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पंजाब में सिटी पुलिस ने दो चोरों से मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान किया बरामद
Patran, Punjab:सिटी पुलिस ने शहर में हो रही चोरियों के सिलसिले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। एस के सेल्स के मालिक रमेश कुमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरमेर सिंह और शनि उर्फ मोटा को पकड़ा। इन्होंने 20-21 जुलाई की रात दुकान से 13 मोबाइल फोन, एक इंडक्शन चूल्हा और एलसीडी चुराए थे। सहायक थानेदार तेजा सिंह के अनुसार, आरोपियों से दो एलसीडी, एक एसी, एक इंडक्शन चूल्हा और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है।
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सिरसौद गांव में श्मशान तक पक्का रास्ता न मिलने से शवयात्रा मुश्किल
Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर ग्रामीणों के लिए सिरसौद गांव में श्मशान घाट तक पक्का रास्ता नहीं है, जिसके कारण शवयात्रा खेतों और फसलों के बीच से गुजरना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक पहुंचना आसान ही नहीं, असंभव होता दिखाई देता है जब अर्थी कंधों पर हो और रास्ते में नंगे पैर कीचड़ और झाड़ियों के बीच से होकर गुजरना पड़े।0
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दिल्ली में अवैध निर्माण पर MCD की कड़ी कार्रवाई, 1007 संपत्तियों पर तोड़फोड़
New Delhi, Delhi:दिल्ली में अवैध/अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज • 1 जून से 8 सितंबर 2026 तक 1,007 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई • इस दौरान 471 संपत्तियाँ सील की गईं • 1,551 UC शो-कॉज नोटिस जारी किए गए • 714 सीलिंग शो-कॉज नोटिस जारी • 753 डिमोलिशन ऑर्डर जारी किए गए 8 सितंबर को MCD की कार्रवाई: • 17 संपत्तियों पर डिमोलिशन कार्रवाई • 5 संपत्तियां सील • 9 UC शो-कॉज नोटिस जारी • 2 सीलिंग शो-कॉज नोटिस जारी • 15 डिमोलिशन ऑर्डर जारी बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों के खिलाफ MCD का अभियान जारी।0
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हरियाणा में अपराध नियंत्रण पर ज़ीरो टॉलरेंस: SHO व सुपरवायजरी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई
Panchkula, Haryana:हरियाणा को अपराध मुक्त एवं सुरक्षित प्रदेश बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने आज प्रदेशभर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तरीय बैठक की। लगभग 3 घंटे चली इस बैठक में प्रदेश में अपराध की स्थिति की थाना-वार तथा अपराध के विभिन्न हेड के अनुसार विस्तृत समीक्षा की गई। - अपराध नियंत्रण में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, खराब प्रदर्शन करने वाले एसएचओ व सुपरवाइजरी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई बैठक में डीजीपी श्री अजय सिंघल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, जिम्मेदारी से बचने अथवा खराब प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारियों (SHO) एवं सुपरवाइजरी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना होगा। जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी के अनुरूप अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अपराध की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण में विफल रहने वाले थाना प्रभारियों को निलंबित करने के निर्देश देते हुए डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण में लापरवाही के प्रति विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश है。 - थाना-वार अपराध की माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग, अपराध नियंत्रण में जवाबदेही तय करने पर जोर श्री अजय सिंघल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में थाना-वार अपराध की माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग एवं गहन विश्लेषण सुनिश्चित किया जाए। यह देखा जाए कि किस थाने में किस प्रकार के अपराध में वृद्धि हुई है, उसके वास्तविक कारण क्या हैं तथा अपराध की रोकथाम के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल अपराध के आंकड़े एकत्र करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका विश्लेषण कर कारण आधारित कार्रवाई एवं प्रभावी अपराध नियंत्रण की स्ट्रैटेजी तैयार कर अपराध पर नियंत्रण सुनिश्चित करें। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध बढ़ेगा, वहां संबंधित SHO के साथ-साथ सुपरवाइजरी अधिकारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में प्रत्येक SHO के साथ नियमित बैठक कर थाना-वार अपराध की समीक्षा करें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ठोस एवं प्रभावी रणनीति तैयार कर अपराध पर नियंत्रण सुनिश्चित करें। - **सीसीटीएनएस डेटा के आधार पर तैयार होगी अपराध नियंत्रण रणनीति** उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को अपने अधीन आने वाले प्रत्येक थाने की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करनी होगी। सीसीटीएनएस में उपलब्ध डेटा का वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक विश्लेषण करते हुए यह पता लगाया जाए कि किस थाने में कौन-सा अपराध बढ़ रहा है और उसके पीछे क्या कारण हैं। इसके आधार पर समय रहते प्रिवेंटिव एक्शन लिया जाए, ताकि अपराध की घटना होने से पहले ही उसे रोकने की प्रभावी व्यवस्था की जा सके。 - प्रदेश में BNS के तहत कुल अपराध में 9.11 प्रतिशत की कमी, माइक्रो लेवल प्लानिंग से अपराध की जड़ तक पहुंचने पर जोर डीजीपी श्री अजय सिंहल ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रदेश में BNS के तहत कुल अपराध में 9.11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसे पुलिस विभाग के निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि उत्साहजनक है, लेकिन किसी विशेष प्रकार के अपराध में वृद्धि होने की स्थिति में उसके कारणों की तत्काल पहचान कर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए अब माइक्रो लेवल प्लानिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक थाने के अपराध पैटर्न का गहन विश्लेषण कर यह समझना होगा कि अपराध बढ़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। पुलिसिंग का फोकस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित न रहकर अपराध की जड़ और उसके मूल कारणों तक पहुंचकर उनका समाधान करने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कारण आधारित कार्रवाई और प्रभावी माइक्रो प्लानिंग ही दीर्घकालिक एवं परिणामदायी अपराध नियंत्रण की कुंजी है। - 15 जून के निर्देशों की समीक्षा, छोटे अपराधों की निगरानी से गंभीर अपराध रोकने पर जोर डीजीपी श्री अजय सिंघल ने बैठक में गत 15 जून को प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को जारी निर्देशों की भी समीक्षा की, जिसमें थाना स्तर पर माइक्रो प्लानिंग एवं अपराध की प्रभावी मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक थाने की कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन करते हुए उपलब्ध अपराध डेटा का विश्लेषण किया जाए और थाना प्रभारियों के साथ नियमित समीक्षा के माध्यम से अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएं। श्री सिंघल ने कहा कि हर छोटे से छोटे अपराध की भी बारीकी से निगरानी आवश्यक है, क्योंकि समय रहते छोटे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई कर भविष्य में गंभीर एवं संगठित अपराधों को बढ़ने से रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर अपराध के ट्रेंड और पैटर्न की पहचान कर प्रिवेंटिव पुलिसिंग को और मजबूत करने तथा अपराध की घटनाओं को जड़ स्तर पर रोकने के निर्देश दिए। - **बेस्ट प्रैक्टिसेस अपनाने और पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने पर जोर** डीजीपी ने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेस अपनाने, सफल पुलिसिंग मॉडल को अन्य जिलों में लागू करने तथा पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित रूप से प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि पूरे पुलिस बल में उत्कृष्ट कार्य करने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा विकसित हो। **अगली समीक्षा बैठक में थाना-वार रिपोर्ट होगी प्रस्तुत** डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में उनसे थाना-वार अपराध विश्लेषण, अपराध में वृद्धि के कारण तथा उसके आधार पर की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अभी से आवश्यक तैयारियां पूरी करने तथा अपने-अपने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना लागू करने को कहा। - साइबर अपराध के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे व राशि रिकवरी पर विशेष फोकस बैठक में डीजीपी श्री अजय सिंघल ने साइबर अपराध से संबंधित लंबित मामलों एवं शिकायतों की समीक्षा करते हुए इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से समयबद्ध जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर जांच में तेजी लाई जाए। उन्होंने साइबर फ्रॉड मामलों में ठगी गई राशि को फ्रीज एवं रिकवर कराने, पीड़ितों को राशि वापस दिलाने, शिकायतों को FIR में कन्वर्ट करने तथा साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के मामलों में पुलिस की कार्रवाई में स्पष्टता और ठोस परिणाम दिखाई देना चाहिए तथा पीड़ितों