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Ladakh Academy Hosts Two-Day Hussaini Poetry Event in Kargil
Kargil,The Ladakh Academy of Art, Culture and Languages organized a two-day Hussaini poetry event in Kargil, UT Ladakh, commemorating Muharram. Executive Councillor LAHDC Kargil, Aga Syed Mujtaba, attended as the chief guest. Poets recited verses in Balti, Shina, Purgi, and Urdu languages, celebrating cultural diversity and religious observance. The event showcased local literary talents and fostered community engagement during the sacred month.
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नगला पटवारी में शीशा टूटने के बाद हिंसक संघर्ष, पुलिस ने छह हिरासत में
Aligarh, Uttar Pradesh:एंकर शीशा टूटने पर नगला पटवारी में मचा बवाल, दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे और रॉड चले, छह हिरासत में; महिलाओं ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल वीओ अलीगढ़ थाना क्वार्सी क्षेत्र के नगला पटवारी में गुरुवार को मोटरसाइकिल पर शीशा ले जाते समय शीशा टूटने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे व लोहे की रॉड चलने लगीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है स्थानीय लोगों के अनुसार झगड़े में कई लोगों को चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद एक महिला ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छोटी-सी बात पर हिंसा करना गलत है और इससे मोहल्ले का माहौल खराब हुआ है सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल छह लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और मामले की जांच जारी है बाइट सर्वम सिंह सीओ तृतीय अलीगढ0
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जमीनी विवाद में घर में घुसकर मारपीट, वीडियो वायरल; पुलिस जांच जारी
Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले में जमीनी विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई। पीड़िता ने 27 नामजद और अज्ञात लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं से अभद्रता और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। मामला चरवा थाना क्षेत्र के पूरब थोक, पानी टंकी के पास का है। पीड़िता सविता देवी का कहना है कि पुराने जमीनी विवाद को लेकर दर्जनों लोग उनके घर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने घर में घुसकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। पीड़िता के अनुसार हमले में परिवार की महिलाओं, पुरुषों और दो मासूम बच्चों को चोटें आई हैं। महिलाओं के साथ अभद्रता और गाली-गलौज किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा और न्याय की मांग की है। उधर पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे0
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हरदोई के SBI ATM गेट खुलते ही करंट से सफाई कर्मचारी की मौत
Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में SBI ATM से पैसा निकालने गए सफाई कर्मचारी की गेट खोलते ही करंट लगने से मौत उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बावन चुंगी के पास एटीएम से पैसे निकालने गए एक सफाई कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, कोतवाली शहर क्षेत्र के रुकमनापुर के रहने वाले मनोज कुमार एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने एटीएम के केबिन का गेट खोला, उसमें उतर रहे जोरदार करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह वहीं पर बेसुध होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने जब मनोज को बेसुध हालत में देखा, तो तुरंत उन्हें आनन-फानन में हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। हालाँकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मनोज कुमार को मृत घोषित कर दिया। मृतक मनोज कुमार मल्लावां विकासखंड के सुमेरपुर गांव में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात थे। उनकी असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है कि आखिर एटीएम के गेट में करंट कैसे उतरा, और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।0
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रामनगर तहसील परिसर में नाजिर और पेशकार के बीच मारपीट, वीडियो वायरल
