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दुमका के उपायुक्त ने मसلیا प्रखंड के निरीक्षण में सुधार निर्देश दिए

Dumka, Jharkhand:ANCHOR :- दुमका उपायुक्त ने अचानक मसलिया प्रखंड का निरिक्षण करने पहुंचे। जहाँ उपायुक्त के साथ साथ अधिकारी की टीम ने  मसलिया प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया और एफसीआई गोदाम का भी जांच किया इसके अलावा एक पंचायत सचिवालय को बंद पाया तो कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश उपायुक्त ने दे दिया । निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने  छात्राओं से बातचीत कर भोजन, आवास, बेड एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। स्मार्ट क्लास के उपयोग पर छात्राओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। उपायुक्त ने छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति जागरूक करते हुए शिक्षकों को इस विषय में जानकारी उपलब्ध कराने तथा 12वीं कक्षा की छात्राओं के लिए करियर काउंसलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कंप्यूटर लैब, साइंस लैब एवं किचन का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने एफसीआई गोदाम, मसलिया का निरीक्षण किया। उन्होंने रैंडम रूप से चावल की गुणवत्ता की जांच की तथा गोदाम प्रभारी से राशन उपलब्धता की विस्तृत जानकारी ली। गोदाम में बारिश का पानी चुने की समस्या पाए जाने पर उसे अविलंब दूर करने का निर्देश दिया। साथ ही सीसीटीवी कक्ष एवं स्टॉक रजिस्टर की जांच के दौरान अद्यतन अभिलेख नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की।इसके  बाद उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय, मसलिया का निरीक्षण किया तथा वहां उपस्थित आम नागरिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली एवं संबंधित पदाधिकारियों को शीघр समाधान का निर्देश दिया।उपायुक्त ने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ योग्य लाभुकों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।मसलिया जाने के क्रम में उपायुक्त ने जामा प्रखंड के छैलापाथर पंचायत सचिवालय का औचक निरीक्षण किया, जहां कोई भी कर्मी उपस्थित नहीं पाए गए। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने संबंधित कर्मियों के वेतन को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया।
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रतलाम: फोरलेन मुआवजे पर किसानों का धरना, बाजार दर से फैसला मांग

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में चिंतामणि मालवीय कलेक्टरेट के बाहर सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ आलोट क्षेत्र के 8 गांवों के किसान भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए। यह आंदोलन जावरा से उज्जैन बनने जा रहे फोरलेन प्रोजेक्ट में अधिग्रहित हो रही किसानों की जमीन के उचित मुआवजे को लेकर किया गया। किसानों का कहना है कि उन्हें मात्र 2 से ढाई लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि क्षेत्र में जमीन का बाजार मूल्य 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक है। विधायक मालवीय ने प्रशासन से मांग की कि मुआवजा बाजार दर के अनुसार तय किया जाए, अन्यथा किसान आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे। विधायक चिंतामणी मालवीय ने कहा की हमारी मांग प्रशासन से हैं सरकार का कोई विरोध नाही हैं सरकार चल रही तो चले, लेकीन गूंगे बहरे नेतृत्व का कोई काम नही हैं हम किसानो बात तो रखेंगे, उन्होंने यही भी क़हा की इस विषय को लेकर फिलहाल सीएम से कोई चर्चा नाही की हैं धरने के दौरान विधायक का आक्रोश भी देखने को मिला। उन्होंने कलेक्टर को बाहर आकर किसानों की बात सुनने के लिए कहा और चेतावनी दी कि यदि 5 मिनट में कलेक्टर नहीं आए तो आंदोलन उग्र होगा। इसके बाद कलेक्टर बाहर पहुंचे और किसानों की मांगों को सुना। लेकीन इस प्रदर्शन को लेकर चर्चा से बाजार गर्म हैं की अपनी सरकार मे विधायक को ही कलेक्टरेट की सीढ़ियों पर धरना देना पड़े प्रदर्शन करना पड़ेगा, तो आम जन की सुनवाई सावलो के घेरे मे हैं
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नव नियुक्त सभासदों ने ली शपथ,दिग्गज रहे मौजूद

