icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
452001
Lalit SharmaLalit SharmaFollow19 Sept 2024, 09:40 am

कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र, राहुल गांधी को दी जाए Z प्लस सुरक्षा

Indore, Madhya Pradesh:

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता विवेक खंडेलवाल ने महामहिम राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांग की है कि बीजेपी के मंत्री से लेकर भाजपा के जितने भी सहयोगी दलों के नेता हैं, वह राहुल गांधी को जान से मारना चाहते हैं, कुछ तो कहते उनका हर्ष भी उनकी दादी जैसा होगा। महाराष्ट्र के संजय गायकवाड़ कहते हैं कि राहुल गांधी की जबान काट के लाने वाले को 11 लख रुपए का इनाम दिया जाएगा। पत्र के माध्यम से मांग की गई कि राहुल गांधी की सुरक्षा बढ़ाई जाए और उनको Z+ की जगह एसपीजी सुरक्षा तत्काल प्रदान की जाए।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

कोटा भामाशाह मंडी में किसानों का गेट पर हंगामा, सुविधाओं की मांग तेज

Kota, Rajasthan:कोटा भामाशाह मंडी में व्यवस्थाओं को लेकर किसानों की नाराजगी सामने आई। मंडी में 48 घंटे से परेशान किसानों ने गेट पर हंगामा किया। गुरुवार शाम करीब 5 बजे किसान संगठनों के पदाधिकारी मंडी सचिव के कक्ष में बैठकर व्यवस्थाओं पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान किसानों ने वहां पहुंचकर अपनी समस्याएं बताईं। किसानों ने आरोप लगाया कि किसान भवन में उनके लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। शौचालय जाने के लिए भी उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है। वहीं, किसानों ने मंडी में तैनात गार्डों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि गार्ड उनके साथ मारपीट करने पर उतारू हो जाते हैं। इन समस्याओं को लेकर संभाग अध्यक्ष गिरिराज चौधरी, जिला मंत्री रूपनारायण यादव शामिल विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंडी सचिव के कक्ष में चर्चा की गई। किसानों ने मंडी में सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई।
0
0
Report

सीकर में कल पंच-सरपंच चुनाव के लिए वोटिंग, 7,96,366 मतदाता

Sikar, Rajasthan:सीकर सीकर में कल पंच और सरपंच के लिए होगा मतदान सीकर में पंचायत चुनाव के पहले चरण में कल पंच-सरपंच की वोटिंग होगी। सीकर जिले के 6 पंचायत समिति क्षेत्रों में 192 ग्राम पंचायतों के सरपंच और कुल 2091 वार्ड पंच के लिए शुक्रवार को वोटिंग होगी। सीकर जिले की पाटन, नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खंडेला, अजीतगढ़ और पिपराली पंचायत समितियों की ग्राम पंचायत में चुनाव होंगे। सरपंच और पंच के लिए बैलट पेपर से सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। इसके लिए सेक्टर और एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी ने बताया कि जिले के चुनाव में 803 बूथों पर 7 लाख 96 हजार 366 वोटर हैं। इनमें पाटन, पिपराली व श्रीमाधोपुर के 5 ट्रांसजेंडर भी मतदान करेंगे। पंचायत चुनाव को लेकर जिले में पहले चरण की प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पंचायत समिति पाटन में 94, श्रीमाधोपुर में 135, अजीतगढ़ में 94, खंडेला में 228, पिपराली में 104 और नीमकाथाना में 111 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी ने बताया कि पंच और सरपंच पदों के लिए आज बैलट पेपर भेजे गए हैं। कल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। पंच और सरपंच के मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती होगी।
0
0
Report

प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों का धरना पुलिस ने उठाकर हिरासत में लिया

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज टीजीटी पीजीटी अभ्यर्थियों को पुलिस ने धरने से उठाया, शिक्षा निदेशालय परिसर में धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को उठाया, 12 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, धरने पर बैठे अन्य अभ्यर्थियों को पुलिस ने चेतावनी देकर उठाया, जो अभ्यर्थी धरने से नहीं उठे उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में बैठाकर ले गई, भारी पुलिस बल ने टीजीटी पीजीटी अभ्यर्थियों को धरने से उठाया, एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा समेत अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद, शिक्षा निदेशालय परिसर को पूरी तरह से खाली कराया गया, निदेशकालय परिसर को खाली कराके पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
0
0
Report
Advertisement

