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AKAdarsh Kumar GautamFollow10 Nov 2024, 09:59 am
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मॉनसून के संकेत, अल-नीनो के संकट से निपटने के लिए सरकार तैयारी में

Noida, Uttar Pradesh:मुंबई: राहुल नार्वेकर (Maharashtra Legislative Assembly speaker) और मंत्री आशीष जायसवाल मॉनसून/UCC पर चर्चा करते हैं। मुंबई - महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर कहते हैं, "...मुंबई और MMR इलाके में अच्छी बारिश हुई है और इस पूरे इलाके में मॉनसून लगभग आ चुका है...आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश के संकेत हैं, जिससे राज्य के सभी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी..." UCC पर वे कहते हैं, "सदन में चर्चा होना एक अच्छी बात है; आखिरकार, सदस्य चर्चा करने के लिए ही सदन में आते हैं। चूंकि चर्चा हो रही है, इसलिए सभी को सकारात्मक रूप से इसमें हिस्सा लेना चाहिए और जनहित के मुद्दे उठाने चाहिए..." राज्‍य मंत्री आशीष जायसवाल कहते हैं, "सरकार निश्चित रूप से अल-नीनो के असर को लेकर सतर्क है, और जैसा कि आप देख सकते हैं, जून का महीना खत्म होने वाला है। बारिश नहीं हुई थी, लेकिन अच्छी बात है कि पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश शुरू हो गई है। हम सब भगवान से प्रार्थना करते हैं कि किसानों को किसी और बड़े संकट का सामना न करना पड़े। आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों, कृषि सचिवों और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने हर राज्य की स्थिति पर चर्चा की, और केंद्र व राज्य सरकारें अल-नीनो के संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं...
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अग्निमित्रा पॉल का TMC के अनुशासनिक कदम पर ठोस बयान

Noida, Uttar Pradesh:KOLKATA (WEST BENGAL): AGNIMITRA PAUL (WEST BENGAL MINISTER) ON TMC DISCIPLINARY ACTION / DR SYAMA PRASAD MUKHERJEE’S / PROPOSAL TO INCLUDE HIS BIOGRAPHY IN SCHOOL TEXTBOOK कोलकाता - पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल कहती हैं, '...बंगाल की जनता ने TMC को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उन्हें नकार दिया गया है। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वे किसे बाहर निकाल रहे हैं... पाँच साल का समय बहुत कम है और बहुत सारे वादे पूरे करने हैं। हमारे पास किसी भी तरह की नकारात्मकता और नकारात्मक राजनीति के लिए समय नहीं है... उनकी पार्टी ने जिस तरह के अत्याचार और भ्रष्टाचार किए, उन्हें हम भूलेंगे नहीं... मुझे नहीं लगता कि उनके भविष्य के बारे में कोई टिप्पणी करने का मुझमें कोई अधिकार है...'
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कांग्रेस नेता ताबूत में लेटकर अस्पताल की बदहाली पर विरोध

Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- इटारसी के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के खिलाफ कांग्रेस नेता का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, बंद वेंटिलेटर और आईसीयू यूनिट शुरू करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता गज्जू तिवारी ताबूत में लेटकर और कफन ओढ़कर अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। इस अनोखे विरोध ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वीओ01- इटारसी के शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल के बाहर उस समय लोगों की भीड़ जुट गई जब कांग्रेस नेता गज्जू तिवारी लकड़ी के ताबूत में लेटकर opposition प्रदर्शन करने पहुंचे। उनका कहना था कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं, आईसीयू यूनिट शुरू नहीं हो पाई है और वेंटिलेटर भी बंद पड़े हैं, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को एक कोरा ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था पर सवाल उठाए और जल्द सुधार की मांग की। वीओ02- मामले की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार स्वीटी चौहान और अस्पताल अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि अस्पताल में जल्द डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने, आईसीयू यूनिट शुरू कराने और बंद वेंटिलेटर चालू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। बाइट(A1)- गज्जू तिवारी ( कांग्रेस नेता ) बाइट(A2)- स्वीटी चौहान ( नायब तहसीदार, इटारसी )
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नारायणपुर के भरण्डा गांव में धर्मांतरण के आरोपों से तनाव, पुलिस बल तैनात

Narayanpur, Jharkhand:नारायणपुर जिले के भरण्डा गांव में धर्मांतरण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद झूमा-झटकी की नौबत आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। जानकारी के अनुसार, मतांतरित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन पर गांव छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि वे अपनी धार्मिक आस्था के साथ गांव में शांतिपूर्वक रहना चाहते हैं। वहीं, आदिवासी समुदाय के लोगों का आरोप है कि धर्मांतरण के कारण उनकी पारंपरिक मान्यताओं और सामाजिक रीति-रिवाजों का अपमान हो रहा है।विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। फिलहाल गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिसके चलते गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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मोबाइल के कारण बनमनखी की छात्रा स्वाभिमानी कुमारी की दुखद आत्महत्या

