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Durgesh SharmaDurgesh SharmaFollow14 Sept 2024, 11:24 am
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खूँटी: भटकते हाथी ने जोहनी बरला के घर को ध्वस्त कर परिवार बेघर

Khunti, Jharkhand:रिपोर्ट ब्रजेश कुमार। क्षेत्र - खूँटी। स्लग - हाथी ने घर तोड़कर परिजनों को किया बेघर। खूँटी जिले के जरिया गढ़ थाना क्षेत्र में जंगली हाथी दहशत का पर्याय बना हुआ है। बीती रात बकसपुर पंचायत के बकसपुर स्टेशन टोली में बीती रात को एक जंगली हाथी ने जोहनी बरला के घर को धँसा दिया जिसके मलबे गिरने से रात को सोये परिजन बाल बाल बच गये। लेकिन घर के धंसने से इस बरसात के समय में काफी नुकसान हो गया। लोगों ने बताया कि जंगली हाथी आए दिन परेशानी का कारण बनता रहा है। रात को चैन की नींद नहीं मिल पाती है। उन्होंने बताया कि जंगल से भटक कर गांव पहुंचा एक जंगली हाथी जोहनी बरला के अल्बेस्टर से लगे मकान को तोड़कर जमकर उत्पाद मचाया है। जंगली हाथी के द्वारा मकान को तोड़ने से जोहनी की परेशानी बढ़ गई है।
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जहानाबाद का 40वां स्थापना दिवस: स्वच्छता और सम्मान के साथ उत्साह भरी रैली

Jehanabad, Bihar:बिहार का जहानाबाद जिला अपना 40वां सृजन दिवस बेहद उत्सवी और उत्साहपूर्ण माहौल में मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिले भर में विविध कार्यक्रमों की धूम रही, जिसकी शुरुआत प्रभातफेरी और स्वच्छता अभियान से की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य प्रभातफेरी के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। डीएम छिरिड वाई भूटिया और एसपी कोटा किरण कुमार ने संयुक्त रूप से हॉस्पिटल मोड़ से प्रभातफेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरती हुई कारगिल चौक पर समाप्त हुई। इस दौरान बच्चों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर और गूंजते नारों के माध्यम से जिलेवासियों को जागरूक किया। कार्यक्रम का औपचारिक आगाज स्वच्छता अभियान से हुआ। डीएम और एसपी ने खुद हाथों में झाड़ू थामकर सड़कों की सफाई की और आम जनता को स्वच्छता बनाए रखने का सशक्त संदेश दिया। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखें तथा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। डीएम छिरिड वाई भूटिया ने बताया कि इस वर्ष जिला स्थापना दिवस की मुख्य थीम 'सम्मान' रखी गई है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति को समान दर्जा मिलना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार और उनकी सुरक्षा हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। समाज तभी सशक्त बनेगा जब हम एक-दूसरे के अधिकारों का आदर करेंगे। वहीं, एसपी कोटा किरण कुमार ने कहा कि स्वच्छता और सामाजिक सम्मान ही एक उन्नत समाज की पहचान हैं। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। एसपी ने दोहराया कि पुलिस प्रशासन हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। कार्यक्रम के समापन अवसर पर समाहरणालय परिसर में डीएम, एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पौधारोपण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आम लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई।
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नीरज चोपड़ा ने ग्लासगो में सिल्वर के साथ भारत का मान बढ़ाया

