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Sandeep MehraSandeep MehraFollow9 Oct 2024, 02:38 am
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मण्डला जिला अस्पताल में घंटों बिजली कटौती, मरीजों की परेशानी बढ़ी

Mandla, Madhya Pradesh:मण्डला - जिला अस्पताल में बिजली संकट मण्डला के जिला चिकित्सालय में बिजली कटौती ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोलर पैनल और जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं मौजूद होने के बावजूद घंटों बिजली गुल रहने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है । ऑपरेशन से लेकर जांच सेवाओं तक असर पड़ने की शिकायत सामने आई है। तस्वीरें मण्डला के जिला चिकित्सालय की हैं, जहां बिजली कटौती के दौरान मरीज और उनके परिजन परेशान नजर आए। बताया जा रहा है कि अस्पताल में सोलर पैनल और जनरेटर जैसी बैकअप व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन बिजली गुल रहने के दौरान इनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ऑपरेशन सहित उपचार संबंधी सेवाएं प्रभावित होने की शिकायत है। वहीं सोनोग्राफी और अन्य जांच सेवाओं के लिए मरीजों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति बनी। मरीजों और परिजनों का सवाल है कि यदि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में घंटों बिजली गुल होती है, तो वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था आखिर कितनी कारगर है? लगातार सामने आ रही ऐसी स्थितियों के बीच अब अस्पताल प्रबंधन की बैकअप विद्युत व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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अनिल चौधरी का धरना: पूर्वी दिल्ली के अस्पताल में व्यवस्था पर उठे कई सवाल

New Delhi, Delhi:पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में मरीजों को होने वाली परेशानियों और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर दिल्ली कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक अनिल चौधरी ने मोर्चा खोल दिया है। अनिल चौधरी अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों से बाहर से दवाइयां मंगाने के साथ-साथ अब कॉटन और मास्क जैसी जरूरी चीजें भी मंगाई जा रही हैं। अनिल चौधरी का कहना है कि पिछले दो दिनों से वह मेडिकल सुपरीटेंडेंट से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद आज उन्होंने मेडिकल सुपरीटेंडेंट के ऑफिस के बाहर ही धरना शुरू कर दिया और कहा कि जब तक अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट उनसे मुलाकात नहीं करते, तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे। अनिल चौधरी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों से बाहर से दवाइयां मंगाने की बात तो सामने आती ही रही है, लेकिन अब कॉटन और मास्क जैसी सामान्य जरूरत की चीजें भी मरीजों के तीमारदारों से मंगाई जा रही हैं। अनिल चौधरी ने अस्पताल में मरीजों को दी जाने والی पर्ची को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मरीजों को एक पर्ची दी जाती है, जिस पर नीचे की तरफ NA यानी Not Applicable लिखा होता है। उनका सवाल है कि अगर अस्पताल में दवाइयां और दूसरी जरूरी चीजें बाहर से मंगाई जा रही हैं तो गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के दौरान मास्क और दूसरी मेडिकल जरूरतों का इंतजाम कौन करेगा? सिर्फ दवाइयों और मेडिकल सामान का ही मामला नहीं... अनिल चौधरी ने अस्पताल में कथित तौर पर सक्रिय दलालों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सामान्य तौर पर मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबे समय बाद की तारीख मिलती है, लेकिन अस्पताल में घूमने वाले कथित दलालों के जरिए जल्दी तारीख दिलाने और विशेष सुविधा मिलने की बात कही जाती है। अनिल चौधरी का कहना है कि वह पिछले दो दिनों से मेडिकल सुपरीटेंडेंट से मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। जिसके बाद उन्होंने मेडिकल सुपरीटेंडेंट के ऑफिस के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट उनसे मुलाकात नहीं करते और मरीजों की समस्याओं पर बातचीत नहीं होती, तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे। अनिल चौधरी ने इस दौरान दिल्ली सरकार पर भी भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कांग्रेस शासन के समय की स्वास्थ्य व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में मरीजों को इस तरह परेशान होकर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता था। उन्होंने मेडिकल सुपरीटेंडेंट के अस्पताल से बाहर होने को लेकर भी सवाल उठाया। अनिल चौधरी के मुताबिक, मेडिकल सुपरीटेंडेंट एक ब्लड कैंप में गए हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के कार्यक्रम से जुड़ा आयोजन किया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मौके पर अस्पताल में मरीजों की समस्याओं का समाधान करना ज्यादा जरूरी है या प्रधानमंत्री का जन्मदिन का आयोजन
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वैशाली में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण: सीएम और केंद्रीय मंत्री राहत समीक्षा

