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DSDigvijay SinghFollow7 Jan 2025, 10:45 am
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बिहार MSME नीति-2026 लागू, एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

Patna, Bihar:बिहार MSME नीति-2026 लागू, एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य बिहार MSME नीति-2026 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिल गई है। इसका लक्ष्य पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाना और एक करोड़ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर और सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उद्यमियों को वित्त, बाजार, तकनीक और कौशल विकास में सहायता मिलेगी। बihar उद्यम पहचान संख्या, एकीकृत MSME पोर्टल, बिहार MSME निधि, ग्रोथ फंड और बिहार मार्ट के माध्यम से कारोबार को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति का उद्देश्य छोटे उद्योगों को मजबूत करना और राज्य में उद्यमिता व रोजगार बढ़ाना है। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के 49 हजार छात्रों को हॉस्टल सुविधा सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 49 हजार छात्र-छात्राओं के लिए निजी भवनों में हॉस्टल की व्यवस्था होगी। प्रति छात्र 1,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से इस पर सालाना 58.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बिहार में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 11,096 करोड़ मंजूर बिहार में बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से एलटी केबल बदले जाएंगे और ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 6,066 करोड़ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की अनुमति दी गई है। राज्य सरकार इसकी गारंटी देगी।
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ED ने टेंडर घोटाले में 6 IAS अधिकारियों को नोटिस भेजा; आनंद किशोर तलब

Patna, Bihar:Patna Breaking removed. टेंडर घोटाले में 6 IAS अधिकारियों को ED ने नोटिस भेजा है, आनंद किशोर भी तलब. मामला जेल में बंद रिशु श्री से जुड़ा है। इनमें आनंद किशोर, सुनील यादव, अभिलाष शर्मा, योगेश सागर, संतोष कुमार मल्ल और धर्मेंद्र कुमार शामिल है। अभिलाषा शर्मा और सुनील यादव से पूछताछ हो चुकी है। धर्मेंद्र कुमार से आज पूछताछ होगी. संतोष कुमार मल्ल को 29 अक्टूबर और आनंद किशोर को 30 अक्टूबर को बुलाया गया है। इस मामले में 15 अक्टूबर को पटना हाईकोर्ट ने रिशु श्री दायर याचिका पर सुनवाई की थी। कोर्ट ने ED को फटकार लगाई थी कोर्ट ने कहा था कि रिशु श्री केवल मोहरा है असली किंगपिन पर्दे के पीछे है। अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी। आनंद किशोर तत्कालीन प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग. मुन्नुख कुमार चौधरी के बयान के अनुसार, रिशुश्री आनंद किशोर को ‘भैया’ कहता था। मुमुक्षु की पोस्टिंग सीतामढ़ी और सहरसा में नगर आयुक्त के रूप में हुई थी। रिशुश्री की कंपनियों रिलायबल इंफ्रा और अर्बन एनवायरनमेंटल को बड़े टेंडर दिलाने तथा नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। अभिलाषा शर्मा तात्कालीन डीएम, सीतामढ़ी एवं अपर सीईओ, जीविका. अभिलाषा शर्मा को रिशुश्री की मौसेरी या चचेरी बहन बताया गया है। आरोप है कि रिशुश्री और मुमुक्षु ने उन्हें पांच जिलों में डीएम बनवाने के लिए पैरवी की। योगेश सागर, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको (बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन). आरोप है कि योगेश सागर जून 2024 में परिवार के छह सदस्यों के साथ ऑस्ट्रिया गए थे। इस यात्रा पर कुल 21.92 लाख रुपये खर्च हुए। इसमें से 17.65 लाख रुपये रिशुश्री के कर्मचारी साहिल सिन्हा और मेसर्स जेम्स इंजीनियरिंग द्वारा नकद चुकाए जाने का आरोप है। धर्मेंद्र कुमार, पूर्व प्रबंध निदेशक, BMSICL एवं तत्कालीन