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CHANDAN MAURYACHANDAN MAURYAFollow12 Mar 2025, 02:06 pm

AMBEDKAR NAGAR-बीती रात मारपीट के दौरान गोली चलाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने भेजा जेल

Akbarpur, Uttar Pradesh:बसखारी थानाक्षेत्र अन्तर्गत बीती रात अकबरपुर रोड़ पर गायत्री मन्दिर के पास नशे में धुत युवको ने मारपीट के दौरान अवैध तमंचे से फायर करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ज्ञात हो कि बीती रात लगभग 9:00 बजे शिवम पुत्र सुभाष निवासी जल्लापुर थाना आलापुर,अंकुर यादव पुत्र सुभाष निवासी रामडीह सराय शुक्ल बाजार ने हरैया डंडवा निवासी राज यादव के ऊपर फायर कर दिया था उक्त मामले में पुलिस ने मारपीट सहित गंभीर धारा मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों को तमंचा वाला दो कारतूस के साथ जेल भेज दिया।
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गोरखपुर AIIMS में नवजात की ऑक्सीजन सपोर्ट पर सवाल, वीडियो की जांच आवश्यक

Gorakhpur, Uttar Pradesh:रिपोर्ट: नागेन्द्र मणि त्रिपाठी। Date: 02-10-2026 लोकेशन: गोरखपुर SLUG: एम्स गोरखपुर में नवजात शिशु के इलाज में लापरवाही की वीडियो वायरल。 ANCHOR: गोरखपुर के AIIMS से सामने आए एक वायरल वीडियो ने अस्पताल में नवजात बच्चों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं... इस वीडियो में एक नवजात Shishu को अस्पताल की बिल्डिंग के बाहर भीषण गर्मी में ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ रखा हुआ दिखाई दे रहा है और उसके पास एक MBBS इंटर्न छात्रा मौजूद नजर आ रही है। आरोप है कि गंभीर हालत में AIIMS लाए गए नवजात को भर्ती करने के बजाय बाहर ही रखकर उपचार किया गया। हालांकि AIIMS प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी,उसे भर्ती कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजन बच्चे को अपनी इच्छा से कहीं और ले जाना चाहते थे। AIIMS का कहना है कि इसी दौरान वाहन का इंतजार करते समय बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। लेकिन सवाल यही है कि अगर नवजात की हालत इतनी गंभीर थी तो उसे अस्पताल की सुरक्षित और नियंत्रित मेडिकल सुविधा में रखकर इलाज क्यों नहीं किया गया? देखिए पूरी रिपोर्ट... ये तस्वीरें गोरखपुर के AIIMS की हैं... एक तरफ अस्पताल की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का दावा... और दूसरी तरफ वायरल हो रहा ये वीडियो, जिसमें एक नवजात शिशु अस्पताल परिसर के बाहर दिखाई दे रहा है। वीडियो में बच्चे को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है और उसके पास एक MBBS इंटर्न छात्रा नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर गंभीर हालत में AIIMS पहुंचे नवजात को बाहर क्यों रखा गया? सबसे बड़ा सवाल नवजात की सुरक्षा को लेकर है। नवजात शिशु सामान्य मरीजों की तुलना में तापमान में बदलाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। AIIMS गोरखपुर की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक अस्पताल में नवजातों के लिए NICU और MNICU जैसी सुविधाएं मौजूद हैं और गंभीर बच्चों के लिए केंद्रीय इमरजेंसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। ऐसे में सवाल है—अगर बच्चा गंभीर हालत में था...अगर उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी...तो क्या उसे खुले परिसर में रखने के बजाय निर्धारित मेडिकल एरिया में मॉनिटरिंग की जानी चाहिए थी? और अगर बाहर उपचार की स्थिति बनी थी, तो इसकी वजह क्या थी? वायरल वीडियो को लेकर दूसरा सवाल इलाज करने वाले व्यक्ति की भूमिका को लेकर है। वीडियो में MBBS इंटर्न छात्रा बच्चे के पास दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि गंभीर नवजात की देखभाल के दौरान इंटर्न की भूमिका क्या थी? क्या मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे? क्या बच्चे की निगरानी किसी पीडियाट्रिशियन या नियोनेटोलॉजी टीम द्वारा की जा रही थी? और क्या बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट देने की पूरी प्रक्रिया अस्पताल के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई? इन सवालों का स्पष्ट जवाब AIIMS प्रशासन से अपेक्षित है。 