमओ को लेकर उसके घर पहुंचे, आयुष्मान कार्ड मुहैया कराया, 50000 रेड क्रॉस सोसाइटी से दिलवाएं। साथ ही जो पायल बिक गई थी वह भी खरीद कर महिला को अपने अधिकारी के जरिए पहुंचवाई है। और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। दरअसल शहर के बल्लभ नगर निवासी रामकली का बेटा श्यामसुंदर किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। रामकली ने मदद के लिए गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार से गुहार लगाई थी। मंत्री ने लखनऊ के KGMU निदेशक के नाम पत्र लिखा, लेकिन लखनऊ में मरीज को भर्ती नहीं किया गया और न ही बाद में लखनऊ से फोन करने पर मंत्री संजय गंगवार ने फोन उठाया। इलाज न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण बेबस मां को अपनी पायल बेचकर बेटे के साथ वापस घर लौटना पड़ा। यह घटना प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की अनदेखी को उजागर करती है。 सोमवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के जनता दरबार में रामकली ने अपनी आपबीती सुनाई। डीएम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अतिरिक्त, महिला का नया राशन कार्ड बनवाया गया ताकि भविष्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाया और स्वयं सीएमओ व डॉक्टरों की टीम को लेकर महिला के घर पहुंच गए। और मरीज श्यामसुंदर को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पीलीभीत में भर्ती कराया। इतना ही नहीं एसडीएम के जरिए महिला को पायल भी भिजवाई। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा, "प्रशासन हर गरीब और लाचार व्यक्ति के साथ खड़ा है। पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराई जाएगी और इलाज में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।" बाइट-रामकली बाइट- ज्ञानेंद्र सिंह जिलाधिकारी पीलीभीत
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घनश्याम तिवाड़ी ने कहा - गहलोत के राज में भ्रष्टाचार रिकॉर्ड बना

Noida, Uttar Pradesh:राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा - अशोक गहलोत से पीछा छुड़ाना चाहता है उनका आलाकमान अशोक गहलोत के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का बना था रिकॉर्ड पंचायतीराज का खाका अशोक गहलोत ने बिगाड़ा - भजनलाल सरकार ओबीसी वर्ग को चुनाव में देगी उसका अधिकार राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए आरोपों पर सख्त पलटवार किया है। तिवाड़ी ने कहा है कि अशोक गहलोत राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर बेबुनियाद बयानों से भ्रमजाल बुनने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। वह भ्रष्टाचार पर नहीं बोले तो ही अच्छा है। उनके कार्यकाल में तो घोटालों का रिकॉर्ड बना हुआ है। उनके मंत्री से लेकर अधिकारी तक सलाखों के पीछे हैं। घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत ने आरजीएचएस को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में भुगतान न होने की वजह से इस योजना की सेवाएं बार-बार बाधित होती थी। इनकी गलतियों को ठीक करके आरजीएचएस योजना को अच्छे से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध रूप से सवा लाख से ज्यादा नौकरियां दी है और भर्ती कैलेंडर भी जारी किया जा चुका है। वह किस मुंह से बात कर रहे हैं, जबकि उनके कार्यकाल में पेपरलीक हुए थे। घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत इंतजार शास्त्र की बात तो कर रहे हैं। लेकिन सरकार तो तब हिल रही थी, जब उनके उपमुख्यमंत्री अपने विधायकों को लेकर चले गए थे। वहीं मल्लिकार्जुन खडगे जब आए थे और विधायकों की मीटिंग बुलाई गई थी, तब भी सरकार हिली थी। राजस्थान की जनता ने तीन बार अशोक गहलोत की सरकार को हिलाया है। इसीलिए अब कांग्रेस का आलाकमान भी उनसे पीछा छुड़ाना चाहता है। घनश्याम तिवाड़ी ने रिफाइनरी को लेकर कहा कि यह दुखद घटना है। इसकी जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत अपने गिरेबां में झांक कर देखें। पंचायतीराज का खाका इन्होंने ही बिगाड़ा था। अब सरकार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार इस वर्ग को चुनाव में आरक्षण के अधिकार का लाभ देना चाहती है। क्या अशोक गहलोत यह चाहते है कि ओबीसी आरक्षण के बिना ही पंचायतीराज चुनाव करवा लिए जाएं। घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जितना भ्रष्टाचार अशोक गहलोत के कार्यकाल में हुआ उसे आज भी जनता याद करती है। जेजेएम घोटाले की चर्चा हर कोई करता है। इनकी डाली हुई पाईप लाइनों से पानी नहीं हवा निकलती है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत अपनी वरिष्ठता के अनुसार ही बयानबाजी करें और अपनी राजनीति बचाने के लिए अपने आलाकमान से बातचीत करें।
