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प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 जयपुर JECC में 10 दिसंबर को कार्यक्रम

Jaipur, Rajasthan:प्रवासी राजस्थानी दिवस—2026: मुख्यमंत्री ने 'राइजिंग राजस्थान' के दौरान घोषणा की कि हर साल 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। हर साल 10 दिसंबर को जयपुर के JECC में प्रवासी राजस्थानी दिवस आयोजन किया जाएगा। उद्योग विभाग और घरेलू एवं प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थान पुरस्कार समारोह आयोजित होगा। आयोजन अनेक शहरों के साथ-साथ कोलकाता, चेन्नई, पुणे, दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, गुवाहाटी, पंजाब, हरियाणा, भुवनेश्वर राज्यों के साथ घरेलू बैठक प्रस्तावित है ताकि प्रवासी राजस्थानी लोगों को इंडस्ट्री लीडर्स से जोड़ा जा सके। प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम के दौरान प्रवासी राजस्थानियों ने देश-विदेश में उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्हें प्रवासी राजस्थान पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सेक्टर-वार सत्र कार्यक्रम के दौरान निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना है।
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बीकानेर रियासत में पेड़ लगाने के लिए राजदरबार की अनुमति जरूरी

Bikaner, Rajasthan:पीपल का पेड़ लगाने के लिए भी राजदरबार से अनुमति लेनी पड़ती थी रियासतकाल में. बिना मंजूरी पीपल लगाने पर 50 रुपये तक का जुर्माना का प्रावधान था. धार्मिक आस्था और भूमि विवाद रोकने के लिए बना यह अनोखा नियम. स्थानीय लोगों की राय लेने के बाद ही राजदरबार देता था अनुमति. सनातन में पीपल का विशेष महत्व, जनता की मांग पर लागू किया गया था नियम. आज के दौर में लोग जहां मन करे वहां पेड़ लगा देते हैं लेकिन बीकानेर रियासत में कभी ऐसा कानून था कि पीपल का पेड़ लगाने से पहले भी राजदरबार से अनुमति लेनी पड़ती थी, इतना ही नहीं बिना अनुमति पीकड़ से पेड़ लगाने पर 50 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता था. बीकानेर राज्य के पुराने अभिलेख बताते हैं कि आवेदन मिलने के बाद अधिकारी करीब 30 दिन तक स्थानीय लोगों की राय लेते थे. नियम तोड़ने पर 50 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान था. डॉ नितिन गोयल ने बताया कि पीपल सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है; लोगों की मांग को देखते हुए रियासतकाल में अनुमति की व्यवस्था लागू की गई थी.
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अयोध्या में सरयू चेतावनी बिंदु के करीब जलस्तर पहुँचा, तैयारी तेज

Ayodhya, Uttar Pradesh:रामनगरी अयोध্যা में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में सरयू का जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ गया है और अब नदी चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं और तटवर्ती क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर 91.39 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से महज 34センटीमीटर नीचे है। जलस्तर हर घंटे लगभग आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। अनुमान है कि अगले 24 घंटे में सरयू चेतावनी बिंदु को पार कर सकती है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में हलचल बढ़ गई है। प्रशासन ने बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी तेज कर दी है और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव से जुड़े संसाधनों की भी समीक्षा की जा रही है। हालांकि फिलहाल अयोध्या में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और लोगों से भी नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की गई है。
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पालिका बोर्ड की बैठक में यूजर चार्जेज लगाने का निर्णय, 251 मानचित्रों को स्वीकृत मिली

Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow2m ago
Shahabad, Uttar Pradesh:नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक गुरुवार को पालिका सभागार में अध्यक्ष श्रीमती नसरीन बानो की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में यूजर चार्जेज लगाने का निर्णय लिया गया और 251 मानचित्रों को सर्व सम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष नसरीन बानो ने सभी सभासदों के सहयोग से नगर को विकसित करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा नगर के सभी वार्डों में समुचित विकास कार्य सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं।नगरपालिका जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नगर के विकास में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। बैठक में कुल 251 मानचित्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सरकारी भूमि,नाली और नालों पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा आर्थिक दंड निर्धारित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। बैठक में सब्जी मंडी को नवीन गल्ला मंडी से हटाकर घंटाघर के निकट स्थित गांधी मार्केट में पुनः स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके अलावा नगर पालिका परिषद शाहाबाद के अंतर्गत सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यूजर चार्जेज निर्धारित करने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।पालिका सीमा में 100 बेड के अस्पताल के आवास के लिए भूमि उपलब्ध कराने, गृहकर तथा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। नगर क्षेत्र में सम्मिलित 17 ग्रामों में विद्युतीकरण कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।इसके साथ ही पालिका द्वारा एक शव वाहन क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक के अंत में कैच द रेन अभियान की शपथ दिलाई गई। बैठक में नगर के विकास और जनहित से जुड़े अन्य कई प्रस्तावों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रभारी अधिशासी अधिकारी विजय कृष्ण यादव मौजूद रहे।बैठक में इमरान खां, अतुल मिश्रा,सुभाष रस्तोगी,यदुवीर,महेंद्र कुमार,रतिराम,साजिद,आदित्य गौतम, फूल मियां, अहिवरन,अजीत कुमार, जिया जुनैद, पूनम गुप्ता,शैलकुमारी, अनिता देवी, गुलशन, महनूर जबी,नैना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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संस्कृत-उर्दू पर नेताओं की प्रतिक्रियाओं में बहस तेज, राजभाषा के मुद्दे पर मतभेद

Patna, Bihar:संस्कृत और उर्दू को लेकर कांग्रेस सांसद के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है... भाजपा ने कहा की सबसे पुराना संस्कृति दुनिया के अंदर में वह भारत में है और भारत में संस्कृत का सबसे बड़ा आधार भाषा के माध्यम से है संस्कृत भाषा सबसे पुरानी भाषा है संस्कृत की कोई आलोचना करें उसके खिलाफ बोले तो देशद्रोह और भारत के खिलाफ का मामला है हिंदू हिंदुस्तान हिंदी इसके अलावा संस्कृति हमारी सबसे पुरानी भाषा और आधार है.... जनता दल यूनाइटेड ने इस तरह के बयान को कांग्रेस की दुर्गति का कारण बताया... कांग्रेस की दुर्गति ऐसे ही भाषा विद की वजह से हुई है वह सांसद है.. भाषा सांझी संस्कृति की विरासत संस्कृत है सारे लोग जानते हैं सबसे पुरानी भाषा है.. उन्हें न भाषा और ऐतिहासिकता की जानकारी है बस बयान दे रहे हैं... राजद ने कांग्रेस सांसद के बयान पर कहा की बिहार में उर्दू को दूसरी सरकारी ज़ुबान का दर्जा मिला हुआ है और पूरे हिंदुस्तान में उर्दू और हिंदी एक दूसरे के साथ जो जुड़ाव है, एक दूसरे के प्रति जो लगाव है, वह स्पष्ट रूप से दिखता है। और हिंदी और उर्दू का मजबूत होना आवश्यक है। मातृभाषा जहाँ हिंदी है, वहीं द्वितीय राजभाषा के रूप में उर्दू को मान्यता बिहार में मिला हुआ है। जिस तरह से हिंदी को मजबूती प्रदान करके हम मातृभाषा को मजबूत कर सकते हैं, उसी तरह से उर्दू को भी जो राजभाषा के रूप में मान्यता है, उसकी भी मजबूती आवश्यक है और इसी क्रम में जो उर्दू के पक्ष में उन्होंने बातें कही हैं, उसको समझने की आवश्यकता है। उन्होंने जो बात कही है कि अंग्रेजी और संस्कृत बाहर से आई हुई भाषा है, लेकिन उसका भी फलना-फूलना आवश्यक है क्योंकि किसी भी भाषा और किसी भी लैंग्वेज को मजबूती तभी मिल सकता है जब उस को हम अपनाने का कार्य करें। और अपनाएँगे तो इससे देश को भी फायदा होगा, समाज को भी फायदा होगा और कहीं ना कहीं जो भारत की संस्कृति है गंगा-जमुनी, उसको भी मजबूती...
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श्रावणी मेला के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन और सुविधाओं की तैयारी पूरी