Panipat, Haryana:पानीपत, ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर मेडल जीता. नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर दूसरा स्थान हासिल किया. श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम तीन प्रयासों के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए. नीरज के रजत पदक जीतते ही पानीपत के गांव खंडरा स्थित उनके घर और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया. नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने बातचीत में कहा कि यह पूरे देश, हरियाणा और गांव के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जैवलिन में दो पदक आना बड़ी उपलब्धि है. इंजरी के बाद नीरज ने जिस तरह वापसी की है, वह उनकी मेहनत और मजबूत मानसिकता का प्रमाण है. उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता से ठीक पहले उनकी नीरज से करीब एक मिनट बातचीत हुई थी. उस समय नीरज मैदान की ओर जा रहे थे. उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा था कि तैयारी अच्छी है और चोट से वापसी करते हुए वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे. भीम चोपड़ा ने बताया कि पिछले आठ-नौ महीनों से नीरज चोट से जूझ रहे थे, लेकिन अब उनका पूरा ध्यान अगस्त और सितंबर में होने वाली डायमंड लीग और एशियन गेम्स पर है. युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और अच्छा खान-पान सफलता की कुंजी है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी नीरज से प्रेरणा लें, अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड तोड़ें और देश के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करें. उन्होंने सरकार की TOPS और भारतीय खेल प्राधिकरण SAI जैसी योजनाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को अब पहले से कहीं अधिक सुविधाएं मिल रही हैं. वहीं नीरज के दादा धर्म सिंह ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि पूरे गांव और देश में उत्सव का माहौल है. उन्होंने बताया कि परिवार ने रात को टेलीविजन पर बैठकर नीरज का मुकाबला देखा. धर्म सिंह ने कहा कि फाइनल में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पहुंचे थे और सभी लगभग 90 मीटर के थ्रोअर हैं. ऐसे कठिन मुकाबले में दूसरा स्थान हासिल करना भी बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि नीरज आज देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. उनसे प्रेरणा लेकर अन्य खिलाड़ी भी आगे बढ़ें, नीरज से भी बेहतर प्रदर्शन करें और भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन करें.
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अंधेरे में डिवाइडर बन रहे जानलेवा, प्रतापगढ़ में व्यापक रोशनी जरूरी

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ शहर में रात होते ही सड़कों पर रोशनी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है. शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बने डिवाइडर अंधेरे में स्पष्ट नहीं दिखते, जिससे अनजान वाहन चालक डिवाइडर से टकरा रहे हैं. शुक्रवार देर रात शहर के हाई सेकेंडरी स्कूल के बाहर एक कार डिवाइडर पर चढ़ गई. हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि राहत की बात रही कि कोई जनहानि नहीं हुई. शहरवासियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है. आए दिन रात में वाहन चालक डिवाइडर न दिखने के कारण दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं. कई लोगों को चोटें आई हैं और वाहनों को नुकसान पहुँचा है. प्रशासन और नगर परिषद की ओर से डिवाइडरों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत लगाने के कदम नहीं उठाए गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते डिवाइडरों पर उचित रोशनी, रिफ्लेक्टिव मार्किंग और संकेतक लगाए जाएं तो ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सकती है. शहर के मुख्य मार्गों पर दुर्घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभागों की उदासीनता लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है. अब शहरवासी प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं.
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यूुद्ध में प्रयागराज के रामचंद्र दूबे लापता, परिवार पीएम से सुरक्षित वापसी की मांग

