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Zanskar's Stanzin Daechan Selected for Asian Judo Championships 2024
Kargil,In a remarkable achievement, Stanzin Daechan from Pibiting village in Zanskar, Kargil, has been selected to represent India in the -57 kg category at the Asian Judo Championships 2024. The international event is set to take place in South Korea this August. Daechan's selection comes on the heels of her impressive performance at the All India National trials, where she secured the 1st position in the open selection trial.
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हनुमान अंश निर्माता अनुप्रिया नागर ने बागेश्वर धाम का अनुभव साझा किया
Chhatarpur, Madhya Pradesh:अनुप्रिया नागर ने धाम में बिताए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह दूसरी बार धाम आई हैं और यहां आकर उन्हें परिवार जैसा माहौल और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने गुरुजी की सेवा, विज़न और धाम की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। ,अनुप्रिया नागर ने बताया कि वह इससे पहले मुंबई में भी गुरुजी के मट में जा चुकी हैं। पहली बार बागेश्वर धाम आने पर उन्हें परिवार जैसा अपनापन मिला था। उन्होंने देखा कि गुरुजी किस तरह निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं।,उन्होंने धाम की व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की अन्नपूर्णा रसोई में रोजाना हजारों लोगों के लिए निशुल्क भोजन और भंडारे का आयोजन होता है। यह अपने आप में बड़ी सेवा है।,अनुप्रिया नागर ने गुरुकुल का भी दौरा किया। उन्होंने बताया कि गुरुकुल में बच्चे संस्कृत और अंग्रेजी की शिक्षा लेने के साथ-साथ खेल और घुड़सवारी भी सीख रहे हैं, जो आधुनिकता के साथ संस्कृति को जोड़ने का बेहतरीन उदाहरण है।,इसके अलावा उन्होंने धाम में निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल और भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी ली। गुरुजी की माताजी और पूरे धाम के वातावरण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यहां आकर शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।0
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दल्लीराजहरा आईटीआई में शिक्षक की पिटाई से छात्रों को चोट, भारी हंगामा
Raipur, Chhattisgarh:बालोद जिले के दल्लीराजहरा नगर स्थित शासकिय आई टी आई में पाँच विद्यार्थियों को शिक्षक फलिन साहू ने पिटाई कर दी जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके बाद नाराज पालकों ने आई टी आई में हंगामा किया। मामले की लिखित शिकायत पर दल्लीराजहरा थाने में फलिन साहू के खिलाफ धारा 296, 351(3), 115(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। विश्वकर्मा पूजा के दिन सभी विद्यार्थी और शिक्षक भोजन बना रहे थे, गजेंद्र साहू पानी पीने गया तभी शिक्षक फलिन साहू ने उसे डांटा और पिटाई कर दी, साथ ही अश्लील गालियाँ दीं। इससे बचाव कर आये छात्रों को भी पिटाई की गई, जिससे बच्चों को चोट लगी और परिजन आई टी आई बुलाकर थाने में शिकायत कर दिए।0
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जबलपुर में दिनदहाड़े हत्या: हनुमान ताल में दहशत, जांच जारी
Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर ब्रेकिंग न्यूज जबलपुर के हनुमान ताल इलाके में दिनदहाड़े हत्या का मामला सूरज चौधरी नाम के युवक की हुई हत्या एक अन्य युवक भूरा चौधरी युवा गंभीर रूप से घायल आपसी विवाद के बाद लग रहा है हत्या का मामला हनुमान ताल पुलिस मामले की जांच में जुटी मामले में अभी कारण स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आया थाना प्रभारी का बयान पूरे मामले की हो रही है जांच जांच के बाद होगी आगे कार्रवाई बाइट सुभाष चन्द्र बघेल थाना प्रभारी हनुमानताल0
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झारखंड में एमएमडीआर एक्ट संशोधन के खिलाफ कांग्रेस की बड़ी रैली की चेतावनी
