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Ramakant MansoriyaRamakant MansoriyaFollow13 Sept 2024, 12:37 pm
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हरदोई में तमंचे की बरामदगी पर सियासी बवाल, गिरफ्तार युवक पर सवाल

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में तमंचे की बरामदगी से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई अब सियासी विवाद में बदल गई है। कासिमपुर पुलिस ने अंकित गौतम को उसके क्लीनिक से .315 बोर के तमंचे और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक अंकित झोलाछाप डॉक्टर है और अवैध हथियार लेकर घूमता था। ग्राम मोउद्दीनपुर मजरा मासू निवासी अंकित पुत्र सूरजबली के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मुखबिर और ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद उसके क्लीनिक पर कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों ने भी उसके पास तमंचा होने की शिकायत की थी। गिरफ्तारी के बाद मामला अचानक सियासी हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रत्ना सिंह ने पुलिस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि अंकित गौतम 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल हुआ था। रत्ना सिंह का आरोप है कि प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण अंकित को निशाना बनाया गया। उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक द्वेष के चलते झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि क्लीनिक से तमंचा बरामद होने की कहानी निराधार है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी कार्रवाई को कानून के मुताबिक बताया है। क्षेत्राधिकारी सण्डीला संतोष सिंह के अनुसार अंकित झोलाछाप डॉक्टर है और बड़ागांव में क्लीनिक संचालित करता था। ग्रामीणों की शिकायत और पुलिस को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। सीओ के मुताबिक आरोपी के कब्जे से .315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध हथियार लेकर घूमता था और बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अब सवाल तमंचे से आगे बढ़कर सियासत तक पहुंच गया है। पुलिस इसे अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है, जबकि पार्टी प्रवक्ता इसे राजनीतिक प्रताड़ना बता रही हैं। जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल होने और उसके बाद हुई गिरफ्तारी को लेकर लगाए गए आरोपों ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। फिलहाल पुलिस और पार्टी के दावे एक-दूसरे के बिल्कुल उलट हैं। अब जांच में बरामदगी के तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.
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ग्वालियर-झांसी रोड आत्महत्या केस: 5 आरोपियों पर FIR दर्ज

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर झांसी रोड थाना क्षेत्र में 5 दिन पहले रेलवे ट्रैक पर खुदकुशी करने वाले युवक के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के आधार पर 5 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। दरअसल गुड़ी गुड़ा का नाका के रहने वाले जसपाल सिंह यादव ने 3 अगस्त को रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने आकर जान दे दी थी। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में जसपाल ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को संबोधित कर दोषियों को सजा और परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। सुसाइड नोट में जसपाल ने रवि कुमार, आशीष गुप्ता और रवि जाटव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि आरोपियों ने पिरामल बैंक से 3.45 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का लालच दिया। लोन प्रक्रिया के नाम पर आरोपियों ने जसपाल से 23 लाख रुपए ऐंठ लिए। इसके लिए उन्हें फर्जी बैंक दस्तावेज भी दिखाए गए। जब लोन नहीं मिला तो जसपाल ने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि आरोपी पहले उसे टहलाते रहे और फिर धमकाने लगे। परिवार ने बताया कि जसपाल प्रदेश में हाई प्रोफाइल जिम की चेन खोलना चाहता था। इसके लिए उसने डेढ़ करोड़ की जमीन पर लोन लेने की योजना बनाई थी। इसी दौरान आरोपी रवि जाटव मिला और उसने डेढ़ करोड़ की जमीन पर 3.45 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसा लिया। झांसी रोड थाना पुलिस ने आशीष गुप्ता, रवि जाटव, रवि वाल्मीकि, छोटू सरपंच उर्फ धर्मवीर वाल्मीकि और वीरन वाल्मीकि के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में FIR दर्ज की है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की तलाश कर रही है।
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सहारनपुर में डाक कांवड़: महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और घर-खुशहाली की प्रार्थना

