180016
जम्मू में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही गिनती
Jammu,लोकसभा चुनाव का आज परिणाम आने वाला है। जिसे लेकर गिनती शुरु हो गई है। जम्मू में भी वोटों की गिनती चल रही है और यह गिनती कड़ी सुरक्षा में चल रही है। अब देखना यह है कि जम्मू में किसका सरकार बनता है।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
रायपुर में नशे के खिलाफ दबिश: 14.555 किग्रा गांजा पकड़ा गया, 4 गिरफ्तार
Begun, Rajasthan:रायपुर में नशे के खिलाफ वेस्ट जोन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.. पिछले 48 घंटे में सरस्वती नगर, कबीर नगर और टिकरापारा थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में कुल 14 किलो 555 ग्राम गांजा बरामद किया है.. कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है.. सरस्वती नगर पुलिस ने ई-रिक्शा से 9 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया.. वहीं कबीर नगर पुलिस ने 2 किलो 615 ग्राम गांजा के साथ एक आरोपी को पकड़ा और एक बालक को अभिरक्षा में लिया.. जबकि टिकरापारा पुलिस ने भाठागांव बस स्टैंड से 2 किलो 500 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया.. तीनों कार्रवाई में गांजा, ई-रिक्शा, मोटरसाइकियल और मोबाइल फोन समेत करीब 9 लाख 56 हजार 500 रुपये का मशरूका जब्त किया गया है.. पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा..0
0
Report
रायपुर में 5 घंटे में अपहृत बच्चे की सकुशल बरामदगी, पवन साहू गिरफ्तार
Begun, Rajasthan:रायपुर में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत एक साल के बच्चे को महज 5 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया गया.. गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पवन साहू नाम का युवक घर में घुसा और गाली-गलौज व धमकी देने के बाद उसके एक साल के बच्चे को जबरन अपने साथ ले गया.. सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की.. आरोपी के नागपुर जाने की जानकारी मिलने पर गुढ़ियारी पुलिस की टीम उमरेड, नागपुर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया.. पुलिस ने आरोपी पवन साहू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल भी जब्त की है.. बच्चे को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया.. बच्चे के सकुशल वापस मिलने पर मां ने रायपुर कमिश्नरेट और नॉर्थ जोन पुलिस का आभार जताया है..0
0
Report
एटा के सिरसारी गांव में खेत विवाद में पति-पत्नी पर लाठी-डंडों से हमला
Etah, Uttar Pradesh:एटा में खेत के विवाद को लेकर आरोपियों ने पति पत्नी को लाठी डंडो से पीटा, खेत जोतने को लेकर दंबगों ने पति पत्नी के साथ की जमकर मारपीट, पति को बचाने पहुंची पत्नी के साथ भी आरोपियों ने की मारपीट, मारपीट में पति पत्नी हुए घायल, दंपति का आरोप पहले भी आरोपी कई बार कर चुके हैं मारपीट, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के सिरसारी गांव का पूरा मामला।0
0
Report
Advertisement
50 दिन बाद गोलीकांड: घायल युवक की मौत से हंगामा, गिरफ्तारी की मांग तेज
Chapra, Bihar:छपरा। मढ़ौरा थाना क्षेत्र के माधोपुर में करीब 50 दिन पहले हुए गोलीकांड में घायल युवक विकास कुमार की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। दानापुर स्थित एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने दयालपुर टेहटी मोड़ के पास शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने आगजनी करते हुए सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम और आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर मढ़ौरा एसडीएम सैयद आदिल मोहसिन और डीएसपी सुविन्द्र कुमार दास पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। अधिकारियों ने जल्द ही सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी करने तथा मामले में न्याय दिलाने का भरोसा दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद मौके पर मढ़ौरा, गौरा, नगरा, भेल्दी समेत कई थानों की पुलिस बल तैनात रही। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी.0