BYTE — मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता कार्यकारी निदेशक, AIIMS गोरखपुर。 वहीं इस मामले को लेकर AIIMS की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि नवजात की मेडिकल कंडीशन बेहद खराब थी। उनके मुताबिक बच्चे में मल्टीपल सिंड्रोमिक जैसी गंभीर समस्या थी और अस्पताल की तरफ से उसे भर्ती कराने के लिए कहा गया था। लेकिन परिजन बच्चे को अपनी इच्छा से कहीं और ले जाना चाहते थे。 इसी दौरान वाहन का इंतजार करते समय बच्चे को बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। AIIMS प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का है और इसे अस्पताल में भर्ती न करने या इलाज से पल्ला झाड़ने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए。 लेकिन अब इस पूरे मामले में कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब रिकॉर्ड के आधार पर सामने आना जरूरी है。 VO: पहला सवाल— क्या नवजात का मेडिकल परीक्षण और प्रारंभिक आकलन किया गया था? दूसरा सवाल— अगर बच्चे की हालत गंभीर थी तो क्या उसे तत्काल NICU, MNICU या किसी उपयुक्त आपातकालीन चिकित्सा सुविधा में रखने की पेशकश की गई? तीसरा सवाल— क्या बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने के दौरान वरिष्ठ डॉक्टर की निगरानी थी? चौथा सवाल— क्या बच्चे के बाहर रहने का समय और उस दौरान दी गई चिकित्सा सहायता मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज है? और सबसे अहम सवाल— क्या अस्पताल ने परिजनों को भर्ती और इलाज के विकल्प के बारे में पर्याप्त जानकारी दी थी? गोरखपुर AIIMS से सामने आया ये वीडियो कई गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है। एक तरफ अस्पताल के पास नवजातों के इलाज के लिए NICU और MNICU जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, तो दूसरी तरफ एक गंभीर नवजात को अस्पताल परिसर के बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट दिए जाने की तस्वीर सामने आई है। AIIMS प्रशासन इसे वाहन का इंतजार करने के दौरान दी गई मेडिकल सहायता बता रहा है, जबकि वायरल वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों का पूरी तरह समाधान मेडिकल रिकॉर्ड और जांच के बाद ही हो सकेगा। अब जरूरत इस बात की है कि अस्पताल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन स्पष्ट करे और बताए कि बच्चे के AIIMS पहुंचने से लेकर अस्पताल से बाहर जाने तक क्या-क्या मेडिकल प्रक्रिया अपनाई गई। फिलहाल वायरल वीडियो ने AIIMS गोरखपुर की नवजात चिकित्सा व्यवस्था और मरीज सुरक्षा को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। सवाल सिर्फ इस वीडियो का नहीं है... सवाल ये है कि गंभीर हालत में AIIMS पहुंचने वाले हर नवजात को सुरक्षित, नियंत्रित और निर्धारित चिकित्सा व्यवस्था के तहत इलाज कैसे मिले? क्योंकि एक नवजात के मामले में कुछ मिनट भी बेहद अहम हो सकते हैं, अब देखना होगा कि AIIMS प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराता है या नहीं और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर मेडिकल रिकॉर्ड से क्या तस्वीर सामने आती है। डिस्क्लेमर: जी मीडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है。 क्या गंभीर नवजात को अस्पताल परिसर के बाहर ऑक्सीजन सपोर्ट देना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप था? क्या उस समय वरिष्ठ पीडियाट्रिशियन/नियोनेटोलॉजिस्ट मौके पर मौजूद थे? MBBS इंटर्न छात्रा की भूमिका क्या थी और उसकी निगरानी कौन कर रहा था? बच्चे की जांच, निदान और भर्ती की सलाह का मेडिकल रिकॉर्ड क्या कहता है? क्या AIIMS प्रशासन ने वायरल वीडियो की आंतरिक जांच शुरू की है?
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हरिद्वार में पीलीभीत के परिवार ने सनातन धर्म में घर वापसी की