Saharanpur, Uttar Pradesh:गंगाजल चढ़ाने की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांवड़ियों का उत्साह भी बढ़ता जा रहा है। सहारनपुर से लाखों कांवड़िए गुजर चुके हैं, वहीं अब डाक कांवड़ की तैयारी भी जोर पकड़ने लगी है। खास बात यह है कि इस बार महिलाओं और युवतियों में भी डाक कांवड़ को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा लालदास स्थित ग्राउंड में महिलाएं और युवा सुबह-शाम डाक कांवड़ की प्रैक्टिस कर रही हैं। सहारनपुर निवासी पूनम ने बताया कि वह करीब एक महीने से डाक कांवड़ की प्रैक्टिस कर रही हैं और पिछले चार साल से लगातार डाक कांवड़ लेकर जा रही हैं। उनकी शिव गौरी डाक कांवड़ के नाम से जाती है। पूनम ने बताया कि वे 9 अगस्त की शाम करीब 5 बजे डाक कांवड़ लेकर निकलेंगी और 11 अगस्त को जल चढ़ाएंगी। पूनम ने बताया कि उनकी भोलेनाथ से सबसे बड़ी प्रार्थना है कि उनका अपना मकान हो। उन्होंने कहा कि अभी वह किराये के मकान में रहती हैं और चाहती हैं कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से उनका खुद का घर हो जाए। इसके साथ ही वह अपनी सहेलियों के साथ दोस्ती हमेशा मजबूत बने रहने की भी प्रार्थना करती हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर पूनम ने योगी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को अब कांवड़ यात्रा में सुरक्षित माहौल मिल रहा है। इसी वजह से महिलाओं में डाक कांवड़ को लेकर उत्साह बढ़ा है। वहीं मानसी सैनी ने बताया कि यह उनकी चौथी डाक कांवड़ है और वह करीब एक महीने से इसकी प्रैक्टिस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम 9 अगस्त की शाम करीब 5 बजे डाक कांवड़ लेकर रवाना होगी और 11 अगस्त को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगी। मानसी ने कहा कि उनकी कोई व्यक्तिगत मनोकामना नहीं है, वह भोलेनाथ से बस यही प्रार्थना करती हैं कि सभी के घरों में खुशहाली बनी रहे और परिवार के लोग स्वस्थ एवं खुश रहें। उन्होंने भी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की व्यवस्थाओं को अच्छा बताया। खुशी स्वामी इस बार पहली बार डाक कांवड़ लेकर जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वह डाक कांवड़ की प्रैक्टिस कर रही हैं और उनकी भोलेनाथ से मनोकामना है कि उनकी नौकरी लग जाए। खुशी ने बताया कि वह आर्मी या पुलिस में नौकरी करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अच्छी व्यवस्था है और प्रशासन की ओर से भी कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर इंतजाम किए गए हैं। डाक कांवड़ की तैयारी कर रही इन महिलाओं के बयानों से साफ है कि उनके लिए यह यात्रा सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि अपनी-अपनी मनोकामनाओं को भोलेनाथ के चरणों में रखने का भी अवसर है। कोई अपने सपनों का घर मांग रही है, कोई आर्मी या पुलिस की नौकरी की कामना कर रही है तो कोई अपने परिवार में सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना कर रही है। महिलाओं का बढ़ता उत्साह इस बार की कांवड़ यात्रा में एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है。
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बागपत के पुरा महादेव मंदिर में पुष्प वर्षा से कांवड़ियों में उत्साह

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत के प्रसिद्ध पुरा महादेव मंदिर में शिवभक्तों पर प्रशासन की ओर से पुष्प वर्षा की गई। डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ मार्ग और कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसी दौरान शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा की गई, जिससे कांवड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। पुष्प वर्षा के दौरान पूरा महादेव मंदिर परिसर और कांवड़ मार्ग हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। शिवभक्तों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। वहीं, मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जयभवन ने पुष्प वर्षा पर खुशी जताते हुए कहा कि पूरा महादेव मंदिर हजारों-लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करते हैं। डीएम और एसपी ने हवाई सर्वेक्षण के दौरान कांवड़ मार्ग, मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की भीड़ की स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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अजमेर पुलिस ने साइबर अपराधियों पर दबाव, 24 गिरफ्तार, 9 प्रकरण दर्ज

Ajmer, Rajasthan:अजमेर जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों पर लगाम के लिए साइबर एरिया डोमिनेशन अभियान चला कर बड़ी सफलता हासिल की है...म्यूल बैंक अकाउंट्स को चिन्हित कर 24 लोगों को गिरफ्तार किया है.. जिले के तीनों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित की गई 42 पुलिस टीमों ने कार्रवाई को अंजाम देकर 9 प्रकरण दर्ज किये हैं... पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि अल सुबह अंजाम दी गयी इस कार्रवाई में शिकायती मामले लगभग 10 लाख रूपये के थे.. जबकि मामली करोड़ों रुपए के साइबर अपराध को संभावना को नकारा नहीं जा सकता.. एसपी अग्रवाला ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी से कई खुलासे हो सकते हैं.. सभी आरोपी अजमेर जिले के ही हैं और आरोपियों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है..