0
Report
IAS बनकर फ्रेंड रिक्वेस्ट से धोखा: ग्वालियर में 1.56 लाख का फर्नीचर फर्जीवाड़ा
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर- IAS पी. नरहरी बनकर भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट.. CRPF कमांडेड का फर्नीचर बेचने का दिया झांसा .. ठगो ने IAS के नाम पर सिंचाई विभाग के रिटायर्ड EE से की ठगी.. फर्नीचर के नाम पर 1 लाख 56 हजार ठगे.. ठगो ने रिटायर्ड EE को फर्नीचर के फोटो भेज किया सौदा .. पैसे लेने के बाद ठगो ने नहीं पहुंचाया फर्नीचर.. पीड़ित EE ने IAS नरहरी को लगाया कॉल.. कॉल लगाते ही हुआ खुलासा.. पीड़ित मैथिली शरण गुप्ता ने साइबर पुलिस थाना पहुंच की शिकायत .. पुलिस ने किया मामला दर्ज जांच पड़ताल में जुटी..0
0
Report
बिहार शराबबंदी की समीक्षा नहीं, 93% के समर्थन के साथ जारी रहने की बात
Patna, Bihar:चिराग पासवान के बयान पर मंत्री ने कहा शराब बन्दी का नहीं होगा समीक्षा। बिहार में लगातार शराब पकड़ी जा रही है। यह बात आपके संज्ञान में भी आती होगी। अभी हम लोगों ने कंपनियों पर भी एफआईआर करना शुरू किया है । और शराबबंदी को लेकर काफी हद तक नियंत्रण भी है। लगातार प्रयास जारी है। जो भी लोग शराब की तस्करी कर रहे हैं, उसे रोकने के लिए हम लोग मेहनत कर रहे हैं और उसका नतीजा भी अच्छा आ रहा है। हम लोग यही चाहेंगे कि बिहार में जिस उद्देश्य से शराबबंदी लागू की गई है, उसमें सभी लोग सहयोग करें। आपको भी सहयोग करना चाहिए, इससे और बेहतर परिणाम आएगा। आप सोशल मीडिया पर रोज देखते होंगे कि शराबबंदी खत्म होने जा रही है, शराबबंदी चालू होने जा रही है—इस तरह की बातें लगातार चलती रहती हैं। आपको पता है कि न तो मंत्री ने ऐसा कहा है, न ही किसी स्थानीय मंत्री ने, लेकिन आप लोग खुद से ऐसी खबरें चला देते हैं। इसलिए हम यही कहेंगे कि आप लोग इस तरह की बातें न करें और जिस उद्देश्य से शराबबंदी लागू की गई है, उसमें सहयोग करें। हमारे नेता आदरणीय मुख्यमंत्री जी ने बड़े उद्देश्य के साथ बिहार में शराबबंदी लागू की है और इसका फायदा भी मिला है। शराबबंदी को लेकर दो बार सर्वे भी हुआ है और दोनों बार सर्वे में 93 प्रतिशत लोगों کا समर्थन سامنے आया है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। जब 93 प्रतिशत लोग इसके पक्ष में हैं तो इसकी समीक्षा क्यों की जाए? जहां तक समीक्षा की बात है, विभाग के स्तर पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लगातार इसकी समीक्षा होती रहती है कि शराबबंदी को और बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए। बिहार सरकार अपने काम और नीति के अनुसार निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। आप लोग सबकी बात सुनते हैं, लेकिन विभाग में जो नीति बनी हुई है, उसी के अनुसार हम लोग काम करते हैं। आपको यह मालूम होना चाहिए कि बिहार में पिछले दस साल से शराबबंदी लागू है। दूसरे प्रदेशों में शराबबंदी नहीं है, लेकिन उन प्रदेशों का नाम लेना अभी उचित नहीं होगा। इतना जरूर कहूंगा कि जिन प्रदेशों में शराबबंदी नहीं है, वहां भी सूखे नशे का इस्तेमाल बिहार से ज्यादा होता है। सूखे नशे में इस्तेमाल होने वाले सभी मादक पदार्थों को हम लोग लगातार जब्त कर रहे हैं और बड़ी मात्रा में कार्रवाई भी हो रही है। इस पूरे मामले की लगातार समीक्षा की जा रही है। पहली बार मुख्यमंत्री और डीजीपी स्तर पर भी इसकी समीक्षा हुई है। माननीय गृहमंत्री जी भी इस विषय पर विचार कर रहे हैं। बिहार सरकार का प्रयास है कि नशे और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह नियंत्रण किया जाए।0
0
