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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow23 Jan 2025, 10:17 am

Amroha- कलेक्ट्रेट पर गूंजा किसानों का हुंकार, भाकियू संयुक्त मोर्चा ने उठाई समस्याओं की आवाज

Amroha, Uttar Pradesh:

 किसानों की समस्याओं को लेकर आज अमरोहा कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन हुआ। किसानों ने छुट्टा पशुओं और बिजली से जुड़ी परेशानियों को लेकर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान नरेश चौधरी ने कहा कि छुट्टा पशुओं की समस्या ने किसानों का जीना दूभर कर दिया है। फसलें चौपट हो रही हैं, और प्रशासन इस ओर ध्यान देने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने बिजली की समस्या को लेकर भी तीखा रुख अपनाया। चौधरी ने कहा, "गांवों में बिजली कटौती से किसान बेहाल हैं। सिंचाई के लिए समय पर बिजली न मिलना किसानों को बर्बादी की ओर धकेल रहा है।"

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भाजपा पाड़ादाह मंडल में नाराजगी, छह बूथ के अध्यक्ष समेत 11 पदाधिकारी इस्तीफा

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। डोंगरगढ़ के बाद अब भाजपा के पाड़ादाह मंडल में भी संगठनात्मक नाराजगी सामने आई है। मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा पर कथित मनमानी और कार्यकर्ताओं से पक्षपात के आरोप लगाते हुए छह बूथ अध्यक्षों समेत 11 पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। नाराज पदाधिकारी गुरुवार को रायपुर पहुंचे और प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडे को इस्तीफा सौंपा। बताया गया कि मारकंडे ने करीब एक घंटे तक पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फैसला वापस लेने से इनकार कर दिया। इस्तीफा देने वालों ने आरोप लगाया कि वर्षों से पार्टी के लिए काम करने के बावजूद उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों से दूर रखा गया और चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी गई। वनांचल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ कथित भेदभाव को भी नाराजगी की वजह बताया गया। नई सेवा सहकारी समितियों में अध्यक्ष चयन को लेकर भी असंतोष की चर्चा है। हालांकि मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा ने इस्तीफों की जानकारी से अनभिज्ञता जताई, जबकि जिलाध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू ने कहा कि जानकारी मिलने पर बैठकर चर्चा की जाएगी।
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जयपुर महापौर मुकाबला: 78 पार्षद के बावजूद चेहरा चुनना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में पार्षदों का चुनाव खत्म हुआ...अब शुरू हुई पार्षदों को साधने की परीक्षा। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं...बहुमत के लिए चाहिए 76, यानी कुर्सी सुरक्षित दिखती है लेकिन कुशन सिर्फ दो वोट का है। उधर कांग्रेस 57 और निर्दलीय 15 मिलाकर आंकड़ा 72 तक पहुंचता है। यही नंबर गेम भाजपा को 2019 की याद भी दिला रहा है...जब 63 पार्षद होते हुए भी उसका मेयर प्रत्याशी एक वोट से हार गया था। इस बार दावेदार आधा दर्जन से ज्यादा हैं...कोई दिल्ली तक पैरवी में जुटा है तो कोई संगठन और संघ के दरवाजे पर। ब्राह्मण, अग्रवाल और राजपूत संगठनों ने भी प्रतिनिधित्व की मांग रख दी है। यानी मेयर की कुर्सी एक है...दावेदार कई हैं और भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ मेयर चुनने की नहीं, ऐसा मेयर चुनने की है जिसके नाम पर उसके 78 वोट भी एक रहें। जयपुर नगर निगम में भाजपा ने बहुमत तो हासिल कर लिया, लेकिन महापौर की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता उतना आरामदायक नहीं है, जितना 78 सीटों का आंकड़ा पहली नजर में दिखाता है। वजह है बहुमत से सिर्फ 2 सीट ज्यादा और सात साल पुरानी एक वोट की हार। 