नगर आयुक्त, सासाराम. आरोप है कि बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड में अस्पताल भवनों के निर्माण से जुड़े ठेके में रिशुश्री के सिंडिकेट को लाभ पहुंचाया गया। बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और स्वच्छता उपकरणों की खरीद में रिशुश्री से जुड़ी कंपनियों तथा डमी कंपनियों को काम दिलाने का आरोप है। संतोष मल्ल, तत्कालीन सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग. आरोप है कि विभाग की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, ड्रेनेज और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं में पांच से सात प्रतिशत कमीशन का सिंडिकेट सक्रिय था। इस कथित सिंडिकेट को रोकने में विफल रहने और नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। बिल पास कराने के बदले घूस देने के लेनदेन का भी आरोप है। सुनील यादव, तत्कालीन नगर आयुक्त एवं विभागीय अधिकारी, नगर विकास. आरोप है कि नगरपालिकाओं और नगर परिषदों में कूड़ेदान, ई-गवर्नेंस गाड़ियों और सफाई उपकरणों की खरीद में जेम (GeM) पोर्टल के नियमों का उल्लंघन हुआ। चहेती कंपनियों को टेंडर दिलाने में भूमिका निभाने का आरोप है। रिशुश्री के डिजिटल लेजर में अधिकारियों को रिश्वत और उपहार देने से जुड़े लेनदेन दर्ज होने की बात कही गई है।
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बिहार कैबिनेट के 43 बड़े फैसले: उद्योग-योजनाओं की नई लहर

Patna, Bihar:बिहार कैबिनेट के 43 बड़े फैसले 1. किशनगंज में स्टार्च फैक्ट्री लगेगी किशनगंज के ठाकुरगंज स्थित गलगलिया चेक पोस्ट पर ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स लिमिटेड 88.62 करोड़ रुपये के निवेश से 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता की मेज स्टार्च इकाई लगाएगी। इससे 217 लोगों को रोजगार मिलेगा。 2. बिहार बायो-फ्यूल एवं CBG नीति-2026 कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट, शहरी कचरे और चीनी मिलों के अपशिष्ट से बायो-फ्यूल और कंप्रेस्ड बायो-गैस बनाने वाली परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उद्योग विभाग नोडल एजेंसी होगा。 3. छोटे कारोबारियों के विवादों का समाधान आसान होगा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 को मंजूर दी गई है। इससे भुगतान संबंधी समस्याओं और विवादों के समयबद्ध निपटारे में मदद मिलेगी। 4. दरभंगा और खगौल ग्रिड में नए ट्रांसफॉर्मर दरभंगा और पटना के खगौल ग्रिड उपकेंद्रों में 200-200 MVA के दो नए ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। 5. गोपालगंज में इथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बैकुंठपुर के राजापट्टी में वेस्टवेल बायोरिफाइनरीज की इथेनॉल इकाई की क्षमता 167.5 KLPD से बढ़ाकर 325 KLPD की जाएगी। इसके लिए 97.80 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 210 लोगों को रोजगार मिलेगा। 6. मुख्यमंत्री MSME क्लस्टर विकास योजना-2026 पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्प, हस्तकरघा और स्वयं सहायता समूहों को तकनीक, प्रशिक्षण, पैकेजिंग, बाजार और निर्यात में मदद मिलेगी। कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाए जाएंगे। 7. बिहार MSME नीति-2026 पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने और एक करोड़ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। प्रत्येक जिले में एक क्लस्टर और सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 8. बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 11,096.55 करोड़ अगले तीन वर्षों में एलटी केबल और ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 6,066 करोड़ और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 5,030.55 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था करेगी। राज्य सरकार इसकी गारंटी देगी। 