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चित्तौड़गढ़ के कपासन Ramleela: आठवें दिन रामेश्वरम स्थापना और लंका दहन

Begun, Rajasthan:एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन में नगर पालिका मंडल की ओर से आयोजित नौ दिवसीय रामलीला के आठवें दिन रामेश्वरम स्थापना, लंका दहन और लक्ष्मण शक्ति प्रसंगों کا मंचन किया गया। विधायक अर्जुनलाल जीनगर की मौजूदगी में श्री बजरंग रामलीला बाडसर, चूरू के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। देर रात तक चले कार्यक्रम में सैकड़ों दर्शक मौजूद रहे। अधिशाषी अधिकारी खेमराज सिंह गुर्जर ने आयोजन की जानकारी दी। नगर पालिका अध्यक्ष सरोज देवी बारेगामा ने बताया कि मंगलवार को रावण वध, रामजी का राजतिलक और रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतलों का दहन होगा। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद बारेगामा भी मौजूद रहे।
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पंचायती राज से बड़े राजनीतिक सफर की कहानी: गांव से संसद तक

Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की चौपाल से शुरू हुई सियासत...और मंजिल बनी विधानसभा से लेकर संसद तक। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव सिर्फ गांव की सरकार नहीं चुनते, बल्कि बड़े नेताओं की सियासी पौध भी तैयार करते हैं। जयपुर के रामचरण बोहरा जिला प्रमुख से सांसद बने, तो शांति धारीवाल जिला प्रमुख से मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। कई नेताओं ने सरपंच और प्रधान रहते हुए राजनीति का ककहरा सीखा और फिर विधायक बने। अब पंचायतीराज चुनावों की सरगर्मियों के बीच देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट...कैसे गांव की छोटी सरकार बनी बड़े सियासी सफर की पहली सीढ़ी। वीओ-1- पंचायतीराज चुनाव की सरगर्मियों के बीच गांवों की चौपाल से लेकर सियासी गलियारों तक चुनावी चर्चाएं तेज हैं। पंचायतीराज चुनाव सिर्फ गांव की सरकार चुनने का जरिया नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में नए नेतृत्व को आगे लाने का मंच भी रहे हैं। राजस्थान की राजनीति में कई ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने कभी सरपंच, प्रधान, पंचायत समिति या जिला परिषद सदस्य के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया और बाद में विधानसभा, लोकसभा और मंत्रिमंडल तक पहुँचें। जयपुर से लेकर कोटा, बूंदी और चूरूं, सीकर तक ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है। इनमें कोई जिला प्रमुख से सांसद बना तो कोई सरपंच से विधायक। दिलचस्प यह भी है कि कुछ नेताओं ने विधायक और मंत्री बनने के बाद भी पंचायत की राजनीति से नाता नहीं तोड़ा। वहीं जिला प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद कुछ नेताओं को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। जयपुर जिला परिषद की बात करें तो जयपुर जिला परिषद का गठन 1959 में हुआ था। 67 साल के इतिहास में अब तक 10 जिला प्रमुख बने हैं। इनमें रामचरण बोहरा और सहदेव शर्मा ऐसे प्रमुख नाम हैं, जिन्होंने जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के बाद बड़ी चुनावी राजनीति में भी पहचान बनाई। रामचरण बोहरा वर्ष 1995 से 2000 तक जयपुर के जिला प्रमुख रहे। इसके बाद उन्होंने लोकसभा की राजनीति में कदम रखा और लगातार दो बार जयपुर शहर से सांसद चुने गए। इसी तरह सहदेव शर्मा जिला प्रमुख रहे और चार बार विधायक का चुनाव जीतकर विधानसभा तक पहुंचे। हालांकि जयपुर जिला प्रमुख की कुर्सी सभी नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने का रास्ता नहीं बन सकी। पूर्व जिला प्रमुख मधु शर्मा ने आमेर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सकीं। इसी तरह पूर्व जिला प्रमुख दिवगंत हजारीलाल नागर ने भी विधानसभा चुनाव लड़ा, मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जयपुर जिला परिषद के सदस्य रहे बाबूलाल नागर और अशोक तंवर भी बाद में विधानसभा तक पहुंचे। इस तरह जयपुर जिला परिषद ने प्रदेश की राजनीति को कई ऐसे चेहरे दिए, जिन्होंने ग्रामीण राजनीति से आगे बढ़कर विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। जयपुर जिला परिषद के इतिहास में वर्ष 2021 का चुनाव राजनीतिक घटनाक्रम के कारण चर्चा में रहा। कांग्रेस के टिकट पर वार्ड संख्या 17 से जिला परिषद सदस्य चुनी गईं रमा देवी चौपड़ा जिला प्रमुख के चुनाव से पहले भाजपा