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Dheeraj Kumar BalothiyaDheeraj Kumar BalothiyaFollow11 Oct 2024, 12:42 pm
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दीपावली से पहले बलिया पुलिस ने गोदाम से 715 किलो अवैध पटाखे बरामद

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया पुलिस ने दीपावली के पहले अवैध पटाखों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए एक गोदाम सहित डीसीएम से लगभग 20 लाख रुपए के अवैध पटाखे बरामद किए हैं। बलिया के सीओ सिटी ने बताया कि कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली कि मवेशी हॉस्पिटल के पास ट्रांसपोर्ट करके एक गोदाम में पटाखे रखे गए हैं। चेतन गुप्ता के बेसमेंट में जब पुलिस ने छापेमारी की तो वहां 9 कार्टून में विस्फोटक पटाखे मिले। इस दौरान जानकारी मिली पटाखे डीसीएम से लाये गए हैं लिहाजा डीसीएम की जांच की गई तो डीसीएम के अंदर भी 16 कार्टून पटाखे मिले। पुलिस ने कुल 715 किलो अवैध पटाखे बरामद किए जिनकी लागत 15 से 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने अवैध पटाखों को जप्त कर विधि कार्यवाही शुरू कर दी है。
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बालोद के मजदूरों को तमिलनाडु ले जाकर बंधक बनाकर काम करवाने का मामला

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. नौकरी दिलाने के नाम पर दो मजदूरों को पहले नागपुर ले जाने का झांसा दिया गया और फिर तमिलनाडु पहुंचा दिया गया. आरोप है कि वहां दोनों मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है. इससे अतिरिक्त उनके परिजनों से पैसे मांगने की स्पष्ट घटनाएं सामने आईं. परिजनों ने डर के चलते 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए, लेकिन इसके बाद भी मजदूरों को छोड़ नहीं गया. अब परेशान परिजनों ने कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम करहीभदर निवासी संपत चतुर्वेदी और राकेश खत्री को अच्छी तनख्वाह पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया. आरोप है कि गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंगझर निवासी चंद्रेश ठाकुर ने दोनों मजदूरों को नागपुर की एक बिस्किट फैक्ट्री में काम दिलाने का भरोसा दिया था. 28 सितंबर को दोनों मजदूर बेहतर कमाई की उम्मीद में घर से निकले, लेकिन उन्हें नागपुर के बजाय तमिलनाडु ले जाया गया. परिजनों का आरोप है कि वहां दोनों को बंधक बनाकर बोरवेल से जुड़े काम कराने के साथ गाय-बकरियां चराने का काम भी कराया जा रहा है. आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी दोनों मजदूरों को नहीं छोड़ा गया और परिजनों को दोबारा धमकियां दी जा रही हैं. अपने पतियों की सलामती को लेकर चिंतित राकेश खत्री की पत्नी पद्मा बाई और संपत चतुर्वेदी की पत्नी कौशल्या चतुर्वेदी ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और बालोद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है. परिजनों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए दोनों मजदूरों को तमिलनाडु से सुरक्षित वापस लाने की मांग की है. वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल, बालोद के दोनों मजदूर तमिलनाडु में कहां हैं और किन परिस्थितियों में हैं, यह स्पष्ट होना बाकी है. नौकरी के नाम पर दूसरे राज्य ले जाने, बंधक बनाने और पैसे मांगने के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है.
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SIMS बिलासपुर में नवजात मौत: डॉक्टरों के खिलाफ FIR की मांग तेज

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में कथित चिकित्सीय लापरवाही से नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित पिता राहुल कुमार ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पोर्टल पर उनकी शिकायत की स्थिति अब भी अपूर्ण दिखाई दे रही है, जबकि पूछताछ करने पर जांच समिति गठित होने की जानकारी दी जा रही है। ऐसे में पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।दरअसल, तिफरा निवासी राहुल कुमार और उनकी पत्नी पूर्णिमा साहू ने 15 सितंबर 2026 को कलेक्टर के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए नवजात शिशु की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।शिकायतकर्ता के मुताबिक, जनदर्शन शिकायत पर लंबे समय बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि पूछताछ करने पर जांच समिति गठित होने की बात कही जाती है, लेकिन जांच की प्रगति और कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।अब पीड़ित पिता ने प्रशासन से व्यक्तिगत संज्ञान लेकर जांच समिति को जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देने और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बाइट– राहुल साहू पीड़ित पिता बाइट – पूर्णिमा साहू पीड़ित माँ
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मेरठ सौरभ हत्याकांड में अभियोजन ने मृत्युदंड की मांग, फैसले की आस

