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Amroha244221

Amroha - मुकेश चंद्राकर हत्या के मामले में पत्रकार हुए लामबंद

Jan 10, 2025 08:51:49
Amroha, Uttar Pradesh

मुकेश चंद्राकर हत्या के मामले में अमरोहा के पत्रकार हुए लामबंद, बता दें कि राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजिस्टर्ड इकाई के पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा होकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने बताया है कि बीजापुर जिले के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर जो कि 1 जनवरी को लापता हो गए थे और उनकी हत्या कर दी कर गई थी। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद रजिस्टर्ड इकाई अमरोहा इस घटना की घोर निंदा करता है और सरकार से मांग करता है कि पत्रकार के हत्यारे को फांसी की सजा दी जाए व मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता एवं परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए

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Mar 25, 2026 18:12:49
Bhagwantnagar, Uttar Pradesh:बीघापुर (उन्नाव)। जिले के बीघापुर थाना क्षेत्र में प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ हाईवे की सर्विस लेन के बिल्कुल बीचों-बीच एक बिजली का पोल लगा हुआ है, जो राहगीरों के लिए काल बना हुआ है। आलम यह है कि आए दिन लोग इस पोल से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, लेकिन शिकायत के बावजूद विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। सर्विस लेन बनी जानलेवा स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान बिजली के पोल को किनारे शिफ्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन इंजीनियरों और ठेकेदारों की मिलीभगत या लापरवाही के कारण पोल सड़क के बीच में ही छोड़ दिया गया। रात के अंधेरे में यह पोल दिखाई नहीं देता, जिससे बाइक सवार और अन्य वाहन चालक अक्सर इसका शिकार हो जाते हैं।वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब स्थानीय लोगों में रोष और बढ़ गया है।
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PKPradeep Kumar
Mar 25, 2026 18:02:46
Sri Ganganagar, Rajasthan:दूसरे दिन किसान के खेत में मिला पाकिस्तान लिखा हुआ गुब्बारा गुब्बारा फूटा हुआ व साथ में बंधी थी डेढ फीट की डोरी गांव 11 जीबी बी में एक किसान के खेत में बुधवार रात 8 बजे नीले रंग का पाकिस्तान लिखा हुआ गुब्बारा मिला है। इस संबंध में किसान ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने गुब्बारे को अपने कब्जे में ले लिया है। गांव 11 जीबी बी के किसान सोनू खीचड़ ने बताया कि वह बुधवार 8 बजे खेत की तरफ गया हुआ था। इस दौरान उसे यह गुब्बारा खेत की मेड़ के पास दिखाई दिया। गुब्बारा फूटा हुआ था व उसके साथ डेढ़ फुट की डोरी भी बंधी हुई थी। इस संबंध में पुलिस थाना में जानकारी दी गई। पुलिस थाना स्टाफ से हवलदार हनुमान राम टीम सहित गुब्बारे की जांच पड़ताल के लिए किसान के खेत में पहुंची व गुब्बारे को कब्जे में लेकर मालखाना में रखवाया गया है। हवलदार ने बताया कि गुब्बारे के साथ कोई और संदिग्ध वस्तु नहीं बंधी हुई है। वहीं इंटेलिजेंस को भी इसकी सूचना दी गई है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया संभावना जताई है कि ईद पर्व पर पाकिस्तान में गुब्बारे उडाए जाते हैं, आशंका है कि पाकिस्तान से उड़कर गुब्बारा क्षेत्र के खेतों में आ गया हो। ज्ञातव्य है कि मंगलवार को भी गांव 11जोईयावाली में हरे रंग का पीआईए लिखा गुब्बारा मनप्रीत सिंह के खेत में मिला था। आज दूसरे दिन गांव 11 जीबी बी के खेत में नीले रंग का गुब्बारा मिला है।
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MGMOHIT Gomat
Mar 25, 2026 18:02:34
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NTNagendra Tripathi
Mar 25, 2026 18:02:20
Gorakhpur, Uttar Pradesh:खजनी तहसील की गोरखपुर में पोखरी के पट्टे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक हो गई और सभागार अखाड़ा बन गया. दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चले, कई लोग घायल हुए और कपड़े तक फट गए. स्थिति बिगड़ते देख एसडीएम और नायब तहसीलदार मौके से चला गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को हिरासत में लिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पूरा मामला खजनी तहसील मुख्यालय का है, जहां बुधवार दोपहर करीब 3 बजे मछली पालन के लिए पोखरी के पट्टे की खुली बोली होने वाली थी. लगभग 50 डिसमिल पोखरी के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं. बोली प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पट्टा लेने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और छह से अधिक लोग भिड़ गए. चोटें आईं और माहौल खराब हुआ. मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी राजेश प्रताप सिंह और न्यायिक तहसीलदार हरीश यादव ने स्थिति बिगड़ती देख वहां से निकलना उचित समझा. स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हालात नियंत्रण से बाहर हो गए. इसके बाद खजनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए. गौरतलब है कि इसी पोखरी के पट्टे को लेकर 20 जनवरी को भी विवाद हुआ था, जिसके चलते प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी और 25 मार्च की नई तारीख तय की गई थी. ग्रामीणों का कहना है कि पोखरी का उपयोग लंबे समय से ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों द्वारा किया जा रहा है और पट्टा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर विवाद कराया गया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है. बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक सरकारी प्रक्रियाएं इस तरह के विवाद और दबंगई की भेंट चढ़ती रहेंगी?
