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Zanskar's Stanzin Daechan Selected for Asian Judo Championships 2024
Kargil,In a remarkable achievement, Stanzin Daechan from Pibiting village in Zanskar, Kargil, has been selected to represent India in the -57 kg category at the Asian Judo Championships 2024. The international event is set to take place in South Korea this August. Daechan's selection comes on the heels of her impressive performance at the All India National trials, where she secured the 1st position in the open selection trial.
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ओवैसी बहराइच से विधानसभा चुनावों की तैयारी की समीक्षा के लिए यूपी पहुंचे
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ, उत्तर प्रदेश: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी बहराइच से आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, "... इसके लिए अच्छी तैयारियां चल रही हैं।"0
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स्पेशल इनपुट के बारे में खबर
Ratlam, Madhya Pradesh:0
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पटना में स्क्रेप से बन रहीं आकर्षक कलाकृतियाँ, गंगा पथ की सुंदरता तेज
Patna, Bihar:पटना नगर निगम और स्मार्ट सिटी की ओर से राजधानी पटना में कबाड़ से अलग-अलग आकर्षण कलाकृति का निर्माण कराया जा रहा है...राजधानी पटना के JP गंगा पथ पर बिहार का प्रसिद्ध गोलघर का निर्माण स्क्रैप से कराया गया है विभिन्न तरह की गाड़ियों के चेन से इसका निर्माण किया गया है जो बेहद ही आकर्षक और खूबसूरत लग रहा है... जेपी गंगा पथ की खूबसूरती लगातार बढ़ रही है और इसी तरह स्क्रेप की कलाकृतियों के जरिए गंगा पथ को और आकर्षक बनाया जा रहा है राजधानी पटना के गली मोहल्ला और विभिन्न दुकानों से निकले स्क्रैप का उपयोग करके आकर्षक कलाकृति का निर्माण पार्क में और विभिन्न इलाकों में किया जा रहा है....0
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जहानाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच सिपाही भर्ती परीक्षा आज से शुरू
Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) परीक्षा आज से शुरू हो गयी है। कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। परीक्षा को लेकर पूरे जिले में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां तकरीबन चार हजार दो सौ अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। यह परीक्षा 14 और 17 जून यानी दो दिनों तक आयोजित की जाएगी। दोनों ही दिन परीक्षा दो-दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिले के वरीय अधिकारी लगातार विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के मुख्य द्वार पर सुरक्षा का बेहद सख्त नजारा देखने को मिला। अभ्यर्थियों को सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया, यहाँ तक कि उनके जूते-मोजे तक की बारीकी से जांच की गई। केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट ने बताया कि परीक्षा में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या कागजात ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। गाइडलाइंस के मुताबिक परीक्षा हॉल में अभ्यर्थी अपने साथ सिर्फ एडमिट कार्ड और सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड ही ले जा सकते हैं। वही कदाचार और मुन्नाभाइयों यानी फर्जी परीक्षार्थियों पर नकेल कसने के लिए इस बार तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवेश पत्र का मिलान करने के बाद जब अभ्यर्थी अंदर जा रहे हैं, तो प्रत्येक केंद्र पर उनकी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जा रही है। साथ ही डिजिटल तरीके से बायोमेट्रिक लेने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि कोई भी अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ पकड़ा जाता है, तो इसे कदाचार मानते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह भर्ती परीक्षा राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए आयोजित हो रही है। इसके तहत मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, मद्य सिपाही के 1,697 पद, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय कक्षपाल के 2,431 पद, परिवहन विभाग, चलंत दस्ता सिपाही के 108 पद है। कुल 4,236 पद रिक्तियां है। सख्त सुरक्षा के बीच परीक्षा देने आये अभ्यर्थियों के हौसले बुलंद दिखे। परीक्षार्थियों ने बताया कि उनकी तैयारी पूरी है और परीक्षा के कड़े नियमों से वे संतुष्ट हैं क्योंकि इससे मेधावी छात्रों को सही मौका मिलेगा। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि वे इस बार अच्छे अंकों के साथ सफलता हासिल कर लेंगे।0
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देवघर महापौर रवि राउत ने हड़ताल के बीच खुद सफाई कर लोगों को राहत दी
Deoghar, Jharkhand:देवघर में सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच महापौर रवि राउत का अलग ही अंदाज देखने को मिला। शहर की सड़कों पर फैले कचरे को साफ करने के लिए महापौर खुद झाड़ू लेकर सड़क पर उतर गए। उनके साथ कई पार्षद भी मौजूद रहे। दरअसल, सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर कचरा सड़क पर फैला दिया था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जनता की समस्या को देखते हुए महापौर रवि राउत ने खुद सफाई अभियान की कमान संभाली और सड़कों पर फैले कचरे को साफ किया। महापौर ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम जनता को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की अपील की।0