150 पार्षदों वाले निगम में महापौर के लिए बहुमत का आंकड़ा 76 है। भाजपा के पास 78 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 57 और निर्दलीय 15 हैं। कांग्रेस और सभी निर्दलीयों का संख्या बल जोड़ दें तो आंकड़ा 72 होता है। यानी दोनों तरफ के आंकड़ों के बीच फासला सिर्फ 6 पार्षदों का है। इसी छोटे से अंतर ने महापौर प्रत्याशी के चयन को भाजपा के लिए केवल ‘चेहरा चुनने’ का मामला नहीं रहने दिया है। अब पार्टी को ऐसा चेहरा भी तलाशना है, जिसके नाम पर अपने पार्षदों में नाराजगी न हो और वोटिंग के वक्त 2019 जैसी सेंध न लगे। भाजपा के सामने सबसे बड़ा सबक 2019 का महापौर उपचुनाव है। तब 90 सदस्यीय बोर्ड में भाजपा के पास 63 पार्षद थे। कांग्रेस के सिर्फ 18 और निर्दलीय 9 थे। यानी भाजपा संख्या के लिहाज से बेहद मजबूत थी। इसके बावजूद बागी विष्णु लाटा ने भाजपा प्रत्याशी मनोज भारद्वाज को एक वोट से हरा दिया था। लाटा को 45 और भारद्वाज को 44 वोट मिले थे, एक वोट निरस्त हुआ था। भाजपा अपने पार्षदों को रिसॉर्ट में रखने के बावजूद क्रॉस वोटिंग नहीं रोक पाई थी। यही वजह है कि इस बार पार्टी सिर्फ 78 का आंकड़ा देखकर निश्चिंत नहीं है। वरिष्ठ नेताओं की पार्षदों के बीच आवाजाही बढ़ गई है और संगठन के साथ खड़े रहने का संदेश दिया जा रहा है। जयपुर नगर निगम महापौर की दौड़ में नाम लगातार बढ़ रहे हैं। सुनील कोठारी, पुनीत कर्णावट, शैलेन्द्र भार्गव, सुभाष सिंगी, विमल अग्रवाल और भवानी सिंह राजावत के बाद अब अनुराधा माहेश्वरी और विजय अग्रवाल के नाम भी चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक एक नए चेहरे को आगे बढ़ाने के लिए दो केंद्रीय मंत्रियों के स्तर पर सक्रियता की चर्चा है, इनमें एक राजस्थान से बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी ने किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। ऐसे में प्रत्याशी मौजूदा दावेदारों में से होगा या पार्टी कोई नया नाम निकालकर चौंकाएगी, इस पर नजर है। दावेदारों की लॉबिंग के बीच महापौर की कुर्सी अब सामाजिक समीकरण का केंद्र भी बन गई है। ब्राह्मण, अग्रवाल और राजपूत संगठनों ने भाजपा नेतृत्व के सामने प्रतिनिधित्व की मांग रखी है। ब्राह्मण संगठनों ने बैठक कर समाज को अवसर देने की मांग की है। विप्र फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल भी भाजपा नेतृत्व से मिला। अग्रवाल समाज के संगठनों نے अग्रवाल चेहरे को मौका देने की मांग उठाई है। राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने भी पार्टी नेतृत्व کو ज्ञापन दिया है। ऐसे में महापौर का चेहरा जिस सामाजिक वर्ग से होगा, उपमहापौर का समीकरण उससे अलग वर्ग को साधते हुए तय होने की चर्चा है। भाजपा अपने 78 पार्षदों की किलेबंदी के साथ निर्दलीयों पर भी नजर बनाए हुए है। पार्टी का दावा है कि करीब 50% निर्दलीय उसके संपर्क में हैं। निर्दलीय पार्षदों के भाजपा से जुड़ने को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बहरहाल, जयपुर नगर निगम में री-पोल के बाद चार वार्ड कांग्रेस के जीतने से उसका आंकड़ा 53 से बढ़कर 57 हो गया। भाजपा 78 पर कायम है। सीटों की लड़ाई पूरी हो चुकी है, लेकिन महापौर चुनाव में कहानी केवल सीटों से तय नहीं होगी। 2019 बता चुका है कि निगम की राजनीति में बोर्ड का बहुमत और बैलेट बॉक्स का बहुमत हमेशा एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं। इसलिए इस बार भाजपा के सामने सवाल सिर्फ यह नहीं है कि मेयर कौन बनेगा, उससे पहले सवाल यह है 78 में से 78 को एक नाम पर कौन साथ रख पाएगा?
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डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति चुनाव: भाजपा की सुशीला गुप्ता आगे, कांग्रेस के भरत नागदा चुनौती