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VKVijay1 Kumar
Mar 25, 2026 18:01:59
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा उत्तर प्रदेश की शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा शहर में स्पार्क मिंडा फाउंडेशन से 6000 से अधिक दिव्यागजनों को मिला नया सहारा। स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा नोएडा में किया गया 8 दिवसीय दिव्यांग शसक्तीकरण मेगा कैंप का भव्य आयोजन। दिव्यांग शसक्तीकरण शिविर में देश भर से आए 6000 से अधिक दिव्यांग जनों को लगाए गए कृत्रिम अंग। स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2015 से किया जा रहा है दिव्यांग शसक्तीकरण शिविर का आयोजन। फाउंडेशन द्वारा अबतक 38000 हजार से अधिक दिव्यांग जनों को बनाया जा चुका है शसक्त। स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा देश ही नहीं दुनिया भर में किया जा रहा शिविरों का आयोजन। स्पार्क मिंडा को वर्ष 2024 में राष्ट्रपति द्वारा Best employer for persons with Disabilities अवॉर्ड से किया जा चुका है सम्मानित। शिविर के समापन पर स्पार्क मिंडा के चेयरमैन व चेयरपर्सन अशोक मिंडा व सारिका मिंडा रहीं मौजूद। सारिका मिंडा ने कहा - वर्ष 2030 तक 50000 से अधिक दिव्यांग जनों के जीवन में बदलाव लाने का रखा गया है लक्ष्य। नोएडा के सेक्टर -59 में स्थित स्पार्क मिंडा कंपनी में किया गया 8 दिवसीय शिविर का आयोजन。
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 25, 2026 18:01:28
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली व जस्टिस योगेन्द्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने एक अहम और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाते हुए कहा है कि पुलिस जांच के दौरान केस डायरी में किसी जज के व्यक्तिगत व्यवहार को लेकर दर्ज की गई टिप्पणी आपराधिक अवमानना नहीं मानी जा सकती। हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर अवमानना याचिका को खारिज करते हुए सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई समाप्त कर दी। यह मामला वर्ष 2019 में भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाने में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों ने केस डायरी में पीठासीन अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि वे व्यक्तिगत रूप से नाराज रहते हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। इन टिप्पणियों को संबंधित जज ने न्यायालय की गरिमा के खिलाफ मानते हुए हाईकोर्ट में अवमानना का संदर्भ भेजा था। सुनवाई के दौरान संबंधित पुलिस अधिकारियों ने कोर्ट में पेश होकर स्पष्ट किया कि उनके बयान केवल एक आधिकारिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा थे, जो वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष बंद कमरे में दर्ज किए गए थे। उनका उद्देश्य न्यायालय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि जांच में सहयोग करना था। खंडपीठ ने अपने फैसले में न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2(सी) और धारा 6 की व्याख्या करते हुए कहा कि आपराधिक अवमानना तभी बनती है जब किसी कृत्य से न्याय प्रशासन में बाधा डालने की वास्तविक मंशा हो। यदि किसी न्यायिक अधिकारी के Against- सद्भावना में उच्च स्तर पर शिकायत की जाती है, तो वह अवमानना के दायरे में नहीं आती। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संरक्षण केवल सद्भावना में दिए गए बयानों तक सीमित है। दुर्भावनापूर्ण या बेबुनियाद आरोपों को कानून का संरक्षण नहीं मिलेगा। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि वह इस मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया कि लोकतंत्र में निष्पक्ष आलोचना का स्थान है और हर कड़ी टिप्पणी को अवमानना नहीं माना जा सकता। इस निर्णय के साथ ही सात पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चल रही अवमानना कार्यवाही समाप्त कर उन्हें राहत प्रदान की गई।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 25, 2026 18:01:12
