Back
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि 6 से 15 फरवरी, महाशिवरात्रि भस्मारती
ASANIMESH SINGH
Feb 02, 2026 10:21:20
Ujjain, Madhya Pradesh
महाकालेश्वर मंदिर में 6 फरवरी से शिव नवरात्रि उत्सव, 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। विश्व का एकमात्र मंदिर जहाँ वैदिक परंपरा से शिव नवरात्रि मनाई जाती है। 6 फरवरी से 15 फरवरी तक चलेगा 10 दिवसीय शिव नवरात्रि महापर्व। महाशिवरात्रि के अगले दिन दोपहर 12 बजे होगी वर्ष में एकमात्र दिन में होने वाली भस्मारती। उज्जैन। वैदिक परंपराओं के अनुरूप विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि उत्सव का शुभारंभ 6 फरवरी से होने जा रहा है, जो 15 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार यह पर्व शिव के प्रकटोत्सव के रूप में जाना जाता है जबकि लोक परंपराओं में यह उत्सव शिववाहक स्वरूप में प्रचलित है।। महाकालेश्वर मंदिर विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहाँ शिव नवरात्रि का आयोजन परंपरागत वैदिक विधि-विधान के साथ किया जाता है। शिव नवरात्रि के दौरान मंदिर के गर्भगृह में 11 ब्राह्मणों द्वारा प्रतिदिन लघु रुद्र पाठ किया जाएगा। इसके पश्चात भगवान महाकाल का विविध स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा। यह पर्व नौ दिनों तक मनाया जाता है लेकिन एक तिथि अधिक होने के कारण इस बार यह पर्व 10 दिन का मनाया जाएगा पहले दो दिन भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में वस्त्र धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे तीसरे दिन से शेषनाग धारण किया जाएगा इसके बाद अलग-अलग स्वरूपों में भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे जिसमें घटाटोप, उमा-महेश, मन-महेश और शिव तांडव जैसे स्वरूपों में भगवान के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। महाशिवरात्रি पर्व पर रात्रि 2:30 बजे से सुबह 4:30 बजे तक विशेष भस्मारती संपन्न होगी। इसके पश्चात भगवान महाकाल पर पूरे दिन और रात्रि तक निरंतर जलाभिषेक किया जाएगा। इसी रात्रि में भगवान का मन्त्रोंपचार पूजन किया जाएगा, जो वर्ष में केवल एक बार होता है। महाशिवरात्रि के अगले दिन भगवान महाकाल को पृथक श्रृंगार अर्पित किया जाएगा तथा seहरा धारण कराया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे वर्ष में एकमात्र दिनकालीन भस्मारती संपन्न होगी, जो शिव नवरात्रि उत्सव की विशेष परंपरा मानी जाती है। भस्मारती के पश्चात 10 दिनों तक पुजारी परिवार द्वारा विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे, जिनका समापन ब्रह्मभोजन के साथ किया जाएगा। वहीं जिन श्रद्धालुओं को शिव नवरात्रि के दौरान श्रृंगार दर्शन नहीं हो पाते, वे दूज के दिन यानी 18 फरवरी को भगवान महाकाल के विशेष पंचमुखुटा दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। वैदिक परंपराओं में इस पर्व को शिव प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जबकि लोक परंपराओं में यह उत्सव शिववाहक स्वरूप में प्रचलित है। शिव नवरात्रि के दौरान महाकाल नगरी पूरी तरह भक्ति और आस्था के रंग में रंगी नजर आएगी। मंदिर समिति भी आने वाले उत्सव को लेकर तैयारी में जुट गई है मंदिर में सौंदर्यकरण और साफ सफाई का कार्य लगातार जारी है, इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरीके की कोई भी असुविधा न हो...
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
Advertisement
राजधानी लखनऊ के थाना गाजीपुर में पार्षद को बंद करने का मामला, थाने पर क्षेत्रवासियों का जमावड़ा लखनऊ
0
Report
NBNARAYAN BEHERA
FollowFeb 02, 2026 11:37:410
Report
GYGAUKARAN YADU
FollowFeb 02, 2026 11:37:180
Report
MPMAHESH PARIHAR1
FollowFeb 02, 2026 11:37:000
Report
BSBhanu Sharma
FollowFeb 02, 2026 11:36:380
Report
DSDanvir Sahu
FollowFeb 02, 2026 11:36:200
Report
VSVishnu Sharma
FollowFeb 02, 2026 11:35:450
Report
BSBIRENDRA SINHA
FollowFeb 02, 2026 11:35:110
Report
ASArvind Singh
FollowFeb 02, 2026 11:34:560
Report
0
Report
MJManoj Jain
FollowFeb 02, 2026 11:34:380
Report
SLSanjay Lohani
FollowFeb 02, 2026 11:34:200
Report
RKRupesh Kumar
FollowFeb 02, 2026 11:34:000
Report
VMVimlesh Mishra
FollowFeb 02, 2026 11:33:450
Report
RKRajesh Kumar Sharma
FollowFeb 02, 2026 11:33:340
Report