को समय पर राहत दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। - धमकी भरी कॉल, फायरिंग व सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम पर जोर बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, सीआईडी श्री सौरभ सिंह ने धमकी भरी कॉल, फायरिंग की घटनाओं तथा अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं समन्वित रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई, आपसी समन्वय तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी को आवश्यक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं की पहचान और निगरानी पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। डीजीपी श्री अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास पर तत्काल संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा ऐसी गतिविधियों की समय रहते पहचान कर उन्हें फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। - **परिणाम आधारित पुलिसिंग होगी प्राथमिकता** डीजीपी श्री अजय सिंघल ने अंत में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि हर अधिकारी को अपने क्षेत्र में अपराध की स्थिति पर व्यक्तिगत निगरानी रखनी होगी। अपराध नियंत्रण में जवाबदेही और परिणाम आधारित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग में केवल काम करने की नहीं, बल्कि नतीजा देने की संस्कृति विकसित की जाएगी और जो अधिकारी अपेक्षित परिणाम नहीं देगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी。0
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सहारनपुर मस्जिद विध्वंस: जमीयत उलमा-ए-हिंद का कानूनी दायरा मजबूत
Noida, Uttar Pradesh:सहारनपुर मस्जिद का विध्वंस कानून और न्याय की हत्या है जमीयत उलमा-ए-हिंद का केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा, शहर के जिम्मेदार लोगों से मुलाकात, हक और इंसाफ की रक्षा का संकल्प सहारनपुर, 8 सितंबर 2026: सहारनपुर की ऐतिहासिक कलेक्ट्रेट मस्जिद क विध्वंस के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी लगातार गंभीर चिंता के साथ पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उनकी विशेष हिदायत पर कल जमीयत उलमा-ए-उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा था। आज जमीयत उलमा-ए-हिंद का एक उच्चस्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में सहारनपुर पहुंचा और मस्जिद से संबंधित कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने शहर के जिम्मेदार लोगों, मुकदमे से जुड़े कानूनी विशेषज्ञों, राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियों तथा जमीयत उलमा के स्थानीय पदाधिकारियों से विस्तृत मुलाकात की और आगे की रणनीति पर गंभीर विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सांसद हाजी फज़लुर्रहमान, वर्तमान सांसद इमरान मसूद, भूमि से जुड़े स्वर्गीय याकूब खान के पौत्र फिरोज खान और शाह हारून खान, एडवोकेट नौशाद तथा मुकदमे के पक्षकार एडवोकेट तनवीर अहमद सहित अन्य संबंधित लोगों से भी विशेष चर्चा की। इन बैठकों में मस्जिद के विध्वंस, जिला प्रशासन के रवैये तथा उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विस्तार से विचार किया गया। चर्चा के दौरान यह गंभीर तथ्य सामने आया कि जिस दस्तावेज को फैसले का आधार बताया जा रहा है, उसके संबंध में यह सवाल उठता है कि वह दस्तावेज न्यायिक रिकॉर्ड में विधिवत दर्ज था या नहीं। इसके अलावा जिस रिकॉर्ड में ‘सरकार-ए-हिंद’ से संबंधित उल्लेख का हवाला दिया जा रहा है, उसके विवादित भूमि से वास्तविक स्वामित्व संबंध को लेकर भी गंभीर कानूनी प्रश्न मौजूद हैं। इन सभी पहलुओं की दस्तावेजी और कानूनी जांच की जा रही है। इसके बाद अधिवक्ताओं के साथ विशेष बैठक कर मामले के सभी जटिल कानूनी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, मस्जिद से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों, भूमि के स्वामित्व के दावों और न्यायिक कार्यवाही से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि न्याय प्राप्त करने के लिए ठोस दस्तावेजों और उपलब्ध कानूनी उपायों के आधार पर संगठित एवं प्रभावी कानूनी लड़ाई जरूरी है। इसी दिशा में उच्च न्यायालय समेत उपलब्ध उच्चतर न्यायिक मंचों पर जाने और उचित कानूनी राहत प्राप्त करने की संभावनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि मामले से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और उन्हें जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा उन्होंने मस्जिद के विध्वंस पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह जल्दबाजी में कार्रवाई की गई, उससे शहर के लोगों और न्यायप्रिय नागरिकों में