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले में डूंगरपुर नगरपरिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच भाजपा ने राहत की सांस ली है। सभापति पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार एवं भाजपा पार्षद प्रभु पंड्या ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। नामांकन वापसी के बाद अब सभापति पद के लिए भाजपा की सुशीला गुप्ता और कांग्रेस के भरत नागदा के बीच सीधा मुकाबला रह गया है। नामांकन वापसी के बाद नगरपरिषद में भाजपा का पलड़ा स्पष्ट रूप से भारी नजर आ रहा है। नगरपरिषद के कुल 40 पार्षदों में भाजपा के 24 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 12, बीएपी के 3 और 1 पार्षद निर्दलीय है, जो भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे थे। भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण सभापति पद पर पार्टी प्रत्याशी सुशीला गुप्ता की जीत की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी भरत नागदा चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए मुकाबले में हैं। प्रभु पंड्या के नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा के सामने मौजूद एक प्रमुख चुनौती भी फिलहाल खत्म हो गई है। अब सभापति चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। इधर नामांकन वापस लेने के बाद प्रभु पंड्या ने बताया की पार्टी के निर्देश पर सभापति पद के लिए नामांकन भरा था लेकिन सिम्बल नहीं मिलने पर पार्टी के ही निर्देश पर नामांकन वापस लिया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के सच्चे सिपाही है और डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा का सभापति बनेगा.
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नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर पलटवार, नार्को टेस्ट और अदालत में जवाब मांग