9. बीज की गुणवत्ता और भंडारण पर 11.82 करोड़ वित्तीय वर्ष 2026-27 में बीज गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण और बीज अवसंरचना के निर्माण व आधुनिकीकरण पर करीब 11.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे。 10. बिहार राज्य खेल-2026 के लिए 12 करोड़ बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये देने की मंजूरी दी गई है। 11. तीन जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के पद मोतिहारी, पूर्णिया और सारण में नगर पुलिस अधीक्षक के तीन पद सृजित होंगे। कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 12 पदों को मंजूरी दी गई है। 12. भागलपुर में विधि-व्यवस्था के लिए दो SDPO पद भागलपुर में विधि-व्यवस्था के लिए SDPO-1 और SDPO-2 के पदों के पुनर्गठन और आवंटन को मंजूरी दी गई है। 13. आर्थिक अपराध इकाई में 143 नए पद बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की क्षेत्रीय इकाइयों के विस्तार और क्षमता बढ़ाने के लिए 143 पद सृजित होंगे। 14. फॉरेंसिक कार्यालय गृह विभाग के सीधे नियंत्रण में राज्य के फॉरेंसिक कार्यालय पुलिस नियंत्रण से अलग होकर गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में काम करेंगे। इसके लिए निदेशालय में निदेशक प्रमुख का स्थायी पद सृजित होगा। 15. नवादा में नई चीनी मिल लगेगी नवादा के वारिसलीगंज अंचल के मकनपुर में नई चीनी मिल और गन्ने के उप-उत्पादों पर आधारित इकाइयां स्थापित होंगी। इंडियन पोटाश लिमिटेड इन्हें स्थापित और संचालित करेगी। स्वीकृत परियोजना लागत का 40% वित्तीय सहायता के रूप में दिया जाएगा। 16. सोनपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार सोनपुर आयोजना क्षेत्र का विस्तार करने की मंजूरी दी गई है। 17. ग्रीनफील्ड टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगा प्रतिबंध हटाने को मंजूरी दी गई है。 18. तीन प्रमुख पथों के लिए 37.10 करोड़ विश्वामित्र पथ (बक्सर-आरा-मनेर), गंगा अंबिका पथ (बिदुपुर-दिघवारा) और नारायणी पथ (दरिहारा-डुमरिया घाट, गोपालगंज) के लिए सलाहकार सेवाएं लेने को 37.10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। 19. विश्वामित्र पथ के लिए 2.60 करोड़ 90 किमी लंबे विश्वामित्र पथ की DPR, भूमि अधिग्रहण और जरूरी वैधानिक व पर्यावरणीय मंजूरियां लेने के लिए सलाहकार सेवाओं पर 2.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे。 20. नारायणी पथ के लिए 2.10 करोड़ गोपालगंज के 73.51 किमी लंबे नारायणी पथ की DPR, भूमि अधिग्रहण और जरूरी मंजूरियों के लिए 2.10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं。 21. पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की स्टडी पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर विकसित करने की संभावना का अध्ययन करने के लिए 18.21 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है。 22. भागलपुर में 8.35 किमी सड़क चौड़ी होगी दीनदयाल उपाध्याय चौक से भवनपुरा तक सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 68.68 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है。 23. सुपौल-अररिया रेललाइन के लिए जमीन हस्तांतरण सुपौल जिले के पिपरा अंचल की 3.12725 एकड़ सरकारी जमीन रेल मंत्रालय को हस्तांतरित होगी। इसके लिए करीब 66.98 लाख रुपये भुगतान किए जाएंगे。 24. सुपौल-अररिया रेललाइन के लिए 21.48 एकड़ जमीन त्रिवेणीगंज और पिपरा अंचल की 21.48068 एकड़ सरकारी जमीन रेल मंत्रालय को हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए करीब 4.22 करोड़ रुपये भुगतान की मंजूरी दी गई है。 25. इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के 49 हजार छात्रों को हॉस्टल सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 49 हजार छात्र-छात्राओं के लिए निजी भवनों में हॉस्टल की व्यवस्था होगी। इस पर सालाना 58.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे。 