194103
Ladakh Academy Hosts Two-Day Hussaini Poetry Event in Kargil
Kargil,The Ladakh Academy of Art, Culture and Languages organized a two-day Hussaini poetry event in Kargil, UT Ladakh, commemorating Muharram. Executive Councillor LAHDC Kargil, Aga Syed Mujtaba, attended as the chief guest. Poets recited verses in Balti, Shina, Purgi, and Urdu languages, celebrating cultural diversity and religious observance. The event showcased local literary talents and fostered community engagement during the sacred month.
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
अंबाजी मंदिर में मोहनथाल प्रसाद की तैयारी, भादर पूर्णिमा मेले में भक्तों को मिलेगा
Ambaji, Gujarat:શક્તિપીઠ અંબાજી ખાતે આગામી 20 સપ્ટેમ્બર થી સાત દિવસનો ભાદરવી પૂનમનો મહા મેળો યોજાનાર છે અને આ મેળામાં ગુજરાત સહિત દેશભરમાંથી 35 લાખ કરતાં વધુ શ્રદ્ધાળુ અંબાજી પગપાળા પહોંચી દર્શનાર્થે આવતા હોય છે ત્યારે ખાસ કરીને શ્રદ્ધાળુઓમાં અંબાજી મંદિરનો મોહનથાળ નો પ્રસાદ લેવાનો ભારે માંગ જોવા મળે છે કેંદ આ પ્રસાદનું વિશેષ મહત્વ હોવાથી આવતા તમામ શ્રદ્ધાળુ અચૂક માતાજીના મુહનથાળ નો પ્રસાદ મંદિરમાંથી વેચાણથી લઈ પોતાના વતને લઈ જતા હોય છે ત્યારે અંબાજી મંદિરે આવતા શ્રદ્ધાળુઓને પૂરતા પ્રમાણમાં પ્રસાદ મળી રહે તે માટે આજે ગણેશ ચતુર્થીથી અંબાજી આર્ટસ અને કોમર્સ કોલેજ કેમ્પસમાં વિશેષ ડોમ બનાવી સ્વચ્છતાપૂર્ણ રીતે પ્રસાદ બનાવવાની કામગીરી જિલ્લા કલેકટર, દાંતા એસ ડી એમ સહિત જિલ્લાના અન્ય અધિકારીઓ અને મંદિર ટ્રસ્ટના વહીવટદાર અધિક કલેક્ટર ની ઉપસ્થિતિમાં નીagiye છે આ પ્રસાદ બનાવવાની કામગીરીનો પ્રારંભ કરવામાં આવ્યો છે જ્યાં હોમ હવન થઇ રહેલ છે, દરેક પરી મુખ્યતા અંબાજીના મહિલા સફાઈ યોદ્ધાઓ તેમજ અન્ય અધિકારીઓ ઉપસ્થિત રહ્યા હતા. પ્રસાદની નિગરાનીમાં જિલ્લા કલેકટર મિહિર પટેલ વહીવટદાર કૌશિક મોદી બનાસકાંઠા પુરવઠા અધિકારી સહિતના અધિકારીઓ હાલ તેજીથી નજર રાખી રહેલા છે અને ફૂડ એન્ડ ડ્રગ વિભાગના અધિકારીઓ પણ સેમ્પલિંગ કરી રહેશે. સામગ્રીમાં ખાંડ, આદુ જેવી ઘટકો ઉપરાંત ઘીના મિશ્રણથી આ પ્રસાદ બનાવવામાં આવે છે અને ભાદર પૂનમ મેળામાં રંગોળી સહિતના સમયમાં 1000 જેટલા ઘાણ ઉપયોગમાં લેવાશે. ખાંડ 1.50 લાખ કિલો, બેસન 1 લાખ કિલો, શુદ્ધ દેશી ઘી 76,500 કિલો અને ઈલાયચી 200 કિલો વપરાશે. દૂધની બદલે ઘીનો વધુ ઉપયોગ કરાશે જેથી प्रसાદ શુદ્ધતા અને ગુણવત્તા લાંબા સમય સુધી ટકી રહે. આ પ્રસાદના નિર્માણમાં સુરક્ષા અને સફાઇને વચ લેવામાં આવી છે. જામીન અને ચેતવણી સાથે આ વિવિધ તબક્કે કાર્યવાહી ચાલી રહી છે.0
0
Report
रीवा में डायल 112 चालक से धक्का-मुक्की, आरोपियों पर अवैध वसूली का VIDEO वायरल
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा में डायल 112 चालक से धक्का-मुक्की, अवैध वसूली के आरोप का VIDEO VIRAL. रीवा जिले के चाकघाट स्थित नेशनल हाईवे-30 पर डायल 112 के चालक के साथ धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यूपी से मध्य प्रदेश आ रहे भैंस लोड पिकअप वाहन को बघेड़ी के पास डायल 112 द्वारा रोका गया था। इसके बाद वाहन चालक और डायल 112 के चालक राकेश दहिया सहित अन्य स्टाफ के बीच कथित रूप से पैसे की मांग को लेकर विवाद हुआ। वाहन चालकों ने कथित अवैध वसूली का विरोध किया, जिसके बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। आक्रोशित वाहन चालकों द्वारा सड़क पर चक्का जाम करने का प्रयास किए जाने की भी बात सामने आ रही है। मामला बढ़ता देख डायल 112 टीम के मौके से रवाना कर दिया गया..0