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कन्हैया लाल चौधरी की बैठक में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता

Tonk, Rajasthan:कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की जिसमें करीब एक दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। बैठक में मंत्री चौधरी ने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ने एवं आम जन का विश्वास जीतकर पार्टी को विजय दिलाने का आव्हान किया। उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र में हुए करोड़ों रुपए के विकास कार्यों एवं व्यक्तिगत योजनाओं में सेंकड़ों परिवारों के लाभान्वित होने के तथ्यात्मक आंकड़ों के दम पर आम कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर वोट मांगने एवं पार्टी को विजय दिलाने का मंत्र दिया। बैठक में मंत्री चौधरी ने कार्यकर्ताओं को कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाने एवं रोजगार के अवसर पैदा करने के विषय पर विस्तार से चर्चा की तथा लोगों से समय के साथ अपनी आजीविका में वृद्धि के लिए परिवर्तन पर जोर दिया। बैठक में भाजपा के जिला एवं शहर मंडल के पार्टी पदाधिकारी एवं सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान टोडारायसिंह नगर पालिका क्षेत्र में शामिल गांवों व शहर के एक दर्जन से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा का दुपट्टा माला पहनकर पार्टी में शामिल किया।
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मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं को सम्मानित किया; 2036 ओलंपिक की तैयारी पर चर्चा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राजस्थान का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरुंधति चौधरी, मोना अग्रवाल, राहुल शर्मा, संध्या विश्नोई और यशवीर सिंह समेत पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया。 इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी सफलता के पीछे की मेहनत और संघर्ष को जाना। अरुंधति चौधरी ने अपनी सबसे बड़ी ताकत सब्र और पेशेंस को बताया, तो यशवीर सिंह ने डिसिप्लिन को अपनी सफलता की कुंजी बताया。 मोना अग्रवाल ने अपने संघर्ष की कहानी साझा करते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ाया。 मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता प्रदेश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है। वहीं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जीत के साथ सीख भी जरूरी है और अब लक्ष्य 2036 ओलंपिक की तैयारी का है। समारोह में खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यमंत्री के.के. विश्णोई और खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता भी मौजूद रहे。 बाइट- सीएम भजनलाल शर्मा (पोडियम बाइट) बाइट- राज्यवर्धन राठौड़, खेल मंत्री बाइट- केके विश्नोई, राज्यमंत्री
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बीकानेर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता: जन अभियोग समिति की विशेष बैठक से जल्द कार्रवाई संकेत

Bikaner, Rajasthan:Assign Desk Rounak Vyas Bikaner बीकानेर से बड़ी खबर CMR में जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की विशेष बैठक संपन्न मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में समिति सदस्यों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव समिति सदस्यों के फीडबैक पर त्वरित और गंभीरता से कार्रवाई के CM ने दिए निर्देश वीसी के जरिए बीकानेर कलेक्टर, बीडीए,निगम आयुक्त और जिला परिषद CEO भी जुड़े पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का किया विशेष स्वागत मुख्यमंत्री ने मोहन सुराणा और कुंभनाथ सिद्ध से शहर सहित विभिन्न मुद्दों पर लिया फीडबैक सुशीला कंवर राजपुरोहित, गोपाल गहलोत, कन्हैयालाल सियाग, मुमताज अली भाटी, जालम सिंह भाटी और नरेश नायर सहित सदस्य रहे मौजूद मुख्यमंत्री ने कहा-जन अभियोगों और समिति सदस्यों के फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
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ABVP ने राजलदेसर कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र बहाल करने की मांग उठाई

