icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
244221
Navneet AgarwalNavneet AgarwalFollow31 Jan 2025, 03:27 pm

अमरोहाः जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड ने गरीब को ठेला और दिव्यांग को दी व्हीलचेयर

Amroha, Uttar Pradesh:

शुक्रवार की शाम जुबिलेंट इंग्रेविया लिमिटेड के आफिसर्स क्लब में इनरव्हील क्लब की पूर्व अध्यक्ष रहीं नीलम भारद्वाज के नेतृत्व में क्लब के पदाधिकारियों ने रेलवे स्टेशन शिवपुरी निवासी सरदीप सिंह को ठेला प्रदान किया। सरदीप सिंह ने बताया कि वह आर्थिक रूप से काफी परेशान हैं और किराए पर ठेला लेकर अपना परिवार पालते हैं। अब उनका किराया तो बचेगा। वहीं इसी मोहल्ले की रहने वाली चाहत जोशी को व्हीलचेयर भेंट की। चाहत के पिता कौशल किशोर और मां बबली रानी ने अपनी बेटी को व्हील चेयर पर देखा तो उनकी आंखों से आंसू निकल आए। बोले- बेटी का सपना था कि वह व्हील चेयर मिलने पर मनौना धाम जाएगी।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

दौसा में रिकॉर्ड बारिश और ओलावृष्टि से तेज गर्मी में राहत

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा तेज तप्त के बीच बारिश ओर ओलावृष्टि सिकराय क्षेत्र में बारिश के साथ गिरे ओले पिछले कई दिनों से तापमान में था उछाल लेकिन बारिश ओर ओले गिरने से लोगों को मिली राहत तेज तप्त ओर झुलसने वाली गर्मी से मिली कुछ राहत हालांकि जिले में कई जगह हुई बूंदाबांदी मौसम विभाग ने भी किया था अलर्ट जारी दौसा जिले में पिछले कई दिनों से तापमान 44 डिग्री के पार चल रहा है जिसके चलते लोगों को तेज तप्त और झुलसाने वाली लू ने हाल बेहाल कर दिया लेकिन आज मौसम ने करवट ली तो सिकराय क्षेत्र में बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई तो लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली हालांकि बूंदाबांदी जिले में कई जगह हुई मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया था ऐसे में दो दिन से तेज हवा आंधी के साथ बादल हो रहे थे बढ़ते तापमान के चलते मौसमी बीमारियों का भी इन दोनों प्रकोप बना हुआ है अस्पतालों में आउटडोर पहले के मुकाबले दुगना हो रहा है ऐसे में चिकित्सक भी लोगों को सलाह दे रहे हैं जरूरी हो तो ही घर से बाहर निकले और वह भी पूरे शरीर को ढंकर और पेय पदार्थों का सेवन अधिक करें ।
0
0
Report

धनबाद के निजी अस्पताल में नवजात की मौत: इलाज में लापरवाही पर हंगामा

Dhanbad, Jharkhand:एंकर की संवेदनहीनता और निजी अस्पतालों की कथित लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली. धनबाद के गोविंदपुर स्थित जानती फार्मा में डॉक्टर अंजना कुमारी पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है. अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया. कालूबाथान (बोरामुडी सालूकचपड़ा) की सोनाली दास को 24 अप्रैल 2026 को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था. प्रसव के बाद नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने लगी. परिजनों का कहना है कि डॉक्टर स्थिति की गंभीरता को भांपने में देरी कर रहे थे और समय रहते उचित उपचार नहीं मिला. अस्पताल की विफलता के कारण परिजनों ने कहा कि बच्चे की हालत बेहद नाजुक होने पर उसे सीएमसी अस्पताल रेफर किया गया. वहाँ से बेहतर सुविधाओं के अभाव में बच्चे को रांची रिम्स भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने प्रतिरोध जताते हुए अस्पताल के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की. पत्नी गर्भवती होने पर Normal डिलवरी का आश्वासन देने वाले अस्पताल में प्रसव के बाद स्थिति बिगड़ गई. चार साल में परिवार अब तक लगभग तीन लाख रुपये खर्च कर चुका है और मुआवजे की मांग कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में लगातार इलाज में लापरवाही होती आ रही है और जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा होनी चाहिए. दोषी पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया जाए. उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.
0
0
Report
Advertisement

उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल में गार्ड ने परिजनों से मारपीट; वीडियो वायरल