Purnia, Bihar:पूर्णिया के बनमनखी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां मोबाइल चलाने से मना करने पर कक्षा नवमी की छात्रा ने कथित तौर पर फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। मृतका की पहचान बनमनखी बस स्टैंड निवासी राजन बाहरदार की बेटी स्वाभिमानी कुमारी 17 के रूप में हुई है। मृतका के चाचा मिथिलेश बाहरदार ने बताया कि स्वाभिमानी को मोबाइल चलाने की बुरी लत थी। इसे लेकर उसे डांट लगाया गया था। रात खाना खाने के बाद रोजाना की तरह अपने कमरे में सोने चली गई थी। उस समय घर में सब कुछ सामान्य था। परिवार के लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि रात में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर घर में उसे समझाया गया था और लगातार मोबाइल चलाने से मना किया गया था सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद जब कमरे की जांच की गई तो स्वाभिमानी फंदे से लटकी मिली। दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घर के बाहर जुट गए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वाभिमानी अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी। परिवार में उसके दो भाई और एक बहन हैं। उसकी मौत के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। साथ ही परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एक होनहार छात्रा की असमय मौत ने परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
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बेतिया में 232 प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत परेड, सारण पुलिस में योगदान

Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां सारण जिलाबल के 232 प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत Parade परेड समारोह संपन्न हुआ। बेतिया में 232 प्रशिक्षु सिपाही प्रशिक्षण प्राप्त कर अब सारण पुलिस जिलाबल में योगदान देंगे। बेतिया पुलिस केंद्र में प्रशिक्षु सिपाहियों ने उत्कृष्ट परेड का प्रदर्शन किया। इस समारोह के मुख्य अतिथि चंपारण रेंज के डीआईजी हर किशोर राय रहे जिन्होंने प्रशिक्षु सिपाहियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। बेतिया एसएसपी कुमार गौतम प्रशिक्षु सिपाहियों को शुभकामना दिए। समारोह के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों के अभिभावकों की मौजूदगी ने समारोह को गरिमामई बना दिया था। चंपारण रेंज के डीआईजी ने सभी प्रशिक्षु सिपाहियों को शपथ दिलाई गई कर्तव्यनिष्ठा ईमानदारी राष्ट्रसेवा का शपथ दिलाया गया। न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया गया। 232 प्रशिक्षु सिपाहियों का दीक्षांत परेड समारोह में सभी के अभिभावकों के आँखो में खुशी के आंसू देखे गए; सभी सिपाही अपने अभिभावकों के सामने अपनी कठिन ट्रेनिंग पूरी कर सारण जिला़ के लिए रवाना हुए.
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अमेठी-लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों के लिए कैंडल मार्च, न्याय और सुरक्षा की मांग तेज

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी - लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में मृतक छात्र छात्राओं की आत्मा की शांति के लिए सैकड़ों लोगों का निकाला विशाल कैंडल मार्च。 युवाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों ने मृतक छात्र-छात्राओं को दी भावभीनी श्रद्धांजलि。 जामो चौराहे पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए की गई प्रार्थना。 हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोगों ने निकाला शांतिपूर्ण मार्च पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना。 हादसे की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर बुलंद हुई आवाज़。 दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई और छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि की उठी मांग。 जामो से उठी न्याय की पुकार पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक。 जनपद के जामो कस्बे में निकाली गई कैंडल मार्च यात्रा。
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दिल्ली के महरौली से 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर गुरुग्राम में हत्या, चालक गिरफ्तार

साउथ दिल्ली के महरौली इलाके से किडनैप हुई 11 साल की बच्ची का गुरुग्राम में शव मिला। टैक्सी ड्राइवर ने बलात्कार करके गुरुग्राम की अरावली पहाड़ियों पर फेंका। साउथ दिल्ली महरौली थाना क्षेत्र के घटना स्पॉट पर पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया। बुधवार सुबह 5 बजे महरौली इलाके में एक टैक्सी ड्राइवर ने एक बच्ची को जबरन टैक्सी में उठाकर गुरुग्राम में अरावली पहाड़ियों पर हत्या कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की, महरौली थाना को सूचना दी गयी। 6 घंटे के भीतर आरोपी टैक्सी ड्राइवर को हिरासत में लिया गया, बच्ची के शव को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आरोपी की उम्र 30 वर्ष बताई जा रही है।
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गोपालपुरा गांव में 700 घरों पर मांडणा से लोक कला और स्वच्छता का संगम