Ranchi, Jharkhand:भारतीय जनता पार्टी ने 19 सितंबर से 30 सितंबर तक एमएमडीआर एक्ट को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत झारखंड के अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को एमएमडीआर एक्ट से जुड़े प्रावधानों और इसके कथित फायदों की जानकारी दी जाएगी。 बीजेपी के इस अभियान को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी पर झारखंड के हितों को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि बीजेपी को एमएमडीआर एक्ट को लेकर जनता के बीच जाने के बजाय पहले यह बताना चाहिए कि इस कानून की जरूरत क्यों पड़ी और इसे लाया किसने है। उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य का हक है और सरकार किसी भी कीमत पर राज्य के हितों से समझौता नहीं करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि खनिजों से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा राज्य की शिक्षा, छात्रवृत्ति और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं में खर्च होता है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य को मिलने वाला हिस्सा प्रभावित होता है तो इसका असर आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। एमएमडीआर एक्ट को हम किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। बीजेपी लोगों को गुमराह कर रही है। आप एमएमडीआर एक्ट क्यों लेकर आए? अगर आपको झारखंड के हित की चिंता है तो इस संशोधन को واپس लेना होगा। हमारा कोयला है, हमारा लोहा है और हमारे खनिज संसाधन हैं। आप कौन होते हैं हमारे हक पर फैसला करने वाले? डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 26 सितंबर को एमएमडीआर एक्ट के मुद्दे को लेकर बड़ी रैली करेगी। उन्होंने बीजेपी पर झारखंड के आदिवासी और मूलवासी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड को गुजरात, छत्तीसगढ़ या उत्तर प्रदेश की तरह नहीं देखा जा सकता और राज्य के खनिज संसाधनों पर यहां के लोगों का अधिकार है। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन को वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना आंदोलन और तेज करेगी。 26 तारीख को कांग्रेस पार्टी की विशाल रैली है। एमएमडीआर के संशोधन को हर हाल में वापस लेना होगा। अगर आप तनाव और टकराव चाहते हैं तो हम भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। यह झारखंड है, यहां के लोगों के हक की बात होगी और हम अपने हक को नहीं छीनने देंगे। बाइट: डॉ. इरफान अंसारी स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड0
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झीरम मामले के फैसले पर पीड़ित- दोषी असंतुष्ट, कांग्रेस व आदिवासी समाज हाई कोर्ट जाएंगे
Jagdalpur, Chhattisgarh:झीरम मामला- NIA की विशेष अदालत के फैसले से पीड़ित और दोषी पक्ष असंतुष्ट, कांग्रेस और सर्व आदिवासी समाज जाएगा हाई कोर्ट0
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राज्य के सात जिलों के स्कूलों में 700 साइंस क्लब बनेंगे, विज्ञान सीखना आसान
Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को प्रयोग आधारित बनाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग की ओर से प्रदेश के सात जिलों में 700 साइंस क्लब स्थापित करने की तैयारी शुरू की गई है। इन क्लबों में विद्यार्थियों को किताबों के साथ-साथ प्रयोग और गतिविधियों के जरिए विज्ञान समझाया जाएगा। पहले चरण में जयपुर, अलवर, दौसा, ब्यावर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ सहित सात जिलों के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 100 स्कूलों में साइंस क्लब खोलने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग के उप निदेशक राजेश कुमार गर्ग ने इस संबंध में सातों जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। साइंस क्लब में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ मॉडल तैयार करने, विभिन्न प्रयोग करने और रॉकेट बनाने जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी शिक्षक और वैज्ञानिक बच्चों को प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की अवधारणाएं समझाएंगे। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना और विज्ञान विषय के प्रति रुचि बढ़ाना है। विभाग ने साइंस क्लब के संचालन के लिए गाइडलाइन जारी करने के साथ पंजीकरण के लिए गूगल फॉर्म का लिंक भी उपलब्ध कराया है। साथ ही प्रत्येक जिले के लिए जिला और अकादमिक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं।0
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चित्तौड़गढ़ के दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व पर दशलक्षण श्रद्धा से मनन