26. WhatsApp पर मिलेंगी सरकारी सेवाओं की जानकारी बिहार में आम लोगों को सरकारी सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारी WhatsApp के जरिए मिलेगी। इसके लिए BSNL का चयन किया गया है और 2.34 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 27. बिहार AI पॉलिसी-2026 बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी गई है। 28. रोहतास में SIB कार्यालय के लिए जमीन सासाराम के बेलाडी में 28 डिसमिल सरकारी जमीन गृह मंत्रालय को स्थायी रूप से हस्तांतरित होगी। यहां SIB का कार्यालय और आवासीय परिसर बनाया जाएगा। इसके लिए 83 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। 29. पटना हाईकोर्ट के औषधालय में डॉक्टर का कार्यकाल बढ़ेगा डॉ. उमेश प्रधान का संविदा कार्यकाल 30 नवंबर 2026 को 70 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद अगले दो वर्षों के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। 30. सहरसा एयरस्ट्रिप पर उड़ान प्रशिक्षण केंद्र सहरसा एयरस्ट्रिप की 1,000 वर्ग मीटर जमीन GRD एयर एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड को उड़ान प्रशिक्षण और संबंधित गतिविधियों के लिए 30 साल की लीज पर दी जाएगी。 31. उड़ान योजना के लिए 43.50 करोड़ बिहार और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते के तहत उड़ान योजना के लिए मई 2026 से सितंबर 2028 तक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को मासिक 1.5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। कुल 43.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। 32. बिहार सूचना आयोग में नया पद बिहार सूचना आयोग में एक अतिरिक्त राज्य सूचना आयुक्त का पद अगले आदेश तक सृजित किया जाएगा। 33. बिहार सचिवालय सेवा नियमावली-2026 बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है। 34. बिहार प्रशासनिक सेवा के पदों का पुनर्गठन बिहार प्रशासनिक सेवा के विभिन्न ग्रेड के पदों का पुनर्गठन किया जाएगा। 35. मधुबनी में NDPS मामलों के लिए विशेष कोर्ट मधुबनी में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जल्द सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय बनेगा। इसके लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का एक पद सृजित होगा。 36. पटना में दो विशेष वाणिज्यिक न्यायालय एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के वाणिज्यिक विवादों के निपटारे के लिए पटना में दो विशेष वाणिज्यिक न्यायालय बनेंगे। इसके लिए जिला न्यायाधीश स्तर के दो पद सृजित होंगे。 37. मोतीपुर चीनी मिल की जमीन पर दूसरे उद्योग मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बंद चीनी मिल की 151.58 एकड़ जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित होगी। इस पर अन्य उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। 38. कोसी, गंडक और सोन के बाढ़ क्षेत्र का अध्ययन तीनों नदियों के फ्लड प्लेन जोन का अध्ययन राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की के साथ कराया जाएगा। इसके लिए करीब 1.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 39. बिहार के 24 बांधों की सुरक्षा जांच राज्य के 24 बांधों की सुरक्षा, गाद, डिजाइन फ्लड, आपातकालीन कार्ययोजना और रखरखाव का आकलन किया जाएगा। इसके लिए करीब 8.39 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 40. बांका में तेलडीहा मंदिर के पास चेक डैम और पाथवे बदुआ नदी के किनारे तेलडीहा दुर्गा मंदिर के पास चेक डैम और पाथवे बनाने के लिए 37.09 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है。 41. गृह विभाग में 20 नए पद प्रक्षेत्रीय व्यवस्था के पुनर्गठन के बाद कार्यालय के संचालन के लिए चार पद स्थानांतरित होंगे और विभिन्न श्रेणियों के 20 नए पद सृजित किए जाएंगे। 42. पशु आहार और औद्योगिक उत्पादन के लिए आयात पशु आहार बनाने में इस्तेमाल होने वाले छोआ और बायोडीजल व फॉर्मलडीहाइड बनाने के लिए मेथनॉल को राज्य के बाहर से आयात करने की मंजूरी दी गई है। 43. औद्योगिक इथेनॉल में 12 विकारक मिलाने की मंजूरी बिहार से बाहर औद्योगिक उपयोग के लिए भेजे जाने वाले इथेनॉल में भारतीय मानक IS 4117:2008 के अनुरूप 12 विकारक मिलाने की मंजूरी दी गई है।