Haridwar, Uttarakhand:हरिद्वार स्लग: घर वापसी ​एंकर:: सनातन धर्म में आस्था और उसकी उदारता को दर्शाते हुए आज उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले एक गैर-हिंदू परिवार ने धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ हिंदू धर्म अपनाया। तीर्थ सेवा न्यास के संत रामविशाल दास की प्रेरणा से पीलीभीत के रहने वाले माहिद ने अपनी पत्नी सबीना और तीन बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचकर गंगा पूजन और हवन अनुष्ठान के माध्यम से हिंदू धर्म में घर वापसी की। गुरुवार को ​धर्मनगरी हरिद्वार के चंडी घाट पर एक परिवार ने सनातन धर्म में आस्था जताते हुए घर वापसी की है। उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के निवासी माहिद अपनी पत्नी सबीना और बच्चों के साथ हरिद्वार पहुंचे, जहाँ पवित्र गंगा तट पर गंगा पूजा, हवन और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उन्होंने हिंदू धर्म स्वीकार किया। ​इस अवसर पर बात करते हुए मोहित (पूर्व नाम माहिद) ने बताया कि उन्होंने बिना किसी दबाव के, अपनी स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सम्मान और दयाभाव बहुत है। वहीं उनकी पत्नी ने बताया कि वे काफी समय से हिंदू धर्म के रीति-रिवाज और त्योहार मनाते आ रहे हैं और अब पूरे विधि-विधान से परिवार के साथ घर वापसी की है। वही माहीद कि पत्नी सबीना बीबी उर्फ़ खुशी ने बताया कि वे लोग काफी समय से इस धर्म के त्योहार और रीति-रिवाज मानते आ रहे हैं। उन्हें सनातन धर्म में शांति महसूस होती है, इसलिए उन्होंने अपने बच्चों के साथ यहाँ आकर घर वापसी की है। संत रामविशाल दास ने बताया कि परिवार ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म को समझा और उसमें वापसी का निर्णय लिया। गंगा स्नान और हवन के बाद उनका नामकरण संस्कार भी सम्पन्न कराया जा रहा है। बाइट 1: मोहित (पूर्व नाम माहिद) - घर वापसी करने वाला व्यक्ति। बाइट 2: सबीना (मोहित की पत्नी)。 बाइट 3: संत रामविशाल दास - तीर्थ सेवा न्यास।
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रोहतक के भिवानी पुल के नीचे कचरे में आग, तीन दमकलें ने बुझाई

Rohtak, Haryana:रोहतक में एक बार फिर सुबह-सुबह आग लगने की घटना सामने आई है। यह लोकेशन रोहतक के भिवानी पुल के नीचे की है, जहां कचरे में जबरदस्त आग लग गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय अचानक आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में धुआं-धुआं हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पानी की बौछार कर आग बुझाने में लगे हुए हैं। पुल के नीचे जमा कचरे के कारण आग ने ज्यादा भयानक रूप ले लिया था। पुल की दीवारें भी आग के कारण काली पड़ गई हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सवाल यह उठता है कि रोहतक में आखिर कब तक ऐसे ही कचरे में आग लगती रहेगी। प्रशासन को पुल के नीचे कचरा जमा होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है.
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भारत-चीन सीमा के गर्ब्यांग SSB कैंप में भीषण आग, कोई जनहानि नहीं

Pithoragarh, Uttarakhand:भारत चीन सीमा मैं स्थित गर्ब्यांग SSB कैंप में भीषण आग, बुखारी फटने से हादसा धारचूला के भारत चीन सीमा से सटे गर्ब्यांग स्थित SSB कैंप में देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बुखारी फटने के बाद कैंप में आग लगी, जिसने देखते ही देखते एक बैरक को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई दीं, जिसका स्थानीय लोगों ने वीडियो भी बनाया है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी तरह की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है। CO 11 SSB ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। धारचूला के गर्ब्यांग में देर रात SSB कैंप में आग लगने की घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि बुखारी फटने के बाद आग भड़की और देखते ही देखते कैंप के एक बैरक को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि इसकी लपटें दूर से ही दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों ने आग का वीडियो भी बनाया, जिसमें कैंप से उठती आग की तेज लपटें नजर आ रही हैं। घटना की पुष्टि CO 11 SSB की ओर से की गई है। अधिकारियों के मुताबिक आग बुखारी फटने की वजह से लगी। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और न ही किसी पशु की हानि हुई है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और मौके पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। संबंधित टीमों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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रंगदारी मामले में शोएब की गिरफ्तारी बनी चुनौती, पुलिस ने दबिश जारी रखी