Patna, Bihar:वैशाली- सीएम सम्राट चौधरी ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी रहे मौजूद सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण वैशाली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव पर बैठक लिया जायजा teresiया और सरायपुर में बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का भी केंद्रीय मंत्री ने लिया जायजा बाढ़ प्रभावित किसानों से मिले सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोनों नेताओं बाढ़ प्रभावित लोगों की सुनी समस्याएं राहत और बचाव कार्यों की दोनों नेताओं ने की समीक्षा बिहार में बाढ़ की स्थिति पर केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त निगरानी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों से ली राहत कार्यों की जानकारी बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने पर फोकस
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स्क्रिप्ट - स्लग - चार सूत्रीय मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सरकार से की कार्रवाई की मांग एं

MohanjalasiddiquiMohanjalasiddiquiFollow6m ago
Unnao, Uttar Pradesh:स्क्रिप्ट - स्लग - चार सूत्रीय मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सरकार से की कार्रवाई की मांग एंकर - ख़बर उन्नाव से है जहां आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार से चार सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने गोण्डा और अयोध्या में हुई हत्याओं, बाराबंकी में सांसद चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित हमले, पंचायत सहायकों की मांगों, 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण तथा धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग उठाई। पार्टी ने बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र के बुढ़वल में 13 सितंबर को चन्द्रशेखर आजाद के काफिले पर कथित पथराव और हमले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही CCTV फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने, संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बता दे की पार्टी ने चन्द्रशेखर आजाद का तत्काल थ्रेट असेसमेंट कर आवश्यक सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग रखी। इसके अलावा ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों की मांगों का समाधान कराने और 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी प्रकरण में पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कर प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई। पार्टी ने सहारनपुर, मुरादाबाद समेत अन्य स्थानों पर इस्लामिक धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की भी मांग की। बाइट - अरविंद राजवंशी, जिला अध्यक्ष, भीम आर्मी पार्टी उन्नाव
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अंकित बालियान की हत्या का जुर्म काबुल करने वाला सिगर गिरफ्तार

Shrvan PanditShrvan PanditFollow9m ago
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली स्लग ... अंकित बालियान की हत्या का जुर्म काबुल करने वाला सिगर गिरफ्तार एंकर... जनपद की सदर कोतवाली पुलिस ने हरियाणा कलाकार अंकित बालियान की हत्या के वीडियो वायरल कर जुर्म कबूल करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।पकड़े गए आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है।उक्त आरोपी बेंगलोर में होटल में रेफ का काम करते हुए हरियाणा भाषा मे सांग को गाने का काम करता था।ओर सोशल आईडी पर फ़ॉलोअर्स बढ़ाने के लिये हत्या का जुर्म कबूल करते हुए रील बनाकर वायरल की थी। .....जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र में 26 अगस्त को हरियाणा कलाकार अंकित बालियान की हत्या का वीडियो वायरल कर जुर्म कबूल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वही पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र ढीगरा पुत्र मोहन लाल ढीगरा निवासी 67 थर्ड क्रॉस कलप्पा लेआउट काशीनगर जनपद बेंगलोर( कर्नाटक) मुलपता कृश्णा कालोनी कंपड गुड़गांव (हरियाणा) को गिरफ्तार कर किया है।जहा आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।वही अब पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया आरोपी बेंगलुरु के एक होटल में सैफ के तौर पर काम करता था और हरियाणवी भाषा में गाने भी गाता था। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए आरोपी ने अंकित बालियान की हत्या का जुर्म कबूल करने वाली रील बनाकर वायरल की थी।फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है।
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UPI पर शून्य चार्ज: मोदी के समर्थक खुश, विपक्ष मोदी-फोबिया पर हमला