Patna, Bihar:JDU MLC नीरज कुमार ने कहा कि बहुत लोग हमारे ऊपर आरोप लगा रहे है। अरे हम तो अपराधियों के लिए कहर है। गंगा में घुस कर भी कोई कहेगा तो लोग नहीं मानेंगे। अपने अनंत सिंह के आवास पर AK 47 रखवाया। इसकेको लेकर उन्होंने कहा कि अगर उनके पास प्रमाण है तो जाइए कोर्ट इसमें कहा कोई दिक्कत है। अनर्गल आरोप लगाते है, चरित्र हनन केते है। नार्को टेस्ट करवाने की बात कह रहे है। नीरज कुमार ने कहा कि इसके लिए जाइए कोर्ट, हिम्मत है तो आवेदन दीजिए। खबरदार, जीवन में मै आरोप नहीं झेला हूं। मेरा जीवन पारदर्शी है, मैने अपने जीवन में ऐसे घिनौने काम नहीं किए है। क्या आप MLC चुनाव लड़ेंगे। पार्टी तय करेगी। अनंत सिंह ने कहा पूरी ताकत लगाएंगे आपको हराने के लिए। अरे हम अपने कार्यकर्ता के बल पर जीतेंगे। मेरे पास धनबल और बाहुबल थोड़ी न है। हम नीतीश कुमार के साथ बचपना से रहे है। कितने लोग पार्टी बदलते रहे। हम कही नहीं गए। चरित्र हनन बरदास्त नहीं करेंगे। अनंत सिंह को नीरज कुमार ने महा अज्ञानी बताया। नार्को टेस्ट करवाने का अधिकार कोर्ट को है न, आप आवेदन दीजिए। ऐसे ही थोड़ी ने किसी का नार्को टेस्ट करवाया जाता है। समाज के लिए आप कोई रोल मॉडल नहीं है, आपको समाज जनता है। जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के द्वारा अपने ही पार्टी के MLC नीरज कुमार का जमकर विधान परिषद चुनाव में विरोध करने और जमानत जप्त कराए जाने के बयान पर नीरज कुमार की प्रतिक्रिया सामने आ गई है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के निर्देशन और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के दिशा-निर्देश में पहली बार विधानमंडल के साथियों का प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बिहार की वित्तीय स्थिति, प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी, गरीबी कम करने और सामाजिक कल्याण की योजनाओं से जुड़े डेटा पर विस्तार से चर्चा हुई। विधायकों ने सुझाव दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ किस सामाजिक वर्ग, युवा, महिला और जरूरतमंद तबके को कितना मिला है, इसका डेटा-बेस्ड दस्तावेज तैयार किया जाए। पार्टी ने इस पर गंभीरता से काम करने की बात कही है। निशांत कुमार का संबोधन भी लोगों के दिल को छू गया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने जो काम किया है, वह सिर्फ विकास का काम नहीं, बल्कि समाज के बदलाव की पटकथा है। न्याय के साथ विकास नीतीश कुमार का मॉडल है। जहां तक उम्मीदवारी का सवाल है, अभी कोई नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। जब नोटिफिकेशन होगा, तब जनता दल यूनाइटेड तय करेगा कि किसे उम्मीदवार बनाना है। मेरी उम्मीदवारी से कौन असंतुष्ट है, यह उनका विषय है। मैंने अपने जीवन में किसी के साथ अन्याय या असंतोष पैदा करने वाला काम नहीं किया। और जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके लिए सक्षम न्यायालय है। अगर किसी के पास आरोपों से जुड़े तथ्य हैं तो वह न्यायालय में आवेदन दे। नार्को टेस्ट, मोबाइल की डिजिटल जांच या किसी भी तरह की जांच की मांग है तो सक्षम न्यायालय में जाएं। जांच से हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम न सर झुकाकर जिए हैं और न सर झुकाकर जिएंगे। आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, अगर किसी के पास सबूत हैं तो कानून के मुताबिक उचित मंच पर जाएं। नीरज कुमार कहां अनंत सिंह पर वकील से राय लेकर मुकदमा करूंगा हमें वकील बाहर से खोजने की कोई आवश्यकता नहीं है हमें वकील यही मिल जाएगा।
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सांगोद-कोटा मार्ग पर भीषण हादसा: शराबी बाइक सवार ने मारी टक्कर, पिता-बेटी की मौत

Kota, Rajasthan:सांगोद-कोटा मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: नशे में धुत बाइक सवार ने मारी टक्कर, पिता और 5 वर्षीय पुत्री की मौके पर मौत ​जनाजे से लौट रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; पत्नी गंभीर रूप से घायल, गोद में बैठी 2 साल की मासूम चमत्कारिक रूप से सुरक्षित ​सांगोद। सांगोद-कोटा मार्ग पर मालबावड़ी के पास शुक्रवार सुबह करीब 11:20 बजे हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में पिता और उनकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। ​करवाड़ निवासी सोहेल खान (30) मोड़क में रिश्तेदार के जनाजे में शामिल होकर अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। तभी सांगोद से घानाहेड़ा की ओर जा रहे बाइक सवार श्यामबिहारी ने अत्यधिक शराब के नशे में, तेज रफ्तार और गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आकर सोहेल की बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। ​टक्कर इतनी भीषण थी कि सोहेल खान और उनकी 5 वर्षीय बेटी अलीजा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सोहेल की पत्नी के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनकी गोद में मौजूद 2 वर्षीय बच्ची चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गई। घटना के तुरंत बाद आरोपी का साथी मौके से फरार हो गया। राहगीरों की मदद से सभी हताहतों को सांगोद उप-जिला अस्पताल ले जाया गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल आरोपी श्यामबिहारी को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
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अकाल और कर्ज के तनाव से किसान की मौत, अनूपगढ़ खेतों में फसल चौपट