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी की रामनगर तहसील में नाजिर और पेशकार के बीच मारपीट, हंगामे का वीडियो वायरल बाराबंकी में रामनगर तहसील परिसर गुरुवार को उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब तहसील के नाजिर अरविंद शुक्ला और तहसीलदार के पेशकार आशुतोष सिंह के बीच चल रहा विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जबकि पूरी वारदात तहसील परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई。 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों कर्मचारियों के बीच पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पेशकार आशुतोष सिंह ने बाहर से कुछ लोगों को बुला लिया, जिन्होंने नाजिर अरविंद शुक्ला को तहसीलदार न्यायालय कक्ष से बाहर खींचकर मारपीट की। इसके बाद बरामदे में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा और धक्का-मुक्की होती रही। मौके पर मौजूद तहसीलदार विपुल सिंह और अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों के बीच पिछले कई दिनों से कार्यालय में अनावश्यक बिजली खर्च रोकने को लेकर विवाद चल रहा था, जो गुरुवार को उग्र हो गया। देर शाम एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई गई। तहसीलदार विपुल सिंह ने बताया कि आपसी विवाद के दौरान हाथापाई हो गई थी, जिसे बातचीत के जरिए शांत करा दिया गया। तहसील कर्मचारियों का कहना है कि दोनों के बीच विवाद पिछले दो-तीन दिनों से लगातार चल रहा था और इसकी जानकारी अधिकारियों को भी थी। कर्मचारियों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप किया जाता तो मारपीट जैसी स्थिति से बचा जा सकता था। फिलहाल घटना का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील परिसर में पूरे दिन यही मामला चर्चा का विषय बना रहा।0
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रतलाम एक्सप्रेसवे पर काफिले के पास तीन युवकों के हाथ ऊँचे, सुरक्षा पर सवाल
Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में 9 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का काफिला एटलेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होकर गुजरा। यही दौरान रतलाम जिले के शिवगढ़ क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। वीडियो में काफिले के गुजरते समय तीन युवक अचानक एक्सप्रेसवे पर दिखाई देते हैं और तेज रफ्तार वाहन उनके दोनों ओर से निकल जाते हैं। इस दौरान तीनो व्यक्ति हाथ ऊपर कर संकेत देते दिखाई दिए, जिससे ऐसा लगा कि वो काफिले को रोक रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच तीनों व्यक्तियों का दृश्य इतना भयावह था कि वीडियो बनाने वाले का भी दिल सहम गया और मुँह से निकला बाप रे। घटना ने मंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि पूछताछ में तीनों युवकों ने बताया कि वे काफिला रोकने नहीं, बल्कि बच्चों को स्कूल से लाने के लिए सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे। तेज रफ्तार वाहन देखकर उन्होंने हाथ देकर संकेत दिया था, जिससे किसी वाहन से वे बच जाएँ। पुलिस के इस स्पष्टीकरण के बाद काफिला रोकने की आशंका खत्म हो गई, लेकिन एक्सप्रेसवे पर ग्रामीणों के इस तरह सड़क पार करने की घटना सुरक्षा और संभावित हादसों को लेकर गंभीर चिंता जरूर पैदा करती है।0
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मुजफ्फरपुर गोलीकांड के बाद पुलिस ड्रोन से दबिश, बदमाशों की गिरफ्तारी तेज
Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर में हार्डवेयर कारोबारी गोलीकांड के बाद एक्शन में पुलिस. अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी. रात में ड्रोन से की जा रही छापेमारी. कई थानों की पुलिस के साथ डीएसपी और ग्रामीण एसपी भी मौजूद. गाँव के ही घने जंगल में अपराधियों के छिपे होने की है आशंका. पुलिस ने घेराबंदी कर ली है, ड्रोन से जाँच. बाईक सवार बदमाशों ने आज शाम शेरूकाही में हार्डवेयर दुकानदार को मार दी थी गोली. पानापुर करियात के शेरूकाही गोलीकांड के बाद एक्शन में पुलिस. देर रात में भी अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी. ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई. कारोबारी Subhash Singh को गाँव के ही बदमाश ने आपसी रंजिश में मारी थी गोली, अस्पताल में चल रहा इलाज. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए देर रात मुजफ्फरपुर पुलिस का बड़ा एक्शन.0
