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उत्तराखंड चुनाव: जेन ज़ी के मुद्दे पर BJP और Congress की भिड़ंत

RARAM ANUJJust now
Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी-अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा और प्रभावी मुद्दा जेन ज़ी यानी युवाओं का रहने वाला है. देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं और जेन ज़ी की बढ़ती राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता को देखते हुए, अब उत्तराखंड में भी युवाओं की मांगों और मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है. पेश है रिपोर्ट 2027 के विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दर्ज तैयारी में जुटे हुए हैं, वहीं भाजपा का कहना है कि युवा हमेशा से उसकी नीतियों और चुनावी प्राथमिकताओं के केंद्र में रहे हैं. पार्टी अब जेन ज़ी और युवाओं की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष योजनाएं और रणनीति तैयार कर रही है. भाजपा ने हमेशा युवाओं के हित और उनकी बात को प्रमुखता से उठाया है. आने वाले समय में भी युवाओं को ध्यान में रखकर ही रणनीति को आगे बढ़ाया जा रहा है. बाईट कुंदन परिहार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के युवा-केन्द्रित रुख पर जोरदार हमला बोला है. कांग्रेस का आरोप है कि सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह सिर्फ बयानबाज़ी कर रही है. "भाजपा आखिर किस वर्ग को केंद्र में रखना चाहती है? कभी युवाओं की बात करती है, कभी महिलाओं की तो कभी किसानों की. सच यह है कि भाजपा के पास कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है? और वह केवल जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रही है. इससे उन्हें कोई चुनावी फायदा नहीं मिलने वाला." बाइट गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं और जेन ज़ी की भूमिका बेहद निर्णायक मानी जा रही है. रोजगार, शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर युवा वर्ग बेहद मुखर है. ऐसे में दोनों ही मुख्य दल युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी मैदान में युवाओं के मुद्दों को कौन सी पार्टी ज्यादा मजबूती से उठा पाती है और 2027 में जेन ज़ी का वोट बैंक किस राजनीतिक दल की किस्मत चमकाता है. राम अनुज जी मीडिया देहरादून
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शत्रु संपत्तियों पर बड़ा फैसला: लीज नवीनीकरण नहीं, संपत्तियाँ खाली कराई जाएंगी

Lucknow, Uttar Pradesh:शत्रु संपत्तियों पर सरकार का बड़ा फैसला, अब न किराया बढ़ेगा न लीज का नवीनीकरण उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मौजूद शत्रु संपत्तियों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन संपत्तियों को न तो नए सिरे से किराये पर दिया जाएगा और न ही लीज का नवीनीकरण किया जाएगा। मौजूदा किरायेदारी, लीज या लाइसेंस की अवधि पूरी होने के बाद संपत्तियों को खाली कराया जाएगा और गृह मंत्रालय के कब्जे में लेकर उनकी नीलामी की जाएगी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर अभिरक्षा कार्यालय लखनऊ ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अवैध कब्जे वाली शत्रु संपत्तियों को खाली करने के लिए कब्जेदारों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। तय समय में कब्जा नहीं हटाने पर बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। यूपी और उत्तराखंड में करीब 5600 शत्रु संपत्तियां यूपी और उत्तराखंड में करीब 5600 शत्रु संपत्तियां हैं। इनमें बड़ी संख्या में संपत्तियों पर अवैध कब्जे बताए जा रहे हैं। वहीं कई संपत्तियां दशकों से बेहद कम किराये पर लीज या किरायेदारी पर चल रही हैं। इससे सरकार को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा है。 गृह मंत्रालय के निर्देश में कहा गया है कि सभी कब्जेदारों के अनुबंध और दस्तावेजों की जांच की जाए। जिनके पास कोई वैध अनुबंध नहीं है, उन्हें 15 दिन में संपत्ति खाली कराई जाए। वहीं वैध किरायेदारी, लीज या लाइसेंस वाले लोगों को अनुबंध की अवधि पूरी होने तक रहने दिया जाएगा, लेकिन किसी भी अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज स्थित हलवासिया मार्केट इसका बड़ा उदाहरण है। करीब 10 हजार वर्गमीटर में फैली इस शत्रु संपत्ति का किराया महज 700 रुपये प्रति माह बताया गया है। यह संपत्ति दशकों से लीज पर है और अगले साल इसकी लीज खत्म होने वाली है। इसी तरह करीब 400 वर्गमीटर में स्थित कोहली ब्रदर्स से सिर्फ 250 रुपये प्रति माह किराया लिया जा रहा है। कपूर होटल का किराया करीब 8 हजार रुपये, टाटा समूह का 3 हजार रुपये और करीब 400 वर्गमीटर में फैली महाटेक्स हैंडलूम का किराया महज 2 हजार रुपये प्रति माह बताया गया है। सरकार का मानना है कि बेशकीमती संपत्तियों से इतने कम किराये की वजह से सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हो रहा है। अब अनुबंध खत्म होने के बाद इन संपत्तियों को खाली कराकर सरकार के कब्जे में लिया जाएगा और आगे उनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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MPD मंजूरी से दिल्ली देहात के किसानों में नई उम्मीद, लैंड पूलिंग का रास्ता साफ