Deoghar, Jharkhand:श्रावणी मेला नजदीक है ऐसे में अब रेलवे के द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई है 30 जुलाई से श्रावणी मेला का आगाज होने वाला है ऐसे में आसनसोल डिवीजन के डीआरएम संग्रह मौर्य ने जसीडीह और बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं के सुविधाओं को लेकर कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए डीआरएम आसनसोल ने कहा कि आने और जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष तैयारी की गई है जसीडीह रूट में स्पेशल ट्रेन भी दी गई है इसके अलावा सेंड बाय में भी भीड़ वाले दिन के लिए स्टेशन पर ट्रेन खड़ी रहेगी वहीं होल्डिंग पॉइंट 80000 स्क्वायर फीट में बनाया जा रहा है ताकि देवघर आने वाले या देवघर में पूजा अर्चना करके जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके अलावे श्रद्धालु को समस्या शौचालय की होती है ऐसे में स्टेशन परिसर में ही दोगुना शौचालय और स्नानागार बनाए जाएंगे जो कि श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरीके से निशुल्क होगा
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दिल्ली के 108 सरकारी स्कूल असुरक्षित, 7 भवन गिराने की मंजूरी

New Delhi, Delhi:दिल्ली में सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के 3D स्ट्रक्चरल ऑडिट कराए गए हैं जिसके दौरान लगभग 108 स्कूलों को असुरक्षित पाया गया जिसमें से 7 स्कूलों को दिल्ली की सरकार ने ध्वस्त करने का निर्णय ले लिया है दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा भी अप्रूवल मिल गया है जिसके बाद अब यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुराने और जर्जर स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 108 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित पाया है. इनमें 54 भवन बेहद जर्जर हैं और उन्हें गिराने से पहले उनके ऑडिट कराने का फैसला किया गया है. 7 स्कूल भवन ऐसे है जिन्हें गिराने की मंजूरी मिल गई है और वो अगले कुछ महीनों में गिराए जा सकते हैं. रेखा सरकार सभी पुराने स्कूलों की सुरक्षा जांच (स्ट्रक्चरल ऑडिट) कराएगी जर्जर इमारतों की जगह भूकंपरोधी आधुनिक G+4 स्कूल भवन बनाए जाएंगे. साथ ही 27 खाली सरकारी भूखंडों पर नए स्कूल बनाने की भी योजना है. साथ ही सरकार ने ये कहा कि निर्माण के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी. जब इन स्कूलों को ध्वज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और फिर जब तक नहीं इमारत बनेगी तो यहां पर पढ़ रहे बच्चों को आसपास के दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर किया जाएगा उनके अभिभावकों से बात करने के बाद ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान ना हो ऐसा ही एक जर्जर स्कूल है सागरपुर में सर्वोदय कन्या विद्यालय और साथ में वहां पर गवर्नमेंट सीनियर बॉयज सेकेंडरी स्कूल भी है इस स्कूल की हालत जो है बेहद खराब है दीवारों में क्रैक आ रहे हैं पेट और प्लास्टर उतर रहा है लोहे के दरवाजों पर और छत पर पूरा जंग लगा हुआ है किसी भी समय ऐसा लगता है कि इमारत गिर सकती है बिल्कुल मेंटेन नहीं किया गया है और शिक्षा मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह स्कूल पिछली सरकार आम आदमी पार्टी के समय में तैयार किया गया था और यह स्कूल 10 साल भी नहीं टिक पाया स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है जब हमने बटन चालू करके देख तो लाइट पंखे भी काम नहीं कर रहे ढंग से तो वही जो टेबल है वह टूटे हुए हैं कॉपी रखने की टेबल पर जगह ही नहीं है तो फिर टेबल होने का मतलब ही किया तो वहीं पर जो क्लासरूम में बोर्ड लगे हैं वह भी बेहद खराब है पूरे उखड़ रहे हैं कुल मिलाकर यहाँ-वहाँ क्रैक दिखते हैं और नवनिर्माण के दौरान बच्चों की पढ़ाई कैसे प्रभावित होगी यह ग्राउंड रिपोर्ट में स्पष्ट है
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झारखंड DMF फंड के दुरुपयोग पर बाबूलाल मरांडी का वार, खदान क्षेत्र का विकास माँग