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यूपी जाने से बची नाबालिग को बाल सुधार गृह में भेजा गया
Katihar, Bihar:यूपी जाने से बची नाबालिग, सोंपा बाल सुधार गृह को लड़की भी नाबालिक और लड़का भी नाबालिग दोनों में प्रेम के कारण से लड़की हुई गर्भवती लड़की के जीजा बहला फुसलाकर यूपी ले जाने के लिए था, तैयार सूचना मिलने पर संस्था ने किया रेस्क्यू सीमांचल का कटिहार क्षेत्र गरीबों के कारण से हमेशा से ही चर्चा की में रहा है आज फिर इस क्षेत्र से कटिहार जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक लड़की यूपी जाने से बची । नाबालिग के लिए संस्था के काउंसलर अंजना ठाकुर ने बताया कि रोज की तरह क्षेत्र में काउंसलिंग कर रही थी तभी पता चला कि नाबालिक को यूपी भेजने की तैयारी की जा रही है । इसी बीच वरीय पदाधिकारी को सूचना देते हुए चार लाइन के सहयोग से टीम बनाकर इसका रेस्क्यू किया गया । रेस्क्यू के दरमियान थोड़ा बहुत विरोध भी हुआ था । मेडिकल टेस्ट करने के बाद नाबालिग को चाइल्ड लाइन के अधीन बाल सुधार गृह भेज दिया गया है । बाइट -- अंजनी ठाकुर, काउंसलर, राहत संस्था , कटिहार बाइट -- ओम जायसवाल, प्रतिनिधि, चाइल्ड लाइन, कटिहार बाइट -- नाबालिक लड़की बाइट -- नाबालिक लड़का -- विजुअल -- रिपोर्ट -- रंजन कुमार, कटिहार0
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मंडप टूटने के 16 दिन बाद मंदिर में मुस्कान-संत कुमार ने दुबारा विवाह
Taga, Chhattisgarh:슬ग : मंडप में टूटी शादी, मंदिर में सात फेरे 16 दिन बाद फिर एक हुए मुस्कान और संत कुमार,, एंकर : जांजगीर-चांपा जिले में 23 जून को सुर्खियों में आई शादी ने अब नया मोड़ ले लिया है। उस दिन दूल्हे के कथित रूप से नशे में धुत होने की बात सामने आने पर दुल्हन मुस्कान ने मंडप में ही शादी से इनकार कर दिया था। अब उसी मुस्कान ने उसी युवक संत कुमार के साथ मंदिर में सात फेरे लेकर नई जिंदगी की शुरुआत की है। दोनों का कहना है कि शादी वाले दिन जो कुछ हुआ, वह एक साजिश थी। शादी टूटने के बाद भी दोनों लगातार फोन पर संपर्क में रहे, गलतफहमियां दूर हुईं और आज दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। वीओ 1 : 23 जून को चांपा थाना क्षेत्र के कोसमंदा गांव में दूल्हे के कथित रूप से नशे में धुत होने पर दुल्हन मुस्कान ने शादी से इनकार कर दिया था। यह घटना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी। बाद में जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने मुस्कान के साहसिक फैसले का सम्मान किया। इसके बाद एसपी के निर्देश पर उन्हें परिवार परामर्श केंद्र में परामर्शदात्री सदस्य की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। लेकिन इस चर्चित कहानी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। वीओ 2 : आज मुस्कान परिवार परामर्श केंद्र में अपनी जिम्मेदारी निभाने पहुंची थीं। दोपहर करीब दो बजे वह केंद्र से निकलीं, लेकिन घर जाने के बजाय सीधे संत कुमार के गांव खोखरा पहुंच गईं। वहां मनका दाई मंदिर में संत कुमार और उसके परिजनों की मौजूदगी में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। बताया जा रहा है कि इस शादी की जानकारी लड़के के परिवार को पहले से थी, जबकि लड़की के परिजनों को इसकी सूचना बाद में मिली। मंदिर में विवाह के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर लिया। बाइट – मुस्कान ( दुल्हन ) बाइट – संत कुमार ( दूल्हा) वीओ : 4 जिस शादी ने 23 जून को पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं, वही रिश्ता अब फिर से जुड़ गया है। मंडप में टूटी शादी अब मंदिर में सात फेरों के साथ पूरी हो चुकी है। हालांकि, शादी वाले दिन हुई घटना को लेकर दोनों ने साजिश और नशीला पदार्थ मिलाए जाने का दावा किया है। इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, दोनों परिवारों की सहमति से मुस्कान और संत कुमार ने नई जिंदगी की शुरुआत कर दी है और यह अनोखा घटनाक्रम एक बार फिर जांजगीर-चांपा में चर्चा का विषय बना हुआ है। बाइट – योगिता खपड़े, सीएसपी चांपा विओ 5 : गुरुवार को मुस्कान परिवार परामर्श केंद्र पहुंची थीं। दोपहर बाद वह केंद्र से निकलीं, लेकिन घर नहीं पहुंचीं। शाम तक मोबाइल बंद आने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर टीम उनकी तलाश में जुट गई। जांच के दौरान पता चला