0
Report
बारामती में गणपति उत्सव सरल, अजित पवार के निधन के कारण सभी कार्यक्रम रद्द
Rui, Maharashtra:बारामतीत साधेपणात बाप्पाचे आगमन. ना डीजे चा ताल ढोल ताशाचा आवाज. बारामतीत सर्व गणेश फेस्टिवल चे कार्यक्रम रद्द. Anchor: आज ठीक ठिकाणी गणपती बाप्पाचे मोठ्या उत्साहात आगमन होत असतानाच बारामतीत उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या निधनामुळे गणपती उत्सव साधेपणात साजरा होत आहे. ठिकठिकाणी शांततेत बाप्पा विराजमान झाले असून गणेश फेस्टिवल चे बारामतीतील सर्व कार्यक्रम रद्द करण्यात आले आहेत. त्याचबरोबर अनंत चतुर्दशी दिवशी मिरवणूकही रद्दण्यात आली आहे. गणेश उत्सव साध्या पद्धतीने साजरा होत असून प्रत्येक गणपती बाप्पाच्या मंडपामध्ये दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचा फोटो लावण्यात आला आहे.0
0
Report
Advertisement
नीतीश कुमार ने हिंदी दिवस पर नागरिकों से हिंदी के व्यापक प्रयोग का आह्वान
Patna, Bihar:जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्नीतीश कुमार ने हिंदी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। हिंदी जनमानस की भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का sशक्त माध्यम है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सरोकारों और आपसी संवाद को मजबूत करने वाली भाषा है। बिहार में राजभाषा के रूप में हिंदी सरकारी कामकाज की महत्वपूर्ण भाषा है。 नीतीश कुमार ने कहा कि शासन और जनता के बीच सहज संवाद सुशासन की पहली शर्त है। इस दिशा में अपनी भाषा का व्यापक प्रयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन एवं कार्यक्षेत्र में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें तथा गर्व और सम्मान के साथ हिंदी को सीखें, समझें और अपने व्यवहार में लाएं。 उन्होंने कहा कि हिंदी की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़़ी को परिचित कराना भी हम सभी का दायित्व है।0
0
Report
केन-बेतवा लिंक से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन तीसरे दिन भी उग्र
Panna, Madhya Pradesh:प्रशासनिक दमन के बावजूद तीसरे दिन भी जारी रहा विस्थापितों का चिता आंदोलन बिजली-पानी काटकर अंग्रेजो के दमन की याद दिला रही सरकार आरोप कलेक्टर SP ने गांव का दौरा किया , आंदोलन को निपटाने की चल रही रणनीति केन बेतवा लिंक , मझगाय बांध, रुँझ परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों के न्याय, उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा चिता आंदोलन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक दबाव और कथित दमन के बावजूद आंदोलनकारी अपने गांव, घर, जमीन और अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं。 आंदोलनकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते जलस्तर और डूबते घरों के बीच प्रशासन को समस्या का समाधान करना चाहिए, लेकिन इसके विपरित आंदोलन को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं。 सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों के घरों की बिजली और पानी काट रही है। अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे आदिवासी-किसानों से बिजली छीनना, पानी रोकना और पुलिस के दबाव से पंचायत का टैंकर वापस करवाना लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक है। यह कार्रवाई हमें अंग्रेजी राज की याद दिलाती है। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे अमित भटनागर ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को धमकाकर पंचायत का पानी का टैंकर वापस पंचायत में रखवा दिया गया। उन्होंने कहा कि बिजली-पानी बंद करने से आंदोलन समाप्त नहीं होते। अंग्रेजों के दमन से भी इस देश के स्वतंत्रता सेनानी नहीं डरे थे और आज भी आदिवासी-किसान अपने अधिकारों की लड़ाई से डरने वाले नहीं हैं। प्रशासन को दमन का रास्ता छोड़कर आंदोलनकारियों से संवाद करना चाहिए。 आज भी सरकार और कलेक्टर तक जमीनी सच्चाई पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही है। परियोजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यदि प्रशासन वास्तव में समाधान चाहता है तो आंदोलनकारियों के साथ बैठकर गांव-गांव की वास्तविक स्थिति समझे और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराए। वाइस ओवर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (LARR Act, 2013) में प्रभावित लोगों के अधिकारों और पुनर्वास से संबंधित स्पष्ट प्रावधान हैं。 धारा 11 सामाजिक प्रभाव आकलन/प्रारम्भिक अधिसूचना की प्रक्रिया में ग्राम सभा और संबंधित स्थानीय संस्थाओं की भूमिका से जुड़ी है। वहीं, भूमि पर कब्जे के संबंध में धारा 38 महत्वपूर्ण है。 मुख्यमंत्री द्वारा घोषित ₹12.50 लाख की सहायता अभी तक कई प्रभावित परिवारों को नहीं मिली है। कई परिवारों को तो पहले घोषित किये गए ₹5 लाख भी नहीं मिले। अनेक लोगों को मकान, जमीन और परिसंपत्तियों का पूरा मुआवजा नहीं मिला और दूसरी ओर उनकी जमीनों को असिंचित बताकर मुआवजे में कमी की जा रही है। यह स्थिति केन-बेतवा लिंक परियोजना के साथ-साथ मझगाय और रुंझ जैसी परियोजनाओं में भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आंदोलनकारियों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को पूरी परिसंपत्तियों का पारदर्शी मूल्यांकन, उचित मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास और वैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं。 आंदोलनकारियों का आरोप है कि कुछ अधिकारी-कर्मचारी और पटवारी कथित रूप से बिना पैसे लिए काम नहीं करते तथा रिश्वत देने वाले लोगों के रिकॉर्ड/मुआवजे में अधिक लाभ और गरीब प्रभावितों के मामलों में कम लाभ दिए जाने की शिकायतें हैं।इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविकता सामने आ सके。 बाइट अमित भटनागर वाइस ओवर चिता आंदोलन के आज तीसरे दिन आंदोलनकारियों और प्रभावित परिवारों में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ता दिखाई दिया। कई परिवारों के सामने अपने घर और जीवनभर की संपत्ति के डूबने का खतरा है। उनकी आंखों में चिंता और आंसू हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिशों से स्थिति और गंभीर होती जा रही है。 बाइट दिव्या अहिरवार आंदोलनकारी0
0
Report
घौठला छोटे में फ्लाई ऐश डंपिंग: एनओसी और सूचना पर सवाल उठे