Report
Advertisement
खबर उपलब्ध नहीं: सामग्री से ग़ैरजानकारी हटाकर साफ किया गया
Noida, Uttar Pradesh:0
0
Report
खबर उपलब्ध नहीं है
Noida, Uttar Pradesh:0
0
Report
हनुमानगढ़ में 22.015 किग्रा डोडा पोस्त चूरा बरामद, 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
Hanumangarh, Rajasthan:Hanumangarh: पल्लू पुलिस ने 22.015 किलो डोडा पोस्त चूरा किया बरामद, ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत कार सवार 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, अर्जुनसर रोड पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने कार्रवाई, डोडा पोस्त चूरा परिवहन में इस्तेमाल हरियाणा नम्बररी कार जब्त, आरोपी के खिलाफ NDPS Act में मामला दर्ज0
0
Report
Advertisement
28 श्रेणी के कृषि-निर्माण वाहनों की फिटनेस अब RTO-DTO कार्यालयों में संभव
Jaipur, Rajasthan:अब कृषि वाहन और निर्माण क्षेत्र के वाहनों की RTO ऑफिसों में होगी फिटनेस! - कृषि उपकरण और निर्माण वाहनों को बड़ी राहत, अब परिवहन कार्यालयों में हो सकेगी फिटनेस, ATS केन्द्रों पर नहीं हो पा रही थी फिटनेस - अब RTO-DTO कार्यालयों में फिटनेस हो सकेगी, केन्द्र सरकार के आदेश होंगे तुरंत प्रभाव से लागू जयपुर। कृषि से जुड़े और निर्माण श्रेणी के वाहन और उपकरणों की फिटनेस को लेकर राह आसान हो गई है। पिछले 6 माह से ज्यादा समय से ऐसे वाहनों की फिटनेस को लेकर परेशानी आ रही थी। अब केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसे वाहनों की फिटनेस के लिए आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों को अधिकृत कर दिया है। 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस अब परिवहन विभाग के कार्यालयों में हो सकेगी। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसे लेकर एक आदेश जारी कर दिया है। मंत्रालय के अवर सचिव की ओर से जारी आदेश में कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए वाहन और उपकरण और निर्माण क्षेत्र से जुड़े हुए वाहन और उपकरणों को छूट दी गई है। इसके अलावा दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर वाहनों की फिटनेस को लेकर भी आदेश में छूट दी गई है। दरअसल ऐसे वाहनों की फिटनेस को लेकर अभी तक समस्या आ रही थी। दरअसल सभी तरह के हल्के और भारी वाहनों की फिटनेस केवल ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों पर की जा सकती है। राजस्थान में वर्तमान में 51 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी एटीएस संचालित हैं। लेकिन इन एटीएस पर कृषि वाहन, निर्माण क्षेत्र से जुड़े वाहन और दुपहिया-इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की फिटनेस करने का प्रावधान नहीं था। ऐसे में इन वाहनों के मालिक एटीएस केन्द्रों और परिवहन विभाग के कार्यालयों के बीच चक्करघिन्नी बने हुए थे। ऐसे में यह मुद्दा कई राज्यों ने केन्द्र सरकार के समक्ष उठाया था। इसे देखते हुए अब केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन वाहनों की फिटनेस परिवहन कार्यालयों में करने की अनुमति दी है। इन 28 श्रेणी के वाहनों की फिटनेस में राहत - 28 श्रेणी वाहनों की RTO-DTO ऑफिसों में हो सकेगी फिटनेस - फॉर्क लिफ्ट, रिग लगे भारी वाहन, क्रेन माउंटेड व्हीकल, - कृषि ट्रैक्टर, पॉवर टिलर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल, - रोड रोलर, एक्सकेवेटर, बुलडोजर, हार्वेस्टर, अर्थ मूविंग इक्विमेंट, - पॉवर टिलर (कमर्शियल), डम्पर, एक्सकेवेटर (कमर्शियल), - कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल (कमर्शियल), निजी उपयोग के ट्रेलर, - कृषि उपयोग के ट्रेलर, व्यक्तिगत उपयोग के ट्रेलर, ई-कार्ट, - ई-रिक्शा, कमर्शियल ट्रैक्टर, पुलर ट्रैक्टर, ट्रेलर, ऑक्जिलरी ट्रेलर, - कमर्शियल ट्रेलर, कमर्शियल ट्रैक्टर ट्रॉली, कमर्शियल