Begun, Rajasthan:रायपुर यह शोएब ढेबर रंगदारी मामले में पुलिस की कार्रवाई क्राइम ब्रांच के आरक्षक समेत तेलीबांधा का सिपाही लाइन अटैच आरक्षक शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम पर कार्रवाई पुलिस की गोपनीय जानकारी लीक करने की आशंका शोएब की गिरफ्तारी से पहले ही ठिकाने से फरार होने का मामला शोएब की तलाश में पुलिस ने आधा दर्जन ठिकानों पर दी थी दबिश पुलिस पहुंचने से पहले ही ठिकानों से निकल गया था शोएब गोपनीय सूचना उस तक कैसे पहुंची, इसकी जांच जारी TI स्तर के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शोएब की दोबारा गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से मिल चुकी है अनुमति दूसरे राज्य भागने की आशंका के चलते संभावित ठिकानों पर नजर कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ की मांगी थी फिरौती DCP क्राइम और सेंट्रल डीसीपी आरक्षकों को किया लाइन अटैच
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युवा आक्रोश के साथ घर छोड़ो सत्याग्रो गोंडा पहुँचा, बेरोजगारी के ठोस कदम मांग

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- बेरोजगारी और घटते रोजगार अवसरों के खिलाफ युवाओं का आक्रोश अब एक अनोखे आंदोलन का रूप ले चुका है। लखनऊ से शुरू हुआ Gen-Z का “घर छोड़ो सत्याग्रह” अब गोंडा पहुँच चुका है। गोंडा जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में गुरुवार देर रात से कई शिक्षित युवा अपना घर-परिवार छोड़कर सड़कों और चौराहों पर ‘घर छोड़ो सत्याग्रह’ के तहत धरने पर बैठ गए हैं। खोरहंसा बाजार, मल्लापुर बाजार और कटौली चौराहे पर युवा धरने पर बैठे हुए थे। मोमबत्ती जलाकर हाथों में डिग्रियां और जुबां पर रोजगार का सवाल लिए "घर के ताने समाज की गाली दूर करो ये बेरोजगारी" लिखी तख्तियां लेकर युवा प्रशासन और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। गोंडा में इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं विपनेश यादव ​का कहना है कि वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद उनके पास कोई सुरक्षित रोजगार नहीं है। लगातार पेपर लीक,रुकी हुई भर्तियां और परिणामों में देरी ने उनकी उम्मीदों को तोड़ा है। अपना दर्द साझा करते हुए कहा "माता-पिता ने कर्ज लेकर और पेट काटकर हमें पढ़ाया-लिखाया, लेकिन इस उम्र में भी हम उन्हीं पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। घर पर रहकर लाचारी का बोझ बनने से बेहतर हमने सत्याग्रह का रास्ता चुनना समझा। ​युवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक रोजगार और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कोई पारदर्शी व ठोस समाधान सामने नहीं आता, वे अपने घर वापस नहीं लौटेंगे। आंदोलन से जुड़े छात्रों का एक ही दो-टूक संदेश है "समाज जो खिलाएगा, हम वही खा लेंगे, नहीं मिलेगा तो भूखे पेट सो जाएंगे, लेकिन अपने अधिकारों और रोजगार के सवाल से पीछे नहीं हटेंगे। ​उल्लेखनीय है कि राजधानी लखनऊ से शुरू हुई यह मुहिम अब गोंडा सहित पूर्वांचल और अवध के कई जिलों में फैल रही है। स्थानीय स्तर पर भी इस सत्याग्रह को बड़ा जनसमर्थन मिल रहा है। आसपास के ग्रामीण और व्यापारी वर्ग के लोग न केवल युवाओं के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं,बल्कि धरने में शामिल होकर उनकी हौसलाअफजाई भी कर रहे हैं।
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जमशेदपुर के सीतारामडेरा में देर रात गोलीबारी, युवक घायल

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के ओल्ड बाराद्वारी में देर रात गोलीबारी की घटना से अफरा-तफरी मच गई। मोहम्मद राजा नामक युवक को निशाना बनाकर चार राउंड फायरिंग की गई। इस दौरान दो गोलियां राजा को लगीं, जिससे वह घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घायल राजा के अनुसार, साकची निवासी इस्माइलु और काशीदीह निवासी कुट्टू से किसी बात को लेकर उसका विवाद हुआ था। राजा का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने उसके साथ मारपीट भी की। किसी तरह वहां से निकलकर वह अपने घर पहुंचा। राजा ने पुलिस को बताया कि देर रात वह अपने घर के बाहर मोबाइल पर बात कर रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की स्कूटी पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और उसे निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करते हुए फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के पीछे आपसी विवाद की बात सामने आ रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है。
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गोंडा-लखनऊ हाईवे पर बिजली परेशानी से ग्रामीणों ने डेढ़ घंटे दिया जाम