खेमे में चली गईं। उस समय 51 सदस्यीय जिला परिषद में कांग्रेस के 27 सदस्य थे। इसके बावजूद जिला प्रमुख के चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई और भाजपा ने जिला प्रमुख का पद हासिल कर लिया। वॉक थ्रू--दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर अब तक ये रहे जयपुर जिला प्रमुख नारायण चतुर्वेदी- अक्टूबर 1959 से अक्टूबर 1964 सहदेव शर्मा- नवंबर 1964 से अगस्त 1977 तक सुरेश शर्मा - 1980 से 1983 तक भगवान सहाय शर्मा- 1984 से 1991 तक रामचरण बोहरा- 15 फरवरी 1995 से फरवरी 2000 तक मधु शर्मा- 11 फरवरी 2000 से 10 फरवरी 2005 तक रामगोपाल गार्ड- 11 फरवरी 2005 से 10 फरवरी 2010 तक हजारीलाल नागर- 10 फरवरी 2010 से 6 फरवरी 2015 तक मूलंचद मीना- 7 फरवरी 2015 से 6 फरवरी 2020 तक रमादेवी चौपडा- 6 सितंबर 2021 से 5 सितंबर 2026 तक वीओ-2- पंचायतीराज की राजनीति में कोटा का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। नगेंद्र बाला पहली महिला जिला प्रमुख के रूप में जानी जाती हैं। इसके बाद वे दो बार विधानसभा पहुंचीं। कोटा उत्तर से विधायक रहे शांति धारीवाल ने कोटा जिला प्रमुख बने। जिला प्रमुख बनने के दो साल बाद ही 1984 में धारीवाल कोटा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद वे विधानसभा पहुंचे और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। कोटा के दिवंगत कांग्रेस नेता भरत सिंह कुंदनपुर की राजनीतिक यात्रा अलग रही। उन्होंने गांव की राजनीति से शुरुआत की। वे तीन बार कुंदनपुर ग्राम पंचायत के सरपंच और करीब 10 साल तक सांगोद पंचायत समिति के प्रधान रहे। इसके बाद चार बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास, पंचायतीराज तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री रहे। लेकिन मंत्री और विधायक जैसे पदों पर रहने के बाद भी गांव की राजनीति से उनका जुड़ाव बना रहा। वर्ष 2014 में उन्होंने कुंदनपुर ग्राम पंचायत से पंच का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस तरह उनका राजनीतिक सफर सरपंच से मंत्री और फिर वापस पंच तक पहुंचा। कोटा जिले की पीपल्दा विधानसभा सीट से जुड़े कई नेताओं ने भी पंचायतीराज संस्थाओं से राजनीतिक सफर शुरू किया। पूर्व विधायक और सांसद रामनारायण मीणा ने सरपंच पद से राजनीति की शुरुआत की थी। वे आगे चलकर विधानसभा उपाध्यक्ष भी बने। वहीं चेतन पटेल वर्ष 2021 में पीपल्दा पंचायत समिति से निर्दलीय सदस्य चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बने। पूर्व विधायक विद्या शंकर नंदवाना वर्ष 1987 से 1989 तक भांडाहेड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच रहे। इसके बाद जिला परिषद सदस्य रहे और जिला प्रमुख बने। इसी तरह पूर्व विधायक प्रेमचंद नागर भी पंचायत की राजनीति से आगे बढ़े। वे बोरदा ग्राम पंचायत में पांच साल और तलाव ग्राम पंचायत में तीन साल तक सरपंच रहे। पंचायत समिति सदस्य की जिम्मेदारी भी संभाली और बाद में विधानसभा पहुंचे। हिण्डौली से विधायक रहे अशोक चांदना ने भी पंचायतीराज संस्थाओं से चुनावी राजनीति की शुरुआत की। वे वर्ष 2010 में अजमेर जिला परिषद के सदस्य बने थे। इसके बाद विधानसभा पहुंचे और कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। वहीं पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल वर्ष 2004 से 2008 तक जिला परिषद सदस्य रहीं। इसके बाद विधानसभा चुनाव का टिकट मिला। वे दो बार रामगंजमंडी और एक बार केशवरायपाटन से विधायक चुनी गईं। चूरू के भाजपा विधायक हरलाल सहारण का राजनीतिक सफर भी स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं से जुड़ा रहा है। वे चूरू पंचायत समिति के प्रधान और इसके बाद जिला प्रमुख रहे। बाद में विधानसभा तक पहुंचे। बाहरहाल, राजस्थान में चल रहे पंचायतीराज चुनावों ने एक बार फिर ग्रामीण नेतृत्व को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। गांव की समस्याओं, स्थानीय विकास और जनप्रतिनिधित्व से जुड़ी यह चुनावी राजनीति नए चेहरों को सार्वजनिक जीवन में आगे आने का अवसर देती है। पिछले दशकों के राजनीतिक सफर बताते हैं कि राजस्थान में पंचायत की राजनीति सिर्फ सरपंच, प्रधान या जिला प्रमुख के पद तक सीमित नहीं रही। कई नेताओं ने इसी अनुभव के आधार पर विधानसभा और संसद तक का सफर तय किया।
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लखनऊ में पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 13 लाख रुपये बरामद

