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AKAdarsh Kumar GautamFollow10 Nov 2024, 09:59 am
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Chhindwara, Madhya Pradesh:
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केन-बेतवा लिंक प्रभावितों का चिता आंदोलन 10वें दिन जारी

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पन्ना जिले की मझगांव, रूंज, नैगुवा, एन टी पी सी में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा चिता आंदोलन विपरीत मौसम और प्रशासनिक दमन के बाबजूद लगातार जोर पकड़ता जा रहा है, चिता आंदोलन के दसवें दिन मिट्टी, जल, सांकेतिक फांसी सत्याग्रह भी जारी है। परियोजना प्रभावितों को न्याय और भ्रष्टाचारियों को कड़ी सजा की माँग को लेकर अमित भटनागर द्वारा किए जा रहे आमरण अनशन के सातवें दिन उनका स्वास्थ्य तेजी से गिरने लगा है, उनका 5 किलोग्राम के लगभग वजन कम हुआ है। प्रशासन द्वारा उनका आज तक किसी भी तरह का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया है। प्रशासन द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना के किसी भी प्रभावित का आंदोलन स्थल पर नहीं होने का दावा करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, उन्होंने प्रशासन के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि आंदोलन स्थल पर 10 दिन से मौजूद है। केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा अन्य संबंधित परियोजनाओं मझगांय, रूंझ, नेगुवा एवं एनटीपीसी से विस्थापित हो रहे परिवारों का न्यायपूर्ण संघर्ष 'चिता आंदोलन' के रूप में आज दसवें दिन भी सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में जय किसान संगठन के बैनर तले पूरी तीव्रता के साथ जारी है। अनशन के 7वें दिन, अमित भटनागर का स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है और उनका वजन 5 किलो कम हो गया है। बावजूद इसके, चिता आंदोलन 10वें दिन भी जारी है। अमित भटनागर ने प्रशासन के उस दावे को सिरे से खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से कोई प्रभावित नहीं है। अमित भटनागर ने बताया कि जब प्रशासनिक अधिकारी अनशन स्थल पर आए थे, तो ज्यादातर प्रभावितों ने अपनी समस्याएँ बताई थीं। लोगों का कहना था कि न केवल उनके घर और मकान तोड़ दिए गए हैं और जमीनें छीन ली गई हैं, बल्कि उन्हें अभी तक मुआवजा भी नहीं दिया गया है। उन्होंने भू-अर्जन कानून 2013 का स्पष्ट उल्लंघन बताया। उन्होंने खरियानी गाँव के स्कूल को तोड़ने पर भी सवाल उठाए और कहा कि बच्चों की शिक्षा का अधिकार छिन गया है। भटनागर ने दावा किया कि परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपात्र लोगों के नाम सूची में जोड़कर मुआवजे की राशि दी गई है, जबकि असली हकदारों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावितों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे झूठ का सहारा लेना बंद करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। अमित भटनागर ने सरकार से मांग की है कि वह पारदर्शिता बरतें और जल्द से जल्द प्रभावितों को उचित न्याय दिलाएं।
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दिल्ली-हापुड़ में ब्रांडेड पानी की बोतल से तेजाब, परिवार दहशत में

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली से हापुड़ जिले में बेहद सनसनी खेज मामला सामने आया है। ब्रांडेड कंपनी के पानी के बॉटल में तेजाब की धूट। घटना के तीन दिन के बाद भी ये सवाल बना हुआ है कि पीने के सीलबंद बॉटल में तेजाब कहा से आया। हालांकि इस मामले में फूड एंड सेफ्टी विभाग ने पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं हापुड़ पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिया सिंह अभी अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी है। पूरा परिवार उसके ठीक होने के इंतजार कर रहा है। रिया ने जी न्यूज से बात करते हुए बताया कि वो 11 तारीख को अपने घर के पास के ज्वेलरी की दुकान में अपनी मां के साथ गई थी। ज्वैलर से पानी मांगी। ज्वैलर पास के दुकान से पानी मंगवा कर दिया। प्यासी रिया सीलबंद बोतल को खोला पर पानी पीने लगी। पानी की दो धूट पीते ही उसके गले में जलन देने लगा। वो दुकान से बाहर निकल कर उल्टी कर दी। उल्टी झाग था। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जी न्यूज की टीम उस दुकान तक पहुंची जहां से पानी खरीदा गया था। जिस डीप फ्रीजर से पानी ठंडा करने के लिए रखा गया था। दरअसल रेणु नाम की महिला ये दुकान चलाती है। रेणु का कहना है कि वो बीसलेरी की सीलबंद पानी थी। पानी में तेजाब कैसे आया पता नहीं। रेणु अपनी दुकान से अवैध रूप से तेजाब भी बेचती थी। और गलती से तेजाब والی बॉटल डीप फ्रीजर में रख दी हो। इसका जवाब में रेणु बोलती है कि वो तेजाब नहीं बेचती है। रेणु, दुकानदार। इस मामले में ज्वैलर अनुज बताते है कि जो पानी का बोतल आया था वो सीलबंद था। पानी के रंग में भी कोई अंतर नहीं था। ना कि कोई स्मेल था पानी में। जिस बच्चे ने पानी खरीदा वो बता रहा है कि पानी पूरी तरह से सीलबंद था। कान्हा, पानी खरीदने वाला बच्चा। तेजाब वाली पानी की बोतल को लेकर फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारी चंद्रशेखर का कहना है कि पानी के बचे हुए बोतल, और जिस पानी को पीने से रिया बीमार हूं उसके स्पैल को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। वही हापुड़ पुलिस इस मामले में परिवार से बात करने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विनीत भटनागर, SP City HapUr। हापुड़ पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है कि वाकई ब्रांडेड कंपनी की बोतल में तेजाब था। या फिर दुकानदार चोरी छिपे तेजाब बेच रहा था। और गलती से पानी की जगह तेजाब वाली बोतल बेच दिया।
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भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत: उच्चस्तरीय बैठक में जांच और व्यवस्था तय