Ranchi, Jharkhand:रांची रांची बीजेपी कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा, तीन दिनों तक पश्चिमी सिंहभूम जिले के दौरे पर था , तीन दिन का दौरा जनता और कार्यकर्ता से मिलना, वहां की समस्या से अवगत होना था , ताकि नज़दीक से वहां की समस्या को जान करें। सारंडा का जंगल क्षेत्र अपने आप में धनाढ्य है पर वहां रहने वाले लोगों की हालत दयनीय है। डीएमएफटी फंड को लेकर राज्य सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, ताकि जनता को पूरी जानकारी मिल सके , कितनी राशि और कितना खर्च हुआ। सारंडा के जंगल के आयरन ओर से बोकारो स्टील सिटी, टाटा , दुर्गापुर के उद्योग चलते हैं। औद्योगिक टाउन तो विकास कर गया पर जहां से खनिज निकाले जाते हैं वहां के लोगों के जीवन में परिवर्तन नहीं आया। सड़क नहीं है, पीने के पानी नहीं , स्कूल अच्छी नहीं, चिकित्सा की सुविधा नहीं, पर्याप्त बिजली तक नहीं है। औद्योगिक शहरों में सब कुछ है पर जहां से खनिज निकाला जाता उन क्षेत्रों के हालत में बदलाव नहीं हुआ है। राज्य सरकार पैसे का रोना रोती है लेकिन खनन क्षेत्रों के विकास पर ध्यान नहीं देती। पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने डीएमएफटी फंड लाया ताकि उस राशि को खादान के इलाके में खर्च किया जाएगा और बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। पर 2015 से दिसंबर 2025 तक 3700 करोड़ से अधिक रुपए चाईबासा जिले में इकठ्ठा हुआ, हर साल 300 करोड़ से अधिक इकठ्ठा हुआ, अगर सरकार चाहती तो 300 करोड़ खर्च कर खादान इलाके में विकास होता, पानी से लेकर बिजली , सड़क और स्वास्थ्य की सुविधाएं होती पर पता नहीं कहां राशि खर्च हुआ बंदर बांट हुआ कि उस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ , वहां के लोगों के जीवन में सुधार नहीं ला सके इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। झारखंड में डीएमएफटी फंड का दुरुपयोग हो रहा है। उस क्षेत्र के लोगों के जीवन में सुधार के लिए पीएम ने व्यवस्था किया पर राज्य की सरकार में उस राशि का दुरुपयोग हुआ है। वहां से रोजगार की तलाश में नौजवान गांव छोड़ कर बाहर जा रहे हैं। मनोहर पुर इलाके में बच्चों की ट्रेफिकिंग होती है। राज्य सरकार जान बुझ कर बेरोजगारी की समस्या को पैदा करती है। झारखंड में मात्र 3 खदान की नीलामी हुई है आधा दर्जन खदानें जिसका लीज समाप्त हो चुका है अगर राज्य सरकार नीलामी करती तो लोगों को काम मिलता और पलायन नहीं होता। कोल्हान प्रमण्डल में हाहाकार मचा है लोग रोजगार की तलाश में बाहर जा रहे हैं। झारखंड में सारे खदान आज भी बंद पड़े हैं। राज्य सरकार देश विदेश की यात्रा करती है , निवेश की बात करती है पर ये आइवाश से कुछ भी नहीं।।जो कारखाने चल रहे थे बंद हो रहे हैं, उसको लेकर कोई प्रयास नहीं दिखता है। बाइट .... बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष
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