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Shashank MishraShashank MishraFollow10 May 2025, 03:35 pm
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कॉर्बेट में वनकर्मियों और परिवारों के लिए मुफ्त हेल्थ कैंप शुरू

Noida, Uttar Pradesh:जंगल के हीरो अब होंगे फिट ,कॉर्बेट में वनकर्मियों के परिवारों से लेकर जिप्सी चालक, नेचर गाइड और साँवल्दें के बुक्सा परिवारों के लिए फ्री हेल्थ कैंप रिपोर्ट.- विजय कश्यप Location.- रामनगर एंकर.- जंगलों की हिफाज़त करने वाले अब खुद भी रहेंगे पूरी तरह फिट, उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों, उनके परिवारों और गाइड्स के लिए एक खास स्वास्थ्य पहल शुरू की जा रही है। रामनगर के अंतर्गत आने वाले सांवल्दें क्षेत्र में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा एक बड़ा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह निशुल्क हेल्थ कैंप 25 अप्रैल को सुबह 8 बजे से वन परिसर सांवल्दें में लगाया जाएगा, जिसमें वन विभाग से जुड़े सैकड़ों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस शिविर की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ वनकर्मी ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों—महिलाओं और बच्चों—की भी संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की जाएगी। आंख, कान, नाक, गला और हृदय से जुड़ी बीमारियों की जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद रहेगी। साथ ही बच्चों के लिए बाल रोग विशेषज्ञ और महिलाओं के लिए महिला चिकित्सक भी तैनात किए जाएंगे। कैंप में आने वाले मरीजों को जांच के बाद जरूरी दवाइयां भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिल सके। इसके अलावा, सांवल्दें और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों को भी इस शिविर का लाभ मिलेगा, पार्क प्रशासन की इस पहल का एक अहम पहलू यह भी है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विभिन्न पर्यटन जोनों में पर्यटकों को जंगल सफारी कराने वाले जिप्सी चालक और नेचर गाइड्स का भी फुल बॉडी चेकअप किया जाएगा। दरअसल, ये गाइड्स ही जंगल की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं और पर्यटकों को सुरक्षित अनुभव देने में अहम भूमिका निभाते हैं। बेहतर दृष्टि, सुनने की क्षमता और शारीरिक फिटनेस के साथ ये गाइड्स न केवल वन्यजीवों का सटीक लोकेशन बता पाएंगे, बल्कि किसी भी खतरे को समय रहते भांपकर पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। वन विभाग का मानना है कि स्वस्थ वनकर्मी और फिट गाइड्स ही जंगल और वन्यजीवों की बेहतर सुरक्षा कर सकते हैं। यही वजह है कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। जंगल के रखवाले अब खुद भी रहेंगे मजबूत—ताकि प्रकृति की रक्षा और पर्यटकों की सुरक्षा दोनों बनी रहे। Byte.- राहुल मिश्रा, उपनिदेशक सीटीआर
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नोएडा हिंसा: विदेशी टूलकिट और सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने का खुलासा