Delhi, Delhi:दिल्ली देहात के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली मास्टर प्लान यानी MPD को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आने के बाद दिल्ली देहात के किसान संगठनों और लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों में खुशी की लहर है। किसानों का कहना है कि करीब 18 साल के संघर्ष और लगातार प्रयासों के बाद यह बड़ी कामयाबी मिली है। अब उनकी नजर लैंड पूलिंग पॉलिसी और GDA पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन पर है。 दिल्ली देहात के किसानों के लंबे संघर्ष को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली मास्टर प्लान को मंजूरी मिल गई है। इस खबर के सामने आने के बाद किसानों में उत्साह है। किसानों और DDVM से जुड़े साथियों का कहना है कि पिछले करीब 18 वर्षों से चल रही उनकी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के बाद अब किसानों की नजर लैंड पूलिंग और GDA पॉलिसी पर है। किसानों का मानना है कि MPD की मंजूरी के बाद इन नीतियों को लागू करने का रास्ता और स्पष्ट होगा। हालांकि, किसानों की असली नजर अब आने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन और उसमें किए गए प्रावधानों पर रहेगी。 किसान संगठनों की ओर से कहा गया है कि नोटिफिकेशन जारी होते ही उसकी बारीकी से जांच की जाएगी। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि लैंड पूलिंग से जुड़े मामलों में किसानों के हित में पहले सुझाए गए बदलाव और मांगों को कितना स्थान दिया गया है। वहीं किसानों के सामने अगली बड़ी चुनौती मुआवजे से जुड़ी है। किसानों का कहना है कि अब सर्कल रेट बढ़ाने की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि जमीन अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को उनकी जमीन का उचित और सम्मानजनक मुआवजा मिल सके。 18 साल के संघर्ष के बाद सामने आई इस खबर को किसान अपनी सामूहिक एकजुटता की जीत बता रहे हैं। अब किसानों की नजर सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर है और इसके बाद उनकी अगली रणनीति तय होगी।MPD की मंजूरी की खबर ने दिल्ली देहात के किसानों को नई उम्मीद दी है। अब देखना होगा कि आने वाले नोटिफिकेशन में किसानों की मांगों को कितनी प्राथमिकता मिलती है और सर्कल रेट बढ़ाने की अगली लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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फरीदाबाद के स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी में निर्माण से मकानों में दरार, 10 परिवार परेशान

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद मे स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी में निर्माण से तीन मकानों में दरार, परिवार दहशत में फरीदाबाद: स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी, सेक्टर-31 में प्लॉट नंबर 22 पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक ब्लॉक-8 के पास निर्माण कार्य के दौरान करीब सात मकानों में दरारें आई हैं, जबकि तीन मकानों के लैंटर और दीवारों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। लोगों का आरोप है कि तीनों मकानों की दीवारें करीब 10 इंच तक झुक गई हैं, जिससे इन घरों में रहने वाले परिवारों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। इस घटना से करीब 10 परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मामले को लेकर लगातार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें प्रभावशाली लोगों और बड़े मंत्रियों का नाम लेकर दबाव में लेने की कोशिश की जाती है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि मकानों की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें आशंका है कि यदि निर्माण कार्य इसी तरह जारी रहा तो बड़ा हादसा हो सकता है। परिवारों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से मामले की तत्काल जांच कराने, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाने और क्षतिग्रस्त मकानों को सुरक्षित कराने की मांग की है। लोगों ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि वे अपने ही घरों में डर के साए में रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करे, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। पूरी घटना 7 तारीख की बताई जा रही है क्योंकि निर्माणअधीन मकान की बेसमेंट खोदकर छोड़ दी गई थी जिसमें बारिश के चलते ओवरफ्लो हो गया और उसे अपनी रिश्ते हुए तीन मकान की नियमों तक पहुंच गया जिससे यह पूरी घटना हुई
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चाय बागान मजदूरों के विरोध के बीच बाँस पुल तोड़ने की कोशिश रोकी गई

