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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow25 Jan 2025, 04:59 pm

अमरोहा नगरः क्रोकरी गोदाम में लगी आग, दमकल विभाग ने आग पर पाया काबू

Amroha, Uttar Pradesh:

अमरोहा नगर के मोहल्ला गुजरी में सलीम क्रोकरी हाउस में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। घटना के बाद घनी आबादी के बीच भगदड़ मच गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के मकानों में भी आग लगने का खतरा पैदा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सुधीर कुमार और सीओ सिटी अरुण कुमार मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग की टीम के साथ आग को काबू पाने में जुटे। दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उपजिलाधिकारी सुधीर कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आग से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

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नैनपुर में ट्रक डीजल चोरी: फरार आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला जिले के नैनपुर में ट्रक से डीजल चोरी करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला 21 जून की रात का है, जब गेहूं लेकर आए ट्रक से करीब 150 लीटर डीजल चोरी कर लिया गया था। शिकायत के बाद नैनपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुका था, जबकि फरार आरोपी को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी का डीजल, वारदात को अंजाम देने उपयोग किया जाने वाला सामान ओर कार बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना नैनपुर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
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महाराजपुर नगर पालिका में वकील से मारपीट, RI पर कार्रवाई की मांग

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एंकर-छतरपुर के महाराजपुर नगर पालिका में आवेदन लेकर गये वकील के साथ कर्मचारी ने मारपीट कर दी ,से एडवोकेट इकबाल मोहम्मद ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है,पीडित वकील का आरोप है कि वह वार्ड 13 का निवासी हूं। जाति प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगवाने नगर पालिका गया था। वहां कमलेश उर्फ टीटू ने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और कॉलर पकड़ी। मैंने वहीं साहब को बताया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए थाने में लिखित शिकायत दी है। इकबाल का आरोप है कि जब उन्होंने आरआई साहब से शिकायत की तो उन्हें शांत बैठने को कहा गया। काम भी नहीं हुआ। अब उन्होंने महाराजपुर थाने में आवेदन देकर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।,वही आर आई जिसके चेंबर मे घटना हुई वह घटना के बाद चुप्पी साधकर भाग खडे हुये ,घटना के बाद पुलिस जांच कर रही है ।
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राबड़ी आवास खाली: राजद समर्थक भावुक, तेजस्वी का मुख्यमंत्री सपना चर्चा में

Patna, Bihar:स्टोरी राबड़ी आवास हुआ वीरान, भावुक हुए राजद कार्यकर्ता पटना करीब दो दशक तक बिहार की राजनीति का बड़ा केंद्र रहा 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास अब पूरी तरह खाली हो चुका है। कभी सुबह से शाम तक जहां नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ लगी रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। आवास खाली होने के बाद राजद समर्थक भावुक नजर आए। फतुहा से पहुंचे एक कार्यकर्ता ने आवास की मिट्टी अपने साथ ले गए और फूट फूट कर रोते नजर आए। प्रदीप आंबेडकर, राजद कार्यकर्ता प्रदीप आंबेडकर ने आवास की चौखट को प्रणाम किया और परिसर की मिट्टी अपने साथ ले गए। उनका कहना है कि वे इस मिट्टी की पूजा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के मसीहा लालू प्रसाद यादव को सरकार ने घर से बाहर कर दिया। साथ ही दावा किया कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, तेजस्वी यादव एक दिन बिहार के मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे。 प्रदीप आंबेडकर, राजद कार्यकर्ता 10 सर्कुलर रोड का यह आवास सिर्फ एक सरकारी बंगला नहीं, बल्कि वर्षों तक बिहार की राजनीति का अहम केंद्र रहा। अब इस आवास के खाली होने के साथ एक राजनीतिक दौर का भी अंत माना जा रहा है। हालांकि इस बदलाव ने राजद समर्थकों को भावुक जरूर कर दिया है।
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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने त्रिवेणीगंज जमीन विवाद में SIT जांच की मांग की

