icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

76 साल बाद भी खोंगिया नदी पर पुल नहीं; ग्रामीणों की आवाज़ बुलंद

Hazaribagh, Jharkhand:देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, परंतु विष्णुगढ़ प्रखंड के सूदुरवर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत करगालों के पिपरातिलहा के ग्रामीण इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर है, यहां के स्थानीय ग्रामीण खोंगिया नदी में डूबकर जाने को मजबूर है, डेढ़ सौ से अधिक घनी आबादी के बीच यह टोला है. खोंगिया नदी से पार होकर पिपरातिलहा टोला के अलावे जारवाटाड, महुआटाड, कोंडरागड्ढा के ग्रामीणों को आना जाना पड़ता है. विकास की खोल पोल खोल — 76 वर्ष बीत गए पर इस नदी पर कोई पुल अभी तक नहीं बनाया गया है. यह मामला तब उजागर हुआ जब एक व्यक्ति अपने कंधों में अपने बच्चों को लेकर नदी पार कर रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में यह भी बताया गया है कि यहां के स्थानीय कई विधायक और सांसद हुए लेकिन इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि यहां के तत्कालीन मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो को लिखित आवेदन दिया गया, इसके पहले कई बार पूर्व मांडू विधायक को लिखित आवेदन दिया गया है. इसके बावजूद भी अभी तक पुल या पुलिया नहीं बनाया गया है. बरसात में हालत और भी बिगड़ जाती है. यहां के ग्रामीणों को बरसात में बदतर जीवन जीने को मजबूर तो है ही, कंधे तक पानी में डूबकर उस पार जाना खतरे से कम नहीं है. सबसे ज्यादा परेशानी उन गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में होती है; इसके अलावे उन छोटे-छोटे बच्चों को होती है जब पढ़ाई करने उसे नदी में अपने परिजन के कंधे में सवार होकर विद्यालय जाना पड़ता है. इस खोंगिया नदी पर पुल बन जाने से बगल से गुजरे पिच रोड का संपर्क जुड़ जाएगा जिससे ग्रामीणों को एक तरफ सारूकुंदर, फाराचांच, मडमों, गाल्होवार, पैक तो दूसरे तरफ बनासो विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय जुड़ जाएगा, जिससे हमारे गांव के लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी और हमारी जरूरतों की भी पूर्ति हो सकेगी.
0
0
Report

पुनपुन नदी के उफान से अरवल में बाढ़, बंशी थाना परिसर पानी में डूबा

Makhdun pur Kabir, Bihar:पुनपुन नदी के जलस्तर के बढ़ने से अरवल में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बंशी सूर्यपुर, कुर्था और करपी प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं और सैकड़ों गांवों में पानी फैलने से सड़कें व संपर्क मार्ग डूब गए हैं। शादीपुर गांव में करीब एक सप्ताह से पानी जमा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वातावारण बाढ़ की गम्भीर स्थिति के बावजूद राहत और बचाव कार्य तेजी नहीं दिखा रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि बंशी थाना परिसर भी घुटने भर पानी में डूबा है; पुलिसकर्मी और फरियादी इसी पानी से होकर आना-जाना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने नाव, राहत सामग्री, पेयजल और सामुदायिक रसोई की तात्कालिक व्यवस्था कराने की मांग की है। बाढ़ की स्थिति से कई गांवों में जनजीवन प्रभावित है; खेत और संपर्क सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने में कठिनाई हो रही है, भोजन और पीने के पानी की कमी है, और प्रशासन से प्रभावित इलाकों में नाव भेजने तथा सामुदायिक रसोई शुरू कराने की मांग उठी है। पत्रिका के अनुसार बंशी थाना क्षेत्र के दर्जनों गांव प्रभावित हैं और थाना परिसर में पानी प्रवेश कर गया है; इससे आने-जाने में लोगों को कठिनाई हो रही है。
0
0
Report
Advertisement

योगी सरकार का राहत तंत्र: बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान और राहत किट जारी

