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Satpal GargSatpal GargFollow16 Apr 2025, 04:19 pm

Patiala - पंजाब सरकार ने ओपीडी समय में बदलाव से गर्मी में राहत देने का किया वादा

Patran, Punjab:

पंजाब सरकार द्वारा गर्मी के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए सरकारी अस्पतालों के ओपीडी समय में बदलाव किया गया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेगी। यह नई व्यवस्था आज से लागू हो गई है और इससे मरीजों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।आज कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पातड़ां का दौरा कर वहां की स्थिति का जायज़ा लिया गया। इस दौरान सभी डॉक्टर और स्टाफ अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे।इस मौके पर सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया, “गर्मी के मौसम में मरीजों को सुबह जल्दी उपचार मिलने से काफी सुविधा होगी। 

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कोटपूतली के सीताराम बड़ा मंदिर में साधु रामानंद दास की धूनी तपस्या जारी

AYAmit YadavJust now
Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली जिले के भीतर स्थित सीताराम बड़ा मंदिर ट्रस्ट में पिछले दो महीनों से साधु रामानंद दास महाराज लोक-कल्याण और विश्व शांति के लिए अत्यंत कठिन धूनी तपस्या में लीन हैं। दुपहरी के खौलते तापमान में चारों ओर अग्नि के बीच भीषण तपती दुपहरी में वे प्रतिदिन दोपहर के समय लगातार 3 घंटे तक इस कठोर साधना को अंजाम देते हैं। तपस्या की विधि इतनी कठिन है कि महाराज के चारों तरफ उपलों से अग्नि प्रज्वलित की जाती है और वे धधकती आग के बीच बैठकर ईश्वर की आराधना करते हैं। आसमान से बरसती आग और चारों तरफ जल रही धूनी के बीच यह साधना उनकी अटूट श्रद्धा और संकल्प को दर्शाती है। बड़ा मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह धूनी तपस्या हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बसंत पंचमी के पावन पर्व से प्रारंभ होती है जो अनवरत रूप से पिछले दो महीनों से जारी है। इस कठिन साधना का समापन आगामी 25 मई के दिन गंगा दशमी के शुभ अवसर पर होगा। साधु-संतों द्वारा इस प्रकार की हठयोग और धूनी तपस्या अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि, मानव जाति के कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से की जाती है। हर साल मंदिर परिसर में साधु-संतों के सान्निध्य में इस परंपरा का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया जाता है जिसे देखने और महाराज का आशीर्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
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गोरखपुर के नुआंव गांव के बच्चों ने ट्रॉली से बना दिया देसी स्विमिंग पूल वायरल

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में भीषण गर्मी और बिजली की आंख मिचौली से परेशान कुछ बच्चों ने राहत पाने के लिए ऐसा देसी जुगाड़ लगाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गोला ब्लॉक के नुआंव गांव में बच्चों ने ट्रॉली में प्लास्टिक बिछाकर उसे स्विमिंग पूल में बदल दिया और फिर घंटों पानी में मस्ती करते रहे। गर्मी से राहत पाने का यह अनोखा तरीका अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। VO- प्रदेश में पड़ रही प्रचंड गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। गोरखपुर में तेज धूप और लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पंखे, कूलर और एसी भी बिजली की आंख मिचौली के चलते बेअसर साबित हो रहे हैं। इसी बीच गोला ब्लॉक के नुआंव गांव के बच्चों ने गर्मी से राहत पाने के लिए अनोखा देसी जुगाड़ निकाल लिया। बच्चों ने खेत में इस्तेमाल होने वाली ट्रॉली में प्लास्टिक की बड़ी पन्नी बिछाई और उसमें मोटर से पानी भरकर उसे अस्थायी स्विमिंग पूल बना दिया। इसके बाद क्या था… वहां नहाने के लिए गांव के बच्चों की भीड़ लग गई। भीषण गर्मी से परेशान बच्चे घंटों पानी में बैठकर नहाते और मस्ती करते नजर आए। बच्चों का कहना है कि बिजली की कटौती और उमस भरी गर्मी के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया था, इसलिए उन्होंने यह तरीका अपनाया। ट्रॉली में पानी भरने के बाद काफी राहत महसूस हो रही है और अब गांव के दूसरे बच्चे भी यहां आकर गर्मी से अपना बचाव कर रहे हैं। देशी स्विमिंग पूल बनाने वाले बच्चों का कहना है कि बहुत गर्मी पड़ रही है और बिजली भी नहीं रहती। इसलिए हमने ट्रॉली में प्लास्टिक बिछाकर पानी भर दिया। इसमें बैठने से गर्मी कम लग रही है और मजा भी आ रहा है। ग्रामीण इलाकों में संसाधनों की कमी के बीच बच्चों का यह देसी स्विमिंग पूल अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग बच्चों के इस अनोखे जुगाड़ की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे गर्मी और बिजली व्यवस्था की बदहाल तस्वीर भी बता रहे हैं। फिलहाल नुआंव गांव का यह “देसी स्विमिंग पूल” इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। “भीषण गर्मी और बिजली कटौती के बीच गोरखपुर के नुआंव गांव के बच्चों ने राहत पाने के लिए ट्रॉली को ही स्विमिंग पूल में बदल दिया। बच्चों का यह देसी जुगाड़ अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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अयोध्या में भीषण गर्मी: हीट वेव से लोग परेशान, अस्पतालों में वार्ड तैयार