गंभीर बेचैनी पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित पक्ष को अपने बचाव और संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल का अवसर दिए बिना अचानक बुलडोजर चला देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि अदालत से संपर्क करने का अधिकार महज औपचारिक सुविधा नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना और संवैधानिक न्याय का बुनियादी हिस्सा है। प्रशासनिक कार्रवाई इस प्रकार नहीं होनी चाहिए कि प्रभावित पक्ष के लिए उच्च न्यायालय या अन्य सक्षम न्यायिक मंच का दरवाजा खटखटाने का अवसर ही व्यावहारिक रूप से समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में जो घटना हुई है, उससे पूरा शहर दुखी और चिंतित है। यह मामला केवल किसी एक धर्म या समुदाय का प्रश्न नहीं है, बल्कि कानून के शासन, संवैधानिक अधिकारों और न्याय के मूल सिद्धांतों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “जमीयत उलमा-ए-हिंद न्याय के हर उपलब्ध कानूनी दरवाजे पर दस्तक देगी। सहारनपुर के लोगों को इस मामले में जहां भी कानूनी सहायता की आवश्यकता होगी, जमीयत उलमा-ए-हिंद उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।” मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद का इतिहास संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का रहा है। सहारनपुर के मामले में भी संगठन पूरी ताकत के साथ कानूनी, संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में कानून की नजर में सभी नागरिक बराबर हैं और पूजा स्थलों सहित प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी जिम्मेदारी है। मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इस कठिन परिस्थिति में भी सहारनपुर के जागरूक नागरिकों ने शांति, आपसी सद्भाव और ऐतिहासिक भाईचारे को बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि इस घटना से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग दुखी और चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि यही साझा दुख, आपसी विश्वास और गंगा-जमुनी एकता सहारनपुर और देश की वास्तविक ताकत है। जनता की इसी एकता और जागरूकता के बल पर सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति को पराजित किया जा सकता है। जमीयत उलमा-ए-हिंद सभी नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए संविधान एवं कानून के दायरे में न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने की अपील करती है। केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी ने किया। उनके साथ मौलाना कासिम नूरी, अध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-प्रदेश दिल्ली, मौलाना अली हसन मजाहिरी, अध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश, मौलाना अज़ीमुल्लाह सिद्दीकी, सचिव जमीयत उलमा-ए-हिंद, मौलाना मुहम्मद यूसुफ कासमी, नाज़िम-ए-तंजीम, जमीयत उलमा-ए-प्रदेश दिल्ली, तथा हाफिज अबूबकर इब्ने मौलाना हकीमुद्दीन कासमी शामिल रहे। स्थानीय स्तर पर जमीयत उलमा जिला सहारनपुर के अध्यक्ष मौलाना गुलफाम मजाहिरी, महासचिव मौलाना सरताज अहमद कासमी, उपाध्यक्ष मौलाना शमशीर कासमी, शहर इकाई के अध्यक्ष मौलाना अतहर, सद्भावना मंच के संयोजक मौलाना फरीद मजाहिरी, मौलाना हारिस, तहसील रामपुर मनिहारान के महासचिव कारी शौकीन हुसैनी, मौलाना अब्दुल्लाह शाह, मौलाना अब्दुल अलीम और मौलाना अताउर रशीदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जिम्मेदार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।0
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हरगनाखेड़ी के ग्रामीण: कुटीर की किस्तें छह साल से लंबित, घर अधूरे
Vidisha, Madhya Pradesh:हरगनाखेड़ी के रहवासियों ने मांगी कुटीर की राशि, - दो हफ्ते पहले भी जनसुनवाई में लगा चुके गुहार सिरोंज तहसील और कुरवाई विधानसभा के ग्राम हरगनाक्षेड़ी में रहने वाले दर्र्जनों ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर आज विदिशा कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने बताया कि गांव के अधिकांश लोगों को कुटीर तो मिल गई है। लेकिन पहली किस्त के बाद दूसरी और तीसरी किस्त के लिए वे करीब 6 सालों से इंतजार कर रहे है। उनके घर अधूरे बने है, कई लोगों के सर पर छत नहीं है। इसके पहले सिरोंज एसडीएम, कुरवाई विधायक और विदिशा कलेक्टर को भी लिखित शिकायत कर चुके है लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है。0
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विदिशा के अस्पताल की खराब लिफ्ट से युवक की मौत, परिजनों ने चक्का जाम कर दिया