Saiki, Bihar:स्लग/ बिना सूचना बोर्ड के घौठला छोटे में फ्लाई ऐश डंपिंग, एनओसी पर उठे गंभीर सवाल ग्रीन जोन क्षेत्र में फ्लाई ऐश डंपिंग की अनुमति का मामला, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति प्रधानमंत्री ग्राम सड़क में दौड़ रहे है हाइवा। एंकर/ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत घौठला छोटे में फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस क्षेत्र में फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है, वहां गार्डन ,हरियाली, खेत-खलिहान और जीव-जंतुओं से जुड़ा क्षेत्र है। यहां एक बंद खदान के गड्ढे में फ्लाई ऐश डंप किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, डंपिंग स्थल पर न तो कोई सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही संबंधित प्लांट, ट्रांसपोर्टर या जमीन से जुड़ी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की गई है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी अनुमति से और किन शर्तों के तहत यहां फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है। वहीं, फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए एनओसी दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत, सरपंच-सचिव और संबंधित अधिकारियों की सहमति से अनुमति दी गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। मामला जांच का विषय है और संबंधित विभाग से अनुमति, एनओसी तथा पर्यावरणीय शर्तों की जानकारी सामने आना जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग स्थल से कुछ ही दूरी पर महानदी, हरे-भरे खेत-खलिहान और अन्य प्राकृतिक क्षेत्र मौजूद हैं। ऐसे में फ्लाई ऐश के कारण पर्यावरण और आसपास के लोगों पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। इधर, ग्राम पंचायत घौठला छोटे के पटवारी से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में जांच प्रतिवेदन तैयार कर तहसील कार्यालय भेजा गया है। अब सवाल यह है कि ग्रीन जोन बताए जा रहे क्षेत्र में फ्लाई ऐश डंपिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई, एनओसीमें क्या शर्तें रखी गई हैं और क्या उनका पालन किया जा रहा है? वहीं, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री सड़क पर भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और चक्काजाम किया जा सकता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है। बाइट/ ग्रामीण बाइट/ ग्रामीण रिपोर्ट/ ग्राउंड रिपोर्ट0
0
Report
Advertisement
ग्वालियर: विंडसर हिल्स की जर्जर दीवार गिरी, महिला कर्मचारी सावित्री बाई की मौत
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर ब्रेकिंग विंडसर हिल्स में जर्जर दीवार गिरने से हादसा दीवार के मलबे में दबने से बुजुर्ग महिला कर्मचारी सावित्री बाई की मौत。 हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची。0
0
Report
राम मंदिर चयन: एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र शीर्ष तीन में, ट्रस्ट ने स्पष्ट किया
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के चयन के दावे पर ट्रस्ट की सफाई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के संबंध में तथ्यों को स्पष्ट करना चाहता है, ताकि कुछ मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने वाली गलत जानकारी को संबोधित किया जा सके। प्रलेखित तथ्य 1. 6 जुलाई 2026 को खोज समिति का गठन किया गया। 2. खोज समिति को 5,585 आवेदन प्राप्त हुए और तीन शहरों (दिल्ली एनसीआर, पुणे, संबलपुर) में एआई स्क्रीनिंग और मैनुअल विशेषज्ञता दोनों का उपयोग करके बहु-स्तरीय मूल्यांकन किया। 3. 16 प्रत्याशियों को अंतमवर्तीय के रूप में चुना गया जिन्होंने 11 और 12 अगस्त 2026 को अयोध्या में आमने-सामने की बातचीत में भाग लिया। 4. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने 11 अगस्त 2026 को, पहली पाली में, साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग लिया। 5. खोज समिति ने 1 सितंबर 2026 को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें न्यास को प्रस्तुत कीं। 6. 2 सितंबर 2026 को न्यास द्वारा अनुशंसित शीर्ष तीन प्रत्याशियों, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, संजय प्रतापसिंह विश्वास राव, और सुश्री श्रुति भारद्वाज, के नाम सार्वजनिक रूप से मीडिया के समक्ष रखे गए। गलत जानकारी का स्पष्टीकरण • यह दावा कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र 11-12 अगस्त 2026 को साक्षात्कार के दौर में सम्मिलित नहीं थे, तथ्यात्मक रूप से गलत है। • शीर्षस्थ तीन अनुशंसित प्रत्याशियों में उनका समावेश उनकी भागीदारी, मूल्यांकन और योग्यता-आधारित चयन का दस्तावेज़ी प्रमाण है। • चयन प्रक्रिया संस्थागत शासन और पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों के अनुसार आयोजित की गई थी। प्रत्येक चरण दस्तावेज़ीकृत था, और सभी अंतिमवर्तीयों की पहचान अयोध्या में दर्ज की गई थी। • न्यास पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है और चयन प्रक्रिया के संबंध में किसी भी और जांच को संबोधित करने के लए तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करना जारी रखेगा। स्वामी गोविंद देव गिरी (महासचिव) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास0
0
Report
जयपुर नगर निगम में 50 महिलाएं पार्षद, 47 पहली बार चुनी गईं
Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर की नई शहर सरकार में इस बार सिर्फ चेहरे नहीं बदले...आधी आबादी की पूरी नई फौज सदन में उतर रही है। अब तक जीतीं 50 महिलाओं में 47 पहली बार पार्षद बनी हैं...यानी महिला चेहरों में 94 फीसदी फ्रेश एंट्री। हर तीसरा विजेता महिला है और खास बात ये कि महिला आरक्षण की सीमा भी टूटी है। अनारक्षित वार्ड-47 से दीपा नाथावत ने जीत दर्ज की। भाजपा की 24, कांग्रेस की 19 और 7 निर्दलीय महिलाएं निगम पहुंच चुके हैं... और री-पोल के बाद ये आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। यानी इस बार निगम में आधी आबादी सिर्फ हिस्सेदार नहीं... नई शहर सरकार का नया चेहरा भी है। VO-1-जयपुर की नई शहरी सरकार में आधी आबादी सिर्फ आरक्षण के सहारे नहीं, बल्कि नए चेहरों की बड़ी फौज के साथ निगम पहुंची है। अब तक घोषित 146 वार्डों के नतीजों में 50 महिलाएं पार्षद चुनी गई हैं। खास बात यह है कि इनमें 47 यानी 94% महिलाएं पहली बार पार्षद बनी हैं। सिर्फ तीन महिला विजेता ऐसी हैं, जो पहले भी पार्षद रह चुकी हैं। 146 घोषित नतीजों में 50 महिला और 96 पुरुष विजेता हैं। यानी फिलहाल निगम में चुने गए पार्षदों में 34.2% महिलाएं हैं। आसान भाषा में कहें तो घोषित नतीजों में हर तीसरा पार्षद महिला है। महिला विजेताओं में भाजपा सबसे आगे है। भाजपा की 24, कांग्रेस की 19 और 7 निर्दलीय महिलाएं चुनाव जीतकर निगम पहुंची हैं। महिला प्रतिनिधित्व की सबसे दिलचस्प तस्वीर वार्ड-47 से सामने आई। यह सीट महिला आरक्षित नहीं थी, इसके बावजूद भाजपा ने दीपा नाथावत को मैदान में उतारा और उन्होंने जीत दर्ज की। दीपा ने कांग्रेस के दामोदर मीणा को 206 वोट से हराया। VO-2-जयपुर की नई शहर सरकार में महिलाओं की संख्या से ज्यादा