प्रतापगढ़ पुलिस ने साइबर ठगों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर 53 आरोपियों को गिरफ्तार

Pratapgarh, Uttar Pradesh:प्रतापगढ़ पुलिस ने साइबर ठगों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एसपी दीपक भूकर के निर्देशन में चलाए गए अभियान में 19 राज्यों में फैले साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 53 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे करीब 500 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व किसान सम्मान निधि में करोड़ो के फर्जीवाड़ा करने वाले 3 शातिर भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। दरअसल 18 अप्रैल से 27 अक्टूबर तक जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों में पुलिस ने ये बड़ी कार्रवाई की है। ये सभी आरोपी देश के 19 राज्यों में लोगों से ठगी कर रहे थे। किसी को लोन का झांसा, किसी को OTP और किसी को फर्जी लिंक भेजकर करोड़ों की ठगी की गई। पुलिस के मुताबिक बरामद मनी ट्रेल लगभग 500 करोड़ की है। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही पुलिस ने किसान सम्मान निधि योजना में करीब 55 करोड़ का घोटाला करने वाले 3 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपात्र लोगों के नाम पर किसान निधि का पैसा हड़प रहे थे। साइबर सेल और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने इन तीनों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का खुलासा किया है। फिलहाल सभी 53 आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रतापगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
0
0
Report

पंचकूला के सेक्टर-16 में करवा चौथ की धूम, निर्जला व्रत से महिलाओं का श्रद्धा-उल्लास

Panchkula, Haryana:पंचकूला। पंचकूला के सेक्टर-16 में करवा चौथ का त्योहार बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा。 करवा चौथ के अवसर पर महिलाएं सज-संवरकर मंदिरों में दर्शन करने पहुंचीं और भगवान के समक्ष पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-शांति की कामना की। पूरे क्षेत्र में त्योहार को लेकर उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला。 करवा चौथ भारतीय संस्कृति और वैवाहिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा के दर्शन तथा पूजा के बाद व्रत खोलती हैं। महिलाओं के लिए यह त्योहार प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। सेक्टर-16 में भी महिलाओं ने पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को मनाया।
0
0
Report
Advertisement

पुरानी रंजिश के चलते बारां में कुल्हाड़ी से हत्या, आरोपी हिरासत में

Baran, Rajasthan:पुरानी रंजिश में कुल्हाड़ी मारकर हत्या, आरोपी हिरासत में बारां के मांगरोल थाना क्षेत्र के बमोरी कला कस्बे में गुरुवार को दिनदहाड़े पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। सब्जी मंडी में हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। थानाधिकारी ज्ञानचंद ने बताया कि मृतक रामलाल गुर्जर और आरोपी आशाराम गुर्जर दोनों कोटा जिले के अयाना थाना क्षेत्र के खेड़ा गांव के निवासी हैं। दोनों के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चल रही थी。 गुरुवार को रामलाल गुर्जर बमोरी कला सब्जी मंडी में सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर आशाराम गुर्जर ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से रामलाल की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर मांगरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी आशाराम गुर्जर को डिटेन कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह कराया जाएगा। पुलिस मामले में अनुसंधान कर रही है
0
0
Report

धार में अवैध शराब रोकथाम को तेज करेगी आबकारी विभाग, सूचना तंत्र मजबूत

Dhar, Madhya Pradesh:धार जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए विभाग ने जिले के लाइसेंसधारी शराब ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अवैध शराब की बिक्री की सूचना तत्काल विभाग को देने और अमानक शराब की जानकारी मिलने पर अधिकारियों को अवगत कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और प्रभावी कार्रवाई के लिए रणनीति में भी बदलाव किया गया है। बैठक में ठेकेदारों से अवैध शराब की गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सूचना तंत्र को मजबूत करना, अवैध शराब की बिक्री से जुड़ी जानकारियां जुटाना और संबंधित लोगों की समस्याएं समझना रहा। विभाग ने ठेकेदारों से अपील की कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी अवैध शराब की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो तत्काल आबकारी विभाग को सूचित करें। अमानक शराब की जानकारी मिलने पर भी विभाग को अवगत कराने पर जोर दिया गया। अधिकारीयां के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान की समीक्षा करते हुए अब नई रणनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। जिला आबकारी अधिकारी दीपक कुमार अवस्थी ने बताया बैठक में अवैध शराब से जुड़ी जानकारी साझा करने, समस्याएं जानने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई। अभियान की समीक्षा के बाद रणनीति में कुछ बदलाव किए गए हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
0
0
Report