Mal Bazar, West Bengal:বাঁশের সাঁকো ভাঙতে গিয়ে বাধার মুখে রিসোর্ট কর্তৃপক্ষ... নদীর ওপর তৈরি বাঁশের সাঁকো ভাঙতে গিয়ে চা বাগান শ্রমিক ও স্থানীয় বাসিন্দাদের বাধার মুখে পড়ল রিসোর্ট কর্তৃপক্ষ। ঘটনাকে কেন্দ্র করে মেটেলি ব্লকের বিধাননগর গ্রাম পঞ্চায়েতের কুর্তি নদীর তীরে বাগবিতণ্ডায় জরায় রিসোর্ট কতৃপক্ষ এবং স্থানিয় মানুষ । শেষ পর্যন্ত শ্রমিক ও স্থানীয়দের বাধায় সাঁকো ভাঙার কাজ বন্ধ করে দিতে হয়। স্থানীয় সূত্রে জানা গিয়েছে, ২০১৯ সালে area's একটি বেসরকারি রিসোর্ট কর্তৃপক্ষ কুর্তি নদীর ওপর ওই বাঁশের সাঁকোটি তৈরি করে। এরপর থেকে সাঁকোটি ব্যবহার করে নিয়মিত প্রায় ৩০০ জন চা বাগান শ্রমিক কাজে যাতায়াত করেন। পাশাপাশি area's বহু বাসিন্দাও مختلف প্রয়োজনে সাঁকোটি ব্যবহার করেন। রিসোর্ট কর্তৃপক্ষের দাবি, প্রশাসনের নির্দেশেই কয়েকবার সাঁকোটি ভাঙতে যাওয়া হয়েছে। তবে প্রতিবারই গ্রামের মানুষ সাঁকো ভাঙতে বাধা দেয়। এবারো চা বাগান শ্রমিক ও স্থানীয় বাসিন্দারা বাধা দেন। তাঁদের বক্তব্য, সাঁকোটি ভেঙে দিলে চা বাগানে কাজে যাওয়ার পথ বন্ধ হয়ে যাবে। এটা ভেঙ্গে দিলে চার কিলোমিটার ঘুরে যাতায়াত করতে হবে। চা বাগান শ্রমিক ঊষা ওরাওঁ এবং লাইলি বেগম বলেন, “এই সাঁকোর ওপর দিয়েই প্রতিদিন চা বাগানে কাজে যাই। সাঁকো ভেঙে দিলে আমাদের কাজে যাওয়া বন্ধ হয়ে যাবে। আমরা কর্মহীন হয়ে পড়ব। তাই কোনওভাবেই এই সাঁকো ভাঙতে দেব না।” স্থানীয়দের দাবি,এর আগে ২০২২ সালে রিসোর্ট কর্তৃপক্ষ সাঁকোটি ভাঙতে উদ্যোগী হয়েছিল। সেবারও শ্রমিক ও বাসিন্দারা বাধা দিয়েছিলেন। রিসোর্ট মালিক শেখ জিয়াউর রহমান বলেন, প্রশাসনের তরফে দ্রুত সাঁকোটি ভেঙে ফেলার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে। সেই নির্দেশ মেনেই সাঁকো ভাঙতে গেলে শ্রমিক ও স্থানীয় বাসিন্দারা বাধা দেন। বিষয়টি প্রশাসনের বিভিন্ন মহলে জানানো হবে বলে তিনি জানান。 বাইট ১) স্থানিয় বাসিন্দা। ২) চাবাগান শ্রমিক। ৩) রিসোর্ট মালিক শেখ জিয়াউর রহমান। 1308ZG_MAL_SETU_PROBLEM_R
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मरिच्या गाँव की महिलाओं ने मंदिर चोरी के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन किया