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय में गार्ड द्वारा मरीज के परिजनों के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। दरअसल बच्ची की मौत के बाद विलाप कर रही मां को रोकने पर शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। सुरक्षा में तैनात गार्ड ने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। जिसका वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि सलूंबर से 4 माह की बच्ची की तबियत खराब होने पर परिजन उसे महाराणा भूपाल हॉस्पिटल लेकर आए थे। उपचार के दौरन उसकी मौत हो गई। बच्ची की मां ने वही विलाप शुरू कर दिया। इस दौरान महिला गार्ड आई और मां पर चिल्लाने लगी और उसे बाहर जाने को कहा। तभी पास ही बेड पर भर्ती मरीज के परिजनों ने गार्ड के व्यवहार का विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ा और व्यक्ति के साथ अन्य गार्ड ने मिलकर मारपीट कर दी। सूचना पर पुलिस ने मामले को शांत किया।
0
0
Report
Advertisement

सीकर में भीषण गर्मी के बाद मौसम पलटा, ओलों-बारिश ने तापमान गिरा

Sikar, Rajasthan:भीषण गर्मी के बीच सीकर जिले में मौसम का यू-टर्न, तेज आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले, तापमान में आई गिरावट सीकर जिले में भीषण गर्मी के बीच देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और आकाशीय बिजली की तेज गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ, जो अल सुबह तक रुक-रुक कर तेज हवाओं के साथ जारी रहा। सीकर शहर सहित कई इलाकوں में सुबह करीब 4 बजे तेज हवाओं के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे। करीब 2 घंटे तक रुक रुक कर हुई तेज बारिश के चलते सीकर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे वाहन चालकों सहित राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि मौसम परिवर्तन ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत दी है। बारिश और ओलावृष्टि के बाद जिले के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। गौरतलब है कि शेखावाटी सहित सीकर जिले में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री पार चल रहा था। लेकिन देर रात शुरू हुई बारिश व ओलावृष्टि के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भी भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है । मौसम विभाग ने पहले ही आज अंचल में तेज हवाओं, अंधड़ और बारिश की चेतावनी जारी की थी, जो अब सटीक साबित हुई। फिलहाल मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन बारिश और जलभराव ने एक बार फिर सीकर नगर परिषद के बारिश के पानी निकासी के गांव की पोल खोलते हुए लोगों के लिए परेशानियां भी खड़ी कर दी हैं।
0
0
Report
Advertisement

प्यास से बेहाल हाथी हाईवे के पास पहुँचे, देहरादून में वन विभाग ने बचाई जान

Dehradun, Uttarakhand:भीषण गर्मी ने इंसानों के साथ-साथ वन्य जीवों को भी बेचैन किया है... देहरादून के विकासनगर में भीषण गर्मी के चलते पानी की तलाश में हाथियों का एक झुंड नेशनल हाईवे के करीब पहुँचा तो राहगीरों में हड़कंप मच गया... तिमली रेंज में हाथियों की मौजूदगी से राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई... वन विभाग की टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा... लेकिन बड़ा सवाल ये कि आखिर जंगली जानवरों से भरे इस आरक्षित वन क्षेत्र से सटे इस नए हाईवे पर सुरक्षा दीवारे या सोलर फेंसिंग क्यों नहीं लगाई गई...? विकासनगर के तिमली रेंज क्षेत्र में इन दिनों प्यास से बेहाल गजराजों का झुंड आबादी और हाईवे के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है... पानी और भोजन की तलाश में भटकते ये हाथी हाईवे के बिल्कुल किनारे लगे बांस के पेड़ों को तोड़कर अपनी भूख मिटा रहे हैं... हाईवे के इतने करीब हाथियों की मौजूदगी से वाहन चालकों में डर का माहौल बना हुआ है... घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची... विभाग की टीम ने रात के अंधेरे में कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को वापस सुरक्षित जंगल की ओर भगा दिया... गनीमत रही कि समय रहते टीम ने मोर्चा संभाल लिया और कोई हादसा नहीं हुआ... हालांकि वन विभाग जंगल के भीतर बनाए गए तालाबों में वन्यजीवों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था होने का दावा कर रहा है...लेकिन हाथियों का आबादी की ओर रुक करना वन विभाग के दावों की पोल खोल रहा है...
0
0
Report