Jaipur, Rajasthan:भीलवाड़ा में छह दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर के स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में हाई लेवल समीक्षा बैठक शुरू हो गई है। बैठक में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, एनएचएम निदेशक डॉ. जोगाराम, जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. रवि प्रकाश, एम्स जोधपुर के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद हैं। बैठक में अब तक की जांच रिपोर्ट, सैंपल रिपोर्ट और विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि विभाग मौतों के वास्तविक कारण तक पहुंचना चाहता है, इसलिए एम्स जोधपुर के विशेषज्ञों को भी जांच प्रक्रिया से जोड़ा गया है, ताकि तथ्य सामने आएं और स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। बैठक में आगे की रणनीति, जिम्मेदारियों के निर्धारण और आवश्यक निर्देशों पर भी चर्चा हो रही है। मंत्री सोमवार को भीलवाड़ा जाकर अस्पताल का निरीक्षण भी करेंगे
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जींद में मोदी सुरक्षा: 5000 जवानों का मल्टी-लेयर कवच

Jhanj Kalan, Haryana:ऑपरेशन मोदी सुरक्षा / जींद\n\nजींद बनेगा अभेद्य किला... पीएम मोदी की सुरक्षा में 5000 पुलिसकर्मियों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच\n\nदेश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी देंगे प्रधानमंत्री, 15 आईपीएस-50 एचपीएस अधिकारी संभालेंगे मोर्चा\n\nएसपीजी का सुरक्षा चक्र, 80 नाके, चप्पे-चप्पे पर निगरानी... हाई अलर्ट पर पूरा जींद\n\nसुरक्षा भी... सुविधा भी... काफिले के दौरान ही रुकेगा ट्रैफिक, जनता के लिए पुलिस का बड़ा प्लान\n\nजींद से गुलशन चावला रिपोर्टर\n\nएंकर\n\n17 जुलाई... सिर्फ एक तारीख नहीं... बल्कि जींद के इतिहास का सबसे बड़ा राष्ट्रीय आयोजन। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने जींद पहुंचेंगे... और इसके साथ ही पूरा जिला बदल जाएगा अभेद्य सुरक्षा किले में। पांच हजार पुलिसकर्मी... एसपीजी का मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच... 15 आईपीएस, 50 एचपीएस अधिकारी... और 80 सुरक्षा नाके। हर सड़क... हर मोड़... हर गतिविधि पर पैनी नजर रहेगी। लेकिन राहत की बात ये है कि आम जनता की आवाजाही भी पूरी तरह बंद नहीं होगी। देखिए ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...\n\nवीओ-1\n\nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक दौरे को लेकर जींद में अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन शुरू हो चुका है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि पूरे कार्यक्रम की सुरक्षा एसपीजी प्रोटोकॉल के तहत होगी। करीब 5000 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहेंगे, जिनमें जींद पुलिस के जवानों के साथ दूसरे जिलों से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल भी शामिल होगा। सुरक्षा की कमान 15 आईपीएस और 50 एचपीएस अधिकारियों के हाथों में होगी।\n\nवीओ-2\n\nप्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर से लेकर हाइड्रोजन ट्रेन, रेलवे स्टेशन, रैली स्थल और पूरे रूट को मल्टी लेयर सिक्योरिटी कवर में रखा जाएगा। शहर के इनर और आउटर कॉर्डन में 80 सुरक्षा नाके बनाए जा रहे हैं। हेलीपैड की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है, जबकि रेलवे जंक्शन की ओर जाने वाले सभी संवेदनशील रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कर चौड़ा करने का काम तेज़ी से चल रहा है।\n\nवीओ-3\n\nपुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ जनता की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान ही कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जाएगा, उसके बाद आवाजाही सामान्य रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत 112 या नजदीकी पुलिसकर्मी को दें। 17 जुलाई को जींद सिर्फ पहली हाइड्रोजन ट्रेन का गवाह नहीं बनेगा, बल्कि देश की सबसे हाई-प्रोफाइल सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक का भी साक्षी बनेगा।\n\nबाइट\nकुलदीप सिंह\nपुलिस अधीक्षक, जींद\n\nजींद से कमल के साथ गुलशन चावला की रिपोर्ट
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लखीसराय में मानसून बेरुखी से धान बुआई खतरे में