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पाली जिले के जवाई क्षेत्र में बढ़ती अनियंत्रित पर्यटन गतिविधियों पर सख्ती दिखाते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने तेंदुओं सहित वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नाइट सफारी पर रोक लगा दी है और सफारी गतिविधियों के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है। जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ में अपूर्वा अग्रवात की ओर से याचिका पेश करते हुए जवाई क्षेत्र में बढ़ती अनियंत्रित पर्यटन को वन्यजीवों के लिए घातक बताया था। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि जवाई क्षेत्र अपनी विशिष्ट पारिस्थिकी और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में अनियंत्रित पर्यटन और विकास गतिविधियां इस संतुलन को बिगाड़ रही हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अब केवल सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक ही सफारी की अनुमति होगी। इसके अलावा रात के समय किसी भी प्रकार की सफारी गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रोन, स्पॉटलाइट, टॉर्च या अन्य कृत्रिम रोशनी का उपयोग कर वन्यजीवों को ढूंढना या परेशान करना पूरी तरह वर्जित होगा। याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि जवाई क्षेत्र में रात के समय अवैध सफारी करवाई जा रही हैं, जिनमें तेज रोशनी और ड्रोन के जरिए तेंदुओं को खोजा जाता है। इससे वन्यजीवों के व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और उनके प्राकृतिक जीवन में बाधा उत्पन्न हो रही है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी व्यक्ति या पर्यटन संचालक वन्यजीवों को परेशान करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सफारी से जुड़े वाहन चालकों और होटल व्यवसायियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने को कहा गया है। कोर्ट ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को तय की है। कोर्ट ने संकेत दिया कि जवाबों के आधार पर भविष्य में और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 25, 2026 18:00:56
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में आयोजित पशु मेलों से बड़ी संख्या में पशुओं की राज्य से बाहर बिक्री के मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जानकारी तलब की है। जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ में इस जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका बाबूलाल एवं गो रक्षा दल सेवा समिति की ओर से दायर की गई, जिसमें अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने पक्ष रखते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 व 2025 में नागौर के श्री रामदेव पशुमेला से 2957 और मेड़ता सिटी के श्री बलदेव पशुमेला से 4078 पशु राज्य के बाहर बेचे गए। इस पर कोर्ट ने आशंका जताई कि यह स्थिति गौवंश तस्करी की ओर संकेत कर सकती है। खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के तर्कों में दम है और विशेषज्ञों की सहायता से मामले की जांच आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि हजारों पशुओं में से कई स्थानों पर स्थानीय स्तर पर बहुत कम बिक्री होना चिंताजनक है। अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता एस. एस. लादरेचा को निर्देश दिया है कि वर्ष 2023-24 और 2025 के पशु मेलों की विस्तृत जानकारी पूर्व निर्धारित प्रारूप में पेश की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर कोर्ट की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है।
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DSDurag singh Rajpurohit
Mar 25, 2026 18:00:40
Barmer, Rajasthan:एसपी चूनाराम जाट साइकिल पर घूमे बाड़मेर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चूनाराम जाट ने शुक्रवार को शहर में साइकिल पर निकलकर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी का यह अनोखा निरीक्षण आमजन के बीच चर्चा का विषय बना रहा। बिना किसी औपचारिक तामझाम के साइकिल पर शहर की सड़कों, बाजारों और प्रमुख चौराहों का दौरा कर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं, पुलिस की मौजूदगी और आम लोगों की समस्याओं को करीब से समझा। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडीएसपी) नितेश आर्य तथा कोतवाली थाना प्रभारी मनोज कुमार भी साथ रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर रुककर पुलिस कर्मियों से ड्यूटी, पेट्रोलिंग और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर जानकारी ली। साथ ही व्यापारियों और नागरिकों से भी संवाद कर उनकी राय जानी। एसपी जाट ने स्वच्छता, यातायात अनुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिस कर्मियों को संवेदनशील और सतर्क रहते हुए जनता से सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने की हिदायत भी दी।
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AAAkshay Anand
Mar 25, 2026 17:48:51
Noida, Uttar Pradesh:Squirrel doing yoga..