Nugpur, Uttar Pradesh:जलालपुर तहसील सभागार में शासन द्वारा नामित सभासदों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय और उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में एसडीएम राहुल गुप्ता ने नवनियुक्त मनोनीत सभासदों-आशाराम मौर्या, सुरेश गुप्ता, विकास कुमार सोनकर, रामवृक्ष भार्गव एवं गौरव उपाध्याय-को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं ने नवनियुक्त सभासदों का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। मुख्य अतिथि पूर्व जिलाध्यक्ष मिथिलेश त्रिपाठी, राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामप्रकाश यादव, पालिकाध्यक्ष खुर्शीदजहाँ, जिला मंत्री चन्द्रिका प्रसाद, वरिष्ठ नेता राम किशोर राजभर, संजीव मिश्र, डॉ. शिवपुजन वर्मा, सीओ अनूप कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि एवं मीडियाप्रभारी विकाश निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही जनप्रतिनिधियों की असली पहचान है। उन्होंने सभासदों से जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नगर के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मानिक चंद सोनी, सभासद बेचन पांडे, अनुज सोनकर, लालचंद, शीतल सोनी, अजीत निषाद, विक्की गौतम, दिलीप यादव, अरुण मिश्र, राधेश्याम शुक्ल समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।
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मेवात के तबलीगी जलसे में लाखों श्रद्धालु, 125 साल का इतिहास

Shadipur, Haryana:मेवात में 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक चलने वाले 125 वर्ष पुराना है तबलीगी जलसे का इतिहास, मेवात के अड़बड़ गांव में तबलीगी जलसे का इतिहास करीब 125 साल पुराना है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तरह मजहबी जलसे की शुरुआत भी यहीं से हुई थी, जिसके चलते मेवात का तबलीग से खास और ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है. नूंह के अड़बर गांव में 4 से 6 अप्रैल तक बड़े स्तर पर तबलीगी जलसे का आयोजन किया गया है इस दौरान हजरत मौलाना साद इस जलसे में शामिल हुए, हजरत मौलाना साद के पहुंचने के बाद जलसा इंतजामिया कमेटी की मीटिंग बुलाई जाती है जिसमें पूरे प्रोग्राम का इंतजाम किस तरह और कैसे होगा इस पर बातचीत हुई 3 दिन तक चलने वाले जलसे में मेवाती नहीं पूरे हिंदुस्तान से लाखों लोग शिरकत करते हैं सबसे बड़ी बात इस जलसे की यह है कि यहां पर किसी प्रशस्विक मदद के बिना बहुत सुकून और तरीके से यहां के लोग खुद हर चीज का इंतजाम करते हैं चाहे वह खाने पीने का हो आने-जाने का हो रुकने का हो हर तरह का इंतजाम खुद किया जाता है जहां की बात करें तो मेवात के अड़बड़ गांव की जमीनों पर इस जलसे का इंतजाम किया जाता है जो तकरीबन 5 किलोमीटर के अंदर का रेडियस होता है जिसमें रहने खाने पीने से लेकर हर तरह का इंतजाम यहां की इंतजाम या कमेटी खुद करती है। इस पूरे जल से की खास बात यह है कि गांव के लोग इस जलसे की वजह से अपने जमीनों पर रुकने वाली फसल को जल्दी काट लेते हैं ताकि जलसे में किसी तरह की दिक्कत ना हो पाए। और अपने-अपने खेत बराबर करके वहीं पर टेंट और खाने-पीने का इंतजाम किया जाता है
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ATS ने राम विहार के लोकेश को गिरफ्तार किया; अन्य सहयोगी कार्रवाई जारी

Noida, Uttar Pradesh:लोकेश और पप्पल पंडित छपरौला के राम विहार में रहत था. यहाँ पर बेलदारी का काम करता था कि घर मकान बनाते समय ईट ढोने का काम करता था ऐसा मोहल्ले वाले और घरवाले बता रहे हैं लेकिन ATS ने उसे मार्च महीने की 28 तारीख़ को देश विरोधी गतिविधियों के चलते गिरफ़्तार किया है लोकेश को उसके एक साथी विकास के अलावा और शाकेब और डेविड के साथ साथ अरबाब नाम के व्यक्ति के साथ गिरफ़्तार किया गया 2 लोगों की गिरफ़्तारी छपरौला से और बाक़ी की गिरफ़्तारी मेरठ से हुई है ATS के मुताबिक़ लोकेश पप्पल, विकास और बाक़ी साथी अपने संगठित नेटवर्क के ज़रिए पाकिस्तान में बैठे अपने आका को देश से इस इलाक़े से जुड़े महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों संस्थानों की जानकारी देते थे गूगल और इंस्टाग्राम के ज़रिए वो आदेश लेते थे इसके अलावा ये लोग तमाम नेताओं तमाम बड़े कार्यक्रमों की रेकी करके उसकी जानकारी भी इंस्टाग्राम के ज़रिए अपने आकाओं तक पहुँचाते थे इसके लिए उन्हें QR कोड के ज़रिए पाकिस्तान से पेमेंट किया जाता था ऐसा ATS का आरोप है हालाँकि घर वाले और मोहल्ले वाले उसका बचाव करते नज़र आ रहा है
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STF ने लोकेश उर्फ पप्पल को किया गिरफ्तार, मोहल्ले में निर्दोष बताया गया

