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Sandeep MehraSandeep MehraFollow30 Apr 2025, 06:24 am

Hoshangabad - पिपरिया मटकुली मार्ग पर भीषण बाइक टक्कर, चार गंभीर रूप से घायल

Pipariya, Madhya Pradesh:

पिपरिया मटकुली मार्ग पर समनापुर पुलिया के पास बाइक सवार आमने-सामने टकराये‌, जिसमें चार गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नर्मदा पुरम रेफर किया गया है. पिपरिया मटकुली मार्ग पर समनापुर पुलिया के पास बाइक आमने-सामने टकराई. जिससे मटकुली तरफ से आ रहे जीवन पिता तुलसीराम अहिरवार उम्र 36 वर्ष कोहपानी, यशवंत पिता जीवन अहिरवार 10 वर्ष कोहपानी व पिपरिया की तरफ से जा रहे बृजेश पिता जवाहर कहार उम्र 18 वर्ष मटकुली, जमुना बाई पति बिंदा कहार उम्र 35 वर्ष मटकुली गंभीर रूप से घायल हुए. शासकीय अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर नर्मदा पुरम रेफर किया है। 

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ताड़ोकी-रावघाट रेल सेक्शन में स्पीड ट्रायल, रावघाट तक परिचालन की तैयारी तेज

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।लंबे समय से इंतजार की जा रही दल्लीराजहरा-रावघात रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी-रावघाट नए रेल सेक्शन पर आज स्पीड ट्रायल किया गया। स्पेशल ट्रेन के जरिए ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा मानकों को परखा गया। वहीं कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने भी रेल खंड का निरीक्षण किया। अब जरूरी सुरक्षा निरीक्षण और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रावघाट तक नियमित रेल परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच तैयार किए गए नए रेल सेक्शन पर आज स्पीड ट्रायल किया गया। स्पेशल ट्रेन को नए ट्रैक पर दौड़ाकर रेल लाइन की क्षमता, ट्रैक की स्थिति और सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग मानकों की जांच की गई। इसके साथ ही कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने भी रेल खंड का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लंबे समय से इस रेल परियोजना के आगे बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है और स्पीड ट्रायल को परियोजना के अगले चरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन शुरू होने से रावघाट क्षेत्र सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ सकेगा। खास तौर पर क्षेत्र में लौह अयस्क और अन्य खनिजों के परिवहन को बेहतर और तेज बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्थानीय लोगों के लिए आवागमन के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, जिसका असर क्षेत्र के कारोबार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन पर स्पीड ट्रायल पूरा होने के बाद अब सुरक्षा से जुड़ी जरूरी औपचारिकताओं और निरीक्षण की प्रक्रिया पर नजर है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद रावघाट तक नियमित रेल परिचालन शुरू करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाया जाएगा। इस परियोजना को आगे जगदलपुर तक बढ़ाने की योजना भी है। रावघाट तक रेल कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद परियोजना का विस्तार जगदलपुर तक होने से बस्तर क्षेत्र को प्रदेश के दूसरे हिस्सों और बड़े शहरों से रेल नेटवर्क के जरिए जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी तैयार होगी। फिलहाल स्पीड ट्रायल के सफलताप्रवक पूरा होने के बाद रेल परिचालन शुरू होने को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। अब जरूरी सुरक्षा निरीक्षण और मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है, जिसके बाद रावघाट तक नियमित ट्रेन संचालन की तस्वीर साफ होगी.
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बदरिनाथ धाम में बामन द्वादशी पर माता मूर्ति से मिलन की अनोखी परंपरा