सेमी ट्रेलर, - मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलर की फिटनेस RTOs में हो सकेगी - परिवहन निरीक्षक मैन्युअली कर सकेंगे इन वाहनों की फिटनेस एटीएस केन्द्रों पर फिटनेस लेन नहीं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के मामले में जो पहले आदेश जारी किए गए थे, वे वाहन भी इस आदेश के तहत शामिल होंगे। यानी इन सभी तरह के वाहनों की फिटनेस अब परिवहन निरीक्षकों के निरीक्षण के आधार पर जारी की जा सकेगी। आपको बता दें कि वर्ष 2019 तक सभी तरह के वाहनों की फिटनेस मैन्युअल तरीके से परिवहन कार्यालयों में ही की जाती थी। लेकिन वर्ष 2018 में फिजा पॉलिसी 2018 लाई गई थी। इसके बाद से वाहनों की फिटनेस का कार्य निजी फिटनेस केन्द्रों पर होने लगा था। अब फिर से 28 श्रेणियों के वाहनों की फिटनेस का कार्य परिवहन विभाग के कार्यालयों में पूरा हो सकेगा। वहीं एटीएस केन्द्रों पर दुपहिया और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर की फिटनेस को लेकर लेन नहीं होने की समस्या भी सामने आ रही थी। ऐसे वाहनों की फिटनेस एटीएस केन्द्रों पर नहीं हो पा रही थी।0
0
Report
भाजपा ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठन मंत्रियों के कामकाज बाँटे
Noida, Uttar Pradesh:भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर संगठन मंत्री राज्यों के संगठन मंत्रियों के कामकाज बाँटे0
0
Report
जयपुर के मेयर पद के लिए कल मतदान: कोठारी बनाम मावर, सियासी गणित साफ
Jaipur, Rajasthan:Anchor-करीब 11 महीने से निर्वाचित मेयर का इंतजार कर रहे जयपुर को शुक्रवार को नया मेयर मिल जाएगा। पिछले नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद शहर की कमान प्रशासकीय व्यवस्था के हाथ में थी। इस बीच जयपुर के दो नगर निगमों को खत्म कर फिर एक नगर निगम बनाया गया, परिसीमन हुआ, चुनाव हुए और 150 पार्षद चुनकर आए। अब यही पार्षद कल एकीकृत नगर निगम जयपुर का नया मेयर चुनेंगे। मुकाबला भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच है। आंकड़ों में भाजपा 78 पार्षदों के साथ बहुमत के 76 के जादुई आंकड़े से आगे है, लेकिन गुप्त मतदान ने सियासी रोमांच बनाए रखा है। कांग्रेस के पास 57 और 15 निर्दलीय हैं। कल सिर्फ मेयर की कुर्सी का फैसला नहीं होगा...यह भी साफ होगा कि सदन का गणित मतपेटी में जस का तस रहता है या कोई नया सियासी समीकरण सामने आता है। VO-1-दो नगर निगमों में बंटे जयपुर के फिर से एक होने के बाद शहर की सरकार का नया मुखिया तय हो जाएगा। एकीकृत नगर निगम जयपुर के 150 निर्वाचित पार्षद कल मेयर चुनेंगे। मेयर पद के लिए मुकाबला भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच सीधा है। रिटर्निंग अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि नगर निगम सभासद भवन में कल सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा और इसके तत्काल बाद मतगणना शुरू हो जाएगी। कागज पर देखें तो भाजपा का गणित साफ है। 150 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 76 वोट चाहिए। भाजपा के अपने 78 पार्षद हैं, यानी जरूरी आंकड़े से दो ज्यादा। कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय हैं। इस हिसाब से कांग्रेस और सभी निर्दलीय एक साथ भी आएं तो संख्या 72 तक ही पहुंचती है। यानी कांग्रेस प्रत्याशी को बहुमत तक पहुंचने के लिए इसके बाद भी कम से कम 4 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। लेकिन मेयर का चुनाव सिर्फ सदन के अंकगणित तक सीमित नहीं है। गुप्त मतदान ने मुकाबले को राजनीतिक रणनीति की परीक्षा बना दिया है। भाजपा के लिए सवाल यह है कि क्या वह अपने 78 पार्षदों के संख्याबल को उतने ही मजबूती से मतपेटी तक पहुंचा पाती है। वहीं कांग्रेस की उम्मीद निर्दलीयों के समर्थन के साथ भाजपा खेमे से संभावित क्रॉस वोटिंग पर टिकी है। कांग्रेस की ओर से भाजपा के कुछ पार्षदों के संपर्क में होने का दावा भी किया गया है。 