दिलचस्प उनकी प्रोफाइल है। अब तक जीतीं 50 महिलाओं में 47 पहली बार पार्षद बनी हैं। सिर्फ वार्ड-73 की जयश्री अग्रवाल, वार्ड-86 की तारा देवी बेनीवाल और वार्ड-118 की सुनीता मावर पहले पार्षद रह चुकी हैं। यानी महिला पार्षदों में 94% नए चेहरे हैं और सिर्फ 6% के पास पहले पार्षद रहने का अनुभव है। इस लिहाज से नगर निगम में महिला प्रतिनिधित्व के साथ ही नेतृत्व की एक नई कतार भी तैयार हुई है। महिला विजेताओं को मिले वोटों का विश्लेषण करें तो वार्ड-117 से कांग्रेस की संजीदा बेगम 9,749 वोट लेकर सबसे आगे हैं। उनके बाद वार्ड-116 की कांग्रेस प्रत्याशी संजीदा को 9,046, वार्ड-126 की कांग्रेस की सोफिया बानो को 8,719, वार्ड-26 की निर्दलीय सुशीला को 7,944 और वार्ड-149 की भाजपा की सीनु पारीक को 7,920 वोट मिले। महिला पार्षदों में BJP का हिस्सा करीब आधा। पार्टीवार देखें तो 50 महिला विजेताओं में 24 भाजपा की हैं। यानी अब तक चुनी गई कुल महिला पार्षदों में करीब 48% अकेले भाजपा से हैं। कांग्रेस की 19 महिला पार्षदों की हिस्सेदारी 38% है, जबकि 7 निर्दलीय महिला विजेता 14% हिस्सेदारी रखती हैं। महिला प्रतिनिधित्व की अंतिम तस्वीर अभी बाकी है। चार वार्डों के पांच बूथों पर पुनर्मतदान होना है। इनमें तीन वार्डों में महिला प्रत्याशी दावेदारी में हैं। वार्ड-9 और वार्ड-25 महिला आरक्षित हैं, जबकि वार्ड-18 अनारक्षित होने के बावजूद कांग्रेस ने वंदिता शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वार्ड-34 का परिणाम भी पुनर्मतदान के बाद सामने आएगा। ऐसे में फिलहाल महिला पार्षदों की संख्या 50 पर है। लेकिन बाकी चार नतीजे आने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। बहरहाल, महिला नतीजों की सबसे बड़ी कहानी 50 का आंकड़ा नहीं, बल्कि 47 नए चेहरों की एंट्री है। यानी नई शहर सरकार में महिला पार्षदों का लगभग पूरा चेहरा बदल गया है। इनमें युवा चेहरे भी हैं, पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी महिलाएं भी और अनारक्षित सीट से जीतकर आई दीपा नाथावत भी। बाकी चार वार्डों का फैसला होने के बाद तय होगा कि जयपुर की नई शहर सरकार में ‘महिला पावर’ का अंतिम आंकड़ा कहां जाकर रुकता है।0
0
Report
Advertisement
भाजपा के शामिक भट्टाचार्य ने टीएमसी सांसद के दावों पर हमला; मदरसा कार्रवाई विवाद
Noida, Uttar Pradesh:NORTH 24 PARGANAS (WEST BENGAL): SHAMIK BHATTACHARYA (BJP) ON TMC MP JAGADISH BASUNIA’S CLAIMS / ALL INDIA IMAM ASSOCIATION REMARKS ON MADRASA ACTIONS उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल: बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य, लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को नकार दिया है—तृणमूल या किसी और के समर्थन के बिना, बीजेपी जनता के सामने गई और उन्होंने हमें सरकार बनाने के लिए दो-तिहाई बहुमत दिया; इसलिए हमने सरकार बनाई... आजकल, जब भी तृणमूल नेता बाहर निकलते हैं, लोग उन पर अंडे फेंकते हैं... हमारी लड़ाई मदरसों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो भारत में मदरसों की आड़ में काम कर रहे हैं।0
0
Report
कोटा महापौर पद पर भाजपा के पास कौन होगा चेहरा, मंथन तेज