Karnaprayag, Uttarakhand:भू बैकुण्ठ श्री बद्रीनाथ धाम में बामन द्वादशी के अवसर पर हर साल एक बेहद खास और भावनात्मक धार्मिक उत्सव मनाया जाता है। इस पावन दिन सतयुग से चली आ रही परंपरा के अनुसार भगवान बद्रीविशाल (भगवान विष्णु) के प्रतिनिधि स्वरूप उद्धव जी की डोली अपनी माता 'माता मूर्ति' से मिलने उनके मंदिर पहुंचती है। आज बामन द्वादशी के दिन बद्रीनाथ धाम में माता मूर्ति मेले का आयोजन हुआ। आइए इस ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण उत्सव के बारे में विस्तार से जानते हैं: माता-पुत्र के मिलन की पौराणिक मान्यता - नर-नारायण का अवतार: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सतयुग में भगवान विष्णु ने धर्मराज और माता मूर्ति के घर जुड़वां पुत्रों 'नर और नारायण' के रूप में अवतार लिया था। - माता का वरदान: मान्यता के अनुसार, नर-नारायण ने बद्रिकाश्रम में कठोर तपस्या कर दुष्ट राक्षसों का संहार किया था। माता मूर्ति के आग्रह पर भगवान ने उन्हें वचन दिया था कि वे हर साल वामन द्वादशी के दिन विशेष रूप से उनसे मिलने आएंगे। तभी से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। कैसे संपन्न होता है यह पूरा उत्सव? 1. निमंत्रण और डोली प्रस्थान: उत्सव से एक दिन पूर्व सीमांत गावं माणा के स्थानीय देवताओं और रक्षकों द्वारा भगवान बद्रीविशाल को माता के दरबार में आने का न्योता दिया जाता है। बामन द्वादशी की सुबह बाल भोग के बाद बद्रीनाथ मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद किए जाते हैं। 2. भव्य यात्रा और स्वागत: भगवान बद्रीविशाल के विग्रह (उत्सव मूर्ति उद्धव जी) को मुख्य पुजारी (रावल) और वेदपाठियों की अगुवाई में डोली में बैठाकर बद्रीनाथ धाम से लगभग 3 किलोमीटर दूर अलकनंदा नदी के तट पर स्थित माता मूर्ति मंदिर ले जाया जाता है रास्ते में माणा गांव की महिलाएं पारंपरिक तरीके से जौ की हरियाली भेंट कर डोली का स्वागत करती हैं। 3. विशेष पूजा और भोग: माता मूर्ति मंदिर पहुंचकर भगवान का भव्य अभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद माता की गोद में भगवान को दोपहर का विशेष भोग लगाया जाता है। इस दौरान सेना और आईटीबीपी (ITBP) के बैंड की धुनों और बद्रीविशाल के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है। उत्सव से जुड़ी अन्य खास बातें - रावल के आवागमन की छूट: मान्यता है कि कपाट खुलने से लेकर बामन द्वादशी तक बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी (रावल) मंदिर परिसर और पंचशिला क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकते। इस मेले और माता-पुत्र के मिलन के संपन्न होने के बाद ही रावल को धाम के अन्य क्षेत्रों में आवागमन की धार्मिक स्वतंत्रता मिलती है。 - दर्शन व्यवस्था: मेले के दिन दोपहर के समय कुछ घंटों के लिए बद्रीनाथ मुख्य मंदिर के कपाट बंद रहते हैं, और माता मूर्ति मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद शाम को डोली वापस बद्रीनाथ गर्भगृह में लौटती है, जिसके बाद पुनः श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुचारू हो जाते हैं। यह उत्सव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का एक अनूठा उदाहरण है, जिसमें भगवान और भक्त (माता) के बीच के पवित्र रिश्ते को सजीव रूप में आज बद्रीनाथ धाम में मनाया गया।
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36 साल से मां को पेंशन नहीं मिली, अदालत ने भी बदली तस्वीर