Mollar Chak, West Bengal:শঙ্খধ্বনি,করতাল, ঘন্টা বাজিয়ে মন্দির চুরির অভিনব প্রতিবাদ, রাস্তার উপর বসে দোষীদের শাস্তির দাবি তুলছেন মারিচ্যা গ্রামের বাসিন্দারা । গতকাল পাঁচটি মন্দিরের চুরি হয় ঘাটাল ব্লকের মারিচ্যা গ্রাম, অভিযোগ পেয়ে তদন্ত নামে ঘাটাল থানার পুলিশ। একাধিক মন্দিরে রাত্রিতে চুরি হওয়ায় দোষী ব্যক্তিদের শাস্তি দাবি তুলে ঘাটালের বড়দা চৌকান থেকে খড়ার যাওয়ার রাজ্য সড়কের উপর বসে পড়ে অভিনব প্রতিবাদ জানান area's মহিলারা। তাদের দাবি অবিলম্বে দোষীদের চিহ্নিত করে গ্রেফতার করতে হবে,উপযুক্ত শাস্তির দাবি তুলে প্রতিবাদ জানান এলাকার মহিলারা। ঘটনাস্থলে ঘাটাল থানার পুলিশ পৌঁছে যানজট স্বাভাবিক করে।
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कटवा के मैदानपाड़ा इलाके से चार बम मिले, बम स्क्वॉयड ने जांच शुरू की

Katwa, West Bengal:কাটোয়ার কেশিয়া মাঠপাড়া এলাকায় পরিত্যক্ত একটি বাড়ির ভাঙা ঘর থেকে চারটি তাজা বোমা উদ্ধারের ঘটনাকে কেন্দ্র করে তীব্র চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। একটি নাইলনের ব্যাগের মধ্যে বোমাগুলি রাখা ছিল বলে জানা গিয়েছে। খবর পেয়ে দ্রুত ঘটনাস্থলে পৌঁছে এলাকা ঘিরে ফেলে কাটোয়া থানার বিশাল পুলিশ বাহিনী। স্থানীয় সূত্রে জানা যায়, মাঠপাড়া area's একটি পরিত্যক্ত বাড়ির একটি ভাঙা ঘরের মধ্যে সন্দেহজনক অবস্থায় একটি নাইলনের ব্যাগ পড়ে থাকতে দেখেন কয়েকজন স্থানীয় বাসিন্দা। ব্যাগটি ঘিরে সন্দেহ তৈরি হওয়ায় তাঁরা সঙ্গে সঙ্গে কাটোয়া থানায় খবর দেন। খবর পেয়ে পুলিশ ঘটনাস্থলে পৌঁছে গোটা এলাকা কর্ডন করে ব্যাগটি পরীক্ষা করে। এরপর ব্যাগের ভিতর থেকে চারটি তাজা বোমা উদ্ধার হয়。 ঘটনার গুরুত্ব বুঝে খবর দেওয়া হয়েছে বোম স্কোয়াডকে। পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, বোম স্কোয়াডের প্রতিনিধিরা ঘটনাস্থলে পৌঁছে বোমাগুলি পরীক্ষা করবেন এবং নিরাপদে নিষ্ক্রিয় করার ব্যবস্থা করবেন。 ইতিমধ্যেই ঘটনার সঙ্গে যোগ থাকার সন্দেহে এক ব্যক্তিকে আটক করেছে পুলিশ। তাকে কাটোয়া থানায় নিয়ে গিয়ে জিজ্ঞাসাবাদ করা হচ্ছে। ওয়ি পরিত্যক্ত বাড়িতে কারা এবং কী উদ্দেশ্যে তাজা বোমাগুলি মজুত করেছিল, সেগুলি কোথা থেকে আনা হয়েছে, কিংবা এর পিছনে কোনো অপরাধমূলক বা নাশকতার পরিকল্পনা ছিল কি না, তা খতিয়ে দেখছে পুলিশ。 বোমা উদ্ধারের ঘটনায় এলাকায় আতঙ্কের পরিবেশ তৈরি হয়েছে। পুলিশি তদন্তের পাশাপাশি বোম স্কোয়াডের নিষ্ক্রিয়করণ প্রক্রিয়ার দিকেও নজর রয়েছে স্থানীয় বাসিন্দাদের। বাইট:১) জরিনা বিবি, স্থানীয় বাসিন্দা, ২) তনু বিবি, স্থানীয় বাসিন্দা。
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अरামबाग में तिरंगा यात्रा से स्वतंत्रता दिवस का जोश बढ़ा