Vidisha, Madhya Pradesh:अस्पताल की लिफ्ट से गिरने से युवक की मौत विदिशा जिले के गंजबासौदा के सर्वोदय अस्पताल में मरीज को खाना देने गए जूड़ी प्रसाद अहिरवार, निवासी ग्राम महोली, की लिफ्ट से गिरने के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल की लिफ्ट कई दिनों से खराब थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों ने लिफ्ट की खराबी की जानकारी नहीं दी, जिसके चलते हादसा हुआ। मृतक के बेटे के अनुसार, उनके भाई पप्पू अहिरवार सर्वोदय अस्पताल में भर्ती हैं। पिता उन्हें खाना देने अस्पताल पहुंचे थे, तभी लिफ्ट से गिरने के कारण उनके सीने में गंभीर चोट लगी। उन्हें भोपाल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर गंजबासौदा पहुंचे और जय स्तंभ चौक पर चक्का जाम कर दिया। सूचना पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाइश देकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। शव को राजीव गांधी जन चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।0
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विदिशा के पूर्व एडीएम अनिल डामोर का हार्ट अटैक से निधन
Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा के पूर्व एडीएम अनिल कुमार डामोर का निधन, हार्ट अटैक से हुई मौत, विदिशा के पूर्व अपर कलेक्टर (एडीएम) श्री अनिल कुमार डामोर अब हमारे बीच नहीं रहे। मंगलवार सुबह तड़के करीब 5 बजे हार्ट अटैक के चलते उनका दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि हाल ही में श्री अनिल कुमार डामोर का आईएएस के रूप में चयन/पदोन्नति हुआ था। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। श्री डामोर के निधन पर अधिकारियों, कर्मचारियों और परिचितों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है。 विदिशा से ट्रांसफर उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास भोपाल हुआ था,लेकिन आज विदिशा स्थित सरकारी आवास में अपना सामान लेने विदिशा आये हुए थे ,0
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छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर बड़ा सड़क हादसा: मामा-भांजे की मौत, ग्रामीणों ने हाइवे जाम
Jagdalpur, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जगदलपुर छत्तीसगढ़ उड़ीसा सीमा में बड़ा सड़क हादसा, कोटपाड़ हाईवे में हुए सड़क हादसे में मामा भांजे की मौत, कोटपाड़ थाना क्षेत्र के डोंगारी गांव में हुआ सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार मामा भांजे को मारी जोरदार टक्कर, घटना स्थल पर ही हुई मामा भांजे की मौत, हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने हाइवे को किया जाम जताया आक्रोश, मृतकों की पहचान लच्छीनधर पुजारी, श्रीधर पुजारी के रूप में हुई ।0
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रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा मौत पर FIR मांग तेज
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। मामले में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर मृतका के परिवार और उनके समर्थक अमहिया थाना पहुंचे, जहां उन्होंने थाने का घेराव कर पुलिस से कार्रवाई की मांग की। परिजनों के साथ हाई कोर्ट के अधिवक्ता भी मौजूद रहे। परिजनों का आरोप है कि इलाज में कथित देरी और लापरवाही के कारण कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जानी चाहिए। परिजन और समर्थक लगातार अमहिया थाने में डटे हुए हैं और कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम हुजूर अनुराग तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2011 के एक फैसले के अनुसार, किसी डॉक्टर के खिलाफ बिना जांच और वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम की सलाह के सीधे FIR दर्ज नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना माना जा सकता है। इसलिए इस मामले में पहले पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。0
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जुआ हारने पर भतीजे ने चाचा की हत्या कर दी; पिता-भाई शामिल
Morena, Madhya Pradesh:एंकर-ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के खेड़ागांव में कत्ल और साजिश की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जुए में मोबाइल फोन हारने से गुस्साए भतीजे ने अपने पिता और भाइ के साथ मिलकर चाचा की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर इसे फांसी लगाकर आत्महत्या की कहानी बताने की कोशिश की। लेकिन शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्यारों का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मुख्य दो आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि आरोपियों का पिता फरार हो गया है। मृतक की पहचान खेड़ागांव निवासी 40 वर्षीय रामबहादुर