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 13 लाख रुपये बरामद लखनऊ में कारोबारी को निशाना बनाने के लिए पहले उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार आरोपी नवनीत सिंह को पीड़ित सुदर्शन घोष के कारोबार और आर्थिक स्थिति की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर गिरोह ने वारदात की साजिश रची。 12 सितंबर को कारोबारी के कार्यालय के पास आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर उसे गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कारोबारी को डराकर उसके परिवार से फिरौती की रकम मंगाने का दबाव बनाया गया。 वीओ- पुलिस के मुताबिक, अपहरण के दौरान आरोपियों ने कारोबारी से उसकी पत्नी को फोन करवाया और रकम नहीं देने पर जान-माल की धमकी दी। बाद में कारोबारी के ड्राइवर के जरिए 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कारोबारी को शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में चले गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे。 मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी थी। बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही थी। इसी कार्रवाई में 19 अक्टूबर को कृष्णानगर पुलिस और दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल ने पंकज भूषण कुमार और नवनीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख 34 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अगली वारदात की तलाश में दोबारा लखनऊ आए थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की गई है।
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लखनऊ में फर्जी पुलिस रौब से ठग गिरोह का पर्दाफाश: 13 लाख व सोना-चांदी माँगा गया

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ में वर्दी का रौब दिखाकर वसूली करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक एंटीक कारोबारी को अगवा किया और फिर उसकी रिहाई के बदले 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर वसूल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में जाकर छिप गए। 25-25 हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 34 हजार 500 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह की नजर ऐसे लोगों पर रहती थी, जिनके पास बड़ी रकम और कीमती सामान होने की जानकारी मिलती थी। लखनऊ में कारोबारी को निशाना बनाने के लिए पहले उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार आरोपी नवनीत सिंह को पीड़ित सुदर्शन घोष के कारोबार और आर्थिक स्थिति की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर गिरोह ने वारदात की साजिश रची। 12 सितंबर को कारोबारी के कार्यालय के पास आरोपियों ने कथित तौर पर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर उसे गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद कारोबारी को डराकर उसके परिवार से फिरौती की रकम मंगाने का दबाव बनाया गया।- पुलिस के मुताबिक, अपहरण के दौरान आरोपियों ने कारोबारी से उसकी पत्नी को फोन करवाया और रकम नहीं देने पर जान-माल की धमकी दी। बाद में कारोबारी के ड्राइवर के जरिए 13 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कारोबारी को शहीद पथ के पास छोड़ दिया गया। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में चले गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी थी। बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही थी। इसी कार्रवाई में 19 अक्टूबर को कृष्णानगर पुलिस और दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल ने पंकज भूषण कुमार और नवनीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख 34 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अगली वारदात की तलाश में दोबारा लखनऊ आए थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की गई है。
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संकट मोचन धाम में 25वां हवन-पूजन, विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