कि मुस्कान खोखरा गांव में संत कुमार के घर पर हैं। इसके बाद चांपा सीएसपी योगिता खपड़े पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और दोनों से बातचीत कर पूरे मामले की पुष्टि की,,पुलिस के मुताबिक, मुस्कान ने अपनी मर्जी से संत कुमार के साथ रहने और विवाह करने की बात कही। वहीं मुस्कान और संत कुमार ने अपनी बाइट में बताया कि शादी टूटने के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में थे। संत कुमार ने मुस्कान से माफी मांगी और भविष्य में शराब का सेवन नहीं करने का वादा किया। दोनों का यह भी दावा है कि शादी वाले दिन जो कुछ हुआ, उसके पीछे साजिश थी। इसके बाद दोनों ने खोखरा स्थित मनका दाई मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। अब कुछ दिन पहले सुर्खियों में रही यह शादी, एक बार फिर पूरे जांजगीर-चांपा जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक शादी... दो अलग-अलग फैसले... और महज 16 दिनों में पूरी तरह बदल गई कहानी। जिस रिश्ते को मंडप में खत्म मान लिया गया था, वही रिश्ता अब मंदिर में सात फेरों के साथ नई शुरुआत कर चुका है। हालांकि, शादी वाले दिन की घटना को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं, जिनकी आधिकारिक जांच अलग विषय है। फिलहाल, दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह कर साथ जीवन बिताने का फैसला लिया है।0
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बिल्ली ने सबसे बड़ा धोखा दिया: हमें लगा वे पालतू हैं
Noida, Uttar Pradesh:The greatest trick cats ever pulled was convincing us they were domesticated0
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दुनिया दूसरों के सुख से दुखी क्यों होती है? समझिए जवाब
Noida, Uttar Pradesh:दुनियां अपने दुःख से नहीं दूसरों के सुख से दुखी क्यों होती है0
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एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं, कोर्ट मांगता है मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के रवैये पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि केवल एमएसपी घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है। यदि किसानों को बाजार में समर्थन मूल्य पर खरीदार नहीं मिल रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रभावी खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराए। कोर्ट ने राजस्थान में संचालित सरकारी खरीद केंद्रों, खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का पूरा ब्यौरा पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण और न्यायाधीश अनुरूप सिंघी की खंडपीठ भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा कि प्रदेश में एमएसपी पर फसलों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है। कोर्ट ने इस संबंध में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिका की ओर से अधिवक्ता रमनदीप सिंह खरलिया ने बताया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 के तहत मंडी समितियों का दायित्व है कि किसानों की उपज घोषित एमएसपी से कम कीमत पर नहीं बिके। इसके बावजूद प्रदेश की कई कृषि मंडियों में विभिन्न फसलों की नीलामी समर्थन मूल्य से कम दरों पर हो रही है। याचिका में यह भी कहा गया कि खुली नीलामी के दौरान एमएसपी को आधार मूल्य नहीं बनाया जाता, जिससे कानून का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा अन्य फसलों की खरीद नेफेड, कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) सहित नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। ऐसे में सरकार यह स्पष्ट करे कि इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र कार्यरत हैं और जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल रही है, वहाँ सरकारी खरीद कैसे सुनिश्चित की जा रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी खरीद तंत्र सरकार की जिम्मेदारी है, केवल एमएसपी घोषित कर देना पर्याप्त नहीं। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 को होगी।0
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राजस्थान हाईकोर्ट: PTI ग्रेड-3 भर्ती 2022 पर पूर्व प्रभाव डिबार नहीं किया जा सकता