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जयपुर के 2047 मास्टर प्लान के लिए ड्रोन सर्वे शुरू, MOU जल्द

Jaipur, Rajasthan:2810ZRJ_JPR_ABHISHEK_PTC_R Note- पैकेज के साथ जयपुर शहर और जेडीए भवन के फाइल विजुअल लगाए जा सकते हैं ---------========== जयपुर शहर के नए मास्टर प्लान को लेकर बड़ी खबर जेडीए की ओर से जल्द मौके पर काम किया जाएगा शुरू नया मास्टर प्लान-2047 के लिए काम किया जाएगा शुरू नए मास्टर प्लान के लिए जेडीए कराएगा शहर का सर्वे सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से जयपुर का कराया जाएगा सर्वे इसके लिए जेडीए व सर्वे ऑफ इंडिया के बीच होगा एमओयू एमओयू के बाद सर्वे ऑफ इंडिया शुरू करेगा ड्रोन सर्वे ड्रोन सर्वे में विभिन्न भागों में मौजूदा भू उपयोग किया जाएगा पता भौतिक सत्यापन के बाद बनाया जाएगा शहर का बेस मैप बेस मैप तैयार करने तक हो जाएगा 40 फीसदी काम पूरा नया मास्टर प्लान बनाने का 40 फीसदी काम हो जाएगा पूरा जेडीए ने तीन साल पहले नए मास्टर प्लान की कवायद की शुरू लेकिन नहीं पहुंच पाई अंजाम तक,अब की जा रही ठोस शुरूआत एंकर- वर्ष 2047 की आवश्यकता के अनुसार जयपुर शहर के नियोजित विकास के लिए जिम्मेदार एजेंसी जेडीए के पास फिलहाल कोई प्लानिंग नहीं हैं। प्लानिंग आखिर होगी भी कैसे? क्योंकि मौजूदा मास्टर प्लान पहले ही अप्रासंगिक हो चुका है और जो नया मास्टर प्लान बनना था उसका काम तो पहले ही भारी लेटलतीफी का शिकार है, लेकिन अब जाकर मामले में ठोस शुरूआत की गई है,क्या है पूरा मामला जानने के लिए देखें जी मीडिया की ये एक्सक्लुसिव खबर वीओ- जयपुर शहर का मौजूदा मास्टर प्लान वर्ष 2011 में 6 सितंबर को लागू किया गया था। इस मास्टर प्लान की वैधता पिछले वर्ष 5 सितंबर तक ही थी। यह मास्टर प्लान वर्ष 2025 तक की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। हालांकि इस मास्टर प्लान की वैधता समाप्त होने के दो वर्ष पूर्व जेडीए की ओर से नया मास्टर प्लान बनाने के लिए निविदा जारी करने का काम शुरू कर दिया था। इसके बावजूद मास्टर प्लान बनाने का काम आज तक शुरू नहीं हो पाया और जेडीए को शहर की आवश्यकता के लिए अप्रासंगिक हो चुके मौजूदा मास्टर प्लान से ही काम चलाना पड़ रहा है। जीएफएक्स इन वर्ष 2023 में जेडीए ने पहली बार निविदा जारी की थी इसके बाद दूसरी बार फिर तीसरी बार निविदा जारी की कभी दर अधिक आने तो कभी एकल निविदा आने के चलते निविदा निरस्त करनी पड़ी तीसरी बार जारी की गई निविदा की अवधि को बार-बार बढ़ाया गया लेकिन स्कोप ऑफ वर्क में बदलाव के चलते तीसरी बार जारी निविदा को भी निरस्त कर दिया गया इसी बीच नया मास्टर प्लान तैयार नहीं होने के चलते जेडीए ने मौजूदा मास्टर प्लान की अवधि बढ़ाई मौजूदा मास्टर प्लान की वैधता अवधि 5 सितंबर 2025 से बढ़ाकर 5 सितंबर 2027 कर दी गई है इसके बाद इस वर्ष फरवरी में राज्य सरकार ने अपनी स्तर पर एक स्वतंत्र समिति का गठन किया विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी सात महीने में दो बैठक हुई कमेटी ने नए मास्टर प्लान के लिए जयपुर शहर का सर्वे कराने की जिम्मेदारी जेडीए को दे दी और बाद में सरकार ने इस कमेटी का गठन निरस्त कर दिया लेकिन अब तक भी मास्टर प्लान तैयार करने के लिए काम शुरू नहीं हो पाया है ऐसे में यह तय है कि मौजूदा मास्टर प्लान को 5 सितंबर 2029 तक बढ़ाया जा सकता है जीएफएक्स आउट वीओ- जयपुर शहर का नया मास्टर प्लान वर्ष 2047 की आवश्यकता के अनुसार बनाया जाना है। इस नए मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की कमेटी की ओर से दिए जाने पर जेडीए ने इस दिशा में ठोस शुरूआत कर दी है। आपको बताते हैं कि यह शुरूआत क्या है और आखिर क्यों शहर का नया मास्टर प्लान बनाया जाना जरूरी है जीएफएक्स आउट -जेडीए की ओर से भारत सरकार के भारतीय सर्वेक्षण विभाग (सर्वे ऑफ इंडिया) नए