Chhapraula, Uttar Pradesh:STF द्वारा पकड़े गए लोकेश उर्फ़ पप्पल के मोहल्ले वाले उसे सीधा साधा निर्दोष बता रहे हैं उसे घर में उसका भाई लकी शर्मा पिता रोहताश शर्मा और माँ है. लोकेश की माँ मानसिक रूप से विक्षिप्त है. दौरे पड़ते हैं कूल्हे की हड्डी टूट चुकी है. पिता रोहतास एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे लेकिन एक्सीडेंट के बाद नौकरी छोड़ पड़ी. घर पर ही है बड़ा भाई बेलदारी का काम करता है और घर का ख़र्चा वही चलाता है उसके घर की हालत ठीक नहीं दिखती है. मोहल्ले वालों का कहना है कि उसके घर को देखकर ऐसा नहीं लगता कि उसके पास पैसा है
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SC ने तलाक देकर 61 मुकदमे खत्म कर दिए

Noida, Uttar Pradesh:पति पत्नी ने 10 साल में किए 61 मुकदमें, SC ने तलाक दिलाकर एक झटके में सारे केस खत्म किए सुप्रीम कोर्ट ने लंबे वक्त से चले आ रहे वैवाहिक विवाद को खत्म करते हुए पति पत्नी को तलाक़ दिलवाया। यह केस इसलिए दिलचस्प था कि पिछले 10 सालों में पति पत्नी ने एक दूसरे पर 61 मुकदमें दायर किए थे। ये मुकदमें निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मे लंबित थे। सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए न केवल पति पत्नी को तलाक़ दिलवाया बल्कि सभी 61 केस को भी रद्द कर दिया। कोर्ट के सामने मामला क्या था जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच के सामने जिज़ दम्पति का मामला लंबित थी, उनकी शादी 1994 में हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच रिश्ता सामान्य था लेकिन बाद में मतभेद गहराने लगे। दोनो ने एक दूसरे के खिलाफ घरेलू हिंसा, अपराधिक शिकायत, अवमानना याचिका, सिविल केस के तौर पर निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कई केस डाल दिए। SC ने समझौता कराया सुप्रीम कोर्ट में यह केस अवमानना याचिका के रूप में पहुंचा। तब तक दोनों दंपति एक दूसरे के खिलाफ 61 केस डाल चुके थे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट इस नतीज़े पर पहुंचा कि पति-पत्नी के बीच संबंध पूरी तरह टूट चुके हैं। दोनों के बीच लंबे वक़्त से चल रही कानूनी लड़ाई का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल रहा जिसके चलते दोनो दोनों पक्ष मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे है। इसी के मद्देनजर कोर्ट ने मामले को समझौते के जरिए खत्म करने की कोशिश की। दोनों पक्ष राजी हुए जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान इस मामले में कई सुनवाई की।बेंच ने सुनवाई के दौरान कई बार दोनों पक्षों से बातचीत कराई और समझौते की संभावना तलाशने की कोशिश की। अंत के दोनों पक्ष समझौते की शर्तों के साथ तलाक़ के लिए सहमत हो गए। समझौते की शर्त कोर्ट में दोनों पक्षों ओर से किए गए समझौते में तय हुआ कि पति पत्नी को 1 करोड़ का एक मुश्त गुजारा भत्ता राशि देगा।पति को लोनावला में स्थित एक प्रॉपर्टी में अपना हिस्सा पत्नी को गिफ्ट डीड के जरिए देना होगा। कोर्टने आदेश दिया कि कोर्ट में जमा 90 लाख की राशि पत्नी को जारी की जाए। 61 मुकदमों का क्या हुआ सुप्रीम कोर्ट ने न केवल पति पत्नी को तलाक दिलाया बल्कि उनके बीच विभिन्न अदालतों में चल रहे चल रहे 61 मुकदमों को एक साथ खत्म कर दिया।ये मुकदमे निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में पेंडिंग थे। कोर्ट ने पिछले 10 सालों के दौरान इन दोनों की ओर से दायर मुकदमों में सभी कोर्ट की ओर से दिए आदेश को भी रद्द कर दिया ताकि आगे कोई दावे या विवाद की गुंजाइश न बचे। आगे कोई मुकदमा नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में साफ किया है कि दोनों पक्ष भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ नया मुकदमा दायर नहीं करेंगे।अगर दोनों पक्ष कोई शिकायत करते भी है, तो उसे कानूनी रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा ताकि फिर से कोई विवाद शुरू न हो。
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हिंदी: जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट; यात्रा परामर्श लागू