Gonda, Uttar Pradesh:खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में बीते दिनों आए अर्बन चक्रवात तूफान के कारण कई गांव में अभी भी विद्युत आपूर्ति पूरी तरीके से बहाल नहीं हो पाई है। जिसके चलते ग्रामीणों को और बिजली उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। 8 दिन बीत जाने के बावजूद भी विद्युत आपूर्ति बहाल न होने के कारण गुरुवार देर रात डेढ़ घंटे तक लगातार मोकलपुर,नगरा,मसौली सहित 10 गांव के रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों ने गोंडा-लखनऊ हाईवे को चौपाल सागर के पास जाम करके जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों की डेढ़ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान गोंडा से लखनऊ जाने वाले और लखनऊ से गोंडा आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। गोंडा-लखनऊ हाईवे पर चौपाल सागर के पास लगभग डेढ़ घंटे तक जाम लगा हुआ था सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस कर्मियों से भी लाइट न मिलने को लेकर ग्रामीणों ने बहसबाजी की है। डेढ़ घंटे तक गोंडा लखनऊ हाईवे को जाम करके ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है बिजली विभाग मुर्दाबाद के खिलाफ की जमकर नारेबाजी की है। पुलिस प्रशासन ग्रामीणों को हटा ना पाए इसको लेकर के बाकायदा ग्रामीण अपने-अपने मोटरसाइकिल को भी सड़कों पर खड़ा कर दिए थे。 ताकि वहां एक स्थान से दूसरे स्थान पर ना जा पाए मौके पर बिजली विभाग के अधिकारियों को भी बुलाने की मांग कर रहे थे। डेढ़ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन को किसी तरीके से गोंडा नगर कोतवाली के एससीपीएम चौकी प्रभारी शिवम गुप्ता द्वारा बिजली अधिकारियों से बातचीत करके ग्रामीणों को जल्द बिजली आपूर्ति बहाल होने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने गोंडा-लखनऊ हाईवे पर से अपना धरना प्रदर्शन खत्म करके रात्रि 12:00 बजे अपने घरों की तरफ गए हैं।
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सारण में बाढ़ का दायरा बढ़ा, दो लाख से अधिक प्रभावित

Chapra, Bihar:सारण जिले में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नए इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के साथ ही प्रभावित लोगों की संख्या दो लाख के पार पहुंच गई है। मकेर के दो स्थान और पानापुर के भगवानपुर सरौजा में सारण बांध टूटने के बाद परसा, तरैया, मकेर और अमनौर प्रखंड के साथ ही पानापुर की 20 से अधिक पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, अब परसा नगर पंचायत में भी बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। शहर के निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। बाढ़ के बढ़ते दायरे के बीच लोगों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। परसा नगर पंचायत में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और लोगों की परेशानियों का जायजा लेने के लिए देखकर रिपोर्ट की गई खबर है।
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दवा व्यापारी के बेटे द्वारा हिंदू से मुस्लिम बनने के बाद बयान का वीडियो जारी,

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Shamli, Uttar Pradesh:शामली. स्लग:... दवा व्यापारी के बेटे द्वारा हिंदू से मुस्लिम बनने के बाद बयान का वीडियो जारी एंकर:- शामली जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र के सिटी के दवा व्यापारी के बेटे आयुष मलिक द्वारा हिन्दू से मुस्लिम बनाने प्रकरण में आयुष का अपने पिता पर कटाक्ष करते हुए वीडियो सामने आया है। आयुष मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। वीडियो में आयुष ने कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ है और वह ठीक है।ओर 5 दिन पहले माँ से बात हुई थी। प्रॉपर्टी आज भी उनकी और कल की भी उन्हीं की है। वीओ:- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दवा व्यापारी के देवराज सिंह मलिक के बेटे आयुष मलिक ने कहा कि करीब 5 दिन पहले उसकी अपनी माँ जी से भी बात हुई थी। आयुष ने कहा कि जिस तरह की बातें उसके बाबूजी बोल रहे हैं, उससे अलग-अलग शहरों में दंगा हो सकता है। वीडियो में आयुष ने अपनी प्रॉपर्टी को लेकर भी कहा कि प्रॉपर्टी उनकी कल भी थी और आज भी उनकी है। आयुष ने कहा कि अगर उसे किसी तरह की कोई दिक्कत होगी तो वह खुद पुलिस और मीडिया को इसकी जानकारी देगा। आयुष के इस वीडियो के सामने आने के बाद अब आयुष मलिक प्रकरण में नया मोड़ सामने आया है।
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दरभंगा में कब्रिस्तान जाने का रास्ता बंद, वैकल्पिक मार्ग से जनाजा पहुंचाया गया