Bihar:दरअसल त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया वार्ड-12 में 20 जून को जमीनी विवाद में दो पक्षो के बीच मारपीट हुई थी. इस घटना में एक शख्स रोशन कुमार पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिसकी इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही पूर्णिया सांसद पप्पू यादव आज लक्ष्मीनिया गांव पहुंचे. जहां उन्होंने मृतक रौशन कुमार के घर पहुंच कर उनके परिजनों को ढाढ़स बंधाया। इस दौरान पप्पू यादव ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल जमीन विवाद का नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या का प्रतीत होता है। कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने डीआईजी से बात की है। वहीं सांसद पप्पू यादव ने कहा कि घटनास्थल से महज सौ मीटर की दूरी पर एनडीए के सांसद दिलेश्वर कामायत का आवास है। इसके बाबजूद अपराधी बेलगाम होकर इस तरह की घटना को अंजाम दिया है. जो सूबे में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मृतक रौशन कुमार प्रजापति समाज के होनहार और समाजिक युवा थे. कहा कि पूरा प्रजापति समाज एनडीए का समर्थक माना जाता है। इसके बावजूद महज सौ मीटर दुरी पर सांसद दिलेश्वर कामत का घर होने के बाबजूद भी सांसद दिलेश्वर कामत पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं पहुंचे। कहा कि यह बेहद गन्दी राजनीति है. इस दौरान पप्पू यादव ने CM सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे स्वयं को कुशवाहा समाज का नेता बताते हैं। लेकिन उनके शासनकाल में कुशवाहा समाज के कई लोगों की हत्या हो चुकी है। उन्होंने कहा दिल्ली में भी कुशवाहा समाज के लोगों की हत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी एनडीए की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में जातीय उन्माद का माहौल बनाया जा रहा है और कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। पूर्णियाँ सांसद पप्पू यादव ने रोशन कुमार पंडित हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए सुपौल पुलिस से एसआईटी गठित करने और स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की।
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झांसी विकास प्राधिकरण ने बिना नक्शे के चार अवैध भवन सील, दो शोरूम शामिल

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी विकास प्राधिकरण ने बिना नक्शे के चार अवैध भवन सील, दो शोरूम शामिल। जेडीए की प्रवर्तन टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बिना नक्शा पास कराए और नियम तोड़कर बनाए गए चार अवैध भवनों को सील कर दिया है। इनमें मानिक चौक स्थित कपड़े का शोरूम और बड़ागांव गेट बाहर इलेक्ट्रॉनिक शोरूम के अलावा दो निर्माणाधीन मकानों पर सीलिंग की गई है। टीम ने नोटिस चस्पा किया है। झांसी विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में यह अभियान चलाया। कार्रवाई में दो निर्माणाधीन मकान और दो व्यावसायिक बिल्डिंग शामिल हैं। मानिक चौक स्थित कपड़े के शोरूम और बड़ागांव गेट बाहर इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल शोरूम पर सीलिंग की गई। प्राधिकरण के मुताबिक ये सभी निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए थे। संबंधित निर्माणकर्ताओं को पूर्व में नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
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पत्नी के अवैध संबंध से नाराज़ पति ने हत्या कर दी, गिरफ्तार

Moradabad, Uttar Pradesh:मुरादाबाद में पत्नी के किसी और से हो गए अवैध संबंधों के चलते विवाद बढ़ा। एक ही रात में घर में झगड़ा हुआ और फिर पति ने गहरे अँधेरे में तेज आवाज़ में डीजे बजाकर और लोवर से नाडा निकालकर पत्नी पर हमला कर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अवैध संबंधों के कारण 3 बच्चों के साथ माँ का साया भी छिना। मामला कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव शिमलाठेर का है जहाँ महेश अपने परिवार के साथ रहता था; महेश की शादी राजवती से 13 साल पहले हुई थी, किन्तु पिछले सालों से राजवती के अवैध संबंध की जानकारी मिली थी। घटना के बाद महेश ने अपने ससुराल वालों से भी पूछताछ की, पर हल न निकलना पड़ा। 2 तारीख की रात कहासूनी होने के बाद आरोपी पति ने पत्नी की हत्या कर दी, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना के पीछे के साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।
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पटना कोतवाली में 30 साल से चली जुमे की नमाज रोक प्रशासनिक असर

Patna, Bihar:पटना के कोतवाली थाना में पिछले 30 सालों से होने वाली जुमे की नमाज इसबार अदा नहीं की जा सकी क्योंकि यहां होने वाले जुमे के नवाज़ के कारण पुलिस के कामकाज पर असर पड़ रहा था। इसकी शिकायत के बाद पुलिस अधिकारी और मस्जिद कमिट के इमाम की हुई बैठक के बाद पिछले 30 साल से होने वाली जुमे की नवाज़ पर रोक लग गयी है। बताया जा रहा है कि सरकार के सहयोग पोर्टल पर बुद्धा कॉलोनी के रहने वाले एक शख्स ने इसकी शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया कि शुक्रवार के दिन कैंपस में नमाज पढ़ी जाती है, जिससे प्रशासनिक काम में भी बाधा उत्पन्न हो रहा है। इस शिकायत के आधार पर एडीशनल SP कृष्ण मुरारी प्रसाद ने थाने से रिपोर्ट मांगी थी। 2 जून को थाने में थानेदार अजय कुमार, एडिशन SP कृष्ण मुरारी प्रसाद और मस्जिद कमिट के इमाम और अन्य दूसरे लोगों के साथ बैठक हुई। बैठक के दो दिन बाद 4 जून को थाने ने रिपोर्ट सबमिट की। इसके आधार पर यह कार्रवाई हुई है。
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उद्धव ठाकरे के राम मंदिर चंदा आंदोलन से महाराष्ट्र की राजनीति गरम, नितेश राणे पलटवार