Chaka, कश्मीर और लेह में पश्चिमी विक्षोभों की एक श्रृंखला के कारण मौसम में आई अचानक तब्दीली ने सामान्य जनजीवन को बाधित कर दिया है। पिछले 24 घंटे से लगातार मैदानी इलाकों में बारिश और पार्वती इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है और भविश्वनी के मुताबिक अगले 24 घंटों तक मौसम एसा ही बना रहेगा। इससे जहाँ आम जनता परेशानी hυी तो किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने हिमस्खलन और भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की तो प्रशासन ने सभी जिलों में अलर्ट जारी किया। जम्मू और कश्मीर में मौसम की गंभीर और अनिश्चित स्थितियां बनी हुई हैं, जहां भारी बारिश और बर्फबारी पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। अधिकारियों ने एक यात्रा परामर्श जारी किया है, जिसमें स्थानीय लोगों और पर्यटकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया गया है। कई सड़कें जलमग्न और फिसलन भरी हो गई हैं, जबकि ऊंचे इलाकों में ताजी बर्फबारी हो रही है, जिससे कई जगहों को बंद करना पड़ा है। मौसम का यह अनिश्चित मिजाज 10 अप्रैल तक जारी रहने की उम्मीद है। मैदानी इलाकों में भारी बारिश की उच्च संभावना है (श्रीनगर में 83% संभावना) और ऊंचे इलाकों में ताजी बर्फबारी हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की भी संभावना है। मौसम के दूसरे और अधिक तीव्र दौर के आने का अनुमान है, जिससे क्षेत्र के कई हिस्सों में एक बार फिर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। उम्मीद है कि स्थितियां सामान्य हो जाएंगी, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का एक छोटा और हल्का दौर अभी भी संभव है। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर, विशेष रूप से रामबन सेक्टर में, चट्टानें गिरने और भूस्खलन का खतरा बहुत अधिक रहता है। ज़ोजिला, सिंथन टॉप, मुगल रोड और राजदान दर्रे सहित ऊंचे इलाकों के दर्रों पर भारी बर्फ जमा हो गई है, जिसके कारण उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। अधिकारियों ने कुलगाम, कुपवाड़ा, गांदरबल और अनंतनाग जैसे जिलों के ऊंचे इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक (30% तक) है। IMD श्रीनगर और लेह ने अनुमान लगाया है कि जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में भारी बारिश और बर्फबारी जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 10 अप्रैल, 2026 तक इस क्षेत्र को प्रभावित करते रहेंगे। इसके साथ ही, अधिकारियों ने एक यात्रा परामर्श भी जारी किया है, जिसमें निवासियों और पर्यटकों से इसका पालन करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, आज से लेकर 7-10 अप्रैल तक तापमान में धीरे-धीरे 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। IMD ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि वे बारिश के सक्रिय दौर के दौरान खेती से जुड़े सभी काम—जैसे छिड़काव, बुवाई और खाद डालना—रोक दें, ताकि फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
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बालाघाट गैस वितरण अब कोतवाली थाने के घेरे में, सुरक्षा व्यवस्था लागू

Balaghat, Madhya Pradesh:अफवाह-कालाबाजारी गैंग ने बिगाड़ी व्यवस्था तो एमपी के बालाघाट में थाना कोतवाली से एलपीजी गैस वितरण- गैस कालाबाजारी गैंग से निपटने के लिए बालाघाट पुलिस थाने से एलपीजी गैस का वितरण... बालाघाट में गैस पर पहरा अब थाना कोतवाली से हो रहा गैस वितरण... मध्यपूर्व (मिडिल ईस्ट) में छिड़े युद्ध की भयावहता अब स्थानीय स्तर पर भी महसूस की जाने लगी है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस आपूर्ति की कतारें लंबी हो गई हैं और उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब देने लगा है। जिले में गैस वितरण को लेकर बढ़ते विवादों और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बालाघाट पुलिस प्रशासन ने शहर में एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर में गैस सिलेंडरों का वितरण एजेंसियों के बजाय सीधे कोतवाली थाने के सुरक्षित घेरे में किया जा रहा है। हाल ही में गैस एजेंसियों पर उमड़ने वाली अनियंत्रित भीड़ और वहां होने वाली धक्का-मुक्की की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। चूँकि शहर के हर कोने और हर एजेंसी पर अलग से पुलिस बल तैनात करना संभव नहीं था, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली थाने को ही मुख्य वितरण केंद्र में तब्दील कर दिया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वितरण की यह पुलिसीया व्यवस्था कितने दिनों तक लागू रहेगी! फिलहाल प्रशासन अब शांतिपूर्ण ढंग से आपूर्ति बहाल करने की कोशिशों में जुटा है। बाइट - मनोज दास (एलपीजी गैस उपभोक्ता) बाइट- रिदम नारंगशर (एलपीजी गैस उपभोक्ता) बाइट- कामेश धूमकेति (थाना प्रभारी कोतवाली बालाघाट)
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हरियाणा मंत्री ने अंबाला कैंट मंडी दौरे में 48 घण्टे में भुगतान का आश्वासन दिया