Darbhanga, Bihar:कब्रिस्तान जाने का रास्ता बंद होने का वीडियो वायरल, पुलिस ने वैकल्पिक रास्ते से जनाजे को पहुंचाया, हिंदू पक्ष के लोगों पर रास्ता नहीं देने का आरोप, देश भर के मुस्लिम इस वीडियो को शेयर कर जता रहे आपत्ति, वीडियो पर SDPO ने रखा पक्ष कहा सरकारी रस्ता नहीं, मजिस्ट्रेट और पुलिस ने वैकल्पिक रास्ता निकाल करवाया, दरभंगा। सोनकी थाना क्षेत्र के मेकना बेदा गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि गांव में कब्रिस्तान तक जाने के रास्ते को लेकर विवाद की स्थिति बनी और हिंदू समाज के लोगों द्वारा रास्ते से जाने से मना किया गया। वीडियो के वायरल होने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। मामले की पुष्टि करते हुए सदर एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि घटना 29 सितंबर की है। गांव में एक व्यक्ति मोहम्मद आरिफ की मौत के बाद उसके जनाजे को कब्रिस्तान ले जाना था। जिस रास्ते से आमतौर पर जनाजा ले जाया जाता था, वह निजी रास्ता था। उस रास्ते पर कुछ घर और मंदिर का निर्माण हो जाने के कारण रास्ता बंद हो गया था। जिसे लेकर हिंदू पक्ष के द्वारा रास्ता बंद कर दिया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर जनाजे को कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया। एसडीपीओ ने बताया कि स्थिति को देखते हुए मौके पर किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए एसडीएम सदर और स्थानीय प्रशासन के स्तर से कब्रिस्तान तक जाने के लिए स्थायी रास्ते की व्यवस्था कराने की प्रक्रिया की जाएगी.
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273 किलोमीटर दंडवत यात्रा से बाबा श्याम के दरबार पहुंची रेणु हरिवंशी

Sikar, Rajasthan:लोकेशन श्रीमाधोपुर सीकर हरियाणा के सुबाणा गाँव की रेणु हरिवंशी इन दिनों दंडवत यात्रा पर हैं। 5 जुलाई को उन्होंने 273 किलोमीटर की पूरी यात्रा दंडवत करते हुए बिना गद्दे के पूरी करने का संकल्प लिया है। यह बाबा श्याम के प्रति उनकी दूसरी दंडवत यात्रा है; 2023 में उन्होंने 237 किलोमीटर की यात्रा 67 दिनों में पूरी की थी। वर्ष 2018 से उन्होंने अन्न त्याग कर रखा है और नारियल पानी से जीवन यापन कर रही हैं। पहले वह गुरुग्राम में एएनएम के रूप में नौकरी करती थीं और 2018 में नौकरी छोड़ दी थी। उनके पति सिद्धार्थ मल्हान सहकारी बैंक में क्लर्क हैं। उनका उद्देश्य जनकल्याण, गौ माता की रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा का संदेश फैलाना है, ताकि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिले। खान-पान और आराम की परवाह किए बिना वे दंडवत करते हुए प्रगति कर रही हैं, और इस बार लगभग 15 लोग उनके साथ चल रहे हैं। रात्रि में श्रीमाधोपुर बाईपास रोड पर उनका सम्मान किया गया, साफा, माला और दुपट्टा पहनाया गया। मंजिल अभी बाकी है, पर यह संकल्प की अगली कड़ी है। इसके बाद वे खाटूश्यामजी से सालासर के लिए पदयात्रा करेंगी और यह यात्रा नवरात्रों तक पूरे होने की उम्मीद है।
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