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Sanjay Kumar SharmaSanjay Kumar SharmaFollow31 Oct 2024, 05:44 am
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हिसार रोडवेज डिपो में धरना जारी, 3 करोड़ ACP लाभ बकाया

Hisar, Haryana:हिसार रोडवेज डिपो में महाप्रबंधक (GM) की कार्यप्रणाली और पिछले पांच महीनों से लंबित मांगों के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। 'हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन सांझा मोर्चा' के बैनर तले डिपो प्रांगण में हुई गेट मीटिंग में सैकड़ों कर्मचारियों ने जीएम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि 29 अप्रैल को सौंपे गए 15 सूत्रीय मांगपत्र में से एलटीसी, मेडिकल बिल, शिक्षा भत्ता, रात्रि भत्ता और एसीपी (ACP) जैसे मुख्य लाभ अब तक अटके हुए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अभी भी हिसार और हांसी में लगभग 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का जो एसीपी का लाभ मिलना है, वह बकाया है। जीएम द्वारा एक महीने का अतिरिक्त समय मांगने के प्रस्ताव को मोर्चा खारिज कर चुका है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक लंबित फाइलों का निपटारा नहीं होता, धरना खत्म नहीं होगा और मांगें न मानी जाने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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ज्ञानेश कुमार के आदेशों पर देश भर में चुनाव रद्द करने और गिरफ्तारी मांग

ARAarti RaiJust now
Noida, Uttar Pradesh:DELHI :ARVIND KEJRIWAL (AAP NATIONAL CONVENOR) PRESS CONFERENCE KEJRIWAL --दोबारा 3 साल पुरानी लिस्ट को बहाली किया जाए SIR PROCESS SHOULD BE CANCELLED GYANESH KUMAR MUST BE ARRESTED राष्ट्रद्रोह का मुक़दमा चलाया जाए ERO की एक्सेस बंद कर दी गई और चुनाव के पास पुरे देश का वोटर लिस्ट एक्सेस है EC के सभी आदेश गैर क़ानूनी है चुनाव आयुक्तों ने ज्ञानेश उम्र पर सवाल उठाये ये लोक तंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है ज्ञानेश कुमार अकेले आदेश देते जा रहे है इनमें से कोई अकेला व्यक्ति निर्णय नहीं ले सकता मुख्य चुनाव आयुक्त मीटिंग्स की अध्यक्षता करता है लेकिन उसके पास कोई अधिकार नहीं है अभी तक देश में लोग सुना करते थे कि मोदी और शाह वोटों की चोरी करके चुनाव जीत रहे हैं। आज इंडियन एक्सप्रेस ने साबित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की साफ रुलिंग है कि चुनाव आयोग कोई एक व्यक्ति नहीं है। तीनों आयुक्त की सर्वसम्मति से फैसला लिया जाना चाहिए। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं। आयुक्त सुखबीर सिंह संधु ने अन्य आयुक्त जोशी ने मुख्य आयुक्त को लिखा कि बिना बैठक के सर्कुलर जारी किए जा रहे हैं। आदेश जारी किए जा रहे हैं। ये आदेश और सर्कुलर गैर कानूनी और असंवैधानिक हैं। SIR में 30 राज्यों में 13 करोड़ के लोगों के वोट काट दिए गए। वो वापस हो। चुनाव रद्द हो। AERO को अधिकार होता है। सही वोटर को जोड़ने और ग़लत को काटने का काम कर सकता है। लेकिन उनका एक्सेस ही नहीं है। संविधान के तहत मिली पावर को छीन लिया गया। इससे बड़ा घोटाला नहीं हो सकता। आजादी की लडाई किस लिए लड़ी गई थी। पिछले 2/3 सालों में वोटर लिस्ट में जितने बदलाव किए गए हैं उनको ख़ारिज कर, 3 साल पुराने वोटर लिस्ट को वापस लाया जाए। हम मांग करते हैं कि SIR को वापस लिया जाए। पुरानी वोटर लिस्ट लाई जाए। सभी चुनाव रद्द हो। मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई हो। ये आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है, हम जन आंदोलन करेंगे हम मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार कर मुकदमा चलाया जाए। सभी चुनावों को रद्द किया जाए
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आजमगढ़ हत्याकांड: आरोपी अरविंद मुठभेड़ में मारा गया; पांच की मौत