सिंह कुशवाह के रूप में हुई है जो पेशे से किसान था। उसे शराब और जुए की लत थी। उसका भतीजा जीतू कुशवाह चोरी के मामलों में आरोपी रहा है और अहमदाबाद व सिवनी में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं। जीतू ही परिवार का खर्च चलाता था। जिसके चलते रामबहादुर की पत्नी से उसकी नजदीकी थी। यह बात रामबहादुर को नागवार गुजरती थी। इसलिए जीतू भी चाचा से रंजिश रखता था। हाल ही में_win जीतू ने रामबहादुर को एक नया मोबाइल फोन दिलाया था। जिसे वह जुए में हार गया। जीतू जुआरियों को पैसे देकर किसी तरह फोन वापस लाया। इसी बात को लेकर दो दिन पहले दोनों में तीखी बहस हुई। गुस्से में जीतू ने गांव वालों के सामने ही रामबहादुर की पिटाई कर दी। फिर उसे घसीटकर घर ले गया और पिता सुल्तान सिंह और भाई धर्मा के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए तीनों ने फांसी लगाकर सुसाइड की झूठी कहानी गढ़ दी। सूचना पर पहुंची बिजौली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत फांसी से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। गले पर मिले निशानों से पुलिस का शक गहरा गया। गांव वालों से पूछताछ में जीतू की करतूत सामने आ गई। पुलिस ने देर रात मुख्य आरोपी भतीजे जीतू कुशवाह, जीतू के भाई धर्मा को दबोच कर गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल जीतू के पिता सुल्तान सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।0
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इटारसी स्टेशन के शेड टपकते, बारिश ने यात्रियों को किया परेशानी का सामना
Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- दिनभर मौसम साफ रहने के बाद शाम होते-होते अचानक तेज बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। करीब एक घंटे हुई झमाझम बारिश से अधिकांश सड़कें जलमग्न हो गईं। वहीं प्रदेश के सबसे बड़े रेलवे जंक्शन इटारसी स्टेशन पर बारिश ने रेलवे की व्यवस्थाओं की ऐसी तस्वीर सामने ला दी, जिसने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 और 2 पर यात्रियों को बारिश से बचाने के लिए बनाए गए शेड कई जगह से पानी टपकाते नजर आए। हालात इतने खराब रहे कि शेड के नीचे खड़े यात्रियों पर भी पानी बरसता रहा। कहीं बूंदें टपकती रहीं तो कहीं तेज धार में पानी गिरता नजर आया। बारिश से बचने के लिए यात्री प्लेटफॉर्म के शेड के नीचे पहुंचे, लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। छत से गिरते पानी के कारण यात्रियों को इधर-उधर खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश करनी पड़ी। station का नजारा कुछ देर के लिए ऐसा नजर आया, मानो शेड छत नहीं बल्कि झरना बन गया हो। वीओ01- इटारसी स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं। लेकिन बारिश के दौरान सामने आई तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आईं। यात्रियों का सवाल है कि जब बारिश से बचाने वाला शेड ही पानी रोकने में नाकाम हो जाए तो आखिर यात्री जाएं तो जाएं कहां।0
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ग्वालियर में तांत्रिक ने नशीला लड्डू देकर दुष्कर्म किया, गिरफ्तार
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में पति की शराब की लत छुड़ाने के लिए तांत्रिक के पास जाना एक विवाहिता को भारी पड़ गया। आरोप है कि तांत्रिक ने तंत्र-मंत्र के नाम पर महिला को नशीला लड्डू खिलाकर दुष्कर्म किया और फिर बदनाम करने की धमकी देकर 10 महीने तक शोषण करता रहा। परेशान महिला ने हिम्मत जुटाकर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है। स्थिति मामला ग्वालियर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले वह पति की शराब छुड़ाने के लिए एक मंदिर गई थी। जहां उसकी मुलाकात कमल राठौर उर्फ पटेल से हुई। आरोपी ने खुद को तांत्रिक बताया और शराब छुड़ाने के नाम पर कई बार भभूती देकर महिला से पहचान बढ़ा ली और उसके घर आने-जाने लगा। पीड़िता के अनुसार अक्टूबर 2025 में आरोपी दोपहर के समय उसके घर आया और तंत्र-मंत्र किया हुआ बताकर प्रसाद के रूप में लड्डू दिया। लड्डू खाने के बाद वह बेहोश हो गई और आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने उसे धमकाया कि अगर किसी को बताया तो वह उसे बदनाम कर देगा और उसके पति को जान से मार देगा। डर के कारण महिला चुप रही और आरोपी इसका फायदा उठाकर लगातार उसका शोषण करता रहा। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने आखिरी बार 8 अगस्त 2026 को उसके साथ दुष्कर्म किया। आखिरकार उसकी प्रताड़ना से परेशान होकर 6 सितंबर को उसने हिम्मत कर अपनी सहेली और पति को पूरी बात बताई और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी कमल राठौर के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी की धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।0