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ के दिगंबर जैन मंदिर स्थित अतिशयकारी श्री मल्लिनाथ भगवान के मंदिर में पर्युषण पर्व के अवसर पर दशलक्षण पर्व श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। समाज के संरक्षक राजकुमार गदिया ने बताया कि दसों दिनों तक भगवान के श्री मस्तक पर 108 कलशों से मंत्रोच्चार के साथ विशेष अभिषेक और शांतिधारा की जा रही है। इसी क्रम में एक गुप्त पुण्यार्जक परिवार द्वारा भगवान को पंचमेरू अर्पित किए गए। वहीं मुनि सेवा समिति अध्यक्ष मनोज पाटनी पांच उपवास की तपस्या कर रहे हैं। चित्तौड़गढ़ शहर में करीब पांच-छह श्रावक-श्राविकाओं ने भी पांच उपवास पूर्ण किए। समाजजनों ने सभी तपस्वियों की मंगल अनुमोदना की।0
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रायपुर में आरक्षण बचाओ रैली: प्रमोशन में आरक्षण, फर्जी प्रमाण पत्र पर जोर
Begun, Rajasthan:राजधानी रायपुर में आज आरक्षण के समर्थन में बड़ी रैली निकाली गई.. आरक्षण बचाओ मंच के बैनर तले आयोजित इस रैली में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे SC, ST और OBC वर्ग के लोग शामिल हुए.. रैली अंबेडकर चौक से शुरू होकर राजभवन की ओर बढ़ रही थी, लेकिन राजभवन पहुंचने से पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया.. इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे.. बाद में तहसीलदार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा.. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पदोन्नति में आरक्षण की बहाली, बैकलॉग के पदों पर विशेष भर्ती और फर्जी जाति प्रमाण पत्रों की जांच शामिल है.. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र में प्लेसमेंट और ठेका एजेंसियों के जरिए होने वाली भर्तियों से SC, ST और OBC वर्ग के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ रहा है.. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी जाति या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान में मिले अधिकारों और आरक्षण के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर है..0
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रामनगर एनकाउंटर: 30 लाख इनामी नक्सली कमांडर ब्रजेश गंझू मुठभेड़ में ढेर
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के रामनगर में तड़के गोलियों की गूंज सुनाई दी और सामने था 30 लाख का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू...यूपी ATS और रामनगर पुलिस की कार्रवाई में बृजेश मुठभेड़ में मारा गया.. वाराणसी के रामनगर में हुई इस मुठभेड़ ने एक बात फिर साफ कर दी है... यूपी ATS की नजर से बचकर निकलना आसान नहीं0
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वाराणसी में इनामी नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी में इनामी नक्सली ढेर0
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बीकापुर 2027: डंका किसके बजेगा, बबलू सिंह बना प्रमुख चेहरा
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या जनपद की बीकापुर विधानसभा सियासत की वह जमीन जहां चुनावी मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि मजबूत व्यक्तित्वों और व्यक्तिगत जनाधार के बीच भी होता रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है, समाजवादी पार्टी में टिकट के कई दावेदार हैं और बसपा से पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह की संभावित दावेदारी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। आखिर 2027 में बीकापुर में किसका बजेगा डंका... देखिए ये खास रिपोर्ट। रामनगरी अयोध्या की बीकापुर विधानसभा का चुनावी इतिहास हमेशा से दिलचस्प रहा है। यहां सत्ता के समीकरण समय के साथ बदलते रहे हैं और कई बार उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ पार्टी की लहर पर भी भारी पड़ती दिखाई दी है। बीकापुर के चुनावी इतिहास में एक अनोखा संयोग भी चर्चा में रहा है। एक दौर ऐसा था जब यहां से जीतने वाले कई नेताओं के नाम में ‘राम’ जुड़ा रहा। सीताराम निषाद, श्रीराम द्विवेदी और परशुराम यादव जैसे नेताओं के नामों ने करीब तीन दशकों तक इस चुनावी संयोग को खास बनाया। बदलावते दौर के साथ भाजपा ने बीकापुर में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की। 2017 में जीत दर्ज करने के बाद पार्टी ने 2022 में भी सीट पर कब्जा बरकरार रखा। मौजूदा विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी के हाजी फिरोज खान उर्फ गब्बर ने कड़ी टक्कर दी थी और जीत की दहलीज तक पहुच गए थे सपा प्रत्याशी गब्बर खान। 