Churu, Rajasthan:चूरू विधानसभा-रतनगढ़ लोकेशन-राजलदेसर महाविद्यालय राजकीय महाविद्यालय राजलदेसर में विरोध प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य बीरबल महर्षि को ज्ञापन सौंपकर छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग की। ABVP के कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का मंच देते हैं और उनकी समस्याओं को उठाते हैं। लंबे समय से चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों में निराशा है। सरकार से महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में चुनाव शीघ्र बहाल करने की मांग। महाविद्यालय की 8 सूत्री मांगें भी रखीं: स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति, बीएससी एवं एमकॉम के स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने तथा स्नातकोत्तर स्तर पर एमए पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की मांग। इसके अलावा NCC और NSS शुरू करने, रिक्त पदों को भरकर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति, पुस्तकालय व्यवस्था, स्वामी विवेकानंद और मां सरस्वती के प्रतिमाएं स्थापित करने तथा खेल मैदान और सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग भी शामिल रही। कथित तौर पर ABVP के जिला संयोजक और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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सरदारशहर में कच्चे बस स्टैंड के मुद्दे पर आंदोलन तेज, समाधान की मांग

Churu, Rajasthan:सरदारशहर। सरदारशहर में दो मोर्चों पर आंदोलन, बस ऑपरेटर और हाथ ठेला संचालक आमने-सामने; व्यापार एवं उद्योग संघ ने बस ऑपरेटरों को दिया समर्थन, 5 दिन से हजारों यात्री परेशान, प्रशासन पूरी तरह से फेल सरदारशहर कच्चा बस स्टैंड की व्यवस्था और हाथ ठेला संचालकों को हटाने के विवाद को लेकर सरदारशहर में आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर निजी बस ऑपरेटर कई 5 दिनों से कच्चा बस स्टैंड पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरने पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर हाथ ठेला संचालकों ने भी नगर परिषद के बाहर धरना शुरू कर दिया है। जिसके चलते सरदारशहर के 210 गांव के और आसपास के तहसीलों के यात्री पूरी तरह से परेशान नजर आ रहे हैं वही स्कूल कॉलेज आने जाने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आंदोलन तेज होने के चलते प्रशासन के सामने समाधान निकालने की चुनौती बढ़ गई है। निजी बस ऑपरेटर यूनियन की ओर से कच्चा बस स्टैंड पर पांच बस ऑपरेटर पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बस ऑपरेटरों का कहना है कि प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका मुख्य मुद्दा कच्चा बस स्टैंड की व्यवस्था में सुधार और हाथ ठेला संचालकों से जुड़ा विवाद है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि कच्चा बस स्टैंड पर अव्यवस्थाओं के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। उनका आरोप है कि आवारा पशुओं के कारण कई बार यात्री घायल हुए हैं और पूर्व में हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। बस ऑपरेटरों ने यात्रियों और विद्यार्थियों को हो रही परेशानी पर खेद जताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। निजी बस ऑपरेटरों के आंदोलन को अब सरदारशहर व्यापार एवं उद्योग संघ का भी समर्थन मिल गया है। व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष शिवरतन सराफ एवं मंत्री अशोक हरचंदानी निजी बस ऑपरेटरों के धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। व्यापार एवं उद्योग संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर की परिवहन व्यवस्था और कच्चा बस स्टैंड से जुड़ा यह मामला जल्द सुलझना चाहिए, ताकि आम यात्रियों, व्यापारियों और शहरवासियों को हो रही परेशानी समाप्त हो सके। वहीं दूसरी ओर हाथ ठेला संचालकों ने विकास मंच के बैनर तले नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर रखा है। विकास मंच प्रमुख राजेंद्र राजपुरोहित अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। इसके अलावा शुक्रवार सुबह से 10 हाथ ठेला संचालक भी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। राजेंद्र राजपुरोहित का कहना है कि गरीब हाथ ठेला संचालकों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की वजह से इन लोगों को कच्चा बस स्टैंड से हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि इन ठेला संचालकों की रोजी-रोटी इसी काम से चलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने ठेला संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। एक तरफ निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से 210 से अधिक गांवों, आसपास की तहसीलों और शहर के हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर हाथ ठेला संचालक भी धरने और आमरण अनशन ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब व्यापार एवं उद्योग संघ के बस ऑपरेटरों के समर्थन में आने के बाद आंदोलन को और मजबूती मिलने की संभावना है। वहीं हाथ ठेला संचालक भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने दोनों पक्षों को साथ लेकर इस विवाद का स्थायी समाधान निकालना बड़ी चुनौती बन गया है। 5 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन पूरी तरह से निष्क्रिय नजर आ रहा है। बाइट- राजेंद्र कुमार सारण, बस ऑपरेटर सफेद शर्ट पहन रखा है बाइट- राजेंद्र राजपुरोहित, अध्यक्ष, विकास मंच काली टी-शर्ट पहन रखी है।
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8.70 करोड़ के टेंडर विवाद ने कपूरथला की राजनीति गर्मा दी

Kapurthala, Punjab:8.70 करोड़ के नगर निगम टेंडर पर कपूरथला में सियासत गरमाई राणा गुरजीत सिंह ने विधानसभा में उठाया था टेंडर प्रक्रिया का मुद्दा, प्रशासन ने किया रद्द कपूरथला। कपूरथला नगर निगम के करीब 8 करोड़ 70 लाख रुपये के विकास कार्यों के टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया को लेकर कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब विधानसभा के सेशन में मामला उठाते हुए इसमें पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर उक्त टेंडर को रद्द किए जाने की कार्रवाई सामने आई है। टेंडर रद्द होने के बाद अब यह मामला कपूरथला की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। AAP, अकाली दल और भाजपा ने टेंडर रद्द होने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण टेंडर रद्द किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा से जुड़े नेताओं की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं। इन राजनीतिक दलों ने प्रशासन के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे कपूरथला शहर के विकास कार्यों में देरी हो सकती है। इन नेताओं का कहना है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से जुड़े टेंडर को रद्द करने की बजाय यदि प्रक्रिया में कोई तकनीकी या प्रशासनिक कमी थी तो उसे नियमों के अनुसार दूर किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से शहर के विकास की रफ्तार प्रभावित होगी। कांग्रेस ने प्रशासन के फैसले का किया स्वागत दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने टेंडर रद्द करने के प्रशासनिक अधिकारियों के फैसले का स्वागत किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया को लेकर जो सवाल उठाए गए थे, उनके मद्देनजर प्रशासन द्वारा लिया गया फैसला पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी विकास कार्यों में सबसे जरूरी बात पारदर्शिता और सरकारी पैसे की सुरक्षा है। उनका कहना है कि यदि किसी टेंडर प्रक्रिया में संदेह या अनियमितता की स्थिति बनती है तो उसे रद्द करके दोबारा नियमों के अनुसार प्रक्रिया शुरू करना बेहतर है। इससे लोगों के पैसे का नुकसान नहीं होगा और भविष्य में विकास कार्य अधिक पारदर्शी तरीके से करवाए जा सकेंगे। विकास कार्य रोकने के आरोप पर आमने-सामने राजनीतिक दल जहां कांग्रेस नेताओं का कहना है कि टेंडर रद्द होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी पैसे की सुरक्षा होगी, वहीं AAP, अकाली दल और भाजपा से जुड़े नेताओं का आरोप है कि इस फैसले से शहर के विकास कार्यों में देरी होगी। विरोधी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम के विकास कार्यों को रोकना चाहती है और विधायक राणा गुरजीत सिंह अपने कांग्रेसकार्यकर्ताओं के माध्यम से शिकायतें करवाकर शहर के विकास में रुकावट पैदा कर रहे हैं। इन आरोपों के विपरीत कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर नियमों और पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जा सकता। सरकारी मेडिकल कॉलेज के कार्य को लेकर भी उठे सवाल