JPJai PalJust now
Varanasi, Uttar Pradesh:आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की बेरहमी से हत्या करने वाला मुख्य आरोपी अरविंद पुलिस मुठभेड़ में ढेर। आरोपी ने 3 मासूम बच्चों को भी बंधक बना रखा था, जिन्हें बचाते हुए पुलिस कमांडो कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घर में कराए जा रहे महामृत्युंजय जाप से नाराज होकर आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। इस दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड और एनकाउंटर के बाद से क्षेत्र में भारी दहशत और हड़कंप का माहौल है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वारदात वाले घर के गेट और आसपास अभी भी खून के खौफनाक धब्बे साफ दिखाई दे रहे हैं। मौके पर अभी भी भारी संख्या में पुलिस बल और कई थानों की फोर्स तैनात है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। नरसंहार में जान गंवाने वाले सभी 5 लोगों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिनकी रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। पुलिस की एक टीम आरोपी अरविंद की मां और बहन को पूछताछ और शवों की पहचान के सिलसिले में पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंची है। मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक और क्राइम ब्रांच की टीमें बारीकी से मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
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महाराजगंज पुलिस ने 110 खोए मोबाइल बरामद, कीमत लगभग 27 लाख

Maharajganj, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले की पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद से गुमशुदा और खोए हुए 110 मोबाइल बरामद किया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 26 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने आज बरामद 110 मोबाइल को उनके असली स्वामियों को सुपुर्द किए। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि CEIR पोर्टल सर्विलांस टीम ने एक विशेष अभियान के तहत IMEI नंबर आधारित ट्रैकिंग, आधुनिक तकनीकी संसाधनों और गहन निगरानी का उपयोग कर विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोनों को बरामद किया गया है। अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों ने महाराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि बीते पांच महीने में 628 मोबाइल बरामद किया गया है जो अलग अलग राज्यों और जनपदों से मंगाए गए हैं और उनके असली ओनर को दिए गए हैं। इन 628 बरामद मोबाइलों जिनकी अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपए है। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं उन्होंने बरामद टीम को ₹25000 इनाम भी दिए हैं।
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भिवंडी के रोशन बाग में रिक्षा से 17 छात्रों की जोखिमभरी यात्रा, वीडियो वायरल