2022 के चुनाव और वर्तमान परिस्थितियों में देखा जाय तो हाजी फिरोज खान उर्फ गब्बर का व्यक्तिगत जनाधार काफी हद तक मजबूत है। और यही वजह है पिछले चुनाव के करीबी मुकाबले ने साफ कर दिया कि बीकापुर में किसी भी दल के लिए जीत आसान नहीं है। बीकापुर की चुनावी जंग में सबसे बड़ा फैक्टर सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि प्रत्याशी का अपना जनाधार है। गांवों की चौपाल से लेकर बाजारों तक राजनीतिक चर्चा शुरू हो चुकी है। भाजपा जहां अपनी जीत को दोहराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष इस बार सत्ता की राह रोकने के लिए नए समीकरण तलाश रहा है। और इन्हीं समीकरणों के बीच एक पुराने नाम पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह की सक्रियता ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। बीकापुर की राजनीति में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह। विधायक रहते हुए उनकी अलग राजनीतिक पहचान रही और आज भी क्षेत्र में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। समर्थक उन्हें बेबाक और जनता के सुख-दुख में खड़ा रहने वाला नेता बताते हैं, जबकि विरोधी उनकी दबंग छवि को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पकड़ को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। जी मीडिया से बातचीत में जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह ने कहा विधायक बनने के बाद बीकापुर की जनता किसी भी कार्यालय में फरियाद लेके नही जाएगा बल्कि अधिकारी फरियादी के पास जायेंगे। एक बार बबलू सिंह बसपा से बीकापुर विधानसभा की दावेदारी कर रहे हैं। अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो बसपा के पारंपरिक वोट बैंक और बबलू सिंह के व्यक्तिगत जनाधार का मेल चुनावी गणित बदल सकता है। उनकी राजनीतिक सक्रियता उस समय और चर्चा में आई जब एक कार्यक्रम की प्रशासनिक अनुमति मिलने और बाद में निरस्त होने का मामला सामने आया। कारण चाहे जो रहे हों, लेकिन इस घटनाक्रम ने बीकापुर की राजनीति में बबलू सिंह को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में जरूर ला दिया। यही वह मोड़ है जहां बीकापुर की 2027 की लड़ाई सबसे दिलचस्प होती दिखाई देती है। अगर बबलू सिंह चुनावी मैदान में उतरते हैं तो मुकाबला सिर्फ भाजपा और सपा की सीधी लड़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। सवाल यह होगा कि उनका व्यक्तिगत जनाधार बसपा के वोट बैंक के साथ कितना मजबूत तालमेल बना पाता है। क्योंकि बीकापुर में एक मजबूत तीसरा चेहरा सिर्फ अपनी जीत की कोशिश नहीं करता वह बाकी दो प्रमुख दलों का चुनावी गणित भी बिगाड़ सकता है। दूसरी तरफ ये भी माना जाता है कि जितेंद्र सिंह उर्फ बबलू सिंह के चुनाव लड़ने से सबसे ज्यादा बीजेपी को नुकशान पहुचायेंगे उधर समाजवादी पार्टी के सामने भी चुनौती कम नहीं है। 2022 के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे हाजी फिरोज खान उर्फ गब्बर एक बार फिर टिकट के प्रमुख दावेदार हैं। उनका कहना है कि पिछले चुनाव में उन्हें एक लाख से ज्यादा वोट मिले और बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में वह पिछले प्रदर्शन के आधार पर मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। बीकापुर के लोगो ने कहा 1 लाख मत पाना आसान नही है इसलिए गब्बर को अनदेखा करना भी पार्टी के लिए नुकशान दायक हो सकता है। लेकिन सपा से टिकट की दौड़ में आनंद सेन यादव भी एक बड़ा नाम हैं। वह पूर्वांचल की राजनीति के चर्चित नेता रहे स्वर्गीय मित्रसेन यादव के बेटे हैं। राजनीतिक विरासत और सामाजिक समीकरणों के आधार पर उनके समर्थक उनकी दावेदारी को मजबूत मानते हैं। वहीं राघवेंद्र सिंह उर्फ अनूप सिंह भी लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े होने और संगठन में सक्रिय रहने के आधार पर टिकट की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सपा नेतृत्व के सामने पिछले चुनाव का प्रदर्शन, राजनीतिक विरासत और संगठन के प्रति लंबे अनुभव के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। दूसरी ओर भाजपा मौजूदा विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान के नेतृत्व और मजबूत संगठन के सहारे विकास कार्यों को अपनी ताकत के रूप में जनता के बीच लेकर जा रही है। अयोध्या में हुए बड़े विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का असर