Prayagraj, Uttar Pradesh:रूस और यूक्रेन की जंग के बीच संगम नगरी का लाल हुआ लापता, परिजनों ने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए पीएम नरेंद्र मोदी से लगाई गुहार, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को लिखा पत्र। रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। दोनों देशों के बीच जारी इसी जंग के बीच उक्रेन के ओड़िसा बंदरगाह पर तैनात भारतीय जवान के लापता होने की सूचना आई है। मर्चेंट नेवी में यूक्रेन के ओडीसा बंदरगाह पर तैनात रहे मूल रूप से यूपी के प्रयागराज निवासी रामचंद्र दूबे (23) के लापता होने की खबर के बाद से परिवार में ग़म का माहौल है। आखरी बार 24 जुलाई को रामचंद्र दूबे ने परिवार से बातचीत की थी। 25 जुलाई के बाद से उनके नम्बर पर संपर्क नहीं हो रहा है। रामचंद्र दूबे के परिजन लापता बेटे की सलामती और सुरक्षित भारत वापसी के लिए भारत सरकार से गुहार लगा रहें हैं。 दरअसल 25 जुलाई को यूक्रेन के ओड़िसा बंदरगाह पर रूस ने अटैक किया था। अटैक के बाद से बंदरगाह पर तैनात दो भारतीय जवानों के लापता होने की सूचना आई है। जिसमें एक बरेली के दीपक कुमार हैं और दूसरे प्रयागराज के रामचंद्र दूबे हैं। रामचंद्र दूबे की मां को जब से यह पता चला है कि रूस के अटैक के बाद से बेटा लापता है, उसके बाद से उन्होंने घर में खाना बंद कर दिया है। बेटे की कोई ख़बर न मिलने से वह बेसुध हो रहीं हैं। रामचंद्र दूबे के पिता रमेशचंद्र दूबे सेना के रिटायर्ड जवान हैं। बेटे के लापता होने की ख़बर उन्हें भी बेहद तकलीफ़ दे रही है। रमेशचंद्र दूबे का कहना है कि बेटे से अक्सर बातचीत होती थी, लेकिन 25 जुलाई से उसकी कोई सूचना नहीं मिलने से अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से बेटे की सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है। रामचंद्र दूबे की बहन मीनाक्षी भी भाई के लापता होने से गमजदा हैं, मीनाक्षी ने जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि भाई ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था, लेकिन अचानक भाई के लापता होने की ख़बर ने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया है। रुआंधे होकर उन्होंने भारत सरकार से भाई के सुरक्षित वतन वापसी की मांग की है。
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गोरखपुर में रंजिश पर पिस्टल तानते दो युवक, ग्रामीणों ने दबोच लिया

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र राखूखोर गांव में पुरानी रंजिश के चलते शुक्रवार शाम सनसनी फैल गई. आरोप है कि दो युवक बाइक से गांव पहुंचे और चाय की दुकान पर पहले से मौजूद युवक से कहासुनी करने लगे. पुलिस के मुताबिक, लगभग पांच दिन पहले गांव की एक किशोरी से कथित छेड़खानी के विवाद को लेकर रिक्की चौधरी और बबलू चौधरी का गुरम निवासी दीपांकर सिंह तथा फरदहनी निवासी शिखर द्विवेदी उर्फ प्रांजल के साथ स्कूल के पास विवाद और मारपीट हुई थी. उसी विवाद की रंजिश में दोनों युवा शुक्रवार को गांव पहुंचे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कहासुनी बढ़ने पर दीपांकर सिंह ने कमर से अवैध पिस्टल निकालकर रिक्की चौधरी के सीने पर तान दी और जान से मारने की धमकी देने लगा. यह घटना देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई. लेकिन इससे पहले कि कोई बड़ी वारदात होती, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाया. ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया, उनकी खातिरदारी करने के बाद उनके कब्जे से अवैध पिस्टल छीन ली और तत्काल पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही कैंपियरगंज पुलिस और पीआरवी-112 मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अवैध पिस्टल कब्जे में ले ली. पुलिस अधीक्षक उत्तरी ज्ञानेन्द्र कुमार के निर्देश पर थाना कैंपियरगंज पुलिस ने शिखर द्विवेदी उर्फ प्रांजल और दीपांकर सिंह को गिरफ्तार कर उसके पास से असलहा बरामद करने के बाद थाना कैंपियरगंज में मु.अ.सं. 396/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कम उम्र के युवकों के पास अवैध हथियार कहां से आया और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है. दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल ग्रामीणों की सतर्कता और साहस से एक बड़ा हादसा टल गया. यदि समय रहते ग्रामीण हस्तक्षेप नहीं करते, तो यह पुरानी रंजिश किसी बड़ी वारदात में बदल सकती थी. अब पुलिस अवैध हथियार के स्रोत और पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है.
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गोरखपुर जेल में कैदी पेड़ से 20 फीट दीवार फांदकर फरार; 5 कर्मी निलंबित