Kota, Rajasthan:कोटा नगर निगम में भाजपा को बहुमत मिल चुका है... लेकिन अब असली सियासी दिलचस्पी महापौर की कुर्सी को लेकर शुरू हो गई है। पहली बार कोटा में महापौर का पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है और इसी के साथ भाजपा के भीतर संभावित चेहरों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आखिर भाजपा किस महिला पार्षद पर भरोसा जताएगी... अनुभवी चेहरे पर दांव लगेगा या कोई नया नाम सबको चौंकाएगा... देखिए कोटा की मेयर कुर्सी पर शुरू हुआ सियासी मंथन... चर्चाओं में सबसे प्रमुख नाम वार्ड नंबर 83 से भाजपा की सीमा चौधरी का सामने आ रहा है। खास बात यह है कि वार्ड 83 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का वार्ड है। सीमा चौधरी ने कांग्रेस की सुनीता शर्मा को 1746 वोटों से हारकर जीत दर्ज की है। सीमा चौधरी पूर्व पार्षद धीरेन्द्र चौधरी की पत्नी हैं और इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते उनका नाम महापौर पद की चर्चाओं में प्रमुखता से लिया जा रहा है। वहीं वार्ड नंबर 98 से विजयी अनुसुईया गोस्वामी भी सियासी चर्चा के केंद्र में हैं। पूर्व प्रदेश मंत्री रह चुकी अनुसुईया गोस्वामी ने कांग्रेस के आयुष पारेता को 393 वोटों से हराया है। उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन में पकड़ को देखते हुए पार्टी के भीतर उन्हें भी महापौर पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है। वार्ड नंबर 64 से प्रतिभा सुमन और वार्ड नंबर 84 से प्रमिला वर्मा के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। यानी भाजपा के पास महापौर पद के लिए कई चेहरे हैं और हर नाम के साथ अपने अलग राजनीतिक समीकरण भी जुड़े हुए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा किसी अनुभवी राजनीतिक चेहरे पर दांव लगाएगी... या फिर निगम की राजनीति में एक नया चेहरा सामने लाकर सबको चौंकाएगी? फिलहाल नामों पर सियासी मंथन तेज है, दावेदारों की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं और अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व को करना है। इतना तय है कि कोटा की महापौर कुर्सी अब सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर होने वाले सबसे अहम राजनीतिक फैसलों में से एक बन गई है। अब देखना होगा कि भाजपा का सियासी दांव आखिर किसके नाम पर लगता है और कोटा को कौन सी नई महापौर मिलती है।0
0
Report
CM विष्णु देव साई ने गोलबाज़र गणेश पंडाल में पूजा करते हुए मूर्ति पर सोने का मुकुट सजाया
Noida, Uttar Pradesh:RAIPUR (CHHATTISGARH): CM VISHNU DEO SAI OFFERS PRAYERS AT GOLBAZAR GANESH PANDAL / PLACES GOLD CROWN ON LORD GANESHA IDOL / VISUALS / VISHNU DEO SAI (CHIEF MINISTER, CHHATTISGARH)0
0
Report
Advertisement
बाढ़ में भी तीज की खुशियां: नाव से पहुँची पूजा, महिलाओं ने दिखाईं इंसानियत
Katihar, Bihar:बाढ़ ने छीनी राह, लेकिन नहीं छीन पाई तीज की खुशियां… नाव से पहुंची पूजा की थाली, व्रती महिलाओं ने दी दुआ तस्वीर बताती है कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों आस्था और इंसानियत की राह को हमेशा नहीं रोक सकतीं कटिहार के छह प्रखंड भी बाढ़ की चपेट में बाढ़ के दर्द के बीच उम्मीद और इंसानियत की कहानी इन तमाम परेशानियों के बावजूद सुहाग की लंबी उम्र की कामना लेकर महिलाओं ने तीज का व्रत रखा बाढ़ के पानी के बीच नाव चलती रही और उसके साथ पहुंचती रही तीज की खुशियां बिहार के कई जिलों के साथ कटिहार के छह प्रखंड भी बाढ़ की चपेट में हैं। चारों तरफ पानी, तबाही और बेबसी का मंजर है। लेकिन इसी मुश्किल वक्त के