Noida, Uttar Pradesh:बाढ़ प्रभावितों की मदद में योगी सरकार का राहत तंत्र मुस्तैद, 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गुरुवार को भी 26 बाढ़ प्रभावित जिलों में पहुंचाई गई मदद, प्रशासन की सक्रियता से कोई जन व पशुहानि नहीं 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय, शरणालयों में 4,847 लोगों को आश्रय प्रभावितों तक पहुंच रही हरसंभव मदद, 72 हजार से ज्यादा राहत किट और 3.67 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित राहत से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक व्यापक इंतजाम, अब तक 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट का वितरण लखनऊ, 4 सितंबर। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव अभियान लगातार युद्धस्तर पर जारी है। उत्तर प्रदेश बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक गुरुवार को प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर रहा। करीब 3.53 लाख आबादी प्रभावित होने के बावजूद राहत एवं बचाव तंत्र की सक्रियता से अब तक कोई जन या पशु हानि नहीं दर्ज की गई है।प्रभावितों को 72,897 बाढ़ राहत किट और 3.67 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। अभी 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। प्रदेश में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। 1 हजार से ज्यादा मेडिकल टीमें सक्रिय राहत और बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 1,634 बाढ़ चौकियां, 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ जरूरतमंद लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा रही है। राहत सामग्री वितरण में भी तेजी योगी सरकार के राहत अभियान में प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचाने पर विशेष जोर है। अब तक 72,897 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए 5 हजार क्विंटल से अधिक भूसा वितरित किया जा चुका है। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ से 45 हजार से अधिक पशु प्रभावित हैं, लेकिन अभी तक किसी पशु की मृत्यु नहीं हुई है। इसी तरह जनहानि की भी कोई सूचना नहीं मिली है। बॉक्स प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिले अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।
0
0
Report

ब्रेकिंग: दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के प्रदूषण पर 24x7 निगरानी, 334 टीमें तैनात

New Delhi, Delhi:ब्रेकिंग- दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने की तैयारी तेज, 78 सब-डिविजनल और 256 वार्ड स्तर की टीमें 24x7 करेंगे निगरानी दिल्ली-एनसीआर में आगामी सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने प्रवर्तन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण उपायों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा समेत दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक प्रदूषण नियंत्रण, IEC गतिविधियों और प्रमुख प्रदूषण स्रोतों पर कार्रवाई की समीक्षा की गई। दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए 24x7 जमीनी निगरानी और त्वरित प्रवर्तन की रणनीति तैयार की है। 78 सब-डिविजनल टीमें होंगी तैनात दिल्ली की 39 उप-मंडलियों में कुल 78 समर्पित टीमें तैनात की जाएंगी। हर सब-डिविजन में दो टीमें होंगी, जिनका नेतृत्व DPCC के AEE/JE स्तर के अधिकारी करेंगे। टीमें दिन-रात निरीक्षण कर पराली/बायोमास जलाने, निर्माण कार्य से होने वाले धूल प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, गैर-अनुमोदित ईंधन के इस्तेमाल और C&D वेस्ट/कचरे की अवैध डंपिंग पर कार्रवाई करेंगी। 256 वार्ड स्तर की टीमें भी निगरानी करेंगी स्थानीय स्तर पर निगरानी के लिए 256 वार्ड-स्तरीय टीमें तैनात होंगी। इनमें MCD क्षेत्रों के लिए 250, NDMC के लिए 4 और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के लिए 2 टीमें शामिल हैं। ये टीमें 24x7 स्थानीय प्रदूषण स्रोतों की पहचान करेंगी और उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करेंगी। 48 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान दिल्ली के 48 नॉन-कन्फॉर्मिंग प्रदूषण हॉटस्पॉट में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारियों की सीधी निगरानी में इन क्षेत्रों में प्रदूषणकारी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इन हॉटस्पॉट की सूची संबंधित जिलाधिकारियों को कार्रवाई के लिए उपलब्ध करा दी गई है। अनधिकृत औद्योगिक इकाइयां रडार पर गैर-औद्योगिक क्षेत्रों में चल रही अनधिकृत प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेटल कास्टिंग, पाउडर कोटिंग, बफिंग-पॉलिशिंग, प्लास्टिक वेस्ट रिसाइक्लिंग, स्प्रे पेंटिंग, डेंटिंग-पेंटिंग और हीट-ट्रीटमेंट जैसी गतिविधियां निगरानी के दायरे में रहेंगी। गैर-अनुमोदित ईंधन का इस्तेमाल करने वाली इकाइयों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। जींस रंगाई-धुलाई, एनोडाइजिंग, पिकलिंग, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और फॉस्फेटिंग जैसी जल प्रदूषणकारी औद्योगिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। डस्ट पोर्टल, DG सेट और सड़कों की भी निगरानी निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों को डस्ट पोर्टल के दायरे में लाने की निगरानी की जाएगी। DG सेट के संबंध में CAQM के निर्देश संख्या 76 के अनुपालन की जांच होगी। C&D वेस्ट के सेकेंडरी स्टोरेज सेंटरों का निरीक्षण किया जाएगा। कच्ची/बिना पक्की सड़कों और बड़े गड्ढों वाली सड़कों की पहचान कर संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। ग्रीन दिल्ली ऐप और 311 ऐप से मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस सर्दी में दिल्ली सरकार का फोकस सक्रिय, सघन और जमीनी स्तर की कार्रवाई पर रहेगा। उन्होंने कहा कि टीमें चौबीसों घंटे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करेंगी और उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, DPCC, जिलाधिकारियों और नगर निकायों को सर्दियों के पूरे मौसम में लगातार निगरानी और बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी के नागरिकों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है।
0
0
Report
Advertisement