Jaipur, Rajasthan:सुन लो सरकार,36 साल से मां को नहीं मिली अदालत में प्रमुख सचिव के सामने फूट फूट कर फरियादी जयपुर-पीएचईडी में पेंशन अदालत सचिव हेमंत ने की सुनी,लेकिन इस अदालत में ऐसे चौकाने वाले मामले सामने आए,जिसके बाद प्रमुख सचिव हेमंत भी दंग रह बरसों बाद रिटायर्ड होने पर भी पीएचईडी के कर्मचारियों,इंजीनियर्स को पेंशन तक नहीं कैसे 36 साल से मां को नहीं मिली पेंशन- सुन लो सरकार,36 साल से मां को नहीं मिली जलदाय मुख्यालय में दोपहर को अदालत सचिव हेमंत के कुर्सी संभालते ही अदालत की कार्रवाई शुरू ने अपना अपना दुख दर्द से आए राजेश वर्मा भी फरियादी में से एक अपने पिता की पेंशन के लिए अदालत में hाजिरी में सुनवाई के दौरान वे बोले कि अब तो सरकार की पेंशन अदालत से आखिरी उम्मीद 1990 पिता श्याम सुंदर वर्मा की हो गई थी,उस समय उनके पिता श्याम सुंदर वर्मा मैकेनिकल के पद कार्यरत के 36 साल बाद भी पेंशन नहीं से लगाते लगाते राजेश वर्मा प्रमुख सचिव हेमंत के सामने फूट फूट कर बोले कि पिता की पेंशन के लिए मां को लेकर दर-दर भटक रहा पूरी टूट चुकी पेंशन अदालत से आखिरी आस है,ये अदालत पेंशन नहीं दिलवा पाई तो साहब पिता की पेंशन मां को कभी नहीं मिल पता नहीं ऐसे कितने केस होंगे? फरियादियों का दर्द सुनने के बाद प्रमुख सचिव हेमंत ने चीफ इंजीनियर प्रशासन मुकेश बंसल से रिपोर्ट बताया कि विभाग में ऐसे पुराने 9 मामले ने कहा कि ये तो विभाग के पास आए हुए मामले नहीं ऐसे कितने केस होंगे? इनकी सबकी रिपोर्ट तैयार करो,ताकि पात्रों पेंशन का लाभ मिल अदालत के एक महीने बाद बकाया पेंशन प्रकरणों के निस्तारण किया रिपोर्ट पेंशन विभाग को भेजी विभाग में स्वीकृत पदों की संख्या 35532 है,जिसमें से प्रतिवर्ष 1100 कार्मिक सेवानिवृत्त होते पेंशन स्वीकृत कर जारी करवाए जाते के पेंशनर्स राज्य के कुल पेंशनर्स के 5 प्रतिशत फाइलों उलझी पेंशन- राजेश वर्मा जैसे कई फरियादी सालो से दर दर की ठोकरें खा रही सिस्टम में पेंशन की उलझ कर रह गई एक विभाग रिपोर्ट भेजता नहीं और पेंशन विभाग तक मामला पहुंचता नहीं,जिस कारण सालों से परिवार पेंशन की के लिए सरकारी विभागों से लेकर अदालत तक चक्कर ही काटता रहता समस्या की आखिरी उम्मीद पेंशन अदालत से ही
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दिया कुमारी को आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार मिले; नागौर के लाड़नूं में तेरापंथ अधिवेशन

Jaipur, Rajasthan:सामाजिक उत्थान और बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार से सम्मानित लाड़नूं। नागौर जिले के लाड़नूं स्थित जैन विश्व भारती में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के 51वें वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया गया। अधिवेशन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शिरकत की। इस अवसर पर सामाजिक उत्थान, बालिका शिक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया कुमारी को आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचीं तेरापंथ महिला मंडल की सदस्यों ने उनका स्वागत किया और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। अधिवेशन के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में तेरापंथ समाज से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिला मंडल की सदस्याएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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बालेसर भाजपा बोर्ड ने पदभार ग्रहण किया; भावुक पल सभी को प्रेरित