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर जेल की पेड़ पर चढ़कर फिल्मी अंदाज में 20 फीट दीवार फांदकर बन्दी हुआ फरार... जेलर समेत पांच निलंबित। ANOTHER CONTENT REMOVED FOR CLEANING PURPOSES. दुष्कर्म और अपहरण के मामले में जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी शुक्रवार सुबह फिल्मी अंदाज में पेड़ पर चढ़कर करीब 20 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक कारागार ने जेलर समेत पांच कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया है, जबकि जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। फरार बंदी की तलाश में पुलिस, क्राइम ब्रांच, जीआरपी और आरपीएफ की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला कारागार से शुक्रवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए दुष्कर्म और अपहरण के आरोप में बंद विचाराधीन कैदी विपिन कुमार फरार हो गया। बांसगांव थाना क्षेत्र के सरसोपार गांव का रहने वाला विपिन जेल परिसर में निर्माण कार्य के पास स्थित खेती वाले हिस्से में अन्य बंदियों के साथ काम कर रहा था। इसी दौरान उसने निगरानी में हुई चूक का फायदा उठाया, पहले एक पेड़ पर चढ़ा और फिर करीब 20 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। सुबह करीब नौ बजे जब बंदियों की निगरानी की गई तो विपिन के गायब होने की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शाहपुर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और अन्य पुलिस टीमें सक्रिय हुईं। कौआबाग पुलिस चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में फरार बंदी रेलवे कॉलोनी की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और जिले से बाहर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग शुरू कर दी गई। फरार बंदी विपिन कुमार को बांसगांव पुलिस ने 18 जुलाई को अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान उसी मुकदमे में पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराएं भी बढ़ाई गई थीं। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय की तहरीर पर शाहपुर थाने में फरार बंदी और ड्यूटी पर तैनात दो जेल वार्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही शाम करीब पांच बजे जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ जिला कारागार पहुंचे। दोनों अधिकारीयों ने जेल अधीक्षक और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस फरार बंदी के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। जीआरपी और आरपीएफ को भी अलर्ट कर दिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक कारागार पी.सी. मीणा ने तत्काल बड़ी कार्रवाई की। जांच के बाद जेलर अरुण कुमार, हेड जेल वार्डर ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव और रामजीत सिंह, तथा जेल वार्डर जितेन्द्र गौतम और जितेन्द्र कुमार दुबे को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। बाइट – डीएम दीपक मीणा। जिला कारागार जैसी हाई सिक्योरिटी जेल से दुष्कर्म और अपहरण के आरोपित का दिनदहाड़े पेड़ के सहारे दीवार फांदकर फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि फरार बंदी की तलाश में कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों की पोल जरूर खोल दी है。
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हरियाणा CM के सचिव ने पंजाब शिक्षा मंत्री पर प्रेस कांफ्रेंस से जवाब दिया

Noida, Uttar Pradesh:हरियाणा के सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस को दिया जवाब अत्रे ने कहा पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कांफ्रेंस करके उन्होंने भिवानी की आलोचना की है हरजोत बैंस ये नहीं जानते कि भिवानी को छोटी काशी भी कहा जाता है अपने खेल और खिलाड़ी के लिए भिवानी पूरे देश में प्रसिद्ध है भिवानी को बॉक्सिंग की वजह से मिनी क्यूबा भी कहा जाता है हां एक युवा जो भिवानी का कस्बा है सिवानी वहां से निकलता है और दिल्ली में बड़ा शराब घोटाला करता है दिल्ली में सरकार चलाते हुए भ्रष्टाचार करता है अगर हरजोत बैंस इस वजह से आलोचना करते हैं तो मैं समझ सकता हूं
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हरदा के उप स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं शुरू नहीं, ग्रामीणों को व्यापक दिक्कत

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:हरदा: लाखों की लागत से बना उप स्वास्थ्य केंद्र, फिर भी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित, हरदा। जिले के ग्राम धनवाड़ा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार होने के बावजूद अब तक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। भवन का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सेवाएं शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार होने पर उन्हें इलाज के लिए आज भी करीब 50 किलोमीटर दूर हरदा जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण तो करा दिया, लेकिन डॉक्टर, नर्स और अन्य आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होने से भवन केवल शोपीस बनकर रह गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आवश्यक स्टाफ की पदस्थापना कर ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएंगी, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा अपने गांव के नजदीक ही मिल सके।
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दौराई में इराकी कर्बला जैसी पैदल यात्रा ने मोहब्बत का पैगाम फैलाया