करवा चौथ के दिन पत्नी के व्रत न रखने पर पति थाने पहुँचा

Shivpuri, Madhya Pradesh:बदरवास थाना क्षेत्र से अनोखा मामला सामने आया है। करवा चौथ के दिन पत्नी ने व्रत नहीं रखा तो पति ने बदरवास थाने पहुंचकर दिया पत्नी के खिलाफ आवेदन पति ने आवेदन में लिखा की पत्नी बेवफाई कर रही है उसने करवा चौथ का व्रत नहीं रखा। जानकारी के अनुसार बिजरावन निवासी बारेलाल आदिवासी ने बदरवास थाने पहुंचकर आवेदन दिया है कि उसकी पत्नी मिथलेश आदिवासी उससे बेबफाई कर रही है वो मेरे लिए करवाचौथ का व्रत नही रख रही हैऔर मुझे मारना चाहती है, न ही मेरे लिए चांद की पूजा कर रही है। मैंने कहा कि तू चांद देख ले जिससे मेरी उम्र बढ़ जाए मगर पर मुझे मरना चाह रही है अगर इस बार इसने मेरी पूजा नहीं की तो मैं इस तलाक दे दूंगा। पुलिस ने मामले मे महिला अधिकारी के माध्यम से पति पत्नी के बीच के मनमुटाव को दुर करवाने की बात कही है।
0
0
Report
Advertisement

BRD मेडिकल कॉलेज में रैगिंग: 18 छात्रों पर 25-25 हजार का जुर्माना

Gorakhpur, Uttar Pradesh:BRD मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर बड़ा एक्शन,18 छात्र निलंबित; 25-25 हजार का जुर्माना। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एमबीबीएस 2026 बैच के छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप में 18 सीनियर छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें एमबीबीएस 2025 बैच के 16 छात्र और दो इंटर्न शामिल हैं। एमबीबीएस छात्रों को एक सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है, जबकि दोनों इंटर्न को एक महीने तक निलंबित रखने के साथ अतिरिक्त ट्रेनिंग करने का निर्देश दिया गया है। एनएमसी और यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल में शिकायत मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच कराई थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की गई है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया था। इसकी शिकायत राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी एनएमसी और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल से की गई थी। शिकायत के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कराई। एंटी रैगिंग स्क्वायड ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मौके पर भी पड़ताल की। जांच में 18 सीनियर छात्रों को चिह्नित किया गया। इसके बाद एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक में कार्रवाई पर निर्णय लिया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए सभी 18 छात्रों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एमबीबीएस के 16 छात्रों को एक सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है, जबकि दोनों इंटर्न को एक महीने तक निलंबित रखने और अतिरिक्त ट्रेनिंग करने का निर्देश दिया गया है। वहीं,कॉलेज प्रशासन ने अनुशासनहीनता के दो अन्य मामलों में भी कार्रवाई की है। बीआरडी के प्राचार्य डॉ. धर्मेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में हुई अनुशासन समिति की बैठक में आठ छात्र-छात्राओं के खिलाफ दंडात्मक निर्णय लिया गया। महिला छात्रावास से जुड़ी दो शिकायतों पर सुनवाई के बाद एक इंटर्न पर हॉस्टल के गेट पर तैनात गार्ड के साथ हाथापाई के आरोप में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, देर रात छात्रावास लौटने के मामले में सात छात्राओं पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की इन कार्रवाइयों को परिसर में अनुशासन बनाए रखने और रैगिंग पर रोक लगाने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
0
0
Report

खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलवर-रामगढ़ में मिलावट संदेह पर 350 लीटर घी सीज किया

Ramgarh, Dohli, Rajasthan:अलवर और रामगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिलावट के संदेह में 350 लीटर घी सीज अलवर। आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अलवर और रामगढ़ में कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ब्रांड के करीब 350 लीटर घी को सीज किया है। घी में मिलावट की आशंका के चलते टीम ने दोनों ब्रांड के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान घी की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने एकत्रित किए। अब प्रयोगशाला में जांच के बाद ही घी की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की जांच कर आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल, घी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
0
0
Report
Advertisement

वैशाली के गरीबों को मिला सड़ा चावल, खाद्य आपूर्ति पर सवाल

Hajipur, Bihar:बिहार के वैशाली जिले में गरीबों को ऐसा सड़ा चावल जिला प्रशासन बांट रही है जो चावल कबूतर भी ना खाए । बिहार में सरकार गरीबों को मुफ्त अनाज दे रही है । जिसमें लगभग 35 लाख टन चावल गरीबों को दिया जाता है । लेकिन क्या वह चावल लोगों के खाने लायक है या नहीं यह बड़ा सवाल है । पटना में एक बैठक में राज्य के अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री लखेंद्र रौशन ने इस सवाल को उठाकर गरीबो के मिलने वाले अनाज के पूरे सिस्टम की पोल खोल कर रख दिया है । लिहाजा आज हम आपको दिखाते है कि कैसे एसएफसी गोदाम में चावल रखे जा रहे हैं । कैसे अधिकारियों की लापराही से गरीबों के निवाले के साथ मजाक किया जा रहा है । पहली तस्वीर बेलसर प्रखंड क्षेत्र स्थित एसएफसी CMR गोदाम का है । जहाँ हजारो क्विंटल अरवा चावल रखे रखे खराब हो गया । जहाँ काम करने वाले मजदूर भी मानते हैं कि इस चावल को खाया नहीं जा सकता है । बावजूद इसी चावल को पीडीएस दुकानों तक भेजा रहा है । अब दूसरी तस्वीर वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग की है । जहाँ कम तौल और चावल में कीड़ा मिलने के बाद PDS दुकानदार हंगामा कर रहे हैं । लेकिन पदाधिकारी है कि कुछ सुनने को तैयार नहीं है । अब तीसरी तस्वीर भी देख लीजिए जो महनार से आई है । यहाँ भी समस्या एक जैसी ही है । लेकिन उसका समाधान जीरो है । ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या गरीबों की यह योजना सिर्फ अधिकारी और सिस्टम के लिए सिर्फ धन उगाही और लूट खसोट का जरिया बन कर रह गया है । सवाल यह भी है कि यह समस्या सिर्फ मंत्री जी के जिले की है । जहाँ पीडीएस का चावल कबूतर नहीं खा रहे हैं । ऐसे में देखना होगा कि गरीबों तक इंसानों के खाने लायक चावल कब से मिलेगा । पूरे मामले में जिलाधिकारी के डर से कोई पदाधिकारी मुँह खोलने को तैयार नहीं हैं । अगर सड़े हुए चावल के मामले में कारवाई होगी तो गाज सिर्फ बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक पर गिरेगी । लेकिन हकीकत कुछ और है । बिहार राज्य खाद्य प्रबंधक इस खेल के सिर्फ मोहरा हैं । जो मजबूरी में इस खेल को खेलने के लिए मजबूर हैं । दरअसल इस खेल के बड़े खिलाड़ी कोई और हैं । इस खेल को पर्दाफाश करने के लिए जिलाधिकारी और जिले के मिलर की भूमिका भी जाँच होनी चाहिए तब इस खेल का असली खिलाड़ी सामने आ पाएगा ।
0
0
Report

जोधजोरी-लूणी-बंधी नदियों के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: हर चुनौती के बीच क्लीनअप योजना