Thane, Maharashtra:भिवंडी शहरातील रोशन बाग परिसरात रिक्षातून तब्बल 17 शाळकरी विद्यार्थ्यांना कोंबून नेल्याचा धक्कादायक प्रकार समोर आला असून, या घटनेचा व्हिडिओ सोशल मीडियावर व्हायरल झाला आहे. भिवंडीच्या रोशन बाग परिसरात हा प्रकार घडला. एका रिक्षा चालकाने क्षमतेपेक्षा जास्त तब्बल 17 शाळकरी विद्यार्थ्यांना एकाच रिक्षामध्ये कोंबून वाहतूक केल्याचे व्हिडिओमध्ये स्पष्टपणे दिसत आहे. ही धोकादायक वाहतूक एका सजग नागरिकाने आपल्या मोबाईलमध्ये कैद करून सोशल मीडियावर व्हायरल केली. भिवंडी शहरात वाहतूक पोलिसांकडून विविध वाहनांवर कारवाई केली जात असली, तरी शाळकरी विद्यार्थ्यांची अशा प्रकारे जीवघेणी वाहतूक करणाऱ्यांकडे दुर्लक्ष होत असल्याचा आरोप नागरिक करत आहेत. लहान मुलांचा जीव धोक्यात घालणाऱ्या या रिक्षा चालकावर वाहतूक पोलीस प्रशासन कारवाई करणार का, असा सवाल आता उपस्थित केला जात आहे. विद्यार्थ्यांच्या सुरक्षेच्या दृष्टीने अशा बेकायदेशीर आणि धोकादायक वाहतकीवर तातडीने कारवाई करावी, अशी मागणी पालक आणि नागरिकांकडून होत आहे.
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उदयपुर की बंद खदानें बन गई मौत के गड्ढे, खनन विभाग पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:हैडर- - बंद खदानें या मौत के कुंए! - उदयपुर में हादसे ने खड़े किए गंभीर सवाल - पैराडाइस खदान में हादसा या लापरवाही - आखिर खान विभाग ने क्यों बंद नहीं कराई खदान - माइन क्लोजर एवं रिक्लेमेशन पॉलिसी पर सवाल - उदयपुर ही नहीं, कई जिलों में हैं मौत की खदानें एंकर राज्य में कई ऐसी खदानें हैं, जो मिनरल निकाले जाने के बाद ऐसे ही खुली छोड़ दी गई हैं। कई जगहों पर इनमें बारिश का पानी भर गया है। हद तो यह है कि कई जगह इन्हें टूरिस्ट स्पॉट की तरह प्रचारित किया जाता है। ऐसे ही एक मामले में उदयपुर में एक खदान में भरे पानी में डूबने से एक छात्रा की मौत हो गई। इस हादसे ने खान विभाग की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य में बंद और लावारिस पड़ी खदानें अब जानलेवा गड्ढों में बदलती जा रही हैं। उदयपुर के गोवर्धन विलास क्षेत्र की बंद पैराडाइज खदान में एक हादसे ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां बीएन कॉलेज की 19 वर्षीय एनसीसी कैडेट वैभवी राजोरा की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद खान विभाग की माइन क्लोजर एवं रिक्लेमेशन पॉलिसी पर सवाल उठ रहे हैं। विभागीय नियमों के अनुसार बंद खदानों की सुरक्षा, जमीन का पुनर्भर्भरण और पर्यावरणीय सुधार की जिम्मेदारी तय है, लेकिन मौके पर इन प्रावधानों की पालना नहीं हो रही है। दरअसल माइनर मिनरल कन्सेशन रूल्स-2017 और राजस्थान मिनरल पॉलिसी के तहत खदान संचालकों के लिए खदान का पुनर्भरण यानी रिक्लेमेशन करना अनिवार्य है। खदान बंद करने से पहले फाइनल माइन क्लोजर प्लान स्वीकृत कराया जाना जरूरी है। इसका उद्देश्य खनन के बाद जमीन को सुरक्षित बनाना और उसे दोबारा उपयोग योग्य स्थिति में लाना है। लेकिन राज्य में कई जिलों में खदानों को खुली स्थिति में ही छोड़ा जा रहा है। मिनरल निकाले जाने के बाद न तो माइन क्लोजर प्लान पेश किए जा रहे हैं, न ही धरातल पर खदानें बंद की जा रही हैं। Gfx In बंद खदानों को लेकर क्या हैं नियम ? - क्लोजर प्लान के तहत खुले गड्ढों को सुरक्षित वाटर बॉडी में बदलने का प्रावधान - 30 डिग्री से कम की सुरक्षित ढलान देकर ही यह बदलाव किया जा सकता - खतरनाक रास्तों को बंद करने या फेंस करने का भी नियम - ताकि लोग अनजाने में खदान क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें - सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रिक्लेम की गई जमीन पर घास और पेड़ लगाएं - ताकि जमीन पशुओं और पर्यावरण के अनुकूल बन सके - रिक्लेमेशन का काम पूरा होने के बाद जमीन ग्राम पंचायत को सौंपने का प्रावधान - माइन क्लोजर व्यवस्था में फाइनेंशियल एश्योरेंस का भी है प्रावधान - जिसमें खदान संचालक से सुरक्षा राशि जमा कराई जाती है, - ताकि संचालक यदि निर्धारित सुरक्षा और सुधार कार्य नहीं करता है... - तो सरकार उस राशि से जरूरी सुधार कार्य करा सके Gfx Out वीओ- 2 खान विभाग से जुड़े सूत्राें के अनुसार राजस्थान में 1 हजार से ज्यादा खदानें बंद स्थिति में पड़ी हुई हैं। इनमें से कुछ में मिनरल अभी भी बचे हुए हैं, ऐसे में इन खदानों को फिर से शुरू करने की भी संभावना है। लेकिन जो खदानें पूरी तरह बंद हैं और जिनमें खनिज की मात्रा भी नहीं है, उनके क्लोजर प्लान पेश नहीं करने की वजह से हादसों की आशंका बनी रहती है। वहीं खान विभाग ऐसी कुछ खदानों को फिर से शुरू करने के प्रयास में हैं, जिनमें खनिज बाकी हैं। इसके लिए खान निदेशालय और राज्य सरकार के स्तर से प्रयास जारी हैं। लेकिन जिन खदानों के शुरू होने की संभावना नहीं है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक बंद किया जाना चाहिए। जिससे कि भविष्य में इन खदानों में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति नहीं हो। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर
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