Umesh TrivediUmesh TrivediFollow4m ago
Unnao, Uttar Pradesh:शुक्लागंज, उन्नाव। नेहरू नगर स्थित सिद्धपीठ श्री संकट मोचन धाम में नौ दिनों तक मां दुर्गा के भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के बाद नवमी के अवसर पर 25वां हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मां दुर्गा के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति के अध्यक्ष कौशल किशोर पांडेय ने बताया कि धाम में नौ दिनों तक मां दुर्गा की प्रतिमा का श्रृंगार, हवन-पूजन, भजन-कीर्तन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नवमी के दिन हवन-पूजन के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दौरान अवध राज सिंह, श्रीकांत मिश्रा, एशियाई दुबे, सुरेश मिश्रा, संतोष शुक्ला, शिव प्रकाश, मनोज डीसी शुक्ल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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युवा मराठा नेता मनोज जरांगे के नारायण गढ़ के दसरे मेळावे से सियासी हलचल

Jalna, Maharashtra:जालना : मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल उद्या नारायण गडावर दसरा मेळावा करेंगे। साथ ही सावरगांव घाट में पंकजा मुंडे के समर्थित दसरा मेळावा भी निर्धारित है। उद्यान मेळावे को लेकर जरांगे के भाषण से राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना है। बिड जिले में नारायण गड के दसरा मेळावों की तैयारी चल रही है। मराठा आंदोलन के समर्थकों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए आज की कवरेज खास है। नारायण गड पर जरांगे के भाषण के आगे बिड जिले के अन्य हिस्सों में भी प्रतिक्रियाओं पर निगाह है। नारायण गड में दसरा मेळावों के लिए चाकचौबंद व्यवस्था की जा रही है ताकि समर्थक और नागरिक सुरक्षित रहें। साथ ही सावरगांव घाट पर पंकजा मुंडे के मेळावे की तैयारी भी तेज है और वहां भी हजारों लोगों की मौजूदگی की संभावना है। बीड जिले में दुष्काळ के बावजूद इन कार्यक्रमों की रूपरेखा स्पष्ट है और दोनों नेताओं के भाषण से राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी।
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पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार ड्राइविंग पर सवाल, टक्कर का वीडियो वायरल

Pithoragarh, Uttarakhand:पिथौरागढ़ में ओवरस्पीड और रैश ड्राइविंग पर सवाल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा टक्कर का वीडियोपिथौरागढ़ में तेज रफ्तार का एक और मामला सामने आया है। बीती रात बिन क्षेत्र में एक बाइक और बुलेट के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, देखते ही देखते तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में टक्कर के बाद दोनों वाहनों की बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत देखी जा सकती है। गौरतलब है कि पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। पुलिस की ओर से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जाति है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सड़क सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी पर सवाल खड़े करती हैं। अब सवाल यह है कि आखिर सड़कों पर तेज रफ्तार और रैश ड्राइविंग करने वालों पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा? यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और नियमित चेकिंग बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों पर लगाम लगाई जा सके। सड़क पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार का शौक किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। इसलिए सावधानी से वाहन चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।
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कुरुक्षेत्र में दशहरा: दो रावण दहन के साथ अहंकार त्याग का संदेश

