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NSUI, UGC द्वारा जारी जाति-आधारित भेदभाव पर पहल का स्वागत करती है, सोशल मीडिया X पर पो
Saraiya, Uttar Pradesh:बड़ी खबर,,,,
NSUI, UGC द्वारा जारी जाति-आधारित भेदभाव पर पहल का स्वागत करती है, सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर UGC का स्वागत किया है NSUI ने कुछ सुझाव के साथ स्वागत किया है NSUI ने UGC बिल का
हालांकि, हमारे कुछ सुझाव और सवाल हैं ताकि प्रस्तावित समिति केवल कागजी औपचारिकता बनकर न रह जाए।
इस समिति में SC, ST और OBC समुदायों से आने वाले छात्रों का अनिवार्य प्रतिनिधित्व होना चाहिए, साथ ही SC, ST और OBC पृष्ठभूमि के शिक्षकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। समिति की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए इसमें सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को भी शामिल किया जाना आवश्यक है।
आखिर कमेटी का चेयरपर्सन कौन होगा? इस सवाल पर UGC चुप है। कमेटी को विश्वविद्यालय प्रशासन के नियंत्रण की कठपुतली नहीं बनाना चाहिए, अन्यथा यह समानता और न्याय के मूल उद्देश्य को ही विफल कर देगा।
पहले भी ऐसी कई समितियां विशेषकर लैंगिक भेदभाव से संबंधित बनी हैं परंतु शिकायतों के प्रभावी निपटारे तथा न्याय दिलाने में असफल रही हैं।
NFS और आरक्षण नीतियों की विफलता के कारण दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के शिक्षण पदों में भारी रिक्तियां हैं। IITs, IIMs तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रों की आत्महत्या की दुखद घटनाएं और उच्च ड्रॉपआउट दर यह रेखांकित करती हैं कि उच्च शिक्षा में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
उच्च शिक्षा में व्याप्त हर प्रकार के भेदभाव पर हमें खुलकर सामूहिक रूप से बोलना चाहिए और इसे समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
UGC एक मजबूत, स्वतंत्र और सशक्त समिति का गठन हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में सुनिश्चित करे जो शिकायतों पर कार्रवाई करे, जवाबदेही सुनिश्चित करे और न्याय प्रदान करे।
NSUI विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति, लिंग या किसी भी अन्य पहचान के आधार पर होने वाले हर प्रकार के भेदभाव के खिलाफ दृढ़ता से खड़ी है।
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226201उत्तर प्रदेश यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा
परिवहन विभाग ने स्काउट्स और NCC कैडेट्स को सिखाए सड़क सु
Saraiya, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा
परिवहन विभाग ने स्काउट्स और NCC कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर
- दयाशंकर सिंह
लखनऊ: 25 जनवरी, 2026
परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश भर के जिलों और संभाग स्तर पर यातायात नियमों की जागरूकता के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला, आपदा प्रबंधन विभाग, एनसीसी और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से अभियान चलाया जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और ‘कैशलेस उपचार’ जैसी योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक किया जा रहा है।
प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी-31 जनवरी) के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और संभाग स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था CIA, डीलर्स एसोसिएशन और स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ यातायात पुलिस के साथी शामिल हुए। जिसमें सभी को यातायात नियमों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया और नियमों के संबंध में जानकारी दी गई।
सुरक्षित सफर के लिए जरूरी जागरुकता
परिवहन मंत्री ने बताया कि कार्यशाला में नियमों के बारे में जानकारी दी गई,कि दुपहिया वाहनों पर चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों के लिए BIS मानक वाले हेलमेट अनिवार्य हैं। चौपहिया वाहनों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है। परिवहन मंत्री ने अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और नशे की स्थिति में ड्राइविंग से बचें। स्टंट, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग के बजाय धैर्यपूर्वक वाहन चलाएं। कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें और वाहनों पर रिफ्लेक्टर जरूर लगवाएं।
आपकी मदद से बच सकती घायल की जान
परिवहन मंत्री ने बताया कि कार्यशाला के दौरान शामिल सहभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए उपलब्ध ‘कैशलेस उपचार सुविधा’ और ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Law) के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है, ताकि समय पर मदद पहुंचाकर जान बचाई जा सके।
नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध जारी कार्रवाई
परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। 01 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक हेलमेट न पहनने पर 49,500, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर 11,740, ओवर स्पीडिंग पर 15,180, वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन उपयोग पर 4,164, नशे की अवस्था में वाहन चलाने पर 304 तथा गलत दिशा में वाहन चलाने पर 5,546 चालान किए गए हैं।
नो हेलमेट नो फ्यूल
परिवहन आयुक्त ने बताया कि अभियान के तहत हेलमेट के बिना ईंधन न देने की व्यवस्था तथा अवैध पार्किंग एवं अनफ़िट वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई भी निरंतर जारी है। अब तक 89,992 से अधिक चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।
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