Lakhisarai, Bihar:ANCHOR - लखीसराय। मानसून की बेरूखी और अशाढ़ माह में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे के काले बादल मंडरा रहे हैं। किसानों की चिंता बढ़ गई है, और कृषि विभाग भी वैकल्पिक फसल योजना की तैयारी शुरू कर दी है। अच्छी बारिश नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं, और खरीफ फसलों की खेती की शुरूआत भी नहीं हुई है। नतीजन धान की खेती पूरी तरह पिछड़ती जा रही है। जिन किसानों ने बड़ी उम्मीद के साथ धान का बिचड़ा तैयार किया है, वह भी पानी के अभाव में सूखने लगा है। इस वर्ष धान की खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।खेती-किसानी के लिहाज से जून और जुलाई की अवधि बेहद खास मानी जाती है। किसानों के सामने अच्छी बारिश नहीं होने से धान के बिचड़े को बचाए रखने की चुनौतियां बढ़ गई है।समय पर रोपनी नहीं होने पर धान के पैदावार पर असर पड़ेगा। यह चिंता किसानों को परेशान कर रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि मौसम की बेरूखी से निपटने के लिए कम अवधि में पकने वाली और सूखे के प्रति सहनशील किस्मों के बीजों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। कम बारिश की स्थिति में वैकल्पिक फसल की मांग की गई है। साथ ही किसानों के लिए डीजल अनुदान का भी प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जा चुका है। चंदन कुमार, किसान। कुमार विजय, किसान। मुरारी कुमार, किसान। कुंदन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, लखीसराय। लखीसराय से राज किशोर मधुकर की रिपोर्ट。
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बागहा बाढ़ में पिता ने बच्चे को नदी पार कर स्कूल पहुंचाया, वीडियो वायरल

Bagaha, Bihar:बिहार के बागहा से सीमावर्ती नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बरसात के बाद गंडक समेत मसान और अन्य पहाड़ी नदियों के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। पश्चिम चम्पारण जिले के सुदूरवर्ती दोन इलाके से एक दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है जब बच्चों को स्कूल पहुंचाने जा रहे अभिभावक देखिए कैसे बाढ़ में कंधे पर सवार अपने बच्चे को नदी की तेज धार से उस पार करने की जद्दोजहद कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही वर्षा के कारण सोमवार को वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बाढ़ से नदी में 1.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसे लेकर जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। दियारा के निचले इलाके अब नदी के पानी से जलमग्न हो रहे हैं, एहतियात के तौर पर प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे जाने से मना किया है। दरअसल आजादी के बाद आज भी रामनगर प्रखंड के दोन में दर्जनों गांवों के लोग हर साल बरसात और बाढ़ के कारण 22 नदियों से घिर जाते हैं। लोग सैलाब के सितम में घरों से बाहर निकलते हैं पर बाढ़ के पानी में फंस जाते हैं। पानी पहाड़ी नदियों के कारण अचानक तेज धार में कभी-कभी जानलेवा साबित होता है, लेकिन गनीमत रही कि एक लाचार पिता ने अपने बच्चे को नदी पार कर स्कूल पहुंचाया। घटना का वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो रहा है जो सिस्टम की अनदेखी को दर्शा रहा है। दोन क्षेत्र आज भी बिजली, सड़क- पुल- पुलिया, स्कूल और अस्पताल की पूरी व्यवस्था नहीं है, हजारों लोग बरसात के दिनों में टापू जैसे ظروف में गुजर-बसर करते हैं।
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परतावल चौकी के सामने अचानक सड़क पर आए व्यक्ति से टकराई बाइक, चार वर्षीय बच्ची समेत चार घायल

Dipu RawatDipu RawatFollow6m ago
Partawal, Uttar Pradesh:परतावल/महराजगंज। परतावल पुलिस चौकी के सामने सोमवार शाम करीब 4 बजे सड़क हादसे में चार वर्षीय बच्ची समेत चार लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और टेम्पो की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परतावल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के पनेवा-पनई निवासी रुबीना (26), सदीफ़ून निशा और चार वर्षीय सालेहा खातून बरगदही मजार से दर्शन कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। बाइक पर चालक के पीछे दो महिलाएं और एक बच्ची सवार थीं। जानकारी के अनुसार, परतावल चौकी के बगल में कई महीनों से खड़े एक ट्रक के पास से कोटवा निवासी करीमुल्लाह उर्फ कल्ला अचानक सड़क पर आ गया। उसी समय गोरखपुर की ओर से आ रही हीरो डिलक्स बाइक (संख्या UP56 BH 9247) उससे टकरा गई। अचानक सामने आने के कारण बाइक चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और हादसा हो गया। हादसे में करीमुल्लाह उर्फ कल्ला के सिर में गंभीर चोट आई है। वहीं चार वर्षीय सलीहा खातून के सिर में भी चोट लगी है। रुबीना और सदीफ़ून निशा भी घायल हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीमुल्लाह उर्फ कल्ला शराब के नशे में था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही परतावल पुलिस मौके पर पहुंची और टेम्पो की सहायता से सभी घायलों को सीएचसी परतावल भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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