Ambala, Haryana:एंकर :-- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अंबाला कैंट मंडी का दौरा किया और अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान कृषि मंत्री ने समय से उठान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए तो वहीं किसानों को उठान के 48 घण्टे बाद पेमेंट की बात कही। मौसम से किसानों ने फसल को नुकसान की बात कही है तो वहीं कृषि मंत्री ने इसे सिरे नकार दिया। वीओ :-- हरियाणा की मंडियों में गेंहू की आवक शुरू हो गयी है। हालांकि आवक अभी मौसम की वजह से आवक धीमी है। लेकिन किसानों को दिक्कत न आए इसको लेकर कृषि मंत्री प्रदेशभर की मंडियों में स्थिति का जायजा ले रहे हैं और किसानों व आढ़तियों की समस्या जान रहे हैं। किसानों व आढ़तियों को फसल खरीद सीजन के दौरान दिक्कत न आए इसको लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे हैं। आज अंबाला कैंट अनाज मंडी में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने दौरा किया और मंडी व्यवस्था का जायजा ले किसानों के लिए लागू किये गए नए नियम से फसल खरीदने के निर्देश दिये और कहा मंडी में फसल उठान में दिक्कत न आए इसका विशेष ख्याल रखा जाए। बाइट :-- श्याम सिंह राणा - कृषि मंत्री। वीओ :-- वहीं किसानों ने नए नियम को लेकर समय बर्बाद होने की बात कही है। जिस पर कृषि मंत्री ने कहा वे समस्या जानने ही आए हैं अगर कोई समस्या आएगी तो उसे ठीक भी किया जाएगा। बाइट :-- श्याम सिंह राणा - कृषि मंत्री। वीओ :-- फसलों के समय व उठान व किसानो को समय से भुगतान के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। किसानो को दिक्कत नही आएगी। फसल उठान के 48 घण्टे बाद किसानों को फसल का भुगतान मिल जाएगा। बाइट :-- श्याम सिंह राणा - कृषि मंत्री। वीओ :-- अंबाला समेत कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर भी किसानों में चिंता थी। इस पर कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सीधी बारिश से फसल को उतना नुकसान नहीं होता, जितना तेज हवा और ओलावृष्टि से होता है। कृषि मंत्री ने कहा मौसम में जो ठंडक और नमी आई है, वह असल में फसल के लिए फायदेमंद है। बिना हवा के होने वाली बारिश से फसल की पैदावार बढ़ती है। इस बार की बारिश से प्रति क्विंटन आदि वृद्धि की उम्मीद है। नुकसान केवल वहां होता है जहां ओले गिरे हों या तेज आंधी से फसल गिर गई हो। बाइट :-- श्याम सिंह राणा - कृषि मंत्री।
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दिल्ली में गैस संकट जारी, बुकिंग के बावजूद गैस नहीं मिल पा रही

Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में गैस की किल्लत लगातार बनी हुई है. गैस की बुकिंग टाइम होने के बावजूद भी लोगों को गैस नहीं मिल पा रहा है तो वहीं बाजार में गैस की कमी होने के कारण कई होटल कई रेस्टोरेंट और खाने-पीने की रेहड़ी-पटरी भी बंद हो रहा है. वही गैस की कमी के कारण मजदूर वर्ग अब दिल्ली और दूसरे शहरों से पलायन करते हुए दिखाई दे रहे हैं जो अब अपने गांव के तरफ रुख कर रहे हैं क्योंकि गैस की कमी और जब गैस मिल रहा है तो उसकी कीमत ज्यादा होने की वजह से मजदूर वर्गों के लिए परेशानी का सबक बन रहा है इसलिए वह अपने घर जाना ज्यादा इस वक्त पसंद कर रहे हैं.
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