Sri Ganganagar, Rajasthan:अनूपगढ़ क्षेत्र में किसानों को सिंचाई पानी नहीं मिलने और बरसात नहीं होने के कारण किसानों की फसले चौपट हो रही है। फसले चौपट होने के कारण किसान टेंशन में है। इसी टेंशन के चलते गाँव नाहरावाली में रहने वाले 60 वर्षीय भादर सिंह को खेत में हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर एएसआई यशपाल सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर शव का पोस्टमार्म करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। एएसआई यशपाल सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे बलजिंदर सिंह की और से मर्ग दर्ज करवाई गई है कि खेत में फसल चौपट होने के कारण उसके पिताजी बैंक का कर्ज़ जमा नहीं करवा पा रहे थे। इसी के कारण वह पिछले 1 महीने से काफी टेंशन में चल रहे थे जिस कारण से उन्हें हार्ट अटैक आ गया है और उनकी मौत हो गई है। बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास 8 बीघा का कृषि भूमि है और उस पर 3 लाख रुपये की केसीसी ले रखी है। पुलिस ने शव का करवाया पोस्टमार्टम। एएसआई यशपाल सिंह ने बताया कि आज शुक्रवार सुबह 6 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि गांव नाहरावाली के खेत में भादर सिंह अचेत अवस्था में पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि जब वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो भादर सिंह मौके पर मृत मिला। पुलिस ने भादर सिंह के शव को कब्जे में लेकर अनूपगढ़ के सरकारी जिला अस्पताल ले जाया गया जहां शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। कर्ज नही चुका पाने की थी टेंशन। मृतक के बेटे बलजिंद्र सिंह ने बताया कि वह अपने पिता भादर सिंह (60) के साथ खेती करता है और उनके पास 8 बीघा कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा उसके पिता कैलाश मीणा की कृषि भूमि पर पांचवे हिस्से पर काश्त करते थे। बलजिंद्र सिंह ने बताया कि इस साल अकाल की स्तिथि होने के कारण उनके खेत मे खड़ी मूंग की फसल 80 प्रतिशत तक खराब हो गई। फसल खराब होने के कारण बैंक से 3 लाख रुपये की केसीसी ली हुई भी जमा नही करवा पा रहे थे। इसी के कारण उसके पिता काफी टेंशन में रहते थे। भादर सिंह ग्रामीणों से भी कहा करते थे कि फसल खराब होने के कारण वह कर्ज भी नही चुका पाएंगे। इसी टेंशन के चलते उनकी मौत हो गई है। आज सुबह मिला शव। भादर सिंह के भाई प्रेम सिंह ने बताया कि कल गुरुवार शाम करीब 5 बजे उनका भाई भादर सिंह फसल कटाई के लिए खेत गए थे। रात होने पर जब वापस नहीं आए तो उन्हें काफी जगह तलाश किया गया मगर भादर सिंह कहीं भी नहीं मिला। प्रेम सिंह ने बताया कि आज सुबह जब भादर सिंह के बेटे बलजिंदर सिंह के साथ भादर सिंह की तलाश कर रहे थे तो भादर सिंह अचेत अवस्था में खेत में पड़ा हुआ मिला जिसकी सूचना अनूपगढ़ पुलिस थाने में दी गई。
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भोपाल हाईकोर्ट का राज्यपाल पद पर अहम फैसला: नया नियुक्त करने की याचिका खारिज