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सतना नीला ड्रम हत्याकांड: 11 वर्षीय मासूम की हत्या, आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार

Satna, Madhya Pradesh:सतना नीला ड्रम हत्याकांड: 11 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या, आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार। सतना। सोमवार को एक दिल दहला देने वाली और जघन्य घटना ने पूरे सतना शहर को स्तब्ध कर दिया है। 11 वर्षीय निर्दोष बच्चे की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को घर के कमरे में रखे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। इस घटना ने न केवल परिवार को तोड़ दिया बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी । मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने नीले ड्रम से बच्चे का शव और धारदार हथियार भी बरामद किया था । घटना के समय 11 वर्षीय बच्चा घर पर अकेला था। उसके पिता, मां, बड़ी बहन और बड़ा भाई बाहर गये थे। मृतक कक्षा 5 का छात्र था। हत्या का कारण बेहद चौंकाने वाला सामने आ रहा है। 45 वर्षीय आरोपी मथुरा राजक मूल रूप से सीधी जिले का निवासी है जो सिद्धार्थ नगर बैंक कॉलोनी सतना में ड्राई क्लीन की दुकान चलाता था। वह वहीं रहता भी था। आरोपी मथुरा राजक लंबे समय से मृतक की मां से जान पहचान थी। वह बार-बार शादी का दबाव डाल रहा था, मृतक की मां और आरोपी के दोस्ताना संबंधों का मृतक और उसकी बड़ी बहन विरोध करती थी, इस बात को मृतक ने अपने पिता को भी बता दिया था , जिससे आरोपी और मृतक के परिवार जनों में विवाद भी हुआ था। आरोपी मृतक की मां से शादी करना चाहता था, उसने कहा था, “अगर शादी नहीं की तो बेटे को नुकसान पहुंचाऊंगा। अंजाम बहुत बुरा होगा।” गुस्से और बदले की भावना में आरोपी ने इस निर्दोष बच्चे को अपना निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्चे का गला काटकर निर्मम हत्या की और शव को नीले ड्रम में छिपाकर दुकान और घर बंद करके फरार हो गया था। कोलगवां थाना पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित कीं। पुलिस की सूझबूझ और तेज कार्रवाई से मात्र 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की जांच जारी है。
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बिजली समस्याओं पर भड़के किसान: स्मार्ट प्रीपेड मीटर हटाने समेत कई मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Baheri, Uttar Pradesh:बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में बिजली से जुड़ी लगातार बढ़ती समस्याओं को लेकर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। यह ज्ञापन प्रदेश सचिव (उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड तराई) दानिश खान बाबा के नेतृत्व में सौंपा गया। किसानों ने सबसे बड़ा मुद्दा स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को बताया, जिन्हें वे जबरन और अनैतिक तरीके से लगाए जाने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि ये मीटर आम उपभोक्ताओं और किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। यूनियन ने मांग की कि प्रीपेड मीटरों की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और उनकी जगह पोस्टपेड मीटर लगाए जाएं। साथ ही, जो मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं, उन्हें भी बदला जाए। इसके अलावा किसानों ने मीटर लगाने वाली एजेंसियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए और इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने बताया कि ग्राम चकनरकुंडा में वर्षों से बंद पड़े ट्रांसफार्मर किसानों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं, जिन्हें जल्द चालू किया जाना चाहिए। ज्ञापन में धोबी तालाब बिजली घर से जुड़े फीडरों की कथित अवैध शिफ्टिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने इसे रोककर नियमों के अनुसार केबल के माध्यम से कार्य कराने की मांग की। वहीं ग्राम गोपालपुर में जर्जर बिजली तारों के कारण हो रही दिक्कतों को देखते हुए उन्हें तत्काल बदलने की बात कही गई। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और उन्होंने एक स्वर में अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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बीकानेर कोटगेट सांखला फाटक परियोजना के लिए 57 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से बड़ी खबर कोटगेट सांखला फाटक प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट वित्त विभाग ने संशोधित वित्तीय स्वीकृति की जारी बजट 2025-26 के तहत 57 करोड़ रुपये की मंजूरी केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के प्रयासों के चलते मिली स्वीकृति, मंत्री मेघवाल लगातार है समस्याओं के समाधान को लेकर प्रयासरत, रविशेखर मेघवाल ने जानकारी देते हुए समस्या के जल्द समाधान की कही बात पूर्व स्वीकृत राशि को समायोजित कर बढ़ाई गई राशि शहरी सड़क योजना मद से दी गई वित्तीय स्वीकृति निर्धारित नियमों व प्रक्रिया के तहत कार्य होगा संचालित टेंडर प्रक्रिया व गुणवत्ता नियंत्रण के निर्देश जारी वित्त विभाग स्तर पर प्रस्ताव को मिली मंजूरी प्रोजेक्ट में तेजी आने की उम्मीद पूर्व में थी 23 करोड़ को स्वीकृति लेकिन प्रोजेक्ट वक्त पर नहीं होने के चलते राशि बढ़ी
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मिशन शक्ति की अनोखी पहल: बहेड़ी में छात्राओं ने संभाली अफसरों की जिम्मेदारी, दिखाया नेतृत्व का दम

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी में आज का दिन कुछ खास रहा, जब पढ़ाई की दुनिया से निकलकर छात्राओं ने सीधे प्रशासनिक जिम्मेदारियों को करीब से समझा और निभाया। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत एशियन लॉ कॉलेज की छात्राओं को एक अनूठा अवसर मिला, जहां उन्होंने न सिर्फ अधिकारियों की कुर्सी संभाली, बल्कि आम लोगों की समस्याएं भी गंभीरता से सुनीं। इस खास पहल के तहत छात्रा ज्योति राजपूत ने एसडीएम और कामिनी देवी ने तहसीलदार की भूमिका निभाई। दोनों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए तत्परता दिखाई। प्रशासनिक कुर्सी पर बैठकर जमीनी हकीकत को समझना छात्राओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। कार्यक्रम के दौरान लॉ के अन्य छात्र-छात्राएं—सैयद अफ़ज़ल अली, पूजा, अमित, फरमान, अथर, सैफ, अफसर और पुष्पा भी मौजूद रहे। इन सभी ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा और समझा, जो उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इस पहल को सफल बनाने में कॉलेज की फैकल्टी—अलवीरा मैम, मिसबाह मैम और प्रमोद सर का विशेष योगदान रहा। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने भी इस आयोजन पर खुशी जताई और कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं। यह पहल साफ दर्शाती है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर युवा न सिर्फ सीखते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा भी तय कर सकते हैं।
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Azamgarh: प्रेमिका ने टावर चढ़कर वोल्टेज ड्रामा किया, 3 घंटे बाद पुलिस ने नीचे उतारा

Azamgarh, Uttar Pradesh:Azamgarh: प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा, 3 घंटे टावर पर चढ़ी रही; पुलिस ने समझा-बुझाकर नीचे उतारा. जौनपुर जिले के शाहगंज की रहने वाली लड़की अंजली अपने प्रेमी शेनउल्लाह से मिलने के लिए सरायमीर थाना क्षेत्र के नंदाव मिलने आई। प्रेमी के न मिलने पर नाराज होकर उसने टावर पर चढ़कर प्रेमी से मिलने की बात कही. आसपास के लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद लड़की को नीचे उतारा. प्रेमी के पिता के अनुसार यह लड़की चार माह पूर्व शाहगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवा चुकी है; जेल से छूटने के बाद वह मुंबई नौकरी के लिए गया है।
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सहारनपुर में एंटी करप्शन ने 20 हजार रिश्वत लेते टेक्निकल सहायक को गिरफ्तार किया