बेगूसराय के मनीष कुमार की शहादत पर तिरंगा यात्रा, ग्रामीण शोक में डूबे

Begusarai, Bihar:जितेन्द्र कुमार बेगूसराय एंकर, बेगूसराय के लाल और बीएसएफ जवान मनीष कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां करीब दो दिनों तक वेंटिलेटर पर उनका इलाज चला। लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।शहीद मनीष कुमार सिंह का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर बेगूसराय के रतनपुर स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचा तो पूरा इलाका गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।वीर सपूत के सम्मान में रतनपुर से तिरंगा यात्रा भी निकाली गई, जो हर-हर महादेव चौक पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए और "शहीद मनीष कुमार अमर रहें" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। तस्वीरें बेगूसराय के रतनपुर की हैं।जहां आज हर आंख नम है और हर दिल में अपने वीर सपूत को खोने का गम है।तिरंगे में लिपटा मनीष कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक घर पहुंचा, लोगों की आंखें नम हो गईं। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और वीर जवान को श्रद्धांजलि दी।मनीष कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बीएसएफ जवान के रूप में देश की सीमा की सुरक्षा में तैनात थे। परिजनों के मुताबिक करीब चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मनीष की शहादत की खबर जैसे ही रतनपुर स्थित उनके घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के अनुसार, मनीष कुमार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाई थी। परिवार का दावा है कि उन्होंने देश की सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील अभियानों में जिम्मेदारी निभाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी को हमेशा प्राथमिकता दी।परिजनों ने यह भी बताया कि मनीष के शरीर पर गोली लगने के पुराने निशान थे। परिवार के मुताबिक सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तैनाती के दौरान उन्होंने कई बार जोखिम उठाया था।रतनपुर के लोगों के बीच मनीष कुमार एक खुशमिजाज, मिलनसार और सरल स्वभाव के जवान के तौर पर जाने जाते थे। छुट्टी में जब भी घर आते थे, ग्रामीणों से आत्मीयता से मिलते और उनका हालचाल लेते थे।यही वजह है कि मनीष की शहादत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि मनीष सिर्फ अपने परिवार का बेटा नहीं, बल्कि पूरे रतनपुर और बेगूसराय का गौरव थे।शहीद के सम्मान में निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और जुबां पर वीर सपूत के सम्मान के नारे थे।शहीद मनीष कुमार अमर रहें भारत माता की जय के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।आज रतनपुर ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई दी है, लेकिन मनीष कुमार की देशभक्ति और उनकी शहादत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी।
0
0
Report

पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा, राहत व्यवस्थाएं तेज

Noida, Uttar Pradesh:पटना में गंगा समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ी चिंता ये है कि आपदा प्रबंधन विभाग के आज के पूर्वानुमान के मुताबिक गंगा आज अपने Highest Flood Level यानी HFL को पार कर सकती है। ऐसे में आज का दिन खासकर पटना के लिए बेहद अहम रहने वाला है. संभावित बाढ़ को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने दीघा घाट पर राहत शिविर तैयार किया है। यहां विस्थापित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन, शुद्ध पेयजल और शौचालय की व्यवस्था है। मवेशियों के लिए अलग शेड भी बनाए गए हैं। वहीं, लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पटना जिले में 66 निशुल्क नावें तैनात की गई हैं। इसके अलावा संवेदनशील घाटों पर SDRF की मोटरबोट भी तैनात हैं। अथमलगोला, बख्तियारपुर, बाढ़, दानापुर, फतुहा, मनेर, पाटलिपुत्र और पुनपुन इलाके में ये नावें उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा SDRF की मोटरबोट भी कई संवेदनशील घाटों पर तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया जा सके。
0
0
Report
Advertisement

जमुई के कमली जोर आहर बांध धंसने से किसान चिंतित, मरम्मत की मांग

Jamui, Bihar:जमुई सोनो प्रखंड क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के तहत सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर खर्च की गई लाखों रुपये की राशि के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोनो प्रखंड के थम्हन गांव स्थित कमली जोर आहर बांध की स्थिति पहली ही बड़ी बारिश में खराब हो गई है। लघु सिंचाई विभाग के द्वारा करीब 24 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2025 में तैयार कराए गए इस बांध का लगभग आधा हिस्सा धंस गया है। बांध की मिट्टी लगातार खिसकने से आसपास के किसानों में चिंता बढ़ गई है। लिहाजा विभाग के अधिकारियों ने भी कार्रवाई की बात कही है और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद आहर में पानी का स्तर बढ़ गया, जिसके दबाव में बांध का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। स्थिति ऐसी है कि मिट्टी के लगातार कटाव के कारण बांध के और हिस्से के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है। यदि बांध टूटता है तो इसका पानी आसपास के खेतों में फैल सकता है। इससे करीब 10 एकड़ में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। एक साल में ही निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि बांध का निर्माण पिछले वर्ष ही पूरा कराया गया था। इसके बावजूद पहली ही बारिश में बांध के बड़े हिस्से का धंसना निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया गया या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। ग्रामीण रोकेश कुमार, दुर्गन यादव, रंजीत कुमार, पंकज साह, बनारसी कुमार, मुन्ना कुमार और रूपेश कुमार सहित अन्य लोगों ने कहा कि समय रहते बांध की मरम्मत नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जांच के साथ तत्काल मरम्मत की मांग किसानों ने संबंधित विभाग से क्षतिग्रस्त हिस्से की अविलंब मरम्मत कराने के साथ पूरे बांध की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पानी का दबाव बना हुआ है, लिहाजा ग्रामीण किसी बड़ी क्षति से पहले प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं। जमुई लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है कल से ही हम लोगों ने काम लगा दिया गया है और जल्द बंद को ठीक कर लिया जाएगा और जांच के बाद अगर संवेदक की लापरवाही सामने आएगी तो उनके ऊपर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report
Advertisement

बहरोड़ थाने के स्वागत कक्ष से तीन आरोपी फरार, पुलिस महकमे में हड़कंप

Jaipur, Rajasthan:बहरोड़ कोतवाली थाना के स्वागत कक्ष में चोरी के मामले में हिरासत में लिए गए तीन आरोपियों के जंगले की लोहे की जाली उखाड़कर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के अनुसार गुरुवार को सिलेंडर चोरी के मामले में दो युवकों सहित तीन लोगों को शांति भंग के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद तीनों को रात के समय कोतवाली थाने के स्वागत कक्ष में ताला लगाकर रखा गया था। 9 बजे आरोपियों ने स्वागत कक्ष के जंगले की लोहे की जाली को उखाड़ दिया और वहां से फरार हो गए। आरोपियों के फरार होने की जानकारी मिलते ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी। इसके साथ ही आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों ने दबिश दी। देर रात तक फरार आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका था। घटना को लेकर थाना अधिकारी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो अधिकारियों ने मामले में कुछ भी बताने से बचते रहे। थाने के स्वागत कक्ष से आरोपियों के फरार होने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top