Jodhpur, Rajasthan:बालेसर नगरपालिका चुनाव में जीत के बाद नव-निर्वाचित भाजपा बोर्ड ने विधिवत रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है। शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ के मुख्य आतिथ्य में अध्यक्ष निरमा सांखला और उपाध्यक्ष रूपसिंह इंदा ने शुभ मुहूर्त में अपना पदभार ग्रहण किया। इस भव्य समारोह में एक बेहद भावुक और संस्कारी पल भी देखने को मिला, जिसकी अब हर तरफ चर्चा हो रही है। पूजा-अर्चना के साथ शुरुआत: पदभार ग्रहण समारोह मां शारदे और मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आशीर्वाद लेने के साथ हुई। इसके बाद पदभार ग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई। चेयरमैन ने ससुर को कुर्सी पर बैठाकर जीता दिल: बालेसर की नवनिर्वाचित चेयरमैन निरमा सांखला के कार्यभार संभालने की बारी आई, तो उन्होंने विधायक राठौड़ से हाथ जोड़कर विनम्रतापूर्वक आग्रह किया कि मेरी इच्छा है कि इस कुर्सी पर सबसे पहले मेरे पिताजी (ससुर) बैठें। विधायक राठौड़ ने उनकी इस भावनात्मक इच्छा का सम्मान करते हुए उनके ससुर जुगराज सांखला को कुछ पल के लिए अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। जुगराज सांखला ने कुर्सी पर बैठकर सभी कार्यकर्ताओं का इस ऐतिहासिक जीत के लिए आभार व्यक्त किया और फिर अपनी पुत्रवधू के लिए कुर्सी छोड़ दी। ईओ ने सौंपा कार्यभार, दी गई बधाइयां: इसके पश्चात, चेयरमैन निरमा सांखला ने कुर्सी पर विराजमान होकर अधिशासी अधिकारी (ईओ) अविनाश शर्मा से विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। शेरगढ़ विधायक राठौड़ ने नवनिर्वाचित चेयरमैन को शॉल ओढ़ाकर और गुलदस्ता भेंट कर शुभकामनाएं दीं। समारोह में मौजूद सभी नवनिर्वाचित पार्षदों ने भी चेयरमन को पुष्प माला पहनाकर बधाई दी। इसी कड़ी में, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष रूपसिंह इंदा को भी ईओ अविनाश शर्मा ने पदभार ग्रहण करवाया। विधायक राठौड़ ने उन्हें माला पहनाकर उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद उपाध्यक्ष इंदा ने विधायक राठौड़, सभी पार्षदों और कार्यकर्ताओं का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।
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चित्तौड़गढ़ में आरक्षण लॉटरी से पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ, कई पद तय

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत चुनावों को लेकर आरक्षण की तस्वीर अब साफ हो गई है। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू, एडीएम प्रशासन दिनेश धाकड़ और एडीएम रावतभाटा राजलक्ष्मी गहलोत की मौजूदगी में बच्चों के हाथों लॉटरी निकाली गई। जिले में जिला प्रमुख पद पहले ही अनारक्षित महिला के लिए तय हो चुका है। परिसीमन के बाद 35 जिला परिषद सदस्य, 11 पंचायत समिति प्रधान और 199 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। इसके साथ ही 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 3159 वार्ड पंचों के चुनाव होंगे। अब सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉट्री गुरुवार को होगी।
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जोधपुर जेल से ट्रैक्टर चोर देवाराम देवासी अस्पताल से फरार

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद ट्रैक्टर चोरी के आरोपी देवाराम देवासी को उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया था। यहां से वह रात करीब 2:15 बजे फरार हो गया। घटना के बाद सरदारपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बंदी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार देवाराम देवासी को बुधवार शाम करीब 6 बजे उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया था। रात करीब 2:15 बजे वह अस्पताल से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। सुबह करीब 6 बजे सरदारपुरा थाने में इसकी रिपोर्ट दी गई। पुलिस के अनुसार देवाराम के खिलाफ प्रतापनगर और सूरसागर थाने में भी मामले दर्ज हैं। फरार बंदी की तलाश के लिए पुलिस ने टीम गठित की है। अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर फरार बंदी की तलाश में जुटी है।
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खरगोन के गोगावाँ में अवैध हथियार तस्करी: पुलिस ने पांच गिरफ्तार, 15 देशी पिस्टल बरामद

