सीधी बनेगा इंडस्ट्रियल हब: सांसद राजेश मिश्रा
Sidhi, Madhya Pradesh:सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने सीधी को इंडस्ट्रियल हब बनाने का ऐलान किया है। लंबित पड़ी ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना की बड़ी बैठक 1 अगस्त को रीवा में आयोजित होगी, जिसमें सभी विभागों के अफसर और तीनों जिलों के कलेक्टर शामिल होंगे। इस परियोजना में तेजी लाने के लिए सांसद ने यह पहल की है। अब तक सीधी में इंडस्ट्रियल फैक्ट्री न होने से लोगों को पलायन करना पड़ता था। बिजनेस समिट, जबलपुर के तर्ज पर, रीवा में आयोजित होगा, जिसमें बड़े उद्योगपति और बिजनेसमैन सीधी में निवेश करेंगे।
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NH-139 फोरलेन मंजूर: पटना-औरंगाबाद से पलामू तक विकास रफ्तार पाएगा
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:पटना से अरवल और औरंगाबाद होते हुए झारखंड के पलामू जिले को जोड़ने वाली एन एच-139 के फोरलेन निर्माण योजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। स्वीकृति मिलते ही औरंगाबाद वासियों की चीर प्रतीक्षित मांग तो पूरी हो ही गई, इलाके के विकास में एक नया आयाम भी जुड़ गया है। पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने बताया कि इसके निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। जल्द ही इसका टेंडर होगा और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार को झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश से जोड़नेवाली इस सड़क का फोरलेन हो जाने से आवागमन तो सुगम होगा ही, विकास को भी रफ्तार मिलेगी। गौरतलब है कि पूर्व में इस फोरलेन को लेकर कई बार फंसे पेंच के बाद इस दफे मिली मंजूरी के बाद अब औरंगाबाद से पटना जाने के समय मे भी राहत मिलेगी और प्रतिदिन हो रहे सड़क हादसों से होनेवाले मौत वे आंकड़ो में भी कमी आएगी।गया के मंगलागौरी शक्तिपीठ में भक्तों की आस्था बरकरार
Gaya, Bihar:पालनपीठ के रूप में प्रसिद्ध है मां मंगलागौरी मंदिर, यहां पूरी होती है भक्तों की हर मनोकामना. गया की पावन नगरी की मान्यता हिन्दू धर्मलबियों के एक अलग ही पहचान और इतिहास के रूप में देखा जाता है और यहां आस्था का मुख्य केंद्र है मां के दरबार में आकर जो भी सच्चे मन से मां की पूजा व अर्चना करते हैं, मां उस भक्त पर खुश होकर उसकी हर मनोकामना को पूर्ण करती है. नवरात्र के मौके पर प्रत्येक देवी स्थानों पर भक्तों की भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है. ऐसे में बिहार के गया शहर से कुछ ही दूरी पर भस्मकूट पर्वत पर स्थित शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर पर सुबह से ही भक्तों का तांता लग जाता है. मान्यता है कि यहां मां सती का वक्ष स्थल गिरा था, जिस कारण यह शक्तिपीठ 'पालनहार पीठ' या 'पालनपीठ' के रूप में प्रसिद्ध है. पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक, भगवान भोले शंकर जब अपनी पत्नी सती का जला हुआ शरीर लेकर तीनों लोकों में उद्विग्न होकर घूम रहे थे तो सृष्टि को बचाने के लिए भगवान विष्णु ने मां सती के शरीर को अपने सुदर्शन चक्र से काटा था. इसी क्रम में मां सती के शरीर के टुकड़े देश के विभिन्न स्थानों पर गिरे थे, जिन्हें बाद में शक्तिपीठ के रूप में जाना गया. इन्हीं स्थानों पर गिरे हुए टुकड़े में स्तन का एक टुकड़ा गया के भस्मकूट पर्वत पर गिरा था. इस शक्तिपीठ को असम के कामरूप स्थित मां कमाख्या देवी शक्तिपीठ के समान माना जाता है कालिका पुराण के अनुसार, गया में सती का स्तन मंडल भस्मकूट पर्वत के ऊपर गिरकर दो पत्थर बन गए थे. इसी प्रस्तरमयी स्तन मंडल में मंगलागौरी मां नित्य निवास करती हैं जो मनुष्य शिला का स्पर्श करते हैं, वे अमरत्व को प्राप्त कर ब्रह्मलोक में निवास करते हैं. इस शक्तिपीठ की विशेषता यह है कि मनुष्य अपने जीवन काल में ही अपना श्राद्ध कर्म यहां संपादित कर सकता है और उसकी हर मनोकामना को पूर्ण करती हैं. मां मान्यता है कि इस मंदिर में आकर जो भी सच्चे मन से मां की पूजा व अर्चना करते हैं, मां उस भक्त पर खुश होकर उसकी मनोकामना को पूर्ण करती है. ऐसी मान्यता है कि यहां पूजा करने वाले किसी भी भक्त को मां मंगला खाली हाथ नहीं भेजतीं. इस मंदिर में साल भर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है. यहां गर्भगृह में ऐसे तो काफी अंधेरा रहता है, परंतु כאן वर्षो से एक दीप प्रज्वलित हो रहा है. कहा जाता है कि यह दीपक कभी बुझता नहीं है. इस मंदिर में सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि विदेशी भी आकर मां मंगला गौरी में पूजा अर्चना करते हैं. माता... चढ़कर ऊपर जाना पड़ता है. पुराणों में भी है इस मंदिर का उल्लेख पद्म पुराण, वायु पुराण, अग्नि पुराण आदि में. तांत्रिक कार्यों में भी इस मंदिर को प्रमुखता दी जाती है. हिंदू संप्रदाय में इस मंदिर में शक्ति का वास माना जाता है. इस मंदिर में उपa शक्ति पीठ भी है, जिसे भगवान शिव के शरीर का हिस्सा माना जाता है. शक्ति पोषण के प्रतीक को एक स्तन के रूप में पूजा जाता है. कई और भी मंदिर हैं...नवरात्र की संधि पूजा खत्म होने के बाद मां-मां कहकर फूट-फूट कर रो पड़े तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी
Hooghly, West Bengal:श्रीरामपुर: तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी श्रीरामपुर 5 और 6 नंबर पल्ली गोष्ठी और व्यवसायी समिति की दुर्गा पूजा के मुख्य संरक्षक थे। हर साल श्रीरामपुर स्टेशन से सटे आरएमएस मैदान में बड़े पैमाने पर पूजा का आयोजन करते थे। कल्याण अष्टमी और नवमी की संधि बेला में इस पूजा में हर साल भावुक होकर रो पड़ते थे।
सत्ता पलट के बाद आरएमएस मैदान की पूजा अब बीजेपी के हाथ में है। इस बार उस पूजा में कल्याण बनर्जी को जगह नहीं मिली। श्रीरामपुर में ही जिस आवास में वे रहते हैं, उसी गंगा दर्शन आवास की पूजा में कल्याण बनर्जी के आंसू देखने को मिले।
(जी न्यूज ब्यूरो रिपोर्ट)