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल हाईकोर्ट का राज्यपाल का पद को लेकर अहम फैसला नया राज्यपाल नियुक्त करने की जनहित याचिका खारिज हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 156(3) का दिया हवाला भाजपा प्रवक्ता योगेश गुप्ता ने कहा कि राज्यपाल का पद एक संवैधानिक पद है..... और जब तक दूसरे राज्यपाल नहीं आ जाते तब तक राज्यपाल कार्यवाहक राज्यपाल के रूप में काम कर सकते हैं कांग्रेस केवल इस पर राजनीति कर रही है..... कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने कहा राज्यपाल को महामहिम भी कहा जाता है तो ऐसे में जल्द ही इसको लेकर राष्ट्रपति को बताना चाहिए कि उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है या फिर वही राज्यपाल बने रहेंगे इस पर पीएमओ को भी संज्ञान लेना चाहिए
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गौर प्रतिमा के सामने युवक ने बाइक में आग लगाई, पुलिस जांच शुरू, स्थिति शांत

Sagar, Madhya Pradesh:गौर प्रतिमा के सामने युवक ने खुद की बाइक को किया आग के हवाले, फायर ब्रेडेड ने पाया काबू... एंकर / सागर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के सबसे व्यस्ततम तीन बत्ती तिराहे पर उस वक्त अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब डॉ. हरिसिंह गौर की प्रतिमा के सामने दिन दहाड़े एक व्यक्ति ने अपनी मोटरसाइकिल में आग लगा दी। आग लगाने के बाद व्यक्ति मौके से भाग गया。 बाइक में आग लगते ही तेज लपटें उठने लगीं और धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने पानी की बौछार कर कुछ ही देर में बाइक में लगी आग पर काबू पा लिया。 फिलहाल बाइक किसकी है और व्यक्ति ने किस वजह से अपनी मोटरसाइकिल में आग लगाई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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समान नागरिक संहिता पर बहस: मौलाना शहाबुद्दीन ने कानून के राज्य-विशिष्ट मॉडल पर जोर

Bareilly, Uttar Pradesh:भारत सरकार के ग्रह मंत्री अमित शाह जी के समान नागरिक संहिता पर दिए गए बयान को लेकर देश में एक बहस छिड़ गई है। वहीं मुस्लिम संगठनों ने देश व्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। इस पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रेस को जारी किए गए बयान में कहा कि समान नागरिक संहिता कानून को लागू करने के लिए संविधान ने कुछ शर्तें रखी है, उनमें खास बात ये कही गई है, कि जिस राज्य में ये कानून लागू किया जाएगा, वहां रहने वाले हर समुदाय व हर सम्प्रदाय के व्यक्तियों की राए ली जाएगी। अगर सभी नागरिक Ucc कानून बनाने पर सहमत है, तो राज्य में कानून लागू किया जाएगा, अन्यथा नहीं। मौलाना ने कहा कि समान नागरिक संहिता का डराफ जिन जिन राज्यों में बनाया जा रहा है, वो सिर्फ एक ही राज्य का मौडल है। जबकि अलग-अलगStates में अलग-अलग मुद्दे व मसाइल है, और अलग-अलग धर्मों के मानने वालों की जनसंख्या है। इसलिए एक राज्य का मौडल सभी राज्यों पर लागू नहीं किया जा सकता। मौलाना ने कहा कि एक कानून एक देश को भारत में लागू करने के लिए बड़ी समस्याओं से गुजरना पड़ेगा, बिल्कुल ऐसे ही समान नागरिक संहिता का कानून हैं। क्योंकि संविधान ने जाती , जन जाति और दूसरे कबीलों व आदिवासीयों को अलग-अलग सुहूलते उपलब्ध कराई है। Ucc को लागू करने में सबसे बड़ी समस्या नार्थ ईस्ट के राज्यों में आएगी, क्योंकि नागा समुदाय, मिज़ोरम में मिज़ोरम समुदाय और दूसरे जन जाति समुदाय को Ucc के दायरे में नहीं लाया जा सकता। नार्थ ईस्ट राज्यों में इन समुदाय की नागरिए व देहात क्षेत्रो में अपने अलग-अलग कानून ढांचे सालों से स्थापित है, और इनको संविधान भी संरक्षण देता है। इसलिए इनसे छेड़छाड़ करना अच्छा नहीं होगा। मौलाना ने आगे कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ही सभी समुदाय को धार्मिक आजादी दी गई है। अगर समान नागरिक संहिता द्वारा धार्मिक आजादी को छीनने की कोशिश होगी, तो ये देश हित में नहीं होगा। भारत के 30 करोड़ मुसलमानो का मानना है कि Ucc शरियत में मुदakhjalat करता हुआ कानून हैं, इसलिए इसको लागू न किया जाए, अगर लागू किया जाता है, तो इस पर अमल करने के लिए मुसलमानो को मजबूर न किया जाए। मौलाना ने तमाम मुस्लिम संगठनों से अपील करते हुए कहा कि जम्हूरी व्यवस्था में धरना प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है। मगर इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एहतजाज के दौरान भीड़ हिंसक ना हो , प्रदर्शन कारियों को ये बात खूब अवगत करा देना चाहिए कि एहतजाज अम्न व शांति के साथ में किया जाएं। किसी तरह भी उकदरभ न हो और हर काम कानून के दायरे में रहकर किया जाएं।
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तेज रफ्तार बाइक ने ई-रिक्शा को टक्कर, चार स्कूली छात्राएं घायल