Mumbai, Maharashtra:राम मंदिर चंदा विवाद पर उद्धव ठाकरे का आंदोलन का ऐलान, नितेश राणे का पलटवार,महाराष्ट्र की सियासत गरमाई अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। शिवसेना (यूबीटी ) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान करते हुए रविवार शाम 4 बजे दादर के हनुमान मंदिर के पास सभी हिंदुओं से एकत्र होने की अपील की है। वहीं, उनके बयान पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने तीखा पलटवार किया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सत्ता का मूल आधार राम मंदिर आंदोलन और हिंदुत्व रहा है। उन्होंने कहा कि गोधरा कांड और मुंबई पर हुए आतंकी हमलों जैसी घटनाओं के बाद देश के हिंदुओं ने काफी कुछ सोचा और भाजपा ने हिंदुत्व के मुद्दे को आगे बढ़ाकर दो सांसदों से देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनने तक का सफर तय किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब “ऑपरेशन राम मंदिर” चलाया जा रहा है और क्या राम मंदिर से कथित तौर पर चुराए गए पैसे का इस्तेमाल दूसरी राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने के लिए किया जा रहा है? उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब हिंदू मंदिर को लूटने वालों को माफ नहीं करेगा। उन्होंने रविवार को दादर स्थित हनुमान मंदिर के पास सभी हिंदुओं से बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) “राम रक्षा आंदोलन” शुरू कर रही है, जिसमें रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। उनका कहना था कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे राज्य तथा देशभर में जहां-जहां भगवान राम के मंदिर हैं, वहां इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया, जेल गए और अपना खून बहाया, उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि वह मजाक में कह रहे हैं कि वह अमित शाह के साथ अयोध्या जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद हुआ और यह पूरे देश के लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीय समाज भी इस आंदोलन से जुड़ेगा और शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र सहित पूरे देश में राम मंदिर चंदा मामले को लेकर आंदोलन करेगी। उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि यदि किसी ने राम मंदिर के नाम पर भ्रष्टाचार किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि आरोपियों को बाद में किसी राज्य का राज्यपाल बना दिया जाए या मंत्री बना दिया जाए। उधर, उद्धव ठाकरे के आंदोलन के ऐलान पर मंत्री नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे “पाकिस्तान के एजेंट” हैं और उन्हें अब राम मंदिर की याद आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उद्धव ठाकरे ने अजान की “स्पर्धा” कराई थी। राणे ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी जिस तरह की भाषा बोलते हैं, उसी तरह की भाषा उद्धव ठाकरे बोल रहे हैं ताकि अपने “पाकिस्तानी अब्बा” को खुश कर सकें। नितेश ने  उद्धव ठाकरे को “उद्धव-उल-हक” बताते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन से उनका कोई संबंध नहीं रहा और उस समय वे केवल कैमरे साफ करते थे。 राम मंदिर चंदा विवाद और उसे लेकर शुरू हुई सियासी बयानबाजी ने महाराष्ट्र की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। अब सबकी नजर रविवार को दादर में प्रस्तावित शिवसेना (यूबीटी) के आंदोलन और इस मुद्दे पर आगे होने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी है।
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बिहार के मठ मंदिरों के आय-व्यय पर न्यास की कठोर रिपोर्टिंग अनिवार

Patna, Bihar:अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बिहार में मठ मंदिरों के आय व्यय और चढ़ावा को लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद सतर्क हो गया है। बिहार धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो रणवीर नंदन ने बिहार के सभी पंजीकृत मठों और मंदिरों के लिए बड़ा एक्शन लिया है। धार्मिक न्यास परिषद ने बिहार के करीब 4,500 धार्मिक स्थलों से आय-व्यय का पूरा ब्योरा यथाशीघ्र मांगा है। बिहार धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो रणवीर नंदन ने कहा कि सभी मठ मंदिरों के खातों की अद्यतन लेखा जोखा के साथ ही अब रिपोर्ट त्रैमासिक भेजना होगा। उन्होंने Zee Media से कहा कि सभी पंजीकृत मंदिरों, मठों और धर्मशालाओं को अपनी आय, व्यय, बैंक बैलेंस और जमा राशि की जानकारी अब हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से बोर्ड को देनी होगी। धार्मिक न्यास बोर्ड ने सभी मठ मन्दिरों से पिछले साल (अप्रैल 2025 से मई 2026) का वित्तीय विवरण एक महीने के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। धार्मिक न्यास परिषद ने सभी मठ मंदिर को भेजे पत्र में कहा है कि नियमों का पालन न करने या रिपोर्ट न सौंपने पर, परिषद संबंधित संस्थाओं की प्रबंध समितियों को भंग करने तक का बड़ा कदम उठा सकता है। दरअसल, बिहार में अयोध्या की तर्ज पर सीतामढ़ी के पुनौराधाम मंदिर, हनुमान मंदिर पटना, सिद्धश्वरी काली मंदिर पटना, सोनपुर के बाबा हरिहर नाथ मंदिर, गरीब नाथ मंदिर मुज़फ्फरपुर में चढ़ावा लाखों में आता है। और ऐसे में चढ़ावा की चोरी रोकने के लिए यह फैसला किया गया है।
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स्कूल लाइब्रेरी में अलगाववादी नेताओं के महिमामंडन को लेकर जम्मू में विवाद