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यमुना सफाई का दिखावा या ठोस कदम? दिल्ली की घाटों पर बहस तेज
Delhi, Delhi:स्लग: यमुना सफाई या सिर्फ दिखावा? एक तरफ राजधानी दिल्ली में यमुना सफाई अभियान को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के बड़े नेता और कार्यकर्ता यमुना किनारे झाड़ू लगाते नजर आए, पर उसी घाट से कुछ कदम की दूरी पर फैली गंदगी इस पूरे अभियान की हकीकत बयां करती दिखी। आखिर यमुना सफाई का यह महाअभियान जमीनी बदलाव है या सिर्फ कैमरों तक सीमित एक तस्वीर? देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा द्वारा राजधानी दिल्ली में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। यमुना किनारे मुख्यमंत्री से लेकर सांसद, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता सफाई करते नजर आए। वजीराबाद के सूर्य घाट पर भी भाजपा नेताओं ने झाड़ू उठाकर सफाई अभियान को गति देने का संदेश दिया। लेकिन कैमरे जब सूर्य घाट से महज दस कदम आगे बढ़े तो तस्वीर कुछ और ही दिखाई दी। वजीराबाद बैराज के पास स्थित पुराने सुर घाट पर गंदगी के ढेर, कचरा और बदहाल हालात नजर आए। सवाल यह है कि जब यमुना सफाई का दावा किया जा रहा था, तब इस घाट को क्यों नजरअंदाज किया गया? यमुना किनारे पूजा-पाठ और स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी सफाई अभियान पर सवाल उठाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि जहां पहले से साफ-सुथरा और पक्का घाट बना हुआ है, वहीं प्रतीकात्मक सफाई की जा रही है, जबकि जिन स्थानों पर वास्तव में सफाई की जरूरत है, वहां कोई कर्मचारी या जनप्रतिनिधि दिखाई नहीं देता। यमुना सफाई को लेकर हर बार बड़े-बड़े दावे किये जाते हैं। नेता हाथों में झाड़ू लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन अभियान खत्म होते ही हालात जस के तस दिखाई देते हैं। यही वजह है कि अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये सफाई अभियान वास्तव में यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए है या फिर सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गया है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाया गया यह विशेष अभियान अब सवालों के घेरे में है। क्योंकि युद्ध स्तर पर चले सफाई अभियान के बावजूद यमुना किनारे फैली गंदगी सरकार के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच का अंतर साफ-साफ दिखा रही है। यमुना की सफाई के दावे भले ही बड़े हों, लेकिन घाटों पर पसरी गंदगी अब भी कई सवाल छोड़ रही है। सवाल यही है कि क्या सफाई अभियान तस्वीरों तक सीमित रहेगा या यमुना को वास्तव में स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।0
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आमेर महल में सुरक्षा कर्मी की ईमानदारी: खोया पर्स वापस लौटा
Jaipur, Rajasthan:ईमानदारी की मिसाल, आमेर महल में सुरक्षा कर्मी ने खोया पर्स लौटाया। पर्यटक को नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा पर्स लौटाया गया। सुरक्षा कर्मी अर्जुन जग्रवाल की कर्तव्यनिष्ठा की पर्यटकों ने की सराहना। सीढ़ियों के बाहर गश्त करते समय एक लावारिस पर्स दिखाई दिया। हरियाणा निवासी महिला पर्यटक का भ्रमण दौरान खो गया था पर्स। आमेर महल में CCTV कैमरे द्वारा महल प्रशासन की पैनी नजर दर्शाई गई।0
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झुंझुनूं लालपुर जमीन विवाद: पूर्व मंत्री गुढ़ा ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के बगड़ थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन पहले राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में हुए विवाद के बाद अब पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी इस मामले में खुलकर सामने आ गए हैं। इसी क्रम में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा लालपुर पहुंचे। जहां उन्होंने पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए तथा अपना आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन विवाद के नाम पर एक पक्ष को जबरन कब्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उनकी बात नहीं सुनी गई और दबाव बनाकर कार्यवाही की गई। ग्रामीणों ने मारपीट और पक्षपातपूर्ण रवैये जैसे आरोप भी लगाए। जिससे गांव में रोष का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मौके से ही जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश तथा झुंझुनूं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग से फोन पर बात की। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। गुढ़ा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और कानून के नाम पर दादागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया गया कि कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने गुढ़ा को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इसके बाद गुढ़ा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी बात प्रशासन तक पूरी मजबूती से पहुंचाई जाएगी। गौरतलब है कि दो दिन पहले एक खातेदार की ओर से दी गई सीमा ज्ञान की एप्लिकेशन पर झुंझुनूं तहसीलदार महेंद्र मूंड पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे। सीमा ज्ञान की प्रक्रिया शुरू होते ही दूसरे पक्ष ने विरोध कर दिया था। विवाद इतना बढ़ गया कि एक-दो युवक बिजली के ट्रांसफॉर्मर की ओर दौड़ पड़े और आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी थी। जबकि एक महिला भी बेहोश हो गई थी। काफी देर तक हंगामे के बाद राजस्व टीम और पुलिस को वापस लौटना पड़ा था। जानकारी के अनुसार विवाद परिवार की पुश्तैनी संपत्ति से जुड़ा हुआ है। एक पक्ष का कहना है कि परिवार के एक सदस्य ने अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पहले ही दूसरे परिवार में गोद जा चुका था और उसे इस जमीन को बेचने का अधिकार नहीं था। इसी विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। अब पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के मामले में सक्रिय होने के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।0
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ईडब्ल्यूएस आरक्षण: आय सीमा 15 लाख करने की मांग, भूमि-भवन शर्तें हटाने पर जोर
Jhunjhunu, Rajasthan:उदयपुरवाटी, झुंझुनूं नांगल में ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच की बैठक आरक्षण की शर्तों पर उठी आवाज आय सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए करने की मांग भूमि और भवन से जुड़ी पात्रता शर्तें हटाने की उठाई मांग पंचायत और निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस को राजनीतिक आरक्षण देने की पैरवी प्रदेश के 15 जिलों में बैठकें पूरी, अब बनेगी आगे की रणनीति झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के नांगल गांव में ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच की बैठक आयोजित की गई। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आरक्षण का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार की मौजूदा शर्तों में बदलाव की मांग उठाई गई। बैठक में मंच के संयोजक धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और सदस्य yashvahrdan सिंह शेखावत ने भाग लिया तथा विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कठोर पात्रता शर्तों के कारण बड़ी संख्या में योग्य युवाओं को ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित आठ लाख रुपये वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया जाना चाहिए। ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इस श्रेणी का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि भूमि और भवन से संबंधित सभी चार पात्रता शर्तों को समाप्त किया जाए। उनका कहना था कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों की परिस्थितियां अलग हैं और एक जैसी शर्तें लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान के किसी छोटे शहर या कस्बे में 100 गज जमीन और मुंबई या गुरुग्राम जैसे महानगरों में 100 गज जमीन की कीमत और महत्व में जमीन-आसमान का अंतर है। ऐसे में वर्तमान नियम कई पात्र परिवारों को आरक्षण के लाभ से वंचित कर रहे हैं। यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा कि मंच की ओर से पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि राजस्थान में लागू मॉडल को पूरे देश में अपनाला जाए। ताकि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि पंचायत और निकाय चुनावों में भी ईडब्ल्यूएस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की भागीदारी लोकतांत्रिक संस्थाओं में बढ़ाना समय की आवश्यकता है। मंच पदाधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश के 15 जिलों में बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। झुंझुनूं जिले की बैठक नांगल में आयोजित की गई है। सभी जिलों में संवाद और बैठकें पूरी होने के बाद प्रदेशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग के अधिकारों और मांगों को लेकर आगे का आंदोलन तय किया जाएगा。 बाइट 01 : धर्मेंद्रसिंह राठौड़, संयोजक, ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच (बिना चश्में के) बाइट 02 : यशवर्धनसिंह शेखावत, सदस्य, ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच (चश्मा लगाया हुआ है)0
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TKD एक्सटेंशन में जानबूझकर आग: CCTV ने साजिश का खुलासा, 3 की मौत