Noida, Uttar Pradesh:आज न सिर्फ़ देश बल्कि पूरी दुनिया PM मोदी की मुरीद है। वे इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं। जब भी PM मोदी देश और लोगों के हित में कोई अच्छा फ़ैसला लेते हैं, तो उन्हें यह पसंद नहीं आता—वे 'मोदी-फ़ोबिया' से पीड़ित हैं। UPI के बारे में सरकार ने साफ़ कर दिया है कि 2,000 रुपये तक के ट्रांज़ैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। आँकड़े बताते हैं कि 96% लोग 2,000 रुपये से ज़्यादा का UPI ट्रांज़ैक्शन नहीं करते हैं। इसके अलावा, व्यक्ति-से-व्यक्ति (person-to-person) ट्रांज़ैक्शन पर कोई MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) नहीं लगेगा... यहाँ तक कि 0.4% का चार्ज भी सिर्फ़ उन लोगों पर लागू होता है जो व्यापार करते हैं, ख़ासकर बड़े सौदों और ट्रांज़ैक्शन के लिए। आम जनता को यह खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
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गोरगाय गांव में किसान की गोली से संदिग्ध मौत, CCTV से राज खुलने की उम्मीद

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के गोरगाय गांव में किसान की गोली लगने से संदिग्ध मौत हो गई ,खेत पर मिले शव गोरगाय निवासी शेरा उर्फ शिवराम यादव का है। पुलिस को मौके से बुलेट भी मिली है।गोरगाय के रहने शेरा यादव का शव आज सुबह करीब 6 बजे उनकी पत्नी को खेत में मिला। बताया जा रहा है कि वे खेत पर भैंस बांधने गए थे। शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।घटना की जानकारी लगते ही एसपी रजत सकलेचा और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण किया एसपी का कहना है कि प्राथमिक रूप से इसमें गोली चलने की घटना दिख रही है और वहाँ पर एक बुलेट भी मिली है। परिजनों से बयान लिए जाएंगे और... CCTV फुटेज भी.,पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। गांव में लगे CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।-वही परिजनो का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी तक नही थी ।
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जयपुर के 19 निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सिर्फ 1,063 वोटों का अंतर, निर्दलीय भारी