Arambag, West Bengal:আরামবাগে বর্ণাঢ্য তিরঙ্গা যাত্রা。 আরামবাগ মহকুমা প্রশাসনের উদ্যোগে আরামবাগ শহর জুড়ে বর্ণাঢ্য তিরঙ্গা যাত্রার আয়োজন করা হয়। স্বাধীনতা দিবসের প্রাক্কালে দেশপ্রেমের এই মহা উৎসবে আরামবাগের বিভিন্ন স্তরের মানুষ স্বতঃস্ফূর্তভাবে সামিল হন। হাতে তেরঙ্গা জাতীয় পতাকা নিয়ে 'বন্দেমাতরম' ও 'ভারত মাতা কি জয়' ধ্বনিতে গোটা শহর পরিক্রমা করেন অংশগ্রহণকারীরা। এই পদযাত্রায় বিশেষ আকর্ষণ ছিল বিভিন্ন বিদ্যালয়ের ছাত্র-ছাত্রীদের উপস্থিতি। তাদের হাতে জাতীয় পতাকা ও দেশাত্মবোধক প্ল্যাকার্ড ছিল। প্রশাসনের আধিকারিক, শিক্ষক, পুলিশ কর্মী ও বিভিন্ন সামাজিক সংগঠনের সদস্যরাও পা মেলান এই যাত্রায়। পায়ে হেঁটে সাধারণ মানুষের সঙ্গে তিরঙ্গা যাত্রায় অংশ নেন আরামবাগের মহকুমা শাসক রবি কুমার মিনা।আরামবাগ ও পুরশুড়ার বিধায়ক বিমান ঘোষ ও হেমন্ত বাগ। তাঁদের উপস্থিতিতে যাত্রা আরও উজ্জীবিত হয়ে ওঠে।
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स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार छात्राएं आत्मरक्षा कौशल दिखाकर देंगी संदेश

Kota, Rajasthan:स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार छात्राएं दिखाएंगी आत्मरक्षा का प्रदर्शन एंकर स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर गुरुवार को नयापुरा स्थित उम्मेद सिंह स्टेडियम में फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल आयोजित की गई। फाइनल रिहर्सल में एडीएम सिटी विनोद मल्होत्रा शामिल हुए और उन्होंने मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। रिहर्सल में राजस्थान पुलिस, आरएसी, महिला पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट-गाइड के दलों ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। जवानों और कैडेट्स ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कदमताल करते हुए अनुशासन और समन्वय का प्रदर्शन किया। समारोह में शामिल होने वाले विभिन्न दलों ने अपनी प्रस्तुतियों की भी रिहर्सल की। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष आकर्षण स्कूली छात्राओं का सेल्फ डिफेंस प्रदर्शन रहेगा। पहली बार छात्राएं समारोह के दौरान आत्मरक्षा की तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी। इसके जरिए छात्राओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित रहने का संदेश दिया जाएगा। फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और समारोह को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
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कोटा हर घर तिरंगा अभियान में बच्चों को तिरंगे वितरित, ध्वज के महत्व पर बल

Kota, Rajasthan:कोटा हर घर तिरंगा अभियान में गुरुवार को नगर निगम कोटा की ओर से विज्ञान नगर स्थित सरकारी विद्यालय में बच्चों को तिरंगे वितरित किए गए। निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। मेहरा ने बच्चों से 15 अगस्त को अपने-अपने घरों पर तिरंगा लगाने और अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। तिरंगे पाकर स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने देशभक्ति के नारे लगाए। इस दौरान विद्यालय परिसर ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में बच्चों ने राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का संदेश दिया।
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