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा सामने आई हिंसा को लेकर की गई जांच की कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट पाकिस्तान में तैयार की गई टूलकिट-नोएडा में हिंसा मजदूर हड़ताल की आड़ में दंगा भड़काने की थी साजिश पाकिस्तान-बांग्लादेश और ईरानी सोशल मीडिया हैंडल से माहौल बिगाड़ने की साजिश पाकिस्तानी ट्विटर हैंडल के ज़रिए नोएडा पुलिस की ग़लत छवि पेश कर जनता को बरगलाया गया वहीं zardsi और markhortweets ने भड़काऊ और भ्रामक जानकारिया शेयर की ईरान के irnaenglish और बांग्लादेश के BDMILITARY जैसे ट्विटर हैंडलस के ज़रिए मजदूरों को भड़काया गया दर्जनभर से ज़्यादा सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए फर्जी भड़काऊ जानकारियाँ शेयर की गई सोशल मीडिया अकाउंटस में कई पोलिटिकल पार्टी का नाम और लोगो का इस्तेमाल किया गया रिपोर्ट के मुताबिक- * 13 अप्रैल 2026 को नोएडा में फैक्ट्री मजदूरों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। * शुरुआत शांतिपूर्ण थी, लेकिन बाद में कुछ जगहों पर हिंसा और तोड़फोड़ हुई। * सड़कों पर जाम लग गया, खासकर NH-9 और चिल्ला बॉर्डर पर। मजदूरों की मुख्य मांगें * यूपी और हरियाणा के वेतन में फर्क कम किया जाए (UP ~₹13,000, हरियाणा ~₹19,000)। * ओवरटाइम का सही पैसा और समय पर बोनस मिले। * 12 घंटे की शिफ्ट और ठेकेदारों के शोषण का विरोध। सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी * X (Twitter) पर कई फर्जी और भ्रामक पोस्ट वायरल हुए। * कुछ विदेशी (ज्यादातर पाकिस्तान से जुड़े) अकाउंट्स ने गलत खबरें फैलाने की कोशिश की। * दावा किया गया कि “Gen Z” से जुड़े हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और पुलिस फायरिंग में कई लोग मारे गए। क्या सच नहीं था- जो इन पाकिस्तानी और विदेशी सोशल मीडिया हैंडल से फैलाया गया * पुलिस फायरिंग में 14 मौतों का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। * विश्वसनीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन मजदूरों का था, न कि “Gen Z मूवमेंट”। * पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और हल्का बल प्रयोग किया, गोलीबारी की पुष्टि नहीं। घटनाक्रम यानी टाइमलाइन * सुबह: सेक्टर 60, 62, 84 और फेज-2 में शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू। * दोपहर तक पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई। * असर- ट्रैफिक जाम और आम लोगों को परेशानी। प्रशासन और पुलिस का एक्शन * पुलिस और RAF की भारी तैनाती की गई। * 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया, कई FIR दर्ज हुईं। * सरकार ने मजदूरों की मांगों पर विचार के लिए कमेटी बनाई। फर्जी नैरेटिव कैसे फैलाया गया * कई फर्जी और अनजान अकाउंट्स ने मिलकर गलत जानकारी फैलाई। * कुछ अकाउंट्स ने खुद को भरोसेमंद दिखाने के लिए पार्टी के नाम और लोगो का इस्तेमाल किया। * “ब्लू टिक” और फर्जी दस्तावेज़/फेक गवर्नमेंट ऑर्डर दिखाकर लोगों को गुमराह किया गया। * बॉट अकाउंट्स और हैशटैग के जरिए पोस्ट को वायरल किया गया। फर्जी दावों के उदाहरण * 14 लोगों की मौत और 67 घायल होने का दावा — कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं * कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ने की बात — बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया * फर्जी सरकारी आदेश और लीक डॉक्यूमेंट शेयर किए गए फैक्ट चेक रिपोर्ट * वायरल पोस्ट को 98% भरोसे के साथ भ्रामक (Misleading) बताया गया। * पोस्ट को 1 लाख से ज्यादा व्यू और सैकड़ों रीट्वीट मिले। * ज्यादा इमोशनल और विवादित कंटेंट तेजी से फैलता है — यही यहां हुआ। * असली घटना मजदूरों के वेतन और काम की स्थिति को लेकर थी। * सोशल मीडिया पर इसे बढ़ा-चढ़ाकर और गलत तरीके से पेश किया गया। * फर्जी खबरों और संगठित ऑनलाइन कैंपेन ने लोगों में भ्रम और डर फैलाया।
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पुंछ में कांग्रेस ने महिला बिल पर बीजेपी को निशाने पर लिया

Chikri Ban, पुंछ में कांग्रेस नेताओं ने महिला बिल को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा गया. प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला बिल को लेकर सरकार गंभीर नहीं है. उनका आरोप है कि बीजेपी सिर्फ चुनावी फायदे के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है और देश की जनता को गुमराह कर रही है. कांग्रेस नेताओं ने आगे कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, लेकिन केंद्र सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है. फिलहाल, इस बयान के बाद इलाके की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है और आने वाले चुनावों को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज होती नजर आ रही है.
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खैरथल के सरकारी स्कूल में आधुनिक सुविधाओं से बदला शिक्षण माहौल

Alwar, Rajasthan:खैरथल के कादर नगला गांव का एक ऐसा सरकारी स्कूल जिसने पूरे जिले में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई है, गांव में स्थित शहीद श्याम सिंह राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की हालत कुछ वर्षों पर बेहद खस्ता थी, अभिभावक अपने बच्चों को जर्जर बिल्डिंग में भेजने से डरते थे, लेकिन स्कूल के प्राचार्य सुमित यादव और उनके स्टाफ की मेहनत से आज स्कूल एक अच्छे भवन और आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस है, स्कूल में सीसीटीवी कैमरे, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, कचरा निस्तारण के लिए डंपड यार्ड, सहित कई सुविधाओं को लेकर पूरे इलाके में चर्चा में बना हुआ है, साथ ही बच्चे ही नहीं बल्कि स्कूल स्टाफ भी एक ही ड्रेस कोड में रहता है, सुमित यादव अभी तक स्कूल में 15 से अधिक का कार्य अपने वेतन से करवा चुके है
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