मामले को लेकर सामने आए राजनीतिक बयानों में कपूरथला में चल रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का भी जिक्र किया गया है। संबंधित राजनीतिक बयान में यह आशंका जताई गई कि जिस तरह शिकायतों और अदालती मामलों के कारण विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है, उसी तरह मेडिकल कॉलेज के काम को लेकर भी शिकायतों के माध्यम से रुकावट पैदा होने की स्थिति पर सवाल उठते हैं। इस दौरान यह शक भी जाहिर किया गया कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले में कहीं न कहीं विधायक राणा गुरजीत सिंह की राजनीतिक भूमिका हो सकती है। हालांकि यह एक राजनीतिक आरोप और आशंका है तथा इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राणा गुरजीत सिंह ने विधानसभा में उठाया था मामला विधायक राणा गुरजीत सिंह ने विधानसभा में नगर निगम के इस टेंडर का मुद्दा उठाते हुए इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल किए थे। उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद प्रशासनिक स्तर पर टेंडर रद्द किए जाने की कार्रवाई सामने आई। विधायक के पक्ष का कहना है कि सरकारी धन से होने वाले करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में नियमों और पारदर्शिता का पालन होना जरूरी है। यदि टेंडर प्रक्रिया में कोई अनियमितता या कमी है तो उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म ने आरोपों को किया खारिज दूसरी ओर, टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी फर्म न तो फर्जी है और न ही टेंडर हासिल करने के लिए किसी नियम का उल्लंघन किया गया। फर्म के प्रतिनिधियों के अनुसार टेंडर प्राप्त करने के लिए निर्धारित सभी जरूरी शर्तें पूरी की गई थीं। इनमें फर्म की आर्थिक क्षमता, कंपनी की पृष्ठभूमि तथा टेंडर से संबंधित अन्य सभी निर्धारित शर्तें शामिल थीं। फर्म का कहना है कि सभी जरूरी दस्तावेज और पात्रता पूरी करने के बाद ही उन्हें टेंडर मिला था। राणा गुरजीत सिंह हमें और हमारी फर्म को अच्छी तरह जानते हैं : फर्म टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म के प्रतिनिधियों ने विधायक राणा गुरजीत सिंह द्वारा शिकायत किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राणा गुरजीत सिंह उन्हें और उनकी फर्म को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए उनकी फर्म के खिलाफ शिकायत किया जाना उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। फर्म का कहना है कि यदि उन्होंने टेंडर की सभी निर्धारित शर्तें पूरी की थीं और नियमों के अनुसार टेंडर प्राप्त किया था तो शिकायत के आधार पर टेंडर रद्द किया जाना उचित नहीं है। टेंडर रद्द करने के फैसले को अदालत में चुनौती देगी फर्म फर्म ने कहा है कि वह टेंडर रद्द किए जाने के फैसले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। फर्म के प्रतिनिधियों के अनुसार उनके पास अपनी पात्रता, आर्थिक क्षमता, कंपनी की पृष्ठभूमि और टेंडर प्रक्रिया में जमा करवाए गए दस्तावेजों से संबंधित रिकॉर्ड मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। अब प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर नजर करीब 8.70 करोड़ रुपये के इस टेंडर को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ मामला कानूनी रूप भी ले सकता है। एक ओर राणा गुरजीत सिंह की ओर से टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए और कांग्रेस नेताओं ने टेंडर रद्द करने के प्रशासनिक फैसले का स्वागत किया है। दूसरी ओर AAP, अकाली दल और भाजपा ने टेंडर रद्द होने को विकास की दृष्टि से दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। वहीं, टेंडर प्राप्त करने वाली फर्म ने अपनी पात्रता और सभी जरूरी शर्तें पूरी करने का दावा करते हुए प्रशासन के फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अब पूरे मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन ने टेंडर रद्द करने का फैसला किन आधारों पर लिया, टेंडर प्रक्रिया में कौन-कौन सी आपत्तियां सामने आईं और अदालत में फर्म की ओर से क्या दस्तावेज पेश किए जाते हैं। साथ ही सरकारी मेडिकल कॉलेज के कार्य को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्षों का क्या रुख सामने आता है, इस पर भी नजर रहेगी
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