Jodhpur, Rajasthan:सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भी जोजरी नदी में बह रहा रंगीन पानी: बंद फैक्ट्रियों के दावों और धरातल की हकीकत के बीच सुलगता संकट जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और ऐतिहासिक निर्देशों के बावजूद राजस्थान के जोधपुर में जोजरी, बांडी और लूनी नदी का प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में हैं, लेकिन धरातल पर बहता रंगीन पानी यह साबित करने के लिए काफी है कि तमाम पाबंदियों के बाद भी अवैध कारखाने चोरी-छिपे संचालित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और उच्च स्तरीय कमेटी का गठन सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पाली,बालोतरा व जोधपुर की बांडी,लूणी व जोजरी नदियों में फैल रहे प्रदूषण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की थी। जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया था। कोर्ट ने नदी को प्रदूषित होने से रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए, नियमविरुद्ध चल रही सभी औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर रोक लगाई और निर्माण एवं अन्य गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही, स्थिति की निगरानी के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया, जिसके सुझावों के आधार पर कार्रवाई तय की गई। बंद फैक्ट्रियों के दावे बनाम जोजरी नदी की हकीकत उद्योगपतियों और संघों का दावा है कि जोधपुर में प्रत्यक्ष तौर पर 302 और अप्रत्यक्ष रूप से 550 इकाइयां बंद पड़ी हैं, जिससे करीब 30,000 मजदूर सीधे तौर पर बेरोजगार हो गए हैं। वहीं, डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रूप से लगभग डेढ़ लाख लोग इस बंदी से प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि सभी अवैध और दूषित पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। लेकिन इन दावों की पोल जोजरी नदी का वह पानी खोल रहा है, जिसमें आज भी रंगीन और केमिकल युक्त पानी बहता हुआ साफ नजर आ रहा है। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि कुछ उद्यमी नियमों को ताक पर रखकर अंधेरे में अवैध रूप से अपनी इकाइयां चला रहे हैं। पुलिस की सख्ती और व्यापारियों की बढ़ी मुश्किलें कानून की अवहेलना करने वालों पर पुलिस प्रशासन ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जोधपुर कमिश्नरेट के डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत के नेतृत्व में कड़ी कार्रवाई करते हुए नदी में अनट्रीटेड वाटर (बिना उपचारित पानी) छोड़ने वाले 17-18 व्यापारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा किया गया। प्रशासन का साफ संदेश है कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया है, जो हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। पलायन और अन्य जिलों में प्रदूषण का फैलता दायरा जोधपुर में सख्ती बढ़ने के बाद अब कुछ व्यापारियों ने आसपास के जिलों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। वे जोधपुर में कपड़ा प्रोसेस करने के बजाय अन्य जिलों में जाकर कपड़े की धुलाई कर रहे हैं, जिससे प्रदूषण का दायरा अब अन्य इलाकों में भी फैलने लगा है। lg छोटे उद्योग भारती के प्रांत अध्यक्ष और स्थानीय प्रशासन ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जो व्यापारी चंद पैसों के लालच में जोधपुर के बाद अन्य जिलों की जमीन और पर्यावरण को भी प्रदूषित कर रहे हैं, उनकी जमाबंदियां तक निरस्त कर देनी चाहिए। प्रदूषण की यह मार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती। ZLD प्लांट और समाधान की दिशा सुप्रीम कोर्ट भी चाहता है कि उद्योगों को राहत मिले, लेकिन इसके लिए व्यापारियों को खुद आगे आना होगा। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि सभी इकाइयां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्लांट स्थापित करें ताकि पानी का पुनः उपयोग हो सके और नदी में एक बूंद भी गंदा पानी न जाए। विशेषज्ञों और उद्योग जगत के एक वर्ग का मानना है कि जिस प्रकार पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है, उसी प्रकार आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले उद्योगों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उद्योग और रोजगार के बिना आर्थिक स्थिति चरमरा सकती है। इसलिए, राज्य सरकार की मदद से व्यापारियों को आगे आकर अपने-अपने क्षेत्रों में ZLD प्लांट लगवाने چاہیے。 हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी गठित राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी, कमेटी में जस्टिस संगीत लोढ़ा के साथ राजस्थान हाईकोर्ट के पंकज शर्मा को नियुक्त किया गया इसके साथ ही कमेटी में - जल प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और/या पर्यावरण इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रतिष्ठित तकनीकी विशेषज्ञ, जिन्हें अध्यक्ष द्वारा पहचाना और नियुक्त किया जाएगा; - अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्थान सरकार; - संयुक्त सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, राजस्थान सरकार; - संयुक्त सचिव, स्थानीय स्वशासन विभाग, राजस्थान सरकार; - सदस्य सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) या उनके नामित प्रतिनिधि; - सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) या उनके नामित प्रतिनिधि; - प्रबंध निदेशक, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम लिमिटेड (RIICO); - निदेशक, राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP); - जोधपुर, पाली और बालोतरा के जिला कलेक्टर शामिल किए गए हैं। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में अब तक अलग अलग सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिमी राजस्थान की जोजरी, बाँडी और लूणी नदियों में लगातार बढ़ रहे गंभीर प्रदूषण और इससे प्रभावित लगभग 20 लाख लोगों के स्वास्थ्य, जीवन और आजीविका पर मंडरा रहे संकट को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा आदेश पारित किया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले में प्रशासनिक तंत्र, प्रदूषण नियंत्रण संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि पिछले दो दशकों में जो हुआ वह एक सतत और संरचनात्मक विफलता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पर्यावरणीय नुकसान कोई सामान्य प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर करारा प्रहार है। अनुच्छेद 21 का उल्लंघन और प्रशासनिक विफलता सुप्रीम कोर्ट ने अपने विस्तृत फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि गहरा प्रदूषण उस संवैधानिक प्रतिज्ञा का गंभीर उल्लंघन है, जिसके तहत राज्य का दायित्व है कि वह नागरिकों को गरिमा, सुरक्षा और कल्याणयुक्त जीवन का वातावरण प्रदान करे। प्रदूषित नदियाँ और दूषित भूजल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) की मूल भावना को गहरी ठेस पहुँचा रहे हैं। कोर्ट ने यह भी पाया कि जोजरी, पाली और बालोतरा में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन इफ्ल्यूअंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की क्षमता प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट की तुलना में बहुत कम है। वर्षों से बने इस अंतर के कारण बिना उपचारित या आंशिक उपचारित औद्योगिक कचरा सीधे नदियों में बह रहा है। हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी का गठन प्रदूषण नियंत्रण और नदी पुनर्जीवन की संपूर्ण प्रक्रिया की देखरेख के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय 'इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी' का गठन किया है। प्रमुख सदस्य: इस कमेटी में जस्टिस संगीत लोढ़ा के साथ राजस्थान हाईकोर्ट के पंकज शर्मा, पर्यावरण, नगरीय विकास और स्थानीय स्वशासन विभाग के संयुक्त सचिव, CPCB व RSPCB के सदस्य सचिव, RIICO के प्रबंध निदेशक, RUIDP के निदेशक तथा जोधपुर, पाली और बालोतरा के जिला कलेक्टर शामिल किए गए हैं। साथ ही अध्यक्ष द्वारा तकनीकी विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जाएंगे। यह कमेटी प्रत्येक 8 सप्ताह में अपनी प्रगति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इसकी पहली रिपोर्ट 27 फरवरी 2026 को पेश की गई थी。 100 मीटर में निर्माण और 500 मीटर में औद्योगिक गतिविधियों पर रोक नदी तंत्र के संरक्षण के लिए अंतरिम सुरक्षा उपाय के रूप में सुप्रीम कोर्ट ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण या विकास गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। खतरनाक उद्योगों पर रोक, मौजूदा फ्लड लाइन या नदी के वर्तमान प्रवाह मार्ग के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में खतरनाक या प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों पर रोक रहेगी। यह व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से हाई फ्लड लाइन और बफर जोन का सीमांकन होने तक लागू रहेगी एकीकृत तंत्र और 3 सप्ताह में रिजॉल्यूशन प्लान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 'इकोसिस्टम कोऑर्डिनेशन ग्रुप' गठित करने का निर्देश दिया है, जिसे तीन सप्ताह के भीतर कोर्ट के समक्ष एक व्यापक 'रिजॉल्यूशन प्लान' प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा, नदियों के एकीकृत प्रबंधन के लिए एक स्वतंत्र रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी बनाने को भी कहा गया है। आम जनता की भागीदारी के लिए क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जिसके जरिए लोग अवैध अपशिष्ट निस्तारण या अतिक्रमण की जियो-टैग फोटो और वीडियो के साथ गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकेंगे। क्या हुआ अब तक जोधपुर के कपड़ा, स्टील और टाइल कारखानों से निकलने वाले बिना उपचारित जहरीले और केमिकल युक्त पानी ने इस नदी को गंदे नाले में बदल दिया है। इससे करीब 15 से 20 लाख लोग और सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी (SIT) की जांच को 'दिखावा' बताया है और चेतावनी दी है कि यदि कार्यशैली नहीं सुधरी तो कमान सीआरपीएफ (CRPF) को सौंपी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक रहेगी और 500 मीटर तक प्रदूषणकारी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि नदी में अट्रीटेड पानी की एक बूंद भी छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 26 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान को चेतावनी दी, कहा- जोजरी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली में अवैध खनन को नियमित करने के मामले में CBI जांच हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि वह राजस्थान में जोजरी-लूनी-बांडी नदी प्रणाली के किनारे कथित अवैध खनन और खनन क्षेत्रों को नियमित करने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने का आदेश दे सकता है। कोर्ट ने सवाल किया कि राज्य के अधिकारियों ने उन इलाकों में खनन पट्टे (लीज़) क्यों दिए, जहां अवैध खनन पाया गया, और अवैध पट्टों को नियमित क्यों किया? जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो कई अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि बार-बार न्यायिक निर्देश मिलने के बावजूद अधिकारी नदियों को बचाने में विफल रहे हैं। निष्कर्ष फिलहाल जोजपुर के औद्योगिक गलियारे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ जहां लाखों मजदूरों और व्यापारियों की रोजी-रोटी दांव पर लगी है, वहीं दूसरी तरफ चंद लोगों की लापरवाही के कारण जोजपुर की नदियां दम तोड़ रही हैं। जब तक व्यापारी खुद आगे आकर जीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक को नहीं अपनाते और प्रशासन अपनी निगरानी सख्त नहीं रखता, तब तक इस संकट का स्थायी समाधान निकलना मुश्किल है। पर्यावरण और उद्योग—दोनों का संतुलन ही जोजपुर के भविष्य की असली चाबी है। बाइट राकेश चौरडिया टैक्सटाईल उद्योग पति बाइट महावीर चौपडा लघु उद्योग भारती प्रदेश उपाध्यक्ष बाइट सुरेश विश्नोई जोधपुर प्रांत इकाई अध्यक्ष बाइट दीपक माथुर उद्योगपति पीटीसी कैमरा सहयोगी शिवसिंह के साथ राकेश भारद्वाज जी मीडिया जोधपुर।
0
0
Report