मास्टर प्लान के लिए सर्वे का काम करेगा -इसके लिए जेडीए और सर्वे ऑफ इंडिया के बीच जल्द ही एमओयू हस्ताक्षरित किया जाएगा -जेडीए ने एमओयू का प्रारूप मंजूरी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया को भेज दिया है -सर्वे ऑफ इंडिया ने इस प्रारूप को मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेज दिया है -एमओयू हस्ताक्षरित होने के बाद सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से छह महीने में सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा -सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से पहले शहर का ड्रोन सर्वे कराया जाएगा -इस सर्वे में शहर के विभिन्न भागों के मौजूदा भू उपयोग का पता लगाया जाएगा -यह सर्वे जेडीए रीजन के कुल करीब 6 हजार वर्ग किलोमीटर में से करीब 4 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया जाएगा -इस ड्रोन सर्वे से प्राप्त भू उपयोग की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाएगा -इसके बाद पूरे जयपुर शहर का एक बेसमैप तैयार किया जाएगा -बेस मैप तैयार होने तक नए मास्टर प्लान बनाने का करीब 40 फीसदी काम पूरा काम हो जाएगा -इसके बाद मास्टर प्लान बनाने का शेष काम किस तरह पूरा किया जाएगा -इसको लेकर जेडीए की ओर से राज्य सरकार से मार्गदर्शन लिया जाएगा -बेस मैप तैयार करने के बाद वर्ष 2047 तक की शहर की आवश्यकता के अनुसार नए sire से भू उपयोग के प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे -शहर में कहां सिटी पार्क,बड़ा अस्पताल,विश्वविद्यालय,खेल का मैदान,हरित क्षेत्र, -औद्योगिक क्षेत्र,व्यावसायिक क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र होना चाहिए,इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे -इसी तरह सड़कों का नेटवर्क तैयार करने के लिए सेक्टर सड़कें भी प्रस्तावित की जाएंगी -शहर का मौजूदा मास्टर प्लान एक निर्धारित अवधि तक की आवश्यकताओं के लिए तैयार किया गया था -शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है -साथ ही जेडीए रीजन भी 3 हजार वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 6 हजार वर्ग किलोमीटर हो गया है -इसके चलते वर्ष 2047 तक की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए नया मास्टर प्लान लागू किया जाना जरूरी है -जेडीए में साल भर पहले शामिल नए 3 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके में कोई मास्टर प्लान लागू नहीं हैं -इसलिए इस बड़े और विस्तृत क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए भी नया मास्टर प्लान लागू किया जाना जरूरी है जीएफएक्स आउट क्लोजिंग पीटीसी --------------------------------------------------------------------------- -- ABHISHEK SHRIVASTAVA SENIOR PRINCIPAL CORRESPONDENT ZEE RAJASTHAN NEWS JAIPUR CONTACT-919829234284
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कैबिनेट के बाद सुवेंदु अधिकारी बोले दुर्गा-छठ समेत त्योहारों की सुरक्षा की तैयारी

Noida, Uttar Pradesh:HOWRAH (WEST BENGAL) CHIEF MINISTER SUVENDU ADHIKARI ADDRESSES PRESS CONFERENCE AFTER CABINET MEETING\n\nहावड़ा, पश्चिम बंगाल: सुवेंदु अधिकारी कहते हैं, \"आने वाले दिनों में, एक महीने के भीतर काली पूजा, छठ पूजा और जगद्धात्री पूजा सहित कई बड़े त्योहार मनाए जाएंगे। सरकार ने सुरक्षा और तैयारियों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं... सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार, जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे...\"\n\n\"पिछली कैबिनेट बैठक में, दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को ग्रुप D की स्थायी नौकरी देने का फैसला लिया गया है... पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खाते से 30 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर की जा रही है...\"
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