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पीटीआई ग्रेड-3 भर्ती 2022 से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए स्थायी डिबार (प्रतिबंध) आदेश को पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट) से लागू कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने एक साथ सुनवाई करते हुए कई याचिकाओं का निस्तारण किया और राज्य सरकार तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) को अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कर, यदि वे वास्तविक पाए जाते हैं, तो मेरिट के अनुसार नियुक्ति देने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रिपुदमन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि मामले के अनुसार, वर्ष 2018 की पीटीआई भर्ती में दस्तावेज सत्यापन के दौरान याचिकाकर्ताओं की बी.पी.एड. डिग्रियां वास्तविक नहीं पाई गई थीं, जिसके कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। हालांकि उस समय उनके खिलाफ न तो कोई आपराधिक मामला दर्ज किया गया और न ही उन्हें किसी परीक्षा से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया। बाद में अभ्यर्थियों ने यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से नई बी.पी.एड. डिग्रियां प्राप्त कीं और वर्ष 2022 की पीटीआई भर्ती परीक्षा में सफल होकर अंतिम मेरिट सूची में स्थान बनाया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 के विवाद का हवाला देते हुए उनकी उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई। आरएसएसबी ने 9 अप्रैल 2024 को उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं से स्थायी रूप से डिबार कर दिया। कोर्ट ने पाया कि यह आदेश भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पारित किया गया तथा अभ्यर्थियों को न तो सुनवाई का अवसर दिया गया और न ही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया गया। ऐसे में इस आदेश को वर्ष 2022 की भर्ती पर पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकत। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करना गंभीर मामला है और संबंधित प्राधिकारी कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वैधानिक प्रक्रिया अपनाए बिना किसी अभ्यर्थी के अर्जित अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के वर्तमान शैक्षणिक दस्तावेजों का चार माह में सत्यापन किया जाए। यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो उन्हें उनकी श्रेणी की मेरिट के अनुसार नियुक्ति दी जाए। उन्हें पिछला वेतन नहीं मिलेगा, लेकिन वरिष्ठता उस तिथि से दी जाएगी, जिस दिन उनसे कनिष्ठ अभ्यर्थी को नियुक्ति मिली ।0
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सीकर में छत की रेलिंग टूटने से मजदूर की मौत
Sikar, Rajasthan:सीकर शहर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में छत की सीमेंट की रेलिंग टूटने से नीचे गिरने पर एक 55 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मजदूर रात के समय छत की रेलिंग पर बैठा हुआ था। रेलिंग अचानक टूट गई और वह नीचे जा गिरा। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए SK अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उद्योग नगर थाने के ASI रंगलाल ने बताया कि मृतक की पहचान बंशीलाल मीणा (55) निवासी सेपरा गovar, जिला झुंझुनूं के रूप में हुई है। वह सीकर में मजदूरी करता था और भंवर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, रात करीब 8 से 9 बजे के बीच बंशीलाल छत की सीमेंट की रेलिंग पर बैठा था। इसी दौरान रेलिंग भरभराकर टूट गई और वह उसके साथ नीचे गिर पड़ा। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने पर उसे तुरंत SK अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक अपने पीछे दो बच्चों का परिवार छोड़ गया है। मामले की जांच की जा रही है।0
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सीधी: दिव्यांग परिवार की घंटों सुनवाई नहीं, हस्तक्षेप के बाद अस्पताल में कार्रवाई