बीकापुर के मतदाताओं तक कितना पहुंचता है, यह भी चुनावी नतीजे में अहम भूमिका निभाएगा। बीकापुर में चुनावी तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि मुकाबला रोचक होने वाला है। भाजपा के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है... सपा के सामने सही चेहरे के चयन और पिछली हार को जीत में बदलने की चुनौती है... जबकि बसपा के लिए बबलू सिंह जैसे संभावित चेहरे की सक्रियता को वोटों में बदलना बड़ी परीक्षा होगी। जातीय समीकरण, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और जनता के स्थानीय मुद्दों के बीच बीकापुर का वोटर किस पर भरोसा जताएगा इसका फैसला 2027 में होगा। फिलहाल एक बात तय है बीकापुर की सियासी जंग में इस बार डंका किसका बजेगा, इस सवाल ने हर राजनीतिक दलो की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सवाल कई हैं और जवाब चुनावी मैदान में मिलेंगे: क्या भाजपा अपना किला बचाएगी? क्या सपा टिकट के संग्राम से निकलकर जीत का रास्ता बनाएगी? क्या बसपा के संभावित चेहरे के रूप में बबलू सिंह कोई बड़ा सियासी उलटफेर करेंगे? फिलहाल बीकापुर में हर दल अपनी बिसात बिठा रहा है, समीकरण बदल रहे हैं और दावेदार अपनी ताकत दिखा रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि 2027 में बीकापुर सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं होगी... बल्कि अयोध्या जनपद की सबसे दिलचस्प और चर्चित चुनावी जंग में से एक होगी.0
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बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र बबलू के प्रबुद्ध संवाद से 2027 की बड़ी उम्मीद
Ayodhya, Uttar Pradesh:Anchor - बीकापुर विधानसभा में बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू ने प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंच पर वैदिक आचार्य शंखनाद करते नजर आए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की मौजूदगी रही। मीडिया से बातचीत में विश्वनाथ पाल ने दावा किया कि करीब 8 से 10 हजार लोग कार्यक्रम में पहुंचे और जितेंद्र सिंह बबलू को आशीर्वाद देने का काम किया। बबलू की उम्मीदवारी को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि घोषणा जल्द कर दी जाएगी और बहन जी का आशीर्वाद मिलने के संकेत का भी जिक्र किया। चंद्रशेखर आजाद की जनसभा पर निशाना साधते हुए विश्वनाथ पाल ने मिल्कीपुर उपचुनाव का जिक्र किया और उनके राजनीतिक प्रदर्शन पर सवाल उठाए। वहीं पीडीए को लेकर उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में पीडीए का विकास चाहते हैं तो बैकलॉग भर्ती, एससी आरक्षण और पदोन्नति आरक्षण जैसे मुद्दों पर काम होना चाहिए। विश्वनाथ पाल ने संविधान को लेकर कहा कि बाबा साहब का संविधान ईमानदारी से लागू किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि 2027 में बसपा बड़ी संख्या में जीत हासिल करेगी और 2007 के तर्ज पर सरकार बनाने का काम किया जाएगा। Byte - विश्वनाथ पाल, प्रदेश अध्यक्ष बसपा0
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बिजनौर प्रेस कॉन्फ्रेंस: गिरफ्तार महिला रोकर कहती है मैं बेकसूर हूँ
Saharanpur, Uttar Pradesh:बिजनौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया.. जब गिरफ्तार महिला आरोपी ने खुद को बेकसूर बताते हुए... रो-रोकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस से मदद की गुहार लगाई... फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है0
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मांडल में 72वें तेजाजी मेले की धूम, पारंपरिक मारवाड़ी खेल और श्रद्धा का उत्सव
Jaipur, Rajasthan:मांडल में 72वां तेजाजी मेला शुरू, चौथमल बोहरा की पहल बनी परंपरा मांडल। कस्बे में लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज का तीन दिवसीय 72वां वार्षिक मेला परंपरागत हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ शुरू हुआ। मेले के शुभारंभ अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ लोक संस्कृति और पारंपरिक मारवाड़ी खेल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले का शुभारंभ मांडल विधायक, ग्राम पंचायत प्रशासक सीमा देवी माली, ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार सोनी एवं कनिष्ठ सहायक भागचंद चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। शुभारंभ के दौरान तेजाजी महाराज के मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार तेजाजी मेले की शुरुआत की कहानी कस्बे के समाजसेवी स्व. चौथमल बोहरा की पहल से जुड़ी है। बोहरा ने अपने स्तर पर बैलगाड़ी से पत्थर लाकर तेजाजी महाराज के मंदिर के निर्माण का कार्य प्रारंभ करवाया था। समय के साथ यह पहल धार्मिक परंपरा में बदल गई और आज यह आयोजन क्षेत्र के प्रमुख मेलों में शामिल हो गया है। हर वर्ष मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। तेजाजी की जीवनी पर आधारित मारवाड़ी खेल बना आकर्षण तीन दिवसीय मेले के दौरान प्रतिदिन लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की जीवनी पर आधारित पारंपरिक मारवाड़ी खेल का आयोजन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत के तत्वावधान में भगवती वीर तेजाजी खेल पार्टी, लसाड़िया कला के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जा रही है। खेल में तेजाजी महाराज, छोगाजी, सुंदर बाई गुजरी और बासकराजा सहित विभिन्न पात्रों का अभिनय कलाकारों द्वारा किया जा रहा है। पारंपरिक वेशभूषा और लोक शैली में प्रस्तुत किए जा रहे खेल को देखने के लिए आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेले में धार्मिक आयोजन के साथ ग्रामीण संस्कृति की झलक मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूले, मनोरंजन के साधन और विभिन्न व्यापारिक स्टॉल लगाए गए हैं। मेले में ग्रामीण जीवन और लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिल रही है। शाम होते ही मेला परिसर में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भीड़ बढ़ रही है। भोपाजी रामप्रसाद कुम्हार, ग्राम मंच का संचालन महेश पाराशर ने किया। कार्यक्रम में लालकृष्ण सेन, ओम बढ़िया, सुरेंद्र प्रताप सुवालका, सावर भील, कैलाश गुर्जर, सूरज राव, महेश प्रजापत, महावीर जाट, चैनसुख माणमया, घनश्याम जोशी, राजू बलाई, मुकेश बलाई, हीरालाल गाडरी, शंकर तेली, गायत्री वैष्णव, अनीता गहलोत, ओमा स्वर्णकार, मेट संघ अध्यक्ष बालू सोनी, ललित भट्ट, रमेश भाट, ओम सारस्वत, कुलदीप व्यास, भंवर मेघवंशी, सुरेश तड़बा सहित पंचायत प्रशासकीय समिति के सदस्य एवं ग्रामीण मौजूद रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्व. चौथमल बोहरा की पहल से शुरू हुई तेजाजी मेले की यह परंपरा अब मांडल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है। तीन दिनों तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ और लोक संस्कृति के रंग देखने को मिलेंगे।0
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बिहार की एकता और विकास के लिए पांचों दल एक साथ, इतिहास रचने की तैयारी
Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का संबोधन 1994, 1993 और 1992 के दौर में पहले कुर्मी चेतना रैली और उसके बाद कुशवाहा सम्मेलन का आयोजन हुआ। दोनों समाजों के सम्मेलन के बाद लव-कुश सम्मेलन की शुरुआत हुई। लव-कुश एकता की शुरुआत करने वाले तमाम नेताओं को बधाई और धन्यवाद दिया। 1994 के बाद इस सामाजिक एकता का राजनीतिक स्वरूप सामने आया और आगे चलकर जनता दल यूनाइटेड को मजबूत करने में इसकी भूमिका रही। कहा कि आज हमें विकसित भारत और समृद्ध बिहार की कल्पना करनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का लक्ष्य रखा है, जबकि नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की कल्पना की है। समाज को यह समझना होगा कि उचित हिस्सेदारी और अधिकार कौन देता है। लव-कुश समाज के इतिहास और उसकी न्याय की भावना का जिक्र करते हुए भगवान श्रीराम और लव-कुश की कथा का उदाहरण दिया। कहा कि लव-कुश ने अन्याय के खिलाफ खड़े होकर न्याय के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया। भगवान श्रीराम के मर्यादा और त्याग का उदाहरण देते हुए कहा कि इस समाज के पूर्वजों ने भी मर्यादा और कर्तव्य को महत्व दिया। लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह के आयोजकों को इतनी बड़ी सभा आयोजित करने के लिए बधाई दी। कहा कि कार्यक्रम में निशांत कुमार, श्रवण कुमार और शीला मंडल समेत सभी को आमंत्रित किया गया, जो लव-कुश समाज की एकता को दर्शाता है। 