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छत्तीसगढ़ में BD शर्मा का दौरा, सेवा संकल्प अभियान से मोदी 25 वर्ष उजागर
Raipur, Chhattisgarh:एंकर मध्य प्रदेश के सांसद और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने बीजेपी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा की。 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बीजेपी देशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाएगी。 छत्तीसगढ़ में भी अभियान के तहत जनसंपर्क, सेवा और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे。 बीजेपी का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा, सुशासन और जनकल्याण के कार्यों को आम लोगों तक पहुंचाना है。 अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ में 36 लाख आशीर्वाद के दीप जलाने का भी लक्ष्य रखा गया है。 बाइट 1 बी डी शर्मा सांसद मध्यप्रदेश。0
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गोपालगंज की छाड़ी नदी अतिक्रमण-कचरे से बदहाल, जिला प्रशासन ने जीर्णोद्धार शुरू किया
Gopalganj, Bihar:गंडक नदी से निकलकर गंगा नदी में सम्माहित होनेवाली छाड़ी नदी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है गोपालगंज शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली छाड़ी नदी इन दिनों अतिक्रमण और कचरे की समस्या से जूझ रही है। नदी में पानी का बहाव बंद है, वही पानी के कूड़ा-कचड़ा ज्यादा होने के कारण दुर्गंध होने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के लिए चिंता की बात यह भी है कि गंदगी और दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। छाड़ी नदी की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने इसके सुधार और जीर्णोद्धार की दिशा में पहल शुरू कर दी है। गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ ने बताया कि जिला गंगा समिति की बैठक में छाड़ी नदी की स्थिति और उसके जीर्णोद्धार को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई है। नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पांच अमीनों की टीम गठित की गई है। यह टीम नदी की जमीन और अतिक्रमण की स्थिति का सर्वे करेगी। सर्वे के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर नदी की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जाएगा।0
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NCB की बड़ी दबिश: मुजफ्फरपुर से 990 किलो गांजा बरामद, दो गिरफ्तार
Muzaffarpur, Bihar:NCB पटना की टीम ने मुजफ्फरपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर ट्रक से करोड़ों रुपए की कीमत के गांजा को बरामद किया है. कंटेनर ट्रक से बरामद गांजा 990 किलो है. NCB की टीम ने मौके से दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है. फिलहाल NCB की टीम गिरफ्तार ट्रक का चालक और उपचालक पूछताछ कर गांजा का कंसाइनमेंट कहां पहुंचना था और इसका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है, इसके बारे में पता लगाने में छुट्टी हुई है. दरअसल पटना के नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र से गुजरने वाली पटना मुजफ्फरपुर फोरलेन पर एक गांजा लोड कंटेनर खड़ी है. सूचना के बाद नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो पटना की टीम मुजफ्फरपुर पहुंच कर तुर्की थाना की पुलिस के सहयोग से छापेमारी करते हुए फोरलेन पर खड़े कंटेनर ट्रक को पकड़ लिया और जब उस कंटेनर ट्रक की तलाशी ली गई तो ट्रक के अंदर से करीब 990 किलो गांजे को बरामद किया. साथ ही मौके से कंटेनर ट्रक के चालक और उपचालक को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार कंटेनर ट्रक का चालक और उपचालक से NCB की टीम पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गांजे के खेप को कहां से लेकर ट्रक चालक चला था और कहां पर इसकी डिलीवरी देनी थी. वहीं पूरे मामले को लेकर एसडीपीओ बेस्ट टू अनिमेश चंद्रा ज्ञानी ने बताया कि पटना नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो की टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने मुजफ्फरपुर के तुर्की थाना पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए तुर्की थाना क्षेत्र में खड़े एक कंटेनर ट्रक से 990 किलो ग्राम गांजे की खेप को बरामद किया है. साथ ही मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिससे पूछताछ कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है वहीं उन्होंने बताया कि बरामद गांजे की कीमत करोड़ों रुपए आकी गई है.0
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