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DSDurag singh Rajpurohit
Mar 25, 2026 17:48:13
Barmer, Rajasthan:बाड़मेर के सेड़वा से बड़ी खबर बाड़मेर के सेड़वा में बिश्नोई धर्मशाला के पास एक दुकान में लगी आग शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है वजह देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की कई दुकानों को लिया चपेट में मुख्य जानकारी के अनुसारआग की शुरुआत एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से हुई बताई जा रही है तेज़ी से फैलकर कई दुकानों तक पहुंची स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी कई दुकानों में भारी नुकसान की आशंका फिलहाल किसी जनहानि की स्पष्ट जानकारी नहीं आई है सामने आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
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RSRahul shukla
Mar 25, 2026 17:47:50
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AMAbhishek Mathur
Mar 25, 2026 17:47:39
Hapur, Uttar Pradesh:शहनाइयां बजनी थीं, पर सन्नाटा पसर गया... बारात आनी थी, पर चूल्हा ही नहीं जल पाया! शादी का घर... दरवाजे पर मेहमानों का इंतजार था, हलवाई के चूल्हे की आंच से पकवानों की खुशबू महकनी थी और बेटी की विदाई के गीत गूंजने थे. लेकिन उत्तर प्रदेश के हापुड़ से जो खबर आई, उसने उत्सव के रंग में मायूसी की कालिख पोत दी. यहाँ एक अदद रसोई गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से एक बेटी के हाथ पीले नहीं हो सके और बारात को घर आने से पहले ही रोकना पड़ा. यह कहानी है ग्राम बदनौली की मढ़ैया की. यहाँ रहने वाली बिमलेश की बेटी शिवानी का विवाह मुरादाबाद के रितेश के साथ तय हुआ था. बुधवार की सुबह बारात आनी थी, लेकिन घर में गैस का एक सिलेंडर तक नहीं था. हलवाई ने छह सिलेंडरों की मांग की थी, लेकिन दो दिनों की कड़ी मशक्कत और दर-दर भटकने के बाद भी बिमलेश को खाली हाथ लौटना पड़ा. नतीजा? बारात को फोन किया गया कि अभी मत आना, हमारी खुशियाँ सिलेंडर की किल्लत की भेंट चढ़ गई हैं. जब शादी टल गई, तब जाकर किसी ने सलाह दी कि कलेक्ट्रेट जाइए. बुधवार को बिमलेश अपने बेटे रोबिन के साथ बदहवास हालत में जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचीं. अपनी आपबीती सुनाते हुए उनकी आंखें भर आईं. मामला अधिकारियों तक पहुंचा, तो आनन-फानन में 6 सिलेंडरों की व्यवस्था कराई गई. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा सिंह का कहना है कि सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है, बस अफवाहों का बाजार गर्म है. हालांकि, बिमलेश के लिए ये 'अफवाह' नहीं, एक कड़वी हकीकत थी, जिसने उनकी बेटी के खास दिन को आंसुओं में बदल दिया. अब 28 मार्च को फिर से शहनाइयां बजेंगी. प्रशासन ने सिलेंडर तो दे दिए, लेकिन उस मां और बेटी के मन में जो कसक रह गई है, उसकी भरपाई शायद कोई सिलेंडर नहीं कर पाएगा. हापुड़ की ये घटना व्यवस्था के उन दावों पर सवालिया निशान है, जो कहते हैं कि जनता को बुनियादी जरूरतें आसानी से मिल रही हैं. बाइट - विमलेश, दुल्हन की मां बाइट - रॉबिन, दुल्हन का भाई बाइट - सीमा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, हापुड़
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