1994 में भी लव-कुश समाज एक था और 2026 में भी एक है। कहा कि हम किसी के खिलाफ नहीं हैं और न किसी के खिलाफ होना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य न्याय के साथ आगे बढ़ना और बिहार की समृद्धि का रास्ता खोलना है। भारत को विकसित बनाने की दिशा में योगदान देने का संकल्प जताया। बिहार के ऐतिहासिक गौरव का जिक्र करते हुए कहा कि स्वर्णिम काल में बिहार ने देश और दुनिया को ज्ञान की दिशा दिखाई। नालंदा विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी पूरी दुनिया बिहार की उस विरासत को देखती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में नालंदा विश्वविद्यालय के नए स्वरूप को आगे बढ़ाने का काम हुआ है। सम्राट चौधरी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आदिवासी समाज के कल्याण के लिए झारखंड के गठन की बात कही थी। बिहार के पुराने आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बिहार के बजट का बड़ा हिस्सा झारखंड से आने वाले राजस्व पर निर्भर था। 2005 में बिहार का बजट करीब 27 हजार करोड़ रुपये था, जबकि आज बिहार का बजट कई गुना बढ़ चुका है। कहा कि बिहार को बदलने और संवारने में नीतीश कुमार के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं। कहा कि पहले बिहार में डिग्री कॉलेजों की संख्या सीमित थी, लेकिन अब नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं और उनमें पढ़ाई शुरू हुई है। मॉडल स्कूलों की स्थापना और उनमें बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने की बात कही। दावा किया कि इन संस्थानों में लाखों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कहा कि पहले बिहार के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा जाते थे, लेकिन अब बिहार में ही बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। कोटा जाकर पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी बिहार वापस लाने की दिशा में काम करने की बात कही। रात में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ की व्यवस्था का जिक्र किया। कहा कि इस व्यवस्था में हजारों शिक्षकों को जोड़ा गया है, जिससे रात में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी शिक्षकों की सुविधा मिल सके। पर्यटन के क्षेत्र में बिहार की ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत को विकसित करने पर जोर दिया। वैशाली और बोधगया के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की दिशा में काम का जिक्र किया। कहा कि बोधगया में भव्य कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। बिहार की सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की बात कही। सम्राट अशोक का जिक्र करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से दुनिया को शांति और मानवता का संदेश मिला। कहा कि सम्राट अशोक के जीवन में युद्ध से शांति और भगवान बुद्ध की ओर परिवर्तन महत्वपूर्ण संदेश देता है। सम्राट अशोक की विरासत और बिहार के गौरव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। कहा कि बिहार के विकास के साथ-साथ अपने ऐतिहासिक गौरव को दुनिया के सामने रखने का काम भी जारी रहेगा。 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सीतामढ़ी की धरती पर 31 दिसंबर 2028 से पहले भव्य सीता मंदिर स्थापित करने का काम सरकार करेगी। उन्होंने प्रोग्रेसिव ग्रुप के सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा कहा कि सभी लोग साथ बैठते और मिलकर काम करते हैं। सम्राट चौधरी ने 2010 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि सभी साथ थे, तो 266 सीटों पर जीत मिली थी। उन्होंने कहा कि 2020 में गठबंधन में कमी आने से प्रदर्शन 127 सीटों तक सीमित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में BJP, JDU, LJP, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा—पांचों दल साथ आए, जिसके बाद बिहार में 200 से अधिक सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए लगातार काम करेंगे और सभी सहयोगी दलों को साथ रखने का प्रयास करेंगे। सम्राट चौधरी ने एकता का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मुट्ठी बनने पर वही एकता और ताकत का प्रतीक बन जाती हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर बिहार के निर्माण और समृद्धि के लिए काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकसित और समृद्ध होने तथा उसके गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने सभी सहयोगी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आगे भी एकजुट रहकर बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के लोगों का आशीर्वाद आगे भी मिलता रहे, यही उनकी अपेक्षा है।0
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