Churu, Rajasthan:सुजानगढ़। लोक कला से महकी गोपालपुरा ग्राम पंचायत प्रशासक सविता राठी की अनूठी पहल, 700 घरों पर उकेरे पारंपरिक मांडणा नई पीढ़ी को पारंपरिक कला से जोड़ने और स्वच्छता का संदेश देने के लिए शुरू किया विशेष अभियान सुजानगढ़। क्षेत्र की गोपालपुरा ग्राम पंचायत में इन दिनों लोक कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पंचायत की प्रशासक सविता राठी की सकारात्मक पहल के चलते पूरा गांव राजस्थानी लोक कला मांडणा के रंगों में रंग गया है। राठी ने गांव की महिलाओं, युवतियों और बच्चों के साथ मिलकर पिछले दो महीने की कड़ी मेहनत से गांव के करीब 700 घरों सहित आंगनबाड़ी, मंदिर, तालाब के किनारे, स्कूल की दीवारों और मुख्य चौराहों को खूबसूरत मांडणों से सजाया है। रोजाना 5 घंटे की कड़ी मेहनत प्रशासक सविता राठी ने बताया कि इस अभियान के तहत पिछले दो महीनों से रोजाना सुबह 7 बजे से दोपहर तक लगातार पेंटिंग का कार्य किया जा रहा है। इन चित्रों में पारंपरिक मांडणा, भगवान गणेश, स्वास्तिक जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ-साथ ऊंट, मयूर, बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीरें और सामाजिक जागरूकता से जुड़े नारे लिखे गए हैं। पंचायत भवन के बाहर कलम की ताकत को दर्शाती जागरूक पंचायत की एक विशेष पेंटिंग भी बनाई गई है, जो सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बुजुर्ग महिलाओं से मिली प्रेरणा, नई पीढ़ी हो रही जागरूक राठी ने बताया कि जब उन्होंने गांव की नई पीढ़ी के बच्चों और लड़कियों से मांडणा कला के बारे में पूछा, तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। इस लुप्त होती दुर्लभ लोक कला को बचाने के लिए उन्होंने गांव की बुजुर्ग महिलाओं और नई पीढ़ी को एक साथ मंच पर लाने का फैसला किया। इस अभियान को लेकर बच्चों और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जनसहयोग से चल रहा अभियान इस पूरे अभियान पर करीब 8 से 10 लाख रुपए का खर्च अनुमानित है। यह अनूठा कार्य सुप्रीम फाउंडेशन, जनसहयोग और स्वयं प्रशासक के आर्थिक सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस रचनात्मक अभियान को सफल बनाने में गांव की कमली, ग्यारसी, आचू, मैना, सन्तोष, लिछमा, धापू सहित युवा साथी ऋषि और अंकित आदि अपना सक्रिय योगदान दे रहे हैं। गांव की इस अनूठी पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। 1800 घरों में मांडणा बनाने का लक्ष्य प्रशासक सविता राठी ने बताया कि इस प्रयास से गांव में सकारात्मकता के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी दिया जा रहा है। फिलहाल 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बारिश के कारण गति थोड़ी धीमी है, लेकिन जल्द ही श्री डूंगर बालाजी और सूरवास सहित कुल 1,800 घरों में मांडणा बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। बाइट सविता राठी प्रशासक गोपालपुरा
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EWS आरक्षण: शर्तों में ढील की मांग, राठौड़ बोले—गरीब तक नहीं पहुँच रहा लाभ

Alwar, Rajasthan:अलवर। ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने केंद्र सरकार से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण की पात्रता शर्तों में संशोधन और शिथीलता की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान नियमों के चलते कई वास्तविक जरूरतमंद परिवार इस सुविधा से वंचित रह जाते हैं। पत्रकार वार्ता में राठौड़ ने बताया कि वर्ष 2019 में लागू किया गया EWS आरक्षण एक ऐतिहासिक फैसला था, जिसका मंच ने स्वागत किया था। हालांकि, मौजूदा पात्रता मानदंड इतने कठोर हैं कि इसका लाभ सीमित लोगों तक ही सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में EWS वर्ग की कम भागीदारी इस बात का संकेत है कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। राठौड़ ने विशेष रूप से कृषि भूमि से जुड़ी शर्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 एकड़ भूमि की सीमा वर्तमान परिस्थितियों में व्यावहारिक नहीं है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और कई किसान परिवारों की आय सीमित है, इसके बावजूद केवल भूमि स्वामित्व के आधार पर उन्हें EWS श्रेणी से बाहर कर देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित पांच प्रमुख पात्रता शर्तों के कारण बड़ी संख्या में गरीब परिवार लाभ से वंचित हैं। राठौड़ के अनुसार, राजस्थान, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने इन नियमों में कुछ हद तक राहत दी है, लेकिन केंद्र स्तर पर अभी तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने EWS प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने की मांग भी उठाई। वर्तमान में यह प्रमाण पत्र केवल एक वर्ष के लिए मान्य होता है, जबकि इसे कम से कम तीन वर्ष तक मान्य किया जाना चाहिए। हर साल नवीनीकरण की प्रक्रिया से बेरोजगार युवाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी अन्य वर्ग के अधिकारों में कटौती करने की नहीं है, बल्कि व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और जरूरतमंदों के अनुकूल बनाने की है। उन्होंने बताया कि EWS आरक्षण की मांग सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उठाई थी, जबकि बाद में वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इसे लागू किया।
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