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में एंटी करप्शन की टीम ने कृषि विभाग से 20 हजार की रिश्वत लेते टेक्निकल सहायक को रंगे हाथ अरेस्ट किया है। आरोप है कि एक पेस्टिसाइड पर छापा मारा और सैंपल भरे। लेकिन सैंपल खत्म करने को लेकर 50 हजार की रिश्वत मांगी। लेकिन बाद में 20 हजार रुपए पर बात हुए। परेशान होकर एंटी करप्शन टीम को शिकायत की सहारनपुर जनपद के थाना नकुड क्षेत्र के गांव दैदपुरा निवासी अमरनाथ ने आरोपी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने पहले पूरे मामले की जांच की और फिर ट्रैप की योजना तैयार की। अमरनाथ को निर्देश दिए गए कि वह तय रकम लेकर आरोपी के पास जाए और जैसे ही वह पैसे दे, टीम को संकेत दे। योजना के तहत अमरनाथ 20 हजार रुपये लेकर बेरीबाग स्थित कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचा। वहां जैसे ही उसने आरोपी अरुण कुमार को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से घात लगाए एंटी करप्शन टीम ने तुरंत छापा मार दिया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की और आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है और साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तरह की वसूली में कहीं अन्य कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं। पीड़ित का कहना है कि हम दवाई बेच रहे हैं, कोई गलत काम नहीं, फिर भी कहा–दुकान बंद कर दूंगा और कंपनी वालों का दिमाग सही कर दूंगा।” ये आरोप हैं नकुड़ क्षेत्र के दैदपुरा गांव निवासी अमरनाथ के, जिनकी शिकायत पर कृषि विभाग के टेक्निकल सहायक अरुण कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।पीड़ित ने बताया कि वह देवपुरा में पेस्टिसाइड की छोटी दुकान चलाता है। बीते शनिवार शाम करीब 4 बजे अरुण कुमार अपने ड्राइवर के साथ उसकी दुकान पर पहुंचे।अमरनाथ का आरोप है कि बिना बैठे ही आरोपी ने दुकान से दवाइयों के सैंपल उठाने शुरू कर दिए और कहा कि आपकी दुकान बंद हो जाएगी। कंपनी वालों का भी दिमाग सही कर देंगे। अमरनाथ के अनुसार, इसके बाद सीधे 50 हजार रुपये की मांग की गई। बदले में सैंपल मैनेज करने की बात कही गई।अमरनाथ ने बताया कि उसके पास सभी दवाइयों के बिल, लाइसेंस और जीएसटी दस्तावेज मौजूद थे, इसलिए उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उसे ऑफिस बुलाया और लगातार फोन कर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अंततः रकम 50 हजार से घटाकर 20 हजार कर दी गई। पीड़ित का कहना है कि हर दूसरे-तीसरे दिन दुकानों पर इस तरह का दबाव बनाया जाता है। अगर 50-50 हजार देंगे तो काम कैसे चलेगा?बाइट... पीड़ित
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सहारनपुर में MLसी बनवाने के नाम पर 95 लाख धोखाधड़ी: मां-बेटे के खिलाफ केस

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर थाना जनकपुरी क्षेत्र के पुष्पा विहार निवासी शिक्षक ने अपने पड़ोसी मां और बेटे पर एमएलसी बनवाने के नाम पर 95.65 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। मामले में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मां और बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। जनता रोड पर पुष्पा विहार निवासी प्रतीको कुमार ने तहरीर के माध्यम से बताया कि अनमोल बौद्ध व उसकी मां उर्मिला बौद्ध ने अगस्त 2021 में सरकार में अच्छी पकड़ होने की बात कही थी। बताया था कि अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारी को एमएलसी नामित कराने की योजना चल रही है। इसके लिए करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। विपक्षियों ने पीड़ित को एमएलसी पद के लिए उपयुक्त बताया। इसके बाद अलग-अलग तरह से 95.65 लाख रुपये की धनराशि शिक्षक से ली। निर्धारित समय तक एमएलसी बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो विपक्षियों ने और 50 लाख रुपये की मांग कर दी। शक होने पर पीड़ित ने जांच की तो पता चला कि सरकार की ऐसी कोई योजना ही नहीं है। इसके बाद 24 मार्च 2026 को वह गवाहों के साथ विपक्षियों के घर पहुंचा और रुपये वापस करने को कहा। आरोप है कि विपक्षियों ने रकम लौटाने से मना कर दिया। पीड़ित को झूठे केस और आत्महत्या कर फर्जी आरोप लगाने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने एसएसपी से शिकायत की। अब पुलिस ने अनमोल बौद्ध और उसकी मां उर्मिला बौद्ध के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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