Damoh, Madhya Pradesh:बाइक ने मारी ई रिक्शा को टक्कर चार स्कूली छात्राएं घायल ई रिक्शा को बाइक ने मारी टक्कर चार स्कूली छात्राएं घायल दो गंभीर.. एंकर/ दमोह में सड़क हादसे कम नहीं हो रहे तो रफ्तार का कहर भी साफ देखने को मिल रहा है, स्टेट हाइवे पर हर दिन सामने आने वाले हादसों के अलावा शहरी इलाके में सरपट दौड़ रही गाड़ियां हादसों की वजह बन रही है। आज फिर शहर के जटाशंकर इलाके में एक तेज रफ्तार बाइक ने एक ई रिक्शा को जबरदस्त टक्कर मार दी और रिक्शा पलट गया। इस रिक्शे में चार स्कूली छात्राएं सवार थी और ऑटो पलटने से वो उसके नीचे दब गई। स्थानीय लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां दो छात्राओं को गंभीर चोटें आई है जिनका इलाज किया जा रहा है वहीं हादसे के बाद बाइक सवार और ई रिक्शा का ड्राइवर दोनों भाग खड़े हुए है जिनकी तलाश की जा रही है।
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रायपुर के अंतर्राज्यीय मोबाइल चोरियों का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार

Begun, Rajasthan:रायपुर में मोबाइल लूट और चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का कबीर नगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है.. पुलिस ने गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.. पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क की कड़ियां रायपुर से ओडिशा और राजस्थान तक जुड़ी थीं और करीब 100 मोबाइल चोरी एवं लूट की घटनाओं का खुलासा हुआ है.. कार्रवाई के दौरान 14 मोबाइल फोन और 2 लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं.. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शहजाद अली उर्फ भिंडी को पकड़ा, जिसके बाद पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.. जांच में सामने आया कि रायपुर से लूटे और चोरी किए गए मोबाइल ओडिशा भेजे जाते थे, जहां उनका लॉक खोलकर पहचान बदलने के बाद बेचा जाता था.. कुछ मोबाइल राजस्थान के कोटा भेजे जाते थे, जहां उनका लॉक खोलने का काम किया जाता था.. कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने रायपुर, ओडिशा और राजस्थान में कार्रवाई कर गिरोह की पूरी श्रृंखला को ट्रेस किया..
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