Noida, Uttar Pradesh:TKD एक्सटेंशन अग्निकांड: CCTV से खुला आगजनी का षड्यंत्र, 3 की मौत... दिल्ली के गोविंदपुरी थाना क्षेत्र में तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित एक बहुमंजिला इमारत में हुई भीषण आग की घटना में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। शुरूआती तौर पर हादसा मानी जा रही यह घटना अब सुनियोजित आगजनी का मामला निकली है। 12 जून 2026 की रात करीब 2:24 बजे RZ-171/1, गली नंबर-1, TKD एक्सटेंशन की ग्राउंड फ्लोर से पांचवीं मंजिल तक आग फैल गई थी। हादसे में eight लोग झुलस गए थे, जिन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान पंकज पांडेय, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी की मौत हो गई। इस मामले में थाना गोविंदपुरी में FIR संख्या 338/26 दर्ज कर शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287 और 106(1) (पूर्ववर्ती IPC की धारा 285 और 304A) के तहत जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले, जिनमें आग लगने से कुछ समय पहले एक महिला इमारत में प्रवेश करती दिखाई दी। इसके बाद जांच की दिशा बदल गई और मामला दुर्घटना के बजाय जानबूझकर आग लगाने का पाया गया। पुलिस ने 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को चिन्हित कर पकड़ा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि सरिता (27 वर्ष), निवासी गिरीनगर, गोविंदपुरी ने उसे पेट्रोल और माचिस देकर इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी में आग लगाने के लिए उकसाया था। बताया गया कि यह विवाद पैसे के लेन-देन को लेकर था। पुलिस के अनुसार सरिता ने पूछताछ में बताया कि पूरी साजिश निरंजन (33 वर्ष) और उसके भाई राजकुमार (27 वर्ष) ने रची थी। दोनों गोविंदपुरी के नवजीवन कैंप के रहने वाले हैं और व्यक्तिगत रंजिश के चलते बदला लेना चाहते थे। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में BNS की धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 105 (गैर इरादतन मानव वध), 110 (गैर इरादतन मानव वध का प्रयास), 326(g) (आग लगाकर नुकसान पहुंचाना) और 331(4) (रात्रि में घर में घुसपैठ) समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं। पुलिस ने नाबालिग लड़की सहित सरिता, निरंजन और राजकुमार को हिरासत में ले लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।0
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कैमूर में सिपाही भर्ती परीक्षा: 15 केंद्र, 7,728 उम्मीदवार, धारा 144 लागू
Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा आज सुबह से शांतिपूर्ण और कड़े सुरक्षा वातावरण में शुरू हो चुकी है। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, कदाचारमुक्त और सफल बनाने के लिए जिले भर में कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुल 7,728 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ल के संयुक्त आदेश पर सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर के दायरे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी गई है, जिससे वहां भीड़ लगाने पर पूरी तरह रोक है। किसी भी तरह की अफवाह या अनुशासनहीनता फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। सुबह के समय केंद्रों पर पहुंचे परीक्षार्थियों को गहन तलाशी अभियान से गुजरने के बाद ही प्रवेश दिया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और फ्लाइंग स्क्वाड तैनात हैं। मोबाइल और स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह वर्जित हैं। प्रशासन की मुस्तैदी से परीक्षा सुचारू रूप से चल रही है।0
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लखीसराय में केंद्रीय चयनित पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू, सुरक्षा कड़ी
Lakhisarai, Bihar:लखीसराय, बिहार के लखीसराय में आज से केंद्रीय चयनित पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू हो गई है। कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए प्रशासन ने 11 परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। यह परीक्षा मद्य निषेध सिपाही, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षक, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही पदों के लिए हो रही है। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी 3 से 5 बजे तक चलेगी। सफल संचालन के लिए जोनल दंडाधिकारी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, उड़नदस्ता दल और केंद्र अधीक्षक तैनात हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, जैमर और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था है। अभ्यर्थियों की कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर तक धारा 144 लागू है। मोबाइल, ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूरी तरह प्रतिबंध है। हर केंद्र पर वीडियोग्राफी कराई जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा है कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रवेश पत्र और पहचान पत्र अनिवार्य है। वरीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। यह परीक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है।0
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बर्ड वायरल पर नए अपडेट
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पीएम मोदी के 12 साल पूरे: बीजेपी ने सेवा- सुशासन- जनकल्याण कार्यक्रम चलाए
Ranchi, Jharkhand:पीएम मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बीजेपी देश भर में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नृत्यानंद राय रांची ने रांची के बरियातू में स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया साथ ही प्रगति पथ यात्रा कार्यक्रम चलाया, जिसमें पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। बाइट ...नित्यानंद राय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री0
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बाइक से जुड़ी खबर उपलब्ध नहीं
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