Jaipur, Rajasthan:Anchor--सीटों की गिनती ने भले ही शहर की सरकार की तस्वीर बना दी हो...लेकिन वोटों का हिसाब एक अलग कहानी बता रहा है। जयपुर जिले के 19 निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच करीब 18 लाख 36 हजार वोटों में फासला महज 1,063 वोट का रहा। दोनों का वोट शेयर 37 फीसदी के आसपास है। वहीं करीब हर चौथा वोट निर्दलीयों के खाते में गया। देखिए...निकाय चुनाव के नतीजों के पीछे छिपा वोटों का पूरा गणित। VO-1-नगर निकाय चुनाव में वार्डों की जीत-हार के पीछे वोटों का गणित बेहद दिलचस्प है। जयपुर जिले के 19 शहरी निकायों के उपलब्ध 683 वार्डों के पार्टीवार वोटों का विश्लेषण करें तो भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर लगभग खत्म हो जाता है। कुल 18 लाख 36 हजार 279 वैध वोटों में कांग्रेस को 6,82,100 यानी 37.15% और भाजपा को 6,81,037 यानी 37.09% वोट मिले। दोनों के बीच महज 1,063 वोट और 0.06 प्रतिशत अंक का अंतर है। वहीं निर्दलीयों ने 4,20,287 यानी 22.89% वोट हासिल किए। यानी जिले में लगभग हर चौथा वोट भाजपा-कांग्रेस के बजाय निर्दलीयों के खाते में गया। वही आरएलपी को 15,802 वोट यानी 0.86%, आम आदमी पार्टी को 5,524 यानी 0.30%, बसपा को 1,936 यानी 0.11% और माकपा को 301 यानी 0.02% वोट मिले। NOTA को 29,292 वोट यानी 1.60% मिले। खास बात यह है कि नोटा को मिले वोट AAP, BSP, CPI(M) और RLP में से प्रत्येक दल के कुल वोट से अधिक रहे। VO-2- जयपुर नगर निगम के उपलब्ध 146 वार्डों में मुकाबला और भी करीबी रहा। कुल 14,96,386 वैध वोटों में कांग्रेस को 5,65,848 यानी 37.81%, जबकि भाजपा को 5,52,719 यानी 36.94% वोट मिले। इस तरह कांग्रेस को भाजपा से 13,129 वोट अधिक मिले और वोट शेयर में अंतर 0.87 प्रतिशत अंक रहा। निर्दलीयों ने 3,34,463 यानी 22.35% वोट हासिल किए। निगम में NOTA को ही 27,099 यानी 1.81% वोट मिले। यानी जिले के कुल आंकड़े और नगर निगम का गणित थोड़ा अलग है। जिले में भाजपा-कांग्रेस लगभग बराबर हैं, जबकि अकेले नगर निगम के घोषित आंकड़ों में कांग्रेस वोट शेयर में आगे है। यह भी महत्वपूर्ण है कि नगर निगम के केवल 146 वार्ड शामिल हैं। चार वार्डों के परिणाम इस डेटा में शामिल नहीं हैं। निकायवार वोट शेयर देखें तो एक ही पैटर्न नहीं है। जमवारामगढ़ में भाजपा को 46.53%, चाकसू में 46.41%, चोमूं में 45.71% और किशनगढ़-रेनवाल में 45.31% वोट मिले। दूसरी ओर कांग्रेस का सबसे अधिक वोट शेयर खेजरोली में 44.96%, कानोता में 44.69%, चोमूं में 39.18% और दूदू में 38.14% रहा। लेकिन कई निकायों में निर्दलीयों ने दोनों दलों को पीछे छोड़ दिया। जोबनेर में निर्दलीयों को 44.99% वोट मिले, जबकि भाजपा 28.73% और कांग्रेस 25.28% पर रही। नरैना में निर्दलीय 38.15%, कांग्रेस 32.87% और भाजपा 27.96% पर रहे। बस्सी में भी निर्दलीयों का वोट शेयर 36.54% रहा, जो भाजपा के 31.53% और कांग्रेस के 31.29% से अधिक है। शाहपुरा में निर्दलीयों ने 34.09% वोट हासिल किए, जबकि भाजपा को 31.80% और कांग्रेस को 30.02% मिले। -कहां किसका वोट शेयर ज्यादा। -भाजपा का वोट शेयर कांग्रेस से चोमूं, शाहपुरा, बगरू, बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, जोबनेर, कालाडेरा, किशनगढ़-रेनवाल, फुलेरा, सांभर और वाटिका में अधिक रहा। -कांग्रेस का वोट शेयर जयपुर नगर निगम, दूदू, कानोता, खेजरोली, मनोहरपुर, नरैना और फागी में भाजपा से अधिक है। -सबसे करीबी मुकाबलों में बस्सी में भाजपा 31.53% और कांग्रेस 31.29%-अंतर सिर्फ 0.24 प्रतिशत अंक रहा। -कालाडेरा में भाजपा 42.12% और कांग्रेस 41.27%, यानी अंतर 0.85 अंक रहा। -जयपुर नगर निगम में कांग्रेस 37.81% बनाम भाजपा 36.94% रही। -इसके उलट किशनगढ़-रेनवाल में भाजपा 45.31% बनाम कांग्रेस 28.61% रही।यानी दोनों के बीच 16.70 प्रतिशत अंक का अंतर है। ___________________________________ बहरहाल, नतीजों ने पार्षद चुन दिए, लेकिन वोटों ने एक अलग कहानी लिखी है। जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच 18.36 लाख वोटों में फासला महज 1,063 वोट का रहा। यानी मुकाबला सिर्फ वार्ड जीतने का नहीं था। शहर की सियासी नब्ज लगभग बराबर बंटी रही। और इस बराबरी के बीच करीब हर चौथे वोटर ने निर्दलीय को चुना। यही आंकड़ा बता रहा है कि बोर्ड भले किसी का बने, लेकिन वोटर ने किसी एक खेमे को पूरा मैदान नहीं सौंपा। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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