Kurukshetra, Haryana:धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में कल सयम को 6:00 बजे एक नहीं दो दो रावण का दहन होगा। एक तरफ पूर्व मंत्री सुभाष सुधा भाजपा ओर दूसरी तरफ से पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा कोंग्रेस विधायक थानेसर, दशहरा पर्व मना रहे है कुरुक्षेत्र में दशहरा पर्व की तैयारियां तेज, रावण दहन के जरिए दिया जाएगा अहंकार त्यागने का संदेश धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व के अवसर पर अशोक अरोड़ा का कहना कि ब्रह्मसरोवर के तट पर मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और रावण दहन के माध्यम से लोगों को अहंकार त्यागने तथा सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाएगा। आयोजन को लेकर समिति की ओर से सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। दशहरा पर्व हमें सिखाता है कि चाहे कोई व्यक्ति कितना भी विद्वान और शक्तिशाली क्यों न हो, अहंकार उसके पतन का कारण बन सकता है। रावण चारों वेदों का ज्ञाता और महान विद्वान था, लेकिन अहंकार के कारण उसे अपने जीवन का अंत देखना पड़ा। मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में वर्षों से दशहरा पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी ब्रह्मसरोवर के तट पर मेले का आयोजन होगा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद राज बबर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि पद्मश्री महावीर गुड्डू अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से हरियाणा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के तहत रविदास नगर स्थित रविदास धर्मशाला से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा रोहड़ी चौक, शीकरी चौक और पालिका बाजार सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मेला स्थल तक पहुंचनेगी। जानकारी के अनुसार, शोभायात्रा में रावण की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। पूर्व मंत्री सुभाष सुधा का कहना कि केशव पार्क में दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करवाने के लिए आयोजन समिति के कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी और यातायात व्यवस्था सहित आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि मेले में पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। “दशहरा पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमें जीवन में अहंकार से दूर रहने और अच्छाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। हमारा उद्देश्य है कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे। हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शोभायात्रा और दशहरा उत्सव की शोभा बढ़ाएं।” कुरुक्षेत्र में दशहरा पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है। अब सभी को भव्य शोभायात्रा और रावण दहन कार्यक्रम का इंतजार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ-साथ अहंकार त्यागने का संदेश भी देगा।
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भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण के आरोप पर भाजपा- कांग्रेस में घमासान

Raipur, Chhattisgarh:भिलाई इस्पात संयंत्र को प्राइवेट हाथों में सौंपने के आरोपों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस नेताओं के बयान का मामला. भाजपा राज्‍यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा की मामले में पीसी. वर्मा ने भूपेश बघेल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- भूपेश बघेल और कांग्रेस लोगों को दिग्भ्रमित कर रही है, नगरीय निकाय चुनाव से फहले भ्रम फैला रही है. विदेशी ताकतों को मजबूत करना कांग्रेस चाहती है, अराजक माहौल बनाना चाहती है. उनके पास तथ्य है तो प्रस्तुत करें, सत्ता की राजनीति के लिए अफवाह और भ्रम फैलाना छोड़ दें. भिलाई में नगरीय निकाय चुनाव है, इसीलिए ये भ्रम फैलाया जा रहा है. इस्पात मिनिस्ट्री और सेल की ओर से भी ये जानकारी दी गई है कि निजी हाथों में सौंपने का कोई प्लान नहीं है. सेल और इस्पात मिनिस्ट्री को ऐसे झूठ फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाना चाहिए. हम भी इस मामले में आगे बढ़ेंगे
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सरमथुरा के सीएचसी में एक्सरे मशीन खराब, मरीज निजी क्लिनिक में जांच को मजबूर