Ayodhya, Uttar Pradesh:रामनगरी अयोध्या में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जनपद का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जिला अस्पताल में हीट वेव ट्रीटमेंट वार्ड बनाकर बेड आरक्षित किए गए हैं, वहीं श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह जल प्याऊ और ओआरएस की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन लोगों से सावधानी बरतने और तेज धूप से बचने की अपील कर रहा है। अयोध्या में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि घर से निकलते समय पर्याप्त मात्रा में पानी साथ रखें, नियमित रूप से ओआरएस का सेवन करें और सिर को टोपी, गमछे या कैप से ढककर रखें। उन्होंने कहा कि फुल आस्तीन और हल्के रंग के कपड़े पहनना भी जरूरी है ताकि शरीर को तेज धूप से बचाया जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रामनगरी में विभिन्न स्थानों पर जल प्याऊ लगाए गए हैं और लोगों को ओआरएस भी वितरित किया जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर राजेश सिंह ने बताया कि अस्पताल में विशेष हीट वेव ट्रीटमेंट वार्ड बनाया गया है, जहां मरीजों के लिए बेडआरक्षित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
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कालपी के पुराने यमुना पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही फिर बंद, डायवर्जन लागू

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कालपी में कानपुर और झांसी को जोड़ने वाले ऐतिहासिक पुराने यमुना पुल पर एक बार फिर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, यहां पुल की बीयरिंग में तकनीकी मरम्मत कार्य शुरू होने के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तत्काल प्रभाव से डायवर्जन व्यवस्था लागू की है। अब ट्रक और बस जैसे भारी वाहन दुर्गा मंदिर चौराहे से नए पुल की ओर मोड़े जाएंगे, जबकि कार और अन्य छोटे चार पहिया वाहन पुराने पुल से ही गुजरेंगे। करीब पांच दशक पुराने इस पुल से रोजाना करीब 10 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इनमें मुंबई, गुजरात, मध्य प्रदेश, कानपुर और लखनऊ रूट से आने-जाने वाले ट्रक, बसें और अन्य वाहन शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक पुल की मरम्मत का कार्य लंबा चल सकता है, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए भारी वाहनों का संचालन बंद किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चौरा और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जिस मार्ग से भारी वाहनों को नए पुल की ओर भेजा जाएगा, उसी रास्ते बालू घाट के ट्रक भी गुजरते हैं। ऐसे में जाम की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है। जिलाधिकारীর चेतावनी है कि अगर जाम की स्थिति बनी तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। INSPECTORATE के अनुसार उपजिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर डायवर्जन व्यवस्था का निरीक्षण किया और नगर सीमा से कानपुर सीमा तक पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
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खैरागढ़ में इन्दिरा कला-संगीत विश्वविद्यालय का नाम राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला-संगीत विश्वविद्यालय रखा गया

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का नाम अब बदलकर राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय किया जाएगा। राज्य शासन ने नाम परिवर्तन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत, खैरागढ़ राजपरिवार के योगदान और कला-संगीत संरक्षण की परंपरा को स्थायी सम्मान देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति के सुझाव पर कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा की पहल से पूरी प्रक्रिया पूरी हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नया नाम संस्थापक राजपरिवार की दानशीलता और कला शिक्षा के प्रति उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा。
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भिवाड़ी में फिल्मी अंदाज की लूट का आरोपी घर के परिचित निकला, CCTV से पकड़