Jammu, *स्कूल लाइब्रेरी में अलगाववादियों का महिमामंडन? किताब पर जम्मू में विवाद* जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंची एक किताब को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम ने आरोप लगाया है कि इस किताब में अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किया गया है। संगठन ने किताब पर तत्काल प्रतिबंध, जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम का आरोप है कि "Great Personalities and Legends of J&K (Series-4)" नाम की इस किताब में अलगाववादी नेताओं और देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े चेहरों को जम्मू-कश्मीर की महान हस्तियों के रूप में पेश किया गया है। संगठन का दावा है कि यह किताब समग्र शिक्षा योजना के तहत 2025-26 सत्र के लिए खरीदी गई और बाद में सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में वितरित की गई। किताब पर समग्र शिक्षा का लोगो भी लगा हुआ है। जेकेपीएफ का आरोप है कि किताब में मकबूल भट, सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम, मीरवाइज उमर फारूक और मौलवी उमर फारूक जैसे नामों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। संगठन का कहना है कि किताब के एक अध्याय में "शहीद मकबूल भट" शीर्षक के साथ मकबूल भट का महिमामंडन किया गया है, जबकि उनका कहना है कि मकबूल भट हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे और 11 फरवरी 1984 को तिहाड़ जेल में उन्हें फांसी दी गई थी। जेकेपीएफ ने सवाल उठाया है कि आखिर विशेषज्ञ समिति और समग्र शिक्षा से जुड़े अधिकारियों ने इस किताब को मंजूरी कैसे दी। संगठन ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, किताब की सभी प्रतियां स्कूलों से जब्त करने और इसके वितरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले पर सरकार या समग्र शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम ने इसे शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या फैसला लेता है।
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SC halts CAG audit in Delhi power case, new twist in regulatory assets recovery

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के बिजली वितरण कंपनियों के CAG ऑडिट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण सवाल पर विचार करेगा कि क्या दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) को इन कंपनियों का ऑडिट CAG से कराने का अधिकार है या नहीं, तथा विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। अदालत के आदेश तक यह स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली सरकार के लिए यह झटका माना जा रहा है क्योंकि वह चाहती थी कि कंपनियों के खातों की CAG से जांच के बाद ही उपभोक्ताओं से 38,500 करोड़ रुपये की रेगुलेटरी एसेट वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़े। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और श्री चंद्रशेखर की बेंच ने यह अंतरिम आदेश DERC की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें APTEL ने अप्रैल के फैसले के अनुसार CAG से ऑडिट कराए जाने को कानून के अनुसार सही नहीं माना था और चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराने को कहा गया था। कोर्ट ने DERC की अपील पर नोटिस जारी करते हुए APTEL के उस आदेश पर रोक लगा दी और दिल्ली सरकार के हालिया CAG ऑडिट के आदेश पर भी रोक लगा दी ताकि सुप्रीम कोर्ट के अगले निर्देश तक स्थिति स्पष्ट हो। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2025 को दिल्ली की 38,500 करोड़ रुपये की रेगुलेटरी एसेट को 2031 तक चरणबद्ध तरीके से खत्म करने का मार्ग स्पष्ट किया था और बतौर भाग यह भी कहा था कि यह पता लगाने के लिए गहन ऑडिट होना चाहिए कि इतनी बड़ी बकाया राशि आखिर जमा कैसे हुई, हालांकि उस फैसले में यह नहीं कहा गया था कि ऑडिट CAG करेगा या अन्य कोई ऑडिटर। 5 मार्च 2026 को दिल्ली के उपराज्यपाल ने CAG से ऑडिट कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसे APTEL ने चुनौती दी। APTEL ने कहा कि कानून के अनुसार DERC CAG को ऑडिट की जिम्मेदारी नहीं दे सकता, इसलिए उसने CAG से ऑडिट कराए जाने के फैसले को रद्द कर दिया और DERC को एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराने का आदेश दिया। इस आदेश को DERC ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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