बीच एक ऐसी तस्वीर से रूबरू कराते है जो बाढ़ के दर्द के बीच उम्मीद और इंसानियत की कहानी कहती है। कटिहार के सबसे ज्यादा प्रभावित अमदाबाद प्रखंड की दुर्गापुर पंचायत में आज तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए सामाजिक कार्यकर्ता शेख मसौवर नाव लेकर सुदूर बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचे। महिलाओं के लिए उन्होंने निजी स्तर पर साड़ी, फल और तीज से जुड़ी पूजा की सामग्री पहुंचाई। बाढ़ ने गांव तक पहुंचने के रास्ते डुबो दिए हैं। घरों के आसपास पानी है रोजमर्रा की जरूरतें मुश्किल से पूरी हो रही हैं। लेकिन इन तमाम परेशानियों के बावजूद सुहाग की लंबी उम्र की कामना लेकर महिलाओं ने तीज का व्रत रखा। जब नाव से उनके दरवाजे तक तीज की पूजा सामग्री पहुंची तो महिलाओं के चेहरों पर अलग ही खुशी दिखाई दी। कुछ पल के लिए उनकी चिंता पीछे छूट गई और तीज की खुशी सामने आ गई। भवानीपुर खट्टी गांव में पहुंची यह मदद सिर्फ साड़ी, फल और पूजा सामग्री नहीं थी। यह उन महिलाओं तक पहुंची एक छोटी सी खुशी थी जिनके चारों तरफ इस वक्त सिर्फ पानी और परेशानियां हैं। पूजा सामग्री महिलाओं तक पहुंचाने के बाद शेख मसौवर भी संतुष्ट नजर आए। बाढ़ की इस त्रासदी के बीच तीज व्रतियों के चेहरे पर आई मुस्कान शायद उनके लिए सबसे बड़ी खुशी थी। बाढ़ के पानी के बीच नाव चलती रही और उसके साथ पहुंचती रही तीज की खुशियां। शायद यही तस्वीर बताती है कि मुश्किलें कितनी भी बड़ी हों आस्था और इंसानियत की राह को हमेशा नहीं रोक सकतीं。0
0
Report
नसे के कारोबार पर शिकंजा।
Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के पलिया कोतवाली इलाके में पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पलिया पुलिस लगातार नशा तस्करों पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 20 लाख की स्मैक और अल्प्राजोलम पावडर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्तों के पास से 100 ग्राम स्मैक और 150 ग्राम अल्प्राजोलम पाउडर बरामद किया गया है। पकड़े गए सामान की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 20 लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। पूर्व में इलाके में फैले नशे के कारोबार पर शिवाजी दुबे और उनकी टीम द्वारा तस्करों की कमर तोड़ने की लगातार कोशिश की है। उम्मीद की जानी चाहिए पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र नशा मुक्त होगा। कोतवाली प्रभारी के इस कदम की प्रशंसा नशे से प्रभावित युवाओ के परिजनों द्वारा की जा रही है।0
0
Report
मोदी ने राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत पर आभार जताया
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का X पर बयान PM ने X पर लिखा - राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत दिलाने के लिए जनता-जनार्दन का हृदय से आभार。 यह झूठ की गूंज के सामने सत्य की विजय का प्रमाण है。 यहां के मेरे परिवारजनों के इस जनादेश से एक बार फिर साफ हो गया है कि डबल इंजन सरकार की सुशासन एवं विकास की नीतियों को उनका पूरा समर्थन है。 इससे राज्य को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाने के साथ ही जन-जन के जीवन में खुशहाली लाने का हमारा संकल्प भी और सशक्त होगा。 इस अवसर पर सभी विजयी प्रत्याशियों के साथ ही पार्टी के समर्पित और परिश्रमी कार्यकर्ताओं को मेरी बहुत-बहुत बधाई!0
0
Report
Advertisement