भागलपुर में करवाचौथ उत्साह बरकरार, मौसम ने चांद के दीदार को टाला

Naya Chak, Bihar:करवाचौथ के मौके पर भागलपुर में महिलाओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लेकिन मौसम की बेरुखी और लगातार बारिश ने महिलाओं के इंतजार को लंबा कर दिया। गुरुद्वारे की छत पर 15 से अधिक महिलाओं ने एक साथ करवाचौथ का पर्व मनाया। सुबह से ही महिलाएं सोलह श्रृंगार कर इस खास पल का इंतजार कर रही थीं। शाम होते ही विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई और फिर छलनी से चांद के दीदार करने की कोशिश शुरू हुई। लेकिन आसमान में छाए घने बादलों और बारिश के कारण चांद नजर नहीं आया। चांद के इंतजार में महिलाओं की निगाहें आसमान पर टिकी रहीं। महिलाओं ने बताया कि करवाचौथ का इंतजार उन्हें पूरे साल रहता है। इस दिन का अपना अलग ही महत्व है। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, इस बार मौसम ने उनके उत्साह के बीच थोड़ी मायूसी जरूर पैदा कर दी। महिलाओं ने कहा कि करवाचौथ पर चांद के दीदार के साथ पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलने और उनसे उपहार पाने का भी बेसब्री से इंतजार रहता है। अब देखना यह है कि बादलों के बीच चांद कब नजर आता है और महिलाओं का यह इंतजार कब खत्म होता है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top