मेरठ सौरभ हत्याकांड में अभियोजन ने मांगी फांसी की सजा, कहा- ये पूजा-पाठ का दिखावा, अपराध पहले ही रोका जा सकता था मेरठ। मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में आज सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी ने कोर्ट में लिखित और मौखिक रूप से अपना पक्ष रखते हुए दोनों दोषियों साहिल और मुस्कान के लिये अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग की है। क्या कहा अभियोजन ने - डीजीसी ने बताया कि न्यायालय ने साहिल और मुस्कान को 30 सितंबर को दोषी करार दिया था। दोष सिद्धि के बाद आज सजा पर बहस हुई। हमने अपराध की भयावहता, अपराध करने के तरीके, अपराध की प्रवृत्ति और अपराधियों की प्रवृत्ति को देखते हुए जघन्यतम अपराध के लिए मृत्युदंड की मांग की है और इसके लिये सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने कई निर्णयों में कहा है कि ऐसे अपराधियों को यदि मृत्युदंड से नीचे की सजा देकर रियायत बरती जाती है तो यह कानून और न्यायिक व्यवस्था का मजाक होगा और कानून के राज को प्रभावहीन करेगा। दोनों की समान भूमिका, बेटी का तर्क नहीं चलेगा - बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया था कि मुस्कान की छोटी बेटी है। इस पर डीजीसी ने कहा कि साहिल और मुस्कान दोनों ने एक राय, एक मत होकर इस अपराध को अंजाम दिया है। दोनों की आपराधिक मानसिकता एक जैसी है। इसलिए बच्ची होने का तर्क उसकी अपराध की गंभीरता और भयावहता को कम नहीं करता। दोनों की समान भूमिका, समान आशय है, यह अनैतिक संबंधों की परिणीति है और दोनों ने मिलकर पति की हत्या की है, इसलिए दोनों बराबर सजा यानी फांसी के हकदार हैं। जेल में अच्छा आचरण प्लानिंग का हिस्सा - जेल में अच्छे आचरण के तर्क पर डीजीसी ने कहा कि यह जरूर देखा जाता है कि न्यायिक हिरासत में आचरण कैसा रहा है, लेकिन जिस प्रकार क्रूर, निर्मम और सोची-समझी शांत मानसिकता से हत्या की गई है, उससे पता चलता है कि ये बेहद खतरनाक अपराधी हैं। इन्होंने बड़ी योजना बनाकर ड्रम खरीदा, रेत-सीमेंट खरीदा, दवाई, चाकू-छुरी खरीदी और हत्या करके शव को जमाया फिर घूमने चले गए। जो व्यक्ति इतनी प्लानिंग कर सकता है, वह जानता है कि जेल में उसका आचरण भी सजा पर असर डालेगा, इसलिए उसने सोच-समझकर अपना व्यवहार सामान्य रखा है। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण का मतलब होता है कि जेल में पढ़े-लिखे कैदी अनपढ़ कैदियों को पढ़ाते हैं, धार्मिक शिक्षा, परोपकारी या सेवाभाव का कोई काम करते हैं, ऐसा कोई कृत्य इन दोनों ने नहीं किया है, इसलिए इसका सजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। अंत समय में भगवान याद आना दिखावा - पूजा-पाठ करने के सवाल पर डीजीसी ने कहा कि जब जघन्य अपराध कर देता है और सजा भुगतने का समय आता है, तब उसे भगवान, पैगम्बर याद आते हैं। ये अंत समय में याद करने की अपेक्षा पहले ही याद करके अच्छा काम करते और हत्या न करके तलाक दे देते। इस पूजा-पाठ से सजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। समाज पर पड़ा बुरा असर, नीले ड्रम से दहशत - कोर्ट ने यह भी पूछा था कि अपराध का समाज पर क्या असर पड़ा। हमने बताया कि यह अपराध समाज को तोड़ता है और भय का वातावरण बनाता है। नीले रंग का ड्रम आज भय और आतंक का पर्याय बन गया है। इस घटना के बाद देश में ऐसी घटनाओं की बाढ़ आ गई, किसी महिला ने पति को पहाड़ी से धक्का देकर मार दिया, किसी ने सांप से मरवा दिया, कोई जमीन में गाड़ दे रहा है। इसलिए इनके साथ रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है। डीजीसी ने बताया कि सजा पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है और अब करीब 3 बजे तक माननीय न्यायालय द्वारा सजा का फैसला सुनाया जाएगा।
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हिसार मार्केट कमेटी में MSP के विरोध में किसानों ने तीनों गेटों पर तालाबंदी की

Hisar, Haryana:हिसार की मार्केट कमेटी में आज संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले मूंग, बाजरा और धान की एमएसपी पर खरीद न होने के विरोध में सैकड़ों किसानों ने तीनों मुख्य गेटों पर 11 बजे से 2 बजे तक तालाबंदी कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मौके पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। किसानों का आरोप है कि सरकार के मूंग, मूंगफली और बाजरा एमएसपी पर बिकने के दावे खोखले हैं और उनका धान भी कम कीमतों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अगली बैठक में बड़े आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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सासाराम के जयनगर में नाला पानी को लेकर दो पक्षों में मारपीट, कई घायल