एक नजर में मेयर का गणित कुल पार्षद : 150 बहुमत : 76 भाजपा : 78 — बहुमत से 2 ज्यादा कांग्रेस : 57 — बहुमत से 19 कम निर्दलीय : 15 कांग्रेस + सभी निर्दलीय : 72 — फिर भी बहुमत से 4 कम बहरहाल, शहर एक हुआ तो सत्ता का केंद्र भी एक हो गया। अब कल 150 पार्षद सिर्फ मेयर नहीं चुनेंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि सदन में दिखाई दे रहा 78-57-15 का गणित मतपेटी से किस रूप में बाहर निकलता है। भाजपा के सामने अपने बहुमत को वोट में बदलने की परीक्षा है, जबकि कांग्रेस के सामने अपने घोषित संख्याबल से आगे समर्थन जुटाने की चुनौती। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर0
0
Report
Advertisement
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान का 6 बजे का बयान—जानिए क्या कहा
Noida, Uttar Pradesh:बाइट शादाब चौहान AIMIM प्रवक्ता for 6 pm0
0
Report
बीजेपी नेता राकेश त्रिपाठी ने PDM पर दिया बयान
Lucknow, Uttar Pradesh:BJP Leader Rakesh Tripathi byte on PDM0
0
Report
दुद्धी के बघाड़ू मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश बरकरार, लैंड जिहाद पर बहस तेज
Obra, Uttar Pradesh:दुद्धी तहसील के बघाड़ू गांव में आदिवासी परिवारों की जमीन से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. अदालत ने जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामलों में प्रशासन की कार्रवाई में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए डिप्टी कलेक्टर दुद्धी के आदेशों को बरकरार रखा है. इस प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में वर्ष 2012 में जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र भी जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की जांच के बाद निरस्त किया जा चुका है. करीब 48 बीघा आदिवासी जमीन से जुड़े इस पूरे मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है. भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने इस प्रकरण को आदिवासी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण और जिसे वह लैंड जिहाद का मामला बताते हैं, उससे जोड़ते हुए जिले में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच की मांग की है. पूरे मामले में दुद्धी तहसील के बघाड़ू गांव में आदिवासी परिवारों की जमीन की खरीद के मामले सामने आए थे. प्रशासन की ओर से संबंधित भूमि हस्तांतरण की वैधता की जांच की गई और इसके बाद कई बैनामों को कानून के विपरीत मानते हुए जमीन को सरकारी खाते में निहित करने की कार्रवाई शुरू हुई. इसी प्रकरण में रजिया उर्फ दुलरिया के नाम जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में आया. उपलब्ध अभिलेखों के मुताबिक, वर्ष 1986 के आसपास बघाड़ू निवासी बहादुर अली से विवाह के बाद दुलरिया की पहचान रजिया के रूप में सामने आई थी. इसके बावजूद 14 दिसंबर 2012 को उसके नाम अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी हुआ. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर आदिवासी जमीन की खरीद किए जाने का मामला भी सामने आया. जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने पुराने अभिलेखों, स्थानीय स्तर पर लिए गए बयानों और जनजातीय पहचान से जुड़े तथ्यों की जांच की. समिति के सामने रीति-रिवाज, सामाजिक जीवन और संबंधित जनजातीय समुदाय से जुड़ाव जैसे बिंदुओं पर भी तथ्य रखे गए. जांच के बाद वर्ष 2012 में जारी एसटी प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया. तहसीलदार दुद्धी ने भी प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की पुष्टि की है. इसी भूमि प्रकरण के दूसरे हिस्से में नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा की ओर से खरीदी गई