Khargone, Madhya Pradesh:अवैध फायर आर्म्स तस्करी के विरुद्ध खरगोन जिले की गोगावाँ पुलिस की बड़ी कार्यवाही। थाना गोगावां की पुलिस टीम के द्वारा अवैध हथियार का परिवहन करते 05 आरोपी को गिरफ्तार किया। इसमें भिंड के चार एक गुजरात का युवक अवैध फायर आर्म्स खरीदने आए थे। आरोपियों को हथियारों के जखीरे के साथ पुलिस ने किया गिरफ्तार। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से जप्त की 15 हस्त निर्मित अवैध देशी पिस्टलें जप्त की। जप्तशुदा अवैध हथियारों की कुल कीमत लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये। गिरफ्तार-शुदा आरोपियों पर पूर्व से दर्ज है आपराधिक प्रकरण। ग्राम घुघड़ियाखेडी में गोगावां फाटे पर पुलिस की कार्यवाही। आरोपियों द्वारा बताया गया यह अवैध हथियार उन्होंने खरगोन जिले के सिगनूर गांव से खरीदे थे। पुलिस उस अवैध हथियार तैयार कर बेचने वाले की तलाश में भी जुटी। एएसपी बिट्टू सहगल ने पुलिस कंट्रोल रूम खरगोन में खुलासा करते हुए बताया। ग्राम घुघड़ियाखेडी में मुखबिर के बताए अनुसार हुलिये की सफेद रंग की कार का इंतजार किया गया थोड़ी देर के बाद पुलिस टीम को मुखबिर बताए अनुसार सफेद रंग की कार आती दिखाई दी जिसे तत्काल पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रोका। रोकी गई कार को चेक करने पर उसमें 05 व्यक्ति बैठे मिले जिनसे उनका नाम पता पूछने पर एक ने अपना नाम जिला भिण्ड के रहने वाले विष्णु, लवकुश, शेलेन्द्र उर्फ गोलु, रामगोपाल उर्फ बिहारी एवं गुजरात के रहने वाला रोहित उर्फ बाबु का होना बताया। पुलिस टीम के द्वारा上述 पाँचों व्यक्तियों एवं कार की तलाशी लेने पुलिस टीम को कुल 15 हस्त निर्मित अवैध देशी प pistलें मिली जिसे रखने के संबंध में लाइसेंस या दस्तावेज का पूछने पर कोई लाइसेंस या दस्तावेज़ नहीं होना बताया गया। पुलिस टीम के द्वारा आरोपी विष्णु, लवकुश, शेन्द्र उर्फ गोलु, रामगोपाल उर्फ बिहारी एवं रोहित उर्फ बाबु को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 15 अवैध देशी प pistल कीमती लगभग 2,25,000 रुपये, अवैध हथियारों के परिवहन में प्रयুক্ত मारुति कार कीमती लगभग 06 लाख रुपये को नियमानुसार विधिवत जप्त कर उनके विरुद्ध थाना गोगावां पर अपराध क्रमांक 311/26 धारा 25 (1) आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
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भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास 2026: जूनागढ़ किले के दौरे और सांस्कृतिक जुड़ाव

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान खास तस्वीर भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने किया बीकानेर के ऐतिहासिक जूनागढ़ किले का दौरा सैन्य प्रशिक्षण से इतर दोनों देशों के जवानों ने जानी राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अमेरिकी सैनिकों ने जूनागढ़ किले की भव्य वास्तुकला और बीकानेर के राजघराने के इतिहास को करीब से जाना महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में दोनों सेनाओं के बीच जारी है संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण युद्ध अभ्यास में हथियार प्रणालियों, संचार और विभिन्न सैन्य प्रक्रियाओं पर हो रहा प्रशिक्षण जूनागढ़ किले का दौरा भारत-अमेरिका सैन्य संबंधों में सांस्कृतिक जुड़ाव का नया आयाम बना
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