Sasaram, Bihar:खबर सासाराम से है। जहां अकोढीगोला थाना क्षेत्र के जयनगर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दो पक्षों में जमकर मारपीट हो रही है। बताया जाता है कि यह वीडियो दो दिन पहले का है। जयनगर गांव में नाला का पानी बहाने को लेकर गोतीया पटीदारों के बीच मारपीट हुई। मारपीट में 5 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए वाराणसी भेजा गया है। वही जिन लोगों को सामान्य चोट लगी थी। उन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। चुकी यह वायरल वीडियो है और इसकी हम पुष्टि नहीं करते है। ये घटना दो दिन पहले की बताई जा रही है। रोहतास जिला के अकोढीगोला के जयनगर की यह घटना है.
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झारखंड में ब्रज मोहन राम के राज्यपाल बनने पर एससी-एसटी वोट बैंक पर घमासान शुरू: भाजपा और विपक्ष के दावे उठे

Ranchi, Jharkhand:झारखंड से बीजेपी ने दलित चेहरे ब्रज मोहन राम को उड़ीसा का राज्यपाल बनाया तो झारखंड में एससी और एसटी वोट बैंक की चर्चा होने लगी। ब्रज मोहन राम ने दावा किया 2029 में झारखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी तो कांग्रेस और झामुमो ने भी पलटवार किया झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा झारखंड में इंडिया गठबन्धन की सरकार है और यहां सबके लिए कोई न कोई योजना हेमंत सरकार के पास है। ब्रज मोहन राम को राज्यपाल बना दिया पर ,बीजेपी की सरकार ने झारखंड में अनुसूचित जाति के लिए क्या किया, मूर्ख बनाया है सभी को। अनुसूचित जाति का सर्वांगीण विकास हो उसके लिए काम नहीं करते किसी एक को राज्यपाल बना दिया और चाहेगें पूरा अनुसूचित जाति खुश हो जाए ये नहीं होगा बाइट ...राधाकृष्ण किशोर, वित्त मंत्री 2024 और 2019 में गणित किधर गया था वहीं 2029 में भी गणित जाएगा, बीजेपी लाख प्रयास कर ले , लाख जुमला बोल ले, यहां कुछ नहीं होने वाला कोई सफलता नहीं मिलेगी। 2039 तक झारखंड में कोई वैकेंसी नहीं है। हेमंत सोरेन सरकार के मुखिया रहेगें और यूपीए गठबन्धन की सरकार रहेगी। बाइट ...योगेन्द्र प्रसाद, मंत्री
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छत्तीसगढ़ में बस किरायों में 40% की बढ़ोतरी, यात्रियों पर बोझ बढ़ा

Jagdalpur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ सरकार के परिवहन विभाग ने यात्री बसों के किराए में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है, और इसकी नई अधिसूचना जारी कर दी गई है , वहीं बस किराए में हुई बढ़ोतरी के बाद इसका असर जगदलपुर में देखा जा रहा है जगदलपुर से लेकर रायपुर के बीच करीब 100 रुपए से लेकर 200 रुपए की बढ़ोतरी किराए में दर्ज की गई है इसके साथ ही किराए में हुई बढ़ोतरी का असर अन्य रुट में भी देखा जा रहा है, जगदलपुर से उड़ीसा एवं अन्य स्थानों पर जाने के लिए अब ज्यादा किराया यात्रियों को देना होगा वहीं बस ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल में हुई बढ़ोतरी से लेकर सरकार की नई गाइडलाइन के तहत बसों में जीपीएस सीसीटीवी कैमरा लगाना पड़ रहा है जिसके चलते यह खर्च बस ऑपरेटरों को भारी पड़ रहा।
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हरदा में ई-टोकन से खाद बुकिंग में परेशानी, किसान मोबाइल लेकर विभाग पहुंचे

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा। जिले में ई-टोकन के माध्यम से खाद की बुकिंग नहीं हो पाने से किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। इसी समस्या को लेकर हरदा जिला मुख्यालय पर कृषि विभाग के कार्यालय के सामने किसानों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसान अपने हाथों में मोबाइल लेकर कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे और वहीं से ऑनलाइन खाद बुकिंग करने का प्रयास किया। हालांकि, किसानों का आरोप है कि काफी प्रयास करने के बावजूद समय पर खाद की बुकिंग नहीं हो पाई, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद की बुकिंग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से खेती-किसानी के काम प्रभावित होने की चिंता सता रही है। वहीं, ई-टोकन व्यवस्था को लेकर कांग्रेस भी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस किसानों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाते हुए व्यवस्था में सुधार और किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध कराने की मांग कर रही है। अब सवाल यह है कि जब किसान मोबाइल लेकर कृषि विभाग के कार्यालय में ही खाद बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे किसानों को इस व्यवस्था से कितनी राहत मिल रही होगी? किसानों ने खाद की उपलब्धता और बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग उठाई है।
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