आदिवासी जमीन के बैनामों को लेकर भी विवाद सामने आया. नन्हकी ने खुद को जन्म से भुइयां अनुसूचित जनजाति का बताते हुए जमीन की खरीद को वैध बताया था और दुद्धी के डिप्टी कलेक्टर के आदेशों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति अरुण कुमार की पीठ ने 14 सितंबर 2026 को नन्हकी उर्फ नैमुन्निशा की तीन रिट याचिकाएं खारिज कर दीं. अदालत ने 22 जनवरी 2026 को डिप्टी कलेक्टर दुद्धी की ओर से पारित आदेशों में हस्तक्षेप नहीं किया. अदालत के सामने मुख्य सवाल यह था कि संबंधित जमीन की खरीद के समय याचिकाकर्ता अनुसूचित जनजाति की सदस्य के रूप में अपनी निरंतर जनजातीय पहचान और समुदाय से जुड़े होने को पर्याप्त साक्ष्यों से साबित कर सकीं या नहीं. हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल दूसरे धर्म में जाने से किसी व्यक्ति का अनुसूचित जनजाति का दर्जा अपने आप समाप्त नहीं होता. लेकिन यह देखा जाना जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति की जनजातीय पहचान, रीति-रिवाज, सामाजिक जीवन और अपने समुदाय से जुड़ाव बना हुआ है या नहीं. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भूमि हस्तांतरण को कानून के तहत वैध नहीं माना और प्रशासनिक आदेशों को बरकरार रखा. बघाड़ू के पूरे प्रकरण में प्रशासन की कार्रवाई का असर अब जमीन के उपयोग पर भी दिखाई दे सकता है. जिला प्रशासन की ओर से पहले ही संकेत दिया गया है कि कार्रवाई के बाद उपलब्ध जमीन का उपयोग जनहित से जुड़ी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है. करीब 48 बीघा जमीन से जुड़े इस प्रकरण में खेल मैदान, सामुदायिक सुविधा या अन्य सार्वजनिक उपयोग की संभावनाओं पर काम किए जाने की बात सामने आई है. भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता का कहना है कि आदिवासी समाज की जमीन की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है. उनका कहना है कि बघाड़ू के अलावा जिले के दूसरे क्षेत्रों में भी आदिवासी जमीन के हस्तांतरण, राजस्व अभिलेखों, कब्जे और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों की जांच होनी चाहिए, ताकि यह सामने आ सके कि कहीं कानून के विपरीत तरीके से आदिवासी भूमि का हस्तांतरण तो नहीं हुआ. गौर करने की बात यह है कि बघाड़ू में प्रशासन की कार्रवाई केवल आरोपों तक सीमित नहीं रही, बल्कि भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में राजस्व स्तर पर आदेश पारित हुए और इन्हीं आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए प्रशासनिक आदेशों को बरकरार रखा है. भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता इस पूरे मामले को ‘लैंड जिहाद’ से जोड़कर देखते हैं. उनका आरोप है कि आदिवासी महिलाओं के माध्यम से आदिवासी जमीन की खरीद और उसके बाद बाहरी लोगों के बसने जैसे मामलों की व्यापक जांच होनी चाहिए. हालांकि, यह शब्द और यह आरोप भाजपा जिलाध्यक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया کا हिस्सा हैं. हाईकोर्ट का फैसला अपने स्तर पर भूमि हस्तांतरण की वैधता, अनुसूचित जनजाति की निरंतर पहचान और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण पर आधारित है. बघाड़ू प्रकरण में अब दो महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आ चुकी हैं. एक तरफ रजिया उर्फ दुलरिया के नाम 2012 में जारी एसटी प्रमाणपत्र को जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने जांच के बाद निरस्त कर दिया है, वहीं दूसरी طرف आदिवासी जमीन के हस्तांतरण से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेशों में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. ऐसे में करीब 48 बीघा जमीन से जुड़े इस प्रकरण में आगे प्रशासन जमीन के उपयोग और अन्य संबंधित मामलों पर क्या कार्रवाई करता है, यह महत्वपूर्ण होगा.0
0
Report
Advertisement