खनन विभाग ने चंगेरा में अवैध कोयला खदानों पर बड़ा प्रहार किया, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल जिले में कोयले के अवैध खेल पर खनिज विभाग ने बड़ा प्रहार किया है। बुढार थाना क्षेत्र के चंगेरा गाँव में छापेमारी कर न सिर्फ अवैध कोयला खदानों को बंद कराया गया, बल्कि मौके से कोयला और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर कोल माफिया की कमर तोड़ने की कोशिश की गई। फिलहाल जब्त कोयला और वाहन को थाना बुढार की अभिरक्षा में रखा गया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, साथ ही लोगों से भी इस तरह की गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है। जिले के बुढार थाना क्षेत्र के चंगेरा में गुफानुमा खतरनाक गड्ढों के जरिए अवैध उत्खनन किया जा रहा था, ये गड्ढे न सिर्फ गैरकानूनी थे, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते थे, खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर इन खदानों को बंद कराया और अवैध रूप से निकाले गए कोयले को जब्त कर थाना बुढार की अभिरक्षा में रखवा दिया, शिकायतकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे, उन्होंने बताया कि गांव के कुछ लोग बोरियों में कोयला निकालकर आसपास के ईंट भट्टों में बेच रहे थे, जिससे यह अवैध कारोबार लंबे समय से जारी था, टीम ने निरीक्षण के दौरान अन्य छोटे-छोटे गड्ढों को भी बंद कराया,खनिज विभाग के इस कार्यवाही से कोल माफियाओं में हड़कम मचा हुआ है। वहीं इस मामले में खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने जानकारी देते हुए बताया कि बुढार के चंगेरा में कोयले की अवैध खदान संचालित होने की लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी, जिस पर कार्यवाही करते हुए एक ट्रेक्टर ट्राली जप्त कर अवैध कोयला जप्त कर कार्यवाही की गई है, साथ अवैध कोयले के गड्ढों को भी बंद कराया गया है, यह अभियान निरंतर जारी रहेगा...
0
0
Report
Advertisement

उज्जैन में जीवन रक्षक अभियान: सड़क हादसों में मदद करने वालों को ₹25 हजार इनाम

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन में ‘जीवन रक्षक’ अभियान: सड़क हादसों में मदद करने वालों को ₹25 हजार का इनाम 20 ब्लैक स्पॉट पर ट्रेनिंग शुरू, लोगों को सिखाया जा रहा CPR और फर्स्ट एड उज्जैन में सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए यातायात पुलिस ने एक खास अभियान शुरू किया है। इसका नाम रखा गया है ‘जीवन रक्षक’ अभियान। इसके तहत जिले के 20 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। अभियान का मकसद साफ है—हादसे के बाद के पहले एक घंटे यानी “गोल्डन ऑवर” में सही मदद मिल जाए, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लोगों को 112 और 108 जैसी इमरजेंसी सेवाओं की जानकारी दे रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि हादसा दिखे तो कैसे तुरंत सही लोकेशन देकर मदद बुलाएं। सबसे खास बात ये है कि अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे ₹25,000 तक का इनाम मिलेगा। यह मुख्यमंत्री राहगीर योजना के तहत दिया जाएगा। साथ ही मदद करने वाले से कोई बेवजह पूछताछ या कानूनी झंझट नहीं होगा। अभियान के दौरान डॉक्टरों की टीम लोगों को CPR (दिल और सांस रुकने पर दी जाने वाली प्राथमिक मदद) और फर्स्ट एड भी सिखा रही है। कई जगह दुकानदारों और स्थानीय लोगों को फर्स्ट एड किट भी दी गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके। पुलिस का कहना है कि आगे इन इलाकों में स्थानीय लोगों की टीम तैयार की जाएगी, जो हादसे के वक्त सबसे पहले मदद कर सके। इससे एम्बुलेंस आने से पहले ही घायल को राहत मिल सकेगी。
0
0
Report

उज्जैन यातायात police का जीवन रक्षक अभियान: CPR और 112-108 सेवाओं से मदद

Ujjain, Madhya Pradesh:यातायात पुलिस का बड़ा कदम—CPR प्रशिक्षण, फर्स्ट एड किट वितरण और 112-108 आपात सेवाओं की जानकारी से बचाई जाएंगी जानें उज्जैन। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की समय पर मदद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उज्जैन यातायात पुलिस ने जिले के 20 चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ‘जीवन रक्षक’ अभियान चलाया। इस अभियान के तहत न केवल नागरिकों को जागरूक किया गया, बल्कि उन्हें आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता देने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया। अभियान का मुख्य फोकस दुर्घटना के बाद के “स्वर्णिम घंटे” का सही उपयोग कर घायलों की जान बचाना रहा। इसके तहत लोगों को 112 और 108 (एम्बुलेंस सेवा) की जानकारी दी गई, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। यातायात पुलिस ने इस दौरान मुख्यमंत्री राहगीर योजना की जानकारी भी दी। योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मदद करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया या पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञों द्वारा CPR और प्राथमिक उपचार का लाइव प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही चिन्हित क्षेत्रों में 10 से 15 दुकानदारों और जिम्मेदार नागरिकों को फर्स्ट एड किट भी वितरित किए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। जिन 20 स्थानों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, उनमें नागझिरी, पंवासा, नानाखेड़ा, बिल्लो ग्राम, खाचरोद रोड, उन्हेल रोड, देवास रोड, चिमनगंज, घटिया, राघवी, तराना, माकड़ोन, इंगोरिया और बड़नगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उज्जैन यातायात पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित “रिस्पॉन्स टीम” तैयार की जाएगी। इससे दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने से पहले ही घायलों को प्राथमिक उपचार मिल सकेगा और उनकी जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top