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ईश्वरा महादेव मंदिर: रात में अज्ञात शक्ति की पूजा का रहस्य
KSKartar Singh Rajput
Feb 04, 2026 15:31:43
Morena, Madhya Pradesh
रहस्य, आस्था और अदृश्य शक्ति… ईश्वरा महादेव: जहां आज भी कोई अज्ञात शक्ति करती है भोलेनाथ की पूजा! मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से करीब 80 किलोमीटर दूर… पहाड़गढ़ से आगे घने और बियाबान जंगलों के बीच स्थित है ईश्वरा महादेव मंदिर— एक ऐसा स्थान, जहां आस्था के साथ जुड़ा है एक गहरा रहस्य। स्थानीय लोग वर्षों से दावा करते आए हैं कि इस मंदिर में हर रोज तड़के सुबह कोई अदृश्य शक्ति आकर भगवान शिव की पूजा करती है। बेलपत्र, अक्षत, चावल और चंदन से शिवलिंग का विधिवत पूजन होता है— लेकिन करने वाला कोई दिखाई नहीं देता। इन्नीं दावों की सच्चाई जानने के लिए जी न्यूज़ की टीम खुद इस दुर्गम जंगल में पहुंची, सूर्यास्त के बाद जैसे-जैसे अंधेरा होता गया मंदिर परिसर से सभी लोग चले गए लेकिन जी न्यूज़ की टीम ने मंदिर के पुजारी के मना करने के बाद भी पूरी रात मंदिर परिसर में गुजारने का फैसला किया और टीम द्वारा गोप्रो कैमरे, नाइट विज़न कैमरे, अलग-अलग जगह रिकॉर्डिंग उपकरण लगाए गए, हर एंगल से निगरानी की गई, और मंदिर के मुख्यद्वार पर हमारे संवाददाता करतार सिंह अपने कैमरा मेन के साथ बैठ गए, लेकिन जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया… रात शांत थी… जंगल में सन्नाटा, सिर्फ कीड़ों की आवाज़ें। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन सुबह करीब 4 बजे के आसपास अचानक एक-एक कर सभी कैमरे बंद हो गए। कोई तकनीकी खराबी नहीं, बैटरियां पूरी चार्ज थीं, नेटवर्क की भी कोई दिक्कत नहीं— फिर भी रिकॉर्डिंग रुक गई। कुछ देर बाद जब टीम ने दोबारा जांच की, तो जो दृश्य सामने था, उसने सबको हैरान कर दिया। शिवलिंग पर ताज़ी पूजा के निशान थे बेलपत्र सजे हुए थे अक्षत और चावल बिखरे थे चंदन से तिलक लगा था जलाभिषेक के स्पष्ट चिन्ह मौजूद थे लेकिन मंदिर में कोई इंसान मौजूद नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य स्थान नहीं है। उनका विश्वास है कि यहां स्वयं देव या कोई दिव्य शक्ति आकर पूजा करती है। इसी वजह से कोई भी व्यक्ति सुबह से पहले मंदिर में रुकने की हिम्मत नहीं करता। कुछ लोग इसे मंदिर में स्थित सिद्ध बाबा द्वारा की हुई पूजा मानते हैं तो कुछ लोग महाभारत काल में अश्वत्थामा और रामायण काल में विभीषण द्वारा पूजा करना मानते हैं विभीषण जो रावण का भाई था और बहुत बड़ा शिव भक्त था और वह अजय और अमर है तो कुछ इसे भगवान शिव की लीला मानते हैं। सवाल अब भी कायम क्या यह किसी अदृश्य शक्ति का प्रभाव है? क्या विज्ञान इसे समझा पाएगा? या फिर यह आस्था और रहस्य का ऐसा संगम है जिसका उत्तर इंसान के पास नहीं? एक बात तय है… ईश्वरा महादेव सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि रहस्य, श्रद्धा और विश्वास का जीवंत प्रतीक है। जहां आज भी भोर के अंधेरे में कोई अनदेखी शक्ति भोलेनाथ की पूजा कर खामोशी से चली जाती है।
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