Dholpur, Rajasthan:सरमथुरा सीएचसी की एक्सरे मशीन खराब, मरीज परेशान; बाहर से जांच कराने को मजबूर लोगों ने मशीन जल्द ठीक कराने की रखीं मांग सरमथुरा (धौलपुर) कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक्सरे मशीन खराब होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक्सरे की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जाकर जांच करानी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, सीएचसी में एक्सरे मशीन खराब होने से अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेषकर दुर्घटनाओं में घायल होने और हड्डियों से संबंधित समस्याओं वाले मरीजों को एक्सरे कराने के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों का अतिरिक्त समय और पैसा खर्च हो रहा है। मरीजों को private सेंटरों पर एक्सरे कराने के लिए करीब 200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन एक्सरे मशीन खराब होने से उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द एक्सरे मशीन को दुरुस्त करवाकर जांच सुविधा शुरू कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
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त्योहारी सीजन में आगजनी रोकने के लिए होमगार्ड-दमकल ने किया कड़ा अलर्ट

Chanwal, Himachal Pradesh:हमीरपुर- त्योहारी सीजन के दौरान आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होमगार्ड और दमकल विभाग ने कमर कस ली है। दोनों विभागों की ओर से लोगों को आग से बचाव और सुरक्षा संबंधी जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभागों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैंए ताकि घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ती भीड़ए बिजली की सजावट और पटाखों के इस्तेमाल को देखते हुए आगजनी की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित स्थलों का निरीक्षण भी किया जाएगी ताकि सुरक्षा मानकों की जांच की जा सके और संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। आगजनी की घटनाओं पर तुरंत काबू पाने के लिए जिले में दमकल विभाग के पास 14 वाहन उपलब्ध हैं। विभागीय व्यवस्था के तहत पांच फायर यूनिटए एक फायर स्टेशनए दो सब स्टेशन और दो चौकियां स्थापित हैं। इन संसाधनों के माध्यम से आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है। फेस्टिवल सीजन के दौरान होमगार्ड और दमकल विभाग की भूमिका अहम रहेगी। दोनों विभाग लोगों को जागरूक करने के साथ.साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहेंगे। विभाग का उद्देश्य आगजनी की घटनाओं को रोकना जान.माल के नुकसान को कम करना और जरूरत पडऩे पर तुरंत राहत पहुंचाना है। त्योहारी उत्साह के बीच लोगों से अपील की जा रही है कि वे पटाखे चलाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें ज्वलनशील वस्तुओं के पास आतिशबाजी न करें और किसी भी आगजनी की घटना को हल्के में न लें। आग लगने की स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कमांडेंट होमेगार्ड विनय कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में होमगार्ड तथा दमकल विभाग पूरी तरह से अलर्ट हैं। जिला के वाटर हाइड्रेंट का निरीक्षण भी किया जा चुका है। बाजारों का निरीक्षण भी किया जा रहा है तथा लोगों को आगजनी की घटनाओं के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।
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अलवर में पांच माह की गर्भवती की मौत, लिव-इन पार्टनर पर हत्या का आरोप

Alwar, Rajasthan:अलवर में शहर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र के नाहरपुर में एक किराए के मकान में पांच महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने उसके लिवइन पार्टनर योगेश कुमार पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। उद्योग नगर थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल के अनुसार, घटना 18 अक्टूबर की है। नाहरपुर निवासी रणजीत सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके मकान में योगेश कुमार अपनी महिला साथी के साथ किराए पर रहता था। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मांटमुल्ला क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। योगेश यहां एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों पहले से शादीशुदा थे और उनके दो-दो बच्चे हैं। इसके बावजूद दोनों पिछले करीब डेढ़ साल से नाहरपुर में पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। कमरे में गद्दे पर मिला महिला का शव। पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच योगेश मकान से निकल गया था। इसके बाद महिला कमरे में फर्श पर बिछे गद्दे पर मृत अवस्था में मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। 19 अक्टूबर को महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। महिला के परिजन भी अलवर पहुंच गए और उन्होंने योगेश कुमार पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी। आपसी विवाद समेत विभिन्न पहलुओं पर जांच। थाना प्रभारी रामेश्वर दयाल ने बताया कि परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच अक्सर मनमुटाव और छोटे-मोटे विवाद होते रहते थे। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इसके अलावा, दोनों के पूर्व वैवाहिक संबंधों और कानूनी तलाक से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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