Bagheri Kalan, Rajasthan:भिवाड़ी में 18 मई को आशियाना तरंग सोसाइटी में हुई फिल्मी स्टाइल लूट की वारदात का police ने 72 घंटे में खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को बापर्दा गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात ये है कि आरोपी कोई बाहरी बदमाश नहीं बल्कि पीड़ित शुभम सक्सेना के पास काम करने वाला युवक ही निकला, जिसे घर की पूरी जानकारी थी। उसे ये पता था कि शुभम सक्सेना कब घर से बाहर जाते हैं और कब घर में महिला और बच्चा अकेले रहते हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाकर आरोपी ने पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात से पहले कई क्राइम सीरियल और फिल्में देखीं और उन्हीं से सीखकर फिल्मी अंदाज में लूट की साजिश रची। आरोपी ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया। घटना के दौरान उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इतना ही नहीं कुछ किलोमीटर तक अलग-अलग वाहन बदलकर सफर किया, शरीर की पहचान छुपाने के लिए ढीले कपड़े पहने और चेहरे पर मास्क के साथ छतरी का इस्तेमाल किया ताकि कैमरों में चेहरा साफ नजर न आए। लेकिन आरोपी की एक छोटी सी गलती उस पर भारी पड़ गई। पुलिस जांच के दौरान एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपी कुछ सेकेंड के लिए अपने चेहरे से कपड़ा हटाता नजर आया और यही तस्वीर पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार पड़ताल करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 58 हजार रुपए बरामद किए हैं। वहीं अब अन्य सामान की बरामदगी और वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीकों की जानकारी जुटाने के लिए आरोपी का पीसी रिमांड लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने बेहद शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दिया था।
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पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं समाप्त, बैतूल में आंदोलन की चेतावनी

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले में पेसा मोबिलाइजर कर्मचारी संघ ने अपनी सेवाएं समाप्त किए जाने के विरोध में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने सेवा बहाली की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया है। अपनी मांग को लेकर पेसा मोबिलाइजर कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए हैं। अकेले बैतूल जिले में 264 पेसा मोबिलाइजर हटाए गए हैं। बैतूल में पेसा मोबिलाइजर ने बताया कि मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में वर्ष 2021 से पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मोबिलाइजर लगातार कार्य कर रहे थे। लेकिन हाल ही में शासन के आदेश के बाद अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जिससे हजारों मोबिलाइजर के सामने रोजगार और जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। पेसा मोबिलाइजरों ने गांव-गांव में जागरूकता फैलाने, ग्राम सभाओं के आयोजन और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही मोबिलाइजरों ने आयुष्मान कार्ड, राशन, पेंशन, आधार और ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी सक्रिय सहयोग किया है। मोबिलाइजरों की माने तो हमने पूरी निष्ठा से काम किया है, अब अचानक सेवा समाप्त कर दी गई है, जिससे हम सबके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सेवा बहाली का निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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बानापुरा रेलवे मार्ग पर शराब दुकान हटाने की मांग पर महिलाओं का उग्र प्रदर्शन

Narmadapuram, Madhya Pradesh:जिले के बानापुरा में रेलवे स्टेशन मुख्य मार्ग पर संचालित शराब दुकान को लेकर लोगों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और महिलाएं एकत्रित होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शराब दुकान हटाने की मांग उठाई। लोगों का आरोप है कि भीड़भाड़ वाले इलाके में शराब दुकान होने से महिलाओं, बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।\n\nस्थानीय लोगों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि रेलवे स्टेशन मार्ग पर संचालित शराब दुकान के आसपास महज 100 मीटर की दूरी पर स्कूल, मंदिर, खेल मैदान, सब्जी बाजार और रेलवे स्टेशन मौजूद हैं। इसके बावजूद यहां खुलेआम शराब बिक्री होने से क्षेत्र का माहौल बिगड़ता जा रहा है। ग्रामीणों और महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के बाहर दिनभर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। आए दिन गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और झगड़े जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं तहसीलदार नितिन झोड़ ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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द्वारका के Golfview Condos में पानी की किल्लत पर निवासियों का प्रदर्शन

Delhi, Delhi:द्वारका सेक्टर-19B स्थित DDA की पॉश सोसाइटी Golfview Condos में रहने वाले लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। करोड़ों रुपये कीमत वाले फ्लैट्स में रहने वाले निवासियों ने सोसाइटी के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से सोसाइटी में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे काफी परिवार परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच पानी न आना रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है। घरों में पीने के पानी से लेकर नहाने, खाना बनाने और बच्चों की जरूरतों तक के लिए लोग परेशान हो चुके हैं। कई परिवारों को महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रबंधन को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी और हाई-प्रोफाइल सोसाइटी होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है。
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