Sidhi, Madhya Pradesh:एंकर: सीधी में एक दिव्यांग परिवार की पीड़ा ने प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चार दिव्यांग सदस्यों वाला परिवार सुबह से प्रभारी मंत्री से मिलने का इंतजार करता रहा, लेकिन घंटों बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार विधायक रीती पाठक के हस्तक्षेप और कलेक्टर के निर्देश के बाद रात में स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जिला अस्पताल में प्रक्रिया शुरू कराई गई। देखिए यह रिपोर्ट... वीओ-1: गुरुवार को सीधी के सर्किट हाउस में ग्राम कुचवाही निवासी पंकज मिश्रा अपने चार दिव्यांग परिजनों के साथ सुबह करीब 11 बजे से प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल से मिलने पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि वे करीब 11 घंटे तक इंतजार करते रहे। शाम करीब 7:15 बजे जब प्रभारी मंत्री पहुंचे, तब भी उनकी फरियाद नहीं सुनी गई। आरोप है कि मंत्री आवेदन लिए बिना ही आगे बढ़ गए, जिससे पूरा परिवार मायूस हो गया। वीओ-2: इसी दौरान मौके पर मौजूद सीधी विधायक रीती पाठक ने परिवार की परेशानी सुनी। उन्होंने तत्काल आवेदन लिया और कलेक्टर विकास मिश्रा को पूरे मामले से अवगत कराया। कलेक्टर ने तुरंत सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे को निर्देश दिए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल में दिव्यांगों की आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कराई गई। वीओ-3: पीड़ित परिवार के मुताबिक, उनके छह सदस्यों में चार दिव्यांग हैं, जिनमें दो की दिव्यांगता 100 प्रतिशत है। इसके बावजूद पिछले तीन महीने से दिव्यांग पेंशन बंद है। यूडीआईडी नंबर जनरेट नहीं होने के कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं। पंकज मिश्रा का कहना है कि मेडिकल बोर्ड नियमित रूप से नहीं बैठने के कारण वह पिछले एक महीने से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं और हर बार गांव से आने-जाने में करीब एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाइट-1: पंकज मिश्रा, पीड़ित वीओ-4: मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे स्वयं सर्किट हाउस पहुंचे और दिव्यांग भाई-बहनों को जिला अस्पताल लेकर आए। उन्होंने कहा कि देरी क्यों हुई, इसकी जांच की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लगातार मेडिकल बोर्ड के लिए चक्कर लगाने की शिकायत गंभीर है और इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। बाइट-2: डॉ. अशोक खरे, सीएमएचओ, सीधी पीटीसी: 3आदर्श कुमार गौतम एक दिव्यांग परिवार सुबह 11 बजे से लेकर रात तक न्याय की उम्मीद में इंतजार करता रहा, लेकिन व्यवस्था तब जागी जब जनप्रतिनिधि ने हस्तक्षेप किया और कलेक्टर ने निर्देश दिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कुछ घंटों में समाधान की प्रक्रिया शुरू हो सकती थी, तो इस परिवार को तीन महीने तक सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों के चक्कर क्यों लगाने पड़े? क्या संवेदनशील मामलों में सिस्टम बिना दबाव और हस्तक्षेप के काम नहीं करता? यही सवाल अब प्रशासनिक जवाबदेही पर खड़े हो रहे हैं।0
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इटारसी: ओएचई लाइन पर चढ़े युवक की दर्दनाक घटना, 70% तक झुलसा
Narmadapuram, Madhya Pradesh:जिले के इटारसी में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। आउटर पर खड़ी ट्रेन के ऊपर चढ़े एक युवक ने अचानक अपना हाथ हाईटेंशन ओएचई लाइन की ओर बढ़ा दिया, जिससे तेज धमाके के साथ करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद युवक ट्रेन से नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद यात्रियों और पुलिस ने उसे गंभीर हालत में इटारसी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। युवक करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुका है। घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय धन बहादुर के रूप में हुई है, जो नेपाल का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मजदूरी करने के लिए गोवा जा रहा था। सफर के दौरान अचानक उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई और वह अजीब व्यवहार करने लगा। परिजनों के मुताबिक, दिल्ली से गोवा जाते समय जब ट्रेन इटारसी स्टेशन के पास सी-केबिन आउटर पर खड़ी थी, तभी धन बहादुर ट्रेन के ऊपर चढ़ गया। यात्रियों ने उसे ऊपर देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, युवक ओएचई लाइन की चपेट में आ गया। तेज आवाज के साथ हुए हादसे में वह नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद पत्नी नेहा और बच्चों का रो-रोकर बुरा हालत है। पत्नी ने बताया कि रास्ते में धन बहादुर अचानक अजीब बातें करने लगा था और फिर यह हादसा हो गया।0
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