Ajmer, Rajasthan:अजमेर की दौराई शिया बस्ती से 16 सफर के मौके पर हर साल कि तरहा इस साल भी इराक के नजफ से कर्बला तक के आलमी मशहूर पैदल सफर की तर्ज पर आशिकाने हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहो तआला अन्हो का पैदल काफिला रवाना हुआ。 अंजुमन शहीदाने फुरात ट्रस्ट,अंजुमन फातेहे फुरात और अंजुमन जाफरिया विकास समिति दौराई के मुश्तर्का सरपरस्ती में मुनअक़िद इस रूहानी सफर में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। काफिले में औरतें, बच्चे, मर्द और बुजुर्गों ने बड़ी तादाद में शिरकत कर कर्बला के पैगाम को आम किया。 दौराई से सुबह 8 बजे हज़रत बीबी जैनब रदियल्लाहो तआला अन्हा के रोज़े से काफिला का आगाज़ हुआ। जहा से जायरीन हज़रत अब्बास रदियल्लाहो तआला अन्हो के रोज़े पर मातम और नोहाख्वानी करते हुए तारागढ़ के लिए रवाना हुए। ऐसे में पूरे रास्ते में "लब्बैक या हुसैन", लब्बैक "या अब्बास" के नारे गूंजते रहे。 तारागढ़ पहाड़ी पर वाक्य रोज़ा इमाम हुसैन पर मजलिस का इनेकाद हुआ। जिसको हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मौलाना अली हैदर जैनबी इमामे जुमा दौराई ने मजलिस को खिताब फरमाया । मजलिस के बाद लंगर का एहतेमाम भी किया गया है। मुंतज़मीन का कहना है कि जिस तरह इराक में लाखों मोमिनीन नजफ से कर्बला पैदल सफर कर इमाम हुसैन से मोहब्बत का इजहार करते हैं, उसी जज्बे के साथ दौराई में ये सफर हर साल निकाला जाता है। इसका मकसद नई नस्ल को कर्बला की कुर्बानी, सब्र और हक परस्ती का पैगाम देना है। दौराई के समाजी कारकुन के जरिये काफिले में सेक्योरिटी और ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किए गए थे。
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दिव्यांग बच्चों के लिए UID शिविर: 308 शामिल, 142 कार्ड बन सके

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर जिले में दिव्यांग बच्चों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा जिला अस्पताल लाकर चरणबद्ध तरीके से विशेष विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. अब तक चार शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें जिले के सभी विकासखंडों से 308 दिव्यांग बच्चे अपने परिजनों के साथ शामिल हुए हैं. कार्ड के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी. शिविर में जिले के सभी विकासखंडों से चिन्हित दिव्यांग बच्चों को शिक्षा विभाग द्वारा जिला अस्पताल लाया जाता है. यहाँ बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है. परीक्षण के आधार पर दिव्यांगता का आकलन कर पात्र बच्चों के विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) बनाने की प्रक्रिया पूरी की جاتی है. जिन बच्चों को अतिरिक्त जांच, उपचार अथवा विशेषज्ञपरामर्श की आवश्यकता होती है, उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जाता है. शिविर के दौरान बच्चों और उनके परिजनों के लिए भोजन, पेयजल, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया सुगमता और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके. अब तक आयोजित चारों शिविरों में शामिल 308 बच्चों में से 142 बच्चों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं. वहीं 44 बच्चों को विशेषज्ञ जांच एवं उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया है. जबकि 122 बच्चों में चिकित्सकीय परीक्षण के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार यूडीआईडी कार्ड की पात्रता नहीं पाई गई. यूडीआईडी अर्थात विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र भारत सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक राष्ट्रीय पहचान पत्र है. इस कार्ड के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को छात्रवृत्ति, सहायक उपकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलती है. शिक्षा विभाग द